18 लाख रूपये की जमीन धोखाधड़ी मामले में एक गिरफ्तार

कोतवाली क्षेत्र में किसी ओर की जमीन को अपना बताकर दो लोगों से 18 लाख रूपए की धोखाधड़ी कर दी गई। जब दोनों पक्षों को धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो कोतवाली में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार पुत्र स्वर्गीय कैलाश चंद निवासी तुलसी विहार गुमानीवाला ऋषिकेश और पूजा पुत्री टीकम गुसाईं निवासी गली नंबर 12 अमित ग्राम गुमानीवाला श्यामपुर ऋषिकेश दोनों ने तहरीर दी। बताया कि पुरुषोत्तम थपलियाल नामक व्यक्ति ने किसी अन्य की जमीन को अपनी बताकर प्रवीण कुमार से 8 लाख 20 हजार और पूजा देवी से 10 लाख 72,500 रूपए ले लिए है। अब शिकायतकर्ता आरोपी से अपने रूपए वापस मांग रहे हैं तो वह देने से इंकार कर रहा है।

मामले में कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी में मुकदमा कायम किया और आरोपी की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित की। आरोपी को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चीनी गोदाम रोड तिराहा से गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाल रितेश शाह ने आरोपी की पहचान 50 वर्षीय पुरुषोत्तम थपलियाल पुत्र स्व. गोविंद राम निवासी शिव विहार गली नंबर 1 गुमानीवाला श्यामपुर ऋषिकेश के रूप में कराई।

सड़कों की जगमग पथ प्रकाश व्यवस्था विकास का प्रतीकः मेयर अनिता ममगाई

कोयल घाटी तिराहे से बीरपुर खुर्द तक 4 किमी लंबी सड़क रात में जगमग रोशनी से नहाकर शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाती हुई नजर आयेगी। नगर निगम मेयर अनिता ममगाई ने एक समारोह के बीच सिंगल आर्म एलइडी स्ट्रीट लाइट पथ प्रकाश कार्य का शिलान्यास किया। मेयर अनिता ने कहा कि उक्त मेगा प्रोजेक्ट के जरिए ऋषिकेश हरिद्वार मार्ग के आवागमन को रात्रि में भी सुगम बनाया जाएगा। इसका लाभ नगर निगम क्षेत्र की जनता के साथ-साथ विभिन्न राज्यों से रात्रि को अपने निजी वाहनों के जरिए यहां आने वाले वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को भी मिलेगा।

मेयर अनिता ने निगम अधिकारियों की मौजूदगी में 2 करोड़ 71 लाख रुपए की योजना का शिलान्यास किया। मेयर अनिता ने कहा कि 14 व 15 वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से योजना एक महीने में धरातल पर होगी। पथ प्रकाश के इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए पिछले डेढ़ दशक से इस प्रमुख मार्ग पर पसरे अंधकार को खत्म किया जायेगा। मेयर ने कहा कि तीर्थ नगरी ऋषिकेश में जो विकास परियोजनाएं चल रही हैं, उनके अंतर्गत शहर और लोगों के जीवन के हर पहलू का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में बुनियादी ढांचे के विकास, गंगा की सफाई ,तीर्थाटन और पर्यटन के विकास के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।उन्होंने कहा कि गंगा-घाटों को सुंदर बनाने के साथ-साथ प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जा रहा है। सड़कें चकाचक हो और उनमें रात्रि को भी आवागमन सुगम हो सके इसके लिए पथ प्रकाश व्यवस्था को चाक चैंबद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम की कमान संभालने के इन सवा दो वर्ष में पवित्र शहर ऋषिकेश के लिए सभी सुविधाओं का विस्तार करना उनकी प्राथमिकता रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तेजी के साथ शहर का कायाकल्प किया जा रहा है। शहर का भरपूर विकास कराकर देवभूमि को आदर्श शहर के रूप में तीर्थ नगरी को स्थापित करने का उनका सपना है और इस सपने को पूरा करने के लिए वह पूरी शिद्दत के साथ जुटी हुई हैं।

महापौर ने बताया कि 4 किलोमीटर लंबी पथ प्रकाश योजना से शहर की खूबसूरती पर निश्चित ही चार चांद लगेंगे।इसमें गुणवत्ता और खूबसूरती का बेहतरीन समावेश होगा।उन्होंने बताया कि पांच साल की वारंटी के साथ प्रोजेक्ट में गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखा गया गया।उन्होंने जानकारी दी कि योजना के तहत 280 खूबसूरत सिंगल आर्म एल ई डी स्ट्रीट लाइट लगाई जा जायेगीं।महापौर के अनुसार इससे पहले डबल डिवाइडर लाइट,और 5000 स्ट्रीट लाइट लगवाने का कार्य निगम द्वारा सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है।इस योजना में 280 स्ट्रीट लाइट पोल कोयल घाटी से वीरपुर खुर्द तक और 145 स्ट्रीट लाइट पोल वार्डो के अंदर लगाए जाने हैं। इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त ऐलम दास,ज्योति अशोक पासवान, राजेश दिवाकर, अजीत गोल्डी, अनिता रैना, कमलेश जैन, विजेंद्र मोघा, विजय बडोनी, राकेश सिंह मियां, जगत सिंह नेगी, चेतन चैहान, सोनू प्रभाकर, पंकज शर्मा, सुनील उनियाल, रोमा सेहगल, ममता नेगी, पवन शर्मा, रविंद्र राणा, मदन कोठारी, धीरेंद्र (धीरू), हैप्पी सेमवाल, रणवीर सिंह,राजीव गुप्ता, परीक्षित मेहरा, मनीष मिश्रा मौजूद रहे।

सीएम ने दिए 25 हजार लोगों को कृषि के विभिन्न प्रयोजनों हेतु 03-03 लाख तक के ऋण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बन्नू स्कूल रेस कोर्स देहरादून में दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण कृषि ऋण योजनान्तर्गत 03 लाख रूपये तक के वृहद ऋण वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। यह कार्यक्रम आज प्रदेश के सभी 95 विकासखण्डों एवं अन्य पांच स्थानों पर भी आयोजित किया गया। इस योजना के तहत 25 हजार लोगों को कृषि एवं कृषि यंत्रों, मत्स्य पालन, जड़ी-बूटी उत्पादन, मुर्गी पालन कुक्कुट पालन, मौन पालन आदि प्रयोजनों हेतु ऋण वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने मुख्य कार्यक्रम में शुभारम्भ के अवसर पर 11 लाभार्थियों को 03-03 लाख का चेक वितरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेती और बागवानी के क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिए पद्मश्री प्राप्तकर्ता प्रेमचन्द्र शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, डॉ. हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, राज्य मंत्री रेखा आर्या, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश एवं संबधित क्षेत्रों के विधायकगण उपस्थित रहे।

किसानों की आर्थिकी में सुधार के लिए राज्य सरकार कर रही है अनेक प्रयास
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिकी में सुधार के लिए अनेक प्रयास कर रही है। सरकार की किसानों के प्रति आत्मीय भाव एवं सेवा करने के लिए हमेशा तत्पर रही है। देश और प्रदेश के विकास के लिए जवानों और किसानों का सम्मान बहुत जरूरी है। केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में जो 03 कृषि सुधार कानून लाये गये हैं। इससे किसानों को आने वाले समय में बहुत फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एम.एस. स्वामीनाथन की सिफारिशों को धरातल पर लाने का कार्य किया है। किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी दी जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि रूड़की से दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना के अच्छे परिणाम मिले इसलिये इस योजना को आगे विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान ईमानदारी की रोटी खाता है, किसानों को जो ऋण दिया गया था, उसका 60 प्रतिशत वापस लौटा चुके हैं।

ग्रामीण आर्थिकी को सुधारने के लिए बनाये जा रहे हैं ग्रोथ सेंटर
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जब तक किसान एवं गांवों में लोगों को आय का अर्जन नहीं होगा, तब तक बाजार की स्थिति नहीं सुधर सकती। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए अलग-अलग थीम पर ग्रोथ सेंटर बनाये जा रहे हैं। अभी तक 107 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत हो चुके हैं। आज ये ग्रोथ सेंटर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ाने में कारगर साबित हो रहे हैं। प्रदेश की सभी न्यया पंचायतों तक इन ग्रोथ सेंटर को विस्तारित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना- राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इस योजना में लगभग 150 प्रकृति के कार्य शामिल हैं। इस योजना के तहत 25 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। चीड़ की पत्तियों से बिजली एवं ब्रेकेट बनाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना- मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 25-25 किलोवाट के सोलर के प्रोजक्ट लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया है। इससे बिजली खरीदने का कार्य राज्य सरकार करेगी। इसका मूल्य भी 4.50 प्रति यूनिट रूपये निर्धारित किया गया है।

देहरादून में बनाया जा रहा है पंचम धाम सैन्यधाम
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में पंचमधाम के रूप में सैन्यधाम बनाया जा रहा है। हमारे शहीद सैनिकों के घरों की मिट्टी और शिला इस सैन्यधाम में लायी जायेगी। हमारा प्रयास होगा कि सैन्यधाम में लोगों को प्रेरित करने वाली अनेक स्मृतियां हों। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न युद्धों व सीमान्त झडपों तथा आन्तरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिकों व अर्द्ध सैनिक बलों की विधवाओंध्आश्रितों को एकमुश्त 10 लाख रूपये के अनुदान को बढ़ाकर 15 लाख रूपये किया गया है। सेना और अर्द्धसैन्य बलों के शहीद जवानों के आश्रित को उनकी योग्यता के अनुसार राज्य सरकार की सेवा में सेवायोजित करने की व्यवस्था की गई है।

राज्य में पिछले पौने चार साल में रिकॉर्ड सड़के बनाई गई-
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जितनी सड़के राज्य में शुरूआती 17 साल में बनी लगभग उतनी सड़के पिछले 03 साल एवं 10 माह में बनाये हैं। निर्धारित समय से पूर्व फ्लाई ओवर और सड़के बनाने का कार्य राज्य में पूरा किया गया। उत्तराखण्ड को विकास के पथ पर ले जाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प है।

केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से देश प्रगति के पथ पर अग्रसर-
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहार वाजपेयी ने सर्वशिक्षा अभियान से देश में शिक्षा के अधिकार की अलख जगाई। हर गांव सड़क से जुड़े इसके लिए उन्होंने पीएमजीएसवाई की शुरूआत की। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन खातों, उज्जवला योजना, हर घर नल एवं शुद्ध जल, हर घर शौचालय तथा अटल आयुष्मान भारत जैसी अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश को प्रगति के पथ पर ले जा रहे हैं।

इस अवसर पर सहकारिता एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक विनोद चमोली, हरवंश कपूर, गणेश जोशी, खजानदास, मुन्ना सिंह चैहान, सहदेव पुण्डीर, उमेश शर्मा काऊ, एंग्लो इण्डियन विधायक जार्ज आईवन ग्रेगरी मैन, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव सहकारिता आर मीनाक्षी सुंदरम आदि उपस्थित थे।

राम मंदिर के निर्माण के लिए एक माह का वेतन देकर एम्स निदेशक ने पत्नी सहित पेश की मिशाल

अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एम्स ऋषिकेश में कार्यरत चिकित्सक व अन्य कर्मचारी भी सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। मंदिर निर्माण के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जुटी विभिन्न संगठनों के प्रति​निधियों का कहना है कि ​संस्थान में कार्यरत कर्मचारी उन्हें अपनी सामर्थ्य अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस अभियान के तहत एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत व उनकी धर्मपत्नी वरिष्ठ सर्जन प्रोफेसर बीना रवि ने अपनी एक-एक महीने की तनख्वाह दानस्वरूप भेंट की है।
गौरतलब है कि इन दिनों विभिन्न संस्थाएं भव्य मंदिर निर्माण को लेकर जनसहयोग की अपील कर रही हैं,जिसके तहत विभिन्न इलाकों में लोगों से आर्थिक सहयोग एकत्रित किया जा रहा है। नेशनल मेडिकोज एसोसिएशन एम्स शाखा इसके लिए आगे आई है।

नेशनल मेडिकोज एसोसिएशन की शाखा अध्यक्ष डा. मीनाक्षी धर व आरडीए के अध्यक्ष डा. विनोद ने बताया कि संस्थान के फैकल्टी, चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों से सहयोग राशि एकत्रित की जा रही है।

डा. विनोद के अनुसार लोग इस कार्य में अपने स्तर पर भी बढ़चढ़कर प्रतिभाग कर रहे हैं। बताया कि कई लोग अभियान से जुड़े सदस्यों से संपर्क कर अपनी सामर्थ्य अनुसार सहयोग राशि प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक काफी संख्या में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एमबीबीएस व नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ ही संस्थान के सुरक्षाकर्मी व अन्य स्टाफ के लोग उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान कर रशीद प्राप्त कर चुके हैं।

इसी क्रम में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत व वरिष्ठ शल्य चिकित्सक प्रो.बीना रवि ने अपनी एक- एक माह की तनख्वाह दानस्वरूप भेंट कर सहभागिता की है।
इस अभियान में डा.रविराज, डा.जितेंद्र, डा.आनंद, डा.अजय, डा.शिशिरा,कौशल, संकेत, रवेंद्र,बलराज, नवीन, दिव्यांश आदि सक्रिय रूप से प्रतिभाग कर रहे हैं।

साइंस सिटी को यूकॉस्ट के महानिदेशक और सचिव एनसीएसएम ने किया समझौता

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थित में आज साइंस सिटी देहरादून के लिए उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) उत्तराखण्ड शासन एवं राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् (एनसीएसएम ) के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल एवं सचिव एनसीएसएम ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। एनसीएसएम भारत सरकार के संस्कृत मंत्रालय की एक स्वायत्तशासी संस्था है जो देश में विज्ञान संग्रहालयों का निर्माण तथा संचालन करती है। साइंस सिटी देहरादून में विज्ञान धाम, झाझरा में विकसित होगी। साइंस सिटी लगभग चार वर्षों में बनकर तैयार हो जायेगी। 173 करोड़ रूपये की इस परियोजना के लिए 88 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार एवं 85 करोड़ रूपये राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि देहरादून में बनने वाले साइंस सिटी सबके आकर्षण का केन्द्र बने इसके लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। इसे निर्धारित समयावधि से पूर्व पूर्ण करने के प्रयास किये जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े प्रोजक्ट को पूरा करने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का होना जरूरी है। सबके सामुहिक प्रयासों से यह प्रोजक्ट समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारत की वैज्ञानिक संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। राज्य सरकार का प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड के वैशिष्ट्य को लोग साइंस सिटी के माध्यम से देख सकें। साइंस सिटी के लिए स्थान का चयन भी छात्र-छात्राओं एवं लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

साइंस सिटी देहरादून में खगोल एवं अंतरिक्ष विज्ञान ,रोबोटिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की विरासत, भूगर्भीय जीवन, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी, वर्चुअल रियलिटी, ऑग्मेंटेड रियलिटी, आर्टिफीसियल इंटेलीजेन्स के साथ स्पेस थियेटर सहतारामंडल, हिमालय की जैवविविधता पर डिजिटल पैनोरमा, सिम्युलेटर, एक्वेरियम, उच्च वोल्टेज व लेजर, आउटडोर साइंस पार्क, थीम पार्क, बायोडोम, बटरफ्लाई पार्क, जीवाश्म पार्क एवं मिनिएचर उत्तराखंड आदि होंगे। साथ ही अन्य सुविधाओं के रूप में कन्वेंशन सेंटर तथा प्रदर्शनी हॉल आदि भी साइंस सिटी का हिस्सा होंगे।

साइंस सिटी प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के संचार, लोकव्यापीकरण तथा नवप्रवर्तन की दिशा में विद्यार्थियों, शिक्षकों, आम नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण तथा आकर्षण का केन्द्र होगी। केंद्र सरकार की स्पोक्स योजना के तहत क्षेत्र्रीय विज्ञान केंद्र देहरादून के साइंस सिटी देहरादून में उन्नयन के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। इस सैद्धांतिक मंजूरी के बाद संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (डीआईबी) की मंजूरी भी साइंस सिटी देहरादून के लिए अप्रैल 2020 में प्राप्त हो गई थी।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार डॉ. नरेन्द्र सिंह, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आर.के सुधांशु, एनसीएसएम के पूर्व महानिदेशक गंगा सिंह रौतेला, निदेशक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम डॉ. अजंन रे, अपर सचिव विजय यादव, अपर प्रमुख वन संरक्षक डॉ. समीर सिन्हा, डॉ. प्रकाश चैहान आदि उपस्थित थे।

परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगा धरने पर बैठा एक पक्ष की दूसरे पक्ष से हुई नोंकझोंक

परिवहन विभाग के ऋषिकेश कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगा तथा दलाली प्रथा को बंद करने की मांग को लेकर एक पक्ष के दो लोग कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठे। मगर, वहां दूसरे पक्ष के चार लोग भी आ धमके और देखते ही देखते वहां दोनों पक्षों में नोंकझोंक हो गई। मौंके पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लिया। शाम को दूसरे पक्ष के चार लोगों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया, जबकि पहले पक्ष के दो लोगों ने निजी मुचलके पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया।

आज सुबह करीब दस बजे एआरटीओ कार्यालय के बाहर एक पक्ष के दो लोग संजीव पुत्र मेहर रावत निवासी गंगागनर और गौरव राजपूत पुत्र विजय राव निवासी ढालवाला धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि एआरटीओ कार्यालय में दलाली प्रथा बंद होनी चाहिए। साथ ही मोटर चालक स्कूल को एआरटीओ कार्यालय से संरक्षण प्राप्त है। तभी दूसरे पक्ष के चार लोग अमरजीत पुत्र जरनैल सिंह निवासी गोविंदनगर, उमेश चैहान पुत्र राम कुमार चैहान निवासी बनखंडी, प्यारेलाल जुगरान पुत्र पुरूषोत्तम निवासी सोमेश्वर नगर, विक्रांत पुत्र तरसेम वहां पहुंचे। दूसरे पक्ष को इन लोगों का कहना था कि धरने पर बैठे लोग एआरटीओ कार्यायल में आने वाले लोगों को धमका रहे हैं। काफी नोंकझोंक के बीच पुलिस भी पहुंची। सभी हंगामा कर रहे छह लोगों को कोतवाली लेकर आई। यहां चार को शांतिभंग में चालान कर रिहा कर दिया गया, जबकि संजीव और गौरव ने जमानत लेने से इंकार कर दिया।

तीर्थनगरी में मेयर अनिता ने किया गौरा देवी चौक का लोकार्पण

अब तहसील चौक की गौरा देवी चौक नाम से पहचान होगी। आज विधिवत रूप से चौक जनता को मेयर अनिता ने लोकार्पण के बाद समर्पित कर दिया। चिपको आंदोलन की जननी गौरा देवी को नमन कर मेयर अनिता ने कहा कि नगर अन्य चौक चौराहों को महापुरूषों और आंदोलनकारियों के नाम से पहचान मिलेगी।

बहुप्रतीक्षित गौरा देवी चौक का आज लोकार्पण कर मेयर अनिता ने कहा कि नगर निगम की कमान संभालने के बाद बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाकर कर तय किया गया था कि शहर के विभिन्न चैक चैराहों पर जीर्णोद्धार कराकर उन्हें महापुरुषों और आंदोलनकारियों के नाम से सजाया और संवारा जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी उनके संघर्षों से प्रेरणा ले सकें। इसी कड़ी में आज चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी चौक का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि यह चैक वर्षों से सड़क हादसों मैं खून से लाल होता है जिसको देखते हुए नगर निगम द्वारा चैक का निर्माण कराया गया है ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। निश्चित ही अब यहां सड़क हादसों को थामने में कामयाबी मिलेगी।

इस मौके पर शहर वासियों से नगर के विकास के लिए सहयोग एवं मार्गदर्शन की अपील भी की गई। इस दौरान नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल, सुरेंद्र मोघा, पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता, संजीव चैहान, नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला, विनोद शर्मा, डीपी रतूडी, चिंतामणि देसवाल, क्षेत्रीय पार्षद राकेश सिंह मिंया, गुरिंदर सिंह, रीना शर्मा, वीरेंद्र रमोला, मनीष शर्मा, मनीष मनवाल, उमा तिवाड़ी, कमलेश जैन, अनिता रैना, अनिता असवाल, कमला गुनसोला, शकुंतला शर्मा, राजू नरसिम्हा, अजीत सिंह गोल्डी, राजेश दिवाकर, सोनू प्रभाकर, राजेंद्र बिष्ट, विजय बडोनी, पंकज शर्मा, ममता नेगी, चेतन शर्मा, राजपाल ठाकुर, सरोज देवराणी, संजय व्यास, प्रतीक कालिया, हितेंद्र पंवार, पंकज गुप्ता, अक्षय खैरवाल, प्रंकात कुमार, दीपक जाटव, मधु जोशी, रजनी बिष्ट, रोमा सहगल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल ने किया।

नगर क्षेत्र में निकली स्वामी रामानंदाचार्य की जयंती पर शोभायात्रा

जगतगुरु स्वामी रामानंन्दा चार्य महाराज की 721 वी जयंती महोत्सव माघ कृष्ण सप्तमी संवत 2077 कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए बड़ी प्रेम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। विरक्त श्री वैष्णव मंडल समिति के तत्वाधान में स्वामी रामानंद संत आश्रम मायाकुंड रामानंद घाट से संत बैरागी एवं विरक्त वैष्णव मंडल के सभी संत महात्माओं की अगुवाई में आज जगतगुरु रामानंन्दाचार्य महाराज की शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए सूक्ष्म रूप में निकाली गई। शोभायात्रा में मेयर अनिता मंमगाई में भी सम्मिलित होकर सभी संतों का आशीर्वाद लिया।

मेयर अनिता ने कहा कि संत समागम से ही हम अपने जीवन को बदल सकते हैं जिस प्रकार आज का युवा कल का भविष्य कहा जाता है उसी प्रकार संतों के आशीर्वाद से हम अपने जीवन में अनेकानेक बदलाव ला सकते हैं उन्हीं के आशीर्वाद के फल स्वरुप हम अपने जीवन में आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना जगाकर जनमानस में वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ आगे बढ़ कर कार्य कर सकते हैं उन्होंने सभी को जयंती की शुभकामनाएं देते हुए सभी संत महात्माओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि संतों का जन्म नहीं अवतार होता है समाज को एक दिशा दिखा कर वह अपनी दिव्य लोग में चले जाते हैं

शोभा यात्रा नगर भ्रमण करने के पश्चात पुनः रामानंन्द संत आश्रम मायाकुंड में पहुंचकर संत महात्माओं द्वारा संत सम्मेलन मैं सभी आए हुए संत महामंडलेश्वर ने अपने-अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर कार्याध्यक्ष महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज, महामंत्री महामंडलेश्वर महंत ईश्वर दास महाराज ईश्वर आश्रम, कोषाध्यक्ष महंत डॉ नारायण दास महाराज, महंत जय राम महाराज महंत प्रभु दास महाराज, महंत हरी चरण दास महाराज, मुरारी दास महाराज, संचालन एवं व्यवस्था पुजारी वृन्दावन दास महाराज, रामानुजाचार्य गोपालचार्य महाराज, शंकराचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री, संगठन मंत्री महंत सुरेश दास महाराज, महंत निर्मल दास महाराज, महंत भारत भूषण दास महाराज, महंत सीताराम दास महाराज, महंत कृष्ण मुरारी दास महाराज, महंत ह्रयग्रिवाचार्य महाराज, महंत शांताराम दास, मौनी बाबा, चेतन शर्मा, विनोद शर्मा, पंकज शर्मा, संजय भट्ट, घनश्याम भट्ट, पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, विवेक गोस्वामी, अभिषेक शर्मा, राम चैबे, रमाकांत भारद्वाज, रामकृपाल गौतम, महंत दीपक दास महाराज, महावीर दास परमानंद महाराज आदि उपस्थित रहे।

दर्जाधारी राज्यमंत्री की सूचना पर गंगा पार फंसे बछड़े की बची जान

ऋषिकेश।त्रिवेणीघाट पर गंगा पार गाय का एक बछड़ा फंस गया। वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम रेस्क्यू में जुटी। काफी मशक्कत के बाद बछड़े को पानी से बचाकर सुरक्षित बाहर ले आए।
वन विभाग के मुताबिक आज गाय का एक बछड़ा भटककर गंगा के पार चला गया। वापस आते समय वह पानी से भरे एक गड्ढे में फंस गया। इसी बीच उसे पानी में फंसा देख पशु प्रेमी चारू कोठारी ने दर्जा धारी राज्य मंत्री पति भगतराम कोठारी सूचना दी।

कोठारी मौके पर पहुंचे और प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून को सूचित किया। सूचना के करीब एक घंटे बाद देहरादून से वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम त्रिवेणीघाट पहुंची और राफ्ट लेकर गंगा पार गई। जहां पानी से भरे गड्ढे में फंसे गाय के बछड़े को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया।

वनक्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद क्विक रिस्पांस टीम बछड़े को सुरक्षित बाहर निकाल ले आयी। दर्जाधारी राज्य मंत्री और उनकी पत्नी ने रेस्क्यू टीम का आभार जताया व 5100 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मौके पर रवि जोशी, जीत सिंह, अजय त्यागी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने किया राज्य का प्रथम रेडियो स्टेशन का शुभारंभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बल्लुपुर चैक, देहरादून में उत्तराखण्ड के पहले डिजिटल रेडियो स्टेशन ‘‘ओहो रेडियो उत्तराखण्ड’’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की राजधानी देहरादून से यह एक अच्छी शुरूआत हो रही है। एप्प के माध्यम से ओहो रेडियो उत्तराखण्ड को दुनियाभर में सुना जा सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह रेडियो स्टेशन अपने कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता लायेगा एवं लोगों को दुःख, दर्द एवं समस्याओं को उजागर भी करेगा। इससे सरकार को भी लोगों की समस्याओं के समाधान में और मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज इंटरनेट के जमाने में जब हर कोई डिजिटल माध्यम से जुड़ रहा है, ऐसे में आर.जे. काव्य द्वारा रेडियो को डिजिटल माध्यम पर लाने की सराहनीय कोशिश की गई है। ‘‘ओहो रेडियो उत्तराखण्ड’’ के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, परिवेश, बोलियों एवं अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

आर.जे काव्य ने कहा कि सोच लोकल एप्रोच ग्लोबल का विजन लिए संगीत, साहित्य, स्पोर्ट्स, करियर, पलायन, समाज और उत्तराखण्ड की हर बात को ओहो रेडियो उत्तराखण्ड अपनी आवाज देगा।