लॉकडाउन में भी त्रिवेंद्र की टीम कर रही जन समस्याओं का त्वरित समाधान

गर्मियों में पानी की समस्या होना आम बात है लेकिन पानी की कमी से लोगों को परेशानी ना हो इसका समाधान जरूरी है। ऐसा ही एक वाकया आज रानीपोखरी क्षेत्र में देखने को मिला। जहां लो वोल्टेज के कारण लोगों के घरों में पानी नहीं आ रहा था। स्थानीय लोग अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन रावत से मिले। मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर ने तत्काल इस समस्या का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने बताया कि लो वोल्टेज के कारण लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं खराब हुई मोटर से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है, जिस पर तत्काल नितिन सिंह रावत ने उच्च अधिकारियों से वार्ता कर खराब हुई मोटर के स्थान पर नई मोटर लगाने की व्यवस्था की और लो वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक हेवी वेट जनरेटर की व्यवस्था भी करवाई। जिससे आने वाले समय में पानी की समस्या ना उत्पन्न न हो।

नितिन सिंह रावत ने बताया कि दो-तीन दिन में यह व्यवस्था सुचारू रूप से हो जाएगी, लेकिन दो-तीन दिन में लोगों को पानी की परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए पर्याप्त मात्रा में जल संस्थान को टैंकरों से पानी सप्लाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिस पर उच्चाधिकारियों ने स्थानीय जल निगम को पर्याप्त मात्रा में टैंकर उपलब्ध कराने की बात कही है। मौके पर ही समस्या का समाधान होने से स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर का धन्यवाद दिया। जिस पर मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नितिन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार लॉक डाउन में इस बात का ध्यान रख रही है कि आम जनता की परेशानियों को कैसे कम किया जाए। अमूमन गर्मियों में पानी की समस्या देखने को मिलती है, इसलिए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पानी की समस्या उत्पन्न ना हो इसके लिए सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।मुख्यमंत्री की टीम लगातार हर समस्या पर नजर रख रही है और जो समस्या उनके सामने लाई जा रही है उसका त्वरित समाधान किया जा रहा है।

आज 73 नए मरीज, अब तक 58 मरीज ठीक, 317 पाॅजीटिव हुए केस

राज्य में आज कोरोना संक्रमण के 73 नए मामले आए हैं। 32 मामले सबसे ज्यादा नैनीताल जिले में मिले हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 317 पहुंच गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आज प्रदेश में 943 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। जबकि 1120 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 58 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन तीनों की ही मौत का कारण कोरोना नहीं है। अन्य कारणों से मरीजों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, आज आए मामलों में अल्मोड़ा में 5, चमोली में 8, चंपावत में 1, देहरादून में 11, नैनीताल में 32, पौड़ी में एक, टिहरी में तीन , बागेश्वर में दो और ऊधमिसंह नगर में 9 मामले सामने आए हैं। वहीं, एक मामला निजी लैब में पॉजिटिव पाया गया है। लगातार दूसरे दिन नैनीताल में 117 केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
अब तक देहरादून में 75, हरिद्वार में 14, उत्तरकाशी में 10, अल्मोड़ा में 12, चंपावत में 8, टिहरी में 9, बागेश्वर में 8, पौड़ी में 7, रुद्रप्रयाग में 3, पिथौरागढ़ में 2, चमोली में 9, नैनीताल में 117, ऊधमिसंह नगर में 43 संक्रमण के मामले सामने आ चुके है। कोरोना संक्रमण के मामले में नैनीताल ने देहरादून को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार को संक्रमण में बने नए रिकॉर्ड से नैनीताल जनपद प्रदेश में नंबर वन पर आ गया है। पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में आने से सोमवार को कई जिलों की ऑरेंज और ग्रीन जोन की श्रेणी बदल सकती है।
शुक्रवार तक देहरादून संक्रमित मामलों के आधार पर सबसे आगे था, लेकिन शनिवार को नैनीताल जिले में एक दिन में 57 कोरोना संक्रमित मिलने से देहरादून पीछे छूट गया है। वहीं, आज 32 मामले आए हैं।  नैनीताल में कुल संक्रमितों की संख्या 117 पहुंच गई है, जबकि देहरादून में यह संख्या 71  पर पहुंच गई है।
वर्तमान में प्रदेश के सात जिले हरिद्वार, टिहरी, चंपावत, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ व चमोली ग्रीन जोन में है। जबकि देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और उत्तरकाशी जिला ऑरेंज जोन में है। प्रदेश का कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है।
कोरोना संक्रमण की दर, डबलिंग रेट, प्रति लाख सैंपल जांच, सर्विलांस के आधार पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन तय किया जाएगा। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि सोमवार को जोन को लेकर जिलों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र की ओर से तय मानकों के आधार पर जिलों के जोन तय किए जाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिह रावत ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कोविड-19  संबंधी कार्यों, आवश्यकता और तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक 2 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है, लेकिन उनकी मौत की वजह कोविड नहीं था, वह दूसरी बीमारियों से मरे।
रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी के साथ श्रीनगर मेडिकल पहुंचे। यहां उन्होंने सभागार में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों की बैठक ली। बैठक की शुरुआत करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम  रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से  कोविड -19 से बचाव और  कोविड जांच की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि कोविड जांच लैब में 3 मई से अब तक पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के 670 नमूनों की जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 सिर्फ बीमारी ही नहीं है। बल्कि इस महामारी का असर धीरे-धीरे समाज में आएगा। इसलिए सभी को हर तरह से तैयार रहना होगा। आज से 5 दिन पहले कम कोरोना पॉजिटिव के चलते उत्तराखंड अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में था। लेकिन गुजरात, महाराष्ट्र हरियाणा व राजस्थान आदि प्रदेशों से प्रवासी आने से चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए  हमारी टीम और  हमारी रणनीति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की बाहर से आने वाले लोगों का मानकों के अनुसार परीक्षण हो। सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो। जो कोरोना पॉजिटिव नियमों का उल्लंघन करें, उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए।

ऋषिकेश पुलिस ने कोरोना से मृत महिला का कराया दाह संस्कार

राज्य में कोरोना से शुक्रवार की देर रात हुई दूसरी मौत के बाद शनिवार शाम मृतका का अंतिम संस्कार पुलिस ने कराया। मृतका की चिता को मुखाग्नि उनके पति ने दी। कोरोना वायरस (पॉजिटिव) एवं कैंसर से पीड़ित महिला की मृत्यु के पश्चात, पुलिस व प्रशासन द्वारा सुरक्षा के समस्त उपाय व पीपीई किट पहनकर अंतिम संस्कार कराया गया।

शनिवार को कोतवाली पुलिस व प्रशासन के द्वारा करोना संक्रमण से बचाव करते हुए उत्त मृतक महिला का अंतिम संस्कार चंद्रेश्वर नगर स्थित मुक्तिधाम में कराया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार के पूरे स्थान को सैनिटाइज करवाया गया।

एक ही दिन में नैनीताल से 55 और पूरे प्रदेश में 91 मामले कोरोना पाॅजीटिव

प्रदेश में आज एक ही दिन में 91 कोरोना मरीज सामने आये है। अब राज्य में कुल मरीजों की संख्या 244 हो गई है। वहीं अब राज्य में कोई भी जिला कोरोना संक्रमण से अछूता नहीं रह गया है।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में आज 91 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। एम्स ऋषिकेश में हुई एक कोरोना मरीज की मौत के बारे में स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि उसकी मौत कोरोना से नहीं हुई है। उसकी मौत एसोफैगस कैंसर से हुई है। शनिवार को चंपावत में सात, देहरादून में नौ, हरिद्वार में दो, नैनीताल में 57, अल्मोड़ा में तीन, पिथौराढ़ में दो, उत्तरकाशी में तीन, ऊधमसिंह नगर में तीन, रुद्रप्रयाग में तीन और पौड़ी जिले में दो नए मामले सामने आए हैं।
यह पहली बार है जब राज्य में एक साथ 91 केस सामने आए हैं। इन मामलों के आने के बाद अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 244 हो गई है। रुड़की के आदर्श नगर निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति में आज कोरोना की पुष्टि हुई है। ये मुंबई से हरिद्वार में आए थे। अब हरिद्वार जनपद में अब एक्टिव केस छह हो गए हैं। ये सभी रुड़की क्षेत्र से आए हैं। सभी प्रवासी हैं। इससे पहले सात मामले आए थे जो कि सभी ठीक हो चुके थे। लेकिन नए मामले आने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।

डीएम ने घर-घर जांच करने के निर्देश दिए
देहरादून जिले में कोरोना के मामले बढ़ने पर प्रशासन अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों के स्वास्थ्य का पता लगाने के लिए घर-घर जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में प्रवासियों के आने के बाद कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब ब्लड प्रेशर, शुगर, सांस, दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को बचाया जाएगा। ऐसे मरीजों का सर्वे कर डाटा तैयार किया जाएगा। जिससे उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर इनका डाटा एकत्र करेंगी। फोन के माध्यम से भी संपर्क कर उनकी तबीयत, डॉक्टर के पास कब गए? अब क्या स्थिति है? कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण तो नहीं जैसे सवाल पूछकर रिपोर्ट तैयार करेंगी। डीएम ने बताया कि अभी तक क्वारंटीन लोगों की निगरानी की जा रही थी। लेकिन, अब ऐसे लोगों को भी निगरानी की जाएगी, जो बीमार चल रहे हैं। 

प्रशासन की लापरवाही आई सामने
ऋषिकेश में 13 मई को दिल्ली से लौटने वाली महिला बैंक कर्मी को क्वारंटाइन न करने के मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। महिला में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन सकते में आ गया है। जिसके बाद हीरालाल मार्ग स्थित यूको बैंक को प्रशासन ने 14 दिनों के लिए सील कर दिया है। साथ ही सभी कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन किया गया है। प्रशासन ने पुलिस और मेडिकल टीम की सहायता से कोरोना संक्रमित पाये गए दोनों लोगों के निवास स्थान को हॉटस्पॉट घोषित कर सील कर दिया है। रेड जोन से ऋषिकेश लौटने के बाद भी महिला को क्वारंटाइन नहीं किया गया। वहीं, महिला बैंक कर्मी के दिल्ली से लौटने के बावजूद होम क्वारंटाइन न करने को लेकर स्थानीय लोग अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

चारधामः ऑनलाइन दर्शन और ऑडियो के माध्यम से पूजा-अर्चना करने की सुविधा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की पहली बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वभर में उत्तराखण्ड आध्यात्म का केन्द्र है। उत्तराखण्ड के मन्दिरों की प्राचीन शैली इसकी विशिष्टता है। इसको बनाये रखने के लिए यह सुनिश्चित किया जाय कि मन्दिरों का प्राचीन स्वरूप बना रहे। जो लोग मन्दिरों के ऑनलाइन दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें गर्भगृह को छोङकर बाकी मन्दिर परिसर के ऑनलाइन दर्शन एवं ऑडियो के माध्यम से पूजा-अर्चना करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही इसमें धार्मिक मान्यताओं का भी पूरा ध्यान रखा जाय। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थाम प्रबन्धन बोर्ड में सबके हक-हकूकों का ध्यान रखा जायेगा। बैठक में मन्दिरों एवं उनसे जुड़ी प्रमुख पाण्डुलिपियों एवं अन्य ऐतिहासिक महत्व के सामग्री संग्रहण के लिए संग्रहालय बनाने की बैठक में चर्चा की गई है।
बोर्ड की इस पहली बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा धार्मिक यात्रा के समुचित संचालन के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जायेगा। उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड का अलग लोगो बनाया जायेगा। मन्दिरों की सम्पति, निधि, बहुमूल्य वस्तुओं को बोर्ड के प्रबंधन में अन्तरित करने हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अधिकृत किया गया है, इसके लिए कार्यवाही सबंधित जिलाधिकारियों द्वारा की जायेगी। उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड का अलग बैंक एकाउण्ट होगा। इसके लिए बैठक में राज्य सरकार द्वारा 10 करोड़ रूपये की धनराशि की स्वीकृति दी गई है। बदरी-केदार मंदिर समिति की अवशेष धनराशि भी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड में ट्रांसफर की जायेगी। बद्री-केदार मंदिर समिति के कार्मिकों का समायोजन उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड में किया जायेगा। बोर्ड के लिए अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी एवं वित्त नियंत्रक का एक पद सृजित किया जायेगा। उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड में विभिन्न न्यायिक मामलों के लिए ट्रिब्यूनल बनाई जायेगी। एनआईसी द्वारा बदरी-केदार मंदिर समिति के लिए बनाई गई वेबसाइट का अधिग्रहण कर इसका अपग्रेडेशन किया जायेगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत बदरी-केदार मन्दिर समिति के कार्मिकों द्वार दिये गये एक दिन के वेतन का 5 लाख रूपये का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सौंपा।
उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष सतपाल महाराज ने मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से भी बोर्ड को 5 लाख एक रूपये की धनराशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे।
बैठक में विधायक बदरीनाथ महेन्द्र भट्ट, विधायक गंगोत्री गोपाल सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव पर्यटन एवं संस्कृति दिलीप जावलकर, सचिव वित्त सौजन्या उपस्थित थे।

ग्रीन टैक्स लगाकर आय बढ़ायेगा देहरादून नगर निगम

देहरादून नगर निगम क्षेत्र में प्रवेश करने पर अब प्रवेश शुल्क देना होगा। मनाली जैसे शहरों की तर्ज पर देहरादून नगर निगम ने शहर में प्रवेश करने पर बाहरी वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी की है। महापौर सुनील उनियाल गामा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। टैक्स कितना होगा, कौन से वाहन इसके दायरे में आएंगे और किन्हें छूट रहेगी, इसका प्रारूप तैयार कर शासन को भेजने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जायेगी।
महापौर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि देहरादून में पंजीकृत वाहनों को छूट रहेगी। कोरोना संक्रमण के चलते ठप पड़े कार्यो को शुरू करने और नगर निगम को फिर से पटरी पर लाने के लिए कसरत शुरू हो गई है। इसी के मद्देनजर गुरुवार को महापौर ने निगम कार्यकारिणी की बैठक बुलाई। निगम की कार्यकारिणी के जनवरी में चुने जाने के बाद यह पहली बैठक रही। निगम के सभा हॉल में हुई बैठक में शारीरिक दूरी के साथ महापौर और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई।
इसमें मुख्य एजेंडा निगम की आय बढ़ाने का रहा। इस दौरान महापौर ने प्रस्ताव रखा कि मनाली व कुछ अन्य शहरों में बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूला जाता है। मसूरी में भी ऐसी व्यवस्था है। ऐसे में देहरादून में भी ये टैक्स लगाया जाना चाहिए। इसे पार्षदों की ओर से हरी झंडी दे दी गई। महापौर गामा ने बताया कि निगम अधिकारी इस बारे में प्रारूप तैयार करेंगे और शासन से मंजूरी के बाद नगर निगम क्षेत्र में सभी सीमाओं पर टोल-बैरियर लगाकर टैक्स की वसूली की जाएगी। वहीं, बैठक में तय हुआ कि नए ग्रामीण वार्डों में सफाई की व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए एक जून से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ऐसे 29 ग्रामीण वार्ड हैं, जहां मौजूदा समय में महज पांच-आठ सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में शहर की तर्ज पर बस स्टैंड भी बनाए जाएंगे।

देहरादून की निरंजनपुर मंडी बंद, कोरोना संक्रमित मरीज की हुई थी पुष्टि

राज्य में आज सात और कोरोना से संक्रमित मरीज मिले हैं। जिसमें देहरादून जनपद में तीन और ऊधमसिंह नगर जनपद के जसपुर में दो व हरिद्वार जनपद में दो और संक्रमित मरीज शामिल हैं। प्रदेश में अब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा डेढ़ सौ के पार हो गया है। प्रदेश में कुल संक्रमित मरीज 153 हो गए हैं।
कल प्रदेश में 16 नए संक्रमित मरीज और बुधवार देर रात देहरादून और टिहरी में चार संक्रमित मरीज मिले थे। अकेले देहरादून जनपद में आंकड़ा 54 पहुंच गया है। जबकि राज्य में 56 मरीज सही हो चुके हैं। आज कोरोना संक्रमित मिलने पर प्रशासन ने देहरादून की गुरु रोड को सील कर दिया है। यहां अग्रिम आदेश तक लोग पूरी तरह से कॉलोनी के अंदर ही रहेंगे। इस दौरान क्षेत्र के बैंक, दुकानें और अन्य सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इस इलाके में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रशासन कराएगा। परिवार का एक सदस्य खरीदारी के लिए बाहर निकल सकता है। मोबाइल वैन के जरिए दूध की सप्लाई की जाएगी। नगर निगम को क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि अगर कोई इमरजेंसी है तो कॉलोनी के लोग पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, कल कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद देहरादून की निरंजनपुर मंडी बंद कर दी गई है। पूरी मंडी को सैनिटाइज करने की प्रक्रिया चल रही है। सभी दुकानों और गोदामों को सैनिटाइज किया जा रहा है।
गुरुवार को मंडी में एक व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। मंडी अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार तक के लिए मंडी को बंद किया जा रहा है। पहले पीड़ित की दुकान के दोनों तरफ की पांच-पांच दुकानों को बंद किया गया। इसके अलावा अन्य सभी दुकानों को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। इस दौरान बाजार में फल सब्जियों की कमी न हो, इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी अब मंगलवार से ही खुलेगी।

आयुष रक्षा किट के लिए 2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और आयुष मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने सचिवालय में आयुष रक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष रक्षा किट के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रथम चरण में आयुष रक्षा किट का वितरण सचिवालय, राजभवन, विधानसभा के अतिरिक्त आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के माध्यम से राज्य के ऑरेंज जोन के जनपदों में सभी कोविड वाॅरियर्स, हाई रिस्क व्यक्तियों सहित जन सामान्य में किया जाएगा। इस आयुष किट का निर्माण ऋषिकुल फार्मेसी, हरिद्वार द्वारा किया जा रहा है, जिस हेतु राज्य सरकार द्वारा ऋषिकुल फार्मेसी को 5 लाख किट के निर्माण हेतु लगभग 2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। प्रत्येक किट में एक व्यक्ति के लिए 15 दिनों के लिए गिलोय, वासा, त्रिकूट, तुलसी व मुलेठी से निर्मित आयुष रक्षा क्वाथ, संशमनी वटी व अश्वगंधा वटी रखी गई है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव अमित नेगी, अपर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा आनंद स्वरूप, स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आयुर्वेद) डॉ वाईएस रावत, ऋषिकुल फार्मेसी अधीक्षक देवेंद्र सेमवाल, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी देहरादून सुरेश प्रसाद बडोनी, वरिष्ठ चिकित्सक जेएन नौटियाल आदि उपस्थित थे।

ग्रामीण क्षेत्रों 15वें राज्य वित्त आयोग से अधिक हिस्सेदारी देने का निर्णय

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें कई प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इसकी जानकारी शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने दी।

कोविड-19 से सम्बन्धित बाॅर्डर पर काॅरन्टीन किए जाने सम्बन्धी मा0 उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में होने वाले व्यवस्थागत, संस्थागत समस्या की जानकारी न्यायालय को दी जाएगी।
15वें राज्य वित्त आयोग के अनुदान धनराशि का निकायों में वितरण दरों में परिवर्तन किया गया है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में 35ः30ः35 को बदल कर क्रमशः 75ः10ः15 किया जाएगा। कुल 852 करोड़ रूपए की धनराशि में से 575 करोड़ रूपए पंचायती राज एवं 278 करोड़ शहरी निकाय को दिया जाएगा।
उत्तराखण्ड जोत चकबन्दी नियमावली 2020 को मंजूरी दी गयी। इसके अन्तर्गत नाम, परिभाषा, नोटिस भेजना, अधिसूचना जारी करना, इत्यादि को स्पष्ट किया गया है।
पेयजल संस्थान के प्रबन्ध निदेशक पद की चयन प्रक्रिया में वार्षिक प्रविष्टि के लिए समय सीमा 8 वर्ष की जगह 5 वर्ष की गयी।
मदिरा दुकानों के बन्द रहने की अवधि में फुटकर अनुज्ञापी के पिछले वित्त वर्ष मार्च माह में 10 दिन के नुकसान 34 करोड़ एवं 1 अप्रैल से 3 मई के बीच 195 करोड़ रूपए का भार सरकार वहन करेगा।
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना लागू की गयी। इसके अन्तर्गत केन्द्र सरकार के बीच फण्ड के गैप की भरपाई राज्य सरकार करेगी। बीज क्रय हेतु अन्य निगमों के अतिरिक्त कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, टिहरी भरसार विश्वविद्यालय एवं आईसीएआर के लिए अनुमति दी गयी।
राज्य वन्यजीव अवैध शिकार अपराध रोकथाम के लिए 14 पदों का सृजन किया गया। यह पद विभागीय पद होगा।
स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के लिए बिना अवकाश 5 वर्ष की अनुपस्थिति पर सेवा समाप्त की जाएगी।
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग में लोक सेवा आयोग के माध्यम से सूचना अधिकारी के पद पर हिन्दी विषय की अनिवार्यता समाप्त की गयी।
सार्वजनिक वाहन व्यवसायियों के परमिट नवीनीकरण की फीस के छूट के अन्तर्गत 14 करोड़ 23 लाख की भरपाइ्र सरकार द्वारा की जाएगी। एवं रोड टैक्स में 3 माह की छूट के पश्चात 63 करोड़ 28 लाख रूपए की भरपाई राज्य सरकार करेगी।
सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय शिक्षा अभियान के एकीकरण के बाद समग्र शिक्षा अभियान चलेगा। जहां पहले कुल 2677 पद थे। अब पदों की संख्या 1959 हो जाएगी।
पर्यटन विभाग के अन्तर्गत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा को संरक्षण देने के लिए पानी पर लिए जाने वाले बिल जल मूल्य कर वृद्धि को 15 प्रतिशत को 9 प्रतिशत लिया जाएगा। इससे 1 करोड़ 87 लाख का व्यय भार राज्य सरकार पर होगा।
श्रम सुधार के अन्तर्गत उद्योगों द्वारा श्रमिकों को दिया जाने वाला मार्च माह का बोनस जो नवम्बर 2020 में देना था, अब इसे 31 मार्च 2021 तक दिया जा सकता है। जो उद्योग फायदे में होंगे उन्हें 8.33 प्रतिशत बोनस देना होगा। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के लिए कैबिनेट मंत्री हरक सिंह एवं मदन कौशिक की समिति बनायी गयी।
पर्यटन औद्योगिक ईकाइयों में कार्यरत् आॅटो रिक्शा चालक इत्यादि को एकमुश्त एक हजार रूपए खाते में दी जाएगी। इससे 25 करोड़ का अधिभार राज्य सरकार पर पड़ेगा।
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, दीनदयाल होम-स्टे योजना में अपै्रल से जून तक ऋण ब्याज पर छूट दी गयी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति की अवधि को एक वर्ष का विस्तार दिया गया जिस पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
आबकारी होटल, रेस्टोरेंट बार शुल्क में 3 माह की छूट दी गयी।
नवीनीकरण, पंजीकरण शुल्क में 1 वर्ष की छूट दी गयी।

आईएएस अधिकारियों के तबादले, पावरफुल हुए हल्के

मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद बड़े पैमाने पर शासन ने तबादले किये है। कई जिलों के जिला अधिकारियों को भी बदला गया है। कुल 16 आईएएस और 5 पीसीएस अधिकारियों के के तबादले किये गए हैं।

आईएएस अरविंद सिंह ह्यांकी को कुमायूं आयुक्त बनाया गया।
आईएएस दीपेंद्र चैधरी को कमिश्नर परिवहन।
आईएएस मंगेश घिल्डियाल को जिलाधिकारी टिहरी बनाया गया।
आईएएस वंदना को जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग का चार्ज।
आर मीनाक्षी सुंदरम से विद्यालयी शिक्षा विभाग का सचिव पद ले लिया गया है।
आर के सुधांशु को पीडब्ल्यूडी दिया गया है।
हरबंस सिंह चुग को वन एवं पर्यावरण विभाग का सचिव बनाया गया है।
नितेश झा को सचिव स्वास्थ्य से हटाकर सिंचाई और लघु सिंचाई तथा पेयजल विभाग के सचिव बनाया गया है।
साथ ही कुछ आईएएस अधिकारियों के दायित्व में फेरबदल भी किया गया है किसी के पर भी काटे गये और किसी का कद बढ़ाया भी गया है।

ज्ञात हो कि उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल में ओमप्रकाश और नितेश झा से बड़े विभाग हटा लिये गये है। माना जा रहा है कि कुछ अधिकारियों पर लगातार आरोप लग रहे थे, मुख्यमंत्री एक्शन को इसी नजर से देखा जा रहा है। उत्तराखंड में हुए अमन मणि त्रिपाठी कांड में पास जारी करने का आदेश देने वाले मुख्यमंत्री के खासमखास अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश से पीडब्लूडी विभाग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी हटा दी गई है।
वहीं स्वास्थ्य सचिव नितेश झा को भी विभाग से हटा दिया गया है। उनकी जगह अमित नेगी को नया स्वास्थ्य सचिव बनाया गया है।

5 पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किये गये हैं-
अरविन्द पाण्डे को रुद्रप्रयाग से देहरादून का एडीएम प्रशासन व रामजी शरण को रुद्रप्रयाग भेजा गया है। झरना कमठान को एनएचएम का एडीशनल मिशन डायरेक्टर बनाया गया है। जबकि अभिषेक त्रिपाठी और प्रदीप सिंह रावत के भी कुछ विभाग घटाये बढ़ाये गये हैं।