जिला प्रशासन ने जनपद के हॉट स्पॉट क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई आवश्यक सामग्री

देहरादून जनपद के देहरादून क्षेत्र में 10 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से प्रति पैकेट रू0 43 की दर से 500 पैकेट विक्रय किया गया। इसी क्रम में जनपद के विभिन्न चयनित स्थानों पर प्रशासन द्वारा अधिकृत 21 मोबाईल वैन के माध्यम से सस्ते दरों पर 122.36 क्विंटल फल-सब्जियों का विक्रय किया गया। जिला प्रशासन की टीम द्वारा जनपद के ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में अवस्थित बीस बीघा, शिवा एन्कलेव ऋषिकेश में खाद्य एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई गयी। जिला पूर्ति विभाग द्वारा आजाद कालोनी में 41 गैस सिलेण्डर वितरित किये गये। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत आजाद कालोनी में 967, तथा बीस बीघा ऋषिकेश में 471 उपभोक्ताओं को खाद्यान उपलब्ध कराया गया। दुग्ध विकास विभाग द्वारा आज कुल 1297 ली0 दूध विक्रय किया गया। आजाद कालोनी में 3 मोबाईल वैन के माध्यम से फल एवं सब्जियां उपलब्ध करवाई गयी।

कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत जिला आपदा परिचालन केन्द्र देहरादून में जन सहायता हेतु स्थापित कन्ट्रोलरूम में कुल 134 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिसमें, ई-पास हेतु 115, भोजन के लिए 5, राशन हेतु 10, कृषि से सम्बन्धित 4 कॉल प्राप्त हुई। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ ए.के डिमरी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी जी.सी कण्डवाल द्वारा स्पोर्टस कालेज रायपुर में अन्य जनपदों को जाने वाले 775 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया तथा मास्क भी वितरित किये गये।प्रधानमंत्री जनधन खाताधारकों द्वारा जनपद में विभिन्न बैंकों से 3237 लाभार्थियों द्वारा अपने जनधन खाते से धनराशि की निकासी की गयी। आज मोबाईल एटीएम आजाद कालोनी, क्षेत्र में जनसुविधा हेतु उपलब्ध रही। जनपद में मनरेगा कार्यों के अन्तर्गत आतिथि तक 703 निर्माण कार्य प्रारम्भ किये गये, जिनमें 7360 श्रमिकों को सैनिटाईजेशन एवं सामाजिक दूरी का अनुपालन करवाते हुए उक्त कार्य में योजित कर रोजगार उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री के जीवन को लेकर उड़ाई अफवाह, मुकदमा दर्ज

सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जीवन लेेेेकर अफवाह उड़ा दी गई, जिससे हड़कंप मच गया। मामले को संज्ञान में लेते हुए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने एसएसपी देहरादून को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस मामले को लेकर कैंट थाने में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सोशल का मीडिया का कुछ लोग गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। कभी किसी नेता की छवि धूमिल किए जाने की कोशिश सोशल मीडिया के जरिए की जा रही है। तो कभी अफवाहों के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इस बार तो हद ही हो गई। अज्ञात शख्स ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जीवन को लेकर अफवाह फैला दी।
मामले पर महानिदेशक अपराध और कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने सख्त रुख दिखाते हुए एसएसपी अरुण मोहन जोशी को आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगी। ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अब उत्तराखंड के मरीज कहीं भी करा सकेंगे इलाज, सरकार ने दी बड़ी राहत

राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत 39 लाख गोल्डन कार्ड नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब गोल्डन कार्ड पर गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पताल में इलाज कर सकेंगे। लेकिन सरकारी अस्पताल से रेफर की व्यवस्था रहेगी।
प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना में दो तरह के गोल्डन कार्ड धारक है। एक तो केंद्र की आयुष्मान योजना में प्रदेश के 5.37 लाख परिवार शामिल हैं। जबकि त्रिवेंद्र सरकार ने अपने संसाधनों से 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिया। जिसमें पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है।
राज्य आयुष्मान योजना में बने गोल्डन कार्ड पर प्रदेश के अंदर पंजीकृत 174 सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा दी थी। अब नेशनल पोर्टेबिलिटी से इन्हें भी जोड़ दिया गया है। इसके बाद सभी गोल्डन धारकों को देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

अस्पतालों को मिलेगा ज्यादा प्रोत्साहन
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बॉयो साइंस एंड ह्यूमन (एनआईबीएच) से प्रमाणित सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने पर 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों को पहले से ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त इनसेंटिव दिया जाता है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि प्रदेश के सभी गोल्डन कार्ड धारक नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब कार्ड धारक मरीज प्रदेश के बाहर किसी भी पंजीकृत अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकते हैं। इसके लिए रेफर की व्यवस्था रहेगी।

जिला         गोल्डन कार्ड धारक
अल्मोड़ा           207807
बागेश्वर            89620
चमोली            155751
चंपावत            82730
देहरादून           821696
हरिद्वार             631623
नैनीताल         346406
पौड़ी            262848
पिथौरागढ़      159276
रुद्रप्रयाग         92702
टिहरी              259852
ऊधमसिंह नगर  609345
उत्तरकाशी      147043

उत्तराखण्ड में कोरोना की डबलिंग रेट में लगातार हो रहा सुधार

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मीडिया ब्रीफिंग कर कोविड-19 के संबंध में अपडेटेड स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों से उत्तराखण्ड लौटने के इच्छुक प्रवासियों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग 1 लाख 64 हजार लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। अभी तक 7300 लोगों को दूसरे राज्यों से लाया जा चुका है जबकि 8146 को राज्य के भीतर ही एक जिले से दूसरे जिले में भेजा गया है। जो भी उत्तराखण्ड लौटना चाहते हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा। थोड़ा संयम और धैर्य रखने की जरूरत है। तमाम तरह की सावधानियां बरतनी होती है। इसलिए एक साथ इकट्ठा सबको नहीं लाया जा सकता है। स्वास्थ्य परीक्षण, वाहनों की व्यवस्था, रूकने की व्यवस्था आदि बातें देखनी होती हैं। सरकार इस काम में दिन रात लगी है। पूरा काम सुनियोजित तरीके से किया जाना है। हरियाणा से 1500 लोगों को निजी वाहन से आने की अनुमति दी गई है। यहां बसें भी भेजी जाएंगी। उदयपुर व जम्मू से 400-400 लोगों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। गुजरात व महाराष्ट्र को सूचना दी गई है कि सूरत, अहमदाबाद व पुणे से लोगों को ट्रेन से लाया जाना है। हमारी रेल मंत्रालय से बात हो चुकी है। संबंधित राज्यों को भी रेल मंत्रालय से बात करनी है। उत्तराखण्ड के लोगों को ट्रेन से लाने में जो भी व्यय आएगा, उसका वहन उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया जाएगा। केरल के दो शहरों से भी लगभग 1000 लोगों को लाया जाना है। भारत सरकार द्वारा विदेशों से भारतीय नागरिकों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। इनमें उत्तराखण्ड का व्यक्ति होने पर विदेश मंत्रालय द्वारा हमें अवगत कराया जाएगा। इसके लिए हमने एसओपी तैयार कर ली है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले दो दिन से प्रदेश में कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है। वर्तमान में कुल पॉजिटिव केस 61 हैं, इनमें से 39 रिकवर हो चुके हैं जबकि 21 एक्टीव केस हैं। इनमें भी सभी की स्थिति सामान्य है। एक महिला जिसकी मृत्यु हुई है, उन्हें काफी क्रिटीकल हालत में एम्स ऋषिकेश में लाया गया था, बाद में जांच में इन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया। परंतु उनकी मृत्यु अन्य कारण से हुई है। अभी तक कुल 7784 टेस्ट की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें से 7723 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। प्रदेश में कोरोना मामलों के दोगुने होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है। आज के दिन हमारी डबलिंग रेट 47 दिन है। इस दृष्टि से हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। यहां के कुल कोराना पॉजिटिव मामलों में 85 प्रतिशत पुरूष हैं जबकि 15 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसमें भी अधिकांश युवा हैं। इसलिए हमारे यहां रिकवर होने की अधिक सम्भावना है। देश में भेजे गए सेम्पल के सापेक्ष पॉजिटिव केस 3.86 प्रतिशत है जबकि राज्य में यह 0.78 प्रतिशत है। हमारी मृत्यु दर भी राष्ट्रीय औसत से लगभग आधी है। हालांकि ये मृत्यु भी प्रत्यक्ष रूप से कोरोना से नहीं हुई है। अभी तक प्रदेश में कोरोना को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है। हमारे यहां कान्टेक्ट ट्रेसिंग भी प्रभावी तौर पर की गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 426 चिकित्सक ऐसे थे जिनका आयेग द्वारा वर्ष 2010 से 2015 के बीच चयन किया गया परंतु उन्होंने या तो जॉइन नहीं किया या परिवीक्षा अवधि पूरी नहीं की। ऐसे चिकित्सकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। अब हम इनकी जगह पर चिकित्सकों की नई भर्ती कर सकते हैं। हाल ही में 401 चिकित्सकों को नियुक्ति दी गई है। 467 पदों का अध्याचन भी चयन आयोग को भेजा जा रहा है। आयोग से चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट द्वारा 180 पदों को पुनर्जीवित किया गया था। इन पदों पर जल्द भर्ती कराई जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी तक जनता ने पूरा सहयोग किया है। लॉकडाउन-3 में भी हमें जिम्मेवारी का परिचय देना है। मास्क, सेनेटाईजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वर्तमान में दी गई शिथिलता चलती रहेगी। यदि अनुशासन बनाए रखा जाएगा तो और भी शिथिलता पर विचार किया जा सकता है। कोरोना संक्रमित होने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। 4479 उद्योगों को ऑनलाईन अनुमति दी गई है। इन्होंने काम भी शुरू कर दिया है। इनमें 1 लाख 66 हजार श्रमिक, कार्मिक संलग्न हैं। सड़क, रेल, एयरपोर्ट, भवन निर्माण आदि काम शुरू होने जा रहे हैं। इनकी आवश्यकता को देखते हुए खनन का काम भी शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को इसे प्राथमिकता से देखने को कहा गया है।
भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को लॉकडाउन में राहत देने के लिए दो किश्तों में 1-1 हजार, कुल दो हजार रूपए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। लगभग 1 लाख 98 हजार श्रमिक इससे लाभान्वित हुए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया में सरकार की तैयारियों के बारे में बहुत सी अफवाहें चलती रहती हैं। लोगों से अनुरोध है कि प्रामाणिक जानकारियों पर ही विश्वास करें। हम पूरी व्यवस्था कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, आईसीयू, वेंटीलेटर और बाईपैप मशीनों की हुई स्थापना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 8 जनपदों एवं देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में 73 आई०सी0यू0, 46 वेण्टीलेटर तथा 21 बाईपैप मशीनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में राज्य में जहां केवल 3 मेडिकल कालेजों में 62 आई०सी0यू0, 37 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें ही थीं। जबकि वर्तमान में कुल 251 आई0सी0यू0, 113 वेण्टीलेटर तथा 33 बाईपैप मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आगामी चार माह में राज्य में आई0सी0यू0 बैड्स की संख्या 525, वेण्टीलेटर की संख्या 363 तथा बाईपैप मशीनों की संख्या 52 किये जाने की योजना को धरातल पर लाने के लिये विशेष प्रयास किये जाएं, इसके लिए धनराशि की व्यवस्था करायी गई है। मुख्यमंत्री ने इस पर भी सन्तोष व्यक्त किया कि वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में मात्र 3 जनपदों में आई0सी0यू0 स्थापित थे वहीं अब राज्य के 11 जनपदों में आई0सी0यू0 की स्थापना पूर्ण हो चुकी है शेष 02 जनपदों अल्मोड़ा तथा बागेश्वर में भी अगले सप्ताह तक आई0सी0यू0 का संचालन प्रारम्भ हो जायेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जिन चिकित्सालयों में आई.सी.यू वेण्टीलेटर तथा बाईपैप मशीनों का लोकापर्ण किया उनमें मेला हास्पिटल हरिद्वार में 10 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें, संयुक्त चिकित्सालय, रूड़की में 10 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, बी.डी पांडे जिला चिकित्सालय, नैनीताल में 4 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, माधव आश्रम चिकित्सालय, रूद्रप्रयाग में 6 आई0सी0यू0, 4 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चमोली में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 5 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चम्पावत में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में 1 आई0सी0यू0, 2 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, जिला चिकित्सालय पौड़ी में 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन के साथ ही दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में 30 आई0सी0यू0, 28 वेण्टीलेटर तथा 3 बाईपैप मशीनों की स्थापना शामिल है।
इस अवसर पर कोविड-19 के दृष्टिगत उपचार हेतु की गई व्यवस्थाओं की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान में कोविड-19 के पोजिटिव मामलों के लिये 753 आइसोलेशन बेड सरकारी तथा 856 निजी अस्पतालों में की गई है, जबकि सस्पेकटेड कोविड-19 के लिये 745 बेड सरकारी तथा 2450 निजी अस्पतालों में की गई है। इसी के तहत 103 वेण्टीलेटर सरकारी तथा 189 वेण्टीलेटर निजी अस्पतालों में की गई है जबकि 136 आई0सी0यू बेड सरकारी तथा 498 आई0सी0यू0 की व्यवस्था निजी अस्पतालों में की गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सम्बन्धित चिकित्सालयों के चिकित्सकों से भी वार्ता कर उनकी समस्यायें सुनी तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, अपर सचिव युगल किशोर पंत, अरूणेन्द्र सिंह चैहान व महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती उपस्थित थीं।

नर्सिंग अफसर की रिपोर्ट पॉजीटिव, घर और आसपास की तीन गलियां डीएम के आदेश के बाद हुई सील

रविवार को एम्स की नर्सिंग अफसर में कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद अफसर का घर और करीब 100 मीटर का दायरा डीएम के आदेश पर पुलिस प्रशासन ने सैनिटाइज करने के बाद सील कर दिया है। बैरिकेडिंग लगाकर लोगों के आवागमन पर इस क्षेत्र में 14 दिन के लिए पाबंदी भी लगा दी गई है।

दरअसल रविवार को आवास विकास स्थित एक मकान में होम क्वारंटीन की गई नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डीएम ने घर और 100 मीटर का दायरा सील करने के आदेश जारी किए। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। जहां सबसे पहले क्षेत्र को सैनिटाइज करवाया गया। जिसके बाद बैरिकेडिंग लगाकर तीन गलियां सील कर दी गई। मौके पर पुलिस वाहन से मुनादी कर लोगों को क्षेत्र में आवागमन से संबंधित जानकारी दी गई। कोविड-19 की समन्वय अधिकारी आईएस अपूर्वा पांडे ने बताया कि क्षेत्र में 14 दिनों के लिए आवागमन पर पाबंदी लगाई गई है। मौके पर पुलिस टीम 24 घंटे तीनों बैरिकेडिंग पर तैनात रहेंगी। रोजमर्रा की जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान एसडीएम प्रेमलाल इंस्पेक्टर रितेश शाह आईडीपीएल चौकी प्रभारी चिंतामणि सब इंस्पेक्टर कुलदीप रावत आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से साधा संपर्क, स्पेशल ट्रेन से चलानेे की मांग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाने की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित राज्यों से समन्वय बनाते हुए सुनियोजित तरीके से सारी व्यवस्था की जाए। इसमें पूरी सावधानी के साथ व्यक्तिगत दूरी, मास्क, सेनेटाइजेशन आदि मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन लोगों को वापस लाया जाना है, कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत उनकी समुचित स्क्रीनिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही सारी कार्यवाही हो। राज्य में आने पर यदि होम क्वारेंटाईन किया जाता है तो यह भी सुनिश्चित किया जाए कि होम क्वारेंटाईन का सख्ती से पालन हो। इसके लिये आवश्यक होने पर ग्राम प्रधानों को कुछ अधिकार दिये जा सकते हैं।
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि अभी तक 87 हजार लोगों ने वापस आने के लिए अपना पंजीकरण कराया है। इनमें अधिकांश लोग पर्वतीय जिलों के हैं। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा भी उपस्थित रहे।

स्पेशल ट्रेन से वापस लाये जायेंगे उत्तराखंडी
उत्तराखण्ड से बाहर फंसे राज्य के लोगों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से विभिन्न मार्गो पर 12 स्पेशल ट्रेन चलाने का अनुरोध किया है। इनमें दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से हल्द्वानी, चंडीगढ़ से देहरादून, लखनऊ से देहरादून, लखनऊ से हल्द्वानी, जयपुर से देहरादून, जयपुर से हल्द्वानी, मुम्बई से देहरादून, मुम्बई से हल्द्वानी, भोपाल से देहरादून, बैंगलोर से देहरादून और अहमदाबाद से देहरादून के लिए अनुरोध किया गया है। राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाये जाने के संबंध में बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से बात कर यह अनुरोध किया है।

एम्स का स्टाफ अब अधिग्रहित होटलों में ठहराया जायेगा

ऋषिकेश एम्स में भर्ती कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत के बाद नगर निगम प्रशासन सहित जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। हालांकि महिला की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई है। शुक्रवार सुबह आनन फानन में मेयर अनिता ममगाईं ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और ताजा हालातों पर चर्चा की।
इस दौरान ऋषिकेश नगर निगम प्रशासन ने एम्स हॉस्पिटल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के रहने के लिए शहर के तमाम प्रमुख होटलों को अधिग्रहण करने का निर्णय लिया है। तेजी से बदल रहे हालातों को देखते हुए शहर के होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाए जाने की कवायद तेज कर दी गई है। शुक्रवार को बैठक में ऋषिकेश के होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण परिस्थितियां रोज बदल रही हैं। माना जा रहा कि आने वाले कुछ दिन और चुनौती भरे हैं। इनसे निपटने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लॉकडाउन के चलते पर्यटकों की आवाजाही रुकी हुई है। सभी होटल खाली हैं। प्रशासन अपनी तरफ से ज्यादा से ज्यादा क्वारंटीन सेंटर बनाकर उन्हें आरक्षित रखना चाहता है। निगम आज से ही इन होटल को सैनिटाइजेशन करने का कार्य शुरू कर देगा।
बैठक में नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल, उपजिलाधिकारी प्रेमलाल, आईएएस अधिकारी अपूर्वा पांडेय, पुलिस उपाधीक्षक वीरेंद्र रावत, तहसीलदार रेखा आर्य, कोतवाली प्रभारी रितेश शाह, मौजूद थे।

एम्स कर्मियों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच शुरू
टिहरी जिले में कोरोना संक्रमण के प्रवेश को रोकने के लिए सीआरटी (सिटी रिस्पांस टीम) ने एम्स कर्मियों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच शुरू कर दी है। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग और सामान्य परीक्षण किए जा रहे हैं। इस दौरान सभी को होम क्वारंटीन रहने के विशेष निर्देश भी दिए गए। बीते दिनों सीआरटी की टीम ने ढालवाला, मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र से एम्स में कार्य करने वाले 40 कर्मियों को चिह्नित किया था।
तहसीलदार मंजू राजपूत के नेतृत्व में सीआरटी ने इन एम्स कर्मियों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच शुरू की। स्वास्थ्य विभाग फकोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जगदीश जोशी ने बताया कि निश्चित अंतराल पर लगातार इन सभी के स्वास्थ्य की पुनरू जांच की जाएगी। पालिका के अधिशासी अधिकारी और सीआरटी के नोडल अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि होम क्वारंटीन के दौरान केवल एम्स में कार्यरत कर्मी ही घर से बाहर ड्यूटी के लिए आवाजाही कर सकेगा। इस मौके पर सीआरटी के प्रभारी रूपेश भट्ट, अनूप सकलानी, जाबिर अली, विकास सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

एम्स में भर्ती महिला की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में भर्ती हल्द्वानी, नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की शुक्रवार तड़के ब्रेन हैमरेज के कारण मौत हो गई। हालांकि पांच दिन पहले कराई गई कोरोना वायसर जांच में महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। मगर एम्स प्रशासन ने ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से गंभीर रूप ग्रसित महिला की मौत की वजह ब्रेन ब्लीड बताई है। इस दौरान महिला की मौत के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
महिला की मौत को कोरोना की वजह से प्रदेश में पहली मौत की तरह प्रसारित किया जाने लगा। आखिरकार एम्स प्रशासन ने सामने आकर महिला की मौत का कारण स्पष्ट किया। शुक्रवार को यहां जारी मेडिकल बुलेटिन में एम्स प्रशासन ने हल्द्वानी, नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की मौत की पुष्टि की है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि बीते माह 22 अप्रैल को ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी से ग्रसित इस महिला को एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। महिला की 27 अप्रैल को कोरोना वायरस की जांच भी की गई थी, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई। उन्होंने बताया कि उक्त महिला की शुक्रवार सुबह मृत्यु हो गई है। निदेशक एम्स ने महिला की मौत की वजह ब्रेन ब्लिड की समस्या से होना बताया है। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप की वजह से इस महिला के ब्रेन के ऐसे हिस्से में जहां पर शरीर का सारा सिस्टम कंट्रोल होता है, वहां पर स्ट्रोक की वजह से ब्रेन ब्लिड की समस्या थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि हालांकि महिला कोरोना पॉजिटिव थी, मगर उसे सबसे बड़ी समस्या अत्यधिक ब्लड प्रेशर के कारण ब्लिडिंग थी, साथ ही महिला को निमोनिया व यूरिन इंफेक्शन भी था, गंभीर बीमारियों और अधिक उम्र की वजह से शुक्रवार को उसकी मृत्यु हो गई।

एम्स से पहले नैनीताल और फिर बरेली में भर्ती रही थी महिला
एम्स ऋषिकेश के संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि नैनीताल निवासी 56 वर्षीया महिला बीती 22 अप्रैल को एम्स में भर्ती हुई थी। जिसे ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत थी। यह महिला नैनीताल में पहले बृजलाल अस्पताल फिर स्वामी विवेकानंद अस्पताल में भर्ती थी, जहां इसका स्ट्रोक का उपचार चल रहा था। वहां से महिला श्रीराम मूर्ति हॉस्पिटल बरेली रेफर किया गया था। श्रीराममूर्ति अस्पताल से महिला 22 को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया था।
उन्होंने बताया कि उक्त दोनों अस्पतालों से प्राप्त रिपोर्ट में महिला रोगी का कोरोना का टेस्ट भी हुआ था, लेकिन वहा महिला की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। एम्स में भर्ती इस महिला को 27 अप्रैल को फीवर आया था, जिसके कारण इसका संस्थान में कोरोना का टेस्ट किया गया। जिसकी रिपोर्ट बीते मंगलवार पॉजिटिव आई थी।

प्राइमरी कांट्रेक्ट में आए सभी लोगों होंगे क्वारंटीन
एम्स में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिला के प्राइमरी कांटेक्ट में आए लोगों की जांच चल रही है। स्वामी विवेकानंद अस्पताल नैनीताल व श्रीराममूर्ति अस्पताल बरेली में इस महिला के संपर्क में करीब 50 लोग आए थे। बताया कि इस बाबत महिला जिन अस्पतालों में भर्ती रही है, वहां भी इसकी जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि संस्थान में इस महिला के प्राइमरी व सेकेंड्री कांटेक्ट में आए करीब 70 से 80 स्टाफ को क्वारंटीन किया गया है।

अन्य बीमारियों का भी किया जा रहा इलाज
एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि एम्स संस्थान लगातार सभी तरह के गंभीर रोगियों के इलाज में जुटा हुआ है। चाहे मरीज कोरोना पॉजिटिव, कोरोना निगेटिव अथवा किसी भी अन्य तरह की बीमारी से ग्रसित हो। उन्होंने बताया कि संस्थान में सभी तरह के सुरक्षात्मक उपाय बरते जा रहे हैं। ऐसा नही है कि एम्स में कोरोना पॉजिटिव केस आ गए हैं तो अन्य बीमारियों का इलाज बंद कर दिया गया हो।

14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किये गये पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके परिवार के सदस्य

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नई दिल्ली से लौटे उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात और उनके परिवार को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया है। कल शाम को ही पूर्व कैबिनेट मंत्री परिवार समेत नई दिल्ली से लौटे हैं। विभाग ने सभी के स्वास्थ्य की जांच भी की है। बीते बृहस्पतिवार सुबह ही नवप्रभात अपनी पत्नी रुपा शर्मा समेत अपनी नातिनों को लेने के लिए दिल्ली गए थे।
उनकी बेटी बानी शर्मा और दामाद राहुल चैधरी नई दिल्ली स्थित आरके पुरम में रहते हैं। उनके दामाद नई दिल्ली में आईपीएस अधिकारी हैं। बृहस्पतिवार की शाम को ही वह अपनी नातिनों को लेकर वापस विकासनगर लौट आए। घर लौटने के बाद उन्होंने सरकारी की गाइडलाइन के अनुसार इसकी जानकारी विकासनगर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर पहुंचकर सभी की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया। उन्होंने 14 दिन घर में ही रहने संबंधित एक शपथ पत्र विकासनगर कोतवाली में भी दिया है। अपर स्वास्थ्य निदेशक उप जिला अस्पताल विकासनगर डॉ. केके शर्मा ने बताया कि पूरा परिवार स्वस्थ मिला है। ट्रैवल हिस्ट्री को देखते हुए पूर्व मंत्री को परिवार समेत होम क्वारंटीन किया गया है। इस दौरान डॉक्टरों की टीम लगातार उनके और उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करती रहेगी।

नवप्रभात के बयान की मुन्ना ने की निंदा
क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चैहान ने पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के दिल्ली में फंसे छात्रों को लेने के लिए बस भेजने संबंधित बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया है। विधायक ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री के बयान से दिल्ली में फंसे छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा होगी। उनके बीच अफरातफरी भी मच सकती है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व कैबिनेट मंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन महज राजनीतिक बढ़त के लिए इस तरह के बयान देना उनके गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।