डीएम ने ऋषिकेश सहित अन्य कन्टेंमेंट जोन को प्रतिबंध से किया बाहर

जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में शेष 4 कन्टेमेंट जोन में 2 से 3 चरण का एक्टिव सर्विलांस का कार्य पूर्ण हो चुका है। 14 दिन के एक्टिव सर्विलांस कार्य के दौरान उक्त क्षेत्रों में अन्य कोई कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति चिन्हित न होने के फलस्वरूप स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त क्षेत्रों को कन्टेंमेंट जोन से मुक्त करने हेतु की गयी। संस्तुति के फलस्वरूप नगर निगम देहरादून क्षेत्रान्तर्गत कन्टेंमेंट जोन चमन विहार, लेन नम्बर 11 तथा नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत कन्टेंमेंट जोन बीस बीघा कालोनी गली न0 3, शिवा एन्कलेव वार्ड नम्बर 24 एवं आवास विकास वार्ड नम्बर 25 को कन्टेंमेंट जोन से मुक्त घोषित कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि हमारे द्वारा लगातार जनता को अकारण हो रही परेशानी व कोविड 19 को दृष्टिगत रखते हुये प्रतिबन्धित की तिथि बीत जाने के बाद भी जिले के कन्टेनमेंट जोन क्षेत्र को मुक्त न किये जाने को लेकर समाचार प्रकाशित कर डीएम का ध्यान आकर्षित किया था, जिस पर आज इन जोन में चल रहे प्रतिबन्धों को हटाकर मुक्त कर दिया गया।

गांव में बनाये जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों की साफ-सफाई के लिए 5-5 हजार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्राम स्तर पर कार्यरत प्रधानों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाए। मुख्यमंत्री, वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क, सेनेटाईजेशन, फिजीकल डिस्टेंस आदि बातों को लेकर निरंतर लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया व समाज के अन्य प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कायम रखें। जो लोग भी उत्तराखण्ड आना चाहते हैं, उन्हें लाया जाना है। बाहर से घर लौटने वाले लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से सशक्त भी रखना है और उन्हें व्यस्त भी रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बनाए जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों की उचित साफ सफाई के लिए ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों को एनएचएम से 5-5 हजार रूपए दिए जा रहे हैं।
प्रधान, ग्रामीण समाज का महत्वपूर्ण अंग होते हैं। इसे देखते हुए प्रधानों को जिम्मेदारी दी गई है। परंतु इसका मतलब ये नहीं है कि उन्हें अकेले इस काम को देखना है। ग्राम स्तर के प्रशासनिक कर्मचारियों को उनके नेतृत्व में काम करना है। प्रधानों का जो भी व्यय होता है, उसकी प्रतिपूर्ति प्राथमिकता से की जाए।
मुख्यमत्री ने कहा कि इन दिनों में पॉजिटिव केस पहले की अपेक्षा अधिक बढ़े है, परंतु हमारी तैयारी बेहतर है। पेशेन्ट केयर का हमारा रिकार्ड बेहतर रहा है। अभी तक बेहतर तरीके से जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। अब नई चुनौती आई है। इस चुनौती पर व्यावहारिकता और कुशलता के साथ खरा उतरना है। कोरोना से लम्बी लड़ाई है। इसके लिए हमें मनोवैज्ञानिक रूप से भी तैयार रहना है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग लें। हर वार्ड में चार-पांच लोगों की एक टीम हो। लोगों की आजीविका के लिए भी योजनाओं पर काम करना है। किसानों को बीज उपलब्ध करवाए जाएं। इसी प्रकार केंद्र व राज्य सरकार ने जो योजनाएं घोषित की हैं, उनसे लोग, लाभान्वित हों, यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि जो भी लोग बाहर से अपने घरों को आ रहे हैं, उन पर सतत निगरानी रखनी है। इसमें जिलाधिकारी ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों का उपयोग करें। आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जरूरी जांच की जाएं। एक-एक केस को ट्रेस करना है। और उनका हेल्थ चैकअप किया जाए। बीआरटी को सक्रिय रखा जाए। कॉल सेंटर के माध्यम से भी आने वाले लोगों से लगातार सम्पर्क रखा जाता है। रेड जोन से आने वालों को इंन्स्टीट्यूशनल क्वारेंटाईन में रखा जाना है। अच्छी प्रतिष्ठा वाले एनजीओ का भी सहयोग लिया जा सकता है। जिस प्रकार गांवों में प्रधानों का सहयोग लिया जा रहा है, उसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को भी अधिकृत किया जाएगा। पार्षदों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जानी है। हमें लोगों का समझाना भी है और जो न समझे उस पर कार्रवाई की जानी है।
सचिव स्वास्थ्य, नीतेश झा ने प्रदेश में कोविड-19 की अपडेटेड स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि बाहर से लोगों के आने के बाद पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। अभी तक 120 पॉजिटिव केस हो चुके हैं, इनमें से 53 रिकवर हो चुके हैं। 66 एक्टीव केस हैं। अभी जितने भी केस हैं, उनमें कोई भी गम्भीर नहीं है। उन्होंने बताया कि हमारे पास आईसीयू बैड, वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन 95 मास्क, अस्पताल/फेसिलिटी सेंटर की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था है।
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि प्रदेश में वापस आने के लिए अभी तक 2 लाख 33 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। लगभग 1 लाख 29 हजार लोग वापस आ चुके हैं। अभी तक 10 ट्रेनें आ चुकी हैं। और 2 ट्रेनें मार्ग में हैं। निर्धारित एसओपी के अनुसार सारी चेकिंग की प्रक्रिया की जाती है। जिलाधिकारियों को आने वाले लोगों का पूरा विवरण उपलब्ध करवाया जाता है।

जांच की मांग करने से आरोप लगाने वाले लोगों की खुलेगी पोलः रमेश भटट

एक समाचार पत्र में एक खबर आने के बाद और फिर कुछ सोशल मीडिया साइडों में उत्तराखंड मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भटट के खिलाफ एक समाचार प्रचारित किया जा रहा है। जो प्रमुख रुप से जमीन से जुड़ा मामला है। इसमें रमेश भटट को जिस प्रकार से खलनायक बनाया जा रहा है। उससे मीडिया जगत के लोग भी हैरान हो गये है।
वहीं, रमेश भटट ने सोशल मीडिया में सार्वजनिक रुप से मामले की जांच करने मांग की है। उन्होंने कहा है कि समाचार भ्रामक और असत्य है। उन्होंने सभी मीडिया जगत को जांच करने और जांच पूरी ना होने तक एक पूर्व मीडियाकर्मी होने के नाते सत्य का साथ देने की वकालत की है।
बरहाल इन सबके बीच उनकी सोशल मीडिया की पोस्ट पर कई मीडियाकर्मियों के पोस्ट पढ़ने को मिले है। अधिकत्तर लोगों ने आरोप लगाने वालों को ही कटघरे में खड़ा किया है। पोस्ट में एक यूजर ने लिखा है कि हल्द्वानी निवासी जानते है कि जमीन पर अवैध कब्जे किस आदमी के है? उन्होंने लिखा है कि अपने स्वार्थ के लिए ऐसे ही किसी पर आरोप नही लगाने चाहिये।
वहीं, दूसरा यूजर लिख रहा है कि आय से अधिक के मामले वाले अब दूसरों पर आरोप लगाने लगे हैं। एक अन्य यूजर लिख रहा है कि बेनामी संपत्ति का खेल खेलने वाले अब दूसरों पर आरोप लगाने लगा रहे है? एक अन्य यूजर ने रमेश भटट को टारगेट करने के पीछे का कारण राजनीतिक बताया है। उसने लिखा है कि लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर एक युवा को जनसेवा की जिम्मेदारी मिली और वह उस पर खरा भी उतर रहा है। इसी की बदौलत लोग उसे भविष्य में भीमताल के विधायक के रुप में देख रहे है। इस लिए उन्हें एक विशेष तबके के द्वारा शिकार बनाया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा है कि तो दर्जनों मुकदमें किस पर दर्ज है। वह कैसे दूसरे पर आरोप लगा सकता है?
वही हमने रमेश भटट से बात करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नही उठा। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने सरकार के मुखिया से जाँच के लिए निवेदन किया है। जिसमें जाँच होने के बाद भूमाफिया का सत्य उजागर होने की बात कही जा रही है। साथ ही उनके द्वारा कुछ बिंदुओं पर भी जाँच की माँग की गई है?

मीडिया सलाहकार रमेश भटट की फेसबुक पोस्ट को पाठकों के लिए अक्षरतः लिखा गया है-
सोशल मीडिया में, कुछ न्यूज पोर्टल में मुझसे जुड़ा एक समाचार तैर रहा है। उसके बारे में बाद में बताऊंगा, पहले स्पष्ट कर दूं कि यह समाचार असत्य है, भ्रामक हैं और इसका सच्चाई से कुछ भी लेना देना नहीं है। किसी पर आरोप लगाकर किसी व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा कुछ समय के लिए प्रभावित की जा सकती है, लेकिन सत्य, सत्य होता है। आरोप लगाना और प्रमाणित करना दोनों में जमीन आसमान का अंतर है।
मैं एक स्वच्छ छवि के राजनेता की टीम का सदस्य हूं और अपनी व्यक्तिगत तथा सामाजिक जिम्मेदारियों को बखघ्बी जानता हूं। खबरों में मुझ पर जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया गया है। मेरे जानने वाले मित्रों, शुभचिंतकों के लिए यह हास्यास्पद के अतिरिक्त कुछ नहीं है। मैं सामान्य पृष्ठभूमि से आता हूं, आरोप लगाने वाले सज्जनों की पृष्ठभूमि भी खंगाल ली जानी चाहिए कि कौन इन कृत्यों का पेशेवर और माहिर हैं, किन पर गैरकानूनी कब्जे, सैंकड़ों मुकदमे,आय से अधिक के साथ साथ बेनामी संपत्ति के आरोप हैं।
मेरा अपने सभी मित्रों से विशेषकर मीडिया के मित्रों से एक मूलतः मीडियाकर्मी होने के नाते अनुरोध है। पूरे प्रकरण में सच्चाई का साथ दें। आरोप लगाने वाले सज्जनों का आभार प्रकट करूंगा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुझे परीक्षण हेतु चुना। दूध का दूध और पानी का पानी होने तक प्रतीक्षा करें, मैंने स्वयं जांच का अनुरोध किया है। जाँच जारी है।

देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक और राधे बने महासचिव

लाॅकडाउन से एक ओर पूरा विश्व आर्थिक तंगी की ओर बढ़ रहा है। वहीं तीर्थनगरी में इसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे है। अपने अधिकारों को लेकर ऋषिकेश के रेस्टोरेंट मालिक और संचालक एक मंच पर आ गये है। इन्होंने देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के नाम से अपनी यूनियन का गठन कर लिया है।
जिसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी विवेक तिवारी, तिवारी शुद्ध भोजनालय को दी गई है। यह शहर का प्रतिष्ठित और पुराना रेस्टोरेंट है। जिये शहरवासी तिवारी कैंटी के नाम से भी जानते है। वहीं महासचिव की जिम्मेदारी राधे साहनी, मद्रास होटल को दी गई है। यह शहर का साउथ इडियन रेस्टोरंट है जिसे नगर के ही नही विदेशी भी काफी पंसद करते है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी विपुल चुघ, स्नैक्स प्वाइंट को दी गई है।
यूनियन के गठन के बाद पदाधिकारियों ने बताया कि जल्द ही अन्य पदों पर भी जिम्मेदारी दी जायेगी। रेस्टोरेंट और होटल को इस समय काफी नुकसान हुआ है। लाॅकडाउन ने हमें सिखाया है कि हमें एकजुट होकर इससे जूझना है। हम सबकी समस्याऐं लगभग एक जैसी है। लाॅकडाउन के कारण हमने रेस्टोरेंट के संचालन में कुछ फेरबदल भी किये है। होम डिलीवरी को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, नगर के व्यापारियों ने रेस्टोरेंट मालिको और संचालकों की यूनियन बनने से खुशी जाहिर की है।

लॉकडाउन-4ः शाम चार से सुबह सात बजे तक होगी सख्ती, अधिकतम पांच लोगों के साथ खोल सकेंगे सैलून

देहरादून जनपद में बुधवार से जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने लॉकडाउन चार के लिए नई व्यवस्था लागू की है। जनपद में बुधवार से सैलून, स्पा एवं पार्लर खुलेंगे। इन दुकानों में उस्तरा सहित सभी उपकरण को एक आदमी के प्रयोग के बाद सैनिटाइल करना होगा। इसके अलावा दुकान के अंदर एक समय में अधिकतम पांच व्यक्ति (दो स्टॉफ, तीन उपभोक्ता) ही मौजूद रहेंगे।

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी रेस्टोरेंट को बंद रखने को कहा है, लेकिन होम डिलीवरी की सुविधा दी जाएगी। सभी व्यावसायिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों से संबंधित प्रतिष्ठान सुबह सात से शाम चार बजे तक ही सेवाएं दे सकेंगे। केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी कार्यालय, उपक्रमण, निगम, बैंक आदि भी खुलेंगे।

ये सभी कार्यालय समूह क एवं ख के अधिकारी 100 प्रतिशत तथा समूह ग व घ के कर्मचारी 33 प्रतिशत (आवश्यक सेवाओं से जुड़े हुए कार्मिकों को छोड़कर) के साथ खुले रहेंगे, शेष कार्मिक घर से काम करेंगे। सभी कार्यालयों में केवल सरकारी कार्य ही होंगे। जनता का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

निजी कार्यालय में 33 प्रतिशत कार्मिक
अगर किसी व्यक्ति का कोई जरूरी कार्य है तो वह ई-मेल, फैक्स अथवा कार्यालय के बाहर लगे ड्रॉप बॉक्स के जरिये पत्राचार कर सकता है। वहीं, कर्मचारियों को इस तरह से रवाना किया जाए, जिससे एक साथ अधिक भीड़ एकत्र न हो सके। वहीं, निजी कार्यालय भी 33 प्रतिशत कार्मिकों के साथ सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक ही खोले जा सकेंगे।

निर्माण कार्यों में मिलेगी छूट

डीएम ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों में छूट रहेगी। वहीं, विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किए गए नक्शे वाले निजी निर्माण कार्य में भी छूट रहेगी। 

पास जारी होने के बाद हो सकेगा विवाह समारोह एवं अंतिम संस्कार

डीएम ने बताया कि विवाह समारोह एवं अंतिम संस्कार के लिए संबंधित एसडीएम, थानाध्यक्ष से पास लेना होगा। बताया कि केंद्र सरकार की ओर से इसके दिशा निर्देश दिए गए हैं।

इस समय पर रहेगी सख्ती

डीएम के मुताबिक शाम चार से सुबह सात बजे तक सख्ती रहेगी। इस दौरान आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान अगर कोई भी लॉकडाउन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ये सेवाएं रहेंगी प्रतिबंधित

– जिम, पंचकर्म एवं क्लब की दुकानें बंद रहेंगी।
– सभी शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान आदि।
– होटल एवं आतिथ्य सेवाओं से संबंधित गतिविधियां।
– सभी सिनेमा हॉल, मॉल, व्यायामशाला, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं ऑडोटोरियम, असेंबली हॉल।
– दुकानो-निजी कार्यालयों-प्रतिष्ठानों में सेंट्रलाइज्ड एसी का प्रयोग वर्जित रहेगा।
– सभी सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्य।
– सभी धार्मिक स्थलध्पूजा स्थल जनता के लिए प्रतिबंधित रहेंगे। धार्मिक समारोह नहीं होंगे।
– सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा, पान गुटखा, तंबाकू का सेवन भी प्रतिबंधित।

50 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ खुलेंगे सार्वजनिक परिवहन

राज्य सरकार ने ऑरेंज और ग्रीन जोन वाले जिलों में वाहनों को आधी क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दे दी है। परिवहन विभाग इसके लिए जल्द ही एसओपी जारी करने वाला है। किसी जिले के रेड जोन में आने की स्थिति में वहां सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से बंद रहेगा। जबकि इंटर स्टेट परिवहन सामान्य तौर पर प्रतिबंधित है, लेकिन राज्यों की आपसी सहमति के आधार पर प्रवासियों को लाने के लिए बसें चलाई जा सकेंगी।
अभी प्रदेश में कोई भी जिला रेड जोन में नहीं होने से पूरे प्रदेश में बसों सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन का संचालन करने का निर्णय ले लिया गया है। एक जिले से दूसरे जिले के बीच बसों के संचालन से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि वाहन की क्षमता से आधी सवारी को ही लेकर जाया जा सकेगा।
राज्य सरकार ने इंटर स्टेट परिवहन के संचालन को भी सहमति दी है, जिसके लिए नोडल अधिकारी, मंडलायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया है कि सार्वजनिक परिवहन की एसओपी (स्टेंडर्ड ऑपरेंटिंग प्रोसिजर) तैयार कर लें, जिसके बाद संचालन शुरू हो सकेगा। संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पूरी तरह से पालन होगा।
इस नियम का करना होगा पालन
उत्तराखंड में लॉकडाउन-4 में अब वाहनों का संचालन होने लगेगा। लेकिन अधिक आबादी वाले आठ शहरों में निजी वाहनों का संचालन ऑड-ईवन नंबर प्लेट के हिसाब से होगा। एक दिन ऑड नंबर और दूसरे दिन ईवन नंबर के चैपहिया वाहन चलाएं जा सकते हैं। वहीं, दोपहिया वाहन सभी दिन चल सकेंगे। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, हरिद्वार, कोटद्वार, रुड़की, ऋषिकेश में सरकार ने सड़कों पर वाहनों की सीमित संख्या रखने के लिए ऑड-ईवन की व्यवस्था बनाई है। जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसके बाद यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। यह व्यवस्था प्राइवेट वाहनों के लिए रहेगी।

महाराष्ट्र के होटल में कार्यरत ऋषिकेश के युवक में कोरोना की पुष्टि

ऋषिकेश के आशुतोष नगर में कोरोना पॉजीटिव का नया मामला सामने आया है। कुछ दिन पूर्व ही महाराष्ट्र से ऋषिकेश पहुंचे युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। एम्स प्रशासन और अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने युवक में कोरोना पॉजीटिव की पुष्टि की है।

एम्स प्रशासन के अनुसार, युवक पिछले पांच से छह साल से महाराष्ट्र में एक होटल में करता था। होटल के कई लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह हाल ही में ऋषिकेश वापस लौट आया था। वह तभी से अपने घर में क्वारंटीन था।

शनिवार को वह एम्स में स्क्रीनिंग के लिए आया था। उस दौरान उसमें कुछ लक्षण पाए जाने पर युवक का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। युवक को कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।

जिलेवार कोरोना संक्रमण की स्थिति
जनपद          संक्रमित     ठीक हुए मरीज
देहरादून          45           28
हरिद्वार           07           07
नैनीताल          14           10
ऊधमसिंह नगर   18           05
उत्तरकाशी        01          –
अल्मोड़ा          02           01
पौड़ी             02           01

जुबिन नौटियाल का यह गीत है काफी चर्चा में, जिसे लिखा एसपी क्राइम देहरादून ने..

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में एसपी क्राइम देहरादून लोकजीत सिंह द्वारा लिखित गीत ’जज्बा‘ का विमोचन किया। यह गीत प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने गाया है, जबकि अक्षय एवं राहुल इस गीत के एडिटर हैं। कोविड-19 में उत्तराखंड पुलिस किस तरह लोगों को कोरोना से बचाव के लिए प्रयास कर रही है एवं जरूरतमंदो की हरसंभव सहयोग कर रही है। कोरोना संक्रमण में पुलिस रात-दिन अपनी ड्यूटी के फर्ज के साथ ही सेवा भाव से कार्य कर रही है, यह इस गीत के माध्यम से दिखाया गया है। गीत में प्रत्येक पुलिसकर्मी की फर्ज के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस इस कठिन समय में अपनी ड्यूटी के साथ ही समाज सेवा भी पूरे मनोयोग से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के इस संकट के समय में पुलिस, स्वास्थ्य एवं सफाई कर्मी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

अब स्पेशल ट्रेनों से लाये जा रहे प्रवासी उत्तराखंडीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज सुबह 4 बजे गुजरात के सूरत से काठगोदाम के लिए एक ट्रेन चलेगी। इसी तरह 12 मई को दूसरी ट्रेन सूरत से हरिद्वार के लिए चलेगी, इसका अभी समय तय नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने ट्रेनों के संचालन के लिए रेलमंत्री पीयूष गोयल का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काठगोदाम आने वाली ट्रेन में कुमाऊं मंडल के लोग आएंगे, जबकि 12 मई को सूरत से आने वाली ट्रेन में गढ़वाल मंडल के लोगों को लाया जाएगा। हरिद्वार आने वाली ट्रेन का समय जल्द निर्धारित हो जाएगा। अन्य राज्यों से लौट रहे प्रवासियों को लाने की सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश भाई पटेल, गोपाल गोस्वामी और राहुल शर्मा का धन्यवाद करना चाहता हूं। इन लोगों ने उत्तराखंड वासियों की लिए तमाम व्यवस्थाएं की हैं। फंसे हुए लोगों को खाना खिलाने का इंतजाम भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के जितने भी प्रवासी लौट रहे हैं, वह गांव में आकर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तय मानकों का पालन करें। पंचायत प्रधान होम क्वारंटीन किए जाने वालों की पूरी निगरानी करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि कोरोना रोकथाम के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क पहनें और नियमित हाथ धोयें, इससे संक्रमण से बचा जा सकता है।

हरिद्वार में तैयारी शुरु
दूर दराज के प्रदेशों से प्रवासी लोगों को ट्रेनों से लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। उनके लिए व्यवस्था जुटाने, स्वास्थ्य जांच करने, गंतव्य तक पहुंचाने, ठहरने आदि के लिए हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने समिति बनाकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। हालांकि अभी ट्रेन के संचालन का समय, तिथि निर्धारित नहीं है। सबसे अहम बात यह होगी कि संक्रमण के फैलने की संभावना को रोकने को पूरे इंतजाम करने होंगे।
जिलाधिकारी सी रविशंकर और एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने भी रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से आवाजाही के बारे में चर्चा की। विभिन्न प्रदेशों में फंसे उत्तराखंड के प्रवासी लोग प्रथम चरण में ट्रेनों से अहमदाबाद, सूरत, से हरिद्वार पहुंचेंगे। इसमें प्रत्येक ट्रिप में करीब 1000 से 1200 लोगों के पहुंचने की संभावना है।

लाॅकडाउन में आपसी रंजिस भारी पड़ी मासूम पर, मौत

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी में सात माह के मासूम बच्चे की मौत हो गई। मासूम के पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दो पक्षों के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, शिवाजी नगर गली नंबर 38 निवासी विजय पुत्र महेश चंद शर्मा ने कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि बीते शुक्रवार की रात करीब आठ बजे शिवाजी नगर की गली नंबर 36 में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश के तहत पत्थरबाजी चल रही थी। उस वक्त उनकी पत्नी अपनी गोद में सात माह के बच्चे को लेकर मार्ग से गुजर रही थी। इसी दौरान एक पत्थर गोद में बच्चे के लग गया। आननफानन में वह बच्चे को लेकर राजकीय चिकित्सालय गए। यहां चिकित्सकों ने बच्चे को जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया। जौलीग्रांट अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं, पुलिस ने तहरीर के आधार पर राजेंद्र पुत्र जगपाल निवासी गली नंबर 38 शिवाजी नगर, कुशाल व राहुल दोनों पुत्र संजय निवासी बापू ग्राम गली नंबर एक आईडीपीएल और रोहित उर्फ राजा पुत्र राजेंद्र निवासी बी ब्लॉक जहांगीरपुरी दिल्ली के खिलाफ गैर इरादातन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।