असहाय की मदद को रायवाला पुलिस आई आगे, दिया तीन हफ्ते का राशन

थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी ने बताया कि बीते गुरूवार की रात्रि छिद्दरवाला निवासी दीपक कुमार ने थाने पर फोन कर बताया कि उनका परिवार निर्धन है, पत्नी गर्भवती है और पिताजी भी आंखों से देख नहीं पाते है। उन्होंने बताया कि खाने के लिये भी कुछ नहीं है। इस पर थानाध्यक्ष ने वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रेम सिंह नेगी को उक्त युवक के परिवार की मदद करने को कहा गया। इस पर एसएसआई ने रात्रि में ही दिए पते पर जाकर तीन सप्ताह का राशन उपलब्ध कराया।

राहगीरों को रोककर लंच पैकेट बांट रही रायवाला पुलिस
कोरोना वायरस की स्थिति में लॉक-डाऊन के दौरान थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वालों को लंच पैकेट व आवश्यक सामग्री वितरित की गयी। इसके अलावा थाने पर हाथ धुलवाकर व सेनेटाइज करवाकर खाना खिलाया गया। इसके बाद सभी को अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना किया गया।

अधिक दाम वसूलने पर आढ़ती का थोक लाइसेंस निरस्त किया

कृषि उत्पादन मंडी समिति में तोता राम एंड संस नाम की दुकान पर फुटकर में सब्जी बेची जा रही है। यह जानकारी मिलते ही मंडी समिति के अध्यक्ष विनोद कुकरेती ने आढ़ती का थोक लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
यह जानकारी देते हुए मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती ने बताया कि तोताराम एंड संस के मालिक के पास केवल थोक में फल और सब्जियां बेचने का लाइसेंस है। मगर लगातार सूचना मिल रही थी कि मालिक रिटेल में महंगे दामों पर फल और सब्जी बेच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तोताराम एंड संस के मालिक को थोक में बेचने के लिए जारी किया गया लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। बताया यदि और किसी आढ़ती की इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ भी यही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कृषि उत्पादन मंडी समिति के अंदर फल और सब्जियों के थोक रेट की लिस्ट भी जारी की है।

ऋषिकेश निगम ने एक-एक मीटर की दूरी पर मार्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग कराई

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से चल रहे लॉकडाउन के दौरान नगर निगम प्रशासन ने संपूर्ण शहर को सैनिटाइजेशन करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। बृहस्पतिवार को भी दिनभर निगम के तमाम सफाईकर्मी नगर के विभिन्न क्षेत्रों में.स्चच्छता की मुहिम में जुटे रहे। इसके अलावा सोशल डिस्टेसिंग के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के समय दुकानों में उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने की दिशा में निगम प्रशासन ने समुचित उपाय किये। इस कड़ी में किराना व सब्जी की दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का अनुपालन करने के लिए दुकान के बाहर कम से कम एक-एक मीटर की दूरी पर ग्राहकों के खड़े होने के लिए स्थान चिह्न्ति करवाया गया है। इसका बेहतर परिणाम भी वृहस्पतिवार को देखने को मिला और बुधवार के मुकाबले आज लोग अधिक सजग और जागरूक नजर आये।
नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सुबह सात से 10 बजे तक दी जा रही ढील के दौरान किराना और फल-सब्जी की दुकानों में लोग झुंड बनाकर खड़े हो रहे थे। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पा रही, जो कि कोरोना की रोकथाम को आवश्यक है। भीड़ को व्यवस्थित करने और संक्रमण का फैलाव रोकने के मद्देनजर दुकानों के बाहर ग्राहकों के खड़े होने को एक-एक मीटर की दूरी पर जगह मार्क कराई गई थी। इस पर अमल भी शुरू हो गया। इसके सार्थक नतीजे देखने को मिल रहे हैं। महापौर ममगाई ने कोरोना संकट संकट की घड़ी में शहरवासियों से शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन की अपील भी की।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण पहले स्टेज में, सावधानी बरतने की जरुरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देर सांय वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की अद्यतन स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गेहूँ की आटा मिलें चलती रहें, ये सुनिश्चित कर लिया जाए। पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाईन कराया जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों जिनकी रिपोर्ट लम्बित है, को सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाईन किया जाए। इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। जिलाधिकारी इनको क्रास चेक करा लें। जिलों में होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करें। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है। कोई छोटी से छोटी कोताही भी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून व हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते हैं, इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी 5 एकङ भूमि चयनित कर लें। जिन भी सीएमओ व अन्य अधिकारियों के नम्बर सार्वजनिक कर रहे हैं उन्हें सहायक भी दे दे। छोटी आटा चक्कियो को चलने दे। थोक सप्लाई को न रोके। दुकानों पर रेट लिस्ट अवश्य लगें। फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फेक्ट्री चलती रहें। कल मार्केट आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कम समय होने पर भीङ एक साथ आ जाती है। फल सब्जी, दूध दिनभर उपलब्ध होगी। सब्जियों की ठेलिया चल सकती हैं। चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे। दोपहिया वाहन सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे परंतु इनपर एक ही व्यक्ति बैठेगा।
बैठक में सचिव नितेश झा ने बताया कि अभी उत्तराखंड कोरोना के फेज एक में ही है। यहां पाए गए पाजिटिव केस बाहर से आए हुए हैं। स्थानीय संक्रमण नहीं हुआ है। सोशल डिस्टेंसिंग रखने में सफल रहे तो राज्य में कोरोना मामलों को रोकने में अवश्य कामयाब रहेंगे। आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। जिला चिकित्सालयों में कोरोना स्पेसिफिक अस्पताल स्थापित कर रहे हैं। आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
सचिव सुशील कुमार ने बताया कि खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी अन्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

21 दिनों तक घर की लक्ष्मण रेखा को न लांघेः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की जनता से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा अगले 21 दिनों के सम्पूर्ण लॉकडाऊन के आह्वान में पूरा सहयोग देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से इस लङाई में हम सभी भारतवासी अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। जब जब भी देश पर और मानवता पर संकट आया है, हम सभी की एकजुटता से संकट को दूर करने में कामयाब हुए हैं। आईये हम संकल्प लें कि अगले तीन सप्ताह अर्थात 21 दिनों तक हम अपने घर में ही रहेंगे। प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कोई कमी नहीं हो, इसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर रखी हैं। राज्य सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शासन प्रशासन पूरी तरह एक्टिव है। तमाम कोशिशों के बाद भी हमें कुछ कष्ट उठाना पङ सकता है, परन्तु हम सभी के सामने आए इस भयावह संकट के सामने ये कष्ट कुछ भी नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र विकल्प है। घर की लक्ष्मण रेखा को न लांघकर कोरोना वायरस के संक्रमण की चैन को तोङना है। केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों की सबसे बडी प्राथमिकता अपने नागरिकों के जीवन को बचाना है। चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिसकर्मियों, सफाई कर्मियों, दूसरे अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया के साथियों के योगदान में सहयोग देने के लिये घर पर रहें।

जनता कर्फ्यू में सहयोग जरूरी, महापौर ने नगरवासियों को दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में सुझाए गए कोरोना से बचाव के उपाय के बाद ‘जनता-क‌र्फ्यू’ को सफल बनाने के तहत नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने भी शहरवासियों से अपील की है। नगर निगम महापौर ने कहा कि कोरोना वायरस ने विश्वभर में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने भी देशवासियो से कोरोना वायरस को लेकर एकजुटता दिखाते हुए सरकार का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने इस महामारी से बचने के लिए अधिक समय घरों में ही बिताने के लिए कहा है। बाजार आदि भीड़ वाले इलाकों से बचने के लिए लोगों से अपील की है। महापौर ने इस महामारी से बचने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के पालन को बेहद जरूरी बताया। साथ ही उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बचाव के साधन प्रयोग करने की सलाह भी दी। महापौर ममगाई ने कहा कि कोरोना को लेकर लोगों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण है कि हम भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करें। घबरायें नहीं और फर्जी खबरों के जाल में न फंसे। उन्होंने नगरवासियो से कर्फ्यू के बारे में अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं की प्रतिमाह मॉनिटरिंग करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में पेयजल परियोजना अन्तर्गत कार्यों की समीक्षा हेतु एनआईसी द्वारा तैयार वेब पोर्टल को लांच किया। विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय पेयजल योजनाओं, जल शक्ति मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं का अनुश्रवण एवं मूल्यांकन इस ऑनलाइन पोर्टल से किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से पेयजल योजनाओं की कार्य प्रगति, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, योजना के तहत लगाये गये एवं अवशेष कनेक्शनों की जानकारी भी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये की पेयजल योजनाओं की प्रतिमाह मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट दी जाय। जल शक्ति मिशन एवं अर्द्धनगरीय पेयजल योजनाओं के सफल संचालन के लिए कार्यों की निश्चित समयावधि तय की जाय। नमामि गंगे के तहत अवशेष कार्यों को जल्द पूर्ण किया जाय। वहीं, सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्ंयाकी ने जानकारी दी कि राज्य के अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए 385.81 करोड़ रूपये की 12 पेयजल योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 22 अर्द्धनगरीय क्षेत्र चिन्हित हैं। इस योजना के तहत 4.39 लाख लोगों को प्रतिदिन 12 से 16 घण्टे पेयजल आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर विधायक पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, एमडी स्वजल उदयराज सिंह एवं एनआईसी के अधिकारी उपस्थित थे।

सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘‘विकास के तीन सालः बातें कम, काम ज्यादा’’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सरकार को सहयोग देने के लिए प्रदेशवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रही है। तीन वर्ष के दौरान अनेक बड़े निर्णय लिए गए। 4 मार्च को गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की गई। यह हमारे दृष्टि पत्र में भी था। हमने जनता से किया गया वायदा पूरा किया। प्रदेश की जनता ने भी इसके पक्ष में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। हमारा दूसरा बड़ा निर्णय चारधाम देवस्थानम बोर्ड का गठन था। अब चारधाम यात्रा इसके तहत की जाएंगी।
हमने जनता से सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वायदा किया था। हमने इसके लिए कड़े कदम उठाए, भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार किया। साबित किया कि सरकार ईमानदारी से भी चल सकती है। पारदर्शी शासन के लिए ई-आफिस, सीएम हेल्पलाईन, सीएम डैशबोर्ड की व्यवस्था की है। तीन साल में एक बड़ा निर्णय अटल आयुष्मान योजना शुरू करना रहा है। इसमें प्रदेश के सभी लोगों को शामिल किया। रैफर के प्रावधान को हटाया गया है। प्रदेश में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट की गई। 1 लाख 24 हजार करोड़ के एमओयू किए गए। इनमें से 21 हजार करोड़ से अधिक का निवेश ग्राउन्ड हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बहुत से निर्णय लिए, जहां सुधार की गुंजाईश होती है, वहां सुधार भी किए जाते हैं।
ऑल वेदर रोड़, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट, एनएच, भारतमाला, टिहरी बांध, शहरी विकास, एयर कनेक्टीवीटी, जमरानी, सौंग, मसूरी पेयजल योजना आदि के रूप में डबल इंजन का प्रभाव देखा जा सकता है। केंद्र से 94 हजार करोड़ रूपए से अधिक के प्रोजेक्टों की स्वीकृति ली गई। पलायन को रोकने के लिए नहीं बल्कि रिवर्स पलायन के लिए ग्राम्य विकास और पलायन आयोग का गठन किया गया। उसने विस्तृत अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट दी। 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन, होम स्टे से स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। ग्रोथ सेंटर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। हम ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। सोलर और पिरूल एनर्जी नीति पर्वतीय क्षेत्र में काफी फायदेमंद होंगी। प्रदेश में एयर कनेक्टीवीटी का भी विस्तार हुआ है। देहरादून, देश के प्रमुख शहरों से जुड़ चुका है। चिन्यालीसौड़, गौचर भी हवाई सेवा से जुड़ चुके हैं। उड़ान के अंतर्गत हेली सेवा शुरू करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है। आर्गेनिक खेती में भी बड़ी पहल की गई है। साहसिक पर्यटन के लिए अलग से विभाग बनाया जा रहा है। साहसिक पर्यटन हमारे युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण क्षेत्र होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी हम अपने विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ते रहेंगे। सभी डिग्री कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन और स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध करवाया जाएगा। कनेक्टीवीटी के लिए जहां भी पुलों की आवश्यकता होगी, बनाए जाएंगे। बालिका अनुपात में काफी सुधार आया है, इस पर और ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चैहान, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, मुन्ना सिंह चैहान, खजान दास, महानिदेशक सूचना डा.मेहरबान सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।

सरकार का ऐतिहासिक फैसला, प्रमोशन में अब आरक्षण नही चलेगा

उत्तराखंड में प्रमोशन से रोक हटाने के प्रदेश सरकार के फैसले के बाद परेड मैदान में जुटे जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली मनाई। उन्होंने इसे आंदोलन की जीत करार दिया। लेकिन सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन भड़क गया है। फेडरेशन ने विरोध में आज सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार का पुतला फूंकने का फैसला किया है। बुधवार को प्रमोशन से रोक हटने का आदेश जारी होने के बाद एससी-एसटी कर्मचारी जुट गए और उन्होंने एक सभा कर सरकार पर उनके हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया।
इससे पूर्व सचिवालय में उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई, बीपी नौटियाल, ठाकुर प्रहलाद सिंह, अरुण पांडेय, राकेश जोशी निगम अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुसांई, प्रदेश महामंत्री बीएस रावत समेत कई कर्मचारी नेताओं के साथ मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की वार्ता हुई। इस वार्ता में सहमति बनने के बाद कर्मचारी नेता परेड मैदान स्थित धरना स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने प्रमोशन से रोक हटने, पदोन्नति के आदेश जारी होने और कार्य बहिष्कार की अवधि अर्न लीव (उपार्जित अवकाश) में एडजस्ट होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेमियादी हड़ताल को स्थगित किया जा रहा है। यदि कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस न हुए और उनके खिलाफ कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई हुई फिर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने सभी हड़ताली कर्मचारियों का आभार जताया और इसे कर्मचारियों के एकजुट संघर्ष की जीत करार दिया। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया। उन्होंने जमकर होली खेली। एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह गुसांई ने बताया कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियो ंने होली नहीं मनाई थी। आज उन्होंने मांगें पूरी होने की खुशी में उन्होंने होली मनाई।

मुख्यमंत्री ने सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर उपब्धियां बताई

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर सहयोग के लिए प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त किया है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारियों और मातृशक्ति को नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन साल पहले आप सभी के आशीर्वाद से जब हमने सरकार सम्भाली, यहाँ के नीति निर्माण में उत्तराखण्ड राज्य की मूल भावना का अभाव था। हमने आते ही दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा। हाल ही में गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र राज्य के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा। गैरसैंण को उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का निर्णय राज्य आंदोलनकारियों, माताओं-बहनों को समर्पित है।
हमने प्रदेश की महान जनता से कुछ वायदे किए थे। मैं आज पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि हमने इन तीन साल में ही 70 फीसदी वायदे पूरे कर दिए हैं। हम अपने सभी वायदों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हम काम में विश्वास करते हैं। हमारी सरकार के ये तीन साल, विकास के तीन साल रहे। हमारा ध्येय वाक्य रहा है, बातें कम -काम ज्यादा।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हमारी सरकार के तीन साल में बहुत से ऐसे काम हुए हैं, जो कि पहले मुमकिन नहीं लग रहे थे। डबल इंजन का असर साफ-साफ देखा जा सकता है। केंद्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। इनमें बहुत सी योजनाओं पर तेजी से काम भी चल रहा है। इनमें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजना ऑल वेदर रोड़, केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, भारतमाला परियाजना, जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, नमामि गंगे, देहरादून स्मार्ट सिटी आदि प्रमुख हैं।
पर्वतीय राज्य की अवधारणा से बने उत्तराखण्ड में पहली बार किसी सरकार ने पलायन को रोकने पर ही नहीं बल्कि रिवर्स पलायन पर सुनियोजित तरीके से काम शुरू किया है। एमएसएमई के केंद्र में पर्वतीय क्षेत्रों को रखा गया है। ग्रामीण विकास और पलायन आयोग का गठन किया गया। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। राजकीय स्कूलों में वर्चुअल क्लासेज शुरू की गई हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में डाक्टरों की संख्या पहले से दोगुनी की गई। टेलीमेडिसीन और टेलीरेडियोलोजी भी फायदेमंद साबित हो रही हैं। ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य उपकेंद्रों का हैल्थ एंड वैलनैस सेंटर के रूप अग्रेडेशन कर रहे हैं। सभी 670 न्याय पंचायतों में क्लस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण आर्थिकी मजबूत होगी। किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। होम स्टे की कन्सेप्ट को बहुप्रचारित किया जा रहा है। 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन से नए पर्यटन केंद्रों का विकास हो रहा है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 3900 जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है। सौर ऊर्जा और पिरूल ऊर्जा नीति, ग्रामीण युवाओं की आजीविका में सहायक होगी। सड़क, रेल व एयर कनेक्टीवीटी में विस्तार किया जा रहा है। आल वेदर रोड़, भारतमाला परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना गेम चेंजर बनने जा रही हैं। एयर कनेक्टीवीटी पर विशेष जोर दिया गया है। 2022 तक सभी गांवों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सौभाग्य योजना से घर-घर बिजली पहुंचा दी गई है। प्रदेश के 15.09 लाख परिवारां को ‘‘हर घर को नल से जल’’ दिलाने की योजना शुरू की है। तीन वर्षों में ये लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। जल संरक्षण और जल संवर्धन पर काफी काम शुरू किया गया है। ग्रेविटी वाली पेयजल योजनाओं पर हमारा फोकस है। हाल ही में उत्तराखण्ड वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को भारत सरकार द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय फलक पर उत्तराखण्ड अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। तीन वर्षों में मिले पुरस्कार इस बात की पुष्टि करते हैं। हमारी सरकार ने राज्य में निवेश लाने के लिए पूरा होमवर्क करते हुए गम्भीरता से काम किया। राज्य गठन के बाद पहली बार बड़े स्तर पर इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गय खुद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इसका उद्घाटन किया और स्पिरिचुएल इको जोन की कन्सेप्ट सामने रखी। पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए पर्यटन, आयुष व वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्ष में हमारी सरकार ने राज्य हित को देखते हुए अनेक साहसिक निर्णय लिए हैं। देवस्थानम चारधाम बोर्ड का गठन और ट्रांसफर एक्ट सहित महत्वपूर्ण संस्थागत सुधार किए गए हैं। सुशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस हमारी नीति का प्रमुख आधार रहे हैं। हमने भ्रष्टाचाार और माफिया तत्वों को सत्ता के करीब भी नहीं फटकने दिया है। इन तीन वर्षों में राज्य के विकास की न सिर्फ दिशा तय हुई है बल्कि काम भी दिखने लगा है। हमने समाज के हर तबके का भी ध्यान रखा है। विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का ईमानदारी से पूरा प्रयास किया है।
हमारे गांव फिर से समृद्धि के केंद्र बनें, इसके लिए हम दिन-रात काम कर रहे हैं। हमें आप सभी का भी मार्गदर्शन और सहयोग चाहिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले दो साल में उत्तराखण्ड में आप गैरसैण भावना को साकार होता देखेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में पूरा विश्व कोरोना वायरस से संघर्ष कर रहा है। उत्तराखंड को कोरोना के प्रभाव से मुक्त रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, बस सतर्कता बरतें। सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें।