न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने गुलदार खाल तस्करी में सुनाई तीन साल की सजा

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश आलोक राम त्रिपाठी की अदालत ने थाना रानीपोखरी क्षेत्र के गुलदार की खाल तस्करी मामले में आरोपी को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को तीन वर्ष का सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
रानीपोखरी के जाखन पुल से बीते 28 फरवरी 2014 को मुखबिर की खास सूचना पर एसटीएफ देहरादून की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक युवक मनीष अधिकारी पुत्र नरेन्द्र सिंह अधिकारी को संदिग्ध पाते हुए रोका गया। युवक की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से गुलदार की एक खाल बरामद हुई थी। मौके से टीम ने युवक को गिरफ्तार कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत किया था। इसके बाद मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत में चला। कोर्ट में आरोपी की ओर से अपने बचाव में कोई मजबूत साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जबकि पुलिस की ओर से बताया कि गया गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के दाहिने हाथ में नीले व सफेद रंगा के केरी बैग थे। इसके दोनों ओर हिंदी और अंग्रेजी में जोशीमठ की दुकान का पता लिखा था। पुलिस की ओर से बताया गया कि आरोपी मनीष अधिकारी का वर्तमान पता भी अपर बाजार जोशीमठ, चमोली भी है।
आरोपी की ओर से बरामद खाल को भारतीय जीव संस्थान में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया। उक्त संस्थान से प्राप्त वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट में उक्त खाल को गुलदार की खाल बताया गया। इस मामले में राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश चंद ने मजबूर पैरवी की। इसके बाद न्यायाधीश आलोक राम त्रिपाठी ने आरोपी को दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कारावास तथा दस हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। दोषी के अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत को समझना जरूरीः स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास, स्मृति जुबिन ईरानी ने कंटेंट क्रियेशन पर सर्वाधिक बल देते हुए कहा कि जितनी तेजी से विश्व में कंटेंट क्रियेशन बदल रहा है उतना ही प्रगतिशील हमारा सिस्टम भी होना चाहिए। प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित किया जाए। प्रोडक्शन फेसिलिटेशन इसके समन्वय में काम करे। डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत का उपयोग करने के लिए भी पुख्ता व्यवस्था हो। स्थानीय भाषाओं पर भी फोकस किया जाए।
कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित हो
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग के लिए अन्य सुविधाओं के साथ-साथ कंटेंट क्रियेशन पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इसके लिए प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित करना होगा। इस ग्रुप के समन्वय में प्रोडक्शन फेसिलिटेशन किया जाए। यह वर्किंग ग्रुप हमारी भाषायी ताकत को मजबूत करने का भी काम करेगा। केवल बॉलीवुड तक सीमित न रहकर बहुभाषायी कंटेंट क्रियेटर की व्यवस्था हो।
डिजिटल क्रांति के लिए हो पुख्ता तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कंटेंट क्रियेशन में बहुआयामी प्लेटफार्म को समझना होगा। फिल्म व टेलिविजन के साथ डिजिटल क्रांति के लिए भी तैयारियां पुख्ता होनी चाहिए। आने वाले समय में डिजिटल मीडिया सबसे सशक्त माध्यम बनने जा रहा है।
स्थानीय भाषाओं पर भी हो फोकस
स्थानीय भाषाओं में भी कंटेंट क्रियेशन पर फोकस करना होगा। बडे निर्माताओं और स्थानीय कंटेंट क्रियेटर के बीच सेतु स्थापित किया जाए। प्रादेशिक भाषाओं में भी तकनीकी को मजबूत करना होगा। एकेडेमिक्स ऑफ फिल्म मेकिंग एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट स्किल्स पर भी ध्यान दिया जाए। हाईस्कूल से ही इसकी शिक्षा की व्यवस्था हो।
उत्तराखण्ड के इतिहास व संस्कृति का हो अभिलेखीकरण और डिजिटलीकरण
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का इतिहास और संस्कृति बहुत समृद्ध है। पूरे विश्व से इसका परिचय कराए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए राज्य के इतिहास व संस्कृति का अभिलेखीकरण व डिजीटलीकरण कर डिजिटल मीडिया के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व तक पहुंच स्थापित करनी होगी।

विशेषज्ञों के सुझावों पर अमल करेगी राज्य सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार फिल्मकारों व इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के सुझावों को अमल में लाएगी। गत वर्ष इन्वेस्टर्स समिट के समय जो भी सुझाव मिले थे उन्हें समाहित करते हुए राज्य की फिल्म नीति बनाई गई। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। बड़ी संख्या में यहां फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हुई है। दक्षिण भारत की भी बहुत सी नामी फिल्मी हस्तियां यहां आई हैं।
राज्य में है फिल्म शूटिंग के अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है। यहां जैसी लोकेशन कहीं और शायद ही हो। हमारे यहां प्रभावी सिंगल विंडों सिस्टम लागू किया गया है जहां से औसतन 3-4 दिनों में सभी तरह की क्लियरेंस दे दी जाती हैं। यहां शूटिंग कर चुके फिल्मकार भी इस बात की प्रशंसा करते हैं कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग के समय स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का व्यवधान नहीं किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण से संबंधित संस्थाएं स्थापित की जा सकती हैं। इसमें सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तत्पर है।
पैनल डिस्कशन में फिल्म नीति पर की गई चर्चा
कान्क्लेव में चार सत्र आयोजित किए गए जिनमें उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और राज्य में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने पर चर्चा के साथ ही राज्य में शूटिंग कर चुके फिल्मकारों का फीडबैक भी लिया गया।
प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियों ने किया प्रतिभाग
मसूरी में आयोजित फिल्म कान्क्लेव में फिल्म जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियों ने प्रतिभाग किया। इनमें विशाल भारद्वाज, तिग्मांशु धूलिया, मुजफ्फर अली, जैकी भगवानी, नारायण सिंह, अजय अरोड़ा, तरूण आदर्श, कविता चैधरी, भरत बाला आदि ने प्रतिभाग किया।

एमडीडीए की टीम ने सील किया निर्माणाधीन भवन

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गंगा से 50 मीटर के दायरे में बिना नक्शे के निर्माणाधीन एक भवन पर सील की कार्रवाई की है। एमडीडीए की यह एक सप्ताह के भीतर तीसरी सील की कार्रवाई हैं। बृहस्पतिवार को सील की कार्रवाई के लिए एमडीडीए की ओर से तीन अवैध भवनों की सूची तैयार की गई थी। जब तक कार्रवाई अमल में आती उससे पहले ही दो निर्माणकर्ताओं ने कमिश्नर गढ़वाल से स्टे ऑर्डर लाकर अफसरों को थमा दिया। एमडीडीए ने एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी कार्रवाई की है।
टीम करीब सवा बारह बजे मौनी साईं बाबा की कुटिया के समीप पहुंची। यहां एनजीटी के नियमों को ताक पर रखते हुए गंगा से मात्र 50 मीटर के दायरे में भवन का निर्माण किया जा रहा था। भवन का नक्शा भी पास नहीं हुआ था। इस भवन के निर्माण की शुरूआत में ही एमडीडीए ने 17 अक्तूबर को चेतावनी देकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने को कहा था। इस पर निर्माणकर्ता दीपक दहिया ने प्राधिकरण को निर्माण न करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद यहां धड़ल्ले से निर्माण किया गया।
बृहस्पतिवार को एमडीडीएम के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने उक्त भवन को सील कर दिया। अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा ने बताया कि सील की कार्रवाई दीपक दहिया के निर्माणाधीन भवन पर की गई है। इसके अलावा दो अन्य भवनों पर भी सील की कार्रवाई की जानी थी, लेकिन निर्माणकर्ता राधा बल्लभ गुप्ता और गगन क्रमशः घाट रोड तथा भरत विहार ने स्टे ऑर्डर की प्रति प्रस्तुत की है। स्टे के आधार पर इन दोनों निर्माणकर्ताओं के भवन को सील की कार्रवाई से दूर रखा गया है।

प्लास्टिक मुक्त दून बनाने में देहरादून वासियों का भरपूर सहयोग मिल रहाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ‘‘पॉलीथीन मुक्त ग्रीन दून मिशन ’’ अन्तर्गत नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पॉलीथीन मुक्त, स्वच्छ एवं सुंदर दून बनाने के उद्देश्य से आयोजित 50 किमी की इस विशाल मानव श्रृंखला में एक लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मियांवाला चौक से राजपुर रोड होते हुए घंटाघर तक मानव श्रृंखला में प्रतिभाग कर रही जनता का उत्साहवर्धन किया। प्रातः 10ः00 बजे, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा ने मानव श्रृंखला में शामिल होकर देहरादून को स्वच्छ-सुंदर एवं पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जनता से आह्वान किया। इस मानव श्रृंखला में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं, शासन एवं प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया। यह मानव श्रृंखला, मियांवाला से मसूरी डायवर्जन, घंटाघर, जीएमएस रोड, सहारनपुर रोड होते हुए घंटाघर तक बनाई गई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का जो आह्वान किया है, देहरादून इसमें लीड ले चुका है। उन्होंने सभी प्रदेश वासियों को पॉलीथीन मुक्त उत्तराखण्ड बनाने में सकारात्मक सहयोग देने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक मुक्त, स्वस्थ-सुंदर एवं ग्रीन दून बनाने के लिए सभी देहरादून वासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। हमने पॉलीथीन मुक्त दून बनाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्लास्टिक का इस्तेमाल, सामाजिक बुराई बन गई है। मानव जीवन एवं जीव-जन्तुओं पर इसके अनेक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। पॉलीथीन मुक्त देहरादून के लिए नगर निगम देहरादून द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है, इसके काफी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश को पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जन सहयोग के साथ ही सभी को पॉलीथीन का उपयोग न करने का दृढ़ निश्चय करना होगा।

मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि स्वच्छ एवं ग्रीन दून के लिए देहरादून नगर निगम द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पॉलीथीन के बहिष्कार के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पिछले तीन माह में जन जागरूकता से देहरादून में पॉलीथीन के उपयोग में 70 प्रतिशत कमी आयी है। जन सहयोग से जल्द ही देहरादून को पूर्ण रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त किया जायेगा।

क्लेमेंटाउन थाना सर्वश्रेष्ठ, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया व राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर क्लेमेंटाउन थाना को सर्वश्रेष्ठ थाना चयनित होने पर सम्मानित किया गया। पुलिस के अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्यों एवं विवेचना के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में लोह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की अहम भूमिका रही। आजादी के बाद अंग्रेज भारत को छोड़कर तो चले गये थे, लेकिन उन्होंने देश को अनेक रियासतों में बांट दिया। देश की एकता और अखण्डता के लिए लिये सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर अंग्रजों के सपने को चकनाचूर किया। सरदार पटेल जी का किसानों के लिए भी अद्धितीय चिंतन रहा। उनका मानना था कि बिना किसानों के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।
प्रशासनिक क्षेत्र के अलावा उनका अन्नपूर्ण भारत के लिए विशेष चिंतन रहा। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से सरदार पटेल जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष जम्मू-कश्मीर की धारा 370 से आजादी का वर्ष भी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरदार पटेल अहमदाबाद के मेयर थे, तब उन्होंने 222 दिन तक स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का आह्वाहन किया है। सरदार पटेल जी का जीवन आदर्श हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नैनीताल में ज्योलिकोट के पास पुलिस वाहन दुर्घटना में मृतक पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों के परिवारजनों को राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव मदद दी जायेगी।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा सरदार पटेल जी ने भारत के प्रथम गृह मंत्री बनने के बाद देशी रियासतों के विलय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें देश की अखण्डता व सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखते हुए कार्य करना होगा। उत्तराखण्ड पुलिस राज्य एवं देश को अक्षुण्ण रखने का पूरा प्रयास करेगी।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, गणेश जोशी, देशराज कर्णवाल, उमेश शर्मा काऊ, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश अनीता मंमगाई, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

एमडीडीए 29 घंटों अंदर दे रहा नक्शों की स्वीकृतिः श्रीवास्तव

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के 36वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। प्राधिकरण को 36वें स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा पिछले दो वर्षों में सराहनीय कार्य किया गया है। इससे सरकार की भी प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र का विकास हो सके इसके लिए जिला विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है। आम जन को हर प्रकार की सुविधा समय से उपलब्ध करा सकें इसके लिये प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हमने विभिन्न नीतियों में छोटे-छोटे विभिन्न नीतिगत परिवर्तन किए हैं। इससे आमजन को कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं एवं सेवाएं प्रदान प्राप्त हो सकेंगी। इन नीतिगत परिवर्तनों का प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य की अपनी अलग पहचान व संस्कृति होती है। पर्यटक भी इससे प्रभावित होते हैं। पर्यटकों को आकृषित करने के लिये उत्तराखण्ड में किये जा रहे निर्माण कार्यों में यहां की कला एवं संस्कृति की झलक दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हम सभी को सहयोग देना होगा। राज्य का पर्यटन अधिक से अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर सके इसके लिए भी प्रयास करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी के क्षेत्र में एमडीडीए द्वारा तेजी से कार्य करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में गुरूत्व आधारित पेयजल की आपूर्ति के लिये विभिन्न योजनाएं शुरू की गयी हैं। सौंग बाँध निर्माण कार्य शुरू होने के 350 दिन में कार्य पूर्ण करने लिये प्रयासरत् हैं। सूर्यधार झील निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण हो जाएगा।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने प्राधिकरण को बधाई देते हुए कहा कि देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण राज्य के अन्य प्राधिकरणों के लिये मार्गदर्शक का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि समय की जरूरतों के अनुसार एमडीडीए हेतु 10 पाॅलिसीज में नीतिगत परिवर्तन किये हैं। साथ ही, राज्य सरकार व्यवस्थित वैंडिंग जोन विकसित करने के प्रयास कर रही है। वेंडर्स और आमजन को इससे लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष एमडीडीए आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एमडीडीए द्वारा लगातार नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिये एमडीडीए ने नेशनल ई-गवर्नेंस अवार्ड (2018-19) प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए द्वारा 29 घंटों के अन्दर नक्शे की स्वीकृति दी जा रही है। स्मार्ट सिटी की संकल्पना को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर बुलाई अहम बैठक

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित और सम्भावित स्थलों को अविलम्ब ठीक कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण के लिए सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये।
सचिवालय सभागार में सड़क सुरक्षा से संबंधित बैठक में मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा निधि में उपलब्ध धनराशि को सड़क सुरक्षा कार्य में उपयोग करने हेतु शीघ्र ही एक बैठक बुलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस निधि में जमा धन का 25 प्रतिशत सड़क सुरक्षा कार्यों में खर्च करने का प्राविधान भी है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में 1500 संवेदनशील स्थल चिन्हित किये गये हैं जिसमें से 51 स्थलों को निर्माण विभाग, 47 स्थलों को राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग तथा 09 स्थलों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस प्रकार कुल 107 स्थलों सही कर दिया गया है। शेष 941 स्थलों पर लोक निर्माण विभाग 358 स्थलों पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग तथा 48 स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा 46 स्थलों पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम एवं सीमा सड़क संगठन द्वारा संवेदनशील स्थलों को सही करने का कार्य किया जा रहा है।
बैठक का संचालन करते हुए अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि उच्चतम न्यायालय की मानीटरिंग कमेटी के निर्देश पर लीड एजेन्सी के सदस्यों की नियुक्ति हेतु अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के एक अभियंता, पुलिस महानिदेशक के प्रतिनिधि के रूप में सहायक निदेशक स्तर के यातायात अधिकारी की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए हैं। इस हेतु चिकित्सा, शिक्षा विभाग द्वारा एक-एक अधिकारी पूर्व से ही नियुक्त किये गये हैं, जो स्वतंत्र रूप से सड़क सुरक्षा एजेन्सी में पूर्णकालिक सदस्य रहेंगे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष वाहन दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आयी है। बैठक में सचिव परिवहन शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेश अनिल रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार के साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित होगा भारत भारती समारोह, दिखायी जायेगी भारतीयता की झलक

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भावी चिकित्सकों से समाज के गरीब एवं बेसहारा लोगों को बेहतर स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराने का अणु व्रत लेने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री प्रतिभा सम्मान योजना के तहत प्रतिवर्ष 25 मेधावी छात्रों को उनकी आधी फीस की धनराशि वापस की जायेगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के प्रति लोगों का बड़ा विश्वास एवं भरोसा रहता है, उन्हें उस विश्वास व भरोसे को बनाये रखना होगा।

शुक्रवार को राजकीय दून मेडिकल कालेज के पहले वार्षिकोत्सव फॉरनिक्स-19 का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि दून मेडिकल कालेज में सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायी जायेंगी। मेडिकल कालेज व मेडिकल चिकित्सालय आस पास हो इसके लिये मेडिकल कालेज को मण्डी स्थल पर और जगह उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने सचिव, स्वास्थ शिक्षा को निर्देश दिये हैं कि दून मेडिकल कालेज में फेकल्टी अस्थायी के बजाय स्थायी हो इसके लिये प्रयास किये जाय। उन्होंने कहा कि स्थायी फेकल्टी मेडिकल छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में अधिक मददगार रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून लघु भारत की तरह है। यहां पर देश भर के हजारों छात्र विभिन्न संस्थानो में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 9 नवम्बर को राज्य गठन के 19 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित होने वाले राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून में वृहद भारत भारती कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा जिसमें देहरादून में रह रहे विभिन्न राज्यों के छात्र व अन्य लोग अपनी अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रस्तुतियां देंगे ताकि राज्यों का वैशिष्टय यहा दिखाई दें, इसमें ‘हम सब एक है‘ तथा भारतीयता का बोध होगा। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता हमारी पहचान है। राष्ट्र एक भौगोलिक व सांस्कृतिक इकाई होती है तभी भारत की पहचान बनती है। हमे अपने इस स्वरूप से भावी पीढ़ी को भी परिचित कराना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में एक रेजिंडेशियल कालेज की स्थापना की जायेगी जिसमें मेधावी छात्रों को कक्षा 6 से प्रतियोगिता के माध्यम से प्रवेश दिलाया जायेगा। इस कालेज में छात्रों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उनके व्यक्तित्व विकास से सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों भी निशुल्क उपलब्ध करायी जायेगी। इसमें अमीरी गरीबी के हिसाब से नही बल्कि केवल छात्रों की प्रतिभा के बल पर प्रवेश दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां राशन कार्ड के आधार पर आम जनता का स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कालेज की पहली वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य दून मेडिकल डॉ. आशुतोष सयाना ने कालेज की गतिविधियों की जानकारी दी, तथा छात्रों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई।

देहरादून होगा देश का ग्रेविटी आधारित पेयजल उपलब्ध कराने वाला पहला स्मार्ट शहर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को मसूरी में आयोजित उत्तराखण्ड अर्बन ट्रांस्फोरमेशन समिट 2019 का शुभारम्भ किया। उन्होंने समिट में प्रतिभाग कर रहे केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव तथा स्मार्ट सिटी के मिशन डायरेक्टर के साथ ही देश के 12 प्रमुख स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ एवं स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि इस समिट में होने वाला मंथन स्मार्ट सिटी मिशन को गति प्रदान करेगा। इससे आपसी अनुभवों एवं ज्ञान का भी आदान प्रदान होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समिट में होने वाले आपसी विचार विमर्श एवं अनुभव स्मार्ट सिटी के कार्यों को नई दिशा प्रदान करने में मददगार रहेगा। देहरादून स्मार्ट सिटी का देश-भर में 99 से 32वें पायदान पर आने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। देहरादून का स्मार्ट सिटी बनने में उन्होंने समेकित प्रयासों की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी सोच भी स्मार्ट बनानी होगी। जब हमारी सोच अच्छी होगी तो उनके परिणाम भी अच्छे होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल कर ही बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोशी एवं रिस्पना में एक घंटे में लाखों वृक्षों का रोपण जन सहभागिता का अनूठा उदाहरण है। सौग बांध से देहरादून को ग्रेविटी आधारित पेयजल उपलब्ध कराये जाने की योजना भी शीघ्र धरातल पर उतरेगी। इसमें देहरादून को ग्रेविटी आधारित पेयजल उपलब्ध होने के साथ ही करोड़ों के बिजली व्यय की बचत होगी, भूजल स्तर में सुधार होगा तथा रिस्पना नदी को ऋषिपर्णा बनाने की भी राह प्रशस्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को पोलीथीन मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में हमारे प्रयास साकार होते दिखाई दे रहें हैं। देश में इसकी शुरूआत हो रही है तब हम इस दिशा में काफी आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने देहरादून शहर को पोलीथीन मुक्त बनने के लिए नगर निगम को 50 लाख रूपये देने की भी घोषणा की।

आरोपी चाहे धरती पर हो या आकाश में, हर हाल में गिरफ्तार करें पुलिसः टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गृह, आबकारी व पुलिस विभाग के अधिकारियों को रविवार को तलब किया। उन्होंने अधिकारियों से पथरिया पीर, देहरादून की घटना व इसके बाद की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में जिस व्यक्ति का मुख्य आदमी का नाम सामने आ रहा है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। वह आदमी चाहे धरती पे हो, आसमान में हो या पाताल में हो, हर हाल में पकङा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी के संरक्षण की बात पाई जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर के बीचों बीच कुछ चल रहा हो और हमारी एजेंसियों को पता न चले, कैसे हो सकता है। घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाए। इसमें जो भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस व आबकारी विभाग अवैध शराब की छापेमारी के अभियान चलाए। इसमें जिन लोगों की भी मिलीभगत हो, उन्हें पकड़ा जाए और सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने महकमें के अधिकारियों से कहा कि अगर अवैध शराब का व्यापार करने वालों के खिलाफ कार्यवाही को और सख्त करने के लिए आबकारी एक्ट में किसी प्रकार के संशोधन की जरूरत हो तो उसका प्रस्ताव तैयार करें। अवैध शराब या नशे के व्यापार को रोकने में आम जनता का भी सहयोग लिया जाए। कहीं से भी इस प्रकार की कोई शिकायत आती है तो उसे पूरी गम्भीरता से लिया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजी लाॅ एंड आर्डर अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन, सचिव नितेश झा, आईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला, आयुक्त आबकारी सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सी.रविशंकर, एसएसपी अरूण मोहन जोशी मौजूद थे।