ऋषिकेश।
बुधवार को ग्रामीणों और महिलाओं का पारा उस समय ओर अधिक चढ़ गया, जब शराब की दुकान कार में सजाकर बेची जानी लगी। छिद्दरवाला के ओणेश्वर महादेव के मंदिर में कार में शराब बेचे जाने की सूचना पर सैकड़ों महिलाएं मौके पर जुट गई। महिलाओं ने विरोध जताते हुए दुकानों के बैनर फाड़ डाले। सूचना पर एसएसआई रायचंद पुरशोदा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बमुश्किल पुलिस ने स्थिति को संभाला। इस मौके पर पुलिस को भी महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने मंदिर के निकट और कार में दुकान सजाकर शराब बेचने का विरोध किया।
मौके पर दीपक थापा, बर्फ सिंह पोखरियाल, किरण राणा, हरदीप सैनी, कमल रावत, करमजीत सिंह, रवि पोखरियाल, ग्राम प्रधान पूनम पोखरियाल, ध्यान सिंह असवाल, भगत सिंह बगियाल, सुधा गुरंग, रीता थापा, मनु थापा, घनश्याम सैनी, सोबन सिंह, रविन्द्र सिंह बगियाल, कृपाल सिंह सरोज, संगीता, कमला शर्मा, रेनू क्षेत्री आदि ने अपना विरोध दर्ज कराया।
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कृषि मंत्री के औचक निरीक्षण में खुली मंडी समिति की पोल
ऋषिकेश।
रविवार को कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर कृषि मंडी का औचक निरीक्षण किया। पार्किंग स्थल में बिना नक्शा पास कराये बनाई गई दुकानों की जानकारी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। अतिक्रमण और गंदगी देखकर मंत्री का पारा चढ़ गया। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने अतिक्रमण को ध्वस्त करने के निर्देश जारी किये। पार्किंग में अवैध रूप से बनाई जा रही दुकानों की शिकायत पर अधिकारियों से फाईल भी तलब की है। उन्होंने कहा कि अमितग्राम में हाट मंडी बनाई जायेगी। इसके लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई की जायेगी। कहाकि कृषि के क्षेत्र में उत्तराखंड को बेहतर बनाना उनका लक्ष्य है। इस अवसर पर विनोद कुमार कुकरेती, सभासद कुलदीप शर्मा, राजू गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद थे।
14 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय अग्नि शमन दिवस, जानियें
ऋषिकेश।
शुक्रवार को शैल विहार स्थित फायर सर्विस स्टेशन पर शोक परेड का आयोजन हुआ जिसमें फायर सर्विस के जवानों ने मुम्बई बंदरगाह पर ड्यूटी के दौरान शहीद हुए 66 जाबाजों को श्रद्धासुमन अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। राष्ट्रीय अग्नि शमन सेवा दिवस पर हर वर्ष 14 अप्रैल 1944 की घटना को याद किया जाता है। इस दिन मुम्बई के बंदरगाह पर स्टीफेन नामक जहाज में आग बुझाते समय विस्फोट हो गया था जिसमें आग बुझाने का काम कर रहे फायर सर्विस के जवान बड़ी संख्या में शहीद हो गए थे।
अग्नि शमन अधिकारी सीएम शर्मा ने बताया कि उस घटना की याद में राष्ट्रीय अग्नि शमन दिवस मनाया जाता है। 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। जिसमें अग्नि सुरक्षा को लेकर डेमो, जागरूकता रैली आदि का आयोजन प्रमुख है। मौके पर सीओ कैलाश पंवार, एसआई हरीशचन्द मिश्रा, सुनिल रावत, मुकेश पोखरियाल, अमर पाल, नरेश सिंह, राजेन्द्र, रमेश, विकास, सुधीर, सत्यपाल, भरत, मनोज, हेमचन्द, गौरव, प्रदीप, भगवती, महेश, अमित, नरेन्द्र, आशीष, विजेन्द्र आदि ने शोक परेड में भाग लिया।
मेड ने उठाये मेयर पर सवाल
देहरादून।
छात्रों के संगठन मेकिंग ए डिफ्रेंस बाए बीईंग द डिफ्रेंस यानि मैड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये देहरादून की सिकुड़ती जल धाराओं जैसे रिस्पना, बिंदाल और सुसवा नदियों के पुनर्जीवन के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से हुई अपनी मुलाक़ात और उनकी संस्था मेड के लिए मेयर विनोद चमोली के रवैय्ये के बारे में मीडिया को तमाम जानकारियां दी है।
आपको बता दे कि मेड संस्था हमेशा शहर की सफाई और सुंदरता बनाये रखने के लिए काम करता रही है। इसी कड़ी में संस्था के सदस्यों ने सीएम के साथ एक बैठक में राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के ज़रिये तैयार की गई रिपोर्ट की एक प्रति साझा की है। जिसमें रिस्पना को बारह मासी नदी का दर्जा दिया गया था और बिंदाल में भी अस्सी के दशक तक हमेशा जल होने की बात की गई थी। गौरतलब है कि इस रिपोर्ट के जरिए राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रुड़की ने एक करोड़ रुपए की मांग की थी ताकि पुनर्जीवन और आगे के शोध किए जा सकें। आपको बता दें कि मैड संस्था के कई अभियानों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक इस मांग पर कोई अमल नहीं किया है और नदियों के पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार एक करोड़ रुपए की राशि खर्च करने को अब तक तैयार नहीं थी। इसके संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्सुकता दिखाई और मांग को गंभीरता से लेने की बात कही।साथ ही संस्था के संस्थापक अभिजय नेगी ने मेयर विनोद चमोली के रवैय्ये पर भी सवाल खड़े किये हैं। अभिजय का कहना है कि मेयर साहब हमेशा से उनके प्रयासों को छात्रों की फोटो राजनीति कहते आये हैं।
मेरा रवैय्या ज़रा भी सख्त नही है मेरा मक़सद सिर्फ उन स्टूडेंट्स को ट्रैक पर लाना है जो डिस्ट्रिक्ट हो चुके हैं या फिर अपनी राह भटक गए हैं।
विनोद चमोली मेयर नगर निगम देहरादून।
रैली निकालकर शराब की दुकानों का विरोध
ऋषिकेश।
मंगलवार को खाण्ड गांव की पानी की टंकी के समीप धरनास्थल से ग्रामीणों ने रैली शुरू की। रैली प्रतीतनगर डांडी, शिव चौक, बीईजी कैंप रोड होते हुए हनुमान चौक पर समाप्त हुई। रैली में बच्चों व महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। रैली में तख्तियों व बैनर से क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने का संदेश दिया। कोर्ट के हाइवे से दुकान शिफ्ट करने के आदेश के बाद से क्षेत्र में शराब बंद है। आबकारी विभाग ने मानकों के अनुरूप खाण्ड गांव पानी की टंकी के समीप स्थान का चयन किया था। इसके बाद से उक्त स्थान पर लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है। रैली में ग्राम प्रधान शोभा रावत, उदीना नेगी, कुसुम जोशी, सुदेश कण्डवाल, सतपाल सैनी, दीवान चौहान, राजेश जुगलान, गणेश रावत, असगर खान, सुलोचना देवी, शैला नेगी, गीता देवी, बीना देवी आदि शामिल रहे।
चोरी का खुलासा होने पर पुलिस टीम का सम्मान
ऋषिकेश।
नगर पालिका के स्वर्ण जयंती सभागार में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने सम्मान समारोह का आयोजन किया। पुलिस कप्तान स्वीटी अग्रवाल, एसपी देहात श्वैता चौबे, प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट, एसआई काविन्द्र राणा, कांस्टेबल नवनीत सिंह नेगी एवं कांस्टेबल कमल जोशी को सम्मानित किया गया। व्यापार सभा अध्यक्ष नवल कपूर ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा लेकिन व्यापारियों को भी चाहिए कि वे सड़क पर अतिक्रमण न करें। अतिक्रमण से शहर में जाम लग रहा है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल महामंत्री जयदत्त शर्मा ने कहा कि अच्छे कार्य के लिए व्यापारियों का फर्ज बनता है कि वह सम्मान करें लेकिन पुराने चोरी के केस न खुलने पर आंदोलन को भी चेताया। उन्होंने अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का शोषण न करने की बात भी कही। इस अवसर पर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष हरगोपाल अग्रवाल, प्रदेश मंत्री श्रवण जैन, पवन शर्मा, गिरीराज गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, कुलदीप शर्मा, प्रदीप कोहली, राकेश वर्मा, कमल जैन, कमलाप्रसाद भट्ट, हरिओम वेदी, कपिल गुप्ता, प्रेम चंदानी, अनिता ममगाई, किशोरी लाल आहूजा, संदीप गुप्ता, इन्द्रकुमार गोदवानी, प्रिंस मनचंदा, व्रत शर्मा, विनोद कोठारी, मदन नागपाल, आशु अरोडा, राजू गुप्ता, अजय कालडा, राकेश जैन, मधु जोशी आदि उपस्थित थे।
नो पार्किंग जोन में धड़ल्ले से खड़े हो रहे वाहन
ऋषिकेश।
शहर के नो पार्किंग जोन में वाहन लगाये जा रहे है। बावजूद नो पार्किंग को लेकर पुलिस ने कई स्थानों में नो पार्किंग जोन को लेकर चेतावनी बोर्ड लगा रखे है। पुलिस बोर्ड को नजर अंदाज करके धड़ल्ले से वाहन पार्क करने से यातायात व्यवस्था चरमरा रही है। रविवार को शहर के मुख्य मार्गों में स्थानीय दुकानदार व लोगों ने अपने वाहन खड़े किये। जिससे यातायात व्यवस्था पर खासा असर पड़ा। त्रिवेणीघाट, रेलवे रोड, मुखर्जी मार्ग, क्षेत्र रोड, लाजपतराय मार्ग, हीरालाल मार्ग सहित नगर के आंतरिक मार्ग आढ़े तिरछे वाहनों से अटे रहे।
गौरतलब है कि पुलिस यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सड़क में वाहनों को खड़ा नही करने की हिदायत दे रही है। कई लोग पार्किंग होने के बाद भी अपने घरों में गाड़ियां खड़ी नही कर रहे है। वहीं, बाजार की हालत भी दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। दुपहिया वाहनों की कतार सड़क में होने से जाम लग रहा है। विगत सप्ताह पुलिस ने शहर के सबसे व्यस्तम मार्ग त्रिवेणी घाट से वाहनों की आवाजाही को लेकर सड़क में दुपहिया वाहन नही लगाये जाने की हिदायत दी थी। लेकिन उसके अगले रोज से ही लोगों ने वाहन खड़े करने शुरु कर दिये थे। रविवार को आलम यह रहा कि नो पार्किंग जोन में भी लोगों ने धड़ल्ले से वाहनों को पार्क किया।
सप्ताहभर पहले हुई कार्रवाई नहीं दिख रहा असर
ऋषिकेश।
शुक्रवार को फिर से दुकानें सड़क तक जा पहुंचीं। हिदायत देने और जुर्माने लगाने के बाद भी अतिक्रमण कर रहे लोगों में कोई डर नहीं है। शहर में यातायात दिनोंदिन बढ़ता रहा है। जनसंख्या के हिसाब से भी शहर की आबादी एक लाख से ऊपर हो गई है। ऐसे में जन सुविधाओं के हिसाब से सड़क चौड़ी होने के बजाय अतिक्रमण के चलते आवागमन के लिए भी कम पड़ रही है।
पार्किंग स्थल नहीं होने से ग्राहक दुकानों के बाहर ही वाहन पार्क करते हैं। ऐसे में स्थिति और विकट हो जाती है। पालिका प्रशासन द्वारा पूर्व में ऐसे अतिक्रमण को चिह्नित किया गया था। सड़क पर दुकानें नहीं बढ़ाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन पालिका ने इस मामले में दोबारा निरीक्षण ही नहीं किया जिससे नगर के आंतरिक मार्गों पर अतिक्रमण को लेकर हालत ज्यादा खराब हो गए। नगर के आंतरिक मार्ग नगर पालिका ऋषिकेश के पास हैं जिनके रखरखाव का जिम्मा पालिका ही वहन करती है।
अवैध पुलिया निर्माण का विरोध
ऋषिकेश।
मंसादेवी गुमानीवाला में ग्रामीणों ने वन विभाग की भूमि पर भूमाफिया द्वारा किए जा रहे अवैध पुलिया निर्माण का विरोध करते हुए वन क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंप आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में बुधवार को स्थानीय नागरिकों ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि मंसादेवी में वन विभाग की भूमि पर कुछ लोग बिना अनुमति के निजी हित के लिये पुलिया का निर्माण कर रहे हैं। उक्त लोग वन भूमि को कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने यहां हो रहे पुलिया निर्माण का विरोध करते हुए मौके पर काम भी रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में वन विभाग की निष्क्रियता के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है और आए दिन वन भूमि पर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रसंघ उपाध्यक्ष शुभम गौड़, अमनदीप नेगी, कार्तिक कौशल, प्राशु बैनर्जी, ऋषभ यादव, विजय जुगरान आदि शामिल थे।
सार्वजनिक अवकाश पर भी खुले रहे प्राइवेट स्कूल
ऋषिकेश।
मंगलवार को रामनवमी त्योहार पर केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। बावजूद इसके देहरादून रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल खुला रहा। इसके चलते छोटे बच्चों अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में व्यस्त रहे। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के आगे अभिभावक कुछ बोलने से भी हिचकाते हैं जिससे इन स्कूलों की मनमर्जी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
अधिवक्ता अमित वत्स ने बताया कि रामनवमी का त्योहार हिन्दुओं का पावन पर्व है। ऋषिनगरी के ज्यादातर स्कूलों ने सार्वजनिक अवकाश का पालन किया लेकिन कुछ स्कूलों ने पालन नहीं किया है। अष्टमी और रामनवमी पर कन्याओं का पूजन किया जाता है। अवकाश होने के बाद भी छोटे बच्चे स्कूल आए और अभिभावक त्योहार होने पर भी बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने में व्यस्त रहे। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की कार्य प्रणाली पर रोष जताया। कहा कि प्राइवेट स्कूलों की मनमर्जी के खिलाफ सरकार से शिकायत की जाएगी।
देहरादून मार्ग स्थित एक प्राइवेट स्कूल के रामनवमी के अवकाश पर भी स्कूल खोलने की शिकायत आई है। हो सकता है कि स्कूल ने बुधवार को रामनवमी का अवकाश घोषित किया हो। लिखित शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
वृजेश कुमार तिवारी, एसडीएम ऋषिकेश।
