कूटरचित दस्तावेज से बुजुर्ग की सम्पति कराई पत्नी के नाम, डीएम ने दर्ज कराया मुकदमा, गिफ्ट डीड भी की रद्द

जिलाधिकारी सविन बंसल को 88 वर्षीय बीमार बुजुर्ग राजेन्द्र स्वरूप अग्रवाल द्वारा एक गंभीर शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बड़े पुत्र ने उनके नाम पर बनाई गई पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करते हुए उनकी नेहरू कालोनी स्थिति 2 संपत्तियों को गलत तरीके से अपनी पत्नी पूजा अग्रवाल के नाम गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित कर दिया।

नेहरू कालोनी स्थित 2 सम्पतियों को कूटरचित दस्तावेजों एवं धोखे से पावर ऑफ अटार्नी करवाकर बुजुर्ग की सम्पत्ति हड़पने का मामला डीएम के सम्मुख आया, जिस पर जिला प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए डीड रद्द करने की कार्यवाही की जा रही है। पिता के अधिकारों को अतिक्रमित करते हुए बेटे ने सम्पति को अपनी पत्नी के नाम करा दिया। सम्पति से प्राप्त किराये से पिता का उपचार चलता था। गिड़गिड़ाते हुए बजुर्ग पिता ने उपहार डीड रद्द करने की जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा उप निबंधक कार्यालय को प्रकरण की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धजनों के साथ किसी प्रकार का धोखाधड़ी, दबाव या कूटरचना कर संपत्ति हड़पने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रकरण की पूरी जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए बताया कि वे उपचार हेतु अपनी बेटी के पास गाजियाबाद गए हुए थे, इसी दौरान बड़े पुत्र ने कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर नेहरू कॉलोनी स्थित उनकी दो संपत्तियों को अपने पक्ष में कर लिया। बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उक्त गिफ्ट डीड को निरस्त कराया जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार कार्यालय ने सम्बन्धित के विरूद्ध थाना नेहरू कालोनी में दर्ज कराया वाद। जिला प्रशासन द्वारा तथ्यों की पड़ताल करते हुए उपहार डीड रद्द कर दिया गया है।

डीएम दरबार: बेटे ने धोखे से बनाई वसीयत, माता मुन्नी देवी की शिकायत पर भरण पोषण एक्ट में वाद हुआ दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। दूर दराज से भारी संख्या में पंहुचे लोगों ने घरेलू व जमीन विवाद, सीमांकन, ऋण माफी, आर्थिक अनुदान, भरण पोषण, प्रमाण पत्र आदि से जु़ड़ी 176 समस्याएं रखी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही कई मामलों का ऑन द स्पॉट निस्तारण किया साथ ही कुछ प्रकरणों को इससे जुड़े विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्राथमिकता पर उनका समाधान करना सुनिश्चित करें।

बेटी ने ही कर दी घोखाधडी। चलने फिरने में असमर्थ 93 वर्षीय बुजुर्ग प्रेम सिंह ने अपनी ही बेटी पर धोखाधडी कर उनके बैंक से ही 10 लाख निकालने की शिकायत पर लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं बुजुर्ग मुन्नी देवी ने बताया कि पति की मृत्यु की बाद उनके छोटे बेटे ने घर की सारी संपत्ति एवं बैंक खातों में जमा पूंजी धोखे से वसीयतनामा बनाकर अपने नाम कर दी है। इस पर डीएम ने भरण पोषण एक्ट में वाद दायर करते हुए वसीयतनामा की विधिक जांच कराने के निर्देश दिए। पंडितवाडी निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला लता त्यागी ने बहू द्वारा घर कब्जा करने और घर से निकालने की शिकायत पर भी भरण पोषण एक्ट में वाद दायर कराया गया। दुर्गा नगर निवासी बजुर्ग राधा ने बताया कि उन्होंने एमडीडीए चन्द्रनगर कॉलोनी में अपनी बेटी को रहने के लिए घर दिया था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद बेटी ने उस धोखे से उस घर ही कब्जा कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा दी है। इस पर डीएम ने एडीएम को सब रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तलब कराई।

विधवा नेहा ने ऋण माफ करने की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके पति ने बैंक से 5 लाख का ऋण लिया था। करंट लगने से उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई है। तीन साल तक बैंक किस्त नियमित जमा की है। परंतु उनके पास कोई काम नहीं होने के कारण वो किस्त भरने में असमर्थ है। जिस पर लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।

शारीरिक रूप से दिव्यांग वकील साहनी ने बताया कि उनकी अभी तक दिव्यांग पेंशन नहीं लगी है। इस पर 80 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति की मौके पर ही पेंशन स्वीकृत की गई। वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग इन्दु राजवंशी ने वृद्धावस्था पेंशन की लगने की समस्या पर उनका आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए मौके पर ही आवेदन कराया गया।

विधवा पिंकी देवी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता चाहने पर एसडीएम को जांच कर प्रकरण प्रस्तुत करने को कहा गया। अपना इलाज कराने में असमर्थ विधवा एकादशी देवी ने उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। गरीब महिला सर्वेश एवं माहेश्वरी देवी ने प्रधानमंत्री आवास की गुहार लगाई। परिवार की कमजोर आर्थिकी का हवाला देते हुए सपना ने नर्सिंग की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। जिस पर डीपीओ को प्रकरण की जांच करने को कहा गया।

एक पैर से दिव्यांग रेखा देवी ने पुत्री की शादी के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर ओसी क्लेक्ट्रेट को जांच करवा के प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही समाज कल्याण अधिकारी को महिला का दिव्यांग प्रमाण पत्र भी बनाने को कहा गया।

अठूरवाला निवासी अनीता चौहान ने जिलाधिकारी से गुहार लगाएगी दैवीय आपदा के दौरान उनका मकान ध्वस्त हो गया है उन्होंने पुनर्विस्थापन की टीम से गुहार लगा जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं निदेशक टीडीसी पुनर्वास को कार्रवाई के निर्देश दिए।

देहरादून से भानिवयावाला, जौली होते हुए थानों तक परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी या इलेक्ट्रिक बस सेवा न होने से क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी की शिकायत पर डीएम ने एडीएम से अभी तक बस सेवा शुरू न किए जाने की रिपोर्ट तलब की है। थानों में अवैध मस्जिद एवं अवैध रूप से चल रहे मदरसा की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने एडीएम को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कुडियाल के सदस्य क्षेत्र ने थानों क्षेत्र में फलदार एवं हरे भरे पेड़ों को अवैध तरीके से काटे जाने की शिकायत पर एडीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। जोलियो के समस्त ग्राम वासियों ने ग्राम समाज, वन पंचायत की जमीन पर भू माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा मुक्त करवाने पर तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत झाझरा की भूमि पर अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर किए गए अतिक्रमण की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए। कारगी ग्रंाट में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर अपर नगर आयुक्त को त्वरित कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। लोनिवि द्वारा दारागाड-कथियान मोटर मार्ग पर अनियमितता के साथ अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम चकराता व अधिशासी अभियंता को संयुक्त जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सुन्दरवाला निवासी ओमकार शर्मा ने 33 केबी विद्युत पोल एवं तारें भवन के ऊपर से हटवाने का अनुरोध पर अधिशासी अभियंता को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

पुनीत अग्रवाल ने घर से चोरी हुए आभूषण एवं नकदी की बरामदगी कराए जाने पर सीओ पुलिस को प्रकरण की स्वयं समीक्षा करते हुए तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मौ0 इकबाल, शाहिद, फहीम, फुरकाना, खुर्शीद अहमद, अगस्त में अतिवृष्टि व बाढ़ से घर क्षतिग्रस्त एवं बाथरूम टूट जाने आर्थिक अनुदान सहायता की गुहार लगाई।

इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरिगिरी, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ननूरखेड़ा, देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2025 और विभागीय कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सेवा प्रदत्त एवं दिवंगत होमगार्ड के आश्रितों को चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा। राज्य में अर्न्तजनपदीय ड्यूटीयों में तैनात होने वाले होमगार्डस स्वयंसेवकों को मिलने वाले भोजन भत्ते को 100 रूपये से बढ़ाकर 150 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों को मिलने वाले प्रशिक्षण भत्ते को 50 रुपए से बढ़ाकर 140 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 63वें होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रस्तुत की गई रैतिक परेड अत्यंत गौरवशील है। परेड में राष्ट्रसेवा के प्रति जवानों के समर्पण, साहस और उत्कृष्टता की शानदार झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड जवान कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के दायित्वों को निभाते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने होम गार्ड्स जवानों के कल्याण और संगठन के उत्थान के लिए अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने पहली बार होमगार्ड्स जवानों को 12 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश प्रदान करने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। पुलिस कर्मियों और एनडीआरएफ की भांति 9 हजार फीट से अधिक ऊँचाई पर ड्यूटी करने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 200 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी लिया गया है। एसडीआरएफ के जवानों के साथ प्रशिक्षित हुए होमगार्ड्स के जवानों को 100 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स जवान बरसात, ठंड, गर्मी जैसी हर परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण से करते हैं। होमगार्ड्स जवान, यातायात प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। चारों धामों के साथ-साथ हरिद्वार में स्थापित होमगार्ड्स हेल्प डेस्क देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड्स के जवान प्राकृतिक आपदाओं के समय में भी आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता और समर्पण के साथ जुट जाते हैं। उन्होंने कहा जवानों के हौंसले और समर्पण को राज्य सरकार उचित सम्मान दे रही है। राज्य सरकार होमगार्ड जवानों के हितों के लिए आगे भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेगी।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, कैलाश पंत, मधु भट्ट, श्यामवीर सैनी, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, डी.जी होमगार्ड शपी.वी.के. प्रसाद एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का स्मरण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास और सविता कपूर भी मौजूद थे।

ऋषिकेश में जनसेवा केंद्र पर पाई गई भारी अनियमित, फर्जी कार्ड व पासबुक बरामद, जिला प्रशासन ने किया सील

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में संचालित विभिन्न जन सेवा केंद्रों पर की जा रही निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर द्वारा ऋषिकेश, वीरपुर खुर्द स्थित पशुलोक क्षेत्र में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) आईडी संख्या 144112520013 का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में पाया गया कि सेंटर के बाहर लगे बोर्ड पर सीएचसी संचालक के रूप में विभा नामदेव का नाम अंकित है तथा बोर्ड पर विभा नामदेव एवं आर. नामदेव का मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित है, जबकि संचालन की आईडी मनीषा नामदेव के नाम पर पंजीकृत है। यह भी पाया गया कि विभा नामदेव, आर. नामदेव की पुत्री है, जिनका विवाह हो चुका है तथा वर्तमान में वे हरिपुरकलां में निवासरत हैं।

सेंटर से निर्गत प्रमाण पत्रों से संबंधित पंजिका का संधारण नहीं किया गया है। साथ ही, केंद्र पर विभिन्न व्यक्तियों के 9 आधार कार्ड,3 राशन कार्ड, 3 श्रम कार्ड, 1 आयुष्मान कार्ड आदि मूल दस्तावेज बड़ी संख्या में पाए गए। पूछताछ के दौरान विभा नामदेव एवं आर. नामदेव कोई संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे इन मूल दस्तावेजों के दुरुपयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। निरीक्षण के दौरान बीपीएल सर्वेक्षण 2002 से संबंधित खाली कार्ड भी बरामद हुए, जिनके बारे में भी संचालकों द्वारा कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

उपरोक्त सभी गंभीर अनियमितताओं को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आदेशों के अगले निर्णय तक संबंधित कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन पर रोक लगाते हुए केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में जन सेवा केंद्रों पर चल रही छापेमारी के संबंध में कहा कि “जन सेवा केंद्र आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरलता से उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता, दस्तावेजों का अनुचित संधारण, मूल दस्तावेजों को बिना कारण अपने पास रखना, या निर्धारित मानकों का पालन न करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा एवं संवेदनशील दस्तावेजों की गोपनीयता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “जनपद में संचालित जन सेवा केंद्रों की जांच की जाएगी तथा जहां भी अनियमितताएं पाई जाएंगी, तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।

दून डीएम दरबार में विधवा को बीमा कंपनी के प्रताड़ित करने का मामला, बैकफुट पर आया एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि, जमा कराए 8.92 लाख रुपए

एचडीएफसी आर्गो इंश्योरेंस लिमिटेड जिला प्रशासन के नाम 8,92000 का चेक जमा कराया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त रुख से जहां उपभोक्ताओं से ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां बैक फुट पर है। वहीं जिला प्रशासन के कड़े और निडर फैसलों से असहाय प्रताड़ित महिला, बुजुर्ग, बच्चों को न्यायमिल रहा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नव वर्षीय बालिका की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित करने वाली बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का इलाज कर दिया, बीमा कंपनी के सिर पर कुर्की की तलवार लटक रही है।

विगत दिवस फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व० प्रदीप रतूड़ी द्वारा एक जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष 15 नवम्बर 2025 गुहार लगाई कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन कय किये जाने हेतु प्रबन्धक, एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० से मु० 8,11,709/- का ऋण लिया गया था। सम्बंधित बैंक के द्वारा बताया गया कि लोन के पश्चात् बीमा एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो आईआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी ऋण को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है तथा एचडीएफसी अरगो जीआईसी लि० से पॉलिसी संख्या सीआई 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नं० आरआर-सीआई 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था। बीमा सम्बंधी दस्तावेज कभी भी डाक या कुरियर के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराये गये थे। उनके पति की मृत्यु के पश्चात् सुप्रियाय द्वारा बैंक से अपने पति द्वारा लिए गये लोन मु0 8,11,709/- को चुकाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है तथा लोन न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा लेने की धमकी दी जा रही है, जिसके लिए सुप्रिया द्वारा सम्बंधित इंश्योरेंस कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया गया।

बीमित ऋण होने के बाद भी 09 वर्षीय मासूम बेटी की विधवा मॉ सुप्रिया को किया प्रताड़ित करने पर वाले एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० की डीएम ने 8.11 लाख की आरसी काटते हुए फरमान सुनाया है कि 05 दिन में ऋण माफी करें नही तो सम्पति कुर्क कर निलाम की जाएगी। जिलाधिकारी की चेतावनी और सख्त रूप से एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० ने 892000 का चेक तहसील सदर के नाम जमा कर दिया है।

इस प्रकार उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वाले अन्य बैंक एवं इंश्योरेंस कंपनियां भी डीएम के रडार पर हैं जिनके द्वारा बीमित ऋण होने के उपरान्त भी जनमानस को प्रताड़ित किया जा रहा है। ऋण बीमा धोखाधड़ी मामला डीएम तक पंहुच रहे हैं जिनका अंजाम सर्वव्यापी, सम्पति कुर्क; नीलामी; शाखा पर लगेगा ताला ऐसे की प्रकरणों पर कई मामालों में बैंक इंश्योरंश कम्पनियों की कुर्की हो चुकी है।

डीएम के निर्देश पर एसडीएम एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में चंद्रभागा में अवैध अतिक्रमण ध्वस्त

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा चंद्रभागा क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई। एसडीएम ऋषिकेश एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में राजस्व विभाग तथा नगर निगम ऋषिकेश की संयुक्त टीम ने अभियान चलाते हुए गंगा किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई 20 से अधिक अवैध अध्यासन को ध्वस्त किया। अभियान के दौरान पाया गया कि अवैध अतिक्रमण कर बसी उक्त झोपड़ियों से निकलने वाला सीवर सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा था। इस संबंध में जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल एवं एसडीएम ऋषिकेश योगेश कुमार के नेतृत्व में टीम में शामिल राजस्वकर्मियों तथा नगर निगम के कार्मिकों ने मौके पर पहुँचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया संपादित की। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी की स्वच्छता एवं जल संरक्षण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध निर्माण अथवा सीवर/कचरा निस्तारण संबंधित अनियमितता को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए तथा भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को कठोरता से रोका जाए।
नगर निगम तथा राजस्व विभाग द्वारा बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र की नियमित सफाई कराई जा रही है तथा आगे किसी भी अतिक्रमण को रोकने हेतु चिन्हांकन कर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उपलब्ध हर्बल एवं औषधीय उत्पादों के संवर्धन और प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जड़ी-बूटी और एरोमा सेक्टर में अग्रणी दो राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज़ का अध्ययन करने हेतु राज्य से विषय विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, जिससे उत्तराखंड में भी इन नवाचारों को लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी क्षेत्र में टर्नओवर बढ़ाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग पर समन्वित रूप से कार्य हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक हर्बल संपदा का केंद्र है। राज्य में इसकी अपार संभावनाओं को देखते हुए हर्बल इकोनॉमी को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को उनके उत्पाद का अधिकतम लाभ दिलाने, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा महिलाओं को आर्थिकी से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर्बल उत्पादों की वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये पंतनगर विश्वविद्यालय के सहयोग भी लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में भालू सहित अन्य जंगली जीवों से जनजीवन और फसलों को नुकसान पहुँच रहा है, वहाँ कृषि एवं वन विभागों की संयुक्त टीमें भेजी जाएं। ये टीमें लोगों को सुरक्षा उपायों और फसल संरक्षण के लिए जानकारी प्रदान करें।

बैठक में जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों, दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण, उत्पादन, और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, उपाध्यक्ष जड़ी-बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, बलवीर घुनियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, वंदना, अनुराधा पाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया उत्तराखंड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक होटल में उत्तराखंड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों का संघर्ष, पीड़ा और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के लगभग प्रत्येक परिवार का सदस्य सेना या अर्ध सैनिक बलों से जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक फौजी के बेटे हैं , इसलिए उनके हृदय में शहीदों और उनके परिवारों के प्रति हमेशा से गहरी संवेदनशीलता, सम्मान और समर्पण की भावना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों के लिए नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित कर रहे हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ ही सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को भी अचल सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण करवा रही है। जो प्रत्येक उत्तराखंडी के लिए एक पावन स्थल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ सेना को अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त भी किया जा रहा है। देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई देशों को रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात भी कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मैनेजिंग एडिटर जी न्यूज राहुल सिन्हा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आशारोड़ी झाझरा व रिस्पना विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोर परियोजना को गति देने डीएम ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में तेजी लाने के दिए आदेश

राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने एवं सुगम कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में एलिवेटेड परियोजना और एनएच-7 पर आशारोड़ी-झाझरा परियोजना की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना मा0 मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। जिलाधिकारी ने परियोजना में प्रस्तावित नगर निगम एवं एमडीडीए को अपनी-अपनी भूमि का रिकार्ड शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। एलिवेटेड कॉरिडोर सर्वेक्षण समिति को विभागवार प्रभावित भूमि का पूरा विवरण तैयार करने को कहा। लोनिवि और राजस्व अधिकारियों मौके पर तैनात रहते हुए परियोजना के लिए चिन्हित सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बसे लोगों का निर्धारित प्रारूप में पूरा ब्यौरा तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित भूमि का विभागवार रिकार्ड तैयार करने के बाद धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना का शीघ्र प्रकाशन किया जाए और पुनर्वास और पुर्नस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में ईस्ट होप टाउन और आरकेडिया ग्रान्ट में ग्रामीणों के अवरोध और वन विभाग की भूमि अवस्थित निर्माण का प्रतिकर भुगतान न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर और विकास नगर के साथ मौका मुआयना कर समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाए। देहरादून-हरिद्वार रोड पर सड़क सुधारीकरण कार्य और अवैध अतिक्रमण व कब्जों को हटाने के लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय करते हुए पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान लोनिवि ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एलिवेटेड परियोजना पर अब तक किए गए कार्याे की जानकारी दी। बताया कि एलिवेटेड परियोजना का अलाइनमेंट तैयार कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है। स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जानी है। रिस्पना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी है। रिस्पना परियोजना में कुल 49.04 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 42.89 है0 सरकारी भूमि, 4.01 है0 निजी भूमि, 2.1 है0 वन भूमि शामिल है। इसमें 1022 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी है। बिंदाल कॉरिडोर में कुल 55.90 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 31.07 है0 सरकारी भूमि, 15.67 है0 निजी भूमि, 2.22 है0 वन भूमि और 6.92 रक्षा संपदा की भूमि शामिल है। इसमें 1656 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं।

बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, एसई लोनिवि ओपी सिंह आदि उपस्थित थे।