नैनीताल।
राज्यपाल डॉ. कृष्ण कंात पॉल श्निवार को राजभवन नैनीताल पहुँचे। खराब मौसम के चलते राज्यपाल आर्मी हैलीपैड हल्द्वानी उतरे जहाँ से वे सड़क मार्ग से नैनीताल राजभवन पहुँचे।
राजभवन पहुँचने पर कुमायूँ मण्डलायुक्त अवनेन्द्र सिंह नयाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक पुष्कर सिंह सैलाल, जिलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल, महाप्रबंधक कुमविनि टीएस मर्ताेलिया, अधीक्षक अभियंता लोक निर्माण डीएस नबियाल, व राजभवन स्टाफ द्वारा पुष्पगुच्छ से राज्यपाल का स्वागत किया। गार्ड ऑफ आनर लेने के उपरान्त राज्यपाल द्वारा आयुक्त, उपमहानिरीक्षक पुलिस, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ वार्ता कर कुमाऊँ मण्डल में हो रही बरसात के कारण अवरूद्ध सड़कों की जानकारी ली गई।
राज्यपाल ने कहा कि सड़के पर्वतीय क्षेत्रों की जीवन रेखा हैं ऐसे में आपदा के दौेरान सड़के लंबे समय तक अवरूद्ध ना रहें, लिहाजा सभी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर सड़कें खुलवाने का कार्य करें। साथ ही भूस्खलन से सम्भावित क्षेत्रों में जेसीबी व अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी करें। राज्यपाल के साथ सचिव राज्यपाल अरूण कुमार ढौंडियाल, परिसहाय मेजर अनुज राठौर भी नैनीताल पहुँचे।
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महिलायें आत्म निर्भर बनेगी तो परिवार के साथ समाज भी आगे बढ़ेगा: कुंजवाल
अल्मोड़ा।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को समूह से जुड़ने के लिये प्रेरित करना होगा। यह बात प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने लमगड़ा विकास खण्ड के भांगाद्योली में प्रगति स्वायत सहकारिता समिति की वार्षिक निकाय की बैठक को सम्बोधित करते हुये बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कही।
कुंजवाल ने कहा कि महिलायें समूह से जुड़कर जहां एक ओर आत्म निर्भर बनेगी वहीं दूसरी ओर अपने परिवार का आर्थिक जीवन स्तर बढ़ा सकती है। आज हर क्षेत्र में महिलायें आगे बढ़ रही है तथा प्रदेश सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान तथा उनके जीवन स्तर को ऊॅचा उठाने हेतु कई योजनायंे संचालित की है जिनका लाभ महिलाओं को अधिकाधिक उठाना चाहिये। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि समूह के माध्यम से दुग्ध उत्पादन, डेयरी विकास, बागवानी को अपनाकर अपना आर्थिक जीवन स्तर ऊॅचा उठायें। विधानसभा अध्यक्ष ने शासन द्वारा महिला सशत्तिकरण के क्षेत्र मंे उठाये जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलायें समूह के माध्यम से बैंक से ऋण लेकर छोटे-छोटे लघु उद्योग स्थापित करने के साथ ही छोटी-छोटी बचतों के माध्यम से भी अपना जीवन स्तर ऊॅचा उठा सकती है। सहकारिता से जहां रोजगार के बढ़ावा मिलता है वही इससे लोगों में आत्म विश्वास व सहभागिता को बढ़ावा मिलता है। अध्यक्ष ने स्वायत सहकारिता समिति भांगाद्योली द्वारा वर्ष 2015-16 में 82 लाख का व्यवसाय करने तथा समिति द्वारा 3 लाख रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित करने पर हर्ष व्यक्त करते हुये समिति के प्रयासों की सराहना की तथा समिति के 527 सदस्यों को 52 हजार 700 रूपया लाभांश वितरित किया।
इस अवसर पर उन्होंने समिति की नवनिर्वाचित अध्यक्ष देवकी मेर, उपाध्यक्ष तुलसी देवी, सचिव नीमा देवी व कोषाध्यक्ष शान्ति देवी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी। इससे पूर्व आजीविका के परियोजना प्रबन्धक एचबी पंत ने आजीविका द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर दिवान सतवाल ने प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी देते हुये लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इस बैठक में प्रधान संगठन के अध्यक्ष शिव राम आर्य, ग्रामीण समाज कल्याण समिति के निदेशक गोपाल सिंह चौहान, रमेश मेलकानी, देव सिंह, शान्ति देवी प्रेमा देवी, भागीरथी देवी, चन्दन रावत, जगदीश चन्द्र, मुकेश कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।
बैठक की अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य नन्दी देवी ने की तथा आजीविका के ब्लाक समन्वयक शिव राज सिंह बिष्ट व प्रधान हेमा रावत ने संयुक्तरूप से संचालन किया। समिति की वार्षिक निकाय की इस बैठक में क्षेत्र की अधिकांश महिलाओं ने प्रतिभाग किया। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने शहरफाटक, मौरनोला, ज्वारनैणी में जनसम्पर्क किया और लोगों की जनसमस्या सुनी और उसके बाद अपने पैतृक गांव कुंज पहॅुचकर हरू मंदिर में आयोजित बैसी में प्रतिभाग किया। इससे पूर्व उन्होंने राइका मोतियापाथर में निर्माणाधीन खेल मैदान का भी निरीक्षण किया।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में पंचायतों का महत्वपूर्ण स्थान
अल्मोड़ा।
क्षेत्र समिति की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के साथ ही बैठक में उठायी गई समस्याओं का निस्तारण त्वरित गति से करना सुनिश्चित करेंगे। यह निर्देश विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने विकास खण्ड लमगड़ा में आयोजित क्षेत्र समिति की बैठक में अधिकारियों को दिये।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत की बैठके ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिये महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इन बैठकों में जमीनी हकीकत की जानकारी प्राप्त होती है इसलिये क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम प्रधान अपने क्षेत्र की जो समस्यायें उठाते है अधिकारी उसे गम्भीरता से लेते हुये समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करना सुनिश्चित करंे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पंचायतों का महत्वपूर्ण स्थान है इसलिये पंचायती राजव्यवस्था को दलगत राजनीति से ऊपर रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज पंचायतों में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण क्षेत्र पंचायत के स्तर को गिरा दिया गया है जिससे अधिकारी भी क्षेत्र पंचायतों की बैठक में उठने वाले मुद्दो को गम्भीरता से नहीं लेते है। उन्होंने कहा कि सदस्यों द्वारा उठाये गये मोतियापाथर, नाटाडोल, मोतियापाथर मेरगांव सहित कई मोटर मार्ग में घटिया डामरीकरण, कलमठों, नालियांे के बन्द होने के कारण वर्षा का पानी लोंगों के घरों व खेतों में जाने पर कडी नाराजगी व्यक्त करते हुये पीएमजीएसवाई व लोक निमार्ण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई तथा निर्देश दिये कि डामरीकरण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुये स्वीकृत मोटर मार्गों के निर्माण कार्यों में तेजी लाये।
विधानसभा अध्यक्ष ने जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों को ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, राजकीय इण्टर कालेज पीपली में पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिये साथ ही लमगड़ा के समीप ठाट गांव को भी पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहॅुचाने के निर्देश भी दिये। इस महत्वपूर्ण बैठक में कई विद्यालयों मंे शिक्षकों की कमी की समस्या को भी सदस्यों ने प्रमुखता से उठाते हुये शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुये स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश दिये। इस बैठक में विद्युत, बाल विकास, कृषि उद्यान, पशुपालन सहित अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न पंेशन का लाभ समय पर न मिलने की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुये आगामी 11 अगस्त को विभाग द्वारा एक शिविर लमगड़ा में लगाने के निर्देश समाज कल्याण अधिकारी को दिये।
बैठक में उपस्थित जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी विभागीय अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द्र, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पंत, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल सहित जल निगम, जल संस्थान, लोनिवि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्यों, प्रधानों व जिला पंचायत सदस्यों ने भागीदारी की। इस बैठक की अध्यक्षता ब्लाक प्रमुख कमला आर्या ने की तथा संचालन खण्ड विकास अधिकारी जीवन लाल आर्या ने किया।
हमारी आवाज नही बन रहे भाजपा विधायक
ऋषिकेश।
कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ ने ऋषिकेश विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल के आवास का घेराव किया, हालांकि कि पुलिस कर्मियों ने विधायक आवास से पहले ही प्रर्दशनकारियों को रोक लिया। प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विजयपाल सिंह रावत ने आरोप लगाया कि कि नगर के बेघर परिवार पट्टे पर आंवटित जमीन की मांग कर रहे। लेकिन विधायक हमारी मांगों को उचित फोरम पर नही उठा रहे है।
गुरुवार को अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश भाजपा विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल के आवास का घेराव किया। प्रदेश संयोजक विजयपाल सिंह रावत के नेतृत्व में सैकडों की संख्या में बेघर परिवार सहित विधायक आवास की ओर चल पडे। इस दौरान पुलिस ने भी अपनी तैयारी कर रखी थी। पुलिस फोर्स ने विधायक आवास से पहले ही प्रर्दशनकारियों को रोक लिया। इस दौरान विजयपाल सिंह रावत ने अरोप लगाया कि भाजपा विधायक उनकी आंदोलन को समर्थन नही दे रहे है। उनका कहना था कि नगर के बेघर व गरीब परिवार भूमि आंवटित कराने को लेकर आंदोलन कर रहे है, लेकिन विधायक ने एक बार भी उनकी सुध नही ली। उन्होंने विधायक पर बेघर परिवारों की अनदे,ाी का आरोप लगाया है।
वहीं, ऋषिकेश विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल का कहना है कि आंदोलन कांग्रेस के बैनरतले किया जा रहा है। अगर आंदोलन का कोई राजनैतिक बैनर न होता तो वह भी उनके साथ धरने पर बैठते। अब बडा सवाल उठता है कि कांग्रेस-भाजपा की लडाई में अपनी आवाज उठा रहे लोगों की कब तक फजीहत होती रहेगी?
एनसीसी कैडिट्स के यात्रा भत्ता दोगुना और मैस एलाउंस केन्द्र के समान
एनसीसी मुख्यालय को मिला अपना भवन
देहरादून।
राष्ट्रीय कैडिट कोर (एनसीसी) नौजवानों में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन भी लाती है। युवाओं को एक गुणी नौजवान के रूप में तैयार कर एनसीसी आगे लाती है। अनुशासित जीवन में एनसीसी सहायक है। गुरूवार को ननूरखेड़ा में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के नव निर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, पुलिस, वन व अन्य विभागों में एनसीसी का कैसे प्रयोग किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माउन्ट एवरेस्ट फतह करने वाली एनसीसी की छात्राएं पूजा व नूतन को एक-एक लाख रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एनसीसी हैडक्वाटर ट्रेनिंग ग्राउण्ड को व्यवस्थित करने एवं नवनिर्मित डोरमेट्री को सुसज्जित करने हेतु राज्य सरकार मदद करेगी। उन्होंने एनसीसी कैडिट्स के यात्रा भत्ते को दोगुना करने एवं मैस एलाउंस केन्द्र के समान करने की बात कही। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अगले वर्ष से एनसीसी कैडिट्स को राज्य सरकार द्वारा साल में एक बार यूनिफार्म उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही सीनियर व जूनियर डिविजन के अधिकारियों के भत्तों को अन्य राज्यो के भत्तों की व्यवस्था देखने के बाद इनमें सुधार किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने एनसीसी कैडिट्स के साथ अपने एनसीसी के अनुभवों को भी साझा किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी, विधायक मनोज तिवारी, ललित फर्स्वाण, मेजर जनरल मणी, ब्रिगेडियर आर.एस.दहिया, निदेशक शिक्षा डीएसकुंवर सहित एनसीसी के कैडेट व अन्य उपस्थित थे।

गुलरानी में 2 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद
ग्रामीणों में छापेमारी अभियान चलाकर किया नष्ट
ऋषिकेश।
श्यामपुर क्षेत्र ऋषिकेश में कच्ची शराब बनाने का ध्ंाधा जोरो पर है। अगर ऐसा नही तो ग्रामीणों के द्वारा चलाये जा रहे अभियान के बावजूद बड़ी मात्रा में कच्ची शराब नही मिलती है। प्रशासन ने पूर्व में कच्ची शराब बनाने और ग्रामीणों के बीच में माफीनामा कराया था। जिसमें शराब बनाने वाले लोगों ने स्टांप में लिखकर माफी मांगी थी।
लेकिन बुधवार को ग्रामीणों को भनक लगी कि श्यामपुर के जंगलो में गुलरानी क्षेत्र में कच्ची शराब बनाई जा रही है। अपने छापेमारी अभियान में महिलाओं को 2 हजार लीटर कच्ची शराब के कई ड्रम मिलें। महिलाओं ने शराब को मौके पर ही नस्ट कर दिया। हालांकि मौके से कोई पकड़ में नही आया है।
जगमगायेंगे शिवाजी नगर के मार्ग
ऋषिकेश।
कांग्रेस कमेटी प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला व ग्राम प्रधान अनीता असवाल ने सयंुंक्तरुप से शिवाजी नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईटों का उद्घाटन किया। मौके पर कांग्रेस महासचिव खरोला ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नींव रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के प्रति संकल्पबद्ध है। हरीश रावत के नेतृत्व में पूरे प्रदेश का विकास होने की बात भी कही।
मौके पर ग्राम प्रधान अनीता असवाल ने खरोला के प्रयासों की सराहना की। मौके पर कांग्रेस सेवा दल के विधानसभा अध्यक्ष दीपक धमांदा, शिवाजी नगर विकास समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, मनवर पंवार, विक्रम रावत, अरुण गौड़, राजपाल रावत, हरिकिशन जोशी, रोहत थापा आदि मौजूद थे।

निशंक ने विपक्ष को आड़े हाथो लिया
कहा-पूर्ववर्ती सरकारों ने काला धन लाने के लिए कोई ठोस कार्य नही किया
केन्द्र सरकार के बिल से विश्व में भारत की साख बढृने का दावा किया
नई दिल्ली। सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सभापति, सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’ ने लोक सभा में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 1988 से अभी तक कांग्रेस कालेधन और बेनामी सम्पत्ति के मामले में गम्भीर नहीं रही है। डॉ. निशंक ने कहा कि बेनामी संव्यवहार (प्रतिषेध) संशोधन विधेयक, 2015 के माध्यम से देश में काले धन पर रोक लगाने की सरकार की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
डॉ. निशंक ने बताया कि विधेयक के इन संशोधनों का मकसद कानूनी और प्रशासनिक लिहाज से विधेयक के प्रावधानों को मजबूत बनाना है। उन्होंने आगे बताया कि बेनामी सम्पत्ति के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस ने सदैव से कालाधन और बेनामी सम्पत्ति से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन दिया है। कांग्रेस की नीति हमेशा कालाधन को संरक्षण देने की रही है। केन्द्र सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि इस विधेयक से जहां भारत में कालेधन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। वहीं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत की विश्वसनीयता बढाने में मदद मिलेगी। डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने उपेक्षापूर्ण रवैये के चलते वर्ष 2011 का विधेयक छः सत्र बीत जाने पर बिल लैप्स हो गया। सरकार द्वारा नया बिल लाये जाने की अपेक्षा 1988 के बिल में संशोधन किया गया ताकि 1988 से आज तक सभी दोषियों को दंडित किया जा सके। डॉ. निशंक ने बताया कि मौजूदा विधेयक में जहां दोषियों के लिए दंडात्मक व्यवस्था का प्रावधान है वहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल तंत्र स्थापित किया गया है। बेनामी संव्यवहार की नई परिभाषा को स्थापित करते हुए बिल ने विभिन्न प्राधिकारियों के माध्यम से सक्षम तंत्र की स्थापना की गयी है।
उत्तराखंड में चीन की घुसपैठ! चमोली की सीमा में घुसे चीनी सैनिक
सीएम हरीश रावत ने केन्द्र सरकार से की वार्ता
देहरादून।
उत्तराखंड में चमोली से सटी चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि चीनी सैनिकों ने चमोली सीमा पर घुसपैठ की है, लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां मौजूद महत्वपूर्ण नहर तक चीनी सेना नहीं पहुंच पाई है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम हरीश रावत ने चमोली से सटी चीन सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर कहा कि मुझे यकीन है केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संज्ञान लेगी। चमोली सीमा पर हो रहे चीनी घुसपैठ का पता तब चला जब सीमा क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंची प्रशासन की टीम को चीनी सैनिकों ने जांच करने से रोकते हुए वापस खदेड़ दिया। हर बार की तरह इस बार भी जोशीमठ के उप जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन की 19 सदस्यीय टीम 19 जुलाई को चीन सीमा के निरीक्षण को गई थी। टीम सुमना क्षेत्र तक वाहन से पहुंची। यहां होतीगाड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से टीम को वाहन यहीं छोड़ने पड़े। इसके बाद दूसरे छोर पर खड़े वाहनों से टीम सेना चौकी रिमखिम पहुंची। करीब आठ किमी दूर सीमा क्षेत्र में पहुंचने पर यहां पहले से चीन सैनिकों को मौजूद देख टीम के होश उड़ गए।
भारतीय दल को देखते ही चीनी सैनिकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और टीम सदस्यों को तुरंत लौट जाने का इशारा किया। चीनी सैनिकों के तेवर देख टीम ने निरीक्षण छोड़ तुरंत वापस लौटने में ही भलाई समझी। टीम के सदस्यों ने इसकी जानकारी सीमा क्षेत्र में मुस्तैद आईटीबीपी के अधिकारियों को भी दी। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बाड़ाहोती क्षेत्र में पहुंचते ही टीम को दूर से ही चीनी सैनिक दिखाई दे गए थे। टीम आगे पहुंची तो चीनी सैनिकों ने उन्हें वापस चले जाने का इशारा किया। गौरतलब है कि चीन सीमा क्षेत्र में प्रशासन का निरीक्षण नियमित प्रक्रिया है। इसकी गोपनीय रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाती है। चमोली जनपद से सटी भारत-चीन सीमा में बाड़ाहोती क्षेत्र नो मेंस लैंड एरिया है।
हर वर्ष चमोली जिला प्रशासन की टीम सीमा क्षेत्र में चीनी गतिविधियों को देखने और भारत की मौजूदगी दर्ज करने के लिए यहां सामान्य निरीक्षण के लिए जाती है। पूर्व में टीम वर्ष में दो बार जाती थी, लेकिन वर्ष 2015 से टीम वर्ष में तीन बार सीमा क्षेत्र के निरीक्षण को जाती है। चीनी सैनिकों की घुसपैठ पर सीएम हरीश रावत ने कहा कि मुझे यकीन है केंद्र सरकार इस मुद्दे पर संज्ञान लेगी। उन्होंने कहा है कि घुसपैठ की जानकारी भारतीय एजेंसियों को है। आईटीबीपी इस पूरे क्षेत्र की निगरानी कर कर रही है। आईटीबीपी और सेना को इसकी जानकारी है। सीएम ने कहा है कि इस क्षेत्र में लगातार चीन की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन अच्छी बात यह है कि वहां एक नाला है, वह चीनी सैनिकों ने अभी नहीं छुआ है।
हरेला पर्व उत्तराखंड की संस्कृति व पर्यावरण का प्रतीक
देहरादून।
हरेला पर्व संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है। हरेला से घी संग्रांद तक वृक्षारोपण का अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष जन सहभागिता से हरेला वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। बुधवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज, रायपुर में वन विभाग द्वारा आयोजित हरेला पर्व के अन्तर्गत वृक्षारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ने शिरकत की।
इस अवसर पर हरेला के तहत मुख्यमंत्री रावत ने रूद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने स्कूली बच्चों को पौधे भी वितरित किए। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पिछली बार हरेला पर्व राज्य सरकार की ओर से मनाया गया था। किन्तु इस बार जन संगठनों द्वारा हरेला को वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। इस बार राज्य सरकार की भूमिका इसमें एक सहयोगी की है। हरेला संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री रावत ने वन विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा मांग के अनुरूप पौधे उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारी आदत का हिस्सा होना चाहिए। हम सभी को वृक्षारोपण के प्रति दूसरो को भी जागरूक करना चाहिए। एक वृक्ष भी जीवन में परिवर्तन ला सकता है। अधिक से अधिक पौधे लगाए एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायक बनें। मुख्यमंत्री रावत ने जिला प्रशासन, एम.डी.डी.ए. एवं वन विभाग को निर्देश दिए कि देहरादून के सभी शिवालयों में रूद्राक्ष का पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने वन विकास निगम को निर्देश दिए कि जहां भी वन विकास निगम के डिपो है, वे डिपो के चारों ओर काष्ठ उद्योग में सहायक वृक्ष लगाए। इसके साथ ही रामगंगा घाटी में गैरसैंण से भिकियासैंण तक तून के पेड़ लगाए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, सचिव, खेल शैलेश बगोली, प्रमुख वन संरक्षक राजेन्द्र कुमार महाजन, डी.बी.एस. खाती सहित स्कूली बच्चे व अन्य उपस्थित थे।