मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जिलेवार जिम्मेदारी दी

कोरोना वायरस से निपटने, प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
शुक्रवार को मंत्रियों को तैनाती देते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, सुबोध उनियाल को टिहरी व उत्तरकाशी, डा. हरक सिंह रावत को पौड़ी, अरविन्द पाण्डेय को चम्पावत व पिथौरागढ़, यशपाल आर्य को अल्मोड़ा व नैनीताल एवं मदन कौशिक को देहरादून व उधमसिंह नगर, राज्यमंत्री डा. धनसिंह रावत को रुद्रप्रयाग व चमोली एवं रेखा आर्या को बागेश्वर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

मेयर ने जरूरतमंदों को राशन बांट पेश की मानवता की मिशाल

लॉकडाउन जहां कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए एक बेहतर तरीका है वहीं इससे बेसहारा लोगों को परेशानी भी हो रही है। ऐसे में सड़क किनारे जिंदगी बिताने वाले बेसहारा लोगों के लिए नगर निगम ऋषिकेश मेयर अनिता ममगाईं देवदूत बनकर सामने आयी हैं। निगम अधिकारियों के साथ मेयर अनिता ममगाई ने शुक्रवार को निगम कार्यालय में जहां जरूरत मंद लोगों को राहत सामग्री के रूप में ’पांच किलो आटा और पांच किलो चावल’ बांटा। वहीं शहर में विभिन्न स्थानों पर दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हो रहे विभिन्न बस्तियों में करीब साढे पांच सौ लोगों को भोजन वितरित किया।

मेयर अनिता का यह अभियान वृहद स्तर पर शुक्रवार से शुरू किया गया है, यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने निर्धनों की मदद के लिए सहयोग का करने को स्थानीय पुलिस प्रशासन, सामाजिक एवं व्यापारिक संस्थाओं की भी मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने नगर के तमाम पूजीपतियो से भी आह्वान किया कि गरीबों की मदद के लिए प्रशासन की ओर से चलाये जा रहे अभियान में हर संभव सहयोग करें।

असहाय की मदद को रायवाला पुलिस आई आगे, दिया तीन हफ्ते का राशन

थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी ने बताया कि बीते गुरूवार की रात्रि छिद्दरवाला निवासी दीपक कुमार ने थाने पर फोन कर बताया कि उनका परिवार निर्धन है, पत्नी गर्भवती है और पिताजी भी आंखों से देख नहीं पाते है। उन्होंने बताया कि खाने के लिये भी कुछ नहीं है। इस पर थानाध्यक्ष ने वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रेम सिंह नेगी को उक्त युवक के परिवार की मदद करने को कहा गया। इस पर एसएसआई ने रात्रि में ही दिए पते पर जाकर तीन सप्ताह का राशन उपलब्ध कराया।

राहगीरों को रोककर लंच पैकेट बांट रही रायवाला पुलिस
कोरोना वायरस की स्थिति में लॉक-डाऊन के दौरान थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वालों को लंच पैकेट व आवश्यक सामग्री वितरित की गयी। इसके अलावा थाने पर हाथ धुलवाकर व सेनेटाइज करवाकर खाना खिलाया गया। इसके बाद सभी को अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना किया गया।

अधिक दाम वसूलने पर आढ़ती का थोक लाइसेंस निरस्त किया

कृषि उत्पादन मंडी समिति में तोता राम एंड संस नाम की दुकान पर फुटकर में सब्जी बेची जा रही है। यह जानकारी मिलते ही मंडी समिति के अध्यक्ष विनोद कुकरेती ने आढ़ती का थोक लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
यह जानकारी देते हुए मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती ने बताया कि तोताराम एंड संस के मालिक के पास केवल थोक में फल और सब्जियां बेचने का लाइसेंस है। मगर लगातार सूचना मिल रही थी कि मालिक रिटेल में महंगे दामों पर फल और सब्जी बेच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तोताराम एंड संस के मालिक को थोक में बेचने के लिए जारी किया गया लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। बताया यदि और किसी आढ़ती की इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ भी यही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कृषि उत्पादन मंडी समिति के अंदर फल और सब्जियों के थोक रेट की लिस्ट भी जारी की है।

ऋषिकेश निगम ने एक-एक मीटर की दूरी पर मार्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग कराई

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से चल रहे लॉकडाउन के दौरान नगर निगम प्रशासन ने संपूर्ण शहर को सैनिटाइजेशन करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। बृहस्पतिवार को भी दिनभर निगम के तमाम सफाईकर्मी नगर के विभिन्न क्षेत्रों में.स्चच्छता की मुहिम में जुटे रहे। इसके अलावा सोशल डिस्टेसिंग के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के समय दुकानों में उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने की दिशा में निगम प्रशासन ने समुचित उपाय किये। इस कड़ी में किराना व सब्जी की दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का अनुपालन करने के लिए दुकान के बाहर कम से कम एक-एक मीटर की दूरी पर ग्राहकों के खड़े होने के लिए स्थान चिह्न्ति करवाया गया है। इसका बेहतर परिणाम भी वृहस्पतिवार को देखने को मिला और बुधवार के मुकाबले आज लोग अधिक सजग और जागरूक नजर आये।
नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सुबह सात से 10 बजे तक दी जा रही ढील के दौरान किराना और फल-सब्जी की दुकानों में लोग झुंड बनाकर खड़े हो रहे थे। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पा रही, जो कि कोरोना की रोकथाम को आवश्यक है। भीड़ को व्यवस्थित करने और संक्रमण का फैलाव रोकने के मद्देनजर दुकानों के बाहर ग्राहकों के खड़े होने को एक-एक मीटर की दूरी पर जगह मार्क कराई गई थी। इस पर अमल भी शुरू हो गया। इसके सार्थक नतीजे देखने को मिल रहे हैं। महापौर ममगाई ने कोरोना संकट संकट की घड़ी में शहरवासियों से शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन की अपील भी की।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण पहले स्टेज में, सावधानी बरतने की जरुरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देर सांय वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की अद्यतन स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गेहूँ की आटा मिलें चलती रहें, ये सुनिश्चित कर लिया जाए। पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाईन कराया जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों जिनकी रिपोर्ट लम्बित है, को सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाईन किया जाए। इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। जिलाधिकारी इनको क्रास चेक करा लें। जिलों में होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करें। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है। कोई छोटी से छोटी कोताही भी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून व हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते हैं, इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी 5 एकङ भूमि चयनित कर लें। जिन भी सीएमओ व अन्य अधिकारियों के नम्बर सार्वजनिक कर रहे हैं उन्हें सहायक भी दे दे। छोटी आटा चक्कियो को चलने दे। थोक सप्लाई को न रोके। दुकानों पर रेट लिस्ट अवश्य लगें। फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फेक्ट्री चलती रहें। कल मार्केट आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कम समय होने पर भीङ एक साथ आ जाती है। फल सब्जी, दूध दिनभर उपलब्ध होगी। सब्जियों की ठेलिया चल सकती हैं। चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे। दोपहिया वाहन सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे परंतु इनपर एक ही व्यक्ति बैठेगा।
बैठक में सचिव नितेश झा ने बताया कि अभी उत्तराखंड कोरोना के फेज एक में ही है। यहां पाए गए पाजिटिव केस बाहर से आए हुए हैं। स्थानीय संक्रमण नहीं हुआ है। सोशल डिस्टेंसिंग रखने में सफल रहे तो राज्य में कोरोना मामलों को रोकने में अवश्य कामयाब रहेंगे। आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। जिला चिकित्सालयों में कोरोना स्पेसिफिक अस्पताल स्थापित कर रहे हैं। आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
सचिव सुशील कुमार ने बताया कि खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी अन्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

21 दिनों तक घर की लक्ष्मण रेखा को न लांघेः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की जनता से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा अगले 21 दिनों के सम्पूर्ण लॉकडाऊन के आह्वान में पूरा सहयोग देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से इस लङाई में हम सभी भारतवासी अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। जब जब भी देश पर और मानवता पर संकट आया है, हम सभी की एकजुटता से संकट को दूर करने में कामयाब हुए हैं। आईये हम संकल्प लें कि अगले तीन सप्ताह अर्थात 21 दिनों तक हम अपने घर में ही रहेंगे। प्रदेशवासियों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कोई कमी नहीं हो, इसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर रखी हैं। राज्य सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शासन प्रशासन पूरी तरह एक्टिव है। तमाम कोशिशों के बाद भी हमें कुछ कष्ट उठाना पङ सकता है, परन्तु हम सभी के सामने आए इस भयावह संकट के सामने ये कष्ट कुछ भी नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र विकल्प है। घर की लक्ष्मण रेखा को न लांघकर कोरोना वायरस के संक्रमण की चैन को तोङना है। केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों की सबसे बडी प्राथमिकता अपने नागरिकों के जीवन को बचाना है। चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिसकर्मियों, सफाई कर्मियों, दूसरे अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया के साथियों के योगदान में सहयोग देने के लिये घर पर रहें।

अमेरिका से लौटी महिला की संदिग्ध मौत, प्रशासन ने सैपल लिए

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच छह मार्च को अमेरिका से उत्तराखंड लौटी एक महिला की खांसी और गले में खरास की शिकायत के बाद मौत होने की खबर मिली है। कोरोना से मौत की आशंका में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला के शव से सैंपल लेकर जांच को भेज दिया है। साथ ही महिला के परिजनों और किरायेदारों को क्वारंटीन कर दिया गया है। आसपास के इलाके को सेनिटाइज कर स्वास्थ्य विभाग पूरा एहतियात बरत रहा है।
बतातें चले कि शिवालिकनगर निवासी दंपती छह मार्च को अमेरिका से लौटे थे। बताया जाता है कि 56 वर्षीय महिला चार पांच दिन तक तो ठीक रही, लेकिन इसके बाद गले में खरास, जुकाम आदि की शिकायत होने लगी। 13 मार्च को भेल के अस्पताल में डॉक्टरों से दवा ली थी। चार दिन से महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। रविवार सुबह महिला के पति उन्हें दिखाने के लिए भेल अस्पताल लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। विदेश से लौटकर महिला की मौत की सूचना आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। शिवालिकनगर पालिका के चेयरमैन राजीव शर्मा ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी सी रविशंकर के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी टीम के साथ पहुंचीं।
विशेषज्ञों ने मृतक महिला के शव से सैंपल लिया। इसके अलावा पूर्व में हुई जांचों की रिपोर्ट भी देखी। सीएमओ ने बताया कि महिला को शुगर था और किडनी की भी समस्या थी। सीएमओ ने बिना पोस्टमार्टम कराए महिला के शव का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति दी। सीएमओ का कहना है कि सैंपल हल्द्वानी भेजा जा रहा है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद कुछ स्पष्ट हो पायेगा।

जनता कर्फ्यू में सहयोग जरूरी, महापौर ने नगरवासियों को दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में सुझाए गए कोरोना से बचाव के उपाय के बाद ‘जनता-क‌र्फ्यू’ को सफल बनाने के तहत नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने भी शहरवासियों से अपील की है। नगर निगम महापौर ने कहा कि कोरोना वायरस ने विश्वभर में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने भी देशवासियो से कोरोना वायरस को लेकर एकजुटता दिखाते हुए सरकार का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने इस महामारी से बचने के लिए अधिक समय घरों में ही बिताने के लिए कहा है। बाजार आदि भीड़ वाले इलाकों से बचने के लिए लोगों से अपील की है। महापौर ने इस महामारी से बचने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के पालन को बेहद जरूरी बताया। साथ ही उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बचाव के साधन प्रयोग करने की सलाह भी दी। महापौर ममगाई ने कहा कि कोरोना को लेकर लोगों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण है कि हम भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करें। घबरायें नहीं और फर्जी खबरों के जाल में न फंसे। उन्होंने नगरवासियो से कर्फ्यू के बारे में अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं की प्रतिमाह मॉनिटरिंग करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में पेयजल परियोजना अन्तर्गत कार्यों की समीक्षा हेतु एनआईसी द्वारा तैयार वेब पोर्टल को लांच किया। विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय पेयजल योजनाओं, जल शक्ति मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं का अनुश्रवण एवं मूल्यांकन इस ऑनलाइन पोर्टल से किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से पेयजल योजनाओं की कार्य प्रगति, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट, योजना के तहत लगाये गये एवं अवशेष कनेक्शनों की जानकारी भी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये की पेयजल योजनाओं की प्रतिमाह मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट दी जाय। जल शक्ति मिशन एवं अर्द्धनगरीय पेयजल योजनाओं के सफल संचालन के लिए कार्यों की निश्चित समयावधि तय की जाय। नमामि गंगे के तहत अवशेष कार्यों को जल्द पूर्ण किया जाय। वहीं, सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्ंयाकी ने जानकारी दी कि राज्य के अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए 385.81 करोड़ रूपये की 12 पेयजल योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय पेयजल योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 22 अर्द्धनगरीय क्षेत्र चिन्हित हैं। इस योजना के तहत 4.39 लाख लोगों को प्रतिदिन 12 से 16 घण्टे पेयजल आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर विधायक पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, एमडी स्वजल उदयराज सिंह एवं एनआईसी के अधिकारी उपस्थित थे।