कंपनी जीडीसीएल के निर्माण कार्य पर नमामि गंगे असंतुष्ट, ठोका जुर्माना

लक्कड़घाट में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए नगर के मार्गों पर नमामि गंगे का सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा हैं। इस कार्य को दिल्ली की जीडीसीएल कंपनी कर रही है। कंपनी को दिए समय के मुताबिक काम अभी तक 60 फीसदी हो जाना चाहिए था मगर, अभी तक 42 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका हैं। वहीं कंपनी के कार्य में कई बार शिकायतें तथा दुर्घटना भी हो रही है। इसी को देखते हुए नमामि गंगे ने कंपनी को एक लाख रूपए का जुर्माना लगाया हैं। वहीं अन्य जुर्माने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया है।

नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप कश्यप ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत कुल 72 करोड़ रुपये की लागत से लक्कड़घाट पर एक 26 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, तीन पंपिंग स्टेशन (मायाकुंड, बापूग्राम, सर्वहारानगर) तथा करीब 15 किलोमीटर मार्ग पर भूमिगत सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस पूरे कार्य का जिम्मा दिल्ली की कंपनी जीडीसीएल को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से निर्माण कार्य में आए दिन लापरवाही के मामले सामने आ रहे है। इसी के चलते 24 अप्रैल को कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उच्चाधिकारियों को और जुर्माना लगाने के लिए पत्राचार किया गया है।

लोनिवि, निगम, एनएच को दिया मुआवजा
प्रोजेक्ट मैनेजर (नमामि गंगे) संदीप कश्यप ने बताया कि भूमिगत सीवर लाइन बिछाने के कार्य के लिए जिस विभाग की सड़क को उखाड़ा जा रहा है, उसे पिछले वर्ष ही धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। इसमें लोक निर्माण विभाग को दो करोड़ 31 लाख, नेशनल हाईवे को 94 लाख, नगर निगम को 87 लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि भूमिगत लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण होने पर इसका टेस्टिंग कराया जाएगा। इस दौरान कहीं से भी लीकेज की समस्या आती है, तो दोबारा उसे दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद ही सड़क निर्माण हो सकेगा।

हेमकुंड साहिब यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने की गुरूद्वारा ट्रस्ट ने की पहल

माता वैष्णो देवी की तरह ही श्रीहेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं को डिग्रेडेबल थैले में प्रसाद दिया जाएगा। यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए गुरुद्वारा श्रीहेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट इस साल से यह पहल करने जा रहा है। इसके लिए उसने पूरी तैयारी भी कर ली है। यह थैला दिखने में प्लास्टिक की तरह ही होगा, लेकिन जमीन पर पड़ा रहने पर यह 180 दिन यानी छह माह में खाद में बदल जाएगा।

यह पूरी तरह सल्फर और गंध मुक्त होगा। अभी तक होता यह है कि रोक के बावजूद यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालु पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से करते हैं। इस पर रोक के लिए यह पहल की जा रही है। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा के मुताबिक यात्रियों से पॉलिथीन का कोई भी सामान यात्रा मार्ग पर उपयोग न करने की विशेष अपील की गई है। ट्रस्ट का मानना है कि उसकी पहल से श्रद्धालु यहां की सकारात्मक छवि लेकर अपने यहां लौटेंगे। पिछले वर्ष श्री हेमकुंड साहिब के लिए करीब ढाई लाख श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे थे।

पहला जत्था 30 मई को होगा रवाना
चारधाम यात्रा की तरह श्रीहेमकुंड यात्रा को भी संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की संचालित करती है। इस वर्ष काफी बर्फवारी होने के चलते एक जून से श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। इसके लिए पहला जत्था 30 मई को रवाना होगा। रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृज भानु प्रकाश गिरी ने बताया कि इस वर्ष एक जून से हर रोज गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट को चार बसें प्रदान की जाएंगी। डिमांड बढ़ने पर यह संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

इन देेशों से पहुंचेंगे श्रद्धालु
श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए भारत के सभी प्रांतों के श्रद्धालुओं के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, कनाडा, बैंककॉक, न्यूजीलैंड, इटली, बेल्जियम, पाकिस्तान सहित कई देशों के श्रद्धालु दर्शन को हर वर्ष पहुंचते हैं।

नेपाल में बैठे युवक ने पत्नी को दिया मोबाइल पर तलाक, एसएसपी ने की ये कार्रवाई

एक व्यक्ति ने नेपाल में बैठकर अपनी पत्नी को मोबाइल पर तीन बार तलाक बोल दिया। इससे पीड़िता की शिकायत पर हरिद्वार एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूडी ने पति के ससुराल पक्ष पर मुकदमा दर्ज कर लिया।

ज्वालापुर क्षेत्र के गांव सराय निवासी सलीम की बेटी फरजाना का निकाह मई 2016 में सउद उर्फ सोनू अंसारी पुत्र मसूद निवासी गांव लंढौरा से हुआ था। आरोप था कि निकाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज कम मिलने की बात कहकर प्रताड़ित करते थे। जैसे तैसे उसके पिता, भाई ने कई लाख की रकम ससुराल पक्ष को दी थी लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। आरोप था कि नवंबर 2018 में गांव पदार्था पथरी में उसकी रिश्तेदारी में निकाह था।

निकाह संपन्न होने के बाद उसके ससुराल पक्ष ने कहा कि उसका पति सउद किसी काम से नेपाल गया हुआ है और जब वह आ जाएगा तब ससुराल चली आना। आरोप है कि कुछ दिन बाद ससुराल पक्ष ने दहेज में कार और एक लाख की रकम न मिलने पर मायके आकर उसके साथ मारपीट कर दी थी। इतना ही नहीं जनवरी 2019 में उसके पति सउद ने नेपाल से मोबाइल फोन पर संपर्क साधकर उसे तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने की बात कही और धमकी भी दी कि यदि फिर से उसके घर आने की कोशिश की तो गंभीर परिणाम भुगतना होगा।

पीड़िता ने ज्वालापुर पुलिस से शिकायत की थी लेकिन मामले को महिला हेल्प लाइन ट्रांसफर किया गया था। महिला हेल्प लाइन में हुई काउंसिलिंग के दौरान पीड़िता के आरोप के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई। कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि पति, ससुर मकसूद, सास कौसर जहां और ननद रूकसार के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

एनओसी न लेने पर इन होटलों को अग्निशमन ने दिए नोटिस

कई वर्षों से अग्निशमन विभाग की एनओसी के बिना संचालित हो रहे तीर्थनगरी के होटल, रेस्टोरेंट को विभाग ने नोटिस दिया है।

अग्निशमन अधिकारी अर्जुन सिंह ने बताया कि फायर स्टेशन ऋषिकेेश के क्षेत्रांतर्गत देहरादून रोड स्थित टिपटॉप रेस्टोरेंट, होटल चंद्रभागा, मोती महल, स्पर्श गंगा, ऋषभ लॉज, हिमालय, बीटीसी रोड स्थित होटल दिग्विजय, अमन पैलेस, हरिद्वार रोड स्थित गंगा पेइंग गेस्ट हाउस, होटल आकाश गंगा, मेनका, छिद्दरवाला स्थित होटल सम्राट, रायवाला में जायका रेस्टोरेंट, चौहान फैमिली रेस्टोरेंट, होटल च्वाइस, मगन होटल, महर, धरौंदा, संघाई वेडिंग प्वाइंट, भगवान आश्रम में मानकों के अनुरूप अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं है।

अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि उपरोक्त संस्थानों ने विभाग से एनओसी नहीं ली है। ऐसे में चारधाम यात्रा के चलते यहां यात्रियों के आवागमन के दृष्टिगत अग्नि सुरक्षा अति संवेदनशील है। इन सभी को विभाग ने नोटिस थमाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही उक्त सभी प्रतिष्ठानों ने अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नगर भर में संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के ही संचालित हो रहे। नियमानुसार निर्माण के दौरान ही एनओसी लेना अनिवार्य होता है। अग्निशमन अधिकारी अर्जुन सिंह का कहना है कि जिन्हें नोटिस जारी किया है उनमें कई ऐसे प्रतिष्ठान हैं जो दो साल से संचालित हो रहे हैं, इसके बावजूद उन्होंने एनओसी नहीं ली। उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद एक बार पूर्व में भी नोटिस जारी किया जा चुका है। इसी क्रम में दोबारा भी नोटिस जारी किया जा रहा है। यदि इसके बावजूद एनओजी नहीं ली जाती है तो इसकी रिपोर्ट एसडीएम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को भेजी जाएगी

तीर्थनगरी की गौरांगी ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में देश में दूसरा व उत्तराखंड में किया टॉप

तीर्थ नगरी की गौरांगी चावला ने ऑल इंडिया सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 498 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि प्रदेश में टॉप किया है।

चंद्रेश्वर नगर निवासी श्वेता चावला और अनिल चावला की छोटी पुत्री गौरांगी चावला ने अंग्रेजी में 99, पॉलीटिकल साइंस में 99 और इतिहास, फिजिकल एजुकेशन तथा जियोग्राफी विषय में 100 अंक प्राप्त किए हैं। उत्तराखंड टॉपर गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यवसाय तथा माता श्वेता चावला घरेलू महिला है। परिवार में दादी दर्शना देवी, बड़ी दीदी अर्पणा चावला भी है।

गौरांगी चावला ने बताया कि प्रतिदिन वह 05 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 09 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

पढ़ाई को बोझ न समझे बल्कि रुचि लेः गौरांगी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए गौरांगी ने कहा कि हमेशा चिंता मुक्त रहें, पढ़ाई को कभी भी बोझ ना समझे। बल्कि इसमें रुचि लें। जब भी मन करे पढ़ाई को समय अवश्य दें।

आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहती है गौरांगी
सीबीएसई 12वीं की उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला का सपना है कि वह आगे चलकर देश सेवा करें इसके लिए वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय या पंजाब विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगी।

खाली समय में पालतू जानवर के साथ रहती है गौरांगी
पढ़ाई के अलावा जब भी गौरांगी खाली रहती है वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक्टिव रहती हैं। साथी अपने पालतू जानवर कुत्ते के साथ समय बिताती हैं।

दिवंगत दादा को मानती हैं अपना प्रेरणास्रोत
उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला अपना प्रेरणास्रोत दिवंगत दादा स्व. केएल चावला को मानती है उनके दादा स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड थे जिनका पिछले वर्ष देहांत हो गया।

अपना बेस्ट दिया था सोचा नहीं था मेरिट पर आऊंगी
गौरांगी चावला का कहना है कि परीक्षा से पहले उन्होंने अपने सभी विषयों की करीब 5 बार अच्छे से तैयारी की थी। परीक्षा मैं भी उन्होंने अपना 100ः दिया था मगर यह उम्मीद नहीं थी कि मेरिट पर आएंगी।

सफलता का श्रेय माता को देती हैं गौरांगी
अपनी सफलता का श्रेय गौरांगी सभी को देना चाहती हैं मगर विशेषकर वह अपनी माता का शुक्रिया अदा करती हैं। उन्होंने बताया की माता ने उनकी पढ़ाई में साथ देने के लिए बहुत समझौते किए हैं। खान-पान से लेकर देखभाल तक किसी भी चीज में कोई कमी नहीं की है।

पॉलिथीन जब्तीकरण के दौरान प्रशासन के साथ हुई नोंकझोंक, आठ कुंतल जब्त

इन दिनों ऋषिकेश में नगर निगम की ओर से पॉलिथीन हटाओं अभियान चल रहा है। बुधवार को भी टीम पॉलिथीन के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही थी। टीम बीटीसी रोड पर दिल्ली ट्रेडर्स नामक दुकान पर पहुंची। टीम ने यहां से प्रथम चरण में 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर ली। इसके बाद व्यापारियों ने टीम को घेर लिया और आगे कार्रवाई न करने को कहा। इसके बाद व्यापारी मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल से भी उलझते रहे। पुलिस बल की मौजूदगी में करीब आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त हुई।

दुकान संचालक दीपक गुप्ता व आसपास के व्यापारी ललित मोहन मिश्र, मनोज कालड़ा आदि निगम की कार्रवाई का विरोध करने लगे। सूचना पाकर मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान और उप जिलाधिकारी प्रेमलाल भी मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने दुकान में प्रवेश कर निरीक्षण की कोशिश की तो व्यापारियों ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया।

इस दौरान व्यापारियों और मुख्य नगर आयुक्त (एमएनए) के बीच काफी देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही। एमएनए दुकान और गोदाम का निरीक्षण कर पॉलिथीन जब्त करने का तर्क दे रहे थे, तो दूसरी ओर व्यापारी 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर कार्रवाई को रफादफा करने की जिद पर अड़े रहे। आखिरकार व्यापारियों का अड़ियल रुख नाकाम रहा और दो चक्रों में हुई कार्रवाई के दौरान कुल आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त की गई।

जमीन के नाम पर की 22 लाख की ठगी

ऋषिकेश के तपोवन में जमीन दिलाने के नाम पर 22 लाख रूपए की ठगी का मामला सामने आया है। यहां जमीन के नाम पर देहरादून निवासी एक युवक पर दिल्ली के व्यापारी से 22 लाख रुपए ठगने का आरोप लगा है। जमीन पर कब्जा नहीं मिलने के बाद व्यापारी को अपने साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसकी शिकायत टिहरी जिले के कप्तान डॉ. वाईएस रावत को पत्र भेजकर की गई है। व्यापारी ने रकम वापस दिलाने के साथ जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, कप्तान डॉ. वाईएस रावत ने मामले की जांच मुनिकीरेती थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी को सौंप दी है।

टिहरी कप्तान को भेजे पत्र में दिल्ली निवासी व्यापारी राजकुमार आनंद ने बताया कि कुछ समय पूर्व उनकी पहचान देहरादून निवासी एक युवक से हुई थी। उक्त युवक ने उन्हें तपोवन में व्यापार के लिए एक जमीन सस्ते में दिलाने का ऑफर दिया। उन्होंने बताया कि जमीन देखने के बाद उन्होंने बयाने के तौर पर किश्तों में 22 लाख रुपये भी युवक को दे दिए। कब्जा दिलाने और रजिस्ट्री कराने के समय युवक आनाकानी करने लगा। लंबे समय तक कब्जा नहीं मिलने पर उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

उन्होंने दी गई रकम वापस मांगी तो वह उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी। इस संबंध में राजकुमार आनंद ने टिहरी कप्तान डॉ. वाईएस रावत से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मुनिकीरेती थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने बताया कि मामले की जांच टिहरी कप्तान की ओर से उन्हें मिल गई है। इसमें जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय युवाओं ने उठाया प्राकृतिक जल स्त्रोत के संरक्षण का बीड़ा

ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ के खादर क्षेत्र में लगभग 100 साल से भी अधिक पुराने प्राकृतिक जल उद्गम स्थल के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने कदम बढ़ाया है। युवाओं ने श्रमदान कर पौराणिक जल उद्गम स्थल के चारों ओर पत्थरों का घेरा बनाया। ताकि, यह जल उगल स्रोत विलुप्त होने से बचा रहे।

बता दें कि खदरी के राजकीय पॉलीटेक्निक के समीप स्थित यह जल उगल स्रोत वर्षों पुराना है। बोक्सा जन जाति के पुराने जानकारों के मुताबिक खदरी का समस्त खादर क्षेत्र नागाओं की भूमि हुआ करती थी। नागा बाबा इस पौराणिक जल ओगल (उगल) स्रोत से ही पेयजल ग्रहण करते थे। जमींदारी उन्मूलन अधिनियम के बाद खादर क्षेत्र उन सभी कृषकों का हो गया जो नागाओं की खेती किया करते थे।

गंगा स्वच्छता अभियान से जुड़े पर्यावरण मामलों के जानकार विनोद जुगलान विप्र का कहना है कि जब बिजली पानी की इतनी व्यवस्था नहीं थी, तब हम इस प्राकृतिक जल स्रोत का उपयोग किया करते थे। सन 1971 में भारत पाक युद्ध के समय शाम ढलते ही ब्लैक आउट हो जाया करता था। तब यह जल स्रोत खदरी के ग्रामीणों की प्यास बुझाने का एक मात्र बड़ा साधन था। इसी तरह लक्कड़ घाट के समीप भी कुछ अन्य जल उगल थे।

वर्तमान में एक दो को छोड़कर बाकी सभी सीवरेज के पानी के कारण पीने योग्य नहीं रह गए हैं। खदरी के खेतों में पॉलीटेक्निक के समीप इस प्राकृतिक जल उगल का पानी आज भी पीने और स्नान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। बरसात में खेतों से अतिरिक्त पानी आने के कारण यह उजड़ने लगता है। इसके संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने पत्थरों की बाड़ बनाई।

तीर्थनगरी पहुंचे क्रिकेटर उन्मुक्त चंद, बोले सीनियर टीम में वर्ल्डकप जिताना है सपना

द स्काई आफ द लिमिट पुस्तक को लांच करने ऋषिकेश पहुंचे क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने प्रशंसकों ने खुलकर वार्ता की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में उन्होंने अपनी यात्रा वृत्तांत का जिक्र किया है।

क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने अपने प्रशंसकों से बातचीत की और खुद के साइन की हुई किताब प्रशंसकों को दी। उन्होंने बताया कि 2012 के अंडर-19 वर्ल्ड कप से पूर्व उन्होंने इस पुस्तक का 80 फीसदी हिस्सा लिख दिया था। बाकी हिस्सा वर्ल्ड कप जीतने के बाद लिखा। इस दौरान प्रशंसकों ने उनकी पुस्तक को खरीदा।

क्रिकेटर को गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजे नेगी, रोटरी क्लब सेंटर के अध्यक्ष दीपक तायल, समाज सेवी राधे साहनी ने पुष्प गुच्छ और प्रदेश की लोकभाषा की पहली वर्णमाला पुस्तक एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

सपना है सीनियर वर्ल्ड कप जीतने का
क्रिकेटर उन्मुक्त चंद ने बताया कि मात्र 19 वर्ष की आयु में उनके नाम अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने का खिताब बतौर कप्तान के रूप में दर्ज हुआ है। यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए यादगार लम्हा रहेगा। उनका सपना अंडर-19 की तरह भारत की सीनियर क्रिकेट टीम का नेतृत्व करना और कप जीतना है। उनमुक्त ने कहा कि उत्तराखंड से मेरा जुड़ाव पुराना है। मुझे जब भी समय मिलता है। मैं उत्तराखंड आकर अपनी थकान मिटाता हूं। पहाड़ की वादियों में आकर बहुत सुकून मिलता हैं।

देर शाम तक राफ्ट गंगा में चलती रही, पुलिस ठोंका 5000 रूपए का जुर्माना

रविवार की देर शाम मुनिकीरेती पुलिस ने नीम बीच पर चेकिंग की। इस दौरान एक राफ्ट को देर शाम भी गंगा में चलाने पर जवाब मांगा। संतोषजनक जवाब ने मिलने पर पुलिस ने 5000 रूपए का जुर्माना वसूला है।

प्रभारी निरीक्षक मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने आगामी यात्रा सीजन के दृष्टिगत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सूर्यास्त के पश्चात चलने वाली रॉफ्ट चालको को जल पुलिस की मदद से नीम बीच पर रोक लिया। इस दौरान अधिकतर राफ्ट को चालको ओर यूनियन की ओर से विलंब के कारणों से संतुष्ट होते हुए प्रभारी निरीक्षक ने भविष्य के लिए चेतावनी देकर छोड़ दिया। वहीं, अत्यधिक विलंब से पहुचने वाली एक राफ्ट संख्या 155 पर मौके पर 5000 रुपए का जुर्माना किया है।

विदित हो कि पिछले तीन माह में रॉफ्टों से आधा दर्जन दुर्घटनाएं हुई है जिनमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। इस संबंध में एक मामले में थाना मुनिकीरेती पर अभियोग पंजीकृत वर्तमान में विवेचना प्रचलित है।

कैंपों में डीजे पर भी लगेगा प्रतिबंध

प्रभारी निरीक्षक मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि क्यारकी निवासियों की शिकायत पर पुलिस ने क्यारकी स्थित कैंपों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने कैंपों में किसी भी प्रकार का डीजे व ध्वनि प्रदूषण न करने की हिदायत दी। कैम्पो में अब डीजे का प्रयोग करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

बता दें कि कैम्प संचालकों ओर ग्रामीणों के मध्य आए दिन विवाद होते हैं। जिनमें डीजे प्रमुख विवाद है। प्रभारी निरीक्षक ने जांच में पाया गया कि कैम्पो में प्रतिदिन शाम ढलते ही 12-1 बजे तक तेज आवाज में कर बजाए जा रहे है। इस कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिसे ध्यान में रखते हुए डीजे का प्रयोग करने पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।