प्रदेश में काश्तकारों को उपलबध कराया जायेगा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि उपकरणों की व्यवस्था हेतु कृषि ऋण

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के काश्तकारों को कृषि उपकरणों की व्यवस्था हेतु शून्य ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। इसके ब्याज की धनराशि की भरपाई खनन, परिवहन एवं ऊर्जा के क्षेत्र से हुई राजस्व प्राप्ति से की जायेगी। इससे किसानों को सुविधा होने के साथ ही उनकी आय दुगनी करने में मदद मिलेगी। इससे पूर्व पं. दीनदयाल किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त किसानों को दो प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा था इससे लाखों किसानों को फायदा हुआ है। अब शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर काश्तकारों को ऋण उपलब्ध कराने से किसानों को सुविधा होगी। यह किसानों के कल्याण के लिये महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा सोमवार को पौड़ी में की।

पौड़ी में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का शुभारम्भ करने के साथ ही 107.73 करोड की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 78.08 करोड की 11 योजना का लोकार्पण तथा 29.65 करोड की 14 योजनाओं का शिलान्यास करते हुए कही। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पौड़ी के कोट ब्लाक स्थित देवार में एनसीसी एकेडमी खोलने, पौड़ी की ल्वाली झील का निर्माण करने, कोट ब्लाक के फलस्वाड़ी में माता सीता मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए दो करोड़ देने, उत्तरकाशी में राज्य का पहला स्किल डेवल्पमेंट कॉलेज बनाने, जयहरीखाल में मेधावी बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय बनाने, 19.11 करोड की लागत से रामकुंड देवप्रयाग-सबदरखाल-कादेखाल पंपिंग योजना का निर्माण करने, कल्जीखाल ब्लाक में ग्राम भक्तोली-मुंडनेश्वर तथा डांग-भवन्यू-कोलड़ी से श्रीकोट-पोखरीखेत तक मोटर मार्ग निर्माण, कोट ब्लाक में बन्तापानी-कड़ाकोट-भुवनेश्वर तथा पौड़ी ब्लाक में घोड़ीखाल बैंड से पाली-रैदुल-आलीधार मोटर मार्ग का निर्माण, पक्कीकरण व सुधारीकरण करने एवं सतपुली थाने के समीप स्वास्थ्य विभाग की भूमि पर बने सुलभ शौचालय नगर पंचायत सतपुली को आवंटित करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी एकेडमी के लिए 10 एकड़ भूमि को चयनित की गई है, वहीं पौड़ी की ल्वाली झील निर्माण की डीपीआर तैयार हो चुकी है। झील का निर्माण 6.50 करोड़ की लागत से शुरू किया जाएगा। झील में लगभग 80 लाख लीटर पानी रिजर्व किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने पौड़ी तथा टिहरी की स्थिति पर चिंता जताई। कहा कि इन जनपदों की रौनक को दोबारा लौटाने के लिए सरकार की ओर से ठोस येाजनाएं बनायी जा रही हैं। इसके तहत पौड़ी जनपद में एनसीसी एकेडमी की स्थापना की जायेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के लिये 02 एम्बुलेंसों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

100 बेड के अस्पताल से मिलेगी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड को नए वर्ष की सौगात के रूप में 1 जनवरी को देहरादून में 100 बेड के प0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने मौके पर ही कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि एक साल पांच महीने तेईसवे दिन 23 जून 2020 को यह अस्पताल किसी भी स्थिति में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल निर्माण का काम पूरी तरह से क्वालिटी कन्ट्रोल के साथ किया जाए। अत्याधुनिक तकनीक व सुविधाओं के साथ चैबीस घण्टे इसका निर्माण कार्य चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे देहरादून वासियों की काफी समय से अपना जिला अस्पताल न होने की चिन्ता भी खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय भवन निर्माण कला के साथ भवन व घर निर्माण करने वालो को एक फलोर या मंजिल और बनाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की परम्परागत पर्वतीय भवन निर्माण शैली दुनिया की सबसे अच्छी भवन निर्माण कला व शैली है। यह वातानुकूलित है जिसे हमारे पूर्वजों ने अपने अनुभवों के आधार पर विकसित किया है। इससे राज्य की विशिष्ट पहचान व कला दुनिया के सामने आएगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सभी सरकारी अस्पतालों व निजी संस्थानों के चिकित्सकों को आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी अस्पतालों को रेगुलरराइज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत परिवर्तन उत्तराखण्ड के लिए आमूल चूल परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम समस्याओं के सतही समाधान नही बल्कि स्थायी समाधान में विश्वास रखते है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य की जनता को नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नया वर्ष हम सब के लिए अच्छा स्वास्थ्य, जीवन में संवर्द्धन लेकर आए, हम जीवन की नई-नई ऊंचाईयों को छुए और हमारा व्यक्तित्व बहुआयामी हो ऐसी कामना है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारे राज्य के लिए बहुत खुशी की बात है कि राज्य में ऐसे भी चिकित्सक है जोे अच्छा वेतन व बड़े निजी अस्पतालों की नौकरियां छोड़ कर के एक चैथाई वेतन पर प0दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके लिए न्यूरोसर्जन डा0 राहुल अवस्थी जैसे डाॅक्टर बधाई व प्रशंसा के पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन चिकित्सालय आज व भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। कुल क्षेत्र 8141 वर्ग मीटर जैसे बड़े क्षेत्र में इसका निर्माण होगा है। यह अस्पताल कुल 136 बेड का है जिसमें 76 जनरल वार्ड, 24 बर्न वार्ड, 11 आईसीयू बेड, 9 बेड का रिकवरी वार्ड और 16 इमरजेंसी बेड व 4 आॅपरेशन थियेटर होंगे। यह अत्याधुनिक व पूरी तरह से कम्पयूटराइज्ड होगा। अस्पताल में डाईग्नोसिस हेतु एम0आर0आई0 , सी0टी0 स्कैन, एक्स रे, ब्लड बैंक, ब्लड सैंपल, ब्लड डोनेशन आदि सभी सुविधाए होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 108 सेवा निरन्तर चलती रहेगी। मोबाइल मेडिकल वैन के प्रभावी संचालन हेतु मोटर वीकल एक्ट में तकनीकी कारणों के लिए परिवर्तन पर विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक श्री खजानदास, श्रीमती ऋतु खंडूरी, सचिव स्वास्थ्य श्री नितेश कुमार झा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 एस0के0गुप्ता आदि उपस्थित थे।

राज्य सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाएं देने का कर रही प्रयासः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही राज्य सरकार की 700 से अधिक सेवाएं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से आमजन को उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही उत्तराखंड के हर ब्लॉक में एक गांव डिजिटल विलेज बनाया जाएगा। उत्तराखंड सरकार का प्रयास है कि आने वाले एक वर्ष के भीतर दूरस्थ क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हो। हमारे नौजवान सृजनशील, परिश्रमी व बुद्धिमान है, उन्हें केवल व्यवसायिक कौशल सीखने की जरूरत है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रगति के लिए व्यवसायिक गुण होना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड सरकार द्वारा बिजनेस मॉडल पर आधारित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के द्वारा रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने घोषणा की कि हरिद्वार देश का पहला जिला है जिसकी सभी पंचायतें वाई-फाई हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को आईआरडीटी सभागार में उत्तराखंड टॉप ट्रांजैक्टिंग वीएलई कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश भर से आए सीएससी ग्रामीण स्तरीय उद्यमियों का उत्साहवद्धर्न किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड में 5000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय है। राज्य में 9622 कॉमन सर्विस सेंटर पंजीकृत है जिसमें से 7619 ग्रामीण क्षेत्र में है तथा दो हजार के लगभग शहरी क्षेत्र में है। आज राज्य में 233044 लाभार्थी पंजीकृत किए जा चुके हैं जिनमें से 100412 लाभार्थी प्रमाणीकृत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में आईटी के माध्यम से विषमताओं को दूर करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) राज्य में काम कर रहे हैं उससे पता चलता है कि उत्तराखंड बहुत तेजी से आईटी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड सरकार का प्रयास है कि जल्द से जल्द पूरे राज्य को वाईफाई सेवाएं पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस प्रकार के नीतिगत परिवर्तन किए हैं ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में तकनीक के माध्यम से आमजन को सेवाएं उपलब्ध हो सके।

उत्तराखंड राज्य का 71 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित होने के कारण विभिन्न प्रकार के पर्यावरणीय अनुमोदन की आवश्यकता पड़ती है। अतः राज्य सरकार द्वारा नीतिगत परिवर्तन द्वारा इस दिशा में निश्चित रूप से गति आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हमारे गांव डिजिटल रूप से मजबूत होते हैं तो ग्रामीणों को अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं व योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। पिछले वर्ष राज्य सरकार ने टेली रेडियोलॉजी व टेलीमेडिसिन की शुरुआत की। आज हमारे 35 मुख्य अस्पतालों विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पतालों को टेलीमेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी से जोड़ा गया है।

आने वाले समय में उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ जैसे स्थानों पर भी कॉल सेंटर्स खोले जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्थानीय आर्थिक को मजबूत करके स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अधिकाधिक अवसर खोलने हेतु ग्रोथ सेंटर विकास की परिकल्पना पर काम कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने राज्य की तीन सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमियों व डिजिटल लिटरेसी के माध्यम से लाभ प्राप्त करने वाले पांच लाभार्थियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही इस अवसर पर राज्य सरकार की 250 से अधिक सेवाएं कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से दिए जाने के संबंध में एमओयू किया गया।

अंतरराज्जीय नकली नोट गिरोह के छह सदस्य पुलिस ने दबोचे

देहरादून पुलिस ने नकली चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को धर दबोचा है। पकड़े गए लोगों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने इनके पास से दो हजार, पांच सौ और सौ रुपये के जाली नोट बरामद किए गए हैं। जिनकी कीमत 96 लाख 96 हजार रुपये है। साथ ही पुलिस ने स्कैनर, प्रिंटर, केमिकल के अलावा एक कार भी जब्त की है।

एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सहसपुर पुलिस को संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों के चेकिंग के आदेश दिए गए थे। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली नंबर की एक कार में एक महिला समेत छह लोग बैठे हैं और उनके पास नकली नोट हैं। वह सहसपुर क्षेत्र में ग्राहक की तलाश में घूम रहे हैं। चेकिंग के दौरान ही दिल्ली नंबर की कार को रोककर जांच की गई तो नकली नोटों की खेप बरामद हो गई। इसमें पांच सौ के 93, सौ के नए 182 व पुराने 313 नोट और दो हजार चूरन लेबल के 48 गड्डी नोट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 96 लाख 96 हजार थी।

आरोपितों की पहचान सलमान महमूद पुत्र महमूद खान निवासी शास्त्री नगर, थाना नौचंदी, मेरठ हाल निवासी फ्रीडम फायटर कॉलोनी, साकेत, महरौली, दिल्ली, मनदीप शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी मोहल्ला पतवार, नांगल, हरियाणा हाल निवासी वाल्मीकि बस्ती मैदान गढ़ी महरौली, दिल्ली, मदन शर्मा उर्फ फूफा पुत्र भोपाल निवासी कृष्णा नगर, थाना कोतवाली, गंगनहर हरिद्वार उसके बेटे आकाश और राहुल के अलावा महिला की पहचान भावना कुमार पत्नी राम कुमार निवासी कैलाश कॉलोनी, दिल्ली के रूप में हुई है।

आरोपितों में शामिल मदन शर्मा उर्फ फूफा निवासी कृष्णा नगर, गंगनहर, हरिद्वार अपने बेटे आकाश और राहुल के साथ घर पर ही नकली नोट बनाते थे। अन्य तीन आरोपित सलमान, मनदीप और भावना दिल्ली में रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग करते हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि कारोबार न चलने से वह काफी परेशान थे। उनके किसी परिचित ने उनकी मुलाकात मदन शर्मा से कराई। जिसके बाद से यह मदन और उनके लड़कों के साथ मिलकर नकली नोट का कारोबार करने लगे।

एसओ सहसपुर नरेश राठौर के मुताबिक, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह ऐसे ग्राहकों को अपने चंगुल में फंसाते थे जो आसानी से लालच में आ जाएं। वह ग्राहक से असली नोट लेकर उन्हें दोगुने नकली नोट देते थे। सौ और पांच सौ का नोट हूबहू होने के कारण उसे वह ग्राहक के सामने ही किसी दुकान में चलाकर दिखाते थे। जिससे ग्राहक लालच में आ जाता था। आरोपितों ने बताया कि ग्राहकों को विश्वास में लेने के लिए वे अपने पास चूरन लेबल के दो हजार के लाखों नोट रखते थे। इसके साथ ही वह सौ और पांच सौ के नोट भीड़भाड के दौरान दुकानों, पेट्रोल पंपों, शराब की दुकानों में चला देते थे।

मुख्यमंत्री ने दी किच्छा को नई सौगात, जानिए कौन सी घोषणा की

बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का किच्छा मे आदर्श महाविद्यालय स्वीकृत होने पर नागरिक अभिनन्दन किया गया। इन्दिरा गांधी खेल मैदान किच्छा में आयोजित अभिनन्दन समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह ने कहा कि 20 माह के कार्यकाल मे राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर नकेल कसी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वर्ग-4 की भूमि पर मालिकाना हक हेतु 31 मार्च, 2019 तक समय बढाने की घोषणा की। उन्होंने कहा 31 मार्च तक पुराने सर्किल रेटो के आधार पर ही मालिकाना हक दिया जायेगा। उन्होंने मिट्टी की रायल्टी को व्यवहारिक बनाने, भूमिहीनो को भूमि उपलब्घ कराने, किच्छा में नया बस अड्डा बनाने, किच्छा चीनी मिल मे एथेनॉल प्लांट स्थापित करने, पाहा नहर की कवरिंग कर सड़क निर्माण करने, किच्छा क्षेत्र की आन्तरिक 20 किमी सडको का जीर्णोधार करने, नजूल भूमि की समस्या को हल करने के लिए अलग से नीति बनाने व उसका समाधान निकालने, 74 खटीमा-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग- ग्राम महतोष से ग्राम नवाबगंज शहीद बलजीत सिह की मूर्ति तक 04 किमी सडक का निर्माण करने, किच्छा मे नदी पर बने अधूरे रपटा पुल का निर्माण कराये जाने, आईटीआई किच्छा हेतु भवन बनाने, नगला, लालपुर व सिंरौलीकलां को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने, किच्छा प्राग फार्म मे पं. गोविन्द बल्लभ पंत की मूर्ति की स्थापना करने, तहसील भवन, एसडीएम कार्यालय भवनांे का निर्माण करने, स्वीकृत फायर बिग्रेड स्टेशन का निर्माण, किच्छा में कन्या इण्टर कालेज में 04 अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण, ग्राम खुरपिया की 1000 एकड़ भूमि पर सिडकुल की स्थापना करने, किच्छा-हल्द्वानी मार्ग से शांतिपुरी नम्बर 04 मे अंजनिया तक मार्ग का चौडीकरण किये जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसानो को निराश होने की जरूरत नही है उनके लिए भी नई रणनीती बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 2022 तक सभी बीपीएल परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जायेगा। उत्तराखण्ड मे 25 दिसम्बर को अटल बिहारी बाजपेयी के जन्म दिन पर अटल आयुष्मान योेजना लांच की जायेगी ताकि सभी लोगो को निःशुल्क स्वास्थ सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 1.25 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर हुये है। जिनका हर सप्ताह फॉलो अप किया जा रहा है।

राज्य में मार्च 2019 तक 30 हजार करोड़ के इन्वेस्टमेंट की रिक्वारमेंट आयी है तथा 04 हजार करोड़ के प्रस्ताव पुराने उद्योगों के सक्सपेटेशन से संबंधित प्रस्ताव भी प्राप्त हुये है। अभी तक राज्य के तराई आदि क्षेत्रों में ही इन्वेस्टमेंट के प्रस्ताव आते थे, अब पहाड़ो में भी निवेश के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर हुये है। उन्होनेे कहा जनपद उधमसिंह नगर मे शीघ्र ही प्लास्टिक पार्क व अरोमा सिटी विकसित की जायेगी।

सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर की दो लाख की ठगी, पुलिस ने धर दबोचा

देहरादून के एक व्यक्ति को सरकारी टेंडर के जरिए ठेका दिलाने की बात कहने वाले फर्जी पीसीएस अधिकारी को दून पुलिस ने धर दबोचा है। फर्जी अधिकारी के पास कई सरकारी विभागों की मोहरे भी मिली है। पुलिस ने जानकारी के अनुसार पकड़ा गया युवक पीसीएस के इंटरव्यू में फेल हो जाने के बाद से फर्जी पीसीएस अधिकारी बनकर घूम रहा था।

एसपी सिटी पीके राय ने बताया कि मंगलवार को दून में प्रापर्टी डीलिंग और रेस्टोरेंट चलाने वाले ओमवीर सिंह ढाका निवासी ग्राम भवानीपुर, पोस्ट चंदोक, बिजनौर ने बताया कि कुछ दिन पहले उनसे एक शख्स मिला। उसने अपना नाम सुधांशु पांडेय बताया और कहा कि वह सचिवालय में पीसीएस अधिकारी है और इन दिनों श्रम विभाग में कार्यरत है। कहा कि वह उसे श्रम विभाग में ठेकेदारी का लाइसेंस दिला देगा। इसके लिए उसने रुपये की मांग की।

ओमवीर ने बताया कि यह बात जब उसने अपने दोस्तों को बताई तो वह भी लाइसेंस लेने के लिए तैयार हो गए और सुधांशु को लगभग सवा दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसने सरकारी मोहर लगे कुछ दस्तावेज उन्हें दिखाए, लेकिन जब उसकी पड़ताल की गई तो वह फर्जी पाए गए।

एसपी सिटी ने बताया कि दस्तावेजों में सरकारी भाषा की नकल गई थी, लेकिन कई ऐसी बातें सामने आई, जिससे सुधांशु के फर्जी अधिकारी होने का शक पुख्ता हो गया। बुधवार को उसे आइटी पार्क के पास बुलाया गया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सुधांशु के पास से कई सरकारी मोहरें और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। उसके खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अंग्रेजी बोलने में है अव्वल
सुधांशु पांडेय (32) पुत्र मुन्नू प्रसाद निवासी 126 किदवईनगर, थाना महराजगंज, कानपुर नगर दून में ग्राम चालंग थाना राजपुर में पिछले कई साल से रह रहा है। एसओ राजपुर अरविंद सिंह ने बताया कि सुधांशु फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है। यही वजह थी कि जिससे भी वह बात करता, वह उसके झांसे में आ जाता। सुधांशु ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से एमएससी की परीक्षा 87 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। उसने 2006 में एसएससी मेन की परीक्षा पास की थी, लेकिन साक्षात्कार में फेल हो गया। वर्ष 2014 में उसने पीसीएस मेन क्वालीफाई किया, लेकिन यहां भी साक्षात्कार में उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुभारती मेडिकल कॉलेज हुआ सील

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब उत्तराखंड सरकार सुभारती मेडिकल कॉलेज को चलायेगी। गुरूवार को प्रशासन और पुलिस ने कॉलेज को सील कर दिया।

विदित हो कि दो साल पूर्व मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने सुभारती मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर तमाम खामियां पाई थी। इस पर एमसीआई ने कॉलेज की मान्यता का आवेदन स्वीकार नहीं किया था। 30 अगस्त 2017 को कॉलेज प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एमबीबीएस में दाखिले कराने की अर्जी दायर की। इस पर कोर्ट ने एक सितंबर 2017 में दाखिले के आदेश जारी किये थे।

मगर, इसके बाद मनीष वर्मा नाम के व्यक्ति ने खुद को सपंत्ति का मालिक बताकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली। वहीं, कॉलेज के छात्रों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह सभी छात्र कॉलेज की मान्यता को लेकर आशंकित थे। छात्रों ने स्वयं को अन्य कॉलेज में भेजने की याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और मेडिकल कांउसिल आफ इंडिया का पक्ष जाना।

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि उक्त संपत्ति श्रीदेव सुमन सुभारती मेडिकल कॉलेज की है ही नहीं। कॉलेज संचालकों ने कोर्ट में गलत तथ्यों को पेश किया। इसके बाद न्यायधीश रोहिंटन फली नरीमन व एमआर साह की पीठ ने पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को आदेश दिए कि कॉलेज को तत्काल सील किया जाये। साथ ही एमसीआई के नियमों के अनुरूप एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाए। फैकल्टी व अन्य आवश्यक संसाधन की पूर्ति भी राज्य सरकार के स्तर पर की जाएगी।

चीनी मिल में एथनॉल प्लांट को पीपीपी मोड में शुरू करने की योजना

चीनी मिल में प्रस्तावित एथनॉल प्लांट को पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा। साथ ही चीनी मिल पर किसानों के बकाया गन्ना मूल्यों का भी भुगतान जल्द किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पेराई सत्र के शुभारंभ के दौरान डोईवाला में कहीं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डोईवाला शुगर मिल के पेराई सत्र 2018-19 का पूजा अर्चना और नारियल फोड़कर शुभारंभ किया। उन्होंने क्रेन कॅरियर में गन्ने की पुली डाली। मुख्यमंत्री ने गन्ना आपूर्ति के लिए सबसे पहले पहुंचे किसान अय्यूब अली और काबुल सिंह को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना और चीनी उद्योग की बेहतरी के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।

डोईवाला शुगर मिल ने इस बार 32 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है। शुगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि शुगर मिल के पास डोईवाला गन्ना समिति के पांच, देहरादून के 19, रुड़की के 18, ज्वालापुर के पांच और हिमाचल प्रदेश के पावंटा साहिब के चार गन्ना क्रय केंद्र हैं।

देहरादून जिले में जल्द खुल सकता है फिल्म स्टूडियो

बॉलीवुड फिल्म निर्माता निर्देशक राजकुमार संतोषी भारत पाकिस्तान विभाजन पर बनने वाली अपनी आगामी फीचर फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में करेंगे। फिल्म की शूटिंग मई 2019 में आरंभ हो जाएगी। वह अपनी एक अन्य फिल्म की शूटिंग भी उत्तराखंड में करने जा रहे हैं। इसके साथ ही फिल्म निर्माता निर्देशक राजकुमार संतोषी ने देहरादून या आसपास के क्षेत्र में फिल्म स्टूडियो खोलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष रखा है।

मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से विस्तृत चर्चा के दौरान फिल्म निर्माता निर्देशक राजकुमार संतोषी ने कहा कि नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर उत्तराखंड फिल्मों की शूटिंग के लिए वर्ल्ड मार्केट खोल सकता है। राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए लोकेशन की अपार विविधता है।

यहां कई ऐसे प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर अनछुए लोकेशन है, जो फिल्ममेकर्स के कैमरे ने अभी तक कैद नहीं हो पाए हैं। देहरादून के आसपास के क्षेत्र में फिल्म स्टूडियो स्थापित करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सचिव सूचना को स्टूडियो के अनुकूल भूमि चयन हेतु जल्द से जल्द फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार दूरगामी सोच के साथ उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के निर्माण को मिशन मोड पर प्रोफेशनल एप्रोच के साथ बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु फिल्म पॉलिसी को अपडेट किया जा रहा है।

शीघ्र ही इसे कैबिनेट में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण हेतु सब्सिडी, सुविधाएं, अन्य छूटे व कानून व्यवस्था का सहयोग दिया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार राज्य में भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान (एफटीआईआई) पुणे की शाखा खोलने के लिए कार्य कर रही है।

नये जजों ने शपथ लेकर संभाला पदभार

हाईकोर्ट नैनीताल में तीन नये जजों के शपथ ग्रहण करने के बाद अब जजों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इन तीनों जजों में न्यायधीश नारायण सिंह धानिक, रमेश चंद्र खुल्बे, रवींद्र मैठाणी रहे। तीनों ही जजों को मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन ने शपथ दिलाई।

मुख्य न्यायाधीश कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन ने जस्टिस धानिक, जस्टिस खुल्बे व जस्टिस मैठाणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले रजिस्ट्रार जनरल प्रदीप पंत द्वारा राष्ट्रपति की ओर से संविधान के अनुच्छेद-217(ए) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने संबंधी तथा विधि एवं न्याय मंत्रालय की नैनीताल हाई कार्ट का जज नियुक्त होने की अधिसूचना का वाचन किया।

न्यायधीश सुधांशु धूलिया, न्यायधीश आलोक सिंह, न्यायधीश लोकपाल सिंह, न्यायधीश शरद कुमार शर्मा, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, अपर महाधिवक्ता मोहन चंद्र पाण्डे, जीए गजेंद्र सिंह संधू, असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल राकेश थपलियाल, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पीसी पंत, पूर्व जस्टिस बीसी कांडपाल, पूर्व जस्टिस यूसी ध्यानी, पूर्व जस्टिस बीएस वर्मा, पूर्व जस्टिस जेसीएस रावत, पूर्व जस्टिस इरशाद हुसैन, प्रमुख सचिव न्याय आलोक कुमार वर्मा, जिला जज नरेंद्र दत्त, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सदस्य सचिव प्रशांत जोशी, आइजी पूरन सिंह रावत, डीएम विनोद कुमार सुमन, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार अनुज संगल, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष ललित बेलवाल, सचिव नरेंद्र बाली, पूर्व अध्यक्ष डीके शर्मा, नदीम मून, बीसीआई सदस्य विजय भट्ट, पूर्व सांसद डॉ महेंद्र पाल, वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत, बीसी पाण्डे, ललित शर्मा, संजय भट्ट, चंद्रशेखर जोशी, भुवनेश जोशी, समेत तमाम अधिवक्ता, न्यायिक, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।