ऋषिकेश की पहली मेयर ने की शपथ ग्रहण

तीर्थनगरी की पहली मेयर ने मुख्यमंत्री सहित हजारों लोगों के बीच शपथ ग्रहण की। जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने मेयर को शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर से पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस के कई नेता, संत समाज से साधु और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।

रविवार को नगर निगम ऋषिकेश का शपथ ग्रहण समारोह श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीडा मैदान में आयोजित किया गया। सुबह से ही लोगों का आना मैदान में शुरू हो गया था। मेयर अनीता ममगाई अपने समर्थकों के साथ ओपन लाल रंग की कार में पहुंची। इसके बाद स्थानीय सांसद डा. रमेश पोखरियाल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। करीब 12 बजे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पहुंचे। इसके बाद जिलाधिकारी ने मेयर अनीता ममगाई को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर अनीता ममगाईं ने दस-दस करके पार्षदों को शपथ दिलाई। इस दौरान कई पार्षद शपथ ग्रहण होने के बाद पहुंचे।

मात्र 15 मिनट चला शपथ ग्रहण
जिलाधिकारी ने मेयर को शपथ दिलाई और मेयर ने पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीनों समारोह से निकल गये। मात्र 15 मिनट तक चले शपथ ग्रहण पर लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि यह सब आखिर हुआ तो हुआ क्या।

जलपान के दौरान दिखी अव्यवस्था
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह से जाते ही समारोह में मौजूद जनता जलपान करने एक साथ दौड़ी। एक साथ भीड़ के आ जाने से अव्यवस्था फैल गई। इस दौरान समारोह में जलपान के लिये बने छह स्टॉल में से एक पर टैंट भी गिर गया।

शपथ के बाद निगम कार्यालय पहुंची मेयर
शपथ ग्रहण करने के बाद मेयर अनीता ममगाई सरकारी गाड़ी से मेयर कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने निगम के कर्मचारियों से मुलाकात की। इसके बाद नगर निगम को निरीक्षण किया।

प्रेमिका के घर आधी रात को पहुंचा प्रेमी, घर वाले जागे….

आधी रात को हरिद्वार के ज्वालापुर में एक प्रेमी अपनी प्रेमिका के घर पहुंचा। मौके पर घर वालों की आंखे खुल गई। इसके बाद युवक की जमकर धुनाई हुई।

पुलिस के अनुसार ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में एक मोहल्ला निवासी युवक का पड़ोस की युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। शनिवार की आधी रात प्रेमिका के बुलाने पर प्रेमी उसके घर पहुंच गया। इस बीच युवती के चाचा की आंख खुल गई और वो उठकर बाहर आ गए। उनकी नजर पड़ने पर प्रेमी छिप गया। जिसके बाद प्रेमिका के चाचा ने पूरे परिवार को उठाया और घर में प्रेमी की तलाश कर उसे दबोच लिया।

परिजनों ने युवक की जमकर धुनाई की। शोर सुनकर आसपास के लोग भी उठ गए। इस बीच युवक के परिजन भी आ गए। उन्होंने गलती मनवाकर पीछा छुड़ाना चाहा, लेकिन प्रेमिका के परिजनों ने एक नहीं सुनी। उन्होंने पुलिस बुलाकर युवक को उनके हवाले कर दिया।

एसएसआइ संजीव थपलियाल ने बताया कि युवक से पूछताछ की गई है। उसने बताया कि उनका काफी दिनों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। पुलिस को अभी तक प्रेमिका के परिजनों की तरफ से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद ही युवक के खिलाफ कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जाएगा।

दो या तीन लाख रूपये कम पड़ने पर विकास कार्य न रूकेः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नैनीताल के राज्य अतिथि गृह में विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्याें के लिये कुशल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के अनुभवों और तालमेल की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्याें को मूर्तरूप देने से पूर्व विधायकों और सांसदो से राय लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है। धन आंवटन के बाद भी खर्चे की कम गति यह दर्शाती है कि हमारे अधिकारी पूरी तत्परता के साथ कार्य नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी नई कार्य संस्कृति अपने अनुभवो का समावेश करते हुये तत्परता के साथ विकास कार्यो को निर्धारित समयसीमा मे पूरा करें, विलम्ब से जहां सम्बन्धित परियोजना की लागत बढ़ती है वहीं जनता में भी सकारात्मक संदेश नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि रामनगर स्थित रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्साल का संचालन आधुनिक उपकरणों एवं चिकित्सको के साथ किये जाने के लिए सरकार इस महत्वपूर्ण एवं उपयोगी चिकित्सालय को पीपीपी मोड में देने जा रही है। इससे स्वास्थ सेवाओं मे बेहतर सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बड़े प्रोजेक्टों मे यदि छोटीमोटी कोई धनराशि की आवश्यकता हो तो वह स्थानीय विधायक से सम्पर्क कर विधायक निधि से वांछित सहयोग ले सकते है। उन्होने कहा कि मात्र दो तीन लाख की धनराशि कम पड़ जाने से किसी भी मेगा प्रोजेक्ट यथा सड़क, बिजली, पानी के प्रोजेक्टों को रोकना जनहित में उचित नहीं होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुसार प्रदेश के किसानों की 2022 तक आय दोगुनी की जानी है, इसके लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध विकास, सहकारिता विभाग सभी आपसी तालमेल से नई कार्य संस्कृति के अनुरूप किसानों से दोतरफा संवाद करें, उनकी समस्याओ को सुनें और उनकी समस्याओ का समाधान करें। इसके साथ ही रियायती दरो पर जो भी कृषि निवेश सरकार द्वारा दिये जा रहे है उनकी आपूर्ति किसानो तक अवश्य करें।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों का विस्तार करने से कई ग्रामीण इलाके उसमे शामिल हो गये हैं। ग्रामीण इलाको मे बहुत सी नई सडकें बन चुकी है लोगो ंकी मांग है कि इन सड़को पर ग्रामीण लोगों की सुविधा के लिए छोटे वाहनों, टैक्सीयों आदि को भी परमिट दिये जांए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके संज्ञान मे आया है कि भीमताल औद्योगिक आस्थान में बहुत से उद्यमियो ने भूखण्ड आंवटित कराये जिस पर उद्योग न लगाकर उसका उपयोग व्यक्तिगत कार्यो एवं होटल आदि व्यवसायों मे किया जा रहा है। इस बात पर नाराज मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन से कहा कि वह एक सप्ताह मे इसकी जांच कर अपनी रिर्पोट सरकार को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जुलाई माह से पूर्ण रूप से पालीथीन की बिक्री एवं प्रयोग को पूर्णतया प्रतिबन्धित कर दिया गया है। लिहाजा समय-समय पर विशेष अभियान संचालित कराकर पालीथीन की धरपकड़ की जाए तथा इसका प्रयोग करने वाले व्यवासायियों को सुसंगत धाराओं मे दंडित भी किया जाए।

इस मौके पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियो से कहा कि सरकार समय से बजट अवमुक्त कर रही है ऐसे में अधिकारियों को चाहिए कि प्राप्त होने वाले बजट का शतप्रतिशत उपयोग करें तथा जो योजनाये पूर्ण हो चुकी है, उनके लोकापर्ण एवं नई योजनाओं के शिलान्यास जिलाधिकारी से कराये।

निवार्चन आयोग ने दिया मसूरी विधायक को नोटिस

भाजपा विधायक गणेश जोशी का एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियों में महिलाओं को विधायक नोट बांटते नजर आ रहे है। इस दिशा में राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्यवाही करते हुये उन्हें नोटिस जारी किया है।

मसूरी से भाजपा विधायक गणेश जोशी इस बार निकाय चुनाव के दौरान महिलाओं को नोट बांटते वीडियो वायरल होने से चर्चाओं में आ गए हैं। यह वीडियो फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छठ पूजा के एक कार्यक्रम में विधायक जोशी तिलक लगाने के बाद महिलाओं को एक-एक कर हाथों में रखे नोट बांट रहे हैं।

विधायक का यह वीडियो वायरल हुआ तो राज्य निर्वाचन आयोग ने इसका आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में संज्ञान लेकर देहरादून के जिला निर्वाचन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन के निर्देश पर राजपुर क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर ने विधायक को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।

विधायक गणेश जोशी ने बताया कि छठ पूजा पर जब बहनें तिलक लगाती हैं, तो भाई पैसा देता है। यह परंपरा सदियों से चल रही है। इसको चुनाव आचार संहिता से जोड़ना गलत है। इस मामले में जो भी जांच होगी, मैं उसके लिए तैयार हूं।

जांच पक्ष में करने की एवज में मांगी घूस, विजिलेंस ने पकड़ा

विजिलेंस टीम ने ऋषिकेश के नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान को रंगेहाथ 50 हजार की घूस लेते हुये पकड़ा है। किसी मामले की जांच को उसके पक्ष में करने के लिये नायब तहसीलदार ने 50 हजार की घूस एडवांस में मांगी थी। बाकी रकम जांच पूरी होने के बाद देनी थी। रायवाला ग्राम सभा की ग्राम प्रधान राखी गिरि की शिकायत पर यह कार्यवाही की गयी। आरोपी मुन्ना सिंह चौहान को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।

मंगलवार को विजिलेंस ने कार्यवाही की और 50 हजार रुपए रिश्वत ले रहे नायब तहसीलदार को उसके एक आश्रम में स्थित निजी कक्ष से पकड़ा। बता दें कि रायवाला की ग्राम प्रधान राखी गिरि ने गत 27 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून को एक शिकायती पत्र दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत रायवाला में दिनांक 14 अक्टूबर 2014 को आयोजित खुली बैठक में यूकेलिप्टिस के ऐसे पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पारित किया गया था जो कि पंचायत भवन व आसपास के अन्य भवनों के लिए खतरा बने हुए थे। इससे प्राप्त राजस्व को ग्राम विकास कार्यो पर खर्च किया जाये।

ग्राम प्रधान ने उक्त प्रस्ताव के क्रम में पेड़ों को कटवाकर नीलामी से प्राप्त रूपयों को विधिवत ग्राम पंचायत के बैंक खाते में जमा करवाया। ग्राम पंचायत रायवाला के उपप्रधान कैलाश भट्ट द्वारा पेड़ों की कटाई व नीलामी के सम्बन्ध में एक प्रार्थना पत्र सीडीओ देहरादून को दिया गया। जांच में ग्राम प्रधान के विरूद्व कोई त्रुटि नहीं पाई गयी। गत 12 अक्टूबर को जब वह किसी कार्य से तहसील ऋषिकेश गई तो वहां पर उसे नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि आपके विरूद्व ग्राम पंचायत के पेड़ों के कटान एवं नीलामी के सम्बन्ध में उपप्रधान कैलाश भट्ट द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी देहरादून को दिया गया है। जिसकी जांच मैं कर रहा हूॅ। आपकी जांच के सम्बन्ध में आपको ‘‘साढे चार लाख रुपये की पेनल्टी लगेगी। इस पर जब नायब तहसीलदार को पेड़ों के कटान व नीलामी के सम्बन्ध में एडीओ पंचायत डोईवाला एवं एसडीएम ऋषिकेश द्वारा पूर्व में जांच हो चुकने और कोई त्रुटि न पाए जाने की बात बताई तो नायब तहसीलदार ने कहा कि उन लोगों ने इस फाईल पर जांच पूरी नहीं की है। अब जांच को आपके पक्ष में करना है तो बदले में 50-60 हजार रूपये दो। बाकी जांच के बाद बताऊंगा कि कितने और देने है। यह भी कहा कि अगर पैंसे नहीं दोगे तो आपका बस्ता जमा हो जायेगा।

रिश्वत का पैसा देने के लिए मंगलवार 30 अक्टूबर का दिन तय किया और पहली किश्त के रूप में 50-60 हजार रूपये लेकर त्रिवेणी घाट के पास स्थित एक आश्रम के कमरा नं0 49 में सुबह 9ः30 बजे से पहले बुलाया। वहीं पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून द्वारा शिकायतकर्ती ग्राम प्रधान राखीं गिरि केे शिकायती प्रार्थना पत्र की गोपनीय जांच में आरोप सही पाते हुये नियमानुसार ट्रैप संचालन के लिए ट्रैप टीम का गठन किया गया।

टीम ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे मौके से आरोपी मुन्ना सिंह चौहान पुत्र श्री खड़ग सिंह, निवासी ग्राम रसूलपुर, विकासनगर देहरादून, हाल नायब तहसीलदार ऋषिकेश को रिश्वत के 50 हजार रूपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर दो गवाह भी मौजूद रहे। आरोपी के विरूद्व थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून में सम्बंधित धारा के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। निदेशक, सतर्कता द्वारा ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवार व सदस्य निरीक्षक विभा वर्मा, निरीक्षक प्रकाश दानू एवं आरक्षी अश्वनी कुमार, गौरव चौधरी, नीरज रावत, भगवती को बधाई देते हुए उत्साह वर्धन हेतु 10,000 रूपये नकद पारितोषिक देने की घोषणा की है।

उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश होंगे आंध्र प्रदेश एचसी के वरिष्ठ न्यायधीश रमेश रंगनाथन

उत्तराखंड के नैनीताल स्थित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के वरिष्ठ न्यायधीश रमेश रंगनाथन होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से नियुक्ति के बादकेंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। वहीं उत्तराखंड हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजय कुमार सिंह बिष्ट सिक्किम हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश होंगे।

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ के सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त चल रहा था और वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम की बैठक में आंध्र प्रदेश-तेलंगाना के वरिष्ठ न्यायाधीश रमेश रंगराथन को उत्तराखंड हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश व उत्तराखंड हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट को सिक्किम हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी।

कोलेजियम की सिफारिश स्वीकार करने के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेज दिया था। राष्ट्रपति ने प्रस्ताव स्वीकार करते हुए जस्टिस रंगनाथन की नियुक्ति उत्तराखंड मुख्य न्यायाधीश के रूप में कर दी है। बुधवार को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेंद्र कश्यप की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई, जो उत्तराखंड हाई कोर्ट पहुंच गई है, जिसमें बताया गया है कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद-217 के तहत प्राप्त शक्ति का उपयोग करते हुए जस्टिस रंगनाथन को उत्तराखंड हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश व नैनीताल हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट को सिक्किम हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।

टॉर्चर और आत्महत्या के लिये मजबूर करने पर ऋषिकुल के दो शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज

ऋषिकुल विद्यापीठ में पढ़ने वाले दिल्ली के छात्र ने खुदकुशी की थी। छात्र के परिजनों ने संस्थान के दो शिक्षकों पर टॉर्चर और आत्महत्या के लिये उकसाने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि इस पर अभी जांच होगी उसके बाद ही कार्यवाही शुरू की जायेगी।

पुलिस के मुताबिक देवेंद्र शर्मा निवासी मकान नंबर 79, गली नंबर 14, फेस-6 शिव विहार दिल्ली का बेटा दीपेश शर्मा ऋषिकुल विद्यापीठ हरिद्वार में कक्षा आठ का छात्र था। वह विद्यापीठ परिसर में ही बने छात्रवास में रहता था। बीते 13-14 सितंबर की रात उसने छात्रवास के आंगन में ही फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। हालांकि उस दौरान भी परिजनों ने छात्र की मौत पर सवाल उठाए थे, मगर पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की बात कही थी।

मामले में दिल्ली से हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने एसपी सिटी ममता वोहरा से मुलाकात की और बताया कि अंतिम संस्कार से पहले दीपेश के कपड़ों से दो अलग-अलग सुसाइड नोट मिले थे। जिनमें दीपेश ने लिखा है कि शिक्षक देवीदत्त कांडपाल व दिनेश चंद्र तिवारी ने उसका जीवन बरबाद कर दिया है। इसके अलावा छात्र ने सुसाइड नोट में अपने परिजनों से माफी भी मांगी है।

परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों शिक्षकों ने दीपेश को इतना टॉर्चर किया है कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। एसपी सिटी ममता वोहरा के निर्देश पर पुलिस ने शिक्षक देवीदत्त कांडपाल व दिनेश तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी सिटी ममता वोहरा ने बताया कि सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग का एक्सपर्ट से मिलान कराया जाएगा। शिक्षकों के अलावा छात्र-छात्रओं से भी पूछताछ की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दस हजार छात्रों को शिक्षित करेगा पतंजलि का आचार्यकुलम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पतंजलि योगपीठ के नव निर्मित आचार्यकुलम भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि स्वामी रामदेव ने जो शिक्षा का संकल्प लिया है, वह भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का कार्य भी करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामदेव की ओर से योग क्रांति के बाद जो शिक्षा क्रांति का संकल्प लिया गया है, वह भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि 10 हजार छात्रों को शिक्षित करने की क्षमता रखने वाला आचार्यकुलम वैदिक और आधुनिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का केन्द्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव विश्व में योग के प्रसार के बाद अब वैदिक शिक्षा पद्धति को विश्व स्तर पर ले जाने की दिशा में अग्रसर हुए हैं। यह मानव निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां भविष्य के भारत का निर्माण होगा। भारत को विश्व गुरू बनाने में हम सभी स्वामी रामदेव के इस अभियान में सहयोगी और साथी हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वामी रामदेव भारत के भविष्य का निर्माण कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने में पतंजलि योग पीठ का आचार्यकुलम प्रभावी भूमिका निभायेगा। इसके लिये उन्होंने स्वामी रामदेव के प्रयासों की सराहना की।

जन विकास मंच ने एम्स प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, नगर में निकाला जुलुस

उत्तराखंड जन विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने नगर में एम्स ऋषिकेश के खिलाफ कई आरोप लगाते हुये जुलुस निकाला। गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी से वंचित किये जाने व एम्स में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये मंच के कार्यकर्ता पिछले कई माह से धरना दे रहे है।

मंच के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम परिसर से हरिद्वार रोड मुख्य मार्ग और घाट रोड होते हुए त्रिवेणी घाट तक जुलूस निकाला। मंच के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड के बेरोजगारों की एम्स प्रशासन लगातार अनदेखी कर रहा है। एम्स में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना कारण निकाल दिया गया है।

नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में श्यामपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश व्यास, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अनीता ममगाईं, सरोज डिमरी, वीरेंद्र सजवाण, रामकृपाल गौतम, दीपक धमीजा, विनोद भट्ट आदि शामिल हुए।

प्रदेश से बाहर भेजा जाएगा घुसपैठियों कोः सीएम

राज्य में घुसे बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को सरकार प्रदेश से बाहर भेजने के लिये तैयारी कर रही है। राज्य के सभी जिलों, तहसील स्तर पर इन्हें चिह्नीकरण करने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घुसपैठियों पर सख्त रूख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोई भी घुसपैठिया, चाहे वह बांग्लादेशी हो या रोहिंग्या, सबको प्रदेश की सीमाओं से बाहर भेजा जाएगा। हम उन्हें उत्तराखंड में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण व संवेदनशील प्रदेश है। उन्होंने कहा कि जनता को भी कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो सरकार को सूचित करे। उन्होंने कहा कि सीएम एप, मेल व अन्य वेबसाइट के माध्यम से सरकार तक सूचना पहुंचायेे। सरकार एक-एक घुसपैठिये को यहां से बाहर करेगी।

प्रदेश में बीते कुछ महीनों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों व रोोहग्या की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में खुफिया एजेंसियां भी लगातार सरकार को इनपुट उपलब्ध कराती रही हैं। फिलहाल, इनके आने पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन पाई है लेकिन इन्हें बाहर निकालने की तैयारी जरूर शुरू हो चुकी है।

दरअसल, कुछ समय पूर्व विधायक खानपुर (हरिद्वार) कुंवर प्रणव चौंपियन ने एक सनसनीखेज बयान में कहा था कि रोोहग्या हरिद्वार तक पहुंच चुके हैं। उस समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बात का समर्थन नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने खुफिया एजेंसियों से इसका इनपुट लिया।

इस पर सरकार को प्रदेश में बाहर से आकर अवैध रूप से बसने वालों की जानकारी मिली। इसके बाद सरकार के निर्देश पर हरिद्वार के साथ ही तराई वाले जिलों में खुफिया एजेंसियों ने बस्तियों व झुग्गियों में बाहरी लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। इनकी संख्या देखकर खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद सभी जिलों में इनकी सूची बनाने के निर्देश जारी किए गए, जिस पर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। वहीं, सरकार ने अब आमजन का भी इसमें सहयोग लेने की बात कही है।