कड़कनाथ के चूजों का एक माह में होगा वितरण, जिला योजना के बजट से खरीदे जाएंगे चूजे

कोविड-19 में उत्तराखंड लौटै प्रवासी युवाओं को गांव में रोकने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़े रखने के लिए जिला योजना के बजट से सरकार ने पहल की है। सरकार इस बजट से पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिले में पशुलोक ऋषिकेश से 70 हजार कड़कनाथ मुर्गी के चूजे भेजने जा रही है। 10 सितंबर से यह चूजे पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।

पहली बार जिला योजना के बजट से पशुपालन विभाग मुर्गी के चूजे खरीद रहा है। पशुलोक ऋषिकेश स्थित कुक्कट प्रक्षेत्र के प्रभारी अधिकारी डा. मनोज तिवारी ने बताया कि पौड़ी जिले को कड़कनाथ के एक माह के 60 हजार चूजे और चमोली जिले को 10 हजार चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर आठ दिन बाद कई अलग जिले को 1500 चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। 10 सितंबर से यह चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे।

कुक्कट प्रक्षेत्र पशुलोक में सात जुलाई को हैदराबाद से एक दिन के रेनबो रोस्टर के 1800 चूजे आए हैं। डॉण्मनोज तिवारी ने बताया कि यह चूजे कुक्कट प्रक्षेत्र में पाले जाएंगे। रेनबो रोस्टर के 1600 मुर्गों की लॉट की नीलामी होनी है। ऐसे में यह चूजे उनके स्थान पर भरे जाएंगे। कुक्कट प्रक्षेत्र में 72 हफ्ते की आयु पूरी होने के बाद मुर्गों की नीलामी की जाती है।

पथरीली जमीन पर उगायी “मेहनत” की फसल

पौड़ी। हिम्मत ए मर्दा तो मदद ए खुदा। इसी सूत्र वाक्य पर चलते हुए मंजखोली गांव के युवक अशोक नौटियाल ने लगभग बंजर हो चुकी जमीन को हरा-भरा बनाने का निर्णय लिया और अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर मिसाल कायम की। मंजखोली गांव में पानी की कमी को देखते हुए यहां की पथरीली जमीन पर खेती करने का हौसला आज से पहले किसी ने नहीं दिखाया। आज इस पथरीले खेत में लहलहाती सब्जीयों की फसल देखकर कोई भी उनके परिश्रम को सलाम कर सकता है।

उत्तराखंड के बीरान और खाली होते गांवों को बचाने के लिए सरकार भले अब जाकर रिर्वस पलायन की बात कर रही हो, लेकिन आज से लगभग 20 बीस साल पहले यह युवक शहर में प्राइवेट नौकरी छोड़ अपने गांव वापस आ गया। पौड़ी गढ़वाल जनपद के पाबौं ब्लाक के मंजखोली गांव के इस युवक का नाम है अशोक नौटियाल। गांव से लगातार होते पलायन ने इस युवक को अंदर ही अंदर झकझोर दिया। जिसके बाद गांव पहुंचे इस युवक ने कुछ करने की ठानी। सबसे पहले गांव की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए अपने स्तर से तमाम प्रयास किए। गांव वालों का भी भरपूर समर्थन मिला, जिसके बाद अशोक नौटियाल ग्राम प्रधान चुन लिए गए। इनके नेतृत्व में मंजखोली र्ग्राम सभा को आर्दश ग्राम का भी पुरस्कार मिला। गांव में बिजली, पानी, सड़क की समस्या को दूर करने के लिए इन्हें ग्रामीणों का सहयोग मिला। गांव में सड़क, बिजली, पानी तो पहुंचा लेकिन गांव बड़ी संख्या में खाली हो गया। गांव में गिनती के लोग बचे।

खाली और वीरान होता गांव भी इस अशोक नौटियाल के इरादों को नहीं डिगा सका। अशोक नौटियाल ने गांव के बंजर खेतों को आबाद करने के बेड़ा उठाया। इसके लिए इन्होंने सीजनल सब्जियों का सहारा लिया। जिसमें आलू, टमाटर, सोयाबीन, मटर, ब्याज, मूली के साथ अन्य सब्जियों का उत्पादन किया। देखते ही देखते इनकी मेहनत रंग लाई। और बंजर खेत भी लहलाने लगे। आस-पास के गांव के साथ ही कुछ किलोमीटर दूर मासौं, पाबौं, सीकू खाल, पौड़ी बाजार तक सब्जियां पहुंचाई। जिसको लोगों ने हाथों हाथ लिया। वर्तमान में लहरा रही सब्जियां उनके पुरुषार्थ की मौन गवाही दे रहे हैं।

आम और केले का बाग किया तैयार

अशोक नौटियाल ने मंजखोली गांव के सीम इलाके में 20 साल की कठिन मेहनत से आम का बाग भी तैयार किया हुआ है। आज आम के पेड़ों पर फल लगे हुए हैं। वहीं केले का बाग भी केलों से लहलहा रहा है।

रासायनिक खाद का नहीं करते इस्तेमाल

अशोक नौटियाल का कहना है कि वह रासायनिक खाद व पेस्टीसाइड्स के विकल्प के रूप में गाय के गोबर व वर्मी कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल करते हैं। वह परंपरागत तरीकों के मुताबिक ही खेती करने के पक्षधर हैं।

स्थानीय लोगों को ही मिलेगा रोजगार

अशोक नौटियाल कहते हैं कि सरकार का सहयोग मिले तो इस कार्य को बड़े स्तर पर किया जा सकता है। जिससे अकुशल बेरोजगार युवाओं के पलायन पर रोक लग सकती है। यदि समूचे मंजखोली क्षेत्र में बंजर पड़े खेतों को सरसब्ज किया जाए तो हजारों की संख्या में स्थाई व सीजनल रोजगार सृजित होना तय है।

जंगली जानवरों से बचाव है सबसे बड़ी चुनौती

अशोक कहते हैं कि उनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती फसलों को हिरण, नीलगाय, जंगली सूअर व बारहसिंगा जैसे जानवरों से बचाने की है। फिलहाल रात दिन खेतों की सुरक्षा के लिए अपने स्तर से प्रयास करते हैं।

मुर्गी, मछली व बकरी पालन से बनाई पहचान

अशोक नौटियाल ने मुर्गी, मछली व बकरी पालन से क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उच्च शिक्षा पाकर रोजगार के लिये भटक रहे युवाओं के लिये अशोक नौटियाल प्रेरणा स्रोत हैं। अशोक ने कठिन परिश्रम और जज्बे से यह साबित कर दिया कि रोजगार सिर्फ शहर जाकर ही नहीं प्राप्त किया जा सकता, बल्कि अपने गाँव में भी मत्स्य-पालन कर अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। बेकार पड़ी बंजर भूमि को पोखरे के रूप में आबाद कर इस नौजवान ने मत्स्य-पालन को अपना कैरियर का हिस्सा बनाया। वे पिछले करीब दस साल से मछलीपालन कर रहे हैं। उनके तलाब में एक से लेकर दो किलो तक की मछलियां हैं। जिन्हें व स्थानीय बाजार से लेकर आसपास के गांव के लोगों में बेचते हैं। इसके साथ ही अशोक ने देशी मुर्गीयां भी पाली हुई हैं। जिनके अंडे की स्थानीय बाजार में बहुत डिंमाड है। स्थानीय नश्ल के बकरों के अलावा अशोक ने देशी नश्ल के बकरे भी पाले हुए हैं। आज अशोक नौटियाल अपने संघर्ष के बदौलत अन्य युवाओं के लिये वे प्रेरणास्नेत बन गए हैं।

अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में तकनीक को बढ़ावा दे युवाः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जी.बी.पंत इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल द्वारा ‘‘स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग ‘‘ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल की ‘स्मार्ट कॉम-2020’’ पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण देश जिस विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। इन परिस्थितियों में तकनीक का महत्व और अधिक बढ़ गया है। समय की मांग एवं अभियांत्रिकी के इस युग में टेक्नॉलोजी को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का जितना अधिक इस्तेमाल होगा उससे कार्यों में और अधिक पारदर्शिता आयेगी और समय की बचत भी होगी। हमारा प्रयास है कि आने वाले डेढ़-दो वर्षों में अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में भी तकनीक के माध्यम से सम्पर्क कर सकें।
मुख्यमंत्री ने जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल को स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग ‘‘ विषय पर अन्तरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन करने पर बधाई देते हुए कहा कि तकनीकि शिक्षा कुशल जनशक्ति का सृजन कर, औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाकर और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके देश के मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट, उत्तराखण्ड राज्य में प्रमुख तकनीकि संस्थान होने के नाते स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण विषय पर अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर अपनी जिम्मेदारियों का कुशल निर्वाह कर रहा है। यह सम्मेलन तकनीकि क्षेत्र में अनुसंधान कार्य को बढ़ावा देने और नवीन विचारों का साझा करने में सफल होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जी.बी.पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल के निदेशक प्रो. एम.पी.एस. चैहान, मुख्य संरक्षक डॉ.एस.एन सिंह, डॉ. अयूब खान, संस्थान के सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

आज 73 नए मरीज, अब तक 58 मरीज ठीक, 317 पाॅजीटिव हुए केस

राज्य में आज कोरोना संक्रमण के 73 नए मामले आए हैं। 32 मामले सबसे ज्यादा नैनीताल जिले में मिले हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 317 पहुंच गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आज प्रदेश में 943 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। जबकि 1120 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 58 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन तीनों की ही मौत का कारण कोरोना नहीं है। अन्य कारणों से मरीजों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, आज आए मामलों में अल्मोड़ा में 5, चमोली में 8, चंपावत में 1, देहरादून में 11, नैनीताल में 32, पौड़ी में एक, टिहरी में तीन , बागेश्वर में दो और ऊधमिसंह नगर में 9 मामले सामने आए हैं। वहीं, एक मामला निजी लैब में पॉजिटिव पाया गया है। लगातार दूसरे दिन नैनीताल में 117 केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
अब तक देहरादून में 75, हरिद्वार में 14, उत्तरकाशी में 10, अल्मोड़ा में 12, चंपावत में 8, टिहरी में 9, बागेश्वर में 8, पौड़ी में 7, रुद्रप्रयाग में 3, पिथौरागढ़ में 2, चमोली में 9, नैनीताल में 117, ऊधमिसंह नगर में 43 संक्रमण के मामले सामने आ चुके है। कोरोना संक्रमण के मामले में नैनीताल ने देहरादून को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार को संक्रमण में बने नए रिकॉर्ड से नैनीताल जनपद प्रदेश में नंबर वन पर आ गया है। पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में आने से सोमवार को कई जिलों की ऑरेंज और ग्रीन जोन की श्रेणी बदल सकती है।
शुक्रवार तक देहरादून संक्रमित मामलों के आधार पर सबसे आगे था, लेकिन शनिवार को नैनीताल जिले में एक दिन में 57 कोरोना संक्रमित मिलने से देहरादून पीछे छूट गया है। वहीं, आज 32 मामले आए हैं।  नैनीताल में कुल संक्रमितों की संख्या 117 पहुंच गई है, जबकि देहरादून में यह संख्या 71  पर पहुंच गई है।
वर्तमान में प्रदेश के सात जिले हरिद्वार, टिहरी, चंपावत, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ व चमोली ग्रीन जोन में है। जबकि देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और उत्तरकाशी जिला ऑरेंज जोन में है। प्रदेश का कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है।
कोरोना संक्रमण की दर, डबलिंग रेट, प्रति लाख सैंपल जांच, सर्विलांस के आधार पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन तय किया जाएगा। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि सोमवार को जोन को लेकर जिलों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र की ओर से तय मानकों के आधार पर जिलों के जोन तय किए जाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिह रावत ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कोविड-19  संबंधी कार्यों, आवश्यकता और तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक 2 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है, लेकिन उनकी मौत की वजह कोविड नहीं था, वह दूसरी बीमारियों से मरे।
रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी के साथ श्रीनगर मेडिकल पहुंचे। यहां उन्होंने सभागार में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों की बैठक ली। बैठक की शुरुआत करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम  रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से  कोविड -19 से बचाव और  कोविड जांच की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि कोविड जांच लैब में 3 मई से अब तक पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के 670 नमूनों की जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 सिर्फ बीमारी ही नहीं है। बल्कि इस महामारी का असर धीरे-धीरे समाज में आएगा। इसलिए सभी को हर तरह से तैयार रहना होगा। आज से 5 दिन पहले कम कोरोना पॉजिटिव के चलते उत्तराखंड अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में था। लेकिन गुजरात, महाराष्ट्र हरियाणा व राजस्थान आदि प्रदेशों से प्रवासी आने से चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए  हमारी टीम और  हमारी रणनीति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की बाहर से आने वाले लोगों का मानकों के अनुसार परीक्षण हो। सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो। जो कोरोना पॉजिटिव नियमों का उल्लंघन करें, उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए।

ड्राइवर भाई इस मुसीबत में ऐसा व्यवहार मत करो हमारे भाईयों के साथ!

पंजाब के भटिंडा से 18 प्रवासियों को लेकर पहंुची जीएमओयू बस के ड्राइवर ने उन्हें दुगड्डा में उतार दिया। इससे उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में पुलिस ने जीएमओयू की दूसरी बस की व्यवस्था की और कुछ प्रवासियों को पौखाल के लिए रवाना किए। जबकि कुछ टैक्सी बुक कर घरों के लिए रवाना हुए।
पौखाल क्षेत्र के मुंडगांव के युवाओं ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन के चलते वे भटिंडा में फंस गए थे। उन्होंने गांव आने के लिए प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर आवेदन किया था। उन्हें बीती 16 मई को भटिंडा से देहरादून लाया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद शासन की ओर से उन्हें अगले दिन बसों से पौड़ी लाया गया। जहां फिर से स्वास्थ्य जांच के बाद दुगड्डा ब्लॉक के पौखाल क्षेत्र के 18 लोगों को जीएमओयू की बस से रवाना किया गया, लेकिन बस ड्राइवर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय दुगड्डा में ही छोड़कर चला गया।
कई मिन्नतें करने के बावजूद ड्राइवर ने उनकी नही सुनी। जिससे दुगड्डा जाने के लिए उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि जिनके पास पैसे थे, वे टैक्सियां बुक कराकर अपने घर चले गए, लेकिन जिनके पास पैसे नहीं थे, उन्होंने किसी माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दिलवाई। दुगड्डा चैकी इंचार्ज ओमप्रकाश ने तत्काल मदद करते हुए दूसरी बस की व्यवस्था कर प्रवासियों के लिए व्यवस्था की।

मुख्यमंत्री का प्रयास लाया रंग, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में कोविड-19 की जांच शुरु

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कोविड-19 पी.सी.आर टेस्टिंग लैब का ऑनलाईन लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्टिंग लैब से पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं टिहरी जनपद जनपदों के लोगों के सैंपल लेने में आसानी होगी। अल्मोड़ा एवं हरिद्वार में भी जल्द टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। अब प्रदेश में कोरोना के सैंपल लेने में और तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से श्रीनगर में सैंपल टेस्ट होने शुरू हो गए हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग होगी। अभी तक प्रदेश में 5602 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें 55 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, इनमें से 36 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना से अभी तक कोई मृत्यु नहीं हुई है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक मुकेश कोहली, स्वास्थ्य सचिव नितेश झा, निदेशक एन.एच.एम युगल किशोर पंत आदि उपस्थित थे।

लाॅकडाउन के चलते घर पहुंचे प्रवासियों को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड-19 के चलते अपनी जन्मभूमि पर लौटे प्रवासी उत्तराखंडियों के स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। उन्हें गढ़वाली भाषा में लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि प्रवासी भाइयों ने देश व विदेश में रहकर अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। अब वह यही कार्य अपने घर गांव में भी कर सकते हैं, इससे उनका परिवार एवं हमारा प्रदेश भी आर्थिक रूप से खुशहाल होगा।
सर्वाधिक पलायन की मार झेल रहे पौड़ी जिले के प्रवासियों को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारे पूर्वजों ने पहाड़ों को काटकर खेत बनाए, उन खेतों को उपजाऊ बनाकर हमारा पालन-पोषण किया। आज यही खेती हमारी भागमभाग की जिंदगी के कारण बंजर पड़ी है। जबकि हमारे इन खेतों के उत्पादों की मांग देश व दुनिया में हो रही है। हमारे मंडुवा, झंगोरा, दाल, गहत, राई, जौ, तिल, शहद, गाय का घी और बुरांश के जूस की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक सुविधाएं दे रही है।

कार्य योजनाओं की दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम स्टे, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, पर्यटन स्वरोजगार योजना, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी, उद्यानीकरण, सब्जी उत्पादन, मसाला फसलों का उत्पादन, पुष्प उत्पादन हेतु प्रोत्साहित कर रही है। यही नहीं इन उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही इसके विपणन की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रवासी अपने घर में रहकर कार्य करना चाहते हैं तो राज्य सरकार उनकी पूर्ण रूप से मदद करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अपने गांव लौटे लोग अपना स्वयं का कार्य आरंभ कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपना मनचाहा कार्य करने के लिए वे अपने विकास खंड कार्यालय अथवा जिला मुख्यालय में स्थापित आजीविका सेल के फोन नंबर 01368-223084 या मोबाइल नंबर 9412028718 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ के पिता पंचतत्व में विलीन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता स्व. आनंद सिंह बिष्ट मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हुए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, योग गुरु बाबा रामदेव, स्वामी चिदांनद सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पिता के पार्थिव शरीर को सबसे बड़े पुत्र मानवेन्द्र सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिग का पूरा ख्याल रखा गया।
मंगलवार सुबह ठीक नौ बजे पंचूर गांव से स्व. आनंद सिंह बिष्ट का पार्थिव शरीर एंबुलेंस के जरिए फुलचट्टी पहुंचा। एंबुलेंस से पिता के पार्थिव शरीर को सबसे बड़े पुत्र मानवेन्द्र सिंह, तीसरे नंबर के पुत्र शैलेन्द्र मोहन, चैथे नंबर के पुत्र महेन्द्र सिंह और परिवार के अन्य सदस्य लेकर गंगा घाट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री धन सघ्ंिह रावत, बदरीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, संगठन मंत्री अजेय, यूपी के एडिशनल रेजीडेंट कमिश्नर सौम्य श्रीवास्तव, यूपी सीएम के ओएसडी राजभूषण सिंह रावत, मुख्य व्यवस्था अधिकारी यूपी राजीव तिवारी, योग गुरु बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती आदि ने पार्थिव शरीर को पुष्पचक्र अर्पित व शॉल चढ़ाकर श्रद्घांजलि दी। इसके बाद शोक शस्त्र सलामी दी गई। साथ ही दो मिनट का मौन भी रखा गया।

पार्थिव शरीर को गंगा स्नान कर हिंदू रीति रिवाज से दाह संस्कार की प्रक्रिया अपनाई गई। स्व. आनंद सिंह बिष्ट के सबसे बड़े पुत्र मानवेन्द्र सिंह बिष्ट ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान योग गुरु बाबा रामदेव वैदिक मंत्रो का उच्चारण करते रहे। इस मौके पर पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, यूपी की गोविंदनगर विधानसभा के विधायक सुरेन्द्र मैथानी, गन्ना एवं चीनी उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भगतराम कोठारी, एसएसपी पौड़ी दिलीप सिंह कुंवर, एडिशनल एसपी पौड़ी प्रदीप कुमार रॉय, एसडीएम यमकेश्वर श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक संचार अनूप काला, सीओ सदर वंदना वर्मा, सीओ कोटद्वार अनिल जोशी, कोतवाल पौड़ी मनोज असवाल, थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला राकेन्द्र सिंह कठैत आदि उपस्थित रहे।

बालिकाओं की शिक्षा पर था जोरः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्व. आनंद सिंह रावत जीवन के अंतिम समय में पूरी तरह से संतुष्ट थे। उन्होंने डेढ़ माह पूर्व यह बात मुझसे कही थी। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर जोर देते हुए एक प्राइवेट महाविद्यालय की स्थापना की। योगी आदित्यनाथ जैसे पुत्र को जन्म देने वाले स्व. आनंद सिंह ने सामाजिक जीवन जिया। आज पिता के गुण को आत्मसात करते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, गुंदागर्दी, माफियाराज रोकने में कामयाब हुए है। योगी सन्यासी होते हुए न सिर्फ राज्य चला रहे है बल्कि सनातम धर्म की पताका को भी फैला रहे है।

घाट में प्रवेश को लेकर पुलिस रही सतर्क
कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी को देखते हुए फुलचट्टी स्थित गंगा घाट पर पौड़ी प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस कर्मियों ने घाट में प्रवेश करने वाले प्रत्येक सदस्य को सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए। इसके अलावा पार्थिव शरीर को श्रद्वांजलि देने के बाद सभी को सैनिटाइज भी किया गया। साथ ही पार्थिव शरीर को मुखाग्नि के दौरान भी सोशल डिस्टेंस का पालन हुआ। मुख्य घाट पर सिर्फ 20 सदस्यों को ही जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों को दूर से ही कवरेज करने को कहा गया।

विपिन कैंथोला के स्वागत में उमड़े भाजपा कार्यकर्ता

भारतीय जनता पार्टी कोटद्वार मंडल के कार्यकर्ताओं ने विपिन कैंथोला को प्रदेश प्रवक्ता बनाये जाने और उनके प्रथम बार कोटद्वार आने पर स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब कोटद्वार का प्रतिनिधित्व भाजपा प्रदेश संगठन में भी होगा।
स्वागत कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल ने कहा कि विपिन कैंथोला के प्रदेश प्रवक्ता बनने पर सभी कार्यकर्ता खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। भाजपा नगर अध्यक्ष सुनील गोयल ने कहा कि विपिन कैंथोला के प्रदेश प्रवक्ता बनने से सभी कार्यकर्ताओं को सम्मान मिला है इसके लिए कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व का आभार भी जताया। प्रदेश प्रवक्ता बनाये जाने विपिन कैंथोला ने कहा कि संगठन ने जो विश्वास उन पर जताया है, वह उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की हर कार्यकर्ता पर नजर है। जो अच्छा काम कर रहा है यह न सोचे कि उसे दायित्व नही मिला। समय आने पर कल्पना से अधिक भाजपा संगठन ही कार्यकर्ता को सम्मान देता है। इस दौरान उन्होंने सभी का आभार जताते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले, यह भाजपा कार्यकर्ता का दायित्व है। इसके लिए सभी को अपने स्तर से प्रयास करने चाहिये।
इस अवसर पर जिला मंत्री मंजू जखमोला, नगर मंडल उपाध्यक्ष पंकज भाटिया, धर्मवीर गुसाईं, मनोज बिष्ट, अभिलाषा भारद्वाज, अनिता आर्य, लता बलूनी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शशी नैनवाल, मुन्ना लाल मिश्रा, सेवक राम, देवेंद्र कैंथोला, सुरेंद्र बिजलवान, अंकित शर्मा, अमिताभ अग्रवाल, कुलदीप रावत, पार्षद सौरभ नौडियाल आदि कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कुशल कार्यशैली से कैंथोला ने पाया मुकाम, बने प्रदेश प्रवक्ता

भारतीय जनता पार्टी ने मीडिया से संबंधित अहम दायित्वो की घोषणा की है। जिनमे प्रदेश की नई टीम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता जैसे अहम पद पर युवा नेता बिपिन कैंथोला को जिम्मेदारी दी गईं। बताते चले कि बिपिन कैंथोला ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीतिक पारी की शुरुआत की। कई जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए उन्होंने युवा मोर्चा में जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया। युवा मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील प्रदेश में सह प्रभारी बनकर बिपिन कैंथोला ने अपने कुशल रणनीति का परिचय दिया।

वही भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया समन्यवक व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के साथ लंबे समय से जुड़े हुए है। उत्तराखंड में अनिल बलूनी के बेहद करीबीयो में बिपिन की गिनती होती है। ऐसा देखा जाता है कि बलूनी की गैरमौजूदगी में उनके जनहित कार्यो में सक्रिय रहते हैं।