सांसद बलूनी को बोरगांव के विकास की सता रही चिंता, प्रतिनिधि को भेजा गांव

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया समन्यवक और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी द्वारा गोद लिए गए गैर आबाद ’’बोरगांव’’ के निवासियों के साथ आज उनके प्रतिबनिधियों ने एक बैठक की। इस बैठक में गांव के कई विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद की ओर से बोरगांव के निवासियों के साथ भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और जम्मू-कश्मीर के प्रदेश प्रभारी विपिन कैंथोला ने की। उन्होंने बताया कि बैठक में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के संपर्क मार्ग के लिए सड़क का निर्माण शीघ्र ही पूरा होना चाहिये। ग्रामीणों ने गांव को जोड़ने वाली नदी पर पुल के निर्माण का भी सुझाव दिया। ग्रामीणों का कहना था कि संपर्क मार्ग बनने से ग्रामीण जल्द अपने गांव वापस आएंगे और गांव के विकास के लिए सहभागिता निभाएंगे। सांसद के प्रतिनिधि विपिन कैंथोला ने ग्रामीणों को बताया कि गांवों को आबाद करने के लिए एक बड़े स्तर पर बैठक का आयोजन होगा। जिसमें होमस्टे और पुनर्वास को लेकर एक बड़ी कार्य योजना बनाई जायेगी। कार्ययोजना को साकार करने के लिए स्वयं सासंद बलूनी अपनी ओर से मदद करेंगे।
इस अवसर पर ग्रमीणों ने सिद्धबली मंदिर में सांसद अनिल बलूनी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। ग्रामीणों ने कहा कि हम सभी ग्रमीण अपने गांव को विकसित करने और फिर से बसवाट करने के लिए सांसद से कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने को तैयार है। ग्रामीणों ने अनिल बलूनी का धन्यवाद भी दिया कि उन्होंने इस ओर उनके गांव का चयन किया है। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, विपिन कोटनाला, भाजपा नगर महांमत्री कोटद्वार धर्मवीर गुसांई, आशीष जदली, देवेन्द्र नेगी, राजीव नेगी, सुरेंद्र सिंह, मनोज कोटनाला, बबली कोटनाला, आशीष नेगी, बलबीर नेगी राकेश नेगी के साथ कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

दिल्ली से आकर नम्रता व गौरव ने शुरू किया स्टार्ट अप, सीएम ने दी मदद

यमकेश्वर ब्लॉक के कंडवाल गांव में हेम्प से विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाले गौरव व नम्रता को मशीन खरीदने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीएम विवेकाधीन कोष से 10 लाख रूपए की राशि का चेक प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेशे से आर्किटेक्ट नम्रता व गौरव ने यमकेश्वर जैसे दूरदराज ब्लॉक के गांव में हेम्प से उत्पाद बनाने का स्टार्ट अप शुरू कर अन्य युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखाई है। उन्होंने बताया है कि किस प्रकार से स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग कर स्वयं के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। गौरव और नम्रता ने बताया कि वे दोनों दिल्ली में रहते थे।

काफी रिसर्च के बाद उन्होंने पहाड़ में पाए जाने वाले हेम्प को रोजगार का साधन बनाने का निर्णय किया। वर्तमान में वे इसके बीज के तेल से साबुन बना रहे हैं। इससे भवन निर्माण सामग्री भी बनाई जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके द्वारा हेम्प से ग्रामीण आर्थिकी में सुधार पर जानकारी दी गई थी। मिनिस्ट्रि ऑफ हाउसिंग के स्पेशल पब्लिकेशन में ‘हेम्प की भवन निर्माण तकनीक’ पर उनकी रिसर्च पर लेख भी प्रकाशित हुआ था।

मेले से संबंधित जितने भी पुल है, उनका निर्माण समय सीमा के अंदर होः सीएम

बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेले के आयोजन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कुम्भ मेले के निर्माण कार्यों में और अधिक तेजी लाने के लिये डबल शिफ्ट में कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेले से सम्बन्धित जितने भी पुलों का निर्माण किया जाना है उनके निर्माण की समय सीमा निर्धारित कर उन्हें पूर्ण करने के प्रयास हों। उन्होंने कहा कि पुलों का समय पर निर्माण होने से सडकों के निर्माण में और अधिक सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि यदि निजी संस्थायें स्वयं के व्यय पर स्नान घाटों का निर्माण करती है तो इसके लिये उन्हें डीपीआर एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने तथा स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने पर भी उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि श्रद्धालु कुम्भ के सुखद अनुभव के साथ लौंटे। मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के प्रमुख प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये भी मिसाल बन सके।

उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के बिजली व गैस पाइप लाइन को अंडर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। कुम्भ की व्यवस्थाओं के लिये जो भी जरूरत होगी वह उपलब्ध करायी जायेगी। सभी अधिकारी तालमेल से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की देवभूमि के अनुरूप उसकी पहचान बनाये रखने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती बरती जाए। अतिक्रमण को हटाने की दिशा में भी उन्होंने प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार महाकुम्भ 2021, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक मेला होगा। वैश्विक स्तर के इस मेले में दुनिया भर के देशों से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। तद्नुसार हमें इसकी व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित करनी होंगी।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्धालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होंगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के सीमांकन के साथ ही नये क्षेत्रों में आवश्यक अवस्थापना सुविधायें विकसित करने पर भी ध्यान देने को कहा।

बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेलाक्षेत्र एवं मेले में की जाने वाली व्यवस्थाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेले के सम्बन्ध में विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर वांछित धनराशि के वास्तविक आगणन का प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा।

आधार कार्ड नहीं बना तो दे डाली सीएम के फोन पर धमकी, हिरासत में

मुख्यमंत्री के मोबाइल पर हरकी पैड़ी को पेट्रोल बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया। जब उससे कारण पूछा गया तो उसे बताया कि उसका आधार कार्ड नहीं बन रहा था। इससे क्षुब्ध होकर उसने सीएम को फोन पर धमकी देने दी।
क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) ने बीते रविवार देर शाम मामले में हरकी पैड़ी क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट पर कार्यरत पौड़ी के युवक को हिरासत में लिया था। कई घंटे चली पूछताछ के बाद उसे सीआरपीसी की धारा 41 का नोटिस देकर छोड़ दिया गया।

बीते शनिवार सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के मोबाइल फोन पर आई एक कॉल ने सभी को हिलाकर रख दिया था। उस वक्त फोन सीएम के प्रोटोकॉल अधिकारी आनंद सिंह रावत के पास था। उन्हीं की ओर से इस संबंध में हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मुकदमा दर्ज होते ही हरकत में आई सीआईयू ने मोबाइल फोन नंबर के आधार पर रविवार देर शाम एक युवक केशवानंद नौटियाल पुत्र विद्यादत्त नौटियाल निवासी गांव आंताखोली चैलीसेंण कण्डारस्यू (जिला पौड़ी) हाल निवासी एमटी कालोनी प्रेमनगर, देहरादून को हिरासत में ले लिया।

उसके कब्जे से धमकी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया। देर रात तक सीआईयू कार्यालय में आला अफसरान ने बारी बारी से युवक से लंबी पूछताछ की। पता चला कि केशवानंद का आधार कार्ड नहीं बना है। वह जहां भी नौकरी के लिए जाता है, उससे इसकी मांग की जाती है। कई बार कोशिश के बावजूद उसका कार्ड नहीं बन सका। इससे व्यथित होकर उसने सीधे सीएम के नंबर पर ही कॉल कर धमकी दे दी।

कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि आरोपी हाल ही में इलाहाबाद से लौटा है। उसके तीन बच्चे और पत्नी गांव में ही रहते हैं, जिनसे उसका दो साल से कोई संपर्क नहीं है।

आरोपी ने बताया कि 2016 में आधार कार्ड न बन पाने के कारण वह पौड़ी में आयोजित मुख्यमंत्री जनता दरबार में गया था। उचित कार्रवाई न होने के चलते गुस्से में उसने 17 फरवरी 2016 के दिन श्रीनगर थाना में फोन कर सीएम को नुकसान पहुंचाने की बात कही थी। उसके बाद पुलिस ने लुधियाना से गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था।

एनआईटी की आधारशिला के बाद अब यहां नियमित रूप से पठन पाठन का कार्य होगाः राज्यपाल

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने सुमाड़ी, पौड़ी गढ़वाल में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), उत्तराखण्ड के स्थायी परिसर का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज एक ऐसे संस्थान का भूमि पूजन व शिलान्यास हुआ है जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अथक प्रयासों से सुमाड़ी में एनआईटी का शिलान्यास संभव हुआ है। देवभूमि उत्तराखण्ड में आईआईटी, आईआईएम व एनआईटी जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय संस्थान हैं। पिछले 10 वर्षों से एनआईटी का स्थाई कैम्पस नहीं होने के कारण यहां के शिक्षकों व छात्रों ने अनेक चुनौतियों का सामना किया। एनआईटी की आधारशिला रखने के बाद अब इसमें नियमित रूप से पठन-पाठन का कार्य होगा। उम्मीद है कि 2022 में भारत की स्वत्रंता के 75 वर्ष पूर्ण होने तक एनआईटी का निर्माण कार्य पूरा हो जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लोगों के मन में संशय था कि एनआईटी श्रीनगर में रहेगा या बाहर जायेगा। मगर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को मानव संसाधन विकास मंत्री की जिम्मेदारी दी, तो सबके मन से यह संशय हट गया था। इसके परिणामस्वरूप ही आज सुमाड़ी में एनआईटी के स्थायी परिसर का भूमि पूजन व शिलान्यास किया गया है। एनआईटी में पेयजल की उपलब्धता के लिए 20 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं। 05 करोड़ रूपये आकस्मिक निधि से रिलीज कर दिये हैं। एनआईटी के लिए आन्तरिक सड़को के लिए खर्चा भी राज्य सरकार वहन करेगी। एनआईटी के लिए बिजली के लिए अलग से सुविधा दी जायेगी, जिस पर लगभग 30 करोड़ रूपये का खर्चा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यदायी संस्था एनआईटी के निर्माण में तेजी से कार्य करे, राज्य सरकार द्वारा धनराशि देने में कोई विलम्ब नहीं किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि श्रीनगर हमारे उत्तराखण्ड का केन्द्र बिन्दु है, तमाम शैक्षणिक संस्थाएं, मेडिकल कॉलेज और आने वाले समय में यहां रेल भी पहुंचने वाली है, आल वेदर रोड़ एवं रेल का काम तेजी से चल रहा है। हमारी कोशिश है कि 2024-25 तक रेल कर्णप्रयाग तक पहुंच जाए। 80 प्रतिशत रेलवे लाईन टनल के अन्दर है, श्रीनगर के पास तथा अनेक स्थानों पर टनल निर्माण का कार्य अत्याधुनिक रोबोटिक मशीनों द्वारा बहुत तेजी से किया जा रहा है। भविष्य में श्रीनगर में रेलवे स्टेशन बनेगा जिससे श्रीनगर का विकास होगा, उद्योगों की स्थापना होगी। यहां कालेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रों के सामने एक मौका है जिससे हम अपने क्षेत्र का चहुंमुखी विकास कर सकेंगे।

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि आज यहां पर एनआईटी का भूमि पूजन व शिलान्यास हो रहा है। एनआईटी से अनेक प्रतिभाशाली छात्र निकल रहे हैं। यहां के छात्र प्रशासनिक, इंजीनियरिंग व अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि यहां हम एनआईटी के साथ केन्द्रीय विद्यालय भी बनायें, ताकि यहां के बच्चे यहीं अध्ययन कर सकें। सुमाड़ी में एनआईटी की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री ने अनेक प्रयास किये। इस भवन निर्माण का कार्य 02 साल के अन्दर पूर्ण किया जायेगा। परिसर बनने के बाद दुनियाभर से छात्र यहां अध्ययन के लिए आयेंगे।

सांसद ने की, मसूरी एक्सप्रेस में दो कोच कोटद्वार के लिए जोड़ने की मांग

पौड़ी गढ़वाल सीट से भाजपा सांसद तीरथ सिंह रावत ने अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत कोटद्वार के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं के संचालन का आग्रह मुरादाबाद मंडल से किया है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से रामनगर और टनकपुर रेल सेवा आरंभ किए जाने से राज्य के दोनों मंडलों के लोगों को खासी सहूलियत होगी। सांसद तीरथ सिंह रावत ने बताया कि उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की बैठक में उन्होंने इस प्रकार का सुझाव दिया है। इनमें यह बात भी रखी गई कि रानीखेत एक्सप्रेस, उत्तरांचल संपर्क क्रांति को पीरुमदारा में यात्रियों की सुविधा के लिए दस मिनट के लिए रोका जाए। गढ़वाल एक्सप्रेस का कोटद्वार पहुंचने का समय दोपहर बाद तीन बजे का है, इस कारण कोटद्वार से गढ़वाल के अन्य हिस्सों में जाने वाले लोगों को यातायात सुविधा नहीं मिल पाती। लिहाजा, इस ट्रेन के समय में परिवर्तन कर इसका कोटद्वार पहुंचने का समय दोपहर एक बजे निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि मसूरी एक्सप्रेस में दो कोच देहरादून से कोटद्वार आने वाले यात्रियों के लिए होते थे लेकिन लंबे समय से यह व्यवस्था बंद है। इससे यात्रियों को खासी दिक्कत हो रही है। इस व्यवस्था को बहाल किया जाए। रावत के मुताबिक इन विषयों के अलावा रामनगर रेलवे स्टेशन को बरेली से मुरादाबाद डिविजन में शामिल करने और कोटद्वार व रामनगर रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज निर्माण का विषय भी बैठक में रखा गया। भाजपा संासद ने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही इस संबंध में रेलवे उचित कदम उठाएगा।

दिनदहाड़े युवक को बदमाशों ने मारी गोली, दशहत

मंगलवार को पौड़ी जनपद के कोटद्वार थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिनदहाड़े बदमाशों ने एक युवक पर गोली चला दी। आननफानन में युवक को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक बदमाश फरार हो चुके थे।

सिमलचौड़ में एएसपी आवास और एआरटीओ कार्यालय के पीछे शिव केबल नेटवर्क का मुख्यालय है। यहीं पर केबल संचालक अजय सिंह रावत का आवास भी है। दो महीने से यहां पर शिमला बाईपास देहरादून निवासी शेखर चंद्र ढौंडियाल (43) पुत्र रमेश चंद्र रह रहा था। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे शेखर केबल मुख्यालय के बाहर बरामदे में मोबाइल से बात करते हुए टहल रहा था। इसी बीच सड़क की ओर से पड़ने वाले छोटे गेट से बदमाशों ने उस पर फायर झोंक दिया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। गोली की आवाज सुनकर केबल कंट्रोल रूम से दूसरे लोग बाहर निकले। तभी केबल संचालक अजय रावत भी बाहर आया और आनन-फानन में शेखर को कार में डालकर बेस अस्पताल ले गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। यूपी से सटे मार्गों की नाकेबंदी कर दी गई। यूपी बार्डर से लेकर चिलरखाल फारेस्ट चौकी बैरियर पर आने जाने वाले हर वाहन और दो पहिया वाहन की सघन चेकिंग की गई, लेकिन बदमाश हत्थे नहीं चढ़ सके। एएसपी प्रदीप राय और कोतवाल मनोज रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस ने केबल कंट्रोल रूम और आसपास के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में बदमाशों की संख्या तीन बताई जा रही है। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस का मानना है कि रंजिश की वजह देहरादून से जुड़ी हुई है। हत्या को शार्प शूटर ने अंजाम दिया है।

दो तमंचे और तीन जिंदा कारतूस के साथ पांच गिरफ्तार

पौड़ी जनपद की लक्ष्मणझूला पुलिस ने अवैध शस्त्र रखने के आरोप में हरियाणा के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे तथा तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ अवैध शस्त्र रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही बरामद कार को सीज कर दिया है।

आरोपियों की पहचान सागर सिंह पुत्र राजेश कुमार, तनुज जांगड़ा पुत्र संजीव कुमार दोनों निवासी नई बस्ती गली नंबर एक वार्ड नंबर 22 थाना लाइन पार जिला इज्जर हरियाणा, नीरज उर्फ भांजा पुत्र पवन कुमार निवासी वार्ड संख्या सात गली नंबर तीन थाना लाइन पार जिला इज्जर हरियाणा, टीनू पुत्र अतर सिंह निवासी वार्ड संख्या 13 गली नंबर 11 डिफेंस कॉलोनी बहादुरगढ़ जिला इज्जर हरियाणा और नवीन पुत्र सतीश कुमार निवासी ग्राम भूपनिया जिला इज्जर हरियाणा के रूप में हुई है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे लोगों को डराने धमकाने के लिए अवैध असलहा साथ लेकर चलते हैं। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते हैं।

ऐसे लोगों की पहचान के लिए पुलिस की टीम अलग-अलग क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को टीम ने एक वीआईपी नंबर की कार एचआर-13एन-070 को रोका। तलाशी और पूछताछ में पुलिस ने दो अवैध तमंचे (एक 315 बोर, 12 बोर) और तीन कारतूस बरामद किए।

निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिली संजीवनी, भाजपा चित्त

उत्तराखंड में श्रीनगर और बाजपुर नगर निकायों में सोमवार के हुए मतदान के बाद परिणाम जारी हुए। श्रीनगर और बाजपुर दोनों ही जगह कमल को पछाड़ पंजे ने पैठ जमाई। वहीं दून और ऋषिकेश दोनों ही जगह कमल खिला।

श्रीनगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा
श्रीनगर पालिका अध्यक्ष पर कांग्रेस कब्जा करने में सफल रही है। पार्टी प्रत्याशी पूनम तिवारी ने भाजपा प्रत्याशी सरोजनी रावत को 638 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। पूनम को 4413 और सरोजनी को 3775 मत मिले। निर्दलीय प्रत्याशी आशा उपाध्याय 2930 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रही, जबकि भाजपा की बागी पूर्णकला जैन 1500 मतों के साथ चैथे स्थान पर रही।
नगर पालिका चुनाव में 23,126 मतदाताओं के सापेक्ष 13 हजार 204 मतदाताओं ने वोट डाले थे। बुधवार को तहसील परिसर में अध्यक्ष पद के लिए दो राउंड में मतगणना हुई। कांग्रेस प्रत्याशी पूनम तिवारी ने शुरुआती दौर में ही वार्ड एक से 447 मत प्राप्त कर बढ़त बना ली। भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त को कम करने की कोशिश की, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी के ज्यादा मत हासिल करने से भाजपा प्रत्याशी कांग्रेस से आगे नहीं निकल पाईं। आरओ दीपेंद्र नेगी ने बताया कि अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों में बीना चैधरी को 319 और सीमा भंडारी को 215 मत मिले। 52 मत नोटा के खाते में गए और 456 मत रद्द किए गए।

गित्ते ने बाजपुर में दिखाई ‘पंजे’ की ताकत
बाजपुर निकाय चुनाव का परिणाम कांग्रेस के लिए संजीवनी से कम नहीं है। चेयरमैन पद पर कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी राजकुमार को 2990 मतों से शिकस्त दी। गित्ते को 9025 मत मिले, जबकि राजकुमार को 6035 मत से संतोष करना पड़ा। 18,096 लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतगणना बुधवार को जीजीआईसी में सुबह आठ बजे से शुरू हुई। पहले चरण में कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते को 4727 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी राजकुमार को 2857 मत मिले। 1870 की लीड लेकर कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते आगे ही रहे। भाजपा प्रत्याशी राजकुमार अंतिम चरण तक बढ़त नहीं ले पाए।
शाम 5ः45 बजे एसडीएमध्आरओ एपी वाजपेयी ने कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते को 2990 मतों से विजयी घोषित कर प्रमाणपत्र सौंपा। इसी तरह चेयरमैन पद पर बसपा के अशोक कुमार गौतम को 66 मत, समाजवादी पार्टी के अरविंद यादव को 244 मत, निर्दलीय अजीम अहमद को 578 मत, निसार अहमद को 674 और महीपाल यादव को 512 वोट मिले। नोटा को 54 मत पड़े। अध्यक्ष पर पद 853 मत निरस्त हुए।

दून और ऋषिकेश के दोनों वार्डों में खिला कमल
दून और ऋषिकेश के दो वार्डों में हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। देहरादून के आम वाला तरला वार्ड नंबर 61 में भाजपा की नीतू वाल्मीकि ने कांग्रेस की मोनिका को 190 मतों से मात दी। जबकि, ऋषिकेश के वार्ड नंबर तीन दुर्गा मंदिर में प्रियंका यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी को 356 मतों से हराया। उपचुनाव के लिए आठ जुलाई को मतदान हुआ था।
बुधवार सुबह देहरादून नगर निगम उपचुनाव की मतगणना निगम परिसर और ऋषिकेश में हुए उपचुनाव की मतगणना तहसील परिसर में हुई। दोपहर करीब एक बजे परिणामों की घोषणा की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि वार्ड नंबर 61 आमवाला तरला में नीतू वाल्मीकि को 1641 वोट पड़े। जबकि, उनकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की मोनिका को 1451 मत मिले। इस तरह नीतू ने मोनिका को 190 मतों से मात देकर पार्षद पद पर कब्जा किया।
उधर, ऋषिकेश के दुर्गा मंदिर वार्ड में कांग्रेस की श्यामा राजभर को 567 वोट मिले। जबकि, भाजपा की प्रियंका यादव को 923 वोट पड़े। प्रियंका यादव को 356 वोट से विजयी घोषित किया। नवनिर्वाचित पार्षदों को अगले सप्ताह शपथ दिलाई जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि मतगणना के दौरान किसी की कोई शिकायत नहीं आई है।

दोनों वार्डों पर था कांग्रेस का कब्जा
नवंबर-2018 में हुए नगर निगम चुनाव में दोनों वार्डों पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए थे। दुर्गा मंदिर वार्ड ऋषिकेश में कांग्रेस की रीना गुप्ता विजयी हुई थीं। जबकि, आमवाला तरला देहरादून में रीता रानी जीती थीं। लेकिन, दोनों ही प्रत्याशियों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए चुनाव निरस्त कर दिए थे

पनियाली नाले में आए उफान से मलबा फैला, करंट फैलने से तीन की मौत

पनियाली नाले में आए उफान से कौडिया के एक घर में मलबा घुसने के बाद करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। यह तीनों उस वक्त कमरों से सामान बाहर निकाल रहे थे। बरसाती नाले का पानी और इसके साथ आया मलबा आमपड़ाव और कौडिया के आधा दर्जन से ज्यादा घरों में घुसा। गुजरे तीन सालों से पनियाली नाला आसपास के इलाकों में कहर बरपा रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग यहां बाढ़ सुरक्षा प्रबंध नहीं कर पाया। इससे नाराज क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को सिंचाई विभाग के कार्यालय में तालाबंदी की।
कोटद्वार में सुबह सात बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश करीब डेढ़ घंटे चली। इससे आसपास के इलाकों के नदी-नाले उफान पर आ गए। पनियाली नाले के पानी के साथ काफी मात्रा में मलबा आम पड़ाव और कौडिया स्थित कुछ घरों में घुस गया। इस नाले में सुरक्षा दीवार बनाने के लिए यहां से निकाला गया मलबा वहीं नाले के दोनों किनारों पर एकत्र किया गया था, यही मलबा पानी के बहाव के साथ लोगों के घरों तक पहुंचा। तेज हवाएं चलने और बारिश होने के चलते उस वक्त पूरे इलाके में बिजली भी गुल हो गई।
अफरा-तफरी में लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। इसी दरम्यान कौडिया निवासी रणजीत सिंह (30) पुत्र बलवीर अपने घर से सामान बाहर निकाल रहा था। उसकी मदद के लिए पड़ोस में रहने वाले अरुण (28) पुत्र कमल और शाकुन (23) पुत्र गुलशन भी वहां पहुंचे थे। तीनों कमरों से सामान निकाल ही रहे थे, तभी इलाके में बिजली की आपूर्ति बहाल हो गई। घर में मलबा भर जाने की वजह से रणजीत के घर में करंट फैल गया। तीनों लोग इसकी चपेट में आ गए। उन्हें तत्काल बेस चिकित्सालय कोटद्वार ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रणजीत बैंक में कार्यरत था। हादसे में मारे जाने वाले अन्य दोनों युवकों में अरुण मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के ढाकी (नजीबाबाद) और शाकुन इसी जिले सिकरौड़ा नवादा का रहने वाला था। अरुण भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड की कोटद्वार इकाई में कार्यरत था, जबकि शाकुन कोटद्वार में नगर निगम के ट्रेचिग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण के कार्य करता था।