मुख्यमंत्री ने किया ल्वाली झील निर्माण का शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखण्ड पौड़ी के अन्तर्गत रू0 692.77 लाख लागत की ल्वाली झील निर्माण का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को झील निर्माण के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस झील के माध्यम से क्षेत्रवासियों को काफी लंबे समय तक पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 34 हेक्टेयर भूमि भी सिंचित हो सकेगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘मन की बात‘‘ कार्यक्रम को सुना। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में जल संरक्षण एवं योग को अपनाकर इसके प्रचार प्रसार के विषय पर बात की गयी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आने वाले 5 वर्षों के कार्यकाल के लिए जल संरक्षण को अपना महत्वपूर्ण लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि समय के साथ भूमि के जल स्तर में कमी हो रही है। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पानी की चिन्ता करनी है। इस झील के निर्माण से पानी के जल स्तर में भी सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे उत्तराखंड में हम विभिन्न स्थानों पर झीलों का निर्माण कर रहे हैं। जनपद पौड़ी के लिए भी हमने 3 झीलें ल्वाली, सतपुली एवं जयहरीखाल में स्वीकृत की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में झीलें है या बनायी गयी हैं, उन क्षेत्रों में सब्जियों की बहुत अच्छी खेती होती है। ल्वाली झील के निर्माण के बाद इस क्षेत्र में सब्जी उत्पादन की बहुत अधिक सम्भावनाएं बढ़ जाएंगी। इस क्षेत्र में फल उत्पादन की भी बहुत सम्भावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस झील का निर्माण 1 वर्ष के अंदर कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी योजना शुरू की जाती है, उसके कार्य समापन की तिथि भी पहले से ही निश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन खेतों को बनाने में हमारी पीढ़ियां लगी हैं। हमें पहाड़ की खेती को आबाद करते हुए खेती की सम्भावनाएं तलाशनी हैं। इसके लिए हमें पेशेवर तरीके से सोचना शुरू करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में खेती और पर्यटन दोनों में विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। सीतामाता मंदिर में पर्यटन सर्किट तैयार किया जाएगा। साथ ही दीपावली के बाद इस मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जो इस क्षेत्र को पर्यटन से जोड़ने में मददगार होगा।

29 जून में पर्वतीय क्षेत्रों को पौड़ी में मिल सकती है कई सौगात

पौड़ी गढ़वाल कमिश्नरी के गठन की स्वर्ण जयंती, यानी 50 वर्ष पूरे होने के मौके को त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार खास बनाने जा रही है। 29 जून को पौड़ी में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। यह तीसरा मौका है जब त्रिवेंद्र सरकार देहरादून के बाहर पर्वतीय क्षेत्र में मंत्रिमंडल की बैठक करेगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि कि पौड़ी गढ़वाल कमिश्नरी के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 29 जून को पौड़ी में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इस बैठक में मंत्रिमंडल पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से संबंधित फैसलों पर मुहर लगा सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले देहरादून से इतर पर्वतीय क्षेत्रों में दो दफा त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की बैठकें हो चुकी हैं। बीते वर्ष टिहरी महोत्सव के उपलक्ष्य में मंत्रिमंडल की बैठक टिहरी में आयोजित की जा चुकी है।
त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल की बैठक गैरसैंण में भी हो चुकी है। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान मंत्रिमंडल की बैठक आहूत की गई थी। इसके अलावा पूर्व की सरकारों के समय भी तीन बार राजधानी देहरादून से बाहर कैबिनेट की बैठकें हो चुकी हैं। पौड़ी में मंडल मुख्यालय होने की वजह से कई मंडलस्तरीय कार्यालय भी वहां हैं। यह दीगर बात है कि पौड़ी में मंडल मुख्यालय समेत पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी कार्यालय होने के बावजूद अधिकारियों की इन कार्यालयों में नियमित उपस्थिति की समस्या अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी बरकरार है। माना जा रहा मंत्रिमंडल पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को देखते हुए अहम फैसले ले सकती है।

राज्य की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से सरकार कर रही विकास कार्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को वीरचन्द्र गढ़वाली मेडिकल कालेज श्रीनगर के परिसर में आयोजित भव्य समारोह में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत लगभग 50 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं सिंचाई विभाग की लगभग 21 करोड़ की 12 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रांसी स्टेडियम को महावीर चक्र विजेता जसवन्त सिंह रावत के नाम से रखे जाने की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान श्रीनगर में 104 बैडेड गल्र्स इन्र्टन हाॅस्टल श्रीकोट श्रीनगर गढ़वाल, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान श्रीनगर गढ़वाल के मढ़ी कालोनी चैरास परिसर में 100 बैडेड नर्सेज हाॅस्टल, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान में मल्टी डिसिप्लीनरी रिसर्च यूनिट (एम.आर.यू), वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान के हे.न.ब. राजकीय बेस चिकित्सालय, श्रीनगर गढ़वाल में प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्र राजकीय नर्सिंग कालेज पौड़ी के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन व महिला छात्रावास के भवनों एवं राजकीय नर्सिंग कालेज चमोली का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मरोड़ भू कटाव रोधी कार्य लागत 165.69 लाख, नयार नदी के दोनो तटों पर बसे ग्राम सेरा तल्ला एवं पटिंडा की सुरक्षा योजना लागत 208.44 लाख, ग्राम डांगू मल्ला में खटल गड़ नदी के दोनों तटों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 203.75 लाख, किखु में बडोली गदेरा एवं थवलागाड़ पर सुरक्षा योजना लागत 136.47 लाख, संगलाकोटी में बाढ़ सुरक्षा कार्य लागत 110.36 लाख, पाबौ विकासखण्ड के अन्तर्गत 09 पर्वतीय नहरों की पुनरूद्धार की योजना लागत 141.49 लाख, कल्जीखाल विकासखण्ड के अन्तर्गत 6 पर्वतीय नहरों की पुनरूद्धार की योजना लागत 166.03 लाख, ग्राम रतकोट बांगर मे लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण लागत 180.46 लाख, ग्राम चमासूधार में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण लागत 207.31 लाख, ग्राम सिराई तथा कण्डा तल्ला में लिफ्ट सिंचाई योजना निर्माण लागत 176.73 लाख तथा ग्राम जिबई तथा सुकई में लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण की योजना लागत 296.82 लाख आदि योजनाओं का शिलान्यास किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उन्हें समयान्तर्गत पूरा किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी एक काम पूर्ण करने के बाद ही दूसरे काम को आरम्भ करें, जिससे समय से कार्य पूर्ण होने पर योजनाओं का सही लाभ मिल सके। राज्य सरकार ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया, उन्हें समय से पूर्ण किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेजों में 22 महीनों में 25 तरह के विकास कार्य सम्पन्न हुए है। उन्होंने मेडिकल काॅलेज के समस्त स्टाफ के कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आपसी समन्वय से गुणात्मक सुधार होंगे, जिससे शैक्षिक संस्थानों का शैक्षिक वातावरण अच्छा होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पौड़ी जिला अस्पताल एवं टिहरी जिला अस्पताल में विकासपरक योजना लाई जा रही है, जिनका टेण्डर हो चुका है। इन चिकित्सालयों में 11-11 विशेषज्ञ डाॅक्टर एवं 10-10 अन्य चिकित्सक होंगे। इसके आलावा कलस्टर में दो चिकित्सालय पाबौ एवं घण्डयाल को जोड़ा गया, जिसमें 4-4 डाॅक्टर और 3-3 मोबाइल वैन यहां पर होंगी, ताकि दूरस्थ गांवों में भी अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि विधान सभा क्षेत्र श्रीनगर के अन्तर्गत 51 इण्टर कालेज में ई-लर्निंग की सुविधा एवं 12 हजार छात्रों को टाटमुक्त कर फर्नीचर दिये जाने पर को बधाई दी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को साकार करते हुए डाॅ. रावत ने 100 ग्राम सभाओं में सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने की जो पहल की है, वह सराहनीय है। जबकि शराब के खिलाफ अभियान चलाने वाली टिंचरी माई, आर्टिस्ट मोलाराम, विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय कार्य करने वाले शिक्षा मंत्री स्व. भगत दर्शन नेगी आदि के स्मारक बनाने पर भी डा. रावत की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कहा कि रिवर फ्रंट रोड़ डेवलप का प्रस्ताव भारत सरकार ने स्वीकार कर दिया है, और 50 लाख डीपीआर के लिए मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य को पर्यटक प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए अग्रसर है। इसके लिए खर्चीले पर्यटकों की राज्य में चहलकदमी हेतु विभिन्न योजनाओं के तहत सुगम सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अच्छी सड़के, अच्छे होटल एवं अच्छे सर्विस सेंटर बनाये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन दूरस्थ क्षेत्रों में हमने डाॅक्टरों को भेजा है, वे वहां पर रहकर अपने कत्तव्यों का पालन करें। उपचार डाॅक्टरों द्वारा ही किया जाना है। राज्य सरकार भौगोलिक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सुविधाये उपलब्ध करायेगी। उन्होंने कहा कि जनता को किये गये वादे के अनुरूप एक हजार के स्थान पर 1134 डाॅक्टरों की नियुक्ति कर पहाड़ों में तैनाती की है। उन्होंने कहा कि टिहरी की जिलाधिकारी ने हैलो डाॅक्टर करके एक टेली मेडिसन की योजना शुरू की, जिसके तहत गांव के छोटे-छोटे हाॅस्पिटलो को जिला अस्पताल से जोड़ा और इसमें 46 लाख का साल का खर्चा आया है। इससे रोगियों को जिला अस्पताल नहीं आना पड़ता है और उनका वहीं पर इलाज हो जाता है।
उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में पूरे प्रदेश एवं देश को भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार इमानदारी से काम कर रही है और लोगों को भी विश्वास हो गया है कि मुख्यमंत्री जो बोलते हैं वह करके दिखाते है। उन्होंने कहा कि दिनांक 6 मार्च, 2019 को परेड ग्राउण्ड देहरादून में ‘‘युवा उत्तराखण्ड स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर‘‘ से संबंधित एक विशाल भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 12 हजार युवा शामिल होगें। साथ ही 52 डिग्री कालेजों के छात्र भी इस कार्यक्रम से लाइव जुडेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 3 से 6 साल तक के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले 3 लाख बच्चे को पौष्टिक आहार के रूप में सप्ताह में दो बार आंचल का दूध पिलाया जा रहा है, जिसे अब प्रतिदिन पिलाये जाने हेतु योजना का शुभारम्भ किया जायेगा। कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 3.50 लाख नौजवानों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दिया है और इसी श्रृखंला में हम वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाने जा रहे हैं।
इस मौके पर विधायक पौड़ी मुकेश कोली, विधायक बद्रीनाथ महेन्द्र भट्ट, चिकित्सा शिक्षा सचिव नितेश कुमार झा, पौड़ी नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, पौड़ी ब्लाॅक प्रमुख संतोषी रावत सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं आम-जनमानस उपस्थित था।

मुख्यमंत्री ने अलकनंदा पावर प्रोजेक्ट की समीक्षा की

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में अलकनंदा जल विद्युत परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को निर्देश दिए कि क्षेत्र के लोगों को जलापूर्ति हेतु परियोजना का शेष कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निदेशक जीवीके को निर्देश दिए कि परियोजना को फरवरी माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अलकनंदा नदी के आसपास के क्षेत्र के लोगों का एकमात्र जल स्रोत अलकनंदा नदी है। इसके लिए जल संस्थान, पेयजल निगम, जीवीके पावर आदि सम्बंधित विभाग आपसी सामंजस्य स्थापित कर न्यूनतम जलापूर्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में रोशनी सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना से प्रभावितों के बकाया भुगतान में शीघ्रता की जाए।
इस अवसर पर राज्य मंत्री धन सिंह रावत, विधायक विनोद कंडारी, सचिव पेयजल अरविन्द ह्यांकी, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, निदेशक जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पीवी प्रसन्ना रेड्डी एवं महाप्रबंधक पेयजल निगम भजन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में काश्तकारों को उपलबध कराया जायेगा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि उपकरणों की व्यवस्था हेतु कृषि ऋण

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के काश्तकारों को कृषि उपकरणों की व्यवस्था हेतु शून्य ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। इसके ब्याज की धनराशि की भरपाई खनन, परिवहन एवं ऊर्जा के क्षेत्र से हुई राजस्व प्राप्ति से की जायेगी। इससे किसानों को सुविधा होने के साथ ही उनकी आय दुगनी करने में मदद मिलेगी। इससे पूर्व पं. दीनदयाल किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त किसानों को दो प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा था इससे लाखों किसानों को फायदा हुआ है। अब शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर काश्तकारों को ऋण उपलब्ध कराने से किसानों को सुविधा होगी। यह किसानों के कल्याण के लिये महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा सोमवार को पौड़ी में की।

पौड़ी में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का शुभारम्भ करने के साथ ही 107.73 करोड की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 78.08 करोड की 11 योजना का लोकार्पण तथा 29.65 करोड की 14 योजनाओं का शिलान्यास करते हुए कही। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पौड़ी के कोट ब्लाक स्थित देवार में एनसीसी एकेडमी खोलने, पौड़ी की ल्वाली झील का निर्माण करने, कोट ब्लाक के फलस्वाड़ी में माता सीता मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए दो करोड़ देने, उत्तरकाशी में राज्य का पहला स्किल डेवल्पमेंट कॉलेज बनाने, जयहरीखाल में मेधावी बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय बनाने, 19.11 करोड की लागत से रामकुंड देवप्रयाग-सबदरखाल-कादेखाल पंपिंग योजना का निर्माण करने, कल्जीखाल ब्लाक में ग्राम भक्तोली-मुंडनेश्वर तथा डांग-भवन्यू-कोलड़ी से श्रीकोट-पोखरीखेत तक मोटर मार्ग निर्माण, कोट ब्लाक में बन्तापानी-कड़ाकोट-भुवनेश्वर तथा पौड़ी ब्लाक में घोड़ीखाल बैंड से पाली-रैदुल-आलीधार मोटर मार्ग का निर्माण, पक्कीकरण व सुधारीकरण करने एवं सतपुली थाने के समीप स्वास्थ्य विभाग की भूमि पर बने सुलभ शौचालय नगर पंचायत सतपुली को आवंटित करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी एकेडमी के लिए 10 एकड़ भूमि को चयनित की गई है, वहीं पौड़ी की ल्वाली झील निर्माण की डीपीआर तैयार हो चुकी है। झील का निर्माण 6.50 करोड़ की लागत से शुरू किया जाएगा। झील में लगभग 80 लाख लीटर पानी रिजर्व किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने पौड़ी तथा टिहरी की स्थिति पर चिंता जताई। कहा कि इन जनपदों की रौनक को दोबारा लौटाने के लिए सरकार की ओर से ठोस येाजनाएं बनायी जा रही हैं। इसके तहत पौड़ी जनपद में एनसीसी एकेडमी की स्थापना की जायेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के लिये 02 एम्बुलेंसों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ग्रामीणों की एकता ने दिखाया रंग, बुजुर्ग को ले गये अस्पताल

यमकेश्वर प्रखंड के कसाण गांव में स्थिति इतनी दयनीय है कि यहां के स्थानीय ग्रामीण सड़क न होने के कारण किसी बीमार व्यक्ति को कुर्सी की पालकी बनाकर ले जाने को मजबूर है। पिछले एक दशक से यहां सड़क की समस्या बनी हुयी है। मगर, यहां सड़क का निर्माण न हो सका।

यमकेश्वर प्रखंड के डांडामंडल क्षेत्र में स्थित कसान गांव 11 वर्ष पूर्ण तब सुर्खियों में आया था जब यहां बादल फटने से कुछ घर जमींदोज हो गए थे। 14 अगस्त 2007 की रात यहां आई इस आपदा में 4 लोगों की मौत हो गई थी। इस गांव की पीड़ा का कोई हल नहीं निकल पाया है।

आपदा पीड़ित होने के बावजूद प्रभावित लोगों का विस्थापन नहीं हो पाया। जितने भी लोग यहां रह रहे हैं वह विपरीत हालत में भी गांव की अवधारणा को पूरा करने के साथ पलायन जैसी समस्या को चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गांव से मुख्य सड़क करीब 4 किलोमीटर दूर है। यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। किसी तरह से लोग आवागमन बनाए रखे हैं। विकट हालत तब हो जाते हैं जब गांव में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए। स्थानीय ग्रामीण सोहन ने बताया कि सोमवार को स्थानीय नागरिक देवेंद्र सिंह राणा की तबीयत खराब हो गई। आसपास क्षेत्र में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। बीमार को चिकित्सालय तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी।

गांव वालों ने हिम्मत दिखाई कुर्सी में डंडे बांधकर उसे पालकी बनाया गया। इस कुर्सी में बीमार को बिठाकर किसी तरीके से पहाड़ी इलाके के ऊंचे-नीचे 4 किलोमीटर लंबे सफर किया गया। मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद निजी वाहन के जरिए बीमार को ऋषिकेश चिकित्सालय लाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि जो लोग गांव में बसे हैं वह सड़क की मांग कर रहे हैं। मगर जो लोग गांव छोड़कर दिल्ली और अन्य जगह बस गए हैं। उनमें से कुछ लोग सड़क का यह कहकर विरोध कर रहे हैं कि सड़क हमारे खेतों से होकर नहीं जानी चाहिए।

डीएम आपदा के दौरान तुरंत एक्शन लेः त्रिवेन्द्र

राज्य में अतिवृष्टि व ऑधी तूफान से हुयी क्षति के जानकारी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावन ने ली। उन्होंने राज्य आपदा परिचालन केंद्र में डयूटी पर तैनात कर्मचारियों को फोन के माध्यम से जिलों की आपदा की जानकारी लेने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन माह वर्षाकाल के दौरान विशेष सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी प्रकार के आपदा के लिए सतर्क रहने एवं शीघ्र रिस्पांस देने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिला आपदा कंट्रोल रूम का भी लगातार निरीक्षण करते रहें। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित कर कार्यवाही करें।

जिलाधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत निरन्तर जनप्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहने के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों की फोन नम्बर की लिस्ट भी अपडेट रखी जाए। ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर शीघ्र सम्पर्क किया जा सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तरकाशी एवं पौड़ी में 28 मीमी की बारिश हुई है। जबकि देहरादून में 40 मीमी बारिश हुई। उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट तहसील के गंगटाड़ी में एक बच्ची के बहने की सूचना मिली है। जबकि पौड़ी जनपद के चाकीसैंण तहसील के बुमोच में अतिवृष्टि से चार पशुओं की हानि हुई है। उन्होंने राज्य में बादल फटने संबंधी जानकारी होने से साफ इंकार किया। सीएम बोले राज्य में कोई बादल नहीं फटा है। इस तरह की सूचना का कोई औचित्य नहीं है।

पहला गांव होगा, यूपी सीएम चकबंदी वाला

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पौड़ी जिले में स्थित पैतृक गांव पंचूर को चकबंदी के लिए चुना गया है। यह फैसला उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया है। यमकेश्वर का एक गांव पंचूर प्रदेश का पहला ऐसा गांव होगा, जहां चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई है।
डीएम पौड़ी सुशील कुमार विभागीय टीम को लेकर पंचूर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने चकबंदी कार्य की विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी के पंचूर गांव से चकबंदी कार्य शुरू किया गया है। चकबंदी लागू होने से ग्रामीण किसानों की बिखरी हुई जोत एक हो जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर उनकी भूमि का एक ही स्थान पर एकीकरण कर दिया जाएगा।
जिससे ग्रामीण किसान को कृषि, विपणन, परिवहन कई मामले में लाभ पहुंचेगा। इस मौके पर यमकेश्वर के ब्लॉक प्रमुख कृष्णा नेगी ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गांव और यमकेश्वर में बसे इस गांव को चकबंदी के लिए चुना जाना क्षेत्र वासियों के लिए सम्मान की बात है। डीएम ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। जिलाधिकारी तहसील मुख्यालय विथयानी में आयोजित तहसील दिवस में भी जनसमस्याएं सुनेंगे और दिव्यांग जनों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे।

जीरो टॉरलेंस सरकार ने की कारवाई, भ्रष्टाचार के चलते किए वित्तीय अधिकार सीज

शासन ने पालिकाध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम पर लगे वित्तीय अनियमितता के सात में से तीन आरोप गढ़वाल मंडलायुक्त की जांच में सही साबित होने पर उनके वित्तीय अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वहीं पौड़ी के डीएम को अग्रिम आदेशों तक पालिका के वित्तीय अधिकारों का जिम्मा सौंपा गया है।
गौरतलब है कि पौड़ी नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष यशपाल बेनाम पर वर्ष 2013-14 में वित्तीय अनियमितता के सात आरोप लगाते हुए सभासदों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। पिछली सरकार ने इन शिकायतों की जांच गढ़वाल मंडलायुक्त से कराई थी।
मंडलायुक्त ने दस अक्टूबर, 2015 और चार अगस्त, 2016 को जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसके बाद पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम को कारण बताओ नोटिस जारी कर आरोपों पर पक्ष रखने का मौका दिया गया था। उनका पक्ष सामने आने के बाद कुल सात आरोपों में से तीन आरोप सिद्ध पाए गए। मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट में कहा गया कि पालिका के गेस्टहाउस के बारे में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के सहायक अभियंता ने भवन सुरक्षित नहीं होने का प्रमाणपत्र 12 दिसंबर, 2013 को जारी किया। इस मामले में अध्यक्ष पर बोर्ड से भवन ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव पास कराए बगैर ही यह कार्य किया गया। जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दिया गया कि भवन ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव बोर्ड से विधिवत पास नहीं कराया गया। इस मामले में अध्यक्ष के साथ तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके रमेश प्रसाद सेमवाल को भी दोषी माना गया। जांच आख्या में कहा गया कि नगरपालिका अध्यक्ष ने तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल की ओर से शरदोत्सव के लिए 10 लाख रुपये देने के आश्वासन पर पालिका निधि से उक्त धनराशि खर्च कर दी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी दरबान सिंह राणा ने विहित प्रक्रिया न अपनाकर बोर्ड फंड से धनराशि आवंटित की। इसमें वित्तीय अनियमितता की गई। उक्त धनराशि की विधायक निधि से प्रतिपूर्ति नहीं हुई। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से ग्रीष्मोत्सव के आयोजन को 20 लाख देने के आश्वासन पर उक्त आयोजन किए जाने का उल्लेख किया है। ग्रीष्मोत्सव पर 15 लाख रुपये व्यय किए गए, लेकिन पालिका निधि से आहरित इस धनराशि के बारे में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को अनुमोदित नहीं कराया गया। जांच में कहा गया कि 15 लाख की धनराशि का समायोजन किस मद से होगा, यह उल्लेख नहीं करना गंभीर अनियमितता है। पालिका ने कूपन छपवाने का बिल प्रस्तुत किया, उसमें 50 पृष्ठ की 100 बुक छापने का उल्लेख है। लेकिन, इन कूपनों से कितनी धनराशि प्राप्त हुई और उसे किन मदों में खर्च किया गया, इसका उल्लेख या व्यय विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त आयोजन यशपाल बेनाम परे व्यक्तिगत तौर पर कराया था और इसके लिए जिला प्रशासन या शासन से अनुमति नहीं ली गई थी। मंडलायुक्त एवं पौड़ी जिलाधिकारी की जांच आख्या और पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम के अभिकथन के बाद शासन ने सात में उक्त तीन आरोप सिद्ध पाए। इनके आधार पर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम के वित्तीय अधिकार सीज करने के आदेश शहरी विकास प्रभारी सचिव राधिका झा की ओर से जारी किए गए हैं।

जंगली हाथी के हमले से पालतू हाथी की हुयी मौत

तीन जिलों की सीमा में फैला राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक पालतू हाथी की जंगली हाथी के हमले के दौरान मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में रोष है। यह पालतू हाथी राजाजी टाइगर रिजर्व का था। बताया जा रहा है कि राजाजी टाइगर रिजर्व में राजा नाम से प्रसिद्ध इस पालतू हाथी पर जंगली हाथी ने हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गयी। घटना से राजाजी प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल राजा 1993 में रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ मिला था राजा। तभी से पार्क प्रशासन इसका पालन पोषण कर रहा था। राजा पर्यटकों को सफारी भी करा रहा था।