उत्तराखंड में खत्म होगा धार्मिक कब्जों का खेल

उत्तराखंड सरकार में इन दिनों अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने का काम जोरों पर चल रहा है। अवैध कब्जों पर सीएम धामी के निर्देश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। राजधानी देहरादून में दो दिनों में लगभग 15 से अधिक मजारों को हटाया गया है तो अब यह सिलसिला दूसरे जिलों में भी शुरू हो गया है। पौड़ी में भी एक चर्चित मजार को जिला प्रशासन ने हटा दिया है। चर्चित इसलिए क्योंकि इस मजार के जीर्णाेद्धार के लिए विधायक राजकुमार ने 2 लाख अपनी विधायक निधि से दिए थे। प्रशासन ने इसे भी अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया है।
पौड़ी जिले के कल्जीखाल ब्लॉक में बरसों पहले बनी एक मजार को राजस्व प्रशासन ने बुधवार को ध्वस्त कर दिया है। बताया गया है कि जब मजार की जांच की गई तो दस्तावेजों में यह चारागाह में निर्मित पायी गई। इसे प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए बुधवार को यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस संबंध में डीएम ने भी पौड़ी के एसडीएम से रिपोर्ट मांगी थी। बताया जा रहा है कि यह मजार करीब 20 साल पहले बनाई गई थी। पौड़ी एसडीएम आकाश जोशी ने पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कल्जीखाल ब्लॉक के गांव चिलोली की सरहद में एक मजार चारागाह भूमि पर बनी थी। राजस्व रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को मजार को ध्वस्त कर दिया गया। चारागाह वाली भूमि पर किसी तरह भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। यह अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।
हालांकि, इस मजार के पास विधायक निधि से एक टिनशेड निर्माण को लेकर भी सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से चर्चाएं हो रही है। पौड़ी के विधायक राजकुमार पोरी से संपर्क करने पर दूरभाष पर बताया कि उन्होंने किसी धर्मस्थल को बनाने के लिए कोई निधि नहीं दी है। मंडल अध्यक्ष ने इस संबंध में यहां एक टिनशेड स्थानीय लोगों के धूप और बारिश से बचने के लिए बनाने का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने बताया प्लान तो विपक्ष ने किया पलटवारपोरी ने कहा कि मणधार में उन्होंने विधायक निधि से दो लाख की धनराशि टिनशेड निर्माण के लिए स्वीकृत की। विधायक ने कहा कि कुछ मीडिया खबरों में इसे गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है और उसे दूसरा रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो कि सही नहीं है।

पौड़ी के अभिनव ने नौसेना में पाया कमीशन

पौड़ी के एक लाल अभिनव रावत ने शनिवार को नौसेना में सेकेंड लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन हासिल कर लिया है। केरल के इजीमाला स्थित नेवल अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद अभिनव नौसेना की मुख्यधारा में शामिल हो गया। अभिनव की पीपिंग सेरमनी में उसके पिता मातवर सिंह रावत और मां लक्ष्मी रावत भी मौजूद रही। अभिनव पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लाक के चमाली गांव का निवासी है। सेकेंड लेफ्टिनेंट अभिनव रावत ने कहा कि वह उत्तराखंड की देशसेवा और कर्तव्यपरायणता की समृद्ध और गौरवशाली परम्परा से प्रभावित था, इसलिए सेना को प्राथमिकता दी। उसकी इस उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अभिनव के दादा भोपाल सिंह रावत और दादी दूरा देवी गांव में ही रहते हैं। दादा भोपाल सिंह रावत ने कहा कि पोते की इस उपलब्धि पर उन्हें गर्व है।
22 वर्षीय सेकेंड लेफ्टिनेंट अभिनव रावत ने 2018 में इंद्रापुरम गाजियाबाद के कैंब्रिज स्कूल से 12वीं करने के बाद नेवल अकादमी के लिए आवेदन किया और पहली बार में ही सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) क्लियर कर दिया। अभिनव का सलेक्शन आईआईटी के लिए भी हुआ था लेकिन उसने देशसेवा को प्राथमिकता दी। अभिनव के पिता मातबर सिंह रावत दिल्ली की एक कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं। उनका कहना है कि अभिनव ने पहले से ही तय किया था कि वह सेना में जाएगा। उसकी इस उपलब्धि पर हमें गर्व है।
गौरतलब है कि चमाली गांव वीर योद्धाओं का गांव है। देश सेवा यहां की परम्परा है। इस गांव के हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में है। गांव के हवलदार बुद्धिसिंह रावत और हवलदार झगड़ सिंह रावत स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। गांव में दो पूर्व कर्नल और दर्जन भर से भी अधिक पूर्व जेसीओ हैं। कारगिल युद्ध में अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले लांसनायक बलवीर सिंह नेगी भी इसी गांव के हैं।

मंत्री डा. अग्रवाल ने ग्रामीणों को बांटे निशुल्क बीज

यमकेश्वर ब्लॉक के तल्ला बनास गांव में आज प्राचीन लौहसिद्ध हनुमान मंदिर का स्थापना दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष्य में मंदिर समिति की गौमुख गौशाला ने देश के पहली कृषि विश्विद्यालय जीबी पंत कृष विश्विद्यालय और राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान केंद्र करनाल के तत्वाधान में किसान मेला का आयोजन किया।

शनिवार को यमकेश्वर के तल्ला बनास स्थित गोमुख गौशाला गढ़खाल में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेम चंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में संकटमोचन लौहसिद्ध हनुमान जी की पूजा में शामिल के उपरांत कार्यक्रम का अनावरण किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेम चंद्र अग्रवाल ने कहा कि संकटमोचन हनुमान के आशीर्वाद से पहाड़ के किसानों को सशक्त बनाने के लिए गौमुख गौशाला की इस पहल से हम अपनी संस्कृति और सनातन धर्म को आगे बढ़ाते हुए पहाड़ के लोगो की आय के स्रोत के लिए साथ मिलकर काम करें।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि पंतनगर विश्विद्यालय और राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान केंद्र करनाल के साथ गौमुख गौशाला एक मॉडल गौशाला बनेगी। इससे किसानों के कौशल में विकास होगा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि किसान मेले का मुख्य उद्देश्य पहाड़ों के किसानों को प्रगतिशील बनाने के सपने को लेकर गौमुख गौशाला ने इस मुहिम की शुरुआत की है। मेले में पंतनगर के जीबी पन्त कृषि विश्विद्यालय और राष्टीय डेरी अनुसंधान संस्थान किसानो के उत्थान के लिए पहली बार साथ आये हैं।

किसान मेला में यंमकेश्वर ब्लॉक के तल्ला बनास, मल्ला बनास, कांडाखाल, किमसार से सैंकड़ों किसानों ने प्रतिभाग किया। जिन्हें आये स्रोत बढ़ाने के लिए पशुपालन, मधुमखी पालन और खेती से जीविका को बेहतर बनाने के लिए पंत नगर विश्विद्यालय और राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल ने निशुल्क बीज, मधुमखी और किट, कृषि से जुड़ी किट, वह बकरियों का अनुदान किया।

इस अवसर पर पंतनगर विश्वविधालय के कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान, उत्तराखंड शासन के सचिव डॉक्टर बीवीआर पुरुषोत्तम आर, राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्था के निदेश डॉक्टर धीर सिंह, डॉ सरिता, डॉ दीप्ति चौधरी, डॉ नीलकंठ आदि उपस्थित रहे।

अंकिता हत्याकांड-गैगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही शुरु

चार्ज सभालते ही पुलिस अधीक्षक जनपद पौड़ी गढवाल श्वेता चौबे द्वारा अंकिता हत्याकांड के मामले में तत्परता दिखाते हुये सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मणझूला को अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। जिसके क्रम में अभियुक्तों गैंग लीडर पुलकित आर्या, गैंग सदस्य सौरभ एवं अंकित द्वारा अपने होटल/रिजोर्ट में व उसके आसपास के क्षेत्र में असामाजिक कृत्य कर अनैतिक व्यापार जैसे अपराधों में संलिप्त होकर अवैध रुप से धन अर्जित कर समाज विरोधी क्रिया कलाप में संलिप्त होकर क्षेत्र में जधन्य अपराध कारित करने की घटना को अन्जाम देकर लोक शान्ति व्यवस्था को अस्त-व्यस्त किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद पौड़ी द्वारा उक्त प्रकरण/अभियोग में तत्परता दिखाते हुये अभियुक्तों के विरुद्ध 2/3 उ0प्र0 गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। वर्तमान में अंकिता मर्डर से सम्बन्धित अभियोग की विवेचना SIT द्वारा सम्पादित की जा रही है, जो वर्तमान में विवेचनाधीन है।

अभियुक्तों का नाम पताः-
1. गैग लीडर पुलकित (उम्र-35 वर्ष) आर्य पुत्र विनोद आर्य, निवासी स्वदेशी भवन आर्यनगर, थाना ज्वालापुर हरिद्वार
2. गैग सदस्य अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता (उम्र-19 वर्ष) पुत्र राजेन्द्र कुमार, निवासी 42 ए, दयानन्द नगरी, थाना ज्वालापुर हरिद्वार
3. गैग सदस्य सौरभ भाष्कर (उम्र-35 वर्ष) पुत्र शक्ति भाष्कर, निवासी 18 ए, सूरजनगर, थाना ज्वालापुर, जनपद हरिद्वार

पंजीकृत अभियोगः-
मु.अ.सं. 33/2022, धारा-2/3 उ0प्र0 गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986।

रक्षा मंत्रालय कर सकता है लैंसडौंन का नाम परिवर्तन, जानिए क्या हो सकता है नया नाम


देहरादून। रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव पर अमल किया तो उत्तराखंड राज्य के पौड़ी जिले में स्थित सैन्य छावनी क्षेत्र लैंसडौन का नाम बदलकर ‘कालौं का डांडा (अंधेरे में डूबे पहाड़)’ हो जाएगा। 100 साल से भी अधिक पुराने लैंसडौन नाम को बदलने की तैयारी है। रक्षा मंत्रालय ने लैंसडौन के सैन्य अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। लैंसडौन नाम से पहले इस इलाके को ‘कालौं का डांडा’ नाम से पुकारा जाता था। रक्षा मंत्रालय ने ब्रिटिशकाल में छावनी क्षेत्रों की सड़कों, स्कूलों, संस्थानों, नगरों और उपनगरों के रखे गए नामों को बदलने के लिए उत्तराखंड सब एरिया के साथ सेना के अधिकारियों से प्रस्ताव मांगें हैं।

उनसे ब्रिटिशकाल के समय के नामों के स्थान पर क्या नाम रखे जा सकते हैं, इस बारे में भी सुझाव देने को कहा गया है। बता दें कि स्थानीय स्तर पर लंबे समय से लैंसडौन का नाम बदलने की मांग होती आ रही है। स्थानीय लोग लैंसडौन का नाम कालौं का डांडा रखने की मांग करते आए हैं। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय को भी पत्र भेजे जा चुके हैं।

तत्कालीन वायसराय लैंसडौन के नाम से बदल गया नाम
गढ़वाली जवानों की वीरता और अद्वितीय रणकौशल से प्रभावित होकर 1886 में गढ़वाल रेजीमेंट की स्थापना हुई। पांच मई 1887 को ले.कर्नल मेरविंग के नेतृत्व में अल्मोड़ा में बनी पहली गढ़वाल रेजीमेंट की पलटन चार नवंबर 1887 को लैंसडौन पहुंची। उस समय लैंसडौन को कालौं का डांडा कहते थे। इस स्थान का नाम 21 सितंबर 1890 तत्कालीन वायसराय लार्ड लैंसडौन के नाम पर लैंसडौन रखा गया।

608 हेक्टेयर में फैला है लैंसडौन
लैंसडौन नगर सैन्य छावनी क्षेत्र है, जो 608 हेक्टेयर में फैला है। नगर के आधे से अधिक भाग में बांज, बुरांस और चीड़ के वृक्षों के सदाबहार वनों का विस्तार है। यह एक प्रसिद्ध और पसंदीदा पर्यटक स्थल भी है।

केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा समय-समय पर क्षेत्र के लोग नाम बदलने की मांग करते हैं। ऐसे प्रस्तावों का रक्षा मंत्रालय परीक्षण करता है। देश, काल और परिस्थितियों को देखकर प्रस्ताव पर विचार किया जाता है।

वनंत्रा जा रहे 32 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने किया अरेस्ट

अंकिता हत्याकांड के मामले में सीबीआइ जांच की मांग को लेकर निकाली गई तिरंगा यात्रा को पुलिस ने बैराज सीमा पर रोक दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़पें हुई। दो आंदोलनकारियों को हल्की चोट आई। पुलिस ने मौके से करीब 32 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें थाना लक्ष्मणझूला ले जाने के बाद निजी मुचलके पर रिहा किया गया।

गंगाभोगपुर स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट की महिलाकर्मी के गांव डोभ श्रीकोट श्रीनगर से बीते रोज बेटी को न्याय दिलाने और सीबीआई जांच करने की मांग को लेकर युवाओं द्वारा तिरंगा यात्रा शुरू की थी। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे तिरंगा यात्रा जैसे ही जनपद देहरादून की सीमा ऋषिकेश को पार किया तो जनपद पौड़ी की सीमा चीला बैराज के पास बैरियर डालकर रोक दिया गया।

मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी शेखर सुयाल, पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर श्याम दत्त नौटियाल, प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण झूला विनोद गुसाईं भारी फोर्स के साथ या मौजूद रहे। आंदोलनकारियों का कहना था कि हम शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे हैं, हमें इस तरह रोक कर पहाड़ की बेटी को न्याय की राह में बाधा खड़ी की जा रही है। पुलिस के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को काफी समझाने की कोशिश की मगर वह आगे जाने की जिद पर अड़े रहे।

प्रदर्शनकारियों में मौके से पुलिस ने पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, स्वराज्य सेवा दल उत्तराखंड के अध्यक्ष रमेश जोशी, कांग्रेस नेता दीपक जाटव और अरविंद हटवाल समेत 32 आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया। जिन्हें थाना लक्ष्मणझूला ले जाया गया। शाम को उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।

दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का परमार्थ में आयोजन

परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर आयोजित रचना संसार अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने मानव जीवन में साहित्य की उपयोगिता के बारे में बताया। कार्यक्रम में हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की सृजन, मनन एवं मूल्यांकन साहित्य का विमोचन हुआ।
रविवार को सम्मेलन का शुभारंभ हरिद्वार सांसद डा. निशंक ने किया। मौके पर लिखित सृजन, मनन एवं मूल्यांकन का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि साहित्य की सार्थकता इसी में है कि उसमें मानवीय संवेदना के साथ सामाजिक अवयवों का भी उल्लेख किया गया हो। साहित्य संस्कृति का संरक्षक और भविष्य का पथ प्रदर्शक है। हिमालय और गंगा की गोद से सृजित साहित्य में मानव को श्रेष्ठ बनाने के साथ ही मानवीय एवं राष्ट्रीय हित समाहित है। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि समाज के नवनिर्माण में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। साहित्य समाज की उन्नति और विकास की आधारशिला की नींव रखता है। साहित्य के माध्यम से समाज की विविधता और लोक संस्कृतियों का संरक्षण होता है। इस दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर डा. रमेश पोखरियाल को सम्मानित किया।

एसआईटी ने अंकिता मर्डर केस में धाराएं बढ़ाई, जांच में और तेजी आई

एसआईटी द्वारा अंकिता मर्डर केस में साक्ष्यों और महत्वपूर्ण गवाहों के आधार पर धारा-354 (क) भा0द0वि0 एवं अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम एक्ट की धारा-5 की बढोत्तरी की गयी है। अभियोग से सम्बन्धित कब्जे लिये सभी बरामद साक्ष्य प्रदर्श/माल जिन्हें विधि प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजा गया है, के परीक्षण परिणाम को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्राप्त करने हेतु अनुरोध किया गया है। वर्तमान में विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।

एसआइटी ने मुकदमे में बढ़ाई धाराएं
एसआइटी ने आरोपित पुलकित आर्य और उसके साथियों पर दर्ज मुकदमे में यौन उत्पीड़न और देह व्यापार कराने की धाराएं बढ़ा दी है। इस संबंध में पुलकित आर्य के रिसोर्ट में मिले साक्ष्य को विधि प्रयोगशाला भेज दिए हैं।चीला बैराज से युवती का शव एसआइटी ने बरामद किया था। इसके अलावा आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद मुकदमे से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। इसी आधार पर एसआइटी ने शनिवार को उक्त मुकदमे में दो और महत्वपूर्ण धाराएं बढ़ा दी है। एसआइटी के अनुसार महत्वपूर्ण गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर पुलकित और उनके धारा-354 (क) भादवि एवं अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम एक्ट की धारा-5 की बढोत्तरी की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश गैरोला ने इसकी पुष्टि की है।

कॉल सेंटर में कार्य कर रहे कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप, मुकदमा दर्ज

अंकिता भंडारी मर्डर केस के बाद लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। अब कुनाऊं गांव में संचालित एक कॉल सेंटर में कार्यरत आसाम की एक युवती और दो युवकों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा बुधवार सुबह उस समय हुआ जब तीनों किसी तरह कॉल सेंटर से भागकर पुलिस की शरण में पहुंचे। पुलिस ने कॉल सेंटर संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धारा में केस दर्ज कर लिया है। संचालक मौके से फरार हैं।
लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक बुधवार को गुवाहाटी निवासी आरूप (28) पुत्र चितरंजन ने बताया कि कुनाऊं गांव में संचालित कॉल सेंटर में काम के दौरान संचालकों ने उन्हें जबरन बंधक बनाया। संचालकों पर आरोप है कि उन्होंने आरूप, युवती लिंडा, रिचर्ड निवासी आसाम, मेघालय को जान मारने की धमकी भी दी है। शिकायत में आरोप लगाया कि कॉल सेंटर के संचालक ने आसाम से फ्लाइट से लाने और रहने-खाने ‌‌‌‌‌‌‌‌पर खर्च किए गए करीब ₹एक लाख रुपये मांगे।
आरोप है कि रकम ना देने पर संचालक ने आरूप के मोबाइल को चीला शक्ति नहर में फेंक दिया। किसी तरह बुधवार की सुबह अंधेरे में यह लोग कॉल सेंटर से भागने में कामयाब हो गए। पहले ऋषिकेश कोतवाली की शरण में पहुंचे। यहां उन्हें लक्ष्मणझूला थाना भेजा गया। यहां तीनों ने अपनी आप-बीती पुलिस को बताई। थाना निरीक्षक विनोद गुसाई ने बताया कि तहरीर के आधार पर कॉल सेंटर संचालक गौरव, वसीम और गुलाम के खिलाफ जान से मारने, जबरन बंधक बनाने और ठगी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। कहा कि आरोपी मौके से फरार चल रहे हैं।

अस्पताल पहुंचकर सीएम ने घायलों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कोटद्वार बेस अस्पताल में सिमड़ी, पौड़ी में हुई बस दुर्घटनाग्रस्त में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बेस अस्पताल में घायलों के परिवारजनों से मुलाकात कर कहा कि घायलों के ईलाज के लिये सरकार द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों के बारे में डाक्टरों से पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सिमड़ी, पौड़ी बस दुर्घटना में फर्स्ट रेस्पांडर के रूप में घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आस-पास के ग्रामीण पहुँचे और उन्होंने घायलों को बाहर निकालने में मदद की। मुख्यमंत्री ने डीएम पौड़ी को निर्देशित किया है कि जिन ग्रामीणों ने आपदा की घड़ी में घायलों को और मृतकों को बाहर निकालने में मदद किया है उनकी सूची बनाकर उनको भी प्रोत्साहित करने हेतु प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाए।