राज्य सरकार की ओर से प्रभावितों को हर संभव मदद दी जायेगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सिमडी, पौड़ी में हुई बस दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद थे। 4 अक्टूबर 2022 की देर सायं को सिमड़ी में हुई वाहन दुर्घटना एवं राहत-बचाव कार्यों की मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू कर रहे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, राजस्व पुलिस और इस कार्य में लगे विभिन्न विभागीय कार्मिकों को तेजी से रेस्क्यू कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को घायलों का त्वरित और समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों से मुलाकात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों को उचित उपचार दिया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से प्रभावितों को हर संभव मदद दी जायेगी।
मुख्यमंत्री कल देर सांय से ही अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ले रहे थे। उन्होंने राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया एवं अधिकारियों को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने एवं शासन स्तर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये थे।
इस अवसर पर विधायक लैंसडाउन दिलीप रावत, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, डीआईजी करण सिंह नगन्याल, जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान उपस्थित रहे।

आपदा कंट्रोल रुम पहुंचे सीएम, अधिकारियों से पल-पल की जुटाई जानकारी

पौड़ी जिले में बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देर सांय सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दुर्घटना के बारे मे विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डीएम पौड़ी से फोन पर बात कर उन्हें पूरी सतर्कता के साथ राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा कंट्रोल रूम के अधिकारीयों को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने और जिले के अधिकारीयों से लगातार सम्पर्क में रहने के निर्देश दिये। कहा कि शासन स्तर से हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बस दुर्घटना के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने फोन पर विधायक लैंसडाउन से भी वार्ता की तथा स्थिति की पूरी जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घायलों का हर संभव उपचार की व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय के साथ तेजी लाये जाने के निर्देश दिये है।
मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा डॉ. रणजीत सिन्हा को निर्देश दिये कि आपदा प्रबन्धन तंत्र को निरन्तर सक्रियता से संचालित किया जाए तथा आपदा की स्थिति पर बराबर नजर रखी जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में हुई घटना की भी अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इन दुर्घटनाओं के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने अपने कल के पूर्व प्रस्तावित सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये हैं।

देश के दूसरे सीडीएस का भी उत्तराखंड से है नाता

केंद्र सरकार सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) को इंडियन डिफेंस फोर्सेज का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि देश का दूसरा सीडीएस भी उत्तराखंड से ही नाता रखता है। मालूम हो कि देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी पौड़ी जिले के ही रहने वाले थे।
पिछले साल हेलिकॉप्टर हादसे में उनका निधन हो गया था, जिसके बाद से करीब 10 महीने तक सीडीएस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई थी। अगले सीडीएस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल चौहान के नाम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उत्तराखंडवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है। ले.ज. चौहान मूलतः रामपुर ग्राम सभा ग्वाणा गांव, खिर्सु ब्लॉक, पौड़ी के रहने वाले हैं।
आशा जताई कि ले.ज. चौहान के नेतृत्व में भारतीय सेना हमेशा की तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। ले.ज. चौहान उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले में राजपूत परिवार से ताल्लुख रखते हैं। पूर्व प्रधानपति अरिवंद रावत का कहना है कि चौहान की तैनाती से पूरे खिर्सु ब्लाक में खुशी की लहर है। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पास-आउट होने के बाद ले.ज. चौहान को भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स में 1981 में कमीशन प्राप्त हुआ था।
सीडीएस जैसे अहम पद पर नियुक्ति से पहले ले.ज. चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में आतंक विरोधी अभियानों का खासा अनुभव है। ले. जनरल चौहान की संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत अंगोला में भी तैनाती हो चुकी है। 40 साल की सेना में सेवा के बाद ले. जनरल चौहान पिछले साल 31 मई को सेवानिवृत हुए थे।

गांव के लोगों ने जतायी खुशी
लेफ्टिनेंट जनरल(रिटायर्ड) अनिल चौहान के देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनने पर उनके मूल गाँव खिर्सू ब्लॉक के रामपुर ग्राम सभा के गवाणा गांव में खुशी की लहर है। ग्राम वासियों का कहना है कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। ग्राम प्रधान ज्योति देवी का कहना है कि अनिल चौहान जी के सीडीएस बनने की खबर उन्हें देर शाम 8 बजे के करीब पता चली।
उन्होंने कहा कि इससे ग्राम सभा का नाम तो रोशन हुआ ही है साथ ही पूरे प्रदेश का नाम भी रोशन हुआ है। गांव के पूर्व प्रधान अनूप, वार्ड सदस्य सुमन देवी ने कहा कि पौड़ी जिले से देश को लगातार दो सीडीएस मिल चके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का सेना के रूप में विशेष पहचान रही है।
जिसका परिणाम है कि देश दुनिया मे उत्तराखंड का नाम गूंज रहा है। गांव के ही दर्शन सिंह, मीना देवी का कहना है कि इससे खिर्सू का देश दुनिया के नक्शे में अलग स्थान बना है। देवलगढ़ राजराजेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी केपी उनियाल व भाजपा के जिला अध्यक्ष सम्पत सिंह रावत व जिला मंत्री जितेंद्र रावत ने भी भी हर्ष जताते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात कही है।

पौड़ी जिले के रहने वाले थे देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले के रहने वाले थे। उनका पैतृक गांव विरमोली दवारीखाल ब्लॉक में स्थित है। पिछले साल 08 दिसंबर को तमिलनाडू में जनरल रावत उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की चॉपर क्रैश में मृत्यु हो गई थी। खराब मौसम को सेना ने हेलीकॉप्टर हादसे की वजह बताई थी। सीडीएस बनने के बाद जनरल रावत अपने पैतृक गांव कई बार आ चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने उत्तराखंड में ही बसने की इच्छा जताई थी।

सीएम ने दिलाया भरोसा तो मान गए परिजन

अंकिता भंडारी का आखिरकार अंतिम संस्कार कर दिया गया है। श्रीनगर के आईटीआई घाट पर अंकिता के भाई ने मुखाग्नि दी। इस दौरान भारी भीड़ घाट पर अंकिता को विदाई देने के लिए जुटी। वहीं इससे पहले अंकिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर नाराज लोगों ने बदरीनाथ-ऋषिकेश हाईवे को जाम कर दिया था। अंकिता हत्याकांड को लेकर लोगों में उबाल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अंकिता का परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे और परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था।
हालांकि सीएम और जिला प्रशासन के समझाने पर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। वहीं अंकिता के पिता की अपील करने के बाद आक्रोशित लोगों का गुस्सा शांत हुआ। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएंगे और पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में जो भी लिप्त होगा, उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ ऐसी घटना हुई है ऐसे में लोगों का आक्रोशित होना भी स्वाभाविक है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिवारजनो द्वारा सहयोग किये जाने पर उनका आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता सहित हर प्रकार की सहायता के लिए राज्य सरकार सदैव बिटिया अंकिता के परिवार के साथ है। इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार इस जघन्य अपराध की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उग्र भीड़ ने रिसॉर्ट में की तोड़फोड़, आरोपियों को भी पीटा

गंगा भोगपुर स्थित रिजार्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल की अंकिता भंडारी के मामले का आखिरी कार खुलासा हो गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने उसकी हत्‍या का खुलासा किया। उग्र भीड़ ने पुलिस कस्‍टडी में आरोपितों से मारपीट की। साथ ही रिजार्ट पर गुस्‍सा भी उतरा।

थाना लक्ष्मण झूला से पुलिस की टीम तीनों आरोपितों को पौड़ी न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी। इस बीच कोडिया गंगा भोगपुर में पहले से जमा गुस्साए लोगों ने पुलिस की अभिरक्षा में तीनों आरोपितों के साथ जमकर मारपीट की।

मौके पर पहले से भारी भीड़ जमा थी। गुस्साए लोग ने संबंधित रिजार्ट पर अपना गुस्सा निकाला। भारी पथराव करके रिसार्ट के शीशे तोड़ दिए। समीप से ही थोड़ी देर बाद जब पुलिस का वाहन आरोपितों को लेकर निकला तो वाहन पर भी पथराव किया गया।

पुलिस वाहन के शीशे टूट गए। भीड़ के आगे मुट्ठी भर पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। तीनों को जमकर पीटा गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि रिजार्ट मालिक पुलकित आर्य और अन्‍य आरोपित अंकिता पर कस्टमर से संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। यह बात अंकिता ने अपने दोस्‍तों को बता दी थी। इसको लेकर रिजार्ट मालिक और अंकिता में विवाद हुआ था। जिसके बाद आरोपित उसे अपने साथ ले गए थे।

इस अंकिता हत्‍या मामला में लक्ष्मण झूला पुलिस ने रिजार्ट के मालिक को पुलकित आर्य पुत्र विनोद आर्य निवासी आर्य नगर हरिद्वार, प्रबंधक सौरभ भास्कर, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को अरेस्‍ट कर लिया है।

पुलिस ने लापता रिसेप्शनिस्ट मामले में छह कर्मचारियों से की पूछताछ

यमकेश्वर प्रखंड के गंगा भोगपुर स्थित रिसार्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई रिसेप्शनिस्ट का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। शुरुआत से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा यह मामला अब राजस्व पुलिस से नागरिक पुलिस में ट्रांसफर कर दिया गया है।

युवती के स्वजन की ओर जताई गई अनहोनी की आशंका के चलते वहीं पुलिस ने रिसार्ट पर ताला जड़कर वहां मौजूद छह कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जबकि युवती की गुमशुदगी दर्ज कराने वाला रिसार्ट स्वामी तथा मैनेजर अभी तक पुलिस के सामने नहीं आए हैं।

राजस्व क्षेत्र गंगा भोपगुर स्थित वनंन्तरा रिसार्ट में ग्राम श्रीकोट पट्टी नांदलस्यूं पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता भंडारी (19 वर्ष) पुत्री वीरेंद्र सिंह भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में कुछ समय से काम कर रही थी।

बताया जा रहा है कि 19 सितंबर की सुबह अंकिता भंडारी रिसार्ट के अपने कमरे में नहीं मिली। जिसके बाद रिसार्ट के संचालक पुलकित कुमार ने राजस्व पुलिस को तहरीर दी।

उसमें बताया कि अंकिता कुछ समय से अंकिता मानसिक तनाव में थी। उसके मन को बहलाने के लिए पुलकित और सौरभ उसे 18 सितंबर को दुपहिया वाहन पर ऋषिकेश की ओर ले गए थे। जहां से देर सायं को वह सभी रिसार्ट में लौट आए थे।

इसके बाद वह अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। 19 सितंबर की सुबह पता चला कि अंकिता अपने कमरे में नहीं है।

जिसके बाद अंकिता की काफी तलाश की गई मगर, उसका कुछ पता नहीं चल पाया।

अंकिता के पिता से भी जानकारी लेने पर पता चला कि वह गांव भी नहीं पहुंची।

शव निकालने गये दो लोग भी नदी के बहाव में फंसे, एसडीआरएफ ने बचाया

एसडीआरएफ को चीला चौकी से सूचना मिली कि नदी में एक शव दिखाई दे रहा है और साथ मे 2 लोग भी नदी में फंसे हैं। टीम ने तुरंत ही राफ्ट की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया। मौके पर पहुंचकर शव और दोनों ब्यक्तयों को राफ्ट से किनारे लाये। टीम ने शव को लक्ष्मणझूला पुलिस को सुपर्द किया। जिसकी पहचान पृथ्वीधर कोटनाला उम्र 62 डिफेंस कॉलोनी देहरादून के रुप में हुई। जानकारी के अनुसार वे 3 सितम्बर को अपने बड़े भाई से मिलने गीता नगर ऋषिकेश आये थे। लेकिन वापस घर देहरादून नही पहुंचे।
बताया कि काफी खोजबीन करने पर पता लगा कि इनकी स्कूटी चीला बैराज की तरफ देखी गयी। जिस पर परिजनों ने नदी में देखा कि शव जैसा कुछ दिखाई दे रहा है। जिस पर 2 ब्यक्ति शव तक पहुंचे ही थे कि नहर का जलस्तर बढ़ने लगे गया जिससे वे वही फंस गये और अंधेरा हो गया। रेस्क्यू टीम में निरीक्षक कवीन्द्र सजवाण, चौकी प्रभारी श्रद्धानंद सेमवाल, जितेंद्र सिंह, मातबर सिंह, अनूप सिंह, शिवम सिंह, सुमित नेगी, अमित कुमार शामिल रहे।

एडीजी भर्ती मेजर जनरल एनएस राजपुरोहित ने किया सेना भर्ती रैली का दौरा

एडीजी भर्ती मेजर जनरल एनएस राजपुरोहित ने एआरओ लैंसडाउन के अंतर्गत 7 जिलों के लिए, कोटद्वार में हो रही सेना भर्ती रैली का दौरा किया। मेजर जनरल राजपुरोहित ने रैली के दूसरे दिन की पहले दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और रैली की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। चमोली जिले की 4 तहसीलों और जिला उत्तरकाशी की 3 तहसीलों के 5943 उम्मीदवारों ने दूसरे दिन उपस्थित होने के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुल 4948 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे।
बारिश से होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। नागरिक प्रशासन द्वारा असेंबली एरिया और मार्शलिंग एरिया में 6000 उम्मीदवारों और 3000 उम्मीदवारों को समायोजित करने के लिए आधुनिक आश्रयों की स्थापना की गई है। इसके अलावा बारिश की स्थिति में रैली आयोजित करने के लिए अधिकतम उपाय किए गए हैं।
बारिश के मद्देनज़र रैली में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के परिवहन और आवाजाही में आसानी के लिए नागरिक प्रशासन द्वारा रैली स्थल के निकास पर बसों की भी व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड राज्य में कुल 63360 उम्मीदवारों ने अग्निवीर सैनिक सामान्य ड्यूटी, तकनीकी, क्लर्क/एसकेटी, ट्रेड्समैन की विभिन्न श्रेणियों के तहत पंजीकरण कराया है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में सर्किल रेट बढ़ाने की मांग

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आज दिल्ली में मुलाकात कर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने उन्हें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में परियोजना प्रभावितों को सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने रेलवे मंत्री से लारा कोर्ट के निर्णयों को लागू करने एवं प्रभावित परिवारों के सभी भाईयों को मुआवजा देने व श्रीनगर में अंशिक क्षतिग्रस्त मकानों को भी मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री से प्रदेश की ग्राम पंचायतों को भारत नेट प्रोजेक्ट से जोड़ने का भी आग्रह किया। जिस पर केन्द्र रेलवे मंत्री ने सकारात्मक रूख अपनाते हुये कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इससे पहले कैबिनेट मंत्री डॉ0 रावत ने नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से शिष्टाचार मुलाकात की।
रावत ने केन्द्रीय रेलवे मंत्री से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना पर विस्तृत चर्चा कर परियोजना प्रभावितों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में सर्किल रेट की दर बढ़ाकर नये सर्किल रेट पर परियोजना प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की। रावत ने बताया कि रेलवे परियोजना से प्रभावित लोग उचित मुआवजे से वंचित हैं। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के समक्ष लारा कोर्ट के फैसलों के तहत प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग भी रखी। इस दौरान रावत ने केन्द्रीय रेलवे मंत्री के समक्ष प्रभावित परिवार के एक ही व्यक्ति को मुआवजा देने का मुद्दा रखा, उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से परिवार के अन्य भाईयों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है, जिस पर रावत ने केन्द्रीय मंत्री से प्रभावित परिवार के सभी भाईयों को मुआवजा आवंटित करने की मांग की। श्रीनगर, स्वीत एवं अन्य जगहों पर आंशिक एवं पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवजा दिये जाने की मांग भी केन्द्रीय मंत्री के समक्ष रखी साथ ही
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को उत्तराखंड प्रवास पर आने के लिये आमंत्रित किया। प्रदेश की पंचायतों को हाई स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिये डॉ. रावत ने केन्द्रीय मंत्री से उत्तराखंड में भी भारत नेट प्रोजेक्ट शुरू करने की बात कही। रावत ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक रूख अपनाते हुये रेलवे परियोजना से प्रभावितों की समस्याओं को दूर करने एवं उचित मुआवजा देने के लिये शीघ्र कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इससे पहले कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर उन्होंने उपराष्ट्रपति को राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने की जानकारी दी और प्राथमिक स्तर पर बालवाटिका संचालित करने सहित भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया।