एसआईटी ने अंकिता मर्डर केस में धाराएं बढ़ाई, जांच में और तेजी आई

एसआईटी द्वारा अंकिता मर्डर केस में साक्ष्यों और महत्वपूर्ण गवाहों के आधार पर धारा-354 (क) भा0द0वि0 एवं अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम एक्ट की धारा-5 की बढोत्तरी की गयी है। अभियोग से सम्बन्धित कब्जे लिये सभी बरामद साक्ष्य प्रदर्श/माल जिन्हें विधि प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजा गया है, के परीक्षण परिणाम को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्राप्त करने हेतु अनुरोध किया गया है। वर्तमान में विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।

एसआइटी ने मुकदमे में बढ़ाई धाराएं
एसआइटी ने आरोपित पुलकित आर्य और उसके साथियों पर दर्ज मुकदमे में यौन उत्पीड़न और देह व्यापार कराने की धाराएं बढ़ा दी है। इस संबंध में पुलकित आर्य के रिसोर्ट में मिले साक्ष्य को विधि प्रयोगशाला भेज दिए हैं।चीला बैराज से युवती का शव एसआइटी ने बरामद किया था। इसके अलावा आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद मुकदमे से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। इसी आधार पर एसआइटी ने शनिवार को उक्त मुकदमे में दो और महत्वपूर्ण धाराएं बढ़ा दी है। एसआइटी के अनुसार महत्वपूर्ण गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर पुलकित और उनके धारा-354 (क) भादवि एवं अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम एक्ट की धारा-5 की बढोत्तरी की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश गैरोला ने इसकी पुष्टि की है।

कॉल सेंटर में कार्य कर रहे कर्मचारियों को बंधक बनाने का आरोप, मुकदमा दर्ज

अंकिता भंडारी मर्डर केस के बाद लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। अब कुनाऊं गांव में संचालित एक कॉल सेंटर में कार्यरत आसाम की एक युवती और दो युवकों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा बुधवार सुबह उस समय हुआ जब तीनों किसी तरह कॉल सेंटर से भागकर पुलिस की शरण में पहुंचे। पुलिस ने कॉल सेंटर संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धारा में केस दर्ज कर लिया है। संचालक मौके से फरार हैं।
लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक बुधवार को गुवाहाटी निवासी आरूप (28) पुत्र चितरंजन ने बताया कि कुनाऊं गांव में संचालित कॉल सेंटर में काम के दौरान संचालकों ने उन्हें जबरन बंधक बनाया। संचालकों पर आरोप है कि उन्होंने आरूप, युवती लिंडा, रिचर्ड निवासी आसाम, मेघालय को जान मारने की धमकी भी दी है। शिकायत में आरोप लगाया कि कॉल सेंटर के संचालक ने आसाम से फ्लाइट से लाने और रहने-खाने ‌‌‌‌‌‌‌‌पर खर्च किए गए करीब ₹एक लाख रुपये मांगे।
आरोप है कि रकम ना देने पर संचालक ने आरूप के मोबाइल को चीला शक्ति नहर में फेंक दिया। किसी तरह बुधवार की सुबह अंधेरे में यह लोग कॉल सेंटर से भागने में कामयाब हो गए। पहले ऋषिकेश कोतवाली की शरण में पहुंचे। यहां उन्हें लक्ष्मणझूला थाना भेजा गया। यहां तीनों ने अपनी आप-बीती पुलिस को बताई। थाना निरीक्षक विनोद गुसाई ने बताया कि तहरीर के आधार पर कॉल सेंटर संचालक गौरव, वसीम और गुलाम के खिलाफ जान से मारने, जबरन बंधक बनाने और ठगी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। कहा कि आरोपी मौके से फरार चल रहे हैं।

अस्पताल पहुंचकर सीएम ने घायलों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कोटद्वार बेस अस्पताल में सिमड़ी, पौड़ी में हुई बस दुर्घटनाग्रस्त में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बेस अस्पताल में घायलों के परिवारजनों से मुलाकात कर कहा कि घायलों के ईलाज के लिये सरकार द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों के बारे में डाक्टरों से पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सिमड़ी, पौड़ी बस दुर्घटना में फर्स्ट रेस्पांडर के रूप में घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आस-पास के ग्रामीण पहुँचे और उन्होंने घायलों को बाहर निकालने में मदद की। मुख्यमंत्री ने डीएम पौड़ी को निर्देशित किया है कि जिन ग्रामीणों ने आपदा की घड़ी में घायलों को और मृतकों को बाहर निकालने में मदद किया है उनकी सूची बनाकर उनको भी प्रोत्साहित करने हेतु प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाए।

राज्य सरकार की ओर से प्रभावितों को हर संभव मदद दी जायेगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सिमडी, पौड़ी में हुई बस दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद थे। 4 अक्टूबर 2022 की देर सायं को सिमड़ी में हुई वाहन दुर्घटना एवं राहत-बचाव कार्यों की मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू कर रहे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, राजस्व पुलिस और इस कार्य में लगे विभिन्न विभागीय कार्मिकों को तेजी से रेस्क्यू कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को घायलों का त्वरित और समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों से मुलाकात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों को उचित उपचार दिया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से प्रभावितों को हर संभव मदद दी जायेगी।
मुख्यमंत्री कल देर सांय से ही अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ले रहे थे। उन्होंने राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया एवं अधिकारियों को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने एवं शासन स्तर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये थे।
इस अवसर पर विधायक लैंसडाउन दिलीप रावत, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, डीआईजी करण सिंह नगन्याल, जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान उपस्थित रहे।

आपदा कंट्रोल रुम पहुंचे सीएम, अधिकारियों से पल-पल की जुटाई जानकारी

पौड़ी जिले में बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देर सांय सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दुर्घटना के बारे मे विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डीएम पौड़ी से फोन पर बात कर उन्हें पूरी सतर्कता के साथ राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा कंट्रोल रूम के अधिकारीयों को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने और जिले के अधिकारीयों से लगातार सम्पर्क में रहने के निर्देश दिये। कहा कि शासन स्तर से हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बस दुर्घटना के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने फोन पर विधायक लैंसडाउन से भी वार्ता की तथा स्थिति की पूरी जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घायलों का हर संभव उपचार की व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय के साथ तेजी लाये जाने के निर्देश दिये है।
मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा डॉ. रणजीत सिन्हा को निर्देश दिये कि आपदा प्रबन्धन तंत्र को निरन्तर सक्रियता से संचालित किया जाए तथा आपदा की स्थिति पर बराबर नजर रखी जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में हुई घटना की भी अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इन दुर्घटनाओं के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने अपने कल के पूर्व प्रस्तावित सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये हैं।

देश के दूसरे सीडीएस का भी उत्तराखंड से है नाता

केंद्र सरकार सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) को इंडियन डिफेंस फोर्सेज का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि देश का दूसरा सीडीएस भी उत्तराखंड से ही नाता रखता है। मालूम हो कि देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी पौड़ी जिले के ही रहने वाले थे।
पिछले साल हेलिकॉप्टर हादसे में उनका निधन हो गया था, जिसके बाद से करीब 10 महीने तक सीडीएस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई थी। अगले सीडीएस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल चौहान के नाम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उत्तराखंडवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है। ले.ज. चौहान मूलतः रामपुर ग्राम सभा ग्वाणा गांव, खिर्सु ब्लॉक, पौड़ी के रहने वाले हैं।
आशा जताई कि ले.ज. चौहान के नेतृत्व में भारतीय सेना हमेशा की तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। ले.ज. चौहान उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले में राजपूत परिवार से ताल्लुख रखते हैं। पूर्व प्रधानपति अरिवंद रावत का कहना है कि चौहान की तैनाती से पूरे खिर्सु ब्लाक में खुशी की लहर है। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पास-आउट होने के बाद ले.ज. चौहान को भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स में 1981 में कमीशन प्राप्त हुआ था।
सीडीएस जैसे अहम पद पर नियुक्ति से पहले ले.ज. चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में आतंक विरोधी अभियानों का खासा अनुभव है। ले. जनरल चौहान की संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत अंगोला में भी तैनाती हो चुकी है। 40 साल की सेना में सेवा के बाद ले. जनरल चौहान पिछले साल 31 मई को सेवानिवृत हुए थे।

गांव के लोगों ने जतायी खुशी
लेफ्टिनेंट जनरल(रिटायर्ड) अनिल चौहान के देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनने पर उनके मूल गाँव खिर्सू ब्लॉक के रामपुर ग्राम सभा के गवाणा गांव में खुशी की लहर है। ग्राम वासियों का कहना है कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। ग्राम प्रधान ज्योति देवी का कहना है कि अनिल चौहान जी के सीडीएस बनने की खबर उन्हें देर शाम 8 बजे के करीब पता चली।
उन्होंने कहा कि इससे ग्राम सभा का नाम तो रोशन हुआ ही है साथ ही पूरे प्रदेश का नाम भी रोशन हुआ है। गांव के पूर्व प्रधान अनूप, वार्ड सदस्य सुमन देवी ने कहा कि पौड़ी जिले से देश को लगातार दो सीडीएस मिल चके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का सेना के रूप में विशेष पहचान रही है।
जिसका परिणाम है कि देश दुनिया मे उत्तराखंड का नाम गूंज रहा है। गांव के ही दर्शन सिंह, मीना देवी का कहना है कि इससे खिर्सू का देश दुनिया के नक्शे में अलग स्थान बना है। देवलगढ़ राजराजेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारी केपी उनियाल व भाजपा के जिला अध्यक्ष सम्पत सिंह रावत व जिला मंत्री जितेंद्र रावत ने भी भी हर्ष जताते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात कही है।

पौड़ी जिले के रहने वाले थे देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले के रहने वाले थे। उनका पैतृक गांव विरमोली दवारीखाल ब्लॉक में स्थित है। पिछले साल 08 दिसंबर को तमिलनाडू में जनरल रावत उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की चॉपर क्रैश में मृत्यु हो गई थी। खराब मौसम को सेना ने हेलीकॉप्टर हादसे की वजह बताई थी। सीडीएस बनने के बाद जनरल रावत अपने पैतृक गांव कई बार आ चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने उत्तराखंड में ही बसने की इच्छा जताई थी।

सीएम ने दिलाया भरोसा तो मान गए परिजन

अंकिता भंडारी का आखिरकार अंतिम संस्कार कर दिया गया है। श्रीनगर के आईटीआई घाट पर अंकिता के भाई ने मुखाग्नि दी। इस दौरान भारी भीड़ घाट पर अंकिता को विदाई देने के लिए जुटी। वहीं इससे पहले अंकिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर नाराज लोगों ने बदरीनाथ-ऋषिकेश हाईवे को जाम कर दिया था। अंकिता हत्याकांड को लेकर लोगों में उबाल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अंकिता का परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे और परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था।
हालांकि सीएम और जिला प्रशासन के समझाने पर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। वहीं अंकिता के पिता की अपील करने के बाद आक्रोशित लोगों का गुस्सा शांत हुआ। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएंगे और पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में जो भी लिप्त होगा, उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। मामले में एसआईटी जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ ऐसी घटना हुई है ऐसे में लोगों का आक्रोशित होना भी स्वाभाविक है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत अंकिता भण्डारी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुख की इस घङी में सरकार उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिवारजनो द्वारा सहयोग किये जाने पर उनका आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता सहित हर प्रकार की सहायता के लिए राज्य सरकार सदैव बिटिया अंकिता के परिवार के साथ है। इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषी लोगों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की तेजी से जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है तथा इस मामले में संलिप्त दोषी लोगों को शीघ्रता से सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार इस जघन्य अपराध की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उग्र भीड़ ने रिसॉर्ट में की तोड़फोड़, आरोपियों को भी पीटा

गंगा भोगपुर स्थित रिजार्ट में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई पौड़ी गढ़वाल की अंकिता भंडारी के मामले का आखिरी कार खुलासा हो गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने उसकी हत्‍या का खुलासा किया। उग्र भीड़ ने पुलिस कस्‍टडी में आरोपितों से मारपीट की। साथ ही रिजार्ट पर गुस्‍सा भी उतरा।

थाना लक्ष्मण झूला से पुलिस की टीम तीनों आरोपितों को पौड़ी न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी। इस बीच कोडिया गंगा भोगपुर में पहले से जमा गुस्साए लोगों ने पुलिस की अभिरक्षा में तीनों आरोपितों के साथ जमकर मारपीट की।

मौके पर पहले से भारी भीड़ जमा थी। गुस्साए लोग ने संबंधित रिजार्ट पर अपना गुस्सा निकाला। भारी पथराव करके रिसार्ट के शीशे तोड़ दिए। समीप से ही थोड़ी देर बाद जब पुलिस का वाहन आरोपितों को लेकर निकला तो वाहन पर भी पथराव किया गया।

पुलिस वाहन के शीशे टूट गए। भीड़ के आगे मुट्ठी भर पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। तीनों को जमकर पीटा गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि रिजार्ट मालिक पुलकित आर्य और अन्‍य आरोपित अंकिता पर कस्टमर से संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। यह बात अंकिता ने अपने दोस्‍तों को बता दी थी। इसको लेकर रिजार्ट मालिक और अंकिता में विवाद हुआ था। जिसके बाद आरोपित उसे अपने साथ ले गए थे।

इस अंकिता हत्‍या मामला में लक्ष्मण झूला पुलिस ने रिजार्ट के मालिक को पुलकित आर्य पुत्र विनोद आर्य निवासी आर्य नगर हरिद्वार, प्रबंधक सौरभ भास्कर, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को अरेस्‍ट कर लिया है।

पुलिस ने लापता रिसेप्शनिस्ट मामले में छह कर्मचारियों से की पूछताछ

यमकेश्वर प्रखंड के गंगा भोगपुर स्थित रिसार्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई रिसेप्शनिस्ट का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। शुरुआत से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा यह मामला अब राजस्व पुलिस से नागरिक पुलिस में ट्रांसफर कर दिया गया है।

युवती के स्वजन की ओर जताई गई अनहोनी की आशंका के चलते वहीं पुलिस ने रिसार्ट पर ताला जड़कर वहां मौजूद छह कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जबकि युवती की गुमशुदगी दर्ज कराने वाला रिसार्ट स्वामी तथा मैनेजर अभी तक पुलिस के सामने नहीं आए हैं।

राजस्व क्षेत्र गंगा भोपगुर स्थित वनंन्तरा रिसार्ट में ग्राम श्रीकोट पट्टी नांदलस्यूं पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता भंडारी (19 वर्ष) पुत्री वीरेंद्र सिंह भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में कुछ समय से काम कर रही थी।

बताया जा रहा है कि 19 सितंबर की सुबह अंकिता भंडारी रिसार्ट के अपने कमरे में नहीं मिली। जिसके बाद रिसार्ट के संचालक पुलकित कुमार ने राजस्व पुलिस को तहरीर दी।

उसमें बताया कि अंकिता कुछ समय से अंकिता मानसिक तनाव में थी। उसके मन को बहलाने के लिए पुलकित और सौरभ उसे 18 सितंबर को दुपहिया वाहन पर ऋषिकेश की ओर ले गए थे। जहां से देर सायं को वह सभी रिसार्ट में लौट आए थे।

इसके बाद वह अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। 19 सितंबर की सुबह पता चला कि अंकिता अपने कमरे में नहीं है।

जिसके बाद अंकिता की काफी तलाश की गई मगर, उसका कुछ पता नहीं चल पाया।

अंकिता के पिता से भी जानकारी लेने पर पता चला कि वह गांव भी नहीं पहुंची।