नि-क्षय मित्र पंजीकरण में लगातार दूसरे पायदान पर उत्तराखंड

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नि-क्षय मित्र पंजीकरण में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर है। राज्य में अबतक 5221 नि-क्षय मित्रों द्वारा पंजीकरण किया गया है स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी नि-क्षय मित्रों को स्थानीय स्तर पर तपेदिक रोगी उपलब्ध करा दिये गये हैं। सूबे में शत-प्रतिशत टीबी रोगियों को गोद लिया जायेगा। जिसके लिये विभिन्न संस्थाओं, विभागों के साथ-साथ सामुदायिक सहयोग लिया जायेगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान जोर-शोर से चल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बाद उत्तराखंड देश का दूसरा राज्य हैं जहां टीबी रोगियों को गोद लेने के लिये सर्वाधिक नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया है। डॉ0 रावत ने बताया कि राज्य में अबतक 5221 नि-क्षय मित्रों ने अपना पंजीकरण किया है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 428, बागेश्वर में 84, चमोली में 197, चम्पावत में 140, देहरादून में 458, पौड़ी में 356, हरिद्वार में 886, नैनीताल में 8843, पिथौरागढ़ में 242, रूद्रप्रयाग में 78, टिहरी गढ़वाल 261, ऊधम सिंह नगर में 1095 और उत्तरकाशी में 153 शामिल है। उन्होंने बताया कि ये सभी नि-क्षय मित्र गोद लिये गये टीबी रोगियों के उपचार एवं देखभाल में सहयोग करेंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य में 14536 टीबी रोगी पंजीकृत हैं जिसमें से 12766 रोगियों ने सामुदायिक सहायता प्राप्त करने के लिये अपनी सहमति प्रदान कर दी है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद के 367, बागेश्वर के 159, चमोली के 316, चम्पावत के 175, देहरादून के 2398, पौड़ी के 460, हरिद्वार के 3330, नैनीताल के 1909, पिथौरागढ़ के 291, रूद्रप्रयाग के 213, टिहरी गढ़वाल के 426, ऊधम सिंह नगर के 2351 और उत्तरकाशी के 401 मरीज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत टीबी रोगियों को गोद लिया जायेगा। इसके लिये प्रदेशभर के निजी शिक्षण संस्थानों, विभिन्न विभागों के सचिवों एवं निदेशकों, समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों, विभिन्न संगठनों, व्यापारिक घरानों, एनजीओ सहित प्रतिष्ठित व्यक्तियों से नि-क्षय मित्र बनकर टीबी रोग उन्मूलन में सहयोग लिया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक नि-क्षय मित्र कम से कम एक और अधिकतम पांच टीबी मरीज गोद लेकर उनके उपचार में सहयोग प्रदान कर सकता है। गोद लिये गये टीबी रोगियों की नि-क्षय मित्र द्वारा समय-समय पर देखभाल की जायेगी साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत प्रत्येक माह अतिरिक्त पोषण हेतु फूड बास्केट भी उपलब्ध कराना होगा।

त्योहारी सीजन में विशेष अभियान चलाने के मंत्री ने दिये निर्देश

त्योहारी सीजन को देखते हुये खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिये विभागीय अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये हैं। मिलावटखारों पर नकेल कसने के लिये खाद्य पदार्थों की सैम्पलिंग बढ़ाने, उत्तर प्रदेश से लगी सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाने व खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने त्योहारी सीजन को देखते हुये अधिकारियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। विशेष कर दीपावली के मध्यनजर उत्तर प्रदेश से लगे जनपदों की सीमाओं पर नकली मावा एवं नकली पनीर सहित अन्य दुग्ध उत्पादों की विशेष जांच के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों की जांच के साथ ही आम लोगों को मिलावटखोरी के प्रति जागरूक करने के लिये जनजागरूकता अभियान चलाया जाय साथ ही विभिन्न माध्यमों से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाय। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों एवं खाद्य तेलों में मिलावटखोरी रोकने के लिये उत्तराखंड हेल्प डेस्क का गठन कर टोल फ्री नम्बर 18001804246 जारी किया गया है। जिस पर कोई भी व्यक्ति मिलावटखोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कर सकता है। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट fda.uk.gov.in इन तथा विभागीय ईमेल fdc-uttarakhand@uk.gov.in पर किसी भी प्रकार की शिकायत एवं सुझाव भेज सकते हैं। समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य संरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विगत तीन दिनों में चलाये गये चेकिंग अभियान के दौरान प्रदेशभर के 140 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के 104 नमूने लेकर जांच के लिये प्रयोगशाला भेज दिये गये हैं।
बैठक में प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त एफडीए डॉ0 आर0 राजेश, उपायुक्त अरूणेन्द्र सिंह चौहान, उप सचिव स्वास्थ्य के0के0 शुक्ल, ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह, उपायुक्त खाद्य जी.सी. कण्डवाल, आर0एस0 रावत, मनीष सयाना, पी0सी0 जोशी, रमेश सिंह, मंजू सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिये, जन आरोग्य अभियान’ में तेजी लाने के दिये निर्देश

राज्य स्तरीय जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत मार्च 2023 तक प्रदेश भर के 18 लाख लोगों के स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान में तेजी लाने के लिये विभागीय अधिकारियों को ठोस निर्देश गये गये हैं साथ ही ऐसे जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को विशेष हिदायत दी गई है जहाँ अभियान की रफ्तार बेहद सुस्त है। अभियान के तहत अभी तक 4 लाख लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग (स्वास्थ्य परीक्षण) की जा चुकी है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य स्तरीय ‘जन आरोग्य अभियान’ की सफलता को देखते हुये इस अभियान के तहत मार्च 2023 तक प्रदेश भर के 18 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के ठोस निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि कुछ जनपदों में जन आरोग्य अभियान की रफ्तार बेहद धीमी है जिसमें तेजी लाने के लिये सम्बंधित सीएमओ को जरूरी निर्देश दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश भर में जन आरोग्य अभियान के तहत 483682 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 45101, बागेश्वर में 19297, चमोली में 33614, चंपावत में 21499, देहरादून में 52144, हरिद्वार में 87535, नैनीताल में 54823, पौड़ी में 22255, पिथौरागढ़ में 15720, रुद्रप्रयाग में 17487, टिहरी गढ़वाल में 13863, ऊधमसिंह नगर में 84898 और उत्तरकाशी में 15446 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई है।
रावत ने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत 285956 लोगों की सामान्य स्वास्थ्य जांच जबकि 221109 लोगों का रक्तचाप (बीपी) परीक्षण, 165093 लोगों की शुगर (डायबिटीज) जांच, 202550 लोगों का ओरल कैंसर स्क्रीनिंग, 112002 महिलाओं के स्तन कैंसर स्क्रीनिंग, 168884 नेत्र परीक्षण, 155520 लोगों की टीबी जांच और 163549 लोगों को तम्बाकू मुक्त अभियान के प्रति जागरूक किया गया।
रावत ने बताया कि इसके अलावा अभियान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लोगों के आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड भी बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में प्रदेश भर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर तैनात 940 सीएचओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो गांव गांव जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को आरोग्य उत्तराखंड बनने के लिये संकल्पित है। उन्होंने लोगों से अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा कर जन आरोग्य अभियान का लाभ उठाने की अपील भी की।

कृमि संक्रमण रोकने के लिये जरूरी है दवा का सेवनः रावत

स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज श्री गुरू नानक पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज प्रेमनगर देहरादून में बच्चों को कृमिनाशक दवा खिला कर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की पहल पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेशभर में 43.55 लाख बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जायेगी। जिसमें स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों की बड़ी भूमिका होगी। इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिये सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को शिक्षा विभाग सहित अन्य रेखीय विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने श्री गुरू नानक पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज प्रेमनगर में छात्राओं को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई। डॉ0 रावत ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, बच्चे स्वस्थ रहेंगे तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश भर के सभी निजी एवं सरकारी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 01 से लेकर 19 आयु वर्ग के 43.55 लाख बच्चों को प्रशिक्षित शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा अल्बेंडाजॉल खिलाई जायेगी। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को शिक्षा विभाग, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग एवं पंचायतीराज विभाग से समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। विभागीय मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के सफल संचालन के लिये 56453 कार्मिकों को तैनात किया गया है। जिसके अंतर्गत 11888 आशाएं, 22815 अध्यापक, 20067 आंगनबाडी कार्यकत्रियां, 2673 एएनएम शामिल है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर दवा खाने से छूट गये बच्चों को 17 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा खिलाई जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एल्बेंडाजोल दवा बच्चों को दी जानी अनिवार्य है, ताकि पेट में होने वाले कीड़े या कृमि को खत्म कर बच्चों को स्वस्थ रखा जा सके।

कार्यक्रम में प्रभारी महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ0 विनीता शाह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, निदेशक एनएचएम डॉ0 सरोज नैथानी, सीएमओ देहरादून डॉ0 मनोज उप्रेती सहित विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

स्कूली बच्चों को दी मानसिक रोग से बचाव की शिक्षा

ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट ने मानसिक रोग से बचाव को जागरूकता अभियान चलाया। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को मानसिक रोग से बचाव को जागरूक किया।

ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट द्वारा सरस्वती विद्या निकेतन जूनियर हाई स्कूल वीरभद्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. ग्रेस सिंह ने विश्व मानसिक रोग दिवस की अवधारणा, स्थापना, मानसिक रोगों के लक्षण, मानसिक रोगों के प्रकार, उनके कारक व उनसे उबरने व बचावों के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि जागरूकता व समय से उचित इलाज ही इस रोग से छुटकारा दिला सकता है। उन्होंने विभिन्न चार्ट व पोस्टरों, प्रश्नोत्तरी, खेल व रोल प्ले द्वारा मानसिक रोगों पर विस्तृत चर्चा की एवं मानसिक रोगों पर विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर बहुत ही सरल भाषा में दिए। प्रिंसिपल विमला रावत ने मानसिक रोगों की जागरूकता को बहुत ही आवश्यक कदम बताया। कहा कि अब समय आ गया ही कि मानसिक रोगों को छुपाने की बजाए उचित उपचार किया जाए। मौके पर ट्रस्ट सचिव सैमुएल हर्बर्ट, अनिता पयाल, पूनम, सावित्री थापा, गिडियन सिंह, रमा घपोला आदि उपस्थित रहे।

चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स के ट्रामा रथ की पहल कारगर साबित होगीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से एम्स के ट्रामा रथ का फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश द्वारा ट्रामा रथ के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों और अन्य विद्यालयों में जाकर आम लोगों को इस चिकित्सा पद्धति के बारे में जागरूक करने एवं प्रशिक्षित करने का अभियान छेड़ा है, यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। चिकित्सा के क्षेत्र में इस तरह की पहल कारगर साबित होंगी।

एसोसिएट प्रो. एम्स ऋषिकेश डॉ. मधुर उनियाल ने कहा कि 11 से 17 अक्टूबर तक ट्रामा सप्ताह के तहत एम्स ऋषिकेश का ट्रामा रथ राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अन्य विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं तथा आम जनमानस को चिकित्सा के प्रति तात्कालिक सहायता और आवश्यक इलाज की जानकारी देगा एवं उन्हें प्रशिक्षित करेगा। यह ट्रामा रथ उत्तराखंड के आम जनमानस में ट्रॉमा चिकित्सा के प्रति जन जागरूकता लाकर उन्हें दुर्घटना के दौरान किस प्रकार से फर्स्ट ऐड दिया जाता है और घायल व्यक्ति की जान कैसे बचाई जा सकती है, इसका प्रशिक्षण देगा। सप्ताह भर तक चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत ट्रॉमा रथ अलग अलग दिनों में अलग अलग स्थानों पर एम्स के ट्रॉमा विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, डॉ. अजय कुमार, डॉ. कमलेश बैरवा, डॉ. पी. सी. मीणा, डॉ. दिनेश पंचाल उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों पर शिकंजा कसने के दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखण्ड की द्वितीय शासकीय सभा की बैठक आयोजित हुयी। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि आयुष्मान भारत, अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के अंतर्गत 100 प्रतिशत सैचुरेशन किया जाए। राशन कार्ड न होने के कारण जिनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, उनके लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड आदि सरकारी पहचान पत्रों को अनुमन्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए जनता की शिकायतों के निवारण के लिए प्रभावी प्रणाली तैयार करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों पर लगातार जुर्माना लगाने और अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त की जा रही है, उन अस्पतालों की सूची समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचारित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को ओपीडी को पूर्ण कम्प्यूटरीकृत किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों को बढ़ावा देने हेतु पॉलिसी तैयार की जाए।
इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण डी. के. कोटिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अस्पताल पहुंचकर सीएम ने घायलों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कोटद्वार बेस अस्पताल में सिमड़ी, पौड़ी में हुई बस दुर्घटनाग्रस्त में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बेस अस्पताल में घायलों के परिवारजनों से मुलाकात कर कहा कि घायलों के ईलाज के लिये सरकार द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों के बारे में डाक्टरों से पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सिमड़ी, पौड़ी बस दुर्घटना में फर्स्ट रेस्पांडर के रूप में घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आस-पास के ग्रामीण पहुँचे और उन्होंने घायलों को बाहर निकालने में मदद की। मुख्यमंत्री ने डीएम पौड़ी को निर्देशित किया है कि जिन ग्रामीणों ने आपदा की घड़ी में घायलों को और मृतकों को बाहर निकालने में मदद किया है उनकी सूची बनाकर उनको भी प्रोत्साहित करने हेतु प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाए।

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार को मिला सम्मान

भारत सरकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर 2022 से 1 अक्टूबर 2022 तक देशभर में आयोजित रक्तदान अमृत महोत्सव में उत्तराखंड को रक्तदाता कलेक्शन में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर दिल्ली में एम्स सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया द्वारा उत्तराखंड के प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ आर राजेश कुमार को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के महानिदेशक डॉ अतुल गोयल व एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ श्रीनिवासन भी उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार, निदेशक उत्तराखंड रक्त संचरण परिषद डॉ सरोज नैथानी, प्रभारी अधिकारी ब्लड सैल डॉ सुजाता सिंह भी मौजूद रही। स्वैच्छिक रक्तदान में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रदेश को मिली इस उपलब्धि पर प्रभारी सचिव ने सभी अधिकारी, कर्मचारी को बधाई देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड को मिला यह सम्मान गौरव का विषय है, इसके साथ ही प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य संबंधी कार्डों की सही मॉनिटरिंग के लिए तैयार किया जाए प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि अस्पतालों में मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाईनों में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन एवं टोकन की व्यवस्था के लिए सिस्टम विकसित किया जाए। टेलीमेडिसिन की सुविधा के लिए हेल्पलाईन नम्बर 104 को जन जगारूकता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए। उत्तराखण्ड को जल्द क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को प्रेरित किया जाए, अगर किसी कार्य से लोग मन से जुड़ते हैं, तो उसमें सफलता प्राप्त होती है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जारी होने वाले आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड, श्रम विभाग द्वारा जारी होने वाले कार्ड तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य कार्डों की सही मॉनिटरिंग के लिए उन्हें एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनव पहल की जरूरत हैं, दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करने के लिए डॉक्टरों को प्रेरित किया जाए। ब्लॉक एवं तहसील स्तर तक स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं। ऐसी व्यवस्था की जाए कि नवजात शिशु के अस्पताल में जन्म होने पर उनके जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल से ही निर्गत हों।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अस्पतालों में स्वच्छता की उचित व्यवस्था हो। मरीजों को अस्पतालों में गुणवत्तायुक्त भोजन मिले। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के बाद वायरल, डेंगू एवं मलेरिया का प्रकोप अधिक रहता है, इससे निपटने के लिए अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जो निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिन निर्माण कार्यों में विलंब हो रहा है, सबंधित कार्यदाई एजेंसियों के खिलाफ सख्त रूख अपनाया जाए एवं संबंधितों जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब होने से लागत में भी वृद्धि होती है। उत्तराखण्ड को 2025 तक ड्रग्स फ्री राज्य बनाने के लिए सभी विभागों को सुनियोजित प्लानिंग करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में प्रतिमाह बैठक की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में रोगी पंजीकरण शुल्क की समान व्यवस्था की जाए। ब्लॉक स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को भी ध्यान में रखना होगा।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राज्य में स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव अरूणेन्द्र चौहान, अमनदीप कौर, प्रभारी महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, प्रधानचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोश सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
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