धामी सरकार के निर्देश पर शासन ने जारी किया वेतनवृद्धि का आदेश

वेतनवृद्धि की लम्बी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 368 संविदा कार्मिकों की वर्षों पुरानी मुराद पूरी हो गई है। कॉलेज की स्थापना से लेकर अब तक अल्प वेतन में काम कर रहे कार्मियों ने इसका श्रेय धामी सरकार को दिया। कार्मिकों का कहना है कि वेतनवृद्धि को लेकर उनकी मांग को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने तवज्जो दी और वर्षों पुरानी समान कार्य-समान वेतन की मांग को अमलीजामा पहनाया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढ़वाल में स्थापना के समय से ही विभिन्न श्रेणी के शिक्षणेत्तर पदों पर तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार संविदा, दैनिक एवं नियत वेतनमान के आधार पर तैनात कार्मिक अल्प मानदेय पर कार्य करते आ रहे थे। जबकि उन्हीं के समकक्ष उपनल के माध्यम से तैनात कार्मिक उनसे दुगने मानदेय पर कार्य कर रहे थे। जिसको लेकर मेडिकल कॉलेज के अल्प मानदेय प्राप्त कार्मिकों में शासन व कॉलेज प्रशासन के विरूद्ध काफी असंतोष व्याप्त था। इसका खामियाजा स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत को भी अपने विधानसभा चुनाव के दौरान कार्मिकों के विरोध के रूप में भुगतना पड़ा। मामला संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री ने विभागीय मंत्री को कॉलेज प्रशासन द्वारा मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा। शासन द्वारा प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा गया तथा राज्य कैबिनेट के द्वारा कार्मिकों की वर्षों पुरानी उपनल कार्मिकों के समान मानदेय दिये जाने की मांग पर मुहर लगा दी गई। आखिरकार कैबिनेट की स्वीकृति के उपरांत चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वर्षों से प्रशासनिक अधिकारी, नर्सिंग अधिकारी, लैब टेक्नीशियन सहित 38 विभिन्न श्रेणी के पदों पर संविदा, दैनिक व नियत वेतनमान पर तैनात कार्मिकों का वेतनमान उपनल कार्मिकों के समान बढ़ाने का शासनादेश जारी कर दिया। शासनादेश जारी होते ही मेडिकल कॉलेज के अल्प वेतनभोगी कार्मिकों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुये आपस में मिठाईयां बांटकर खुशी जाहिर की।

उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने 824 स्वास्थ्य महिला कार्यकर्ता का रिजल्ट जारी

स्वास्थ्य विभाग में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 824 पदों पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया है।
रोजगार सृजन की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गत दिनों स्वास्थ्य विभाग में 824 स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड के स्तर से प्रारंभ की गयी थी। अब इस परीक्षा का अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया गया है। 824 पदों पर अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मिलने से उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊर्जा प्रदान होगी। दरअसल, राज्य के पर्वतीय जिलों में पैरामेडिकल स्टाफ की भी निरंतर कमी बनी हुई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सेवाओं में आने से अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होने के साथ ही आमजन को भी काफी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग की ओर से तमाम रिक्त पदों पर भर्ती के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के मुताबिक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर नई भर्ती से पर्वतीय क्षेत्रों में निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।

अस्पताल में अव्यवस्था और गंदगी को लेकर स्वास्थ्य सचिव ने जताई नाराजगी

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने मसूरी उप जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव द्वारा उप जिला चिकित्सालय में अवयवस्था और गंदगी देखकर जमकर संबधित अधिकारियों को फटकार लगाई व अस्पताल में नियुक्त डाक्टर और कर्मचारियों की अनुस्थिति पर सीएमएस से जबाब तलब किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल में तैनात डॉक्टर ओर कर्मचारियों को बिना सीएमओं के अनुमति के अवकाश न जाने के निर्देश दिये।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा अस्पताल में एमरजैंसी रूम, डॉक्टर कक्ष, आईसीयू, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड एक्स-रे आदि की सुविधा को जांच किया गया। इस मौके पर उन्होंने डीजी हेल्थ उत्तराखंड को फोन पर निर्देश दिए कि वह तत्काल मसूरी में रहकर मसूरी के उप जिला चिकित्सालय की सभी कमियों को दूर कर अस्पताल में स्टाफ की कमियों को दूर करे। वह साफ सफाई को लेकर भी विशेष प्रबंध किया। उन्होंने अस्पताल में पैरामेडिकल और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कमी को दूर करने को लेकर भी सीएमओ देहरादून को निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सचिव डॉ राजेश कुमार ने कहा कि उनके द्वारा लगातार उत्तराखंड के विभिन्न अस्पतालों का समय-समय पर निरीक्षण कर वहां की कमियों को दूर करने की कोशिश की जाती है जिससे कि प्रदेश की जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा हाल में ही जिला रुद्रप्रयाग और चमोली जिले का स्वास्थ सुविधाएं और अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। अस्पताल में पैरामेडिकल और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कमियां को देखते हुए प्रदेश को 800 से ज्यादा नर्स मिलने जा रही है जिसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा मसूरी के उप जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया जहां पर उनको कई खामियां भी मिली है मैं अस्पताल को व्यवस्थित तरीके से कैसे संचालित किया जाए जिसको लेकर भी कार्य योजना तैयार की जाएगी।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मसूरी के उप जिला चिकित्सालय को लेकर उनके द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को तलब किया गया है और जल्द बैठक कर अस्पताल को संचालित करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिये व स्वास्थ्य सुविधाओं को व्यवस्थित किए जाने को लेकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मसूरी के उप जिला चिकित्सालय में स्टाफ की कमी तो है ही परंतु अस्पताल मे तैनात है वह भी रेगुलर तरीके से अपनी ड्यूटी नहीं आ रहा है जो चिंता का विषय है। जिसको लेकर जल्द एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मसूरी के अस्पताल में तैनात डॉक्टरों में सात डाक्टर पीएचडी करने के लिए गए हैं। वह उन डॉक्टरों की भरपाई को लेकर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल को बेहतर किए जाने को लेकर अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन, एक्स-रे, आईसीयू की सुविधा आईसीयू उपलब्ध है जिनको व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिये भी कार्य योजना तैयार की जायेगी। उन्होने कह कि अस्पताल में एमआरआई की सुविधा भी उपलब्ध कराई जायेगी।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि जोशीमठ की आपदा को लेकर सरकार सभी प्रभावित लोगों की बेहतर मदद कर रही है वहीं स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा रोटेशन बेसिस में 26 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। वह दो मनोविज्ञानी चिकित्सक भी जोशीमठ में तैनात किये गए है जिससे कि आपदा में मानसिक रूप से ग्रस्त लोगो की काउंसलिंग किया जा सके। वही डायरेक्टर गढ़वाल को जोशीमठ पर नियुक्त कर दिया गया है जो लगातार जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर स्वास्थ सुविधाओं का बेहतर कर रहे है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध है व जिला प्रशासन के संपर्क में है और अगर किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं में दिक्कत होगी तो तत्काल दिक्कतों का निवारण किया जाएगा।
सचिव डॉ राजेश कुमार ने कहा ऐसा लग रहा है कि मसूरी में तैनात डॉक्टर ओम ओनरशिप की भूमिका नहीं निभा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है उन्होंने कहा कि कोई भी अस्पताल को चलाने के लिए वहां पर तैनात अधिकारियों को अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए जिससे कि सीमित संसाधनों में बेहतर तरीके से अस्पताल को चलाया जा सके और लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं उपलब्ध हो सके।

स्वास्थ्य सचिव के संवदेनशील अधिकारी होने का विभाग को मिल रहा लाभ

प्रदेश के सुदूर इलाकों में दवाईयों को पहुंचाने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य के दूरस्थ जनपदों में निवास कर रहे लाभार्थियों को कम से कम समय में वैक्सीन उपलब्ध कराने हेतु अनोखी पहल सफल साबित हुई। प्रदेश के भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर दवाओं, टीकों को समयबद्ध तरीके से पहुंचाने हेतु स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड ने ड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल पूर्ण कर लिया है।
सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर देहरादून से सीमांत जनपद उत्तरकाशी तक महज 40 मिनट में वैक्सीन की डोज को सफलतापूर्वक पहुंचाया गया। प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत ड्रोन द्वारा डिप्थीरिया टिटनेस (डी.पी.टी.) व पेंटा की 400 डोज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय उत्तरकाशी पहुंचाई गई है। अमूमन सड़क मार्ग से 5-6 घंटे का समय लगता है।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने यह भी अवगत कराया कि इस सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा आगामी दिनों में प्रदेश के सूदूर इलाकों में ड्रोन के माध्यम से कोविड वैक्सीन को पहुंचाए जाने हेतु कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग तथा इनफोरमेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी (आई.टी.डी.ए.) के सहयोग से दवाईयों को पहुंचाया गया है।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में दवाईयों या वैक्सीन को पहुंचाने हेतु सड़क मार्ग का उपयोग किया जाता है, जिसमें काफी समय लगता है व कभी-कभी आपदा के कारण भी दवाई पहुंचाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि दवाई वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो और समयपर सभी चिकित्सा इकाइयों तथा ऐसे स्थानों, गावों में जहां सड़क मार्ग की सुविधा नही है वहां भी दवाईयां, वैक्सीन उपलब्ध हो। निकट भविष्य में दुर्घटनाग्रस्त, आपदा या अन्य किसी विकट स्थिति पर समयान्तर्गत प्राथमिक उपचार की दवाईयां तथा अन्य सामाग्री पहुंचाने में ड्रोन टेक्नोलॉजी की सुविधा मील का पत्थर साबित होगी।
सचिव महोदय द्वारा बताया गया कि कोविड के दृष्टिगत भी ड्रोन टेक्नोलॉजी काफी कारगर साबित होगी। हम प्रदेश के सभी चिकित्सा इकाइयों में वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखेंगे ताकि पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण सुलभ तरीके से पूर्ण हो।

आईईसी-मीडिया कार्यशाला में एनएचएम कार्मिकों को मिले निर्देश

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिये मीडिया और आइईसी टीम की भूमिका महत्वपूर्ण है। दोनों के मध्य समन्वय बनाने का जिम्मा राज्य व जिला स्तर पर तैनात आइईसी कोडिनेटर का है। कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहत्तरी को लेकर मीडियाकर्मियों ने कई सवाल उठाये तथा दो दर्जन से अधिक सुझाव भी दिये, जिस पर विभागीय मंत्री ने प्राप्त सुझावों पर अमल करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड के तत्वाधान में देहरादून में आयोजित एक दिवसीय आइईसी-मीडिया कार्यशाला एवं स्वास्थ्य संवाद में स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया और आइईसी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की सही जानकारी सूबे के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में दोनों का अहम योगदान है, बशर्ते कि राज्य व जिला स्तर पर आइईसी मीडिया के साथ तालमेल बना कर कार्य करे। डॉ0 रावत ने कहा कि कार्यशाला में मीडिया कर्मियों से प्राप्त सुझावों पर विभाग अमल करेगा। इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से प्राप्त सुझाव स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिये मार्गदर्शन का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा शीघ्र ही प्रदेश के सभी जनपदों में इसी प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा ताकि मीडिया व आइईसी के बीच बेहतर तालमेल व संवाद बना रहे। जिसका लाभ आम आदमी को भी मिल सकेगा।

कार्यशाला में सचिव स्वास्थ्य डॉ0 आर0 राजेश, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ0 विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ0 आशुतोष सयाना, निदेशक एनएचएम डॉ0 सरोज नैथानी, निदेशक स्वास्थ्य डॉ0 भारती राणा, सीएमओ देहरादून डॉ0 मनोज उप्रेती, कोरोनेशन जिला अस्पताल की पीएमएस डॉ0 शिखा जांगपांगी सहित सभी जनपदों से आये डीपीएम एवं आईईसी कोर्डिनेटस् एवं मेडिकल कॉलेजों के जनसम्पर्क अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्य एवं दायित्वों को लेकर आइईसी और डीपीएम कसे पेंच
आइईसी-मीडिया कार्यशाला के उपरांत विभागीय मंत्री डॉ0 रावत ने सभी जनपदों एवं मेडिकल कॉलेजों से आये आइईसी एवं डीपीएम की बैठक ली। जिसमें उन्होंने एनएचएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रचार-प्रसार, मीडिया के साथ कोडिनेशन, योजनाओं की मॉनिटिरिंग तथा उनकी रिपोर्टिंग एवं डॉक्यूमेंटेशन में धीमी प्रगति को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुये सभी को अपने कार्य एवं दायित्वों का निर्वहन सही से करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला अस्पताल एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी से संबंधित होर्डिंग्स, वॉल पेंटिंग व बैनर लगाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने आइईसी कोर्डिनेटर्स को जनपद, तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर चिकित्साधिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर अस्पतालों में किये जा रहे बेहतर कार्यों को भी विभिन्न संचार माध्यमों से जनता के सामने लाने के निर्देश दिये साथ ही विभिन्न वेलनेस सेंटरों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) से समन्वय बनाते हुये उनके द्वारा किये जा रहे क्रियाकलापों का भी प्रचार-प्रसार करने को कहा।

टीबी मुक्त अभियान में भागीदारी निभायेंगे निजी पैरामेडिकल कॉलेज

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड को टीबी मुक्त बनाने के लिये प्रदेशभर के निजी पैरामेडिकल कॉलेज भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। इस अभियान के तहत प्रत्येक पैरामेडिकल कॉलेज अधिक पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार में सहयोग करेंगे। जबकि जनपद देहरादून के सभी निजी विद्यालय भी स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान में अपना सहयोग देंगे। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आगामी 12 जनवरी से प्रदेशभर में रक्तदान पंजीकरण अभियान तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती 23 जनवरी से रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जायेगा।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत की अध्यक्षता में दून मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित बैठक में निजी पैरामेडिकल कॉलेज एवं देहरादून जनपद के निजी विद्यालयों के संचालकों एंव प्रबंधकों ने प्रतिभाग किया। जिसमें कैबिनेट मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण अभियानों एवं योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत सभी शिक्षण संस्थानों को केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय रक्तदान अभियान, नशा एवं तम्बाकू मुक्त अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी है। इसी के तहत राज्य में उत्तराखंड टीबी मुक्त अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है जिसके तहत राज्य को वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डॉ0 रावत ने कहा कि इस लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने के लिये राज्य के स्वास्थ्य विभाग को नोडल बनाया गया है जबकि विद्यालयी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, समाज कल्याण एवं सहकारिता सहयोगी बनाया गया है। उन्होंने सभी निजी पैरामेडिकल कॉलेजों, निजी विद्यालयों के संचालकों से इस अभियान को सफल बनाने के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित अपने क्षेत्र के कम से कम पांच-पांच टीबी मरीजों को गोद लेकर एक साल तक उन्हें पोषण किट उपलब्ध कराने एवं मोरल सपोर्ट देने का आह्वान किया। जिस पर सभी शिक्षण संस्थनों के संचालकों ने अपनी सहमती व्यक्त की। इसी क्रम में उन्होंने निजी पैरामेडिकल संस्थानों को अपने-अपने यहां रक्तदान के लिये सभी छात्र-छात्राओं एवं स्टॉफ का पंजीकरण करने तथा नशा मुक्त अभियान, तम्बाकू मुक्त अभियान भी चलाने को कहा।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी से प्रदेशभर में रक्तदान पंजीकरण अभियान चलाये जायेंगे साथ ही नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती 23 जनवरी से रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जायेगा। इसी तरह 26 जनवरी से प्रदेशभर में ड्रग फ्री कैंपेन संचालित किये जायेंगे। डॉ0 रावत ने कहा कि राज्य में संचालित समस्त शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत लगभग 40 लाख छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने के लिये चरणबद्ध योजना तैयार की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर सभी को छात्र-छात्राओं को सुलभ चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ0 विनीता शाह, पूर्व महानिदेशक डॉ0 तृप्ति बहुगुणा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ0 आशुतोष सयाना, निजी पैरामेडिकल कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष राम कुमार शर्मा, महासचिव ललित जोशी, निजी विद्यालय एसोसिएशन के पदाधिकारी, सीएमओ देहरादून डॉ0 मनोज उप्रेत, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ0 मुकुल सती, सहित निजी पैरामेडिकल कॉलेज एवं देहरादून के निजी विद्यालयों के संचालक एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।

भारत सरकार में संयुक्त सचिव विशाल चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक, होगी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर

स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को दूर करने हेतु अलग कैडर बनाए राज्य सरकार यह बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्त सचिव विशाल चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान कही। संयुक्त सचिव द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति हेतु कुछ ऐसे प्रावधान करें जिसमें मानदेय, पदोन्नति संबंधी, आदि का प्रावधान कर इन पदों को भरा जा सके।
बैठक के दौरान संयुक्त सचिव द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत हो रहे स्वास्थ्य इकाइयों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने की बात कही तथा विभागों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने हेतु निर्देश दिए। साथ ही टीबी उन्मूलन, वित्तीय स्थिति, क्वालिटी अनुसरण, अंधता निवारण, आदि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यक्रमों की समीक्षा की व आश्वासन दिया कि भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को स्वास्थ्य संबंधित हर तरह का सहयोग प्रदान किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड में खर्च का विवरण, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, 15वें वित्त आयोग, आपातकालीन कोविड प्रतिक्रिया पैकेज (ई.सी.आर.पी.) कार्यान्वयन व अन्य विषयों पर भी समीक्षा की गई।
बैठक में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, निदेशक एनएचएम डॉ. सरोज नैथानी, वित्त नियंत्रक (प्रभारी) एनएचएम जेसी जोशी, उप निदेशक पंचायती राज मनोज कुमार तिवारी, सहायक निदेशक शहरी विकास अशोक पांडेय, प्रभारी अधिकारी डॉ. अजय कुमार नगरकर, डॉ. फरीदुजफर, डॉ. अर्चना ओझा, डॉ. पकंज सिंह, डॉ. मुकेश राय, राज्य लेखा प्रबंधक एनएचएम आरके भट्ट आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

87 जिम और 7 पार्क का शहरी विकास मंत्री ने किया लोकार्पण

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रदेश के 102 निकायों में 74 ओपन जिम का शिलान्यास, 87 ओपन जिम का लोकार्पण 409.14 लाख जबकि 7 पार्क का शिलान्यास 286.55 लाख की लागत से करते हुए प्रदेश वासियों को नव वर्ष के प्रथम दिन सौगात दी। इस दौरान 94 निकायों के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।
रविवार को यमुना कॉलोनी स्थित पार्क में शहरी विकास विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ओपन जिम और पार्क शरीर की संरचना को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि आज नशे ने अपने पैर पसार दिए हैं, हमें इसकी चैन को तोड़ना होगा। इसके लिए सरकार ने ओपन जिम और पार्क खोलने का फैसला किया है। आज प्रदेश में निकाय स्तर पर ओपन जिम और पार्क को खोलकर सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है।
इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर आज पूरा देश स्वच्छता के प्रति जागरूक हुआ है। लोगों के भीतर पिछले आठ वर्षों में स्वच्छता के प्रति एक अलख जगी है। उन्होंने कहा हमारे राज्य में भी स्वच्छता को लेकर अनेक अभियान निकाय स्तर पर चलाये जा रहे हैं। यही कारण है कि उत्तराखंड को इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में छह पुरस्कार प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि इस नववर्ष के प्रथम दिन हमें संकल्प लेना होगा कि अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखेंगे। कूड़ा को सार्वजनिक स्थलों पर नहीं फेंकेंगे। साथ ही कूड़ा दिखने पर उसे कूड़ादान पर डालेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कूड़ा को सार्वजनिक स्थलों पर कोई डालता हुआ दिखाई दें तो जागरूक नागरिक की भूमिका निभाते हुए रोके।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्ष 2025 तक प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं इसमें जन सहभागिता का सहयोग आवश्यक है।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सरिता कपूर, पार्षद सुमित्रा ध्यानी, विभागीय निदेशक नवनीत पांडे, अपर निदेशक अशोक पांडे, अपर मुख्य आयुक्त जगदीश लाल, सहायक नगर आयुक्त रविंद्र दयाल, शांति प्रसाद जोशी, अधिशासी अभियंता अनुपम भटनागर, रवि बिष्ट, संजय भाटी, योगेंद्र नेगी सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

धामी ने ऋषभ पंत के परिजनों को हर मदद का दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मैक्स अस्पताल में भर्ती भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का हाल चाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से ऋषभ के स्वास्थ्य सुधार के बारे में पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ऋषभ पंत की माताजी एवं उनकी बहन से मैक्स अस्पताल में लगभग एक घंटे तक मुलाकात की। उन्होंने कहा कि ऋषभ के इलाज के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरी मदद की जायेगी।

कोविड 19 के नए वैरिएंट के मुकाबले को हम तैयारः स्वास्थ्य सचिव

कोविड 19 के नए वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है यह बात स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों के चिकित्सा इकाइयों में मॉकड्रिल के दौरान कही। मंगलवार को कोरोना के दृष्टिगत उत्तराखंड में स्वास्थ्य इकाइयों में आईसीयू वार्ड, इमरजेंसी, ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन सीलेंडर, आइसोलेशन बेड, एम्बुलेंस, कोविड टेस्टिंग लैब, दवाईयों की उपलब्धता आदि की तैयारियां मॉकड्रिल में परखी गई।
मॉकड्रिल के मौके पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा देहरादून स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय कोरोनेशन अस्पताल का जायजा लिया गया। उन्होंने सर्वप्रथम पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का जायजा लिया जहां उन्होंने प्लांट में ऑक्सीजन प्रेशर, ऑक्सीजन प्यूरिटी का निरीक्षण किया साथ ही मेडिकल गैस मैनिफोल्ड रुम, गैस स्टोर का जायजा लिया।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा इमरजेंसी वार्ड का मुआयना किया गया, उन्होंने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व अन्य उपकरणों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इलाज के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने को लेकर निर्देशित किया।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि जनपदों में मौजूद स्वास्थ्य इकाइयों में तैनात चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। कोविड की स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग समयबद्ध तरीके से तैयारी कर चुका है व आम जनमानस को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा, कि विभाग की अपील है कि कोविड को लेकर कोई भी अफवाह ना फैलाएं साथ ही घबराने की जरुरत नही है। हमारी आमजन से अपील है कि कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करें और सावधानी बरतें। स्वास्थ्य संबंधित किसी भी समस्या के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना इलाज कराएं।