एम्स में भर्ती नैनीताल निवासी महिला पर कोरोना की पुष्टि

तीर्थनगरी ऋषिकेश में कोरोना का दूसरा पॉजीटिव मरीज सामने आया है। यह मामला भी एम्स ऋषिकेश से ही आया है। 22 अप्रैल से एम्स ऋषिकेश में भर्ती 56 वर्षीय नैनीताल निवासी महिला पर कोरोना पॉजीटिव की पुष्टि हुई है। वहीं, तीन दिन के भीतर दूसरा मामला सामने आने के बाद एम्स में कार्यरत कर्मियों में हड़कंप मच गया।

एम्स के संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि नैनीताल निवासी 56 वर्षीया महिला बीती 22 अप्रैल को एम्स ऋषिकेश में भर्ती हुई थी। जिसे ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत थी। यह महिला नैनीताल के स्वामी विवेकानंद अस्पताल में भर्ती थी, जहां इसका स्ट्रोक का उपचार चल रहा था। वहां से महिला श्रीराम मूर्ति हॉस्पिटल बरेली रेफर किया गया था। श्रीराममूर्ति अस्पताल से महिला 22 को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया था।

उन्होंने बताया कि उक्त दोनों अस्पतालों से प्राप्त रिपोर्ट में महिला रोगी का कोविड 19 का टेस्ट भी हुआ था, लेकिन वहा महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। एम्स में भर्ती इस महिला को 27 अप्रैल को फीवर आया था,जिसके कारण इसका संस्थान में कोविड 19 का टेस्ट किया गया। जिसकी रिपोर्ट मंगलवार (आज) पॉजीटिव आई है। अब महिला को अस्पताल में ही आइसोलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

नर्सिंग अफसर में मिला कोरोना का संक्रमण, एम्स ऋषिकेश में हड़कंप

रविवार को उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए। ऋषिकेश एम्स के यूरोलॉजी आईपीडी में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर और दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रसूता महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। दून की आजाद कॉलोनी निवासी संक्रमित महिला ने एक दिन पहले ही बच्चे को जन्म दिया है।
वहीं, तीसरा संक्रमित मरीज पॉजिटिव महिला का पति बताया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 51 हो गई है। इसमें 28 मरीज ठीक हो चुके हैं।

बता दें कि एम्स ऋषिकेश के यूरोलॉजी विभाग की आईपीडी में कार्यरत बापू ग्राम निवासी 28 वर्ष के नर्सिंग ऑफिसर कोरोना संक्रमित मिले हैं। 24 अप्रैल को नर्सिंग ऑफिसर में खांसी जुकाम के लक्षण आए थे। तबीयत खराब होने पर 25 अप्रैल को एम्स में सैंपल की जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई है।

वहीं, दून मेडिकल कॉलेज में प्रसव के लिए भर्ती आजाद कॉलोनी निवासी 32 वर्ष की महिला में भी कोरोना का संक्रमण मिला है। महिला का प्रसव कोविड 19 की गाइड लाइन के अनुसार पर्याप्त सुरक्षा प्रबंधन के बीच कराया गया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को आइसोलेशन में रखा गया है।  अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि नर्सिंग ऑफिसर और महिला और उसके पति में संक्रमण की वजह का पता किया जा रहा है। तीनों मरीजों के संपर्क में आए सभी लोगों की मेडिकल जांच कर उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा।

देश में कोरोना वायरस का पहला प्लाज्मा परीक्षण सफल

देश में कोरोना वायरस का पहला प्लाज्मा परीक्षण सफल रहा है। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज पर प्लाज्मा तकनीकी का इस्तेमाल किया गया था। सोमवार को वेंटिलेटर से हटाने के बाद भी उसकी स्थिति बेहतर है। अस्पताल ने हाल में प्लाज्मा तकनीक का ट्रायल शुरू किया था। इसमें कोरोना से ठीक हो चुके लोगों का प्लाज्मा संक्रमित व्यक्ति पर चढ़ाया जाता है।
दरअसल, एक ही परिवार के कई लोग बीमार होने के बाद भर्ती हुए थे, जिनमें दो वेंटिलेटर पर थे। इस बीच, वेंटिलेटर पर रखे एक मरीज की मौत हो गई, दूसरा वेंटिलेटर पर ही था। दिल्ली के इस 49 वर्षीय मरीज पर ही परीक्षण हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यक्ति के खून से अधिकतम 800 मिलीलीटर प्लाज्मा लिया जा सकता है।
वहीं, कोरोना मरीज के शरीर में एंटीबॉडीज डालने के लिए 200 मिलीलीटर प्लाज्मा चढ़ाते हैं। सूत्रों के अनुसार, इलाज में प्लाज्मा तकनीक कारगर साबित हो चुकी है। जिसने रक्त दिया वह मरीज तीन सप्ताह पहले ही ठीक हो चुका है।

80 फीसदी मामलों में नहीं दिख रहे लक्षण
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया, देश में करीब 80 प्रतिशत मरीजांे में लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। जरूरी नहीं कि संक्रमण आज हुआ है, तो लक्षण सात दिन में मिले ही। जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने कहा था, आंकड़ों को देखें तो बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या अधिक नहीं है।

सीएम बोले, मैकेनाइज्ड हैंड वाॅश मशीन सार्वजनिक स्थलों के लिए उपयोगी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष शुक्रवार को वैज्ञानिक शाबिर अहमद ने मैकेनाइज्ड हैंड वॉश मशीन का डेमो दिया। उन्होंने कहा कि यह मशीन कोविड-19 के दृष्टिगत बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। इस मशीन से नल एवं साबुन को छुए बिना हाथ धोया जा सकता है। इस मशीन में पानी एवं साबुन का कंट्रोल पांवो से किया जाता है। मशीन में दो पेडल हैं जिनसे आवश्यकतानुसार पानी एवं साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी औसतन लागत लगभग 9,500 रुपए है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि यह हैंडवाश मशीन सार्वजनिक स्थलों के लिए कारगर साबित होगी। कोविड-19 पर नियंत्रण में भी यह मशीन उपयोगी सिद्ध होगी।

सीएम की अपील, मोबाइल में डाउनलोड करें आरोग्य सेतु एप

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से आरोग्य सेतु एप मोबाईल में डाउनलोड करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से कोरोना वायरस कोविड-19 के संदर्भ में जन साधारण के उपयोग के लिए आरोग्य सेतु मोबाईल एप बनाया गया है। यह एप्लीकेशन हिंदी व अंग्रेजी सहित 11 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है।

यह एप्लीकेशन उपयोगकर्ताओं को उच्च कोरोना वायरस संक्रमण क्षेत्र के समीप होने की चेतावनी देता है। यह कोविड-19 ट्रेकर एप जीपीएस और ब्लूटूथ तकनीक के आधार पर किसी संक्रमित व्यक्ति के समीप आते ही उपयोगकर्ता को सतर्क करता है। इस एप से आवश्यक चिकित्सा सलाह भी ले सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सुरक्षित, हम सुरक्षित तो भारत सुरक्षित के सूत्र को अपनाना होगा। सभी व्यक्ति आरोग्य सेतु एप को अपने मोबाईल में डाउनलोड कर कोरोना से लङाई में सहभागी बनें।

विदेशियों ने कहा 1 बजे तक हम स्वतंत्र, तो फिर पुलिस ने क्या किया, पढ़िए पूरी खबर

टिहरी जिले की तपोवन चैकी पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान घूम रहे विदेशी सैलानियों को अनोखे अंदाज में सजा दी। कोरोना संक्रमण से लोग बचे रहें, इसके लिए पुलिस कई बार सख्ती तो कई बार अलग-अलग अंदाज में लोगों को समझा रही है। तपोवन पुलिस ने बेवजह घूम रहे विदेशी सैलानियों से कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि लॉकडाउन के दौरान उनसे गलती हुई है।
तपोवन चैकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ नीम बीच से लेकर साईं घाट तक गश्त की। इस दौरान 10 विदेशी नागरिक गंगा किनारे चहल-कदमी करते हुए दिखाई दिए।
इस दौरान विदेशियों से बेवजह घूमने का कारण पूछा तो बोले एक बजे तक स्वतंत्र घूम सकते हैं। पुलिस ने बताया कि रिलैक्सेशन पीरियड केवल जरूरत का सामान खरीदने के लिए है, गंगा किनारे स्नान करने, ध्यान करने या चहल-कदमी करने के लिए नहीं है। पुलिस ने विदेशी नागरिकों से नियमों का उल्लंघन होने पर कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि उनसे गलती हो गई।

अफवाह न फैलायें, देश में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का पर्याप्त भंडार है

दुनिया में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के उत्पादन और निर्यात में भारत का शीर्ष स्थान है। वैश्विक आपूर्ति में भारत की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। फार्मास्क्युटिकल्स विभाग ने बताया कि देश में एपीआई का पर्याप्त भंडार है और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की उत्पादन क्षमता देश की आवश्यकता और निर्यात की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इस बीच, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर रमन गंगाखेडकर ने नई दिल्ली में कहा कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन एक रोग प्रतिरोधक है और यह इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के इलाज में इसकी आम जनता के लिए कभी भी सिफारिश नहीं की गई।

उत्तराखंड में मददगार बनी सीएम हेल्पलाइन 1905

पिछले 23 मार्च से सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लाकडाउन के दौरान और कोरोना राहत से सबंधित समस्याओं और जानकारी से सबंधित काल को सुना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त ने बताया कि अधिकतम समस्याओं का समाधान 24 घंटे के भीतर ही करवाया जा रहा है, इसके लिए सबंधित अधिकारी को आउटबांड काल करके समस्या का समाधान करने के लिए भी कहा गया है।

उन्होंने बताया कि नागरिक अपनी समस्या का बहुत ही कम समय में समाधान होने पर सीएम हेल्प लाइन पर सकारात्मक फीडबैक वीडियो और ऑडियो के माध्यम से भी दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन के जरिए पानी की समस्या, अंतिम संस्कार में आ रही दिक्कत, अटल आयुषमान योजना के तहत डायलसिस के लिए सरकारी रेफर के बिना इलाज कराने में दिक्कत, राशन प्राप्त न होने की समस्या, मजदूर को बुखार होने पर हॉस्टिपल ले जाने जैसी समस्याएं दर्ज की गई। जिसका बहुत कम समय में निस्तारण किया गया। है।

हेल्पलाइन में सेनिटाईजेशन न होने, गैस सिलेंडर की आपूर्ति न होने, चार दिन से गाँव में लाईट न आने, खाद्य सामग्री और एलपीजी गैस उपलब्ध कराने, गर्भवती की जांच कराने जैसी समस्याएं भी दर्ज हुई। इन्हें भी समय रहते निस्तारित किया गया है।

होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डा. सैमुअल फ्रेडिक की जयंती पर सीएम ने दी शुभकामना

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल फ्रेडिक हैनीमैन की 265 वी जयंती पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

उन्होंने कहा कि होम्योपैथी विश्व भर में अपनी स्वीकार्यता एवं प्रभावकारिता की दृष्टि से एक अग्रणी चिकित्सा पद्धति के रूप में उभरी है। होम्योपैथी का इलाज कम खर्चीला एवं प्रभावशाली भी है। उन्होंने होम्योपैथी के सभी चिकित्सकों को डॉ हैनीमैन जयंती की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 में भी होम्योपैथी चिकित्सक अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

होम्योपैथी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। अनेक प्रकार के रोगों के इलाज के लिए होम्योपैथी काफी कारगर सिद्ध हुई है स्किन, चर्म रोग, पथरी, माइग्रेन एवं पेट से संबंधित रोगों के निदान के लिए होम्योपैथी की दवा लाभकारी सिद्ध हुई है। उत्तराखंड में होम्योपैथिक की अनेक औषधियां बनती है। उत्तराखंड में आयुष को एक सक्षम स्वास्थ्य सेवा के रूप में विकसित किए जाने के प्रयास किए जा रहे है।

देश का पहला रिमोर्ट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम बनकर तैयार, एम्स निदेशक ने दी जानकारी

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश और रक्षा क्षेत्र में भारत सरकार की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेल) बैंगलोर ने मिलकर देश का पहला रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है, इसके जरिए सुदूरवर्ती संसाधन विहीन क्षेत्रों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के वाइटल पैरामीटर्स का कहीं से भी बैठकर पता लगा सकेगा। यह जानकारी एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने दी।

उन्होंने बताया कि एम्स और बेल कंपनी के संयुक्त प्रयासों से एक ऐसी डिजिटल चिकित्सकीय प्रणाली तैयार की गई है, जिसके तहत एम्स ऋषिकेश में बैठकर चिकित्सक मरीज के घर पर रहते हुए उसके शरीर का तापमान, रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा एवं उसके स्वांस की गति की निगरानी (मॉनिटरिंग) कर सकते हैं। इससे मरीज अनावश्यक रूप से अस्पताल में भर्ती होने से बचेगा। बताया कि सॉफ्टवेयर में यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि मरीज की रिपोर्ट में चिकित्सक को लगता है कि वह कोविड-19 आशंकित है तो उसे संस्थान से इसके लिए मॉनिटरिंग किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वह स्वयं सरलता से घर पर बैठे ही इस किट का प्रयोग कर निरंतर इस प्रणाली से जुड़कर चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं। निदेशक प्रो. रवि कांत और भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर एमबी गौतम ने इस उपलब्धि के लिए डॉक्टर मोहित तायल व वरिष्ठ वैज्ञानिक राजशेखर एमवी को शुभकामनाएं दी।