शासन के उच्चाधिकारियों को सीएम का निर्देश, अफवाह फैलाने वालों पर की जाए कार्रवाई

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में शासन के उच्चाधिकारियों से कोविड-19 के संबंध में अध्यतन जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही लॉक डाउन का पालन न करने वालों पर सख्ती से कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए निर्देश दिए कि जो भी प्रशासन का सहयोग न करे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। होम क्वारंटीन रखे गए लोगों पर विशेष नजर रखी जाए। अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। कोरोना डेडिकेटेड अस्पतालों में यथासंभव आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की हर सम्भव सहायता की जाए। सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने कहा कि चिकित्सकों की नियुक्ति पर लगातार काम चल रहा है। आवश्यक दवाओं का अपेक्षित स्टॉक राज्य सरकार के पास है।

मेयर गामा ने सौंपा 51 लाख रूपये का चेक
कोविड-19 के दृष्टिगत नगर निगम देहरादून ने 40 लाख रुपए का चेक नगर निगम बोर्ड फंड से एवं 11 लाख रुपए का चेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन से मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए हैं। यह चेक मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को सौंपा। इस अवसर पर नगर आयुक्त देहरादून विनय शंकर पांडे भी उपस्थित थे।

वहीं, भारतीय सेंसर बोर्ड के चेयरमैन एवं भारतीय सिनेमा के गीतकार प्रसून जोशी ने भी कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपए दिए हैं।

केन्द्र ने राज्यों को 30 अरब रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की

सरकार ने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन के लिए राज्यों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निधि से अतिरिक्त तीन हजार करोड़ रूपए जारी किए हैं। इससे पहले इस निधि में 11 सौ करोड रुपये जारी किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नई दिल्ली इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान देशभर में अब तक 16 लाख 94 हजार मीट्रिक टन अनाज का परिवहन किया गया। इस बीच, देश में पिछले 24 घंटे में छह सौ 93 लोगों में कोविड-19 के संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या चार हजार 67 हो गई। इनमें से दो सौ 91 लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक सौ नौ लोगों की मृत्यु हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कुल मामलों में से 76 प्रतिशत पुरूष और 24 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमित लोगों में से एक हजार चार सौ 45 तब्लीगी जमात से संबंधित हैं।
अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के शिकार एक सौ नौ लोगों में से 63 प्रतिशत की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। मृतकों में 40 से 60 वर्ष की उम्र के 30 प्रतिशत जबकि 40 वर्ष से कम उम्र के सात प्रतिशत लोग थे। उन्होंने उच्च जोखिम वाले लोगों को सरकार के निर्देशों और दिशानिर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया।
अग्रवाल ने देशवासियों से कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकेने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने और दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान देशभर में अब तक 16 लाख 94 हजार मीट्रिक टन अनाज का परिवहन किया गया। उन्होंने कहा कि 13 राज्यों में एक लाख 30 हजार मीट्रिक टन गेहूं और आठ राज्यों में एक लाख 32 हजार मीट्रिक टन चावल आवंटित किया गया। कहा कि भारतीय खाद्य निगम के पास केंद्र के हिस्से वाला 55 लाख 47 हजार मीट्रिक टन अनाज है।
अग्रवाल ने कहा कि इस महामारी के प्रबंधन के लिए राज्यों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निधि से 11 अरब रुपये जारी किए गए हैं। इस संबंध में 30 अरब रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की गई है।
गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि लॉकडाउन के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और चीजों की उपलब्धता संतोषजनक है।
तब्लीगी जमात से संबंधित मामलों के बारे में सुश्री श्रीवास्तव ने कहा कि अथक प्रयायों से तब्लीगी जमात के 25 हजार पांच सौ से अधिक स्थानीय लोगों और उनके सम्पर्क में आए लोगों को क्वारेंटीन किया गया है।

प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने की बात

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाए। कोरोना से जुड़े सभी कार्मिकों की ट्रेनिंग सुनिश्चित हो। इम्यूनिटी बढाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के बारे में आमजन को बताया जाए। अधिकारी ये भी सुनिश्चित कर लें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज में घोषित राशि को लेने के लिए लाभार्थियों की बैंकों में एक साथ भीङ न लगे।

ओल्ड एज होम और अकेले रह रहे सीनियर सीटीजन का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। दवाओं और मेडिकल उपकरणों से संबंधित फर्मों के काम मे कोई बाधा न आए। एनसीसी, एनएसएस, और अन्य स्वयंसेवकों का जरूरत के हिसाब से उपयोग करने के लिए प्लानिंग कर ली जाए। लॉक डाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। जो भी दिशा निर्देशों की अवहेलना करें उनके विरूद्ध डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा, पंकज पाण्डे, निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत उपस्थित थे।

जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन हो

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से फोन के माध्यम से कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रखी जाए, खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की पूर्ण उपलब्धता रखी जाए, सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाए, प्रदेश की जनता को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की आवश्यकताओं के लिए शासन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए, यह ध्यान रहे कि खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री में ओवर रेटिंग की शिकायत ना हो।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों से भी स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आवश्यक सामग्री के लिए स्वास्थ्य सचिव एवं डीजी स्वास्थ्य से संपर्क करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दी धनराशि
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत अपने 5 माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता रावत ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत 1 लाख रुपए का चेक, मुख्यमंत्री की बेटी कृति रावत ने 50,000 एवं सृजा ने 2000 रुपए का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिए हैं।

अन्य बीमारी से राहत दिलाने के लिए अब खुलेगी अन्य अस्पतालों की ओपीडी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीएम आवास में कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है। इसमें प्राईवेट चिकित्सा संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। वर्तमान में दून अस्पताल, महंत इंद्रेश अस्पताल, एम्स ऋषिकेश व हिमालयन अस्पताल में कोविड-19 कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे गए हैं। यहां के चिकित्सकों को कोरोना के ईलाज मे नियुक्त किया गया है। इससे अन्य निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी बढ गई है। इसलिए सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम अपने यहां ओपीडी खुली रखें। ताकि आमजन अन्य बिमारियों की दशा में अपना ईलाज सुगमता से करा सके। सरकार निजी चिकित्सा संस्थानो को हर प्रकार की सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निजी अस्पतालों में ओपीडी की व्यवस्था सही रखने में सहयोग करें। मेडिकल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि कोरोना से लङाई में सरकार का पूरा सहयोग किया जाएगा। यह लङाई केवल सरकार की नहीं पूरे देश और समाज की है।
बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, एनएचएम के निदेशक युगल किशोर पंत, आईएमए के अध्यक्ष डॉ अजय खन्ना, सीएमआई के चेयरमैन डॉ आरके जैन, डॉ महेश कुडियाल, डॉ अरविंद ढाका, डॉ डीडी चैधरी, डॉ अजीत गैरोला, डॉ सिद्धार्थ गुप्ता, डॉ संजय गोयल, डॉ कृष्ण अवतार, डाॅ प्रवीण मित्तल, डॉ शनवीर बामरा आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रमुख अस्पतालों की ली बैठक
मुख्यमंत्री कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के संबंध में प्रमुख अस्पतालों के प्रबंधन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है। इसमें प्राईवेट चिकित्सा संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। वर्तमान में दून अस्पताल, महंत इंद्रेश अस्पताल, एम्स ऋषिकेश व हिमालयन अस्पताल में कोविड-19 कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित रखे गए हैं।
एम्स ऋषिकेश, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट, दून अस्पताल व महंत इंद्रेश अस्पताल में कोरोना के ईलाज के लिए पृथक से व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। बताया गया कि एम्स ऋषिकेश व दून अस्पताल में 400-400 बेड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। हिमालयन अस्पताल व महंत इंद्रेश अस्पताल में 200-200 बेड इसके लिए उपलब्ध हैं। जरूरत पङने पर इन दोनों अस्पतालों में इसे बढ़ाया जा सकता है। आर्मी अस्पताल देहरादून में भी इसके लिए 200 बेड की व्यवस्था रहेगी। इन अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए आईसीयू और वेंटिलेटर की संख्या आवश्यकता पङने पर बढाई जायेगी और एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। समुचित समन्वय के दृष्टिगत एम्स ऋषिकेश व हिमालयन अस्पताल के लिए आईपीएस नीरू गर्ग और दून अस्पताल व महंत इंद्रेश अस्पताल के लिए आईपीएस केवल खुराना को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, महंत देवेन्द्र दास, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल राजेन्द्र सिंह ठाकुर, सचिव नितेश झा, एनएचएम के निदेशक युगल किशोर पंत, हिमालयन अस्पताल के विजय धस्माना, एम्स ऋषिकेश के प्रोफेसर डॉ रविकांत उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति, इस मसय डयूटी दे रहे कार्मिकों का होगा बीमा

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव कार्यों में फ्रंटलाईन में कार्यरत 68457 कार्मिकों को 4-4 लाख का बीमा लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसकी स्वीकृति दी है। 1 वर्ष की अवधि के लिए इस पर 17.02 करोङ रूपए का व्यय आएगा। इसका वहन मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों का बीमा केन्द्र सरकार के स्तर से किया जा चुका है। राज्य सरकार के स्तर पर बीमा लाभान्वितों में 22523 पुलिस कार्मिक, 7988 सफाईकर्मी, 14595 आंगनबाङी कार्यकत्रि, 14376 आंगनबाङी सहायिका, 4924 मिनी आंगनबाङी सहायिका, 464 सुपरवाईजर, 78 सीडीपीओ, 9 डीपीओ, जीएमवीएन व केएमवीएन के 3000 कार्मिक, एसईओसी/डीईओसी के 500 कार्मिक शामिल हैं। मीडिया कर्मियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है।

31 मार्च को अपने घर जाने की व्यवस्था वाला आदेश राज्य सरकार ने किया निरस्त

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि 31 मार्च, मंगलवार को लाॅकडाउन के कारण फंसे लोगों को राज्य के भीतर अपने घर जाने की जो व्यवस्था की गई थी, उसे निरस्त कर दिया गया है। रविवार को गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों में एक जिले से दूसरे जिले में मूवमेंट को भी रोके जाने को कहा गया है। हमें देश को कोरोना से मुक्त करने के लिए और सख्ती से लॉकडाऊन को लागू करना है। इससे कुछ कष्ट हो सकता है, परंतु यह हम सभी के हित में है।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने जिलाधिकारियों को गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों की अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने असहाय लोगों की मदद को की एंबुलेंस बुक, भेजा घर

देहरादून पुलिस ने समाजसेवियों की सहायता से एंबुलेंस बुक कराकर एम्स अस्पताल में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस से पीड़ित को पीलीभीत उत्तर प्रदेश स्थित घर भेजा। वहीं, दूसरी एंबुलेंस से कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को पौड़ी जनपद स्थित घर भेजा है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि एम्स अस्पताल ऋषिकेश में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस पीड़ित 65 वर्षीय बशीर अहमद पुत्र अब्दुल्ला निवासी माधवपुर थाना अमरिया तहसील उमरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश को 28 मार्च 2020 को भर्ती कराया गया था। लॉकडाउन के चलते वह वापस नहीं जा पा रहे थे। इस पर स्थानीय लोगों की मदद से पीलीभीत के लिए एंबुलेंस बुक करवाकर भेजा गया है।
वहीं, कैंसर रोग से पीड़ित 36 वर्षीय योगम्बर सिंह पुत्र चतर सिंह निवासी ग्राम देवरी जिला पौड़ी गढ़वाल का इलाज चल रहा था। उन्हे ं18 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोतवाल ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और इलाज के दौरान इसका एक पैर काटा गया है। उनके साथ पत्नी और तीन साल की बेटी भी है। लॉकडाउन के चलते उन्हें गांव जाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में पुलिस ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर स्थानीय समाजसेवियों की मदद से उक्त व्यक्ति को रविवार का ेआवश्यकतानुसार राशन और एंबुलेंस से घर भेजा गया।

लॉकडाउन में शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर निगम सचेत

लॉकडाउन के दौरान नगर निगम प्रशासन शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर सचेत है। नगर निगम क्षेत्र को सेनेटाइजर करने के साथ शनिवार से सोशल डिस्टेसिंग के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीटीसी परिसर और निगम प्रांगण में प्रशासन की ओर से सब्जी मंडी को शिफ्ट कराकर फल एवं सब्जी की ठेलियां लगवाई गई। इसके बेहतर नतीजे भी देखने को मिले और बिना भीड़भाड़ के आराम से लोगों ने खरीदारी की।

प्रतिदिन की तरह ऋषिकेश की पहली मेयर अनिता ममगाई और नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल के दिशा निर्देशन में निगम की विभिन्न टीमों ने देहरादून रोड़, काली कमली, सपेरा बस्ती सहित कई क्षेत्रों में लोगों को भोजन वितरित किया। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम मेयर अनिता ममगाई ने शहरवासियों से अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा से ज्यादा कोशिश हो, घर से बाहर न ही निकले। यदि जरूरी सामान के लिए बाहर निकलते भी हैं तो मास्क और ग्लब्स का इस्तेमाल करें। साथ ही सेनिटाइजर या साबुन से हाथ को 20 सेकंड तक रगड़कर साफ करें।

उन्होंने बताया सोशल डिस्टेसिंग के परिपालन में नगर निगम परिसर एवं बस टर्मिनल कंपाउंड में सब्जी मंडी की व्यवस्था शनिवार से शुरू कर दी गई है। हरिद्वार रोड स्थित फुटकर सब्जी मंडी में भीड़ होने के कारण लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर पा रहे थे। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों में सब्जी मंडी को शिफ्ट करने का निर्णय लिया था ।यह व्यवस्था शनिवार से लागू कर दी गई। इन सभी को नगर निगम की ओर से पास जारी किए गए हैं। नगर निगम में 50 और बस अड्डे में 50 सब्जी एवं फल विक्रेताओं को बैठाया गया है। इसके अलावा मोहल्ले में फेरी लगाकर बिक्री की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जिलेवार जिम्मेदारी दी

कोरोना वायरस से निपटने, प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
शुक्रवार को मंत्रियों को तैनाती देते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, सुबोध उनियाल को टिहरी व उत्तरकाशी, डा. हरक सिंह रावत को पौड़ी, अरविन्द पाण्डेय को चम्पावत व पिथौरागढ़, यशपाल आर्य को अल्मोड़ा व नैनीताल एवं मदन कौशिक को देहरादून व उधमसिंह नगर, राज्यमंत्री डा. धनसिंह रावत को रुद्रप्रयाग व चमोली एवं रेखा आर्या को बागेश्वर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।