मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति, इस मसय डयूटी दे रहे कार्मिकों का होगा बीमा

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव कार्यों में फ्रंटलाईन में कार्यरत 68457 कार्मिकों को 4-4 लाख का बीमा लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसकी स्वीकृति दी है। 1 वर्ष की अवधि के लिए इस पर 17.02 करोङ रूपए का व्यय आएगा। इसका वहन मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों का बीमा केन्द्र सरकार के स्तर से किया जा चुका है। राज्य सरकार के स्तर पर बीमा लाभान्वितों में 22523 पुलिस कार्मिक, 7988 सफाईकर्मी, 14595 आंगनबाङी कार्यकत्रि, 14376 आंगनबाङी सहायिका, 4924 मिनी आंगनबाङी सहायिका, 464 सुपरवाईजर, 78 सीडीपीओ, 9 डीपीओ, जीएमवीएन व केएमवीएन के 3000 कार्मिक, एसईओसी/डीईओसी के 500 कार्मिक शामिल हैं। मीडिया कर्मियों के लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है।

31 मार्च को अपने घर जाने की व्यवस्था वाला आदेश राज्य सरकार ने किया निरस्त

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि 31 मार्च, मंगलवार को लाॅकडाउन के कारण फंसे लोगों को राज्य के भीतर अपने घर जाने की जो व्यवस्था की गई थी, उसे निरस्त कर दिया गया है। रविवार को गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों में एक जिले से दूसरे जिले में मूवमेंट को भी रोके जाने को कहा गया है। हमें देश को कोरोना से मुक्त करने के लिए और सख्ती से लॉकडाऊन को लागू करना है। इससे कुछ कष्ट हो सकता है, परंतु यह हम सभी के हित में है।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने जिलाधिकारियों को गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों की अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने असहाय लोगों की मदद को की एंबुलेंस बुक, भेजा घर

देहरादून पुलिस ने समाजसेवियों की सहायता से एंबुलेंस बुक कराकर एम्स अस्पताल में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस से पीड़ित को पीलीभीत उत्तर प्रदेश स्थित घर भेजा। वहीं, दूसरी एंबुलेंस से कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को पौड़ी जनपद स्थित घर भेजा है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि एम्स अस्पताल ऋषिकेश में पेनक्रियाज के फेल होने व पैरालाइसिस पीड़ित 65 वर्षीय बशीर अहमद पुत्र अब्दुल्ला निवासी माधवपुर थाना अमरिया तहसील उमरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश को 28 मार्च 2020 को भर्ती कराया गया था। लॉकडाउन के चलते वह वापस नहीं जा पा रहे थे। इस पर स्थानीय लोगों की मदद से पीलीभीत के लिए एंबुलेंस बुक करवाकर भेजा गया है।
वहीं, कैंसर रोग से पीड़ित 36 वर्षीय योगम्बर सिंह पुत्र चतर सिंह निवासी ग्राम देवरी जिला पौड़ी गढ़वाल का इलाज चल रहा था। उन्हे ं18 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोतवाल ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और इलाज के दौरान इसका एक पैर काटा गया है। उनके साथ पत्नी और तीन साल की बेटी भी है। लॉकडाउन के चलते उन्हें गांव जाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में पुलिस ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस पर स्थानीय समाजसेवियों की मदद से उक्त व्यक्ति को रविवार का ेआवश्यकतानुसार राशन और एंबुलेंस से घर भेजा गया।

लॉकडाउन में शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर निगम सचेत

लॉकडाउन के दौरान नगर निगम प्रशासन शहरवासियों के स्वास्थ्य को लेकर सचेत है। नगर निगम क्षेत्र को सेनेटाइजर करने के साथ शनिवार से सोशल डिस्टेसिंग के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीटीसी परिसर और निगम प्रांगण में प्रशासन की ओर से सब्जी मंडी को शिफ्ट कराकर फल एवं सब्जी की ठेलियां लगवाई गई। इसके बेहतर नतीजे भी देखने को मिले और बिना भीड़भाड़ के आराम से लोगों ने खरीदारी की।

प्रतिदिन की तरह ऋषिकेश की पहली मेयर अनिता ममगाई और नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल के दिशा निर्देशन में निगम की विभिन्न टीमों ने देहरादून रोड़, काली कमली, सपेरा बस्ती सहित कई क्षेत्रों में लोगों को भोजन वितरित किया। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर निगम मेयर अनिता ममगाई ने शहरवासियों से अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा से ज्यादा कोशिश हो, घर से बाहर न ही निकले। यदि जरूरी सामान के लिए बाहर निकलते भी हैं तो मास्क और ग्लब्स का इस्तेमाल करें। साथ ही सेनिटाइजर या साबुन से हाथ को 20 सेकंड तक रगड़कर साफ करें।

उन्होंने बताया सोशल डिस्टेसिंग के परिपालन में नगर निगम परिसर एवं बस टर्मिनल कंपाउंड में सब्जी मंडी की व्यवस्था शनिवार से शुरू कर दी गई है। हरिद्वार रोड स्थित फुटकर सब्जी मंडी में भीड़ होने के कारण लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर पा रहे थे। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों में सब्जी मंडी को शिफ्ट करने का निर्णय लिया था ।यह व्यवस्था शनिवार से लागू कर दी गई। इन सभी को नगर निगम की ओर से पास जारी किए गए हैं। नगर निगम में 50 और बस अड्डे में 50 सब्जी एवं फल विक्रेताओं को बैठाया गया है। इसके अलावा मोहल्ले में फेरी लगाकर बिक्री की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जिलेवार जिम्मेदारी दी

कोरोना वायरस से निपटने, प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य के मंत्रीगणों एवं राज्यमंत्रियों को उत्तराखण्ड के जनपदों का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
शुक्रवार को मंत्रियों को तैनाती देते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, सुबोध उनियाल को टिहरी व उत्तरकाशी, डा. हरक सिंह रावत को पौड़ी, अरविन्द पाण्डेय को चम्पावत व पिथौरागढ़, यशपाल आर्य को अल्मोड़ा व नैनीताल एवं मदन कौशिक को देहरादून व उधमसिंह नगर, राज्यमंत्री डा. धनसिंह रावत को रुद्रप्रयाग व चमोली एवं रेखा आर्या को बागेश्वर का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण पहले स्टेज में, सावधानी बरतने की जरुरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देर सांय वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की अद्यतन स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गेहूँ की आटा मिलें चलती रहें, ये सुनिश्चित कर लिया जाए। पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाईन कराया जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों जिनकी रिपोर्ट लम्बित है, को सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाईन किया जाए। इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। जिलाधिकारी इनको क्रास चेक करा लें। जिलों में होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करें। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है। कोई छोटी से छोटी कोताही भी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून व हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते हैं, इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी 5 एकङ भूमि चयनित कर लें। जिन भी सीएमओ व अन्य अधिकारियों के नम्बर सार्वजनिक कर रहे हैं उन्हें सहायक भी दे दे। छोटी आटा चक्कियो को चलने दे। थोक सप्लाई को न रोके। दुकानों पर रेट लिस्ट अवश्य लगें। फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फेक्ट्री चलती रहें। कल मार्केट आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कम समय होने पर भीङ एक साथ आ जाती है। फल सब्जी, दूध दिनभर उपलब्ध होगी। सब्जियों की ठेलिया चल सकती हैं। चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे। दोपहिया वाहन सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे परंतु इनपर एक ही व्यक्ति बैठेगा।
बैठक में सचिव नितेश झा ने बताया कि अभी उत्तराखंड कोरोना के फेज एक में ही है। यहां पाए गए पाजिटिव केस बाहर से आए हुए हैं। स्थानीय संक्रमण नहीं हुआ है। सोशल डिस्टेंसिंग रखने में सफल रहे तो राज्य में कोरोना मामलों को रोकने में अवश्य कामयाब रहेंगे। आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी। जिला चिकित्सालयों में कोरोना स्पेसिफिक अस्पताल स्थापित कर रहे हैं। आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
सचिव सुशील कुमार ने बताया कि खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी अन्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

समझें क्यों कहा मोदी ने कोताही बरती गई तो देश को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 के प्रकोप से देश को बचाने के लिए देशवासियों से निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार हो जाने का आह्वान किया है। देश के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज रात बारह बजे से पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से जनता कर्फ्यू की ही तरह होगा, लेकिन इसमें पूरी सख्ती बरती जाएगी। मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव का एकमात्र तरीका सोशल डिस्टेंसिंग यानी एक-दूसरे से मिलते समय करीब एक मीटर की दूरी बनाए रखना है और इस नियम का पालन करना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर इसमें कोताही बरती गई तो देश को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
प्रधानमंत्री ने एहतियात को ही बचाव का सबसे अच्छा उपाय बताते हुए लोगों से कहा कि वे इक्कीस दिनों की परीक्षा की इस घडी में घरों से बाहर न निकलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना का मतलब है कोई भी रोड पर न निकले और इस नियम का पालन हम सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम इक्कीस दिन तक संयम नहीं बरत पाए तो हम इक्कीस साल पीछे धकेल दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस आग की तरह से तेजी से फैलने वाली बीमारी है। दुनिया के अनेक देशों के अनुभव का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बेहतरीन चिकित्सा सुविधाओं वाले देशों को भी कोरोना से निपटने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमें उनके अनुभवों से फायदा उठाते हुए अपनी पूरी तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने जिस तरह से इस बीमारी पर काबू पाया है वह हमारे लिए एक मिसाल होगी। हमें कोविड-19 के फैलाव की श्रृंखला को तोड़कर इस बीमारी से निपटना होगा।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों का आह्वान किया कि जान है तो जहान है इसलिए हमें पूरी तैयारी करनी होगी और सोशल डिस्टेन्सिंग के नियम का कडाई से पालन करना होगा। उन्घ्होंने बीमारी से निपटने में चिकित्साकर्मियों, पुलिस कर्मियों और आवश्यक सेवाओं से जुडे अन्य कर्मियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को दूर करने का हरसंभव प्रयास करेगी।

अमेरिका से लौटी महिला की संदिग्ध मौत, प्रशासन ने सैपल लिए

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच छह मार्च को अमेरिका से उत्तराखंड लौटी एक महिला की खांसी और गले में खरास की शिकायत के बाद मौत होने की खबर मिली है। कोरोना से मौत की आशंका में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला के शव से सैंपल लेकर जांच को भेज दिया है। साथ ही महिला के परिजनों और किरायेदारों को क्वारंटीन कर दिया गया है। आसपास के इलाके को सेनिटाइज कर स्वास्थ्य विभाग पूरा एहतियात बरत रहा है।
बतातें चले कि शिवालिकनगर निवासी दंपती छह मार्च को अमेरिका से लौटे थे। बताया जाता है कि 56 वर्षीय महिला चार पांच दिन तक तो ठीक रही, लेकिन इसके बाद गले में खरास, जुकाम आदि की शिकायत होने लगी। 13 मार्च को भेल के अस्पताल में डॉक्टरों से दवा ली थी। चार दिन से महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। रविवार सुबह महिला के पति उन्हें दिखाने के लिए भेल अस्पताल लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। विदेश से लौटकर महिला की मौत की सूचना आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। शिवालिकनगर पालिका के चेयरमैन राजीव शर्मा ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी सी रविशंकर के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी टीम के साथ पहुंचीं।
विशेषज्ञों ने मृतक महिला के शव से सैंपल लिया। इसके अलावा पूर्व में हुई जांचों की रिपोर्ट भी देखी। सीएमओ ने बताया कि महिला को शुगर था और किडनी की भी समस्या थी। सीएमओ ने बिना पोस्टमार्टम कराए महिला के शव का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति दी। सीएमओ का कहना है कि सैंपल हल्द्वानी भेजा जा रहा है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद कुछ स्पष्ट हो पायेगा।

जनता कर्फ्यू में सहयोग जरूरी, महापौर ने नगरवासियों को दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में सुझाए गए कोरोना से बचाव के उपाय के बाद ‘जनता-क‌र्फ्यू’ को सफल बनाने के तहत नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने भी शहरवासियों से अपील की है। नगर निगम महापौर ने कहा कि कोरोना वायरस ने विश्वभर में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने भी देशवासियो से कोरोना वायरस को लेकर एकजुटता दिखाते हुए सरकार का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने इस महामारी से बचने के लिए अधिक समय घरों में ही बिताने के लिए कहा है। बाजार आदि भीड़ वाले इलाकों से बचने के लिए लोगों से अपील की है। महापौर ने इस महामारी से बचने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के पालन को बेहद जरूरी बताया। साथ ही उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देते हुए बचाव के साधन प्रयोग करने की सलाह भी दी। महापौर ममगाई ने कहा कि कोरोना को लेकर लोगों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण है कि हम भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करें। घबरायें नहीं और फर्जी खबरों के जाल में न फंसे। उन्होंने नगरवासियो से कर्फ्यू के बारे में अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील भी की।

अपनों की सुरक्षा के लिए जनता कफ्र्यू में सहयोग देः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 22 मार्च को सुबह 7 बजे से सांय 9 बजे तक जनता कफ्र्यू में सहयोग देने के लिए आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए यह बहुत जरूरी है। हम अपने परिचितों से भी इसमें सहयोग के लिए आग्रह करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए हम सभी प्रधानमंत्री के साथ हैं। प्रधानमंत्री के सभी दिशा निर्देशों का हम सभी अक्षरक्षः पालन करेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से देश को कोरोना से मुक्त करने में जरूर कामयाब होंगे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने जो सावधानियां बरतीं और समय से तैयारियां कीं, उसका परिणाम है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में कोरोना नियंत्रित अवस्था में है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना वायरस हमारे लिए एक नई चुनौती लेकर आया है। इस चुनौति से निपटने लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। हमारी स्वास्थ्य सेवाएं इससे लड़ने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। आज हमें इससे घबराने की नहीं बल्कि थोड़ी सी सावधानी की जरूरत है। हम कुछ साधारण बातों का ध्यान रखकर इसे फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। हमने प्रदेश में इसके प्रभाव को रोकने के लिए बहुत से कदम उठाए हैं। कोरोना से निपटने के लिए हम पूरी तरह से सक्षम भी हैं और तैयार भी हैं। हमने अपने स्तर पर सारी तैयारी कर रखी है। बिजली, पानी, हेल्थ, सेनिटेशन, परिवहन जैसी आवश्यक सुविधाएं पहले की ही तरह उपलब्ध हैं। खाद्यान्न, तेल सब्जियाँ, फल, पेट्रोल, डीजल आदि रोजमर्रा की जरूरतों की सप्लाई में भी किसी तरह की कमी नहीं है। आगे भी सभी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील की है कि ‘‘हमारे लिए आप सभी का सहयोग बहुत जरूरी है। हमें आपका केवल इतना सहयोग चाहिए कि घबराएं नहीं, केवल सावधान और सतर्क रहें। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। कुछ समय के लिए भीड़भाड़ से बचें और सोशल डिस्टेंस बनाए रखें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी प्रामाणिक सूचनाओं पर विश्वास रखें। ’’