फ्रंट लाइन वॉरियर्स पर भारतीय सेना ने हेलीकॉप्टर से बरसाए फूल

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में रविवार को भारतीय सेना ने संस्थान के कोरोना फ्रंट लाइन वॉरियर्स को सम्मानित किया। इसी दौरान कोरोना वायरस कोविड19 संक्रमित मरीजों की चिकित्सकीय सेवा से जुड़े चिकित्सकों,नर्सिंग ऑफिसर्स व अन्य सहकर्मियों के सम्मान में आसमान से सेना के हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई।

रविवार को एम्स ऋषिकेश में भारतीय सेना की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कोविड19 से ग्रसित मरीजों की चिकित्सा सेवा में दिन- रात जुटे कोरोना फ्रंट लाइन वॉरियर्स के सम्मान स्वरूप हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए। निदेशक प्रो. रविकांत कहा कि संस्थान कोविड19 की जंग के लिए पूरी तरह से राज्य सरकार के साथ है।संस्थान इससे ग्रसित मरीजों को तत्परता के साथ चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान करता रहेगा। इस अवसर पर सेना के रायवाला कैंट के कमांडर ब्रिगेडियर आकाश बजाज ने एम्स निदेशक को भारतीय सेना की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, वरिष्ठ सर्जन व आईबीसीसी प्रमुख प्रो. बीना रवि, डीन अस्पताल प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा आदि को सम्मानित किया।

जानिए, इसबार के लॉकडाउन में क्या मिली छूट और क्या रहेंगे प्रतिबंध

कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को एक बार और बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया है चार मई को खुलने वाले लॉकडाउन को अब दो सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह लॉकडाउन 17 मई तक जारी रहेगा। गृह मंत्रालय ने यह आदेश आपदा नियंत्रण कानून, 2005 के तहत लिया है। 
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि ग्रीन और ऑरेंज जोन में कुछ राहतें दी जाएंगी। वहीं, रेड जोन में कोई छूट नहीं दी जाएगी। रेड जोन और कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहरी इलाकों में देश भर में प्रतिबंधित गतिविधियों के अलावा कुछ अतिरिक्त गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इनमें साइकिल रिक्शा और ऑटो रिक्शॉ, टैक्सी, ऑनलाइन कैब सेवा, जिले के अंदर और जिलों के बीच बसें, नाई की दुकान, स्पा और सलून आदि सेवाएं शामिल हैं। 
मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के साथ ही नए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके अनुसार ऑरेंज जोन में जिले के अंदर-अंदर लोगों और वाहनों को और लोगों को अनुमति प्राप्त गतिविधियों के लिए यात्रा करने की अनुमति होगी। चार पहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा दो लोगों को बैठने की अनुमति होगी। 
ग्रीन जोन में देशभर में जारी कुछ प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर बाकी सभी गतिविधियों को अनुमति दी गई है। जिले के अंदर बसों के संचालन और बस डिपो के संचालन को अनुमति दी गई है। हालांकि बसों में 50 फीसदी यात्रियों को बैठाने का निर्देश दिया गया है। 

इन गतिविधियों पर पूरे देश में जारी रहेगा प्रतिबंध
इस दौरान हवाई यात्रा, रेल यात्रा, मेट्रो, सड़क से अंतरराज्यीय परिवहन, स्कूल, कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान, ट्रेनिंग/कोचिंग संस्थान, होटल और रेस्टोरेंट आदि भीड़ जमा करने वाली गतिविधियों जैसे सामाजिक, राजनीति, सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रम, धार्मिक स्थान आदि की सेवाएं पूरे देश में प्रतिबंधित रहेंगी। हालांकि, मंत्रालय द्वारा चयनित कार्यों के लिए वायु, सड़क व रेल मार्ग द्वारा लोगों की यात्रा को अनुमति रहेगी। 
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। करीब ढाई घंटे चली बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सीडीएस बिपिन रावत, रेल मंत्री पीयूष गोयल आदि मंत्री समेत कई अधिकारी मौजूद रहे थे।

तीसरे चरण में क्या छूट मिलेगी?
-रेड जोन में किसी तरह की कोई गतिविधि नहीं
-ग्रीन जोन में आधी आबादी के साथ बसें चल सकती हैं
-रेड जोन में जरूरी सामान की ऑनलाइन डिलीवरी होगी
-मनरेगा के काम को मंजूरी
-ग्रीन जोन में शराब और पान की दुकानें खुल सकेंगी
-इन दुकानों में दो गज की दूरी रहेगी, एक बार पांच लोग से ज्यादा नहीं
-ऑरेंज जोन में जिलों के भीतर जरूरी काम के लिए वाहन चलाने की अनुमति
-ऑरेंज जोन में टैक्सी में ड्राइवर के अलावा दो लोगों के बैठने को मंजूरी
-शहरी इलाकों में उद्योंगों के खोलने की सशर्त अनुमति
-जरूरी सामान की मैन्यूफैक्चरिंग की इजाजत
-नवीकरणीय ऊर्जा के निर्माण की अनुमति
-रेड जोन में 33 फीसद लोगों के साथ निजी दफ्तर खोल सकते हैं
-ग्रामीण इलाकों के रेड जोन में निर्माण कार्य को मंजूरी
-ग्रामीण इलाकों में भी सभी दुकानों को खोलने की अनुमति
-कृषि संबंधी कामों के लिए मिली अनुमति
-स्वास्थ्य सुविधाएं चालू रहेंगी
-सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ओपीडी सेवा चालू
-बैंक, एनबीएफसी, इंश्योरेंस कंपनी को खुलने की इजाजत
-पोस्ट की सुविधा उपलब्ध रहेगी
-रेड जोन में ज्यादातर निजी संस्थान को खुलने की अनुमति

तीसरे चरण में क्या रहेगा बंद?
-हर जोन में स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे
-हर जोन में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक गैर जरूरी काम के लिए आने जाने पर रोक
-हवाई, सड़क, ट्रेन और मेट्रो सफर पर रोक
-साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा पर रोक
-टैक्सी और कैब भी नहीं चलेगी
-सैलून, नाई की दुकान, स्पा बंद रहेंगेघ्
-होटल और रेस्टोरेंट्स बंद रहेंगे
-सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स क्लब बंद रहेंगे
-सभी धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम बंद रहेंगे
-65 उम्र से ज्यादा वाले और 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों को घर में रहने की हिदायत
-जोन में बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों के पास सख्ती करने का अधिकार 

आयुष मंत्रालय ने इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक को प्रमाणिक माना, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी

सारंडा वन प्रमण्डल ने आयुष मंत्रालय की गाइड लाइन पर आधारित इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक तैयार किया है। आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज चाईबासा के पूर्व प्राचार्य डॉ मधुसूदन मिश्रा की देखरेख में इस काम को किया जा रहा है। मिश्रा का मानना है कि वायरल संक्रमण का इलाज संभव तो नहीं लेकिन उसके लिए शरीर में एंटीजेन तैयार कर हम उसे मात दे सकते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से ही संभव होता है।
साल के वृक्षों के लिए मशहूर एशिया प्रसिद्ध सारंडा का वन क्षेत्र औषधीय पौधों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहीं से प्राप्त जड़ी बूटियों और अन्य वन उपजों को इकट्ठा कर स्थानीय वन समिति के जरिए इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक का वृहद पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है। सारंडा के डीएफओ रजनीश कुमार ने बताया कि इसे जिले के पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें दिया जाएगा।
पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अरवा राजकमल ने इस ड्रिंक को उपयोगी बताते हुए कहा कि इसके उत्पादन से वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की आमदनी को बढ़ाने में मदद तो मिलेगी ही, कोरोना के फ्रंटलाइनर योद्धाओं के लिए भी यह ड्रिंक सहायक साबित होगी। कोरोना संक्रमण काल में जब तक इसका कोई इलाज नहीं मिल जाता तब तक रोग प्रतिरोधक झमता बढ़ाना भी एक कारगर उपाय माना जा रहा है।
कोरोना संकट ने हमारे समक्ष जहाँ स्वास्थ्य चुनौती पेश की है वही यह हमें जीने की नई राह भी दिखा रहा। बड़े तो बड़े बच्चे तक इस संक्रमण काल में अब नवाचारों की ओर बढ़ रहे है। गुमला के एक बच्चे ने करेंसी सैनिटाइजर मशीन का निर्माण किया है जिसको बनाने में महज 1500 रूपए का खर्च आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनौती को अवसर में बदलने पर हमेशा जोर दिया करतें हैं। कोरोना काल में संक्रमण का खतरा मंडराया तो गुमला के अर्जित आर्य ने सोचा की करेंसी नोट भी संक्रमण का वाहक बन सकता है। इस खतरे को भांपते हुए उन्होंने मात्र 1500 रूपए खर्च कर मुख्यतः जुगाड़ तकनीक से एक मोटर और दो रोलर समेत कुछ अन्य चीजों के सहयोग से करेंसी सैनिटाइजर मशीन बना डाला है।
जिले के उपायुक्त शशि रंजन ने गुमला के इस होनहार बालक के इस इनोवेशन की जमकर तारीफ की है। उपायुक्त ने कहा कि इसमें और अधिक सुधार करके बैंकों को उपलब्ध कराए जाने पर विचार किया जा रहा है। जनजातीय बहुल गुमला में नवाचार की बात यही नहीं रूकती। गुमलावासियों ने काफी सुरक्षित फेस कवर का भी निर्माण किया है।
जिसमें फेस कवर आई विजन के साथ सिर को ढकने की भी व्यवस्था है। इस फेस कवर को बनाने में महज 40 रुपए की लागत आती है। कोरोना काल निश्चित रूप से परेशान करने वाला है लेकिन आने वाले समय में इसके द्वारा दिया गया सबक मानव जाति के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

एम्स में भर्ती महिला की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में भर्ती हल्द्वानी, नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की शुक्रवार तड़के ब्रेन हैमरेज के कारण मौत हो गई। हालांकि पांच दिन पहले कराई गई कोरोना वायसर जांच में महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। मगर एम्स प्रशासन ने ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से गंभीर रूप ग्रसित महिला की मौत की वजह ब्रेन ब्लीड बताई है। इस दौरान महिला की मौत के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
महिला की मौत को कोरोना की वजह से प्रदेश में पहली मौत की तरह प्रसारित किया जाने लगा। आखिरकार एम्स प्रशासन ने सामने आकर महिला की मौत का कारण स्पष्ट किया। शुक्रवार को यहां जारी मेडिकल बुलेटिन में एम्स प्रशासन ने हल्द्वानी, नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की मौत की पुष्टि की है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि बीते माह 22 अप्रैल को ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी से ग्रसित इस महिला को एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। महिला की 27 अप्रैल को कोरोना वायरस की जांच भी की गई थी, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई। उन्होंने बताया कि उक्त महिला की शुक्रवार सुबह मृत्यु हो गई है। निदेशक एम्स ने महिला की मौत की वजह ब्रेन ब्लिड की समस्या से होना बताया है। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप की वजह से इस महिला के ब्रेन के ऐसे हिस्से में जहां पर शरीर का सारा सिस्टम कंट्रोल होता है, वहां पर स्ट्रोक की वजह से ब्रेन ब्लिड की समस्या थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि हालांकि महिला कोरोना पॉजिटिव थी, मगर उसे सबसे बड़ी समस्या अत्यधिक ब्लड प्रेशर के कारण ब्लिडिंग थी, साथ ही महिला को निमोनिया व यूरिन इंफेक्शन भी था, गंभीर बीमारियों और अधिक उम्र की वजह से शुक्रवार को उसकी मृत्यु हो गई।

एम्स से पहले नैनीताल और फिर बरेली में भर्ती रही थी महिला
एम्स ऋषिकेश के संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि नैनीताल निवासी 56 वर्षीया महिला बीती 22 अप्रैल को एम्स में भर्ती हुई थी। जिसे ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत थी। यह महिला नैनीताल में पहले बृजलाल अस्पताल फिर स्वामी विवेकानंद अस्पताल में भर्ती थी, जहां इसका स्ट्रोक का उपचार चल रहा था। वहां से महिला श्रीराम मूर्ति हॉस्पिटल बरेली रेफर किया गया था। श्रीराममूर्ति अस्पताल से महिला 22 को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया था।
उन्होंने बताया कि उक्त दोनों अस्पतालों से प्राप्त रिपोर्ट में महिला रोगी का कोरोना का टेस्ट भी हुआ था, लेकिन वहा महिला की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। एम्स में भर्ती इस महिला को 27 अप्रैल को फीवर आया था, जिसके कारण इसका संस्थान में कोरोना का टेस्ट किया गया। जिसकी रिपोर्ट बीते मंगलवार पॉजिटिव आई थी।

प्राइमरी कांट्रेक्ट में आए सभी लोगों होंगे क्वारंटीन
एम्स में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिला के प्राइमरी कांटेक्ट में आए लोगों की जांच चल रही है। स्वामी विवेकानंद अस्पताल नैनीताल व श्रीराममूर्ति अस्पताल बरेली में इस महिला के संपर्क में करीब 50 लोग आए थे। बताया कि इस बाबत महिला जिन अस्पतालों में भर्ती रही है, वहां भी इसकी जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि संस्थान में इस महिला के प्राइमरी व सेकेंड्री कांटेक्ट में आए करीब 70 से 80 स्टाफ को क्वारंटीन किया गया है।

अन्य बीमारियों का भी किया जा रहा इलाज
एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि एम्स संस्थान लगातार सभी तरह के गंभीर रोगियों के इलाज में जुटा हुआ है। चाहे मरीज कोरोना पॉजिटिव, कोरोना निगेटिव अथवा किसी भी अन्य तरह की बीमारी से ग्रसित हो। उन्होंने बताया कि संस्थान में सभी तरह के सुरक्षात्मक उपाय बरते जा रहे हैं। ऐसा नही है कि एम्स में कोरोना पॉजिटिव केस आ गए हैं तो अन्य बीमारियों का इलाज बंद कर दिया गया हो।

14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किये गये पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके परिवार के सदस्य

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नई दिल्ली से लौटे उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात और उनके परिवार को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया है। कल शाम को ही पूर्व कैबिनेट मंत्री परिवार समेत नई दिल्ली से लौटे हैं। विभाग ने सभी के स्वास्थ्य की जांच भी की है। बीते बृहस्पतिवार सुबह ही नवप्रभात अपनी पत्नी रुपा शर्मा समेत अपनी नातिनों को लेने के लिए दिल्ली गए थे।
उनकी बेटी बानी शर्मा और दामाद राहुल चैधरी नई दिल्ली स्थित आरके पुरम में रहते हैं। उनके दामाद नई दिल्ली में आईपीएस अधिकारी हैं। बृहस्पतिवार की शाम को ही वह अपनी नातिनों को लेकर वापस विकासनगर लौट आए। घर लौटने के बाद उन्होंने सरकारी की गाइडलाइन के अनुसार इसकी जानकारी विकासनगर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर पहुंचकर सभी की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया। उन्होंने 14 दिन घर में ही रहने संबंधित एक शपथ पत्र विकासनगर कोतवाली में भी दिया है। अपर स्वास्थ्य निदेशक उप जिला अस्पताल विकासनगर डॉ. केके शर्मा ने बताया कि पूरा परिवार स्वस्थ मिला है। ट्रैवल हिस्ट्री को देखते हुए पूर्व मंत्री को परिवार समेत होम क्वारंटीन किया गया है। इस दौरान डॉक्टरों की टीम लगातार उनके और उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करती रहेगी।

नवप्रभात के बयान की मुन्ना ने की निंदा
क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चैहान ने पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के दिल्ली में फंसे छात्रों को लेने के लिए बस भेजने संबंधित बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया है। विधायक ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री के बयान से दिल्ली में फंसे छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा होगी। उनके बीच अफरातफरी भी मच सकती है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व कैबिनेट मंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन महज राजनीतिक बढ़त के लिए इस तरह के बयान देना उनके गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने दिलाया भरोसा, आपके द्वारा दिये गये दान से जरुरतमंद को हो रही मदद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम, बचाव व राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में अब तक प्राप्त धनराशि के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों पर व्यय हुई धनराशि की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में पूरे विश्व के साथ ही देश एवं प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के कारण आम जनमानस के स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुरक्षा के लिये गम्भीर चुनौतियां पेश हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकट के समय देश एवं प्रदेश की जनता द्वारा उदारतापूर्वक मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दिया जा रहा है जिसमें देश एवं प्रदेश के प्रत्येक वर्ग जिसमें सफाई कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, कर्मचारियों, अधिकारियों, महानुभावों, विभिन्न संगठनों, स्वंयसेवी संस्थाओं, विभिन्न निगमों, शैक्षणिक संस्थाओं, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं आम जनमानस आदि से अभी तक लगभग 55 करोड दान के रूप में प्राप्त हुये हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी दान-दाताओं का हार्दिक आभार प्रकट करते हुये धन्यवाद भी ज्ञापित किया है।
मुख्यमत्री ने कहा कि राज्य स्तर पर इस आपदा कि स्थिति से निपटने हेतु जिन कार्यों में भारत सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं किसी अन्य मद से वित्तीय स्वीकृति दिया जाना संभव नहीं था उनमें मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि आवंटित की जा रही है। मुख्यमंत्री राहतकोष से मुख्यतः बेसहारा, निर्धन, असंगठित क्षेत्र के मजदूरो और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं, पर्यटकों आदि की भोजन व्यवस्था हेतु जिलाधिकारियों को 30 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व सुदृढीकरण हेतु 10 करोड रूपये चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को, 10 करोड चिकित्सा शिक्षा विभाग को, कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत चिन्हित किये गये गढवाल एवं कुमॉंऊ मण्डल के पर्यटक गृहो में कोरनटाईन सुविधायें विकसित किये जाने हेतु 1.00 करोड़ पर्यटन विभाग को, लाकडाउन में राज्य के विभिन्न स्थानों मे फॅंसे पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों को उनके गन्तव्य तक पहुचाने के दृष्टिगत 1 करोड परिवहन निगम को एवं नई दिल्ली मे फॅसे उत्तराखण्ड के जरूरतमंदो की भोजन व ठहरने आदि की व्यवस्था हेतु 50 लाख अपर स्थानिक आयुक्त को आवंटित किये गये हैं। साथ ही कोविड-19 के संक्रमण, बचाव व राहत कार्यों में तैनात कोरोना वारियर्स के जीवन को यदि दुर्भाग्यवश क्षति होती है तो उनके आश्रितों को सम्मान निधि के रूप में 10 लाख दिये जाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री का मानना है कि किसी भी आपदा की स्थिति का बेहतर ढंग से सामना करने हेतु सार्वजनिक भागीदारी सबसे प्रभावी तरीका है जिसमें हम सब मिलकर COVID-19 को हराने में समर्थ होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा अवगत कराया कि मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड के पक्ष मे बैंक ड्राफ्ट/चैक के साथ ही भारतीय स्टेट बैंक, सचिवालय शाखा मे संचालित खाता संख्या-30395954328 IFSC Code-SBIN0010164 मे UPI ID: cmukrf@sbi, Debit Cards and Credit Cards, Internet Banking, Internet Banking, UPI (BHIM, PhonePe, Amazon Pay, Google Pay, PayTM, etc के साथ ही सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड की Website-www.cmrf.uk.gov.in के माध्यम से धनराशि दान की जा सकती है।
सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा ने बताया कि कतिपय उद्योग, कम्पनियां, व्यवसायिक प्रतिष्ठान CSR के तहत भी COVID-19 के दृष्टिगत राज्य को वित्तीय सहायता देने के इच्छुक हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित संस्थानों से अपेक्षा की है कि वह उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster Management Authority) के पक्ष मे भारतीय स्टेट बैंक, सचिवालय शाखा में संचालित खाता संख्या-39282041468 IFSC Code-SBIN0010164 मे अपना योगदान कर सकते हैं।

मिलेगी जीतः देश में डबलिंग रेट के साथ रिकवरी रेट में भी सुधार

गुरुवार को कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में हिन्दुस्तान को अच्छी खबरें मिली हैं। एक तरफ कोरोना के डबलिंग रेट में सुधार हो रहा है। वहीं, मरीजों की संख्या की तुलना में ठीक होने वालों का अनुपात भी सुधर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में डबलिंग रेट के साथ रिकवरी रेट में भी सुधार हुआ है।
आपको बता दें कि देश में कोरोना वायरस केसों का डबलिंग रेट अब बढ़कर 11 दिन हो गया है, जोकि लॉकडाउन से पहले महज 3.4 दिन था। कई राज्यों ने राष्ट्रीय स्तर से भी अच्छा प्रदर्शन किया है। चार राज्यों में तो केसों का डबलिंग रेट 40 दिन से भी अधिक है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश जम्मू-कश्मीर, ओडिसा, राजस्थान, तमिलनाडु और पंजाब में डबलिंग रेट 11 से 20 दिन का है तो कर्नाटक, लद्दाख, हरियाणा, उत्तराखंड और केरल में कोरोना संक्रमण के केस 20 से 40 दिन में दोगुने हो रहे हैं। असम, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश में कोरोना केस डबल होने में 40 दिन से अधिक का समय लग रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण केसों की संख्या बढ़कर 33050 हो गई है। 1074 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक 8325 लोग ठीक हो चुके हैं। 24 घंटे में 630 ठीक हुए हैं। इसके साथ ही देश में रिकवरी रेट सुधरकर 25.19 पर्सेंट हो चुका है, जोकि 14 दिन पहले 13.06 फीसदी था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोरोना वायरस की वजह से मृत्यु दर 3.2 पर्सेंट हैं। मृतकों में 78 फीसदी ऐसे लोग हैं जो दूसरी बीमारियों से भी ग्रस्त थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना मरीजों की मृत्य दर 3.20 पर्सेंट है। इनमें से 65 पर्सेंट पुरुष और 35 पर्सेंट महिलाएं हैं। उम्र के लिहाज से देखें तो मृतकों में 14 पर्सेंट 40 साल से कम के हैं। मृतकों में 34.8 पर्सेंट 40-60 उम्र के हैं तो 51.2 पर्सेंट की उम्र 60 साल से अधिक थी।

मुख्यमंत्री का प्रयास लाया रंग, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में कोविड-19 की जांच शुरु

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कोविड-19 पी.सी.आर टेस्टिंग लैब का ऑनलाईन लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्टिंग लैब से पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं टिहरी जनपद जनपदों के लोगों के सैंपल लेने में आसानी होगी। अल्मोड़ा एवं हरिद्वार में भी जल्द टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। अब प्रदेश में कोरोना के सैंपल लेने में और तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से श्रीनगर में सैंपल टेस्ट होने शुरू हो गए हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग होगी। अभी तक प्रदेश में 5602 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें 55 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, इनमें से 36 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना से अभी तक कोई मृत्यु नहीं हुई है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक मुकेश कोहली, स्वास्थ्य सचिव नितेश झा, निदेशक एन.एच.एम युगल किशोर पंत आदि उपस्थित थे।

नए मरीज मिलने से प्रशासन ने उनके इलाकों को किया सील

ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में गुरुवार को कोरोना संक्रमित दो मामले सामने आए हैं। संक्रमित मरीजों को सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक अमिता उप्रेती ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या अब 57 हो गई है। वहीं, आज से पौड़ी जिले में स्थित श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में गुरुवार से कोरोना सैंपल जांच लैब शुुरु हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लैब का उद्घाटन किया।
उधर, दून मेडिकल अस्पताल की एक महिला सफाई कर्मचारी को कोरोना होने की अफवाह उड़ाने पर सफाई कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने अस्पताल में सफाई ठप कर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन के पुलिस से बात कर पोस्टर हटवाने एवं ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए कहने पर कर्मचारी शांत हुए। इसके बाद कर्मचारी करीब दो घंटे के बाद काम पर लौट आए।
वहीं, ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में एक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद आज सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। नगर के मोहल्ला राजीवनगर को सील कर दिया है और पुलिस बल की तैनात कर दी गई है। गुरुवार सुबह एएसपी राजेश भट्ट, एसडीएम एपी वाजपेई, सीओ दीपशिखा अग्रवाल, कोतवाल एनबी भट्ट ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच जायजा लिया। नगर पालिका प्रशासन ने मोहल्ले को सैनिटाइज किया। ट्रक के परिचालक के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलते ही कृषि मंडी में काम करने वाले दुकानदार तथा पल्लेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
रुड़की के ग्राम नगला इमरती में एक महिला जो कि एम्स ऋषिकेश में भर्ती थी, उसके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इस गांव को क्लस्टर कनटेंमेंट जोन घोषित किया गया है। यहां सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा रहे है और आवाजाही पूर्ण रूप से बंद करने के आदेश दिये गये है।
वहीं, ऋषिकेश में कोरोना के चार मामले सामने आने के बाद बुधवार को एक और कॉलोनी शिवा एन्क्लेव को सील कर दिया है। एम्स में कोविड 19 वार्ड से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों और यहां भर्ती 256 मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस ने एम्स के डॉक्टरों और दूसरे स्टाफ की ठहराने के लिए करीब 10 होटलों और धर्मशालाओं का अधिग्रहण कर लिया है। 

एम्स ऋषिकेश में एक दिन में तीन मरीज कोरोना पॉजीटिव, अब तक चार

एम्स के जनसंपर्क अधिकार हरीश मोहन थपलियाल ने मंगलवार शाम को अपडेट देते हुए बताया कि एम्स में कोरोना वायरस के दो नए मरीज सामने आए है, जिनमें पुष्टि हुई हैं। मंगलवार को तीन केस हुए है। बताया कि अब तक कुल चार केस सामने आए है।

अपडेट्स
एम्स अस्पताल (गैर कोविड क्षेत्र) में मंगलवार शाम कोविड 19 के दो और सकारात्मक मामले सामने आए।

1 – 26 वर्षीय जनरल सर्जरी वार्ड में एक महिला स्टाफ नर्स है। जिसमें सोमवार को रोग के लक्षण पाए गए। जो दो दिन पूर्व तक ड्यूटी पर कार्यरत थी व एम्स के पास एक रूममेट के साथ रहती है।

 2- एक अन्य सकारात्मक मामला गैस्ट्रोलॉजी में उपचाराधीन व यूरोलॉजी वार्ड में भर्ती 56 वर्षीया महिला रोगी का तीमारदार है। संस्थान ने इन दोनों रोगियों के बाबत आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी है।