सीएम पोर्टल में शिकायत करने से डाॅक्टर नाराज, मरीज को कर दिया डिस्चार्ज

अल्मोड़ा जिला अस्पताल में भर्ती आयुष्मान कार्डधारक मरीज ने बाजार की दवाइयां लिखने पर सीएम पोर्टल पर शिकायत कर दी। जिसकी जांच शुरू होने पर मरीज का इलाज कर रहे वरिष्ठ फिजीशियन नाराज हो गए और सोमवार सुबह मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। जबकि सूत्रों के अनुसार, मरीज डिस्चार्ज की हालत में नही था।
मामला गर्माने के बाद अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सक को लिखित रूप से चेतावनी दी और भविष्य में सभी डॉक्टरों को बाहर की दवाएं नहीं लिखने के निर्देश दिए हैं। हवालबाग ब्लॉक के पाखुड़ा गांव निवासी रमेश सिंह (56) लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार है। बीती नौ मई को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉ. पीएस टाकुली रमेश का इलाज कर रहे थे।
मरीज के गुर्दे खराब होने के साथ ही उसे शुगर और सेफ्टीसीमिया आदि बीमारियां हैं। मरीज की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। मरीज की देखरेख में जुटे परिजनों के साथ ही हीरा ढुंगरी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड धारक होने के बावजूद डॉ. टाकुली बाजार की दवाएं लिख रहे थे।
रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल में डाॅक्टर की शिकायत कर दी। शिकायत दर्ज होने के बाद रविवार रात को ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ शुरू कर दी। इससे नाराज डॉक्टर ने अगली सुबह अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले गंभीर बीमार मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर बाहर बैठा दिया। मजबूरी में परिजन मरीज को घर ले गए जबकि उसकी हालत नाजुक बनी है। राजेंद्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि इस संबंध में दोबारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर मरीज को बाहर करने की भी शिकायत दर्ज करा दी है।
जिला अस्पताल अल्मोड़ा के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरसी पंत ने मीडिया को बताया कि जिला अस्पताल में नौ मई से भर्ती किए रमेश सिंह की हालत काफी गंभीर थी। उन्हें डिस्चार्ज करने की जानकारी मिलने के बाद डॉ. पीएस टाकुली से जानकारी ली गई है और भविष्य में रोगियों के लिए बाजार की दवाएं नहीं लिखने के भी निर्देश दिए गए हैं। यदि रमेश सिंह के परिजन जिला अस्पताल में रमेश का इलाज कराना चाहते हैं तो उसे इलाज दिया जाएगा। पूर्व में बाजार से खरीदी गई दवाओं का भुगतान भी दिलाया जाएगा। मामले में लिखित शिकायत मिलने पर जांच भी कराई जाएगी।

महाराष्ट्र के होटल में कार्यरत ऋषिकेश के युवक में कोरोना की पुष्टि

ऋषिकेश के आशुतोष नगर में कोरोना पॉजीटिव का नया मामला सामने आया है। कुछ दिन पूर्व ही महाराष्ट्र से ऋषिकेश पहुंचे युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। एम्स प्रशासन और अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने युवक में कोरोना पॉजीटिव की पुष्टि की है।

एम्स प्रशासन के अनुसार, युवक पिछले पांच से छह साल से महाराष्ट्र में एक होटल में करता था। होटल के कई लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह हाल ही में ऋषिकेश वापस लौट आया था। वह तभी से अपने घर में क्वारंटीन था।

शनिवार को वह एम्स में स्क्रीनिंग के लिए आया था। उस दौरान उसमें कुछ लक्षण पाए जाने पर युवक का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। युवक को कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।

जिलेवार कोरोना संक्रमण की स्थिति
जनपद          संक्रमित     ठीक हुए मरीज
देहरादून          45           28
हरिद्वार           07           07
नैनीताल          14           10
ऊधमसिंह नगर   18           05
उत्तरकाशी        01          –
अल्मोड़ा          02           01
पौड़ी             02           01

कोरोना नियंत्रण के लिए मास्क और सोशल दूरी का कड़ाई से हो पालन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाहरी राज्यों से उत्तराखण्डवासी काफी संख्या में आ रहे हैं, ये जिन जनपदों में आ रहे हैं, वहां पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए ताकि उत्तराखण्ड के बोर्डर ऐरिया पर स्क्रीनिंग का लोड कुछ कम हो सके। बाहर से आने वाले लोगों को जहां पर क्वारंटाइन किया जा रहा है, उसकी नियमित मोनिटरिंग की जाए। इसके लिए कर्मिकों की तैनाती की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन करवाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों के पास मास्क की उपलब्धता हो। मास्क का इस्तेमाल न करने वालों एवं सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर जुर्माने की कारवाई की जाए। बाहरी राज्यों के जो श्रमिक उत्तराखण्ड में हैं, अगर वो अपने राज्यों में वापस जाना चाहतें हैं, तो सम्बन्धित राज्यों से जो वाहन आ रहे हैं, उन्हें उन वाहनों में भेजने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाहरी राज्यों से जितने भी लोग आ रहे उनका पूरा डाटा रखा जाए कि ये कहां पर क्वारंटाइन किये गये हैं। यदि इनमें से कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो अन्य लोगों को भी ट्रेस किया जा सके। इसके लिए पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को अलर्ट के लिए एस.एम.एस भेजने की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कन्ट्रोल रूम एवं आईटी सेक्टर को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है एवं पूरा सहयोग दिया जा रहा है।

उत्तराखंड को पीपीई किट, एन-95 मास्क और वेंटिलेटर की जरूरतः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में हैं। राज्य में कोविड पर नियंत्रण हेतु डॉक्टरों को प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित किया गया है। 3 महीनों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा भी उपलब्ध है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से राज्य को और पीपीई किट, एन -95 मास्क एवं वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस भी बहुत अच्छा कार्य कर रही है। बाहर से आने वाले सभी लोगों को क्वारांटाइन किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में सर्वे टीम एक्टिव हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव की डबलिंग रेट को भी काफी नियंत्रित किया गया है। प्रदेश में डबलिंग रेट 45 दिन है। उत्तराखंड में पूरी टीम उत्साह एवं सतर्कता से कार्य कर रही है। राज्य में कोरोना के 68 पॉजिटिव केस थे जिसमें से 46 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ओवरऑल उत्तराखंड की स्थिति काफी अच्छी है। देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में और सतर्कता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को जल्द ही पीपीई किट ,वेंटिलेटर, एन 95 मास्क एवं अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने हरिद्वार की सीएमओ डॉ सरोज नैथानी से भी कोरोना के प्रभावी नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।

खुशखबरीः अटल आयुष्मान के तहत अब मिलेगा इन्हें असीमित मेडिकल सुविधा

उत्तराखंड में सेवारत राजकीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के 15 लाख गोल्डन कार्ड बनेंगे। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और उनके आश्रितों का डाटा तैयार किया है। सेवारत कर्मचारियों के कार्ड विभागीय डीडीओ (आहरण वितरण अधिकारी) और पेंशनरों के कार्ड कोषाधिकारी कार्यालय से बनेंगे।
राज्य सरकार ने प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को अटल आयुष्मान योजना के तहत असीमित खर्च तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। इसमें आईपीडी और ओपीडी इलाज दोनों ही शामिल हैं। वहीं, कर्मचारियों और पेंशनरों को इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पताल से रेफर करने की शर्त नहीं रहेगी। योजना में इलाज के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रति माह के हिसाब से अंशदान लिया जाएगा।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और पेंशनरों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए डाटा तैयार कर लिया है। सभी को मिला कर 15 लाख कार्ड बनाए जाएंगे। योजना में कर्मचारी व पेंशनर के माता-पिता, 25 वर्ष की आयु के बेटा-बेटी, विधवा, तलाकशुदा पुत्री को भी योजना का लाभ मिलेेगा।
राज्य अटल आयुष्मान योजना के निदेशक (प्रशासन) डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि प्रदेश के सभी राजकीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों का डाटा तैयार है। कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में डाटा को योजना में ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है। जल्द ही कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के गोल्डन कार्ड बनाने का काम शुरू किया जाएगा।

रेलवे पहुंचायेगा प्रवासी भारतीयों को उनके घर

लॉकडाउन में जगह-जगह फंसे लोगों के लिए राहत की खबर है। रेलवे ने देशभर के पंद्रह स्टेशनों के लिए कुछ स्टॉपेज के साथ चुनिंदा ट्रेनें चलाने की तैयारी कर ली है। 12 मई से ये ट्रेनें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलेंगी। सभी ट्रेनें वातानुकुलित होंगी। सोमवार शाम 4 बजे से बुकिंग शुरू की जाएगी। यात्रा किराया राजधानी एक्सप्रेस के बराबर होगा। डायनेमिक फेयर भी लागू किया जा सकता है। हालांकि, यात्रियों को लॉकडाउन में सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से परेशान होना पड़ सकता है। इन 15 रूटों पर ट्रेन शुरू होने के बाद रेलवे कुछ और रूटों पर विशेष ट्रेन चलाएगा। गौरतलब है कि 25 मार्च से सभी यात्री ट्रेन सेवा बंद कर दी गई थीं। 
इन ट्रेनों के टिकट की बुकिंग स्टेशन काउंटर से नहीं होगी। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ही टिकट बुक हो सकेगा। सिर्फ आरक्षित टिकट वाले ही यात्रा कर सकेंगे। तत्काल कोटा नहीं होगा। किसी तरह की छूट भी नहीं मिलेगी। प्लेटफार्म पर वे ही प्रवेश कर पाएंगे जिनके पास कन्फर्म टिकट होगा। 
फेस मास्क पहने बगैर प्लेटफार्म पर यात्रियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। थर्मल स्कैनर से चेकिंग के बाद ही यात्रा की इजाजत दी जाएगी। किसी तरह का लक्षण पाए जाने पर यात्रा नहीं कर पाएंगे।
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे रोज 300 ट्रेनें चलाकर प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने को तैयार है। गोयल ने ट्वीट किया, मैं सभी राज्यों से अपील करता हूं कि वे अपने लोगों को वापस लाने की अनुमति दें ताकि 3-4 दिन में उन्हें घर पहुंचाया जा सके। रेल मंत्रालय ने इसे लेकर एक विस्तृत योजना का निर्माण किया है। शुरुआत में कम संख्या में ही ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान लोगों के स्वास्थ्य और कोरोना संक्रमण की जांच भी की जाएगी।

दिल्ली से 15 शहरों के लिए चलेंगी ये ट्रेन
नई दिल्ली-डिब्रूगढ़
नई दिल्ली-अगरतला
नई दिल्ली- हावड़ा
नई दिल्ली-पटना
नई दिल्ली-बिलासपुर
नई दिल्ली-रांची
नई दिल्ली-भुवनेश्वर
नई दिल्ली-सिकंदराबाद
नई दिल्ली-बंगलुरू
नई दिल्ली-चेन्नई
नई दिल्ली-तिरुवनंतपुरम
नई दिल्ली-मडगांव
नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल
नई दिल्ली-अहमदाबाद
नई दिल्ली-जम्मू तवी 

अब उत्तराखंड के मरीज कहीं भी करा सकेंगे इलाज, सरकार ने दी बड़ी राहत

राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत 39 लाख गोल्डन कार्ड नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब गोल्डन कार्ड पर गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पताल में इलाज कर सकेंगे। लेकिन सरकारी अस्पताल से रेफर की व्यवस्था रहेगी।
प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना में दो तरह के गोल्डन कार्ड धारक है। एक तो केंद्र की आयुष्मान योजना में प्रदेश के 5.37 लाख परिवार शामिल हैं। जबकि त्रिवेंद्र सरकार ने अपने संसाधनों से 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिया। जिसमें पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है।
राज्य आयुष्मान योजना में बने गोल्डन कार्ड पर प्रदेश के अंदर पंजीकृत 174 सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा दी थी। अब नेशनल पोर्टेबिलिटी से इन्हें भी जोड़ दिया गया है। इसके बाद सभी गोल्डन धारकों को देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

अस्पतालों को मिलेगा ज्यादा प्रोत्साहन
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बॉयो साइंस एंड ह्यूमन (एनआईबीएच) से प्रमाणित सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने पर 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों को पहले से ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त इनसेंटिव दिया जाता है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि प्रदेश के सभी गोल्डन कार्ड धारक नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब कार्ड धारक मरीज प्रदेश के बाहर किसी भी पंजीकृत अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकते हैं। इसके लिए रेफर की व्यवस्था रहेगी।

जिला         गोल्डन कार्ड धारक
अल्मोड़ा           207807
बागेश्वर            89620
चमोली            155751
चंपावत            82730
देहरादून           821696
हरिद्वार             631623
नैनीताल         346406
पौड़ी            262848
पिथौरागढ़      159276
रुद्रप्रयाग         92702
टिहरी              259852
ऊधमसिंह नगर  609345
उत्तरकाशी      147043

उत्तराखण्ड में कोरोना की डबलिंग रेट में लगातार हो रहा सुधार

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मीडिया ब्रीफिंग कर कोविड-19 के संबंध में अपडेटेड स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों से उत्तराखण्ड लौटने के इच्छुक प्रवासियों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग 1 लाख 64 हजार लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। अभी तक 7300 लोगों को दूसरे राज्यों से लाया जा चुका है जबकि 8146 को राज्य के भीतर ही एक जिले से दूसरे जिले में भेजा गया है। जो भी उत्तराखण्ड लौटना चाहते हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा। थोड़ा संयम और धैर्य रखने की जरूरत है। तमाम तरह की सावधानियां बरतनी होती है। इसलिए एक साथ इकट्ठा सबको नहीं लाया जा सकता है। स्वास्थ्य परीक्षण, वाहनों की व्यवस्था, रूकने की व्यवस्था आदि बातें देखनी होती हैं। सरकार इस काम में दिन रात लगी है। पूरा काम सुनियोजित तरीके से किया जाना है। हरियाणा से 1500 लोगों को निजी वाहन से आने की अनुमति दी गई है। यहां बसें भी भेजी जाएंगी। उदयपुर व जम्मू से 400-400 लोगों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। गुजरात व महाराष्ट्र को सूचना दी गई है कि सूरत, अहमदाबाद व पुणे से लोगों को ट्रेन से लाया जाना है। हमारी रेल मंत्रालय से बात हो चुकी है। संबंधित राज्यों को भी रेल मंत्रालय से बात करनी है। उत्तराखण्ड के लोगों को ट्रेन से लाने में जो भी व्यय आएगा, उसका वहन उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया जाएगा। केरल के दो शहरों से भी लगभग 1000 लोगों को लाया जाना है। भारत सरकार द्वारा विदेशों से भारतीय नागरिकों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। इनमें उत्तराखण्ड का व्यक्ति होने पर विदेश मंत्रालय द्वारा हमें अवगत कराया जाएगा। इसके लिए हमने एसओपी तैयार कर ली है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले दो दिन से प्रदेश में कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है। वर्तमान में कुल पॉजिटिव केस 61 हैं, इनमें से 39 रिकवर हो चुके हैं जबकि 21 एक्टीव केस हैं। इनमें भी सभी की स्थिति सामान्य है। एक महिला जिसकी मृत्यु हुई है, उन्हें काफी क्रिटीकल हालत में एम्स ऋषिकेश में लाया गया था, बाद में जांच में इन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया। परंतु उनकी मृत्यु अन्य कारण से हुई है। अभी तक कुल 7784 टेस्ट की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें से 7723 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। प्रदेश में कोरोना मामलों के दोगुने होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है। आज के दिन हमारी डबलिंग रेट 47 दिन है। इस दृष्टि से हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। यहां के कुल कोराना पॉजिटिव मामलों में 85 प्रतिशत पुरूष हैं जबकि 15 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसमें भी अधिकांश युवा हैं। इसलिए हमारे यहां रिकवर होने की अधिक सम्भावना है। देश में भेजे गए सेम्पल के सापेक्ष पॉजिटिव केस 3.86 प्रतिशत है जबकि राज्य में यह 0.78 प्रतिशत है। हमारी मृत्यु दर भी राष्ट्रीय औसत से लगभग आधी है। हालांकि ये मृत्यु भी प्रत्यक्ष रूप से कोरोना से नहीं हुई है। अभी तक प्रदेश में कोरोना को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है। हमारे यहां कान्टेक्ट ट्रेसिंग भी प्रभावी तौर पर की गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 426 चिकित्सक ऐसे थे जिनका आयेग द्वारा वर्ष 2010 से 2015 के बीच चयन किया गया परंतु उन्होंने या तो जॉइन नहीं किया या परिवीक्षा अवधि पूरी नहीं की। ऐसे चिकित्सकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। अब हम इनकी जगह पर चिकित्सकों की नई भर्ती कर सकते हैं। हाल ही में 401 चिकित्सकों को नियुक्ति दी गई है। 467 पदों का अध्याचन भी चयन आयोग को भेजा जा रहा है। आयोग से चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट द्वारा 180 पदों को पुनर्जीवित किया गया था। इन पदों पर जल्द भर्ती कराई जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी तक जनता ने पूरा सहयोग किया है। लॉकडाउन-3 में भी हमें जिम्मेवारी का परिचय देना है। मास्क, सेनेटाईजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वर्तमान में दी गई शिथिलता चलती रहेगी। यदि अनुशासन बनाए रखा जाएगा तो और भी शिथिलता पर विचार किया जा सकता है। कोरोना संक्रमित होने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। 4479 उद्योगों को ऑनलाईन अनुमति दी गई है। इन्होंने काम भी शुरू कर दिया है। इनमें 1 लाख 66 हजार श्रमिक, कार्मिक संलग्न हैं। सड़क, रेल, एयरपोर्ट, भवन निर्माण आदि काम शुरू होने जा रहे हैं। इनकी आवश्यकता को देखते हुए खनन का काम भी शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को इसे प्राथमिकता से देखने को कहा गया है।
भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को लॉकडाउन में राहत देने के लिए दो किश्तों में 1-1 हजार, कुल दो हजार रूपए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। लगभग 1 लाख 98 हजार श्रमिक इससे लाभान्वित हुए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया में सरकार की तैयारियों के बारे में बहुत सी अफवाहें चलती रहती हैं। लोगों से अनुरोध है कि प्रामाणिक जानकारियों पर ही विश्वास करें। हम पूरी व्यवस्था कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, आईसीयू, वेंटीलेटर और बाईपैप मशीनों की हुई स्थापना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 8 जनपदों एवं देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में 73 आई०सी0यू0, 46 वेण्टीलेटर तथा 21 बाईपैप मशीनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में राज्य में जहां केवल 3 मेडिकल कालेजों में 62 आई०सी0यू0, 37 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें ही थीं। जबकि वर्तमान में कुल 251 आई0सी0यू0, 113 वेण्टीलेटर तथा 33 बाईपैप मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आगामी चार माह में राज्य में आई0सी0यू0 बैड्स की संख्या 525, वेण्टीलेटर की संख्या 363 तथा बाईपैप मशीनों की संख्या 52 किये जाने की योजना को धरातल पर लाने के लिये विशेष प्रयास किये जाएं, इसके लिए धनराशि की व्यवस्था करायी गई है। मुख्यमंत्री ने इस पर भी सन्तोष व्यक्त किया कि वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में मात्र 3 जनपदों में आई0सी0यू0 स्थापित थे वहीं अब राज्य के 11 जनपदों में आई0सी0यू0 की स्थापना पूर्ण हो चुकी है शेष 02 जनपदों अल्मोड़ा तथा बागेश्वर में भी अगले सप्ताह तक आई0सी0यू0 का संचालन प्रारम्भ हो जायेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जिन चिकित्सालयों में आई.सी.यू वेण्टीलेटर तथा बाईपैप मशीनों का लोकापर्ण किया उनमें मेला हास्पिटल हरिद्वार में 10 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें, संयुक्त चिकित्सालय, रूड़की में 10 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, बी.डी पांडे जिला चिकित्सालय, नैनीताल में 4 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, माधव आश्रम चिकित्सालय, रूद्रप्रयाग में 6 आई0सी0यू0, 4 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चमोली में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 5 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चम्पावत में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में 1 आई0सी0यू0, 2 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, जिला चिकित्सालय पौड़ी में 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन के साथ ही दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में 30 आई0सी0यू0, 28 वेण्टीलेटर तथा 3 बाईपैप मशीनों की स्थापना शामिल है।
इस अवसर पर कोविड-19 के दृष्टिगत उपचार हेतु की गई व्यवस्थाओं की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान में कोविड-19 के पोजिटिव मामलों के लिये 753 आइसोलेशन बेड सरकारी तथा 856 निजी अस्पतालों में की गई है, जबकि सस्पेकटेड कोविड-19 के लिये 745 बेड सरकारी तथा 2450 निजी अस्पतालों में की गई है। इसी के तहत 103 वेण्टीलेटर सरकारी तथा 189 वेण्टीलेटर निजी अस्पतालों में की गई है जबकि 136 आई0सी0यू बेड सरकारी तथा 498 आई0सी0यू0 की व्यवस्था निजी अस्पतालों में की गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सम्बन्धित चिकित्सालयों के चिकित्सकों से भी वार्ता कर उनकी समस्यायें सुनी तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, अपर सचिव युगल किशोर पंत, अरूणेन्द्र सिंह चैहान व महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती उपस्थित थीं।

नर्सिंग अफसर की रिपोर्ट पॉजीटिव, घर और आसपास की तीन गलियां डीएम के आदेश के बाद हुई सील

रविवार को एम्स की नर्सिंग अफसर में कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद अफसर का घर और करीब 100 मीटर का दायरा डीएम के आदेश पर पुलिस प्रशासन ने सैनिटाइज करने के बाद सील कर दिया है। बैरिकेडिंग लगाकर लोगों के आवागमन पर इस क्षेत्र में 14 दिन के लिए पाबंदी भी लगा दी गई है।

दरअसल रविवार को आवास विकास स्थित एक मकान में होम क्वारंटीन की गई नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डीएम ने घर और 100 मीटर का दायरा सील करने के आदेश जारी किए। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। जहां सबसे पहले क्षेत्र को सैनिटाइज करवाया गया। जिसके बाद बैरिकेडिंग लगाकर तीन गलियां सील कर दी गई। मौके पर पुलिस वाहन से मुनादी कर लोगों को क्षेत्र में आवागमन से संबंधित जानकारी दी गई। कोविड-19 की समन्वय अधिकारी आईएस अपूर्वा पांडे ने बताया कि क्षेत्र में 14 दिनों के लिए आवागमन पर पाबंदी लगाई गई है। मौके पर पुलिस टीम 24 घंटे तीनों बैरिकेडिंग पर तैनात रहेंगी। रोजमर्रा की जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान एसडीएम प्रेमलाल इंस्पेक्टर रितेश शाह आईडीपीएल चौकी प्रभारी चिंतामणि सब इंस्पेक्टर कुलदीप रावत आदि उपस्थित रहे।