न्यायालय के निर्णय से 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को मिला रोजगार का संबल

अल्मोड़ा स्थित मैग्नेसाइट उद्योग को उच्च न्यायालय से चार माह के लिए पुनः संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े लगभग 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को राहत एवं संतोष मिला है। लंबे समय से उद्योग बंद होने के कारण प्रभावित परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था |

राज्य सरकार के सतत प्रयासों के फलस्वरूप उद्योग द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) से सीटीओ (Consent to Operate) प्राप्त किया गया। इसके उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने उद्योग एवं उससे जुड़े श्रमिकों और परिवारों के व्यापक हित को दृष्टिगत रखते हुए पुनः संचालन की अनुमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और स्थानीय रोजगार सृजन—तीनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर सकारात्मक पहल कर रही है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ट्रैप कैमरे, सोलर फेंसिंग और गहन निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफटीआई सभागार, हल्द्वानी में कानून व्यवस्था एवं जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं समन्वय के साथ पूरे किए जाएं।

*मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी रोक के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी संवेदनशील स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए जाने, सोलर फेंसिंग व तारबाड़ प्रणाली को मजबूत करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को ठोस एवं कारगर उपाय अपनाने के लिए कहा, ताकि जनहानि और फसलों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

वनाग्नि की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने फायर लाइन (अग्निरोधक खाइयों) को दुरुस्त रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, रेंजवार मॉनिटरिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वनाग्नि की किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*विकास कार्यों में समन्वय और जवाबदेही पर जोर*

हल्द्वानी शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं, अतः निर्माण कार्यों के दौरान जनता को अनावश्यक असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करें। कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग आपसी जिम्मेदारियों को एक-दूसरे पर न डालें और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हों।

*कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश*

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस, प्रशासन तथा सभी विभागों को आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

*रानीबाग में आईटी हब की योजना*

मुख्यमंत्री ने बताया कि रानीबाग स्थित बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की भूमि पर सरकार द्वारा आईटी हब विकसित करने की योजना पर कार्यवाही गतिमान है। इससे क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने हल्द्वानी नगर के बच्चीनगर सहित अन्य क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की नहरों के चौड़ीकरण एवं मरम्मत संबंधी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

*जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सुझाव*

सांसद अजय भट्ट ने वन क्षेत्रों में वाचरों की संख्या बढ़ाने, झाड़ियों की कटान करने तथा वन आच्छादित क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों की नियमित सफाई एवं मरम्मत कराने का सुझाव दिया।

सचिव/आयुक्त दीपक रावत ने कुमाऊँ मंडल में कानून व्यवस्था, ओवरलोडिंग के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई तथा अन्य प्रशासनिक कदमों की जानकारी दी।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। पनियाली क्षेत्र में नियमित गश्त की जा रही है तथा ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र में न जाने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा क्षेत्र भीमताल के विभिन्न गांवों में 15 लाख रुपये की धनराशि पूर्व में उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार पनियाली क्षेत्र में भी 15 लाख रुपये स्वीकृत कर वितरित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं एवं पशुपालकों को चारा लेने के लिए जंगल न जाना पड़े।

वन संरक्षक सी.एस. जोशी ने अवगत कराया कि पनियाली क्षेत्र में कैमरों में लैपर्ड नहीं, बल्कि बाघ की पहचान हुई है, जिसे पकड़ने की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जा रही है।

बैठक में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यह समीक्षा बैठक राज्य में कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता, वन्यजीव प्रबंधन की प्रभावशीलता तथा विकास कार्यों की गति को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

लोहाघाट होली रंग महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

लोहाघाट के रामलीला मैदान में आयोजित काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली गायन के साथ जनसमूह के साथ होली गायन में प्रतिभाग किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार स्तंभ हैं और चम्पावत के काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट और पारम्परिक होली गायन के लिए विशेष स्थान रखती है।

उन्होने कहा होली समारोह जैसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। चम्पावत में आधुनिक परिवेश के बीच भी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया और सभी प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की मंगलकामनाएं दीं।

इस दौरान माननीय सांसद (लोकसभा) एवं भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, दर्जा मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचयात अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, प्रेमा पांडे, सहित मुकेश कलखुड़िया, सुभाष बगोली, हिमेश कलखुड़िया, निर्मल महरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप प्रज्वालित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व व नए चैम्बर बनने की बधाई व शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श व विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा न्यायिक कार्य सरलता से व त्वरित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेर्तत्व न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि खटीमा व खटीमा के आस पास से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए व आम जन के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो पुराने गैर जरूरी व अंग्रेजो के जमाने से चले आ रहे कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू करने का ऐतिहासिक काम किया है। जिससे न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो रही है, ई-कोट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिसियल डाटाक्रेट, फास्टट्रेक, स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन के माध्यम से सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों के द्वारा न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज और सुगम बनाने की दिशा में क्रन्तिकारी परिवर्तन किये गए है। उन्होंने कहा की आज न्यायलयों में तकनीकी के प्रभावी उपयोग ने न केवल समय की बचत की है बल्कि प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया है। जिससे न्याय प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय वैज्ञानिक और प्रामाणिक बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात देश भर में लगभग 7 हजार से अधिक कोर्ट का व 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने,विधि शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा खटीमा का हर क्षेत्र में विकास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबर बनाने हेतु 02 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय,बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, के डी भट्ट सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि,जनता मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने यूएस नगर में 295.21 करोड़ के विकास कार्यो का किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित भव्य उधमसिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 का फीता काटकर किया शुभारम्भ। उन्होने 295.21 करोड़ के 61 कार्यो का लोकार्पण/शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री धामी ने 123.91 करोड़ के 26 कार्य जिसमे चिकित्सा विभाग का 20.35 करोड़ के 01 कार्य, लोनिवि के 9.01 करोड़ के 05, नगर निगम रूद्रपुर के 38.60 करोड़ के 09, पशुपालन विभाग के 4.74 करोड़ का 01, संस्कृति विभाग का 95 लाख का 01, सिंचाई विभाग का 26.52 करोड़ के 02, खेल विभाग के 19.02 करोड़ के 04, शिक्षा विभाग के 3.18 करोड़ का 01, नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का 96 लाख का 01, नगर पालिका परिषद बाजपुर का 58 लाख का 01 कार्य का लोकार्पण किया। इस तरह 171.30 करोड़ के 35 कार्यो का लोकार्पण किया। जिसमे लोनिवि के 93.92 करोड़ के 05 कार्यो का, नगर निगम रूद्रपुर के 59.53 करोड़ के 19 कार्याे का, पशुपालन विभाग के 3.47 करोड़ का 01 कार्य, शिक्षा विभाग के 7.41 करोड़ के 02 कार्यो, ग्रामीण निर्माण विभाग के 6.97 करोड़ के 08 कार्यो का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 05 घोषणाएं की जिसमें मानसखंड कोरिडोर के अंतर्गत गोल्ज्यू मंदिर,शिव मंदिर व नीलकंठ धाम को जोड़ते हुए शिव प्रतिमा की स्थापना, नगर निगम रूद्रपुर के पर्यावरण मित्रों के लिए खेड़ा में आवास निर्माण किए जाने, भूरारानी व गंगापुर रोड का चौड़ीकरण, अटारिया चौक से इंद्रा कॉलोनी तक रोड का निर्माण, गुरु चांद ठाकुर स्मृति सहायता कोष O2 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने की घोषणा की।

इससे पगले, मुख्यमंत्री धामी ने त्रिशूल चौक का लोकार्पण किया उससे पूर्व उन्होंने कांवरियों की पैर पखारे एवं उनको अंगवस्त्र व पुष्प माला भेंट कर उनका अभिवादन किया, इसके उपरांत त्रिशूल चौक से सरस मेला कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क तक आयोजित शिव बारात में प्रतिभाग किया। शिव बारात में माननीय मुख्यमंत्री का विभिन्न संगठनों व जनता द्वारा फूलमाला,पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे रुद्रपुर के चहुंमुखी विकास के लिए 295,21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं रुद्रपुर को विकास, विश्वास और भविष्य की नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मज़बूत आधार बनेंगी। आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में हमारी सरकार द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। आज हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कर रहे हैं। रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनों और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है, और सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। इतना ही नहीं, रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है, साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने आज उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, हम पंतनगर हवाईअड्डा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के रूप में बदलने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास और रोजगार को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान करने का प्रबन्ध कर दिया है। जिस दिन ये परियोजना पूर्ण होगी, हमारे पूरे तराई क्षेत्र में पीने के पानी और सिंचाई के पानी की समस्या पूर्ण रूप से दूर हो जाएगी। उन्होंने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी को पता होगा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं। दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यसेवक के रूप में राज्य की सत्ता सँभालने के बाद ये कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने का काम भी किया, जिससे वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि हम राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। एक ओर जहां हम प्रदेश का चहुंमुखी विकास कर रहे हैं, वहीं सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून सबके लिए एक है, इसलिए हम धर्मांतरण विरोधी कानून लाए, दंगा फैलाने वालों पर लगाम कसी और देवभूमि को अस्थिर करने वाली हर साज़िश पर सीधी चोट की। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की, जिसे देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि हमने मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक प्राधिकरण शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है, जो अब ये सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने, न की कट्टरता का।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 250 से अधिक अवैध मदरसों पर ताला लगाकर स्पष्ट संदेश दिया कि अब उत्तराखंड में अवैध मदरसों की आड़ में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हमने नकल को उद्योग बनाने वालों के खिलाफ देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम किया है। इसी का परिणाम है कि हमने साढ़े चार वर्षों में जहां 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की, वहीं 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा। उन्होंने कहा कि आज राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश के इतिहास में पहली बार, आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है। इस सख्ती और पारदर्शिता का सीधा लाभ हमारे उद्यमियों को मिल रहा है और उन्हें योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अब अनावश्यक बाधा का सामना नहीं करना पड़ता।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरिक्षण किया व स्टॉलों की निरिक्षण की दौरान उन्होंने दिए बनाये एवं सूत भी काता।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट,विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं जनता का स्वागत व आभार व्यक्त किया एवम् सभी को बधाई दी। उन्होंने रूद्रपुर व जनपद में किए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम व जनपद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मूल मंत्र के साथ कार्य कर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगे भी रखी।

कार्यक्रम की उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले की प्रथम दिवस में स्टार नाईट में शिव जागरण का ज्योति जलाकर शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, उत्तम दत्ता, मंजीत सिंह, खतीब अहमद, मुकेश कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, मनोज पाल, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, गुंजन सुखीजा, श्रीनेत्र पाल मौर्या, रामपाल सिंह,अनिल चौहान, राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा, पी डी हिमांशु जोशी नगर आयुक्त शिप्रा जोशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, जनता मौजूद थे।

स्वस्थ पत्रकार, सशक्त लोकतंत्र की पहचान: धामी

पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे पत्रकारों की जीवन शैली और कार्य की अधिकता एवं अनियमित दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पत्रकारों हेतु विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए जाने के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को हल्द्वानी मीडिया सेंटर में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के सहयोग से एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया गया।

शिविर में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने शामिल होकर उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ पत्रकारिता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है, क्योंकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मीडिया शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाते हुए समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मीडिया प्रतिनिधियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति संवेदनशील है और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित इस शिविर में एक्स-रे, ईसीजी, बीपी, शुगर, थायराइड एवं विभिन्न रक्त जांच सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक एवं फिजिशियन द्वारा लाभार्थियों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत आवश्यक औषधियों का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
शिविर में जनपद के हल्द्वानी, रामनगर, लालकुआं, कालाढूंगी सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया प्रतिनिधियों तथा उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 100 से अधिक पत्रकारों एवं उनके परिजनों ने शिविर का लाभ उठाया।

शिविर में उपस्थित संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समय समय पर सभी क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक मीडिया कर्मियों एवं आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
यह शिविर राज्य सरकार की उस दूरदर्शी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके अंतर्गत “सबका स्वास्थ्य, सबका विकास” की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

इससे पूर्व प्रातः जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरीश चन्द्र पंत एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय द्वारा संयुक्त रूप से चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया।

शिविर में डॉ0 आर एस कुॅवर फिजीशियन, डॉ0 सुधांशु सिंह हद्दय रोग विशेषज्ञ, डॉ0 पीएस खोलिया, हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ0 अनीता पवार, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ0 विजय नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ0 दीप्ति, दंतरोग विशेषज्ञ तथा दीपा सुनारी फार्मेसिस्ट के साथ ही मेडिकल टीम, जिला सूचना अधिकारी गिरिजा जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम सहित विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि व अन्य लोग मौजूद रहे।

कैंचीधाम जाम से मिलेगी स्थायी राहत, प्राथमिकता पर हो रहा बाईपास का निर्माण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के परिणामस्वरूप नैनीताल जनपद की बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना तेजी से अपने निर्णायक चरण की ओर अग्रसर है। आज मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग को पूर्ण कर यातायात के लिए खोलना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता है। श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कैंचीधाम बाईपास का निर्माण तेज़ी से कराया जा रहा है, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने अवगत कराया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है, जिसके लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रभावी उपयोग किया गया है। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु प्राप्त 5 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि से कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं।

परियोजना के अंतर्गत बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी निर्मित किया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के पूर्ण होने से न केवल कैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन—तीनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क एवं इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर निर्मित 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा और पर्यटन सीजन में यात्रियों को निर्बाध आवागमन सुविधा मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उनके कल्याण और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बर्फबारी देखने पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है और वे भविष्य में भी यहां आते रहेंगे।

सीएम ने 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन का किया शुभारंभ

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 33 करोड़ 36 लाख 49 हजार की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें जिला विकास प्राधिकरण द्वारा 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नानकमत्ता में बाला जी मंदिर के सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत ब्राह्मदेव मंदिर लोहिया पुल खटीमा में सौंदर्यीकरण व पुनःनिर्माण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत देवभूमि धर्मशाला में कक्ष, हॉल एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत सोनूखरी – किशनपुर – बरकीडांडी – कैथुला – टुकड़ी मार्ग का हॉटमिक्स सड़क का कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन, नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 व 8 में 48.45 लाख की धनराशि से निर्मित पेयजल नलकूप, ओवर हेड टेंक, पाईप लाईन कार्यों, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अंतर्गत 490.21 लाख की धनराशि से राजस्व निरीक्षक व उपनिरीक्षक के आवासीय भवनों व 359.91 लाख की लागत से उपनिरीक्षकों के कार्यालय भवनों, खटीमा में ग्राम मझोला में झील से लेकर पॉलिगंज की ओर 225.62 लाख की लागत से नाला निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा खटीमा क्षेत्र में 499.65 लाख की लागत से 300 नग हेंडपम्प स्थापना कार्य, 29.65 लाख की लागत से खटीमा के नवनिर्मित बस अड्डे में महाराणा प्रताप द्वार निर्माण, 24.50 लाख की लागत से खटीमा में हाईटेक शौचालय निर्माण एवं 95 लाख की लागत से थारू इंटर कॉलेज खटीमा का पुनःनिर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व के पावन अवसर पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित हाईटेक बस स्टैंड का शुभारंभ हो रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने स्वयं कई बार बस स्टैंड की स्थापना के लिए प्रयास किए थे और इसकी घोषणा भी की थी। जिसका कार्य आज धरातल में उतर गया है। मुख्यमंत्री ने कहा नवनिर्मित बस स्टैंड क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुव्यवस्थित बनाएगा साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के नए अवसर सृजित कर क्षेत्र के विकास को भी गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गाँवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बन रहा है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है और सभी खटीमावासी उनके परिवार के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने खटीमा से ही जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी। क्षेत्र की प्रत्येक गली और गाँव उनके दिल के बेहद करीब है। खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, उसी के बल पर वो प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, खटीमा के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। खटीमा क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण, पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ ही चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विद्यार्थियों के लिए साथी केंद्र एवं औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण पर कार्य कर रही हैं। जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई गई हैं, जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। राज्य सरकार ने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य किया है। वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी खटीमा के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया है। राज्य सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए । उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के लगभग 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में नया रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के बाद बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा हमने समाज में असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले ‘समान नागरिक संहिता’ कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देवभूमि है इसकी संस्कृति, अस्मिता और सम्मान के साथ हम किसी भी प्रकार का कोई षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।

सांसद अजय भट्ट एवं पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा ने नवनिर्मित बस अड्डे के लोकार्पण पर सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा की यह बस अड्डा निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट था। उन्होंने नवनिर्मित हाईटेक बस अड्डे का का नाम महाराणा प्रताप रखने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री धामी के कार्यों व निर्णयों को देश के अन्य राज्य भी अनुशरण कर रहे है यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री क्षेत्र व प्रदेश के सर्वागींण विकास के लिए कटिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष खटीमा रामेश चंद्र जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष नानकमत्ता प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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मंदिर में भगवान की प्रतिमा का किया अनावरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर ब्रह्मदेव मंदिर, लोहिया पुल, खटीमा पहुँचकर भगवान शिव एवं हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की व प्रसाद ग्रहण किया।

इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री ने लाल कोठी पहुंचकर उत्तरायणी मेले का फीता काटकर शुभारम्भ भी किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा,
राम सिंह जेठी, नवीन बोरा, महेंद्र सिंह दिगारी, मन्नू मेहर, पूरन जोशी, नरेंद्र सिंह, मनोहर पांडे आदि उपस्थित थे।

राजा जगत देव का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधमसिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगत देव जी का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव जी ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी कीं—ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा।

इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।

सीएम ने शोक जताकर अल्मोड़ा बस हादसे के मृतकों की आत्मशांति की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा में भिकियासैंण से रामनगर जा रही बस के भिकियासैंण–विनायक मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल सभी यात्रियों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है तथा गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं इस पूरे प्रकरण की लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।