ओलंपिक में 13 साल बाद भारत को मिला गोल्ड

भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के जैवलिन थ्रो फाइनल में इतिहास रच दिया है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल किया है। नीरज ने 87.58 की सर्वश्रेष्ठ दूरी तय करते हुए गोल्ड पर कब्जा किया। क्वालिफिकेशन राउंड में भी नीरज अपने ग्रुप में टॉप पर रहे थे। बता दें कि 2008 बीजिंग ओलंपिक के बाद ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है।

नीरज ने रचा इतिहास
जैवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज चोपड़ा शुरुआत से ही सबसे आगे रहे। उन्होंने अपनी पहली ही कोशिश में 87.03 मीटर की दूरी तय की है। वहीं दूसरी बार में उन्होंने 87.58 की दूरी तय करी। इसी के साथ उन्होंने अपने क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड से भी ज्यादा दूर भाला फेंका है। जैवलिन थ्रो में ये भारत का अब तक का सबसे पहला मेडल है। इतना ही नहीं एथलेटिक्स में भी ये भारत का पहला ही मेडल है।

13 साल बाद मिला गोल्ड
ओलंपिक खेलों में ये भारत का 13 साल बाद पहला गोल्ड मेडल है। नीरज चोपड़ा से पहले बीजिंग ओलंपिक में शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था। ये ओलंपिक में भारत का कुल दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड है। इससे पहले भारत ने हॉकी में 8 गोल्ड मेडल जीते हैं।

पूरे देश को थी गोल्ड की उम्मीद
नीरज चोपड़ा से पूरे देश को आज गोल्ड मेडल की उम्मीद थी और वो सबकी उम्मीदों पर खरे उतरे। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 86.65 की दूरी तय करते हुए पहला नंबर हासिल किया था। नीरज भारत को टोक्यो में पहला गोल्ड मेडल जितवाने के सबसे बड़े दावेदार थे।

अब तक भारत के 7 मेडल
टोक्यो ओलंपिक में भारत अब 1 गोल्ड 2 सिल्वर और 4 कांस्य सहित कुल 6 मेडल जीत चुका है। नीरज चोपड़ा के अलावा भारत की ओर से मीराबाई चानू (वेट लिफ्टिंग) और रवि दहिया (कुश्ती) ने सिल्वर मेडल जीता है। वहीं पीवी सिंधु, बजरंग पूनिया, लवलीना और भारतीय हॉकी टीम ने भारत के लिए ब्रॉन्ज जीता।

वंदना को राज्य सरकार देगी 25 लाख और तीलू रौतेली पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली भारतीय हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया से बात कर शानदार प्रदर्शन के लिए वंदना एवं महिला हॉकी टीम में प्रतिभाग करने वाली सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को मनोबल बनाए रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदना कटारिया के शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का मान सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने वंदना को टोक्यो से वापस आते ही मुख्यमंत्री आवास में मिलने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है। जिसमें विभिन्न खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाङी वंदना कटारिया को 25 लाख रुपए दिये जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वंदना कटारिया को तीलू रोतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वंदना कटारिया के भाई सौरभ कटारिया से भी फोन से वार्ता कर वंदना के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी।
भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने उनके उत्साह वर्धन पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सचिव हरि चंद्र सेमवाल भी उपस्थित थे।

अब मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जायेगा खेल का सबसे बड़ा सम्मान, पीएम ने की घोषणा

भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाले सबसे बड़े सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस अवार्ड का नाम अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने क्या ट्वीट किया?

पीएम मोदी ने कहा है, देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद

ओलंपिक्स में हॉकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा- मोदी

एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है। जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

खेल रत्न का इतिहास

इस अवार्ड को 1991-92 में शुरू किया गया था। तब इसका नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था। इस अवार्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता फैलाना है साथ ही खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है, ताकि वह समाज में और ज्यादा सम्मान प्राप्त कर सकें।

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम राजीव गांधी खेल रत्न की जगह मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले का खेल जगत ने स्वागत किया है। ध्यानचंद को महानतम हॉकी खिलाड़ी माना जाता है। हॉकी के इस जादूगर ने अपने 1926 से 1949 तक के करियर के दौरान 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक का शीर्ष खिताब हासिल किया था। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को देश का राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जाता है।

विश्व चैंपियनशिप में भारत की एकमात्र एथलेटिक्स पदक विजेता और यह पुरस्कार 2003 में हासिल करने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि खेल पुरस्कारों के नाम खिलाड़ियों के नाम पर रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह सही समय है जब हम अपने खेल पुरस्कारों का नाम अपने खेल के दिग्गजों के नाम पर रखें। यह सही कदम है. ध्यानचंद हमारे खेल नायक और हॉकी के दिग्गज हैं और हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है. यह उचित ही है कि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम ध्यानचंद के नाम पर ऐसे समय रखा गया है जब भारत ने 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीता है।

इस फैसले की सराहना करते हुए पूर्व हॉकी कप्तान अजीतपाल सिंह ने कहा कि पहचान देर से मिली लेकिन देर आये दुरुस्त आये। उन्होंने कहा, यह एक स्वागत योग्य कदम है। यह एक अच्छा फैसला है जो प्रधानमंत्री ने लिया है। खेल पुरस्कार हमेशा खिलाड़ियों के नाम पर होने चाहिए और ध्यानचंद जी से बड़ा देश में कोई खिलाड़ी नहीं है। यह मान्यता देर से मिली, लेकिन कभी नहीं से बेहतर है कि देर से मिली।

ओलंपिक कांस्य पदक मुक्केबाज विजेन्दर सिंह ने कहा कि ध्यानचंद जी को सम्मान देना अच्छी बात है लेकिन यह देश में खेलों के स्तर को उठाने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने कहा, इस कदम के खिलाफ कुछ भी नहीं है, क्योंकि हम सभी ध्यानचंद जी के अपार योगदान का सम्मान करते हैं । लेकिन सरकार को खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए इससे कुछ ज्यादा करना चाहिए। उन्हें बुनियादी स्तर पर सुविधाओं की जरूरत है, जब तक हम ऐसा नहीं कर सकते, केवल पुरस्कारों का नाम बदलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया।

केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ध्यानचंद खेलों में भारत के सबसे बड़े नायक रहे हैं। उन्होंने कहा, मेजर ध्यानचंद जी ने अपने असाधारण खेल से विश्व पटल पर भारत को एक नई पहचान दी और अनगिनत खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत बने। जनभावना को देखते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक धन्यवाद।

भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी से सांसद बने गौतम गंभीर कहा, किसी (खेल) नायक का नाम पुरस्कार को और प्रतिष्ठित बनाता है। वहीं ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी इस कदम के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया करते हुए कहा, खेल के सबसे बड़े पुरस्कार खेल रत्न को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले के लिए मैं भारत सरकार और आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद करता हूं।

सीएम की घोषणा, वंदना को 25 लाख रुपये देंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हाॅकी टीम की खिलाङी वंदना कटारिया को 25 लाख रुपये दिये जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा हमें गर्व है कि टोक्यो ओलिंपिक खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन में उत्तराखंड की बेटी वंदना कटारिया का शानदार योगदान रहा है।
शीघ्र ही हमारे राज्य में एक नई एवं आकर्षक खेल नीति लागू की जाएगी। इस नीति में विशेष रूप से हमारे युवाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा का विकास करने हेतु उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान होगा। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के कोने कोने में वंदना जैसी प्रतिभा के द्वीप प्रज्ज्वलित हों!

उत्तराखंड की बेटी ने हॉकी में हैट्रिक लगाकर टीम इंडिया को दिलाई जीत

हरिद्वार के छोटे से गांव की वंदना कटारिया ने ओलंपिक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में वंदना ने तीन गोल दागे और टीम को जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।

वंदना ने ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी का यह खिताब भी अपने नाम कर लिया है। बता दें कि 1984 के बाद किसी भारतीय ने ओलंपिक में हैट्रिक नहीं लगाई थी।

वंदना ने ऐतिहासिक उपलब्धि से दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी है। अपनी तैयारी के चलते वह पिता के निधन पर भी गांव नहीं आ सकी थीं। वंदना की इस उपलब्धि पर परिजनों, ग्रामीणों और जिले के खेल अधिकारियों में जश्न का माहौल है। बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के गांव रोशनाबाद निवासी वंदना कटारिया ने पढ़ाई के साथ हॉकी को अपना कॅरियर बनाने के लिए जी जान से मेहनत की है।

वंदना कटारिया का जन्म 15 अप्रैल 1992 में रोशनाबाद में ही हुआ है। वंदना कटारिया ने पहली बार जूनियर अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में 2006 में प्रतिभाग किया। वर्ष 2013 में देश में सबसे अधिक गोल करने में सफल रहीं।

जर्मनी में हुए जूनियर महिला विश्वकप में वंदना कटारिया कांस्य पदक विजेता बनीं। वंदना ने हॉकी में फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं।

2021 मई में पिता नाहर सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। तब गांव नहीं आ पाई थीं। तब ओलंपिक के लिए बेंगलुरु में चल रहे कैंप में तैयारी कर रही थीं। उसकी हैट्रिक लगाने से गांव में जश्न है।

ग्रामीण परिवार के लोगों को शुभकामनाएं देने पहुंच रहे हैं। उप जिला खेल अधिकारी वरुण बेलवाल ने वंदना कटारिया को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि करोड़ों भारतीय की दुआओं से महिला हॉकी टीम जरूर ओलंपिक से मेडल लेकर आएगी।

आईपीएल की तरह ही उत्तराखंड के खिलाड़ियों पर लगेगा पैसा, प्रतिभा निखारने का सुनहरा मौका

बाबा स्पोट्र्स एकेडमी काशीपुर यूएस नगर के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 अक्टूबर से तीन नवंबर तक उत्तराखंड बालीवाॅल प्रीमियर लीग के लिए मैच कराए जाएंगे। बताया कि वर्ष 2002 में राज्य की बालीवाल टीम ने स्वर्ण पदक, 2010 में रजक पदक तथा 2013 में कांस्य पदक जीता था। मगर, वर्तमान में राज्य की टीम का पदक तालिका में नाम नहीं है, जबकि यहां प्रतिभा की कमी नहीं है, इसी प्रतिभा को बाहर निकालने के लिए बाबा स्पोट्र्स एकेडमी की ओर से इस प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है।

एकेडमी के सचिव सचिन सेमवाल ने बताया कि इस लीग में 18 मैच आयोजित किए जाएंगे, जिसका आगाज राजधानी देहरादून से होगा। इसमें राज्यभर से ट्रायल के बाद छह टीमें बनाई जाएंगी। बताया कि मैदान में 12 खिलाड़ियों में से आठ उत्तराखंड से जबकि चार अन्य राज्यों से होंगे। बताया कि खिलाड़ियों सहित कोच व अन्य मेंबर पर देशभर से उद्योगपति पैसा लगाएंगे। इसमें खिलाड़ियों को ट्रैकशूट, किट, जूते दिए जाएंगे। इसका लाइव प्रसारण डीडी स्पोट्र्स पर किया जाएगा।

पत्रकार वार्ता के दौरान एकेडमी के कानूनी सलाहकार हरीश भट्ट, कुलशानंद गैरोला, अनवर खान, सूरज रोड, ब्रजेश तिवारी, नीरज शाह, अमित घिल्डियाल, राजेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।

आईडीपीएल खेल मैदान में मेयर अनिता ने किया फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्धाटन

आईडीपीएल खेल मैदान में मेयर अनिता ममगाई ने फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी हमें जीवन में बहुत कुछ सिखाता है। आज बहुत से खिलाड़ी खेल से ही अपने करियर बनाने के साथ-साथ देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इस तरह के टूर्नामेंट के आयोजित होने से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलता है।

हिमालयन फुटबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन पर मेयर अनिता ने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई भी की। कहा कि खिलाड़ी के लिए खेल का मैदान ही उसके जीवन का अभिन्न अंग होता है। लेकिन खेल के दौरान हार जीत की परवाह किए बगैर खेलों में प्रतिभाग करना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने आचार विचार को बेहतर बनाने के साथ-साथ संयमित भोजन करने का भी आह्वान किया ताकि वह शारीरिक रूप से पूरी तरह से फिट और मानसिक रूप से पूरी तरह से चुस्त और दुरुस्त होकर अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन कर सकें।

इस दौरान पार्षद विजय बडोनी, अनीता प्रधान, प्रवेश कुमार, सुरेन्द्र सुमन, प्रवेश कुमार, कनक धनै, प्रिया ढकाल, शीलू अग्रवाल, हेमलता चैहान, किरन त्यागी, कुलदीप टंडन, निर्भय गुप्ता, अनुराग मलिक, मयंक बिष्ट, अमन खत्री, मोहित बिष्ट, तनुज पोखरियाल, दीपक चैधरी, अभिनव चैहान, विजय आदि मौजूद रहे।

फुटबाॅल टूर्नामेंट में पहुंचकर कांग्रेस नेता जयेंद्र ने जाना खिलाड़ियों का परिचय

ऋषिकेश स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित पॉंच दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट के दूसरे दिन के मैच का शुभारंभ एआईसीसी के सदस्य जयेंद्र रमोला ने खिलाड़ियों का परिचय प्राप्त कर किया। उन्होंने खेल आयोजन को आवश्यक बताया। कहा कि खेल आयोजन से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान होती है। मौके पर पैर से किक लगाकर उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाया।

कहा कि आज का अधिकतर युवा मोबाइल में उलझा हुआ है और पिछले कुछ वर्षों से युवा शारीरिक कसरत की बजाए मोबाइल पर गेम खेलने में या सोशल मीडिया पर अपना समय व्यतीत करते हैं जो कि सेहत के साथ साथ शरीर को भी हानि पहुँचाने का काम कर रहा है। उन्होंने आयोजक मण्डल को आयोजन के लिये शुभकामनाएं दी।
समाजसेवी व पूर्व खिलाड़ी डीपी रतूड़ी ने कहा कि बड़ी खुशी की बात है कि संसाधनों की कमी होने के बावजूद भी युवाओं में खेलों के प्रति जागरूकता को देखने को मिल रही है और खेलों से शारीरिक मेहनत होने पर कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में भी मदद मिलती है इसलिये हम सभी को जहां जहां पर संसाधनो की कमी हो वहॉं पहुँचकर युवाओं को प्रोत्साहित करते हुऐ मदद करनी चाहिये।

टूर्नामेंट के आयोजक उपदेश उपाध्याय व जितेन्द्र मल्ला ने कहा कि आज उद्घाटन मैच हिमालय एफसी व यूनिटी एफसी के बीच हुआ जिसे 3-2 यूनिटी क्लब ने जीता। दूसरा मैच रायवाला एफसी व छिद्दरवाला एफसी के बीच हुआ जिसमें रायवाला एफसी ने 1-0 से मैच जीता। तीसरा मैच आरएसए-एसएम एफसी के बीच हुआ जिसमें एसएम एफसी ने 1-0 से मैच जीता।

टूर्नामेंट के शुभारंभ के अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनुराग पयाल, छिद्दरवाला टीम कोच गोकुल रमोला, शिवम् शर्मा, रेफरी शिवम् भारद्वाज, दिलप्रीत सिंह, सुरेन्द्र गौनियाल, वरूण कश्यप, विपिन राणा, सचिन राणा, अर्जुन, शेखर जोशी, अक्षय कटारिया, मनीष रावत, भारत चैधरी आदि मौजूद थे।

क्रिकेट टूर्नामेंट की विजेता टीम को राज्यमंत्री भगतराम कोठारी ने किया पुरस्कृत

गन्ना एंव चीनी उद्योग विकास बोर्ड के अध्यक्ष भगतराम कोठारी ने आज क्रिकेट टूर्नामेंट की विजेता व उप विजेता टीम को पुरस्कार दिया। मौके पर उन्होंने कहा कि युवाओं में खेल के प्रति भावना भी है और प्रतिभा भी। हमें युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए समय-समय पर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विजेता टीम को बधाई दी और उप विजेता टीम को प्रोत्साहित किया।

नवदुर्गा कमेटी डोईवाला के तत्वावधान में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच आज अलोक इलेवन व बजरंग इलेवन के बीच खेला गया। इसमें अलोक इलेवन की टीम खिताबी जीत दर्ज करने में कामयाब रही। टूर्नामेंट के फाइनल में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भगत राम कोठारी ने विजेता व उपविजेता टीम को टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। इससे पूर्व दोनों टीमों के खिलाड़ियों से मुख्य अतिथि द्वारा परिचय प्राप्त किया गया। टूर्नामेंट के समापन मौके पर क्रीड़ा भारती के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, पूर्व प्रधान एवं डोईवाला विधानसभा प्रभारी नरेंद्र नेगी, पूर्व अध्यक्ष निशांत मिश्रा, भाजपा मण्डल मंत्री सुन्दर लोधी आदि मौजूद रहे।

संसाधनों के बावजूद युवाओं में खेल जागरूकता होना, हर्ष की बातः जयेंद्र रमोला

छिद्दरवाला ग्रामसभा क्षेत्र में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला द्वारा युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करने के लिए खेल सामग्री दी गई व खेलों से होने वाले फायदों को बताया।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि आज का अधिकतर युवा मोबाइल में उलझा हुआ है और पिछले कुछ वर्षों से युवा शारीरिक कसरत की बजाए मोबाइल पर गेम खेलने में या सोशल मीडिया पर अपना समय व्यतीत करते हैं जो कि सेहत के साथ साथ शरीर को भी हानि पहुँचाने का काम कर रहा है और बड़ी ख़ुशी की बात है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी होने के बावजूद भी युवाओं में खेलों के प्रति जागरूकता को देखने को मिल रही है और खेलों से शारीरिक मेहनत होने पर कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में भी मदद मिलती है इसलिये हम सभी को जहां जहां पर संसाधनो की कमी हो वहॉं पहुँचकर युवाओं को प्रोत्साहित करते हुऐ मदद करनी चाहिये।

क्षेत्रीय समाजसेवी व पूर्व खिलाड़ी के के थापा व कोच भगवान सिंह पंवार ने कहा कि हम जयेन्द्र रमोला जी के आभारी हैं जो समय समय पर जब भी हमने कोई समस्या से अवगत करवाया इन्होंने मदद की, चाहे वह क्षेत्र में सेनिटाइजर करवाना हो या फोगिंग करवाना हो वह हर दम आगे आये हैं।

युवा कांग्रेस के नेता राकेश कंडियाल ने कहा कि आज हमारे क्षेत्र के युवाओं के खेल प्रति जागरूकता से यह सिद्ध हो गया है कि भले ही संसाधन की कितनी भी कमी क्यों ना हो पर खिलाड़ियों की खेल भावना को बचाने के लिये हमारे क्षेत्र भाई जयेन्द्र रमोला जैसे जनप्रतिनिधि व समाजसेवी हैं जो हर वक्त ऐसी किसी भी जरूरत में हमेशा आगे रहते हैं।

कार्यक्रम में अंशुल त्यागी, कमल रावत, रवि राणा, केके थापा, राकेश कंडियाल, शम्भु गुरूंग, दीप बग्याल, इकाई अध्यक्ष मनमोहन सिंह डोबलियाल, प्रवीन पोखरियाल, गिरीश रौथाण, जितेन्द्र त्यागी, भजन सिंह चैहान, बिजय बिष्ट के साथ खिलाड़ी नमन त्यागी, रिशूल नेगी, प्रवीन रावत, अमन नेगी, हर्ष कुमार, अनन्त त्यागी, प्रवेश पोखरियाल, साहिल पोखरियाल, राजवीर नेगी, आदेश पंवार, राहुल रावत, दिव्यांशु और अभिषेक आदि मौजूद थे।