महज 3 मिनट में सेटेलाइट को नष्ट करने की तकनीक अब हमारे पास भी

अंतरिक्ष में उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल करते हुए भारत दुनिया की नई महाशक्ति बन गया है। भारत की एंटी सैटेलाइट ए-सेट मिसाइल ने महज 3 मिनट में अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर लो अर्थ आर्बिट में एक पुराने लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। यह क्षमता अब तक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के पास थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अहम उपलब्धि की जानकारी देते हुए देश के नाम एक संदेश जारी किया। वही, भारत की सफलता से पाकिस्तान में खलबली मच गई है, उसने दुनिया से अपील की है कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे परीक्षण को देखें। मिशन शक्ति के तहत उड़ीसा के बालासोर स्थित डीआरडीओ परीक्षण केंद्र से बुधवार सुबह 11:16 पर ए-सेट लांच किया गया। लांचिंग के ठीक 3 मिनट बाद इसने चक्कर लगा रहे सेटेलाइट को नष्ट कर दिया। इस सेटेलाइट को कई साल पहले ही से हटा लिया गया था। परीक्षण के लिए एलईओ ने सैटेलाइट को इसलिए चुना गया था कि उसका मलबा अंतरिक्ष में ना रह जाए। परीक्षण के लिए ए-सेट के साथ बैलेस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर तकनीक का विकास भारत में ही किया गया। यह भारत की मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। इस तकनीक को अंतरिक्ष हथियार की भाषा में काइनेटिक किल के नाम से जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीआरडीओ को शुभकामना देते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कर लिया है। परीक्षण किसी के खिलाफ नहीं है ना ही इससे किसी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हुआ है। हमें भावी चुनौती का सामना करने और अपने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा।

खटीमा विधानसभा के विकास में धन की कमी नहीं आएगी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को तराई बीज मैदान, खटीमा मे लगभग 80 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया, इसमें 15 करोड से अधिक लागत 15 योजनाओ का लोकार्पण एवं 64 करोड 22 लाख के 50 कार्यो का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर एकलव्य आवासीय विद्यालय व केन्द्रीय विद्यालय के भवन निर्माण का शिलान्यास के साथ ही एकलव्य आवासीय विद्यालय हेतु 12 करोड 24 लाख 39 हजार की धनराशि स्वीकृत की गई है।

इस अवसर मुख्यमंत्री द्वारा बिज्टी से गोविदपुर-गुरूखुडा-टेडाघाट-गांधीनगर-पूर्णापुर के मार्ग का डामरीकरण, नानकमत्ता मे चिकित्सक की नियुक्ति करने, खटीमा मेलाघाट रोड व लाहियाहैड रोड पर रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज के प्रस्ताव बनाये जाने, खटीमा मे ट्रंचिग ग्राउण्ड, बंडिया भगचूरी मे सम्पर्क मार्ग व खटीमा सीवर लाईन का आंगणन तैयार कराये जाने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलवामा मे शहीद वीरेन्द्र सिंह राणा के पिता दीवान सिंह राणा को सम्मानित किया। उन्होने कहा कि हम ऐसे वीर परिवारो से जुडे रहे ताकि उनका दुःख-दर्द बांट सके। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी डा नीरज खैरवाल द्वारा शहीदो के परिवारों के कल्याण हेतु जमा कराई गई 10 लाख से अधिक की धनराशि को सराहनीय प्रयास बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2022 तक नये भारत के नये निर्माण की घोषणा की हैै। उन्होने कहा 2022 तक आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर, हर किसी के पास अपना घर होगा।उन्होने कहा भारत सरकार द्वारा 9 करोड से अधिक परिवारो को निःशुल्क गैस कनेक्शन दिये गये है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत सभी पात्र किसानो को 6 हजार रू सलाना देना प्रारम्भ कर दिया गया है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के अन्तर्गत असंगठित मजदूरो हेतु 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार मासिक पेंशन दी जायेगी।
उन्होने कहा आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत व अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान योजना के अन्तर्गत प्रदेश के सभी परिवारो को लाभान्वित किया जा रहा है इसके लिए राज्य मे 175 चिकित्सालय पंजीकृत किये गये है। नन्दा देवी गौरा योजना के अन्तर्गत कन्या के जन्म के समय उसे 11 हजार रूपया व उच्च शिक्षा हेतु स्नातक की पढ़ाइ के समय 51 हजार रूपये राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होने कहा बेटे व बेटी मे भेद नही होना चाहिए आज की बेटिया सबकुछ कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियो को समर्थ बनाये ताकि वे अपने पैरो मे खडी हो सके। उन्होने कहा प्रदेश सरकार द्वारा सभी आंगनबाडी कार्यकत्रियो को मोबाईल फोन उपलब्ध कराये गये है। उन्होने कहा भ्रष्टाचार पर नकेल कसने व आम आदमी की समस्या के निस्तारण हेतु जनपदवासी 05944-250250 पर व 1905 सीएम हैल्पलाइन नम्बर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। उन्होने कहा जिलाधिकारी द्वारा विद्यालयों मे शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के लिए 400 विद्यालयों को विभिन्न फर्मों के माध्यम से सीएसआर व एमएसआर के अन्तर्गत गोद देकर सराहनीय कार्य किया है।
इस अवसर क्षेत्रीय सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व मे प्रदेश के साथ-साथ देश मे सडको की हालत मे बहुत सुधार आया है। उन्होने कहा प्रदेश सरकार द्वारा पंतनगर व देहरादून एयरपोर्ट से कई स्थानो को हवाई सेवाएं प्रारम्भ की गई है। उन्होने कहा प्रदेश सरकार भी प्रदेश मे कई स्थानों से हेलीकाप्टर सेवा भी शुरू कर रही है।
इस अवसर पर खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी ने कहा खटीमा देश के वीरो की धरती है। उन्होने कहा जनजाति बच्चो के लिए एकलव्य आवासीय विद्यालय व केन्द्रीय विद्यालय भविष्य मे मील का पत्थर साबित होंगे। प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र मे तेजी से कार्य कर रही है। नानकमत्ता विधायक डा. प्रेम सिंह राणा ने कहा प्रदेश सरकार द्वारा जहां भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई गई है वही प्रदेश का चहुमुखी विकास किया जा रहा है।

10 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने स्वरोजगार के अवसर जानें

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने परेड़ ग्राउण्ड, देहरादून में “युवा उत्तराखण्ड-उद्यमिता एवं स्वरोजगार की ओर” कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में प्रदेश भर से 10,000 से अधिक विभिन्न क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की। 52 डिग्री काॅलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्र भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे प्रदेश से आए युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ राज्य एवं देश में उपलब्ध स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसरों से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में 50 प्रमुख उद्यमियों को भी आमंत्रित किया गया जिन्होंने राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। युवाओं की काउंसिलिंग कर रोजगार से जोड़ने में मदद कि गई। साथ ही स्वंय का उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवाओं का भी मार्गदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद
कार्यक्रम में लाॅटरी के माध्यम से चयनित कुछ युवाओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से वन टू वन प्रश्न पूछे जिनका मुख्यमंत्री ने विस्तार से जवाब दिया।
अल्मोड़ा से ईशा जोशी ने पूछा कि राज्य सरकार ने जीरो टाॅलरेंस की पाॅलिसी अपनाई है, फिर भी जनजीवन में कई रूपों में भ्रष्टाचार है, इसे दूर करने के लिए क्या किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार समाज से पूरी तरह से तभी दूर हो सकता है जब हम स्वयं से शुरूआत करें। रिश्वत लेने के साथ रिश्वत देना भी भ्रष्टाचार है। हमें ठान लेना चाहिए कि इस तरह की बात सहन नहीं करेंगे। अगर आप भ्रष्टाचार का कोई मामला देखते हैं तो सरकार को बताएं, ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक अंधा बेटा युद्ध में जा रहा था। मां ने जब रोका तो उसने कहा कि वह दुश्मन की एक गोली तो कम कर सकता है। हमें ये ही भावना रखनी चाहिए। यह नहीं सोचना चाहिए मैं अकेले क्या कर लूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनते ही भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस की नीति अपनाई गई। बहुत से लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की गई। भ्रष्टाचार न सहन किया है और न ही सहन करेंगे।
बागेश्वर से ज्योति ने पूछा कि पर्यटन कुछ स्थानों तक ही सीमित क्यों है। बागेश्वर में भी बहुत से सुंदर स्थान हैं, वहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए क्या किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हमारे पुराने पर्यटन स्थल सेचुरेटेड हो चुके हैं। हमारी सरकार नए पर्यटन स्थलों का विकास कर रही है। थीम बेस्ड 13 डिस्ट्रीक्ट 13 न्यू डेस्टीनेशन विकसित किए जा रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि हाई एंड टूरिस्ट राज्य में आएं। एडवेंचर टूरिज्म, वाटर स्पोर्ट्स, पर्वतारोहण, विंटर स्पोर्ट्स पर फोकस किया जा रहा है।
टिहरी के नीरज शर्मा ने पूछा कि प्रदेश में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गई। इसके बाद प्रदेश में इसमें आए प्रस्तावों पर क्या प्रगति हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड मे पहली बार इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गई। इसमें बड़ी-बड़ी कम्पनियों ने प्रतिभाग किया। 1 लाख 24 हजार करोड़ रूपए के एमओयू किए गए। पिछले 5 माह में 13 हजार करोड़ के निवेश पर धरातल पर काम शुरू हो गया है। इससे 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
पौड़ी के इंदू उनियाल ने पूछा कि पलायन आयोग की रिपोर्ट पर सरकार ने क्या किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन आयोग की रिपोर्ट से हमारे पास यह जानकारी आ गई है कि किस गांव से कितना पलायन हुआ और इसका क्या कारण था। यहां तक कि किस गांव में क्या स्थानीय संसाधन उपलब्ध हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना पर काम किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार पर खासतौर पर फोकस किया जा रहा है।
देहरादून के अभिषेक नैथानी ने पूछा कि राज्य में कनेक्टीवीटी की दिशा में क्या किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल व एयर कनेक्टीवीटी में बड़ा काम चल रहा है। आज जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट देश के प्रमुख शहरों से जुड चुका है। आॅलवेदर रोड़ व ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। मुजफ्फरनगर-देवबंद-रूड़की रेललाईन से देहरादून से दिल्ली का सफर साढे तीन घंटों में किया जा सकेगा।
देहरादून की प्रियंका बिष्ट ने पूछा कि उत्तराखण्ड आर्गेनिक स्टेट कब बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का पर्वतीय क्षेत्र वैसे तो डिफाल्ट ही आर्गेनिक है। परंतु सरकार ने अपने स्तर से बड़ी कोशिश की है। 10 हजार आर्गेनिक क्लस्टर चिन्हित किए जा रहे हैं। 27 ब्लाॅक को आर्गेनिक घोषित किया गया है। हम उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था भी कर रहे हैं।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और सहयोग से, राज्य के युवाओ को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने कि दिशा मे भी नये कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। उत्तराखण्ड में पहली बार 7, 8 अक्टूबर, 2018 को आयोजित इन्वेस्टर्स समिट ने रोजगार के अनगिनत अवसरों के द्वार खोल दिये। मार्च, 2019 तक साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रोजेक्ट धरातल पर उतर रहे हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण और संसाधनों से भरपूर राज्य उत्तराखण्ड मे अवसरों के असंख्य भण्डार मौजूद है। इससे उत्साहित होकर सैकड़ों निवेशकों ने उत्तराखण्ड में रुचि ली।
उत्तराखंड के tourist destinations देश ही नहीं विदेशो मे भी प्रसिद्ध हैं। राज्य मे पलायन रोकने और रोजगार के अवसर उप्लब्ध कराने मे पर्यटन का सबसे बड़ा योगदान है। इसीलिये पर्यटन को उत्तराखंड के लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा तो दिया ही है, साथ ही 13 जिलों में 13 नए थीम बेस्ड पर्यटन डेस्टिनेशन भी बनाये जा रहे हैं। साथ ही 5 हजार होम स्टे बनाने का लक्ष्य है जिनमें से 802 नए होम स्टे बनाए जा चुके हैं। सभी होम स्टेज को घरेलू दरों पर बिजली दी जा रही है। साहसिक पर्यटन को लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों जैसी सुविधाएं दी जा रही है। मसूरी व केदारनाथ धाम को भी जल्द रोपवे से जोड़ दिया जायेगा। इन निवेशों तथा सरकार की नीतियों के कारण राज्य मे स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।
उत्तराखण्ड की फिल्म पॉलिसी से राज्य मे शूटिंग को बड़ा प्रोत्साहन मिला। परिणाम यह हुआ कि फिल्मों व टीवी सीरियल की शूटिंग से हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिला। पिछले एक साल में 10 बड़ी फिल्मों की शूटिंग उत्तराखण्ड में हुई। इसके लिए उत्तराखण्ड को बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का नेशनल अवार्ड भी मिला है।
उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए पहली बार ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना की गई, ये ग्रोथ सेंटर प्रदेश की 670 न्याय पंचायतों में स्थापित होंगे, यहां स्थानीय स्तर पर मौजूद संसाधनों को रोजगार से जोड़ा जाएगा तथा स्थनीय लोगों को रोजगार के भरपूर अवसर उनके घर मे उपलब्ध कराये जायेंगे। अब तक 100 से ज्यादा स्थानों पर ग्रोथ सेंटर शुरू किये जा चुके हैं। ये ग्रोथ सेंटर – मसाले, ऊन, कीड़ाजड़ी, तिमला, पिरूल, शहद आदि पर केंद्रित हैं। हमने विषमताओं को अवसरों में बदलने की कोशिश की है। चीड़ आने वाले समय में प्रदेश में विकास का आधार बनेगा। पिरूल से बिजली बनाने के दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शत प्रतिशत प्लेसमेंट के लिये जाने जाने वाले प्लास्टिक इंजीनियरिंगसंस्थान सीपैट का 32वां केंद्र, केंद्र सरकार के सहयोग से डोईवाला, देहरादून मे प्रारम्भ कर दिया गया है। इस संस्था्न में 85 प्रतिशत सीटें उत्तराखंड के छात्र-छात्राओ के लिये आरक्षित हैं। युवाओं का कौशल विकास करके उनको स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा मे राज्य सरकार ने बहुत तेज गति से कईं ठोस कदम उठाये हैं। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर स्थापित किया गया और पहली बार ड्रोन फेस्टीवल का आयोजन किया गया। ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक सम्भावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गरीब सामान्य वर्ग के लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। गरीब प्रतिभावान बच्चों के लिए दो माॅडल स्कूल बनाएं जाएंगे। जिसमें पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 3,340 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत की गयी है। इससे 55 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों व स्वयं सहायता समूहों को जीरो इंटरेस्ट पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। हमारे जलाशय भी एक बड़ा स्त्रोत हैं। इन्हें वाटर स्पोर्ट्स के साथ ही फ्लोटिंग सोलर पावर का प्रमुख संसाधन बनाया जा सकता है। ऊधमसिंह नगर के गूलरभोज जलाशय में यह काम शुरू कर दिया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अप्रेल 2017 से वर्तमान तक प्रदेश में 3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं। जिनमें उद्योग व पर्यटन के क्षेत्र में लगभग 67 हजार, सेवा एवं कौशल विकास के माध्यम से लगभग 68 हजार, कृषि एवं सम्बन्धित क्षेत्रों में 2 लाख से अधिक एवं ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 2200 रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराये गये हैं।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ. धनसिंह रावत ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा पूरे जोश से प्रतिभाग कर रहे हैं। 10 हजार से ज्यादा युवा यहां मौजूद हैं जबकि 52 डिग्री काॅलेजों व विश्वविद्यालयों में भी छात्र कार्यक्रम से जुड़े हैं। उन्होंने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि चार सत्रों में विभिन्न विषयों पर परिचर्चा आयोजित की जाएंगी। राज्य सरकार 2019 को रोजगार वर्ष के तौर पर मना रही है। कार्यक्रम में 50 से अधिक कम्पनियां प्रतिभाग कर रही हैं। पहली बार युवाओं का इतना बड़ा कार्यक्रम किया गया है।
ओयो के सीईओ आदित्य घोष ने कहा कि दिल में जज्बा हो और आंखों में सपना हो तो कोई भी काम किया जा सकता है। सफल व्यक्ति वही है जिसे देखकर दूसरे लोग प्रेरित हों। जीवन में बहुत सी कठिनाईयां आती हैं बस अपने सपने को याद रखना चाहिए। सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए पूरी तरह फोकस होकर काम करें।
सम्पर्क फाउंडेशन के विनीत नायर ने कहा कि उड़ना सीखें। कम से कम कोशिश तो जरूर करनी चाहिए। पर्वतारोही कभी भी चोटी के बारे में नहीं सोचता है, वह केवल अगले कदम के बारे में सोचता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति स्पेशल होता है।
कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, मदन कौशिक, डा. हरक सिंह रावत, राज्य मंत्री रेखा आर्या, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, विधायकगण, मुख्य सचिव उत्पल कुमार, डीजीपी अनिल रतूड़ी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण व एक पर्वतारोही दल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यंग उत्तराखण्ड मोबाईल एप्प भी लांच किया गया।

रक्षा मंत्री ने शहीद सैनिकों की विधवाओं के पैर छूकर किया सम्मानित

सर्वे आॅडिटाॅरियम में आयोजित शौर्य सम्मान समारोह में देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने वीर नारियों को सम्मानित किया। रक्षा मंत्री ने वीर नारियों के पैर छूकर देश की ओर से कृतज्ञता प्रकट की।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उत्तराखण्ड की वीर नारियों से मिलकर उन्हें सदैव पे्ररणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सैनिक हर परिस्थिति में देश के लिए खड़े होते हैं। देश रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति हम सभी सदैव कृतज्ञ रहेंगे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने वन रैंक वन पेंशन स्व्ीकृत की। न केवल इसकी स्वीकृति दी गई बल्कि इसके लिए पर्याप्त बजटीय प्राविधान भी किए। अभी तक ओआरओपी पर 35 हजार करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। प्रति वर्ष 8 हजार करोड़ रूपए का बजट प्राविधान किया जाएगा। इसमें अब कोई भी एरियर लम्बित नहीं है। अब तीन वर्ष पूरे होने पर इस वर्ष इसकी समीक्षा भी की जाएगी और कोई कमियां पाएं जाने पर दूर किया जाएगा।
देश में 70 वर्ष बाद भी एक भी राष्ट्रीय वार मेमोरियल नहीं था। हमने फरवरी माह में नेशनल वार मेमोरियल बनाकर देश को समर्पित कर दिया है। यह हमारे शहीद सैनिकों की स्मृति को संजोए रखने का प्रयास है। पहले डिस्एबिलिटी के मामलों को सरकार द्वारा कोर्ट में अपील कर दी जाती थी। हमने ऐसे बहुत से मामलों को कोर्ट से वापिस लिया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने सीविल से इक्वीलेट करने वाले नोटिफिकेशन को वापिस ले लिया है। एसएससी में महिलाओं को पुरूषों के समान ही स्थायी कमीशन मिलेगा। देश में 200-200 बेड के तीन बड़े ईसीएचएस अस्पताल बनाए जाएंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अपने सैनिकों के साथ खड़ी है। उनके हित में जो भी सम्भव है किया जा रहा है। इस बारे में किसी प्रकार की शंका होने पर हमसे पूछिए, हर शंका का निवारण किया जाएगा। सरकार सैनिकों के मामलों में काफी संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में अर्धसैनिक कल्याण निदेशालय बनाया जाएगा। हम अपनी सेना की वीरता के कारण सुरक्षित महसूस करते हैं। हमारी सेना की यह वीरता पहले भी थी और आगे भी रहेगी। जरूरत थी इनका साथ देने के लिए राजनीतिक निर्णय लेने की इच्छाशक्ति की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह इच्छा शक्ति दिखाई है। उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए सेना को पूरी स्वतंत्रता दी है। आज पूरे विश्व में यह संदेश गया है कि हम आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दुश्मन के यहां घुसेंगे भी, मारेेंगे भी और वापिस भी आएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की कूटनीति से देश के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सुधार हुआ है। आज स्थिति यह हो गई है कि पाकिस्तान जिस ओआईसी का संस्थापक है वहां उसके विरोध के बावजूद भारत को विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में देश के लिए शहादत देने की परम्परा है। हमें अपने वीर जवानों की शहादत को सदैव याद रखना है। अगर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है तो पूरे देश को मन बनाना होगा। आज देश के लोगों ने मन भी बनाया है। हमारे सैनिकों में जज्बा पहले भी था और हमेशा रहेगा। हमने हमेशा युद्ध जीते परंतु बातचीत में गंवा देते। परंतु अब ऐसा नहीं होगा।
सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां के कण कण में देशभक्ति की भावना है। हमारे युवा देश के लिए सर्वस्व न्यौंछावर करने की भावना रखते हैं।
कार्यक्रम के संयोजक विधायक गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के लिए संवदेनशील है। शहीद सैनिकों के आश्रितों के लिए योग्यता के अनुसार नौकरी का प्राविधान किया गया है। जिलों में सैनिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल बनाया गया है।

ई गवर्नेंस पुरस्कार की धनराशि पुलवामा शहीद जवानों को दी

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्री जितेंद्र सिंह ने उन्हें नई दिल्ली में प्रदान किया।
सम्मान समारोह में भारत सरकार के मंत्री जितेंद्र सिंह ने एमडीडीए के उपाध्यक्ष डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव को ई गवर्नेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को नेशनल अवॉर्ड फॉर ई गवर्नेंस प्रदान किया। आपको बता दें कि भारत सरकार के कार्य मंत्रणा मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित यह पुरस्कार अखिल भारतीय स्तर पर राज्य के विभागों को प्रदान किया जाता है। केंद्रीय सचिव की अध्यक्षता में 10 सदस्य चयन समिति द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आमंत्रित आवेदनों में से प्रथम पुरस्कार के लिए एमडीडीए का चयन किया गया।

आपको बता दें कि डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव की छवि एक ईमानदार आईएएस और युवा अधिकारी के रूप में जानी जाती है। उत्तराखंड में एमडीडीए के उपाध्यक्ष से पहले उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। प्रशासनिक एवं राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि डॉ श्रीवास्तव एक ईमानदार अधिकारी हैं, जिन्हें आम जनता के द्वारा भी काफी सराहना मिली है। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि इस पुरस्कार के फलस्वरूप उन्हें ₹100000 की धनराशि इनाम में मिली है।उन्होंने बताया कि पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को यह धनराशि देने का निर्णय लिया है। भारतीय स्तर पर मिलने वाला यह सर्वोच्च पुरस्कार उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है, लेकिन एक आईएएस अधिकारी के द्वारा इतनी बड़ी धनराशि इनाम स्वरूप मिलने पर शहीद परिवारों को दान देने का निर्णय लेकर डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कई बड़े अधिकारियों और राजनीतिक दलों को आईना दिखाने का कार्य किया है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

तकनीकि कौशल व महत्वपूर्ण गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी जरूरी- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी भवन, आईटी पार्क, देहरादून में इण्डिया ड्रोन फेस्टिवल-2019 का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है, जहाँ ड्रोन फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस ड्रोन फेस्टिवल में 21 राज्यों से लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में ड्रोन का बहुआयामी उपयोग हो रहा है। सुरक्षा, सर्वे, आपदा के समय इस्तेमाल, स्वास्थ्य, क्राउड कंट्रोल, रेलवे लाईनों, नदियों की देख-रेख के आदि महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक तकनीक जीवन को आसान बनाने में मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन प्रशिक्षण केन्द्र एवं अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की गई। इसके लिए उन्होंने एनटीआरओ के पूर्व अध्यक्ष आलोक जोशी के प्रयासों की भी सराहना की। देहरादून में उत्तराखण्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई एसोसिएशन का गठन भी हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। इस तरह के जो भी आयोजन राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे है, उनमें प्रदेश के युवाओं को शामिल किया जा रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, इस तरह के कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर वे देश व प्रदेश कि तरक्की के लिए अहम भूमिका निभायेंगे। इस तरह के प्रशिक्षण से युवाओं व तकनीकि शिक्षा में बड़ा फायदा होगा व रोजगार के साधन बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि 6 मार्च को परेड ग्राउण्ड में ‘‘युवा उत्तराखण्ड- रोजगार एवं उद्यमिता की ओर’’ कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के हजारों छात्र प्रतिभाग करेंगे। तकनीक के माध्यम से डिग्री काॅलेज के छात्र-छात्राओं से भी जुड़ेंगे।
विधायक गणेश जोशी ने कहा कि कि ड्रोन विभिन्न क्षेत्रों में देश व प्रदेश के लिए वरदान के रूप में साबित हुआ है। यह अत्याधुनिक तकनीक प्रदेश में आने वाले समय में आपदा, कृषि, ट्रेफिक कंट्रोल व सर्वें के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।
इस अवसर पर सचिव आईटी आर. के सुधाुशु, सचिव वित्त अमित नेगी, डीजीपी अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार, आईटीडीए के निदेशक अमित सिन्हा, सर्वेयर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कुमार, हिन्दुस्तान एयरोनानाॅटिक्स लि. के निदेशक डी.एस चमोला, पेट्रोलियम विश्वविद्यालय से अरूण धन, ग्रुप केप्टन रजत द्विवेदी आदि उपस्थित थे।

पिछले 16 माह में देश में 2 करोड रोजगार का हुआ सृजन

देश में लोकसभा चुनाव नजदीक हैं ऐसे में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के आंकड़े मोदी सरकार के आत्मविश्वास को और मजबूत कर सकते हैं। देश में पिछले 16 माह के दौरान (सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक) करीब दो करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के पास उपलब्ध कंपनियों के ‘वेतन भुगतान’ संबंधी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) तथा पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने वाले लोगों की संख्या के आधार पर रोजगार को लेकर रिपोर्ट जारी करता है। ईएसआईसी के वेतन भुगतान से जुड़े आंकड़े भी इनमें से एक हैं जिन्हें सीएसओ अपनी रिपोर्ट में जारी करता है।

ईएसआईसी अपने पास पंजीकृत लोगों को स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा सेवायें उपलब्ध कराता है। इसमें वे सभी प्रतिष्ठान शामिल होते हैं जिसमें 20 या अधिक कर्मचारी काम करते हैं तथा जिनका वेतन 21,000 रुपये तक है। ईएसआईसी की इस योजना से सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक 1.96 करोड़ नये अंशधारक इस योजना से जुड़े। वहीं ईपीएफओ के आंकड़ों से पता चलता है कि संगठित क्षेत्र में दिसंबर 2018 में 7.16 लाख रोजगार सृजित हुए जो एक साल पहले इसी महीने में 2.37 लाख के मुकाबले लगभग तीन गुना है।
इसके अनुसार सितंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक 72.38 लाख लोग ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े। ईपीएफओ के दायरे में वे सभी कंपनियां आती हैं जहां 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। जिन कर्मचारियों का वेतन 15,000 रुपये मासिक तक है, वे अनिवार्य रूप से योजना के दायरे में आते हैं।
इसी अवधि में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या 9,66,381 रही। एनपीएस के अंतर्गत केंद्रीय तथा राज्य सरकार के कर्मचारी आते हैं। आम लोग भी इसे स्वेच्छा से अपना सकते हैं। इसमें कहा गया है कि मौजूदा रिपोर्ट संगठित क्षेत्र में रोजगार के बारे में जानकारी देती है और समग्र रूप से रोजगार का आकलन नहीं करती है।

शहीद की पत्नी ने ऐसे दी विदाई कि सब की आंखें भर आई

जम्मू के पुलवामा में शनिवार को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद देहरादून निवासी मेजर विभूति शंकर ढोंडियाल का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह उनके निवास डंगवाल मार्ग पर अंतिम दर्शन को रखा गया। शहीद की पत्नी निकिता, मां, दादी और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल। इस दौरान शहीद की पत्नी ने कहा जयहिंद। साथ ही पार्थिव शरीर को सैल्‍यूट किया। बोली आई लव यू विभू। पत्‍नी ने खुद शवयात्रा की अगुआई की। शहीद की पत्‍नी ने कहा कि जो चले गए उनसे कुछ सीखें, दुनिया में जो शहादत देते हैं, उनसे सीखना चाहिए। देश के लिए काम करने के बहुत सारे फील्ड हैं, ईमानदारी से काम करें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व विधानसभा अद्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत कई मंत्री, विधायक, सेना, शासन प्रशासन के आला अधिकारी ने शहीद को श्रद्धांजल‍ि दी। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को अश्रुपूरित आंखों से अंतिम विदाई दी। कहा ये देश सदैव हमारे शहीदों का ऋणी रहेगा। सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान हजारों का जन सैलाब उमड़ा। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए। लोग भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। शहीद विभूति अमर रहे के नारे भी लग गए। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गई।

सैन्‍य सम्‍मान के साथ किया गया अंतिम संस्‍कार

कश्मीर में शहीद उत्तराखंड के मेजर विभूति शंकर धौंडियाल का अंतिम संस्कार खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद के चाचा जगदीश प्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के वक्त मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम, पाकिस्तान मुर्दाबाद, मेजर धौंडियाल अमर रहे के नारे लगते रहे। इस दौरान शहीद मेजर के ससुर एमके कॉल, साले मनीष कॉल और सुशांत कॉल, बुआ कुसुम सकलानी और रेखा बहुगुणा मौजूद रहे। इससे पूर्व बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर रघु श्रीनिवासन, सीडीओ विनीत तोमर, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, महापौर अनीता शर्मा, मसूरी विधायक गणेश जोशी आदि ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर सैल्यूट किया।

उत्तराखंड को डबल इंजन का भरपूर फायदा मिल रहा: पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौसम खराब होने की वजह से रूद्रपुर में आयोजित जनसभा को फोन के माध्यम से संबोधित किया।प्रधानमंत्री ने जनता से क्षमा मांगते हुए कहा कि मैं उत्तराखण्ड तो पहुंचा लेकिन मौसम की खराबी की वजह से रूद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये विशाल जनसमूह का उन्होंने इस कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। कुमाऊंनी भाषा में अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि वो जब भी देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं, उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने बाबा केदार, योग और आध्यात्म, शौर्य और वीरता, मां गंगा, आदिगुरु शंकराचार्य जी की तपस्थली उत्तराखंड आने को अपना सौभाग्य बताया। आज एक बार फिर से इस धरती पर आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लिए रुद्रपुर का बड़ा महत्व है। यहां औद्योगिक इकाइयों के जरिए राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिल रही है, तो यह क्षेत्र किसानों का हब भी कहा जाता है। सिडकुल की स्थापना के बाद रूद्रपुर की पहचान अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात कि बेहद खुशी है कि चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को निभाने का उन्होंने भरसक प्रयास किया है। उन्होंने अपनी बात का दोहराते हुए कहा कि ये राज्य अटल जी की देन है और हमारी सरकार इसे संवारने की भरसक कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी से लेकर किसानों, युवाओं और महिलाओं की प्रॉस्पैरिटी के लिए पिछले साढ़े चार साल में उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में कई पहल की हैं। अब उत्तराखण्ड में साल के 12 महीने चार धाम यात्रा के श्रद्धालु आ सकते हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में खुशहाली भी ला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 4000 होटल कर्मियों और 1000 टूरिस्ट गाइडों का स्किल डेवलेपमेंट किया जाएगा। यानि 5 हजार युवा स्किल होकर रोजगार सुनिश्चित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में रेल नेटवर्क बहुत सीमित है, लेकिन केन्द्र सरकार में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उत्तराखण्ड को तीन गुना ज्यादा पैसा दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के बन जाने से न केवल चारधाम की यात्रा आसान होगी, बल्कि पहाड़ों पर भी रेल चलाने का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अलावा डोईवाला-गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर भी रेल लाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं के लोगों को जोड़ने के लिए नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस शुरू की गई है। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी मजबूत हो, सीमांत क्षेत्रों के लोग देश के अन्य स्थानों से सीधे कनेक्ट हो सकें और यह सामरिक दृष्टि से भी जरूरी है इसलिए भारतमाला योजना के तहत 628 किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में बिछाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्वे भवंतु सुखिना की भावना के साथ हमने देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को साल में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। आज देशभर में इस योजना से 12 लाख लोग निशुल्क उपचार करवा चुके हैं। 5 लाख 37 हजार परिवार इस योजना के दायरे में हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत जी द्वारा एक कदम आगे बढा़ते हुए इस योजना को और भी ज्यादा व्यापक रूप दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से उत्तराखंड के समस्त परिवारों को आरोग्य प्रदान करने का बीड़ा उठाया स्वास्थ्य के क्षेत्र में निश्चित रूप से यह क्रांतिकारी कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करते हुए एक स्वस्थ कार्यसंस्कृति का जन्म हुआ है। कामकाज का बेहतर पारदर्शी माहौल बना है, टॉप से लेकर बॉटम तक अधिकारियों की परफॉरमेंस और क्विक डिलीवरी की जिम्मेदारी तय हो रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले करीब दो साल में त्रिवेंद्र रावत जी एक साफ सुथरी और पारदर्शी सरकार देने में सफल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में समेकित सहकारिता विकास योजना की शुरुआत से छोटे मंझोले किसानों और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े कास्तकारों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। 3340 करोड़ रुपए की इस योजना से कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन से जुड़े लोगों को नया आयाम मिला है। उत्तराखंड में पलायन और रोजगार बड़ी समस्याएं रही हैं। इस योजना के बाद राज्य के 55 हजार युवाओं को रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा। करीब 50 लाख की आबादी को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की जिस व्यवस्था की बात हम करते हैं, वो आदर्श व्यवस्था इस योजना में लागू होगी। कास्तकारों को व्यवसाय शुरू करने या क्लस्टर खेती करने के लिए ऋण मिलेगा, उत्तम बीज मिलेगा, खाद मिलेगी। सहकारी समितियों के माध्यम से छोटी-छोटी जोत के किसानों के साथ ही बंजर भूमि पर क्लस्टर बनाकर सामूहिक खेती की जाएगी। सहकारी समितियां और मंडिया किसानों के उत्पादों की सीधी खरीद करेंगी। इस तरह योजना से जुड़े लोगों को उचित बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा धान की ऑनलाइन खरीद पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पैसा सीधे किसानों के खाते में गया है। किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान किया जा चुका है। चीनी मिल मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 साल में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पहल की और पिछले वर्ष इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करवाया। पर्यटन के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कदम उत्तराखंड सरकार ने उठाए हैं, उससे आने वाले समय में इस राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केंद्र के सहयोग से पिथौरागढ़ में पंचेश्वर बांध बनाया जा रहा है। इस बाँध से 5000 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकेगी। साथ ही चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर के तराई क्षेत्रों को न सिर्फ पीने के साफ पानी की सप्लाई होगी बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
इस अवसर पर नेशनल काॅपरेटिव डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार ने समेकित सहकारी विकास परियोजना की पहली किश्त का 100 करोड़ रूपये का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को सौंपा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सहकारी सदस्यों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज रहित ऋण भी वितरित किया। सितारगंज के गुरूबख्श सिंह, खिर्सू (पौडी) के हरिकिशन व मुन्स्यारी के जसवंत सिंह को एक-एक लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया, जबकि शबनम व नई दिशा महिला स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योेजना के तहत प्रदेश के 02 लाख कृषको को 1100 करोड रूपये के अल्पकालीन/फसली ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से अधिक से अधिक महिला समूहो को भी लाभावन्वित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत लघु एवं सीमांत सहकारी सदस्यो को 01 लाख तथा स्वयं सहायता समूहो को ब्याजरहित ऋण दिया जायेगा। 2022 तक किसानो की आय दुगनी करने के प्रधानमंत्रीजी के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रदेश मे दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना शुरू की गई थी, इस योजना के तहत 01 लाख 62 हजार 750 लघु एवं सीमांत कृषको को 807 करोड का ऋण मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हमेशा किसानों के हित को सबसे ऊपर रखा है। इसलिए पहली बार 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत से डेढ़ गुना बढ़ोतरी की है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बीज से लेकर बाजार तक की आदर्श व्यवस्था लागू की है। किसानों की इनपुट कॉस्ट कम करने और उन्हें इनकम सपोर्ट देने के लिए 2 हेक्टेयर तक या उससे कम जमीन वाले किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की निश्चित राशि देने की योजना शुरू की है। यह पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि उत्तराखंड के करीब 92 फीसदी किसान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा जमरानी बाँध के सभी बिन्दुओं और तकनीकी पहलुओं की गहन जाँच के बाद जमरानी बाँध के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी गयी है। 9 किलोमीटर लम्बे, 130 मीटर चैड़े और 485 मीटर ऊँचे इस बाँध के निर्माण से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ ही पेयजल व सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल पेयजल योजना का भी तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा अध्ययन कर लिया गया है। आशा है कि शीघ्र ही इस योजना के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के निर्माण से नैनी झील के जलस्तर को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। नैनी झील के रखरखाव के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी 20 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। 200 करोड़ लागत की मसूरी पेयजल योजना को केन्द्र से सैद्धान्तिक मंजूरी मिल गयी है। उन्होंने कहा कि मसूरी में ग्रीष्मकाल में पर्यटकों का आवागमन बढ़ जाने से पानी की समस्या बढ़ जाती है, इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद मसूरी क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल सकेगी। केन्द्र द्वारा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिलने से इस योजना के निर्माण के लिए शीघ्र ही आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, राज्य मंत्री डाॅ. धनसिंह रावत, रेखा आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, स्थानीय विधायक राजकुमार ठुकराल एवं आदि उपस्थित थे।

देहरादून में स्थापित होगी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी

युवाओं खासतौर पर उन छात्र-छात्राओं के लिए के लिए खुशखबरी है जो कि विधि के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। प्रदेश को क्वालिटी एजुकेशन हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष स्नेह है। इससे पूर्व डोईवाला में सीपैट की न केवल स्थापना की जा चुकी है बल्कि उसमें कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। किच्छा व लालढांग में दो नए माॅडल डिग्री काॅलेज व पौड़ी के पैठानी में व्यावसायिक काॅलेज के लिए तो भूमि चयन के साथ बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। हाल ही में प्रधानमंत्री जी ने रूसा के तहत इनका रिमोट के माध्यम से शिलान्यास भी किया था।
इस समय देश में 21 नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी हैं जिनमें क्लेट के माध्यम से प्रवेश होते हैं। इनमें स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, क्वालिटी व रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। देहरादून के रानीपोखरी में लगभग 10 एकड़ भूमि में इसकी स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी की स्थापना से प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं यहां आएंगे। इससे यूनिवर्सिटी के निकटवर्ती क्षेत्रों की आर्थिकी को भी फायदा होगा। प्रदेश सरकार उत्तराखण्ड को एजुकेशन व टूरिज्म हब बनाना चाहती है। इसमें केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की डबल रफ्तार देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी की गरिमा के अनुरूप पुनर्निर्माण किया गया है। चार धाम आॅल वेदर रोड़ पर तेजी से काम चल रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन पर भी समयबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है।