एम्स का दीक्षांत समारोहः स्वास्थ्य लाभ के लिये बापू देते थे उत्तराखंड को महत्वः कोविंद

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के प्रथम दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि उत्तराखंड में मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाएं है। इस राज्य के विकास को यदि सही गति मिले तो यह यूरोप से भी बेहतर सेवायें दे सकता है। स्वास्थ्य लाभ की दृष्टि से महात्मा गांधी भी उत्तराखंड को खास महत्व देते थे। कहा कि योग, अध्यात्म और आयुर्वेद उत्तराखंड की धरोहर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की भी प्रशंसा की। एम्स की आठ बेटियों को गोल्ड मेडल व उपाधि देने पर राष्ट्रपति ने प्रसन्नता जाहिर की।

एम्स ऋषिकेश की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलना चाहिए। चिकित्सा सेवाओं का स्तर ऊंचा उठने से यहां के लोगों की महानगरों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने उम्मीद जताई की एम्स यहां महिलाओं में बढ़ रहे एनीमिया और रक्तचाप जैसे रोगों को लेकर शोध करेगा। चिकित्सकों को टेलीमेडिसिन का लाभ पहुंचाया जा सकता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से देश की 40 फीसदी आबादी जुड़ चुकी है। एम्स शोध, चिकित्सा विज्ञान और शिक्षा की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स श्रेष्ठ संस्थान बनेगा। कहा कि जल्द ही केंद्र सरकार 14 और नये एम्स खोलने जा रही है।

एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने संस्थान की शैक्षणिक व चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख किया। कहा कि नए खुले छह एम्स में ऋषिकेश एक मात्र संस्थान है जिसमें आयुष्मान भारत योजना सबसे पहले लागू की है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की देन है।

इससे पहले राष्ट्रपति ने पीएचडी की एक एमबीबीएस की पांच और नर्सिंग की दो छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए। इसके अलावा 162 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इनमें 44 एमबीबीएस और 117 बीएससी नर्सिंगग शामिल है।

समारोह में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और माला राज्य लक्ष्मी शाह, मुख्य सचिव उत्पल कुमार, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी आदि उपस्थित थे।

रिमोट से चलने वाले हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिये नाबालिगों ने की थी चोरी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रिमोट से चलने वाले हेलीकॉप्टर को खरीदने के लिये दो नाबालिग किशोरों ने 66 हजार 550 रूपये की चोरी कर डाली। रानीपोखरी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक इस मामले में पंचायत घर रानीपोखरी के समीप चाय की दुकान चलाने वाली कृष्ण गोपाल पत्नी रामदास निवासी जौली ग्रांट ने गुरुवार सुबह रानीपोखरी थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी दुकान में बुधवार रात्रि 66 हाजर 550 रुपये छोड़कर घर चली गई थी। जब वह सुबह दुकान पर आई तो दुकान के गल्ले में रखे नगदी व उनका आधार कार्ड गया था।
इस मामले में थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने मामले की जांच उप निरीक्षक प्रशिक्षु प्रीति सैनी को इस मामले की जांच सौपी। प्रीति सैनी ने टीम गठित कर आसपास क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के आधार पर दो लोगों को लोकेट किया। गुरुवार सायं पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया। जिनमे 10 वर्षीय व 14 वर्षीय आरोपित, दोनों निवासी रानी पोखरी हैं।

दोनो ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह एक इलेक्ट्रॉनिक रिमोट कंट्रोल वाला हेलीकॉप्टर खरीदना चाहते थे, जब उन्होंने अपने घर वालों से इसके लिए पैसे मांगे तो उन्होंने महंगा बता कर पैसे नहीं दिए। जिसके बाद उन्होंने चोरी कर हेलीकॉप्टर खरीदने का विचार बनाया। पहली चोरी में वह कामयाबी हो गए थे मगर, इस बीच पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

एम्स छात्र से लूट कर भाग रहे युवक को अज्ञात वाहन ने कुचला

एम्स के छात्र से स्कूटी व पर्स आदि लूट कर भाग रहे तीन युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिसमें एक युवक की मौत हो गई। वहीं अन्य दो युवक भाग खड़े हुये। पुलिस युवक की पहचान में जुट गई है। साथ ही भागे गये युवकों की तलाश में भी जुट गई है।

बुधवार रात करीब दस बजे एक स्कूटी पर सवार तीन युवक रायवाला से ऋषिकेश की ओर जा रहे थे। शराब ठेके के पास उनकी स्कूटी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसके साथ स्कूटी पर सवार दो अन्य युवक वहां से भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि मृतक युवक की जेब से एम्स ऋषिकेश के छात्र का आइकार्ड बरामद हुआ है। जो किसी कमलदीप (25) निवासी ब्वायज हॉस्टल, एम्स, वीरभद्र रोड, ऋषिकेश व कोर्स एमबीबीएस का है। इस कार्ड में वैधता अवधि एक अप्रैल 2015 से 31 जनवरी 2018 लिखी हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है

एम्स के छात्र कमलदीप से लूटी थी स्कूटी
हादसे के बाद रात को ही एक युवक अपने दोस्तों के साथ ऋषिकेश कोतवाली पहुंचा। उसने बताया कि उसकी स्कूटी लूट ली गई है। साथ ही बदमाश उसका पर्स भी ले गए हैं। युवक ने अपनी पहचान कमलदीप के रूप में दी। कहा कि रात करीब साढ़े नौ बजे वह हॉस्टल के बाहर अपने सीनियर्स के पास जा रहा था। तभी बैराज पशुलोक मार्ग पर तीन लोगों ने उसकी स्कूटी और पर्स छीन लिया। घटना की सूचना उसने उसी वक्त पुलिस कंट्रोल रूम को भी दी। कमलदीप ने दुर्घटना में मृत युवक से मिले आइकार्ड को भी अपना बताया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से स्कूटी लूट की सूचना मिली थी। छात्र की शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि संभवतः जो युवक दुर्घटना में मारा गया है, वह स्कूटी लूट में शामिल था। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

आत्मविश्वास जागृत करने पर बच्चें बहुत कुछ करने में सक्षम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुरकल गांव में पुरकल यूथ डेवलपमेंट सोसायटी के 08वें वाषिकोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोसायटी के अटल टिंक्ंिरग प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा किये जा रहे विभिन्न भौतिक, रासायनिक व जैवीय प्रयोगों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयायटी द्वारा शैक्षणिक कार्यों के साथ ही बच्चों का कौशल विकास भी किया जा रहा है, यह सराहनीय प्रयास है। बच्चों को यदि प्रोत्साहित किया जाए तो, वे तेजी से तरक्की कर सकते हैं। यह इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। बच्चों के अन्दर आत्मविश्वास जागृत किया जाए तो वे बहुत कुछ करने में सक्षम हो सकते हैं। सोसायटी द्वारा अधिकांश गरीब परिवारों के बच्चों को यहां पर शैक्षिक गतिविधियों के साथ कौशल विकास पर बल दिया जा रहा है। जिसके आधार पर बच्चों द्वारा अधिकांश निष्प्रयोज्य का प्रयोग कर अनेक उपकरण बनाये गये हैं। वेस्ट को बैस्ट में बदलने का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ये बच्चे अपने हुनर के बल पर भविष्य में उन्नति के पथ पर अग्रसर होंगे तथा अपने कौशल व अनुभव से जरूरतमंदों की भी मदद करेंगे।

स्कूली अनुबंधित बसों का टैक्स आधा होने से मिलेगी राहत

अब स्कूलों में अनुबंध पर लगने वाली बसों का टैक्स भी आधा होने की उम्मीद है। परिवहन विभाग ने इसके लिये प्रस्ताव बनाया हैं। अभी तक टैक्स में छूट स्कूलों की स्वयं की बसों और वैन को ही है।

परिवहन दफ्तरों में पंजीकृत होने वाली स्कूल बस का टैक्स निजी बसों की अपेक्षा कम होता है। टैक्स व्यवस्था के हिसाब से स्कूल बस से तीन महीने के लिए 90 रुपये प्रति सीट के हिसाब से टैक्स वसूला जाता है, जबकि निजी बसों से 300 रुपये टैक्स लिया जाता है। निजी बस को अनुबंध पर स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए चलाया जाता है तब भी उसे 300 रुपये प्रति सीट के हिसाब से ही टैक्स देना होता है। ऐसे में निजी ट्रांसपोर्टर स्कूल में बसें लगाने से बचते हैं। ट्रांसपोर्टर अनुबंधित स्कूल बसों के लिए भी स्कूल वैन की तर्ज पर टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं। दरअसल, स्कूल का टैक्स मैक्सी-कैब की अपेक्षा आधा है। मैक्सी कैब का तीन महीने का टैक्स 415 रुपये प्रति सीट है, जबकि स्कूल वैन का टैक्स 207.50 रुपये प्रति सीट है।

वैन भी अनुबंध या निजी करार पर स्कूलों के लिए संचालित होती हैं। अनुबंधित स्कूल बसों को टैक्स में छूट देने के लिए परिवहन आयुक्त ने एक टैक्स निर्धारण कमेटी का गठन किया था। जिसमें आरटीओ देहरादून दिनेश चंद्र पठोई कमेटी के अध्यक्ष हैं। इस कमेटी ने स्कूली बच्चों की सुविधाओं को देखते हुए अनुबंध पर संचालित स्कूल बसों का टैक्स आधा कर देने की सिफारिश की है। इसमें शर्त होगी कि बस का संचालन निजी बुकिंग पर नहीं किया जाएगा।

कमेटी ने रिपोर्ट में बताया है कि स्कूलों संग अनुबंध करने वाले वाहन स्वामी प्रदेशस्तर का कांट्रेक्ट कैरिज परमिट लेते हैं और स्कूल बंद हो तो ये बसें निजी मार्गो पर संचालित की जाती हैं। टैक्स की छूट उन्हीं निजी बसों को मिलेगी, जो सभी नियम पूरे करती हों, रंग पीला हो और बसें केवल स्कूल के लिए संचालित हों।

सशस्त्र सीमा बल के प्रशिक्षण केंद्र पहुंच सीएम ने देवभूमि पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत शनिवार को श्रीनगर (पौड़ी) में सशस्त्र सीमा बल केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र के 11वें बुनियादी रंगरूट प्रशिक्षण कोर्स के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सेना में बेटियों की बढ़ती भागीदारी को देशहित में बताया। उन्होंने कहा कि सेना में बेटियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नारे को साकार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने रंगरूट प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षुओं को ट्राफी देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं द्वारा लिखी गई देवभूमि पुस्तक का विमोचन भी मुख्यमंत्री ने किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज का दिन हमारे जवानों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर तथा हम सब के लिए गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि अपने सैन्य बलों पर हमें गर्व है। ऐसे कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के लिए उनकी उत्सुकता बनी रहती है।

गढ़वाल और जम्मू कश्मीर का श्रीनगर एक हुए
उन्होंने कहा कि हमारे लिए एवं अर्द्ध सैनिक बल के लिए यह सम्मान की बात है कि एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भागीदारी कर जम्मू कश्मीर के युवक व युवतियां यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर वापस जा रहे हैं। यह गढ़वाल का श्रीनगर है वहां जम्मू कश्मीर का श्रीनगर है। आज दोनों श्रीनगर एक हुए हैं। यह गढ़वाल की पूर्व राजधानी है। वह जम्मू कश्मीर की वर्तमान राजधानी है। कश्मीर को देश का सिरमौर भी कहा जाता है।

मुख्यमंत्री ने यहां से प्रशिक्षण लेकर जाने वाले प्रशिक्षुओं के परिवार वालों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं की मजबूती से ही हमारा देश सुरक्षित है। सीमान्त क्षेत्रों के युवक व युवतियां यहां से प्रशिक्षण लेकर जा रहे हैं, इससे हमारी सीमाओं को और अधिक ताकत मिलेगी तथा हमारी सीमाएं और अधिक मजबूत होंगी।

भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान की संवेदनशील सीमाओं की जिम्मेदारी भी सीमा सशस्त्र बल पर है। उन्होंने कहा कि एसएसबी सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ अनेकों अन्य दायित्वों का निर्वहन भी पूरी तत्परता से कर रहा है। विगत वर्षों में सशस्त्र सीमा बल ने विभिन्न राज्यों के हुये चुनाव को सुरक्षित व शांतिपूर्ण निभाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सशस्त्र सीमा बल के ये 101 नव प्रशिक्षु जवान अपनी सीटीसी में आधारभूत प्रशिक्षण के मध्य सीखी गई अनूठी सैन्य विधाओं का प्रयोग करते हुए भारत-नेपाल व भारत- भूटान सीमाओं की रक्षा में भारत माता और अपने बल का नाम शिखर पर पहुंचाएंगे।

सीएम बोले कि देव भूमि में बसी इस सीटीसी में 44 सप्ताह का प्रशिक्षण ग्रहण करते समय यहां की मनोहर प्रकृति ने आपको अवश्य प्रेरणा दी होगी। निश्चय ही सैन्य प्रशिक्षण की इन विधाओं में दक्ष इस सीटीसी के सभी प्रशिक्षक बल कर्मी और उप महानिरीक्षक तथा महानिरीक्षक बधाई के पात्र हैं। इन्हीं के अथक प्रयासां के परिणामस्वरूप राष्ट्र सुरक्षा का सुदृढ़ प्रतिमान यहां तैयार किया जा रहे हैं। 44 सप्ताह की इस प्रशिक्षण अवधि में विभिन्न प्रशिक्षणों में सर्वोत्तम रहे प्रशिक्षुओं को उन्होंने विशेष रूप से बधाई दी। जिनकी अद्वितीय क्षमता ने उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितेंद्र कुमार, डोली देवी, सुमन लता, कमर इकबाल तथा शुभम वर्मा प्रशिक्षुओं को ट्राफी देकर सम्मानित किया। प्रशिक्षुओं को देश की अखंडता और एकता की शपथ दिलाई। समारोह में एसएसबी जवानों द्वारा बैंड, मार्च पास्ट व घुड़सवार प्रतिस्पर्धा समेत विभिन्न करतब आयोजित किये गये। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं द्वारा लिखी गई देवभूमि पुस्तक का विमोचन भी मुख्यमंत्री ने किया।

मेडिकल कॉलेजों में फीस संबंधी मामले पर हाईकोर्ट ने छात्रों को दी राहत

उच्च न्यायालय नैनीताल ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को राहत दी है। कोर्ट ने कॉलेजों के फीस संबंधित हिमालयन मेडिकल कॉलेज व कम्बाइंड इंट्रेंस एक्जाम एसोसिएशन की विशेष अपील को खारिज कर एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखा है। उक्त मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी खंडपीठ ने की।

पूर्व में एकलपीठ ने सरकार के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के फीस बढ़ाने वाले शासनादेश को निरस्त कर दिया था। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन छात्रों ने नये शासनादेश के हिसाब से फीस भर दी है। उनको 15 दिनों के भीतर फीस वापस दी जाए।राज्य सरकार ने आयुर्वेदिक मेडिकल कालेजो की फीस बढाने को लेकर 14 अक्टूबर 2015 को एक शासनादेश जारी किया था। इस साशनादेश को छात्र ललित तिवारी समेत अन्य ने याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, याचिका में कहा गया था कि सरकार ने गलत तरीके से फीस बढाने का जीओ जारी किया है ।

याचिका में कहा गया था कि मेडिकल कॉलेजों ने अपने प्रॉस्पेक्ट्स के आधार पर एडमिशन फीस को 80 हजार रुपये ली थी। परन्तु सरकार ने नया जीओ जारी कर इस फीस को बढ़ाकर दो लाख 15 हजार कर दिया। जो एक्ट के विरुद्ध व अवैध है। पूर्व में एकलपीठ ने छात्रो से अधिक ली गयी फीस को वापस करने के आदेश दिए थे। इस आदेश को कालेज व अन्य ने खण्डपीठ में चुनोती दी थी जिसपर आज सुनवाई करते हुए खण्डपीठ ने एकलपीठ के आदेश को सही मानते हुए कालेज व अन्य की विशेष अपील निरस्त कर दी है।

पहचान छुपाकर एक युवक ने युवती से की दुष्कर्म की वारदात, आरोपित गिरफ्तार

राजधानी देहरादून में एक युवती ने कोतवाली को तहरीर देकर बताया कि इंडियन आयडल प्रतियोगिता में मौका दिलाने के नाम पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। युवक ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। बाद में युवती को जब उसके वास्तविक नाम का पता चला। तो उसने सारी बात अपने घर में बताई।

कोतवाल शिशुपाल नेगी ने बताया कि बुधवार को कोतवाली नगर पर एक युवती ने तहरीर दी। बताया कि उसे गाना गाने का शौक है। वर्ष 2016 में इंडियन आयडल के सिंगिंग ऑडिशन के लिए वेबसाइट पर स्क्रैप डाला था। इसके बाद उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को इंडियन आयडल से बताते हुए नाम अभिषेक नेगी बताया। उसने इंडियन आयडल में बिना फीस के मौका दिलाने का बात कही।

जुलाई 2016 में युवक दून आया और उसे मसूरी ले गया। जहां उसके साथ एक होटल में दुष्कर्म किया। कॅरियर के चक्कर में उस समय यह बात किसी को नहीं बताई। इसके बाद युवक ने प्रैक्टिस के लिए दिल्ली बुलाया और वहां भी दो दिन तक दुष्कर्म किया। पीड़िता के मुताबिक इसके बाद उसने उसे सीए की तैयारी करने के लिए कहा। जिसके बाद वह घर आ गई। इसके बाद फिर युवक देहरादून आया और रेलवे स्टेशन पर एक होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद वह पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गई। जहां युवक ने शादी का झांसा देकर फिर दुष्कर्म किया।

असल आईडी से सामने आयी सच्चाई
पीड़िता के मुताबिक इसी बीच एक दिन युवक की आइडी हाथ लगी तो उसके होश उड़ गए। उसका नाम फिरोज खान था। जिसके बाद उसने परिजनों को सारी बात बताई। शिकायत पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज गिरफ्तारी को टीम का गठन किया गया। चूंकि आरोपित युवती के संपर्क में था। इसलिए युवती की मदद से आरोपित फिरोज खान पुत्र असलम खान निवासी 360 साबरी गेट, नियर बड़ी मस्जिद मेरठ को दून बुलाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

युवती के अकाउंट का किया गलत इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक युवती के दिल्ली में रहने के दौरान आरोपित ने दोस्ती का वास्ता व आर्थिक तंगी की बात कहकर उससे खाता नंबर और एटीएम ले लिया। जिससे वह अवैध ट्रांजेक्शन करने लगा। अकाउंट की डिटेल निकाली तो इस्तेमाल किसी धोखाधड़ी में करना पाया गया। इस संबंध में सेक्टर-4 थाना बोकारो झारखंड में अकाउंट होल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।

आरोपी रशिया में आर्टिफीशियल ज्वैलरी का करता है काम
एसएसआइ कोतवाली अशोक राठौर ने बताया कि आरोपित से पूछताछ में पता चला कि वह ग्रेजुएट है। दिल्ली से उसने बीसीए भी किया है। वर्तमान में वह रशिया में आर्टिफीशियल ज्वैलरी की एग्जीवीशन लगाता है। ज्वैलरी वह दिल्ली से खरीदकर रसिया ले जाता है। वह अभी तक दस से पंद्रह युवतियों से धोखाधड़ी कर चुका है।

859 पोर्न साइट्स को तत्काल बंद करें केंद्र सरकारः हाईकोर्ट

अश्लील वीडियो देख बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये न्यायालय ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को भी केंद्र सरकार की सूची के अनुसार पोर्न साइट्स बंद करने को कहा है।

पिछले दिनों देहरादून के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में दसवीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामूहिक दुष्कर्म में चार नाबालिग छात्रों का भी नाम सामने आया। चारों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि पोर्न साइट देखने के बाद उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।

इस मामले का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ द्वारा स्वतरू संज्ञान लिया गया। गुरुवार को खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए अहम दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 859 पोर्न साइट्स को बंद करने तथा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों (आइएसपी) को भी केंद्र की सूची के आधार पर पॉर्न साइट्स नहीं चलाने के आदेश पारित किए।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह बताने को कहा है कि 2014 में इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन के अनुपालन में क्या कार्रवाई की गई। केंद्र को इस पर 11 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करना होगा। कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता अरविंद वशिष्ट को न्याय मित्र नियुक्त किया है।

गंगा में बह रहे चार लोगों को जल पुलिस के जवानों ने बचाया

ऋषिकेश घूमने आए चार लोगों की आफत तब बन आयी जब त्रिवेणी घाट पर नहाने के दौरान वह बहने लगे। इसी बीच जल पुलिस के जवानों ने इन चारों को बचा लिया। जिनमें दो युवक और दो युवती शामिल है।

त्रिवेणी घाट में अजय 23 वर्ष पुत्र टीनू रामधाम कॉलोनी बहादराबाद, सोनू 20 वर्ष पुत्र बलवीर सिंह ग्राम पलूनी भगवानपुर, मोनी 19 वर्ष पुत्री अमरलाल ब्रहमपुरी हरिद्वार और शिवानी 19 वर्ष पुत्री रिखीराम ब्रहमपुरी हरिद्वार गुरुवार की दोपहर त्रिवेणी घाट घूमने के लिए आए थे।

इस बीच एक युवती का पैर फिसला और वह पानी में बहने लगी। उसे बचाने के लिए तीन अन्य साथियों ने भी गंगा में छलांग लगाई। मगर, वह भी बहने लगे। पास में मौजूद जल पुलिस के जवान हरीश गुसाईं, आपदा प्रबंधन दल पीएसी हरिद्वार के सिपाही भोपाल सिंह, शैलेंद्र चमोली, मनेंद्र चौहान और मातवर सिंह ने गंगा में डूब रहे इन चारों लोगों को सकुशल बाहर निकाला।