जम्मू में हुयी गोलाबारी, सेना ने संभाला मोर्चा

जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में दो जेसीओ शहीद हो गए हैं, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को सुंजवां में चल रहे ऑपरेशन और हालिया स्थिति के बारे में जानकारी दी है। अब इस ऑपरेशन में वायु सेना भी शामिल हो गई है। ऑपरेशन के लिए उधमपुर से पैरा कमांडो बुला लिए गए हैं। ऑपरेशन पिछले सात घंटे से जारी है। हमले के चलते कश्मीर से लेकर दिल्ली तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चौकसी और बढ़ा दी गई है।

इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से बात की है। डीजीपी एसपी वैद्य ने आतंकी हमले के बारे में गृहमंत्री को पूरी जानकारी दी हैं। गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आतंकियों के खात्मे के लिए सेना का ऑपरेशन जारी है।

सुबह 5 बजे के करीब आतंकियों ने किया हमला

बता दें कि आतंकियों ने ये आत्मघाती हमला शनिवार को तड़के सुबह 5 बजे के आसपास किया। जानकारी के मुताबिक, 3-4 आतंकी कैंप के पीछे के इलाके से जाली काटकर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू की।

आतंकियों के इस हमले का क्विक रेस्पांस टीम ने भी जवाब दिया है। हमले को देखते हुए पूरे जम्मू में हाई अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही इलाके को सील कर दिया गया है। सुरक्षा बल हेलिकॉप्टर के जरिए निगरानी रख रहे हैं।

हमले के पीछे हो सकता है जैश ए मोहम्मद

ताजा जानकारी के मुताबिक, ये सभी आतंकी आर्मी कैंप के रिहायशी इलाके में छिपे हुए हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक अफजल गुरू की बरसी को देखते हुए पूरे जम्मू कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। खुफिया सूत्रों ने आत्मघाती हमले की आशंका जताई थी। इस हमले के पीछे जैश ए मोहम्मद का हाथ हो सकता है।

आतंकी आर्मी कैंप में फैमिली क्वार्टर की तरफ छिपे हुए हैं। फिलहाल, ऑपरेशन जारी है। हालांकि, कितने आतंकी हैं, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि इनकी संख्या 3-4 हो सकती है।

जेटली बोले पेट्रोल जीएसटी के दायरे में नहीं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रही लगातार बढ़ोतरी की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं, लेकिन पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आपको जल्द राहत मिलती नहीं दिख रही है। बजट के बाद जीएसटी परिषद से राहत की उम्मीद कर रहे आम आदमी यहां भी खाली हाथ हो सकता है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को बताया कि राज्य पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों का फिलहाल जो मन है, वह यह है कि वे पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहते।

हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि प्राकृतिक गैस, रियल इस्टेट पहले जीएसटी के दायरे में लाए जा सकते हैं। इनके बाद कहीं जाकर पेट्रोल और डीजल का नंबर लग सकता है। उन्होंने कहा कि इसके बाद हम पेट्रोल, डीजल, पीने योग्य अल्कोहल को भी इसके दायरे में लाने के लिए प्रयास करेंगे।

सहमति न बनने की ये है वजह

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भी कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होता है, तो इससे राज्यों का राजस्व भी बढ़ता है। राज्यों के राजस्व की एक बड़ी रकम पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट से आती है।

इसके साथ ही कम वैट लगाने वाले राज्य की सरकारें अपने राजनीतिक लाभ को देखते हुए पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर सहमत नहीं होंगे। क्योंकि उनके सामने जीएसटी की वजह से कीमतें बढ़ने का खतरा होगा।

कई राज्यों में बढ़ जाएंगे दाम

जीएसटी परिषद के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, तो इससे देशभर में अलग-अलग सेल्स टैक्स की बजाय एक ही टैक्स हो जाएगा।

इससे भले ही महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों में थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन कम वैट वसूलने वाले राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बहुत बड़े स्तर पर बढ़ोतरी हो जाएगी। ऐसे में कोई राजनीतिक पार्टी नहीं चाहेगी कि वह ऐसा कोई कदम उठाए।

बता दें कि आम आदमी को उम्मीद थी कि बजट में एक्साइज ड्यूटी घटाकर सरकार आम आदमी को राहत देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने पहले एक तरफ एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला लिया तो वहीं, दूसरी तरफ सेस बढ़ाकर तेल की कीमतों को बराबर कर दिया।

इस बजट में केंद्र सरकार ने पहले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला बेसिक उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) को 2 प्रतिशत कम करने का फैसला लिया। साथ ही सेस में 2 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम जस के तस रहेंगे।

सरकार द्वारा सेस में की गई बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल के दाम जितने कम हुए उतना ही बढ़ भी गए। दरअसल, एक्साइज ड्यूटी में 2 फीसदी की कमी से पेट्रोल-डीजल 2 रुपए सस्ता हो गया।

इसके तहत पेट्रोल पर लगने वाला एक्साइज ड्यूटी 6.48 रुपये से घटाकर 4.48 रुपये और डीजल पर 8.33 रुपये से घटाकर 6.33 रुपये प्रति लीटर किया गया है। वहीं, सेस (सड़क उपकर) में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है और इसे 6 रुपए से बढ़ाकर 8 रुपये कर दिया गया है।

साइबर फॉरेंसिक लैब के जरिये पकड़ में आ पायेंगे ठग

साइबर ठगी करने वाली की अब खैर नहीं। जल्द देहरादून में साइबर फॉरेंसिक लैब खुलने जा रही है। यह राज्य की पहली साइबर फॉरेंसिक लैब होगी। लैब के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को गृह मंत्रालय ने डेढ़ करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया है।

साइबर क्राइम फॉरेंसिक लैब खुलने से देहरादून सहित उत्तराखंड के तेरह जिलों को इसका फायदा होगा। अब तक स्थानीय पुलिस साइबर ठगी की पड़ताल के लिए दिल्ली या फिर चंडीगढ़ की फॉरेंसिक लैब की मदद लेती है, जिससे केसों को हल होने में लंबा समय लग जाता है। मगर अब आनलाइन फ्रॅाड या सोशल मीडिया के जरिये होने वाले अपराधों की जांच स्थानीय स्तर पर भी हो सकेगी।

गृह मंत्रालय से आवंटित बजट से जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। जिसके बाद यह लैब शुरू हो जाएगी। लैब को फिलहाल गांधी रोड स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ही स्थापित किया जाएगा। बाद में लैब के लिए अलग भूमि मिलने और भवन बनने पर उसे नए स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।

देश को मिला नया मुख्य चुनाव आयुक्त

देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत होंगे। वे मंगलवार यानि 23 जनवरी को अपना कार्यभार संभालेंगे। एके ज्योति 22 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही अशोक लवासा को चुनाव आयुक्त बनाया गया है।

वर्तमान सीईसी ज्योति ने अपने कार्यकाल के आखिरी वक्त में आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है, जिससे दिल्ली की सियासत बेहद गर्म हो गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में रावत का कार्यकाल 11 महीने का होगा। रावत इस साल दिसम्बर तक अपने पद पर रहेंगे। रावत की देखरेख में इस साल होने वाले राजस्थान, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के चुनाव भी शामिल हैं।

कानून मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने पूर्व वित्त सचिव अशोक लवासा को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। आयोग में चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की गयी है। एक अन्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा हैं।

ओम प्रकाश रावत 1977 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। 14 अगस्त 2015 को उन्हें चुनाव आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले रावत मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज एंड पब्लिक इंटरप्राइजेज में सचिव पद पर तैनात थे। 2 दिसंबर 1953 में उनका जन्म हुआ था। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से उन्होंने डेब की है। अपने लंबे सेवाकाल में रावत राज्य के साथ-साथ केंद्र में भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश करने पर आप ने एके ज्योति पर दबाव में ये फैसला करने की बात कही है। साथ ही एके ज्योति को राज्यपाल बनाए जाने का लालच मिलने का भी आरोप लगाया।

चीन ने सेना प्रमुख के बयान को बताया तनावपूर्ण

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान से चीन बौखलाया हुआ है। बतौर चीन, जनरल का बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाएगा। चीन ने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से सीमा पर हालात और तनावपूर्ण होंगे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने जनरल बिपिन रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीते एक साल में भारत और चीन के संबंधों में काफी उथल-पुथल रही है। पिछले साल भारत-चीन के रिश्तों ने कुछ उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन पिछले साल सितंबर में ब्रिक्स सम्मेलन के इतर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात में रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए उनमें आम राय बनी थी।

लू कांग ने कहा कि ऐसी बयानबाजी दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने के प्रयासों पर विपरीत असर डालेगी। इससे सीमा पर शांति बनाए रखने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है। लू ने कहा कि चीन और भारत अहम पड़ोसी हैं। वे राष्ट्रीय विकास एवं उत्थान के निर्णायक चरण में हैं। दोनों देशों को सामरिक संवाद बढ़ाना चाहिए, सामरिक संदेह दूर करना चाहिए और सामरिक सहयोग संचालित करना चाहिए।

डोकलाम पर फिर चीन ने जताया अपना हक

प्रवक्ता ने कहा कि हम भारतीय पक्ष से अपील करते हैं कि वह दोनों नेताओं की ओर से बनी आम राय के बाद के कदमों पर काम करे ताकि सीमाई इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के उपाय किए जा सकें और ऐसी चीजों से परहेज किया जाए, जिससे हालात जटिल होते हों। जरूरी मामलों को रचनात्मक तरीके से संभाला जाए और द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास को बढ़ावा दिया जाए। इससे समूचे क्षेत्र एवं भारतीय पक्ष के साझा हित सधेंगे। एक सवाल के जवाब में लू कांग ने जनरल बिपिन रावत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि डोकलाम पर हमारा रुख साफ है। डोकलाम चीन का हिस्सा है और हमेशा चीन के अधिकार क्षेत्र में रहा है।

गौरतलब है, बिपिन रावत ने कहा था चीन मजबूत तो भारत भी कमजोर नहीं। भारत को पाकिस्तान के साथ लगती सीमा के साथ-साथ पूर्वी सीमा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। भारत अपनी सीमा पर किसी भी देश को अतिक्रमण नहीं करने देगा। अब हालात 1962 जैसे नहीं है, हर क्षेत्र में भारतीय सेना की ताकत बढ़ी है। रावत ने यह भी कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास बीजिंग की ओर से दबाव बनाया जा रहा है।

पहली बार क्षेत्र में बॉलीवुड कलाकार देख उत्साहित हो रहे ग्रामीण

इन दिनों जौनसार बावर क्षेत्र में बॉलीवुड के कलाकार पहुंच रहे है। जिन्हें देखने के लिये ग्रामीण सुबह से ही एकत्र हो जाते है। दरअसल में वैराटखाई क्षेत्र में हिन्दी फिचर फिल्म राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की शूटिंग शुरू हो गयी है। इस फिल्म के भारत-चीन युद्ध के दृश्यों को फिल्माने के लिये इस क्षेत्र को चुना गया है।
जौनसार-बावर के वैराटखाई क्षेत्र में हिंदी फिल्म राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की शूटिंग शुरू हो गई है। क्षेत्र में पहली बार बॉलीवुड फिल्म की शूटिंग देखकर ग्रामीण खासे उत्साहित हैं। फिल्म की शूटिंग के लिए वैराटखाई पहुंच रहे बॉलीवुड कलाकारों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। वैराटखाई में भारत-चीन युद्ध के कुछ दृश्यों का फिल्मांकन होना है।

जेएसआर प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही इस फिल्म में संध्या इंटरप्राइजेज सहयोगी की भूमिका में है। अभिनेता गिरीश सचदेवा समेत फिल्म के अधिकांश कलाकार वैराटखाई पहुंच चुके हैं। सचदेवा दबंग-टू, रामलीला, जब तक है जान समेत 37 फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। राइफलमैन जसवंत सिंह रावत उनकी 38वीं फिल्म है। बता दें कि किसी बॉलीवुड फिल्म की शूटिंग के लिए पहली बार जौनसार-बावर के प्रमुख पर्यटन स्थल वैराटखाई का चयन किया गया।

फिल्म में वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दृश्यों का फिल्मांकन किया जाना है। शूटिंग के लिए मुंबई से देहरादून पहुंचे बॉलीवुड कलाकार मुकेश तिवारी इन दिनों निर्माता तरुण रावत, क्रिएटिव प्रोड्यूसर सुमित अधलखा, कलाकार इश्तियाक खान, शिशिर तिवारी आदि यूनिट मेंबर के साथ वैराटखाई में हैं।

चाइना गेट, गंगाजल व गोलमाल जैसी सुपरहिट फिल्मों में अहम भूमिका निभाने वाले मुकेश तिवारी को देखने के लिए ग्रामीणों में खासा उत्साह है। ग्रामीणों का मानना है कि आगे भी क्षेत्र में यदि इसी तरह यहां फिल्मों की शूटिंग होती रही तो इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

भाजपा विधायक ने तोड़ा नियम, शादी कार्ड पर छपवाया उत्तराखंड शासन का लोगो

भाजपा विधायक ने किसी बात की परवाह न करते हुये शादी के कार्ड पर शासन का लोगो छपवा लिया। इस संबंध में जब उनसे पूछा गया तो वह बेहिचक बोले कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है, बल्कि इससे तो अच्छा संदेश जायेगा।

उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर ने अपनी गोद ली हुयी बेटी की शादी कार्ड पर उत्तराखंड शासन का लोगो तक छपवा लिया है। जैसे ही कार्ड बंटने लगे, तो यह बात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गयी। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट्स आने लगे। लोगों ने अपने-अपने विचार रखे।

गौरतलब है कि शासन का लोगों केवल शासकीय कार्यों हेतु ही प्रयोग में लाया जा सकता है, निजी तौर पर इसका प्रयोग करना एक तरह से नियम तोड़ना ही है, लेकिन भाजपा विधायक ने मनमर्जी के चलते लोगो को ही शादी कार्ड पर छपवा दिया।

विधायक सुरेश राठौर का कहना है कि मैनें किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। यह मेरी गोद ली हुई बेटी है। एक्सीडेंट में इसके माता-पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही मेरी पत्नी और मैं इसका भरण-पोषण कर रह हैं।

शादी का भी पूरा खर्चा हम ही उठा रहे हैं। कार्ड पर लोगो छपवाने का मतलब कानून का उल्लंघन करना नहीं है। इससे पार्टी का अच्छा संदेश जाएगा कि भाजपा गरीब परिवारों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव में दिखेगी स्मृति की फिल्म

नैनीताल की स्मृति पांडे द्वारा निर्मित लघु फिल्म को आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिये चुना गया है। स्मृति पांडे को पिछले वर्ष जल संरक्षण में शोध करने पर पूना में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की बाल वैज्ञानिक के रूप में सम्मानित भी किया जा चुका है।

गोहाटी में अगले माह आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिए सेंट मैरी कांवेंट नैनीताल की कक्षा आठ की छात्रा स्मृति पांडे की लघु फिल्म चयनित हुई है। रचनात्मक शिक्षक मंडल के नवेंदु मठपाल ने बताया कि छात्रा ने पिछले साल ढेला में सुदर्शन जुयाल के निर्देशन में फिल्म मेकिंग की कार्यशाला में भाग लिया था। मठपाल ने बताया कि इन दिनों भी स्मृति ढेला रामनगर में आयोजित जश्न ए बचपन कार्यक्रम में अभिनय की बारीकियां सीख रही है।

भारत सरकार छात्रों व समाज के बीच वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान प्रसार नेटवर्क द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जाता है। महोत्सव के लिए छात्रा द्वारा बनाई गई प्यासे विश्व की पुकार लघु फिल्म चयनित की गई है। फिल्म का प्रदर्शन फरवरी माह में गोहाटी में राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव में किया जाएगा

चार क्रिकेट खिलाड़ी गिरफ्तार, पाकिस्तानी राष्ट्रगान का कर रहे थे सम्मान

जम्मू एवं कश्मीर में पाकिस्तानी राष्ट्रगान बजाने और उसका सम्मान करने के अपराध में चार क्रिकेट खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तानी राष्ट्रगान बजाए जाने का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मामला बांदीपोरा जिले का है, जहां एक स्थानीय क्रिकेट मैच शुरू होने से पहले पाकिस्तान का राष्ट्रगान बजाया गया। इतना ही नहीं गिरफ्तार किए गए चारों खिलाड़ी पाकिस्तानी राष्ट्रगान के सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े भी रहे।

चारों खिलाड़ियों को पाकिस्तानी राष्ट्रगान का सम्मान करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है। वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एरिन गांव में आयोजित मैच के दौरान यह चारों खिलाड़ी पाकिस्तान के राष्ट्रगान पर खड़े हैं।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कश्मीर के चार क्रिकेट खिलाड़ियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि वे मैच के आयोजकों को ढूंढ रहे हैं, जिन्होंने इस मैच के वीडियो का इंतजाम किया।

बताते चलें कि साल 2016 में भी इसी तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को गांदेरबल जिले में आयोजित एक मैच की शुरुआत से पहले बजे पाकिस्तान राष्ट्रगान पर सलामी देते हुए देखा गया।

तब भी पुलिस ने कुछ खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अभिभावकों द्वारा ऐसी गलती न दोहराने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।

यहां दिन की शुरूआत होगी राष्ट्रगीत से

एक तरफ जहां पूरे देश में वंदे मातरम और राष्ट्रगान को लेकर बहस चल रही है। दूसरी ओर हरियाणा के एक गांव ने ऐसा फैसला किया है, जिससे पूरे गांव की दिन की शुरुआत राष्ट्रगान की आवाज से ही होगी। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के जाट बहुल भनकपुर गांव में अब रोज सुबह 8 बजे राष्ट्रगान बजेगा, इसके लिए गांव वालों ने 3 लाख रुपये खर्च कर करीब 20 लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे।

गांव में करीब 5000 की आबादी है। ऐसा करने वाला भनकपुर हरियाणा का पहला गांव होगा। गुरुवार को गांव के सरपंच सचिन मदोतिया ने इस बात का ऐलान किया। उनके साथ स्थानीय विधायक और अन्य नेता भी मौजूद रहे।

ऐसा बताया जा रहा है कि गांव का सरपंच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए उनके ही घर में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। उनका कहना है कि उन्हें ये आइडिया जब आया, जिस दौरान उन्होंने तेलंगाना के जम्मीकुंटा के बारे में सुना। वहां पर भी लोग अपने दिन की शुरुआत राष्ट्रगान से ही करते हैं।

भनकपुर गांव इससे पहले भी चर्चा का विषय बना रहा है। इस गांव में कुल 22 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, इसके अलावा गांव को स्वच्छता के अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

गौरतलब है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर पिछले कुछ समय से बवाल जारी रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही सिनेमा हॉल में भी फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य हो गया है।