उत्तराखंड की नमिता बनी आर्मी अफसर

उत्तराखंड प्रदेश के वित्तमंत्री प्रकाश पंत की बिटिया नमिता पंत ने सेना की जेएजी ब्रांच (जज एडवोकेट जनरल) में आर्मी अफसर बनी है। इससे प्रदेश में खुशी का माहौल बना हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि एक नेता की संतान फिर चाहे वह बेटा हो या बेटी। वह अपना कैरियर राजनीति में ही बनाना चाहता है, लेकिन देश की रक्षा करने का संकल्प लेकर नमिता पंत ने सभी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। नमिता के इस हौसले को काफी सराहा जा रहा है।
उत्तराखंड के खड़कोट पिथौरागढ़ निवासी नमिता पंत ने 2012 में एलएलबी के बाद 2016 में एलएलएम किया। इसके बाद इंदौर में एसएसबी क्वालिफाई किया। पूरे देश से सिर्फ चार लड़कियों ने एसएसबी क्वालिफाई किया था। इसमें उत्तराखंड से सिर्फ नमिता का चयन हुआ। इसके बाद एक साल तक नमिता चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में बीएमटी (बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग) में प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के उपरांत नमिता को सेना के जेएजी ब्रांच में आर्मी अफसर की उपाधि दी गई है।

दून की यह पर्वतारोही करेगी भागीरथी 2 पीक फतह

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में 03 सदस्यीय महिला पर्वतारोहियों के एक दल को भागीरथी 2 पीक के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 03 सदस्यीय महिला पर्वतारोहियों का यह दल देहरादून की पर्वतारोही माधवी शर्मा द्वारा लीड किया जा रहा है। हरियाणा की सविता मलिक और छत्तीसगढ़ की नैना धक्कड़ इस दल की दो अन्य सदस्य है। मुख्यमंत्री ने पर्वतारोही दल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे बालिकाओं में साहसिक और कठिन कार्यों को करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज जब हम हिमालय की चिंता कर रहे हैं, हिमालय की पारिस्थितिकी की चिंता कर रहे हैं, ऐसे में बालिकाओं के इस साहसिक अभियान से लोगों को हिमालय से जुड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से इस बात की प्रशंसा की कि यह पर्वतारोही दल वापस लौटते समय अपने साथ हिमालय क्षेत्र में अन्य ट्रैकर्स द्वारा छोड़े गए कूड़े कचरे को भी अपने साथ वापस ले आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की पारिस्थितिकी को स्वस्थ रखने के लिए उसका प्रदूषण मुक्त होना बेहद जरूरी है। उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी ऐसे अभियानों का बहुत महत्व है। उन्होंने पर्वतारोही दल में सम्मिलित सदस्यों के परिजनों को भी बधाई दी। टीम लीडर माधुरी शर्मा ने बताया कि टीम उत्तरकाशी में गौमुख से अपना अभियान प्रारंभ करेगी और भागीरथी2 चोटी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ 18 सितंबर तक देहरादून लौट आएगी। उन्होंने बताया कि टीम के सभी सदस्यों ने एनआईएम उत्तरकाशी से अपनी ट्रेनिंग प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का एक मकसद यह भी है कि यह लड़कियों को उनके अंदर छिपी प्रतिभा, विश्वास और आत्म बल के प्रति प्रेरित कर सके। इसके साथ साथ ही वह दुनिया को यह भी दिखाना चाहती हैं कि उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के लिए बहुत स्कोप है। उन्होंने कहा कि वह स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत अपना योगदान देते हुए, लौटते समय अपने साथ वहां अन्य ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों द्वारा छोड़े गए कचरे को भी वापस ले आएंगे। मुख्यमंत्री ने पर्वतारोही दल के सदस्यों को स्मृति चिन्ह के रूप में श्री केदारनाथ की अनुकृति भेंट करते हुए उनके सफल अभियान की कामना की।

डीएवी में अभाविप की लगातार 11वीं जीत से भाजपा गदगद

प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय दयानंद एंग्लोवैदिक महाविद्यालय देहरादून में ें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11वीं जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर विद्यार्थी परिषद के शुभम सेमल्टी ने एनएसयूआई के विकास नेगी को 35 वोट से हराया, जबकि नोटा पर 37 वोट पड़े। महासचिव पद पर आर्यन के आकाश गौड़ ने सत्यम संगठन के अरविंद चौहान को 344 वोट से हराया। जीत के बाद एबीवीपी और आर्यन से जुड़े छात्रों ने बारिश के बावूजद विजय जुलूस निकाला।
दरअसल उत्तराखंड के सबसे बड़े पीजी कॉलेज होने के कारण इस कॉलेज कें छात्र संघ चुनाव पर राजनैतिक दलों की नजरें टिकी हुयी होती है। ऐसा माना जाता है कि इस कॉलेज की राजनीति करने वाला छात्र भविष्य में बड़ी राजनीति करता है।
आपको बता दें कि अभाविप हर वर्ष डीएवी कॉलेज में केवल अध्यक्ष पद पर ही अपना उम्मीदवार उतारती है। इसी तरह ऑर्यन व सत्यम ग्रुप भी केवल महासचिव पद पर ही प्रत्याशी उतारते है।
डीएवी कॉलेज छात्र संघ परिणाम
अध्यक्ष
शुभम सेमल्टी एबीवीपी-1346
विकास नेगी एनएसयूआई- 1311
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
अरविंद चौहान-919

उत्तराखंड सरकार के इनाम से क्यों नाखुश हुयी ये महिला क्रिकेटर

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नाम कमा चुकी मूल रूप से उत्तराखंड की महिला क्रिकेटर एकता बिष्ट और मानसी जोशी उत्तराखंड सरकार के सरप्राइज गिफ्ट से नाखुश हैं। दोनों ही महिला क्रिकेटरों का कहना है कि जिस तरह से सरकार की ओर से बड़ी-बड़ी बातें हो रही थीं, उस हिसाब से यह गिफ्ट कुछ भी नहीं है। दोनों ने अपने प्रशिक्षकों को सम्मानित न करने पर भी ऐतराज जताया।
आईसीसी महिला विश्वकप खेलकर लौटीं अल्मोड़ा की एकता बिष्ट और दून की मानसी जोशी को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दोनों खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि दी गई। पत्रकारों से बातचीत में एकता ने सरकार के इस पुरस्कार पर नाराजगी जताई। वहीं क्रिकेटर मानसी जोशी ने उत्तराखंड सरकार की नौकरी ठुकराई,। एकता ने कहा कि खेलमंत्री ने वादा किया था कि उम्मीद से दोगुना इनाम मिलेगा, लेकिन यह तो उम्मीद से कई गुणा कम है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों की सरकारों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटरों को अपना घर बनाने के लिए जमीन दी है या उसके एवज में पैसा दिया है। लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार को इन चीजों पर विचार करना चाहिए, जिससे आने वाले युवा खिलाड़ियों को लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से अन्य खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों को इनामी राशि दी गई है, उसी तरह हमारे प्रशिक्षकों को भी पुरस्कृत किया जाना चाहिए था। प्रशिक्षकों को सम्मानित न किए जाने से भी दोनों क्रिकेटर नाराज हैं। वहीं, मानसी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने उन्हें पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर बनाने की बात कही है। लेकिन सरकार के शासनादेश में केवल 30 दिन की छुट्टी का प्रस्ताव है। यहां नौकरी करके वे राष्ट्रीय स्तर पर खेल भी नहीं पाएंगी। इससे उनको कोई लाभ नहीं मिलेगा। उधर, खेल मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि मानसी की मांग पर उन्हें डिप्टी एसपी पद दिया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नियमावली में संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने भी इसकी संस्तुति की है।

जानिए थाइलैंड की लड़की मसाज पार्लर में क्या कर रही?

देहरादून के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में आइएसबीटी के पास स्थित एक होटल में चल रहे मसाज पार्लर में दो विदेशी युवतियों के मौजूद होने की खबर से हड़कंप मच गया। एसएसपी ने तत्काल एलआइयू की टीम को होटल भेज कर जांच कराई तो मामला सही पाया गया। दोनों युवतियां थाईलैंड की रहने वाली हैं। इनमें से एक टूरिस्ट तो दूसरी बिजनेस वीजा पर यहां रह रही है। पुलिस ने बुधवार को दोनों को अन्य कागजातों के साथ थाने बुलाया है।
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि आइएसबीटी के पास एक होटल के मसाज पार्लर में दो विदेशी युवतियां रखी गई हैं। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि इस सूचना पर एलआइयू की टीम को होटल भेजा गया तो वहां थाईलैंड की दो युवतियां मिलीं।
दोनों के दस्तावेज चेक किए गए तो एक युवती के पास टूरिस्ट और दूसरी के पास बिजनेस वीजा मिला। इसके अलावा वह कोई और दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। एसएसपी ने बताया कि जांच की जा रही है कि दोनों यहां स्वयं आई हैं या किसी ने उन्हें यहां लाकर रखा है। फिलहाल संबंधित देश से भी दोनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी खबरः हरक सिंह ने प्रेस वार्ता कर लगाई वन आरक्षी की भर्ती पर रोक

उत्तराखंड में वन विभाग ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि जबतक नियमावली में संसोधन नहीं हो जाता, तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी रहेगी। दरअसल, राज्य में वन विभाग के 1218 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। इसके लिए पिछली सरकार ने शैक्षणिक योग्यता इंटर साइंस रखी थी और आयु की सीमा भी कम थी। जिसे लेकर राज्य के युवाओं में आक्रोश बना हुआ था।
भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता में बदलाव को लेकर फैसला किया जाएगा। जबतक नियमावली में संसोधन नहीं हो जाता, तबतक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी रहेगी। वन विभाग के इस फैसले से कहीं न कहीं युवाओं को भी राहत मिल सकती है।

बच्चों को बेहतर खेल सुविधा मिले, इसके लिये हो रहा है कामः त्रिवेन्द्र

29 अगस्त यानी राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गाँधी पार्क में आयोजित ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री बोले राष्ट्रीय खेल दिवस एक ऐसे खिलाड़ी, मेजर ध्यान चंद कीे याद में मनाया जाता है जिसने देश की आन बान और शान के लिये जी-तोड़ मेहनत की। भारत को हॉकी का सरताज बना दिया। कभी हार न मानना, मुश्किलों में बहाना नहीं बनाना, जुझारूपन, लीडरशिप क्वालिटी जैसी बातें हम मेजर ध्यान चंद के जीवन से सीख सकते हैं। ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ में नौजवानों एवं बड़ी उम्र के लोगों को भाग लेते हुए देख कर बहुत खुशी हो रही है। हम राज्य के विकास के लिये दौड़ें, हम जो भी करें राज्य के लिये करें। हमारे लिये राज्य का विकास ही सर्वोच्च होना चाहिए। आप लोगों के मजबूत इरादे, जोश और खेल भावना को देखकर ही इस रैली को ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल होने हैं। उसकी तैयारियों के लिये एक महत्वपूर्ण शुरूवात हुयी है। इसके लिये हम आयोजन स्थलों को भी तैयार कर रहे हैं। बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलें, इस पर सरकार गम्भीरता से काम कर रही है। समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहेंगे, ताकि राज्य राष्ट्रीय खेलों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। इस वर्ष यह दौड़ उत्तराखण्ड के लिये हो रही है, अगले वर्ष यह दौड़ देश के लिये होगी। इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डे, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, हरबंस कपूर, खजानदास, शूटिंग टेªनर जसपाल राणा सहित बड़ी संख्या में स्कूलकॉलेजों के छाघ्त्रछात्राएं और एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे।

कैसे होगी पढ़ाई जब प्रदेश में शिक्षकों के 7 हजार पद रिक्त है!

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। सरकार भी इन पदो को भरे जाने के लिए गंभीर है, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट की शरण में है जिस कारण सरकार कोई फैसला नही कर पा रही है। शिक्षामंत्री का कहना है कि जैसे ही हाईकोर्ट की तरफ से आदेश आएगा। सरकार द्धारा शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर चयन आयोग को निर्देश दे दिए जाएंगे।
वहीं, शिक्षा मंत्री ने कहा कि बेहतर पठन पाठन व शैक्षणिक माहौल के लिए प्रदेश में बोर्ड बदलने की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो पाठ्यक्रम बदने की जिसके लिए सरकार ने सैलेबस बदलने की पहल की है। जिसे केबिनेट में भी पास करा लिया गया है। जिसके बाद अब विद्यार्थी एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ सकेंगे। कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी विद्यालयों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया गया है। एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से ही मेडिकल, इंजीनियरिंग तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार किए जाते हैं। इस व्यवस्था के बाद हमारे विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर करेंगे।

ईनामी बदमाश स्पोर्ट कॉलेज के चेक पोस्ट से गिरफ्तार

राजधानी देहरादून में इनामी अपराधियो के धरपकड़ के लिए लगातार चल रहे सत्यापन अभियान के तहत 2013 से फरार इनामी अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सत्यापन के बाद अपराधी को पकड़ने के लिए एसएसपी ने टीम गठित की थी जिसके बाद मोबाइल लोकेशन से पता चला की अपराधी दिल्ली में है, तभी उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को दिल्ली गयी। लेकिन पुलिस के पहुचने से पहले ही अपराधी प्रदीप सकलानी दिल्ली से देहरादून के लिए रवाना हो चुका था। जिसके बाद लोकेशन के आधार पर अपराधी को देहरादून से गिरफ्तार किया।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शातिर अपराधी प्रदीप सकलानी पर देहरादून के अलग अलग थानों में ठगी ओर धोखाधड़ी के 17 मुकदमे दर्ज है। पुलिस प्रदीप को 2013 से ही गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी लेकिन अपराधी अपना ठिकाना बार बार बदलता था। जिस वजह से सही लोकेशन न मिल पाने की वजह से गिरफ्तार नही हो पाया था। लेकिन कल एसओजी और थाना पटेल नगर की पुलिस ने दिल्ली से लगातार अपराधी का पीछा किया और आखिर पुलिस ने अपराधी प्रदीप को महाराणा प्रताप स्पोर्ट कॉलेज चेक पोस्ट से गिरफ्तार कर लिया।

पुस्तकें हमारी मित्र, कभी साथ नही छोड़ती

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को नेशनल बुक ट्रस्ट तथा उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड शासन द्वारा परेड ग्राउंड में आयोजित देहरादून पुस्तक मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। देहरादून पुस्तक मेले का शुभारंभ संयुक्त रुप से राज्यपाल डॉ कृष्णकांत पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उपस्थित छात्र छात्राओं तथा पाठको को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 दिवसीय पुस्तक मेला सभी छात्रों और पाठको के लिए एक अच्छा अवसर है। पुस्तकों के बिना हमारा जीवन अधूरा है। पुस्तके मात्र छपी सामग्री ही नहीं है बल्कि यह ज्ञान का स्रोत है। यदि हम पुस्तकों का महत्व समझें तो यह हमारे जीवन में सुख का आधार है। उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि उन्हें दोस्ती करनी है तो पुस्तकों से करें। पुस्तके ऐसी मित्र है जो कभी साथ नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी पढ़ने की आदत पर विशेष बल देते हैं। आज आईटी, ई-लाइब्रेरी, डिजिटल बुक्स के लोकप्रिय होने से तकनीकी क्षेत्र में संक्रमण काल चल रहा है। हमारे समक्ष चुनौती है कि हमें डिजिटल भी होना है तथा पुस्तकों का महत्व बनाए रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम संकल्प ले सकते हैं कि एक घंटा धार्मिक, सांस्कृतिक, तकनीकी, विज्ञान, ललित कला आदि से संबंधित पुस्तकें पढ़ें। उन्होंने पंचायत स्तर पर पुस्तक मेले आयोजित करने की बात कही।