डा. आरके गुप्ता को नशे की दवा देने पर मिली सजा

ऋषिकेश में मिर्गी का गारंटीड इलाज कराने के नाम मरीजों को नशे की दवायी देने के आरोप में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक द्विवेदी की अदालत ने डा आरके गुप्ता समेत 15 लोगों को सजा सुनाई है।

सहायक अभियोजन अधिकारी यशदीप श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि डॉ. आरके गुप्ता का ऋषिकेश में नीरज क्लीनिक प्राईवेट लिमिटेड के नाम से अस्पताल है। जहां मिर्गी के रोगियों का शर्तिया इलाज का दावा किया जाता है। वर्ष 2004 में एक एनआरआइ ने शासन को शिकायत भेजी कि डॉ. गुप्ता आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर मरीजों को नशा देता हैं।

एनआरआइ ने विदेश में कराई गई दवाओं की जांच रिपोर्ट भी भेजी थी। इस पर शासन ने जांच के आदेश दिए। राज्य औषधि नियंत्रक की अगुआई में अस्पताल में छापे के दौरान प्रतिबंधित दवाएं मिली थीं, जिसके बाद डॉ. आरके गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया। मगर, छापे की भनक लगने के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने अस्पताल कर्मियों की मदद से डॉक्टर को छुड़ा लिया।

इधर, टीम मामले में मुकदमा दर्ज कराने ऋषिकेश कोतवाली पहुंची तो तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा, पूर्व दायित्वधारी अनीता वशिष्ठ समेत कई सभासद और व्यापारी नेताओं की अगुआई में डेढ़-दो सौ लोगों की भीड़ कोतवाली पहुंच गई और हंगामा काटा कर दिया। मामले में डॉ. आरके गुप्ता समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

सीजेएम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाह पेश किए गए। अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर डॉ. आरके गुप्ता को पांच वर्ष सश्रम कैद और 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अन्य 14 आरोपियों को एक-एक वर्ष सश्रम कैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद आरके गुप्ता को सुद्धोवाला जिला कारागार भेज दिया गया, जबकि अन्य आरोपियों को जमानत दे दी गई।

भीड़ द्वारा छुड़ाए जाने के बाद फरार डॉ. आरके गुप्ता को 11 दिन बाद देहरादून के क्लेमेनटाउन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद वह करीब 27 माह तक जेल में रहा, बाद उसे जमानत मिल गई थी।

जानिए राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन तय हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इस बाबत एक प्रस्ताव पास कर दिया गया है। बैठक में पार्टी के सांगठनिक चुनावों और राहुल के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नोटिफिकेशन एक दिसंबर को जारी होगा। 11 दिसंबर नाम वापसी का आखिरी दिन होगा। अगर राहुल के अलावा कोई और उम्मीदवार हुआ तो 16 दिसंबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 19 दिसंबर को होगी। ऐसे में माना जा रहा कि राहुल के अध्यक्ष बनने का ऐलान 19 दिसंबर को होगा। हालांकि बैठक में शामिल एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने दावा किया कि राहुल गांधी 11 दिसंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएंगे।

कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी ने कहा कि गुजरात में चुनावी प्रचार की सफलता का श्रेय और नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर विपक्ष की सफल अगुवाई का श्रेय कांग्रेस उपाध्यक्ष को जाता है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने आगे बढ़कर अगुवाई की है और बहुत ही क्षमतावान नेता हैं। आजाद ने कहा कि ये कुछ ही दिनों की बात है, जब पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। राहुल गांधी आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
इस बीच लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वर्किंग कमिटी की बैठक में निर्णय होने की उम्मीद है। हम सब पार्टी अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही सभी प्रदेशों के इंचार्ज भी इसमें हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है इस चुनावी प्रक्रिया से पहले ही तमाम राज्यों में कांग्रेस के सदस्यों का चयन करने के लिए पोलिंग हो चुकी है। लगभग सभी राज्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी का नाम सर्वसम्मति से पारित भी किया है। ऐसे में तमाम राज्यों के इंचार्ज राज्य इकाइयों के प्रस्ताव को भी भी पेश करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रस्तावित तारीख समिति ने कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी है। हालांकि समिति इसमें बदलाव कर सकती है।
अगर कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सिर्फ राहुल गांधी ही नॉमिनेशन भरते हैं और कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं होता तो इसका मतलब है एक दिसंबर ही को डिक्लेयर कर दिया जाएगा की कि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए हैं।

यहां ऐसे मना बाल दिवस, अधिक पढ़े…..

14 नवंबर यानी बाल दिवस, और बाल दिवस के ध्यान आते ही हमारे जेहन में पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस याद आता है। पंडित नेहरू को सभी बच्चे चाचा नेहरू कह कर संबोधित करते थे। कहा जाता है कि नेहरू को बच्चे बहुत ही प्रिय थे। यही वजह है कि आज भी हम सभी नेहरू के जन्मदिवस के दिन अपना समय बच्चों के बीच बिताया करते है।
नेहरू के जन्मदिवस के अवसर पर तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी बाल दिवस देखने को मिला। जब लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने यहां स्थित श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले जरूरतमंद व गरीब वर्ग से आने वाले छात्रों को उपहार भेंट किया।

आपको बता दें कि लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन तीर्थनगरी में सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने के लिये जाना जाता है। लियो क्लब असहाय व जरूरतमंद लोगों की मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इसी कड़ी में लियो क्लब द्वारा इंटर कॉलेज में पिछले वर्ग के बच्चों को स्कूली जूते वितरित किये गये। क्लब के अध्यक्ष रजत भोला ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य है। उनका आज अच्छा होगा तभी वह आगे अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। क्लब के सचिव विशाल लूथरा ने बताया कि चाचा नेहरू का बच्चों के प्रति लगाव को देखते हुए उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
क्लब के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर विवेक तिवारी ने कहा कि चाचा नेहरू की भांति उन्हें भी बच्चों से अधिक लगाव है। स्कूली बच्चों के पैरों में जूते न देखकर उन्होंने बाल दिवस के अवसर पर क्लब के सदस्यों से इस पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि क्लब द्वारा आगे भी इसी तरह के सामाजिक कार्य किये जाते रहेंगे।

नई शिक्षा नीति का मसौदा दिसंबर तक

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पहला मसौदा दिसंबर के अंत तक आ जाएगा।
इस नीति को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (आईएसआरओ) के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय समिति द्वारा तैयार किया जा रहा है।

जावड़ेकर ने कहा, उन्होंने कहा है कि हमें दिसंबर के अंत तक नीति का पहला मसौदा मिल जाएगा। इस पर (संसद में) चर्चा के बाद इसे जल्द से जल्द लागू कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह तय है कि नई शिक्षा नीति देश के लिए अगले 20 साल तक मुफीद रहेगी और यह पहले से ज्यादा आधुनिक और शोध केंद्रित होगी और बेहतर नागरिक बनाएगी।

मंत्री ने कहा कि समिति के गठन से पहले विधायकों, छात्रों, माता-पिता और अन्य हितधारकों से करीब ढाई साल तक सुझाव मांगे गए।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजी अल्फोंस और फील्ड्स मेडल विजेता गणितज्ञ मंजुल भार्गव इस समिति के सदस्य हैं। समिति का गठन इस साल जून में किया गया था।

किसने कहा कि बाबा की गुफा में गई हूं, बर्थडे पर बुलाया था

आइटम गर्ल राखी सावंत ने रेपिस्ट राम रहीम व उसकी मुंह बोली बेटी हनीप्रीत को लेकर एक नया खुलासा किया है। राखी के अनुसार हनीप्रीत उसे अपनी सौतन समझती थी और इसकी वजह यह थी कि उसका बाबा के करीब होना। राखी ने बताया कि वह बाबा के जीवन पर बन रही एक फिल्म में हनीप्रीत का किरदार निभा रही है और वहं बाबा की सब पोल खोल के ही दम लेंगी। उन्होंने राम रहीम के गुफा में जाने की बात स्वीकारी।

राम रहीम पर बन रही फिल्म अब होगा इंसाफ में राखी सावंत हनीप्रीत का किरदार निभा रही है। राखी ने कहा, मुझे ऐसा लगता है गुरमीत राम रहीम के साथ मेरे रिश्तों को लेकर हनीप्रीत मुझसे असहज थी। उसे आशंका थी कि मैं गुरमीत से शादी कर उसकी शौतन बन जाऊंगी।
हनीप्रीत गुरमीत रामरहीम की मुंह बोली बेटी है। पिछले दिनों राखी सावंत ने उसे लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। राखी सावंत ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें हनीप्रीत इंसा का फोन आया था। उसने राखी से कहा कि तुम मेरी दोस्त हो, तुमसे यह उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझ पर फिल्म बनाओगी।
राखी ने कहा था कि हनीप्रीत चार साल से उनकी दोस्ती थी। उन्होंने ही हनी को एक्टिंग, डासिंग और स्टाइलिंग सिखाई है। राखी ने कहा कि उन्होंने हनीप्रीत को पीआर कंपनी भी उपलब्ध कराई थी। बता दें कि राम रहीम के जीवन पर फिल्म बनाई जा रही है। इसमें रजा मुराद को राम रहीम के रोल के लिए चुना गया है जबकि आइटम नम्बर्स के लिए मशहूर राखी सावंत हनीप्रीत के रोल में होंगी।

माना जा रहा है कि फिल्म की कहानी राम रहीम के रंगीनियों और आपराधिक कहानियों पर आधारित होगी। राम रहीम के रॉक स्टार बनने से लेकर उसके जेल जाने तक की दिखाई जा सकती है। हनीप्रीत के साथ उसके रिश्तों को भी फिल्म में दिखाए जाने की उम्मीद है।
राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने हाल ही में 20 साल की सजा सुनाई है।

एनआरआई ही भारत की असली रीढ़

अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। मैरियट मारक्विस होटल में आयोजित कार्यक्रम में राहुल ने एक बार फिर रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। साथ ही हिंसक घटनाओं और असहिष्णुता को लेकर दुनिया में भारत की छवि बिगड़ने की बात कही।
भारत की छवि बिगड़ी
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने विदेशों में भारत की छवि बिगड़ने की बात कहते हुए कहा, भारत हजारों साल से एकता और शांति के साथ रहने के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, लेकिन अब इस छवि को बिगाड़ा जा रहा है। देश में कुछ ऐसी ताकते हैं, जो भारत को बांट रही हैं।
इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने इससे आगे ये भी कहा कि अमेरिका के नेताओं ने उनसे इस संबंध में सवाल किए। राहुल ने कहा, अमेरिका में कई डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक नेताओं ने मुझसे पूछा कि आपके देश में आजकल ये क्या चल रहा है। आपका देश तो शांति के लिए जाना जाता था। राहुल ने कहा, लोग पूछ रहे हैं कि भारत की सहिष्णुता को क्या हुआ?
रोजगार है रियल चौलेंज
राहुल गांधी ने कहा, भारत में 30 हजार युवा हर दिन जॉब मार्केट में आते हैं, मगर उनमें से सिर्फ 450 को ही रोजगार मिल पाता है। यही आज भारत के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है।
इस समस्या के बाद राहुल ने इसकी वजह बताते हुए भी मोदी सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने कहा, रोजगार की समस्या इसलिए पनप रही है, क्योंकि आजकल सिर्फ 50-60 कंपनियों पर ही फोकस किया जा रहा है। अगर, रोजगार बढ़ाने हैं तो छोटी और मझोली कंपनियों को भी बढ़ावा देना होगा। इससे पहले राहुल ने एनआरआई समुदाय की जमकर तारीफ की और उन्हें भारत की रीढ़ बताया। राहुल ने बताया कि कांग्रेस का असली आंदोलन एनआरआई मूवमेंट ही था। राहुल ने कहा, गांधी, नेहरू, पटेल सभी एनआरआई थे। ये सभी लोग विदेशों में रहे और इन्होंने भारत लौटकर देश के लिए काम किया। कुर्रियन भी एक एनआरआई थे, जो भारत में दुग्ध क्रांति लाए।
कांग्रेस का आइडिया हजारों साल पुराना
राहुल गांधी ने इस दौरान कांग्रेस के विचारों का भी बखान किया। राहुल ने कहा कि कांग्रेस का विचार उसके संगठन की स्थापना से नहीं है, बल्कि ये विचार हजारों साल पुराना है। उन्होंने कहा कि ये विचार सच के साथ खड़े होना है, जो भारत की विरासत रहा है और महात्मा गांधी भी उसी विचार के साथ खड़े रहे।
ये है जनसभा का मकसद
दरअसल, राहुल गांधी की यह जनसभा कांग्रेस की विदेश शाखा की ओर से प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को पार्टी में शामिल करने की योजना के तहत आयोजित की गई है। कांग्रेस के प्रवासी विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से संवाद किया। इस दौरान राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर वार किया। राहुल ने यहां कहा कि मोदी सरकार रोजगार पैदा करने में फेल हो रही है। हालांकि, यहां कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ये भी स्वीकार किया कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को भारत में इसलिए समर्थन मिला, क्योंकि लोग कांग्रेस पार्टी से बेरोजगारी के मुद्दे पर नाराज थे।

कम उम्र में शादी को पहुंचे प्रेमी जोड़े

हम नाबालिग है तो क्या हुआ? बालिग होते ही पति इसी को बनाऊंगी। सुनने में बड़ा ही अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह वाकया देखने में आया है। जहां एक नाबालिग लड़का व लड़की में पढ़ाई के दौरान ही आपस में प्रेस पनपा। प्रेम के जाल ने दोनों को ऐसा फांसा कि दोनों शादी के लिये कानूनन उम्र न होने पर भी शादी को मंदिर जा पहुंचे। फिर क्या था, पीछे-पीछे माता-पिता भी पहुंचे। उधर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मंदिर पहुंची। पुलिस से लड़की ने जो कहा, वह वाकई हिम्मत भरा जवाब था। बिहार पटना के कटिहार जिले में एक नबालिग प्रेमी जोड़ा घर से भागकर शादी के लिए मंदिर पहुंचा ही की, इतने में लड़के के घरवाले भी मंदिर पहुंच लड़के की जमकर पिटाई कर दी। वहीं पुलिस भी मंदिर पहुंच गई और प्रेमी जोड़े को पकड़कर थाने ले आई।
घटना कटिहार नगर थाना क्षेत्र के कालीबाड़ी मंदिर की है। जहां कुरेठा गांव के रहने वाले एक युवक को मैट्रिक के कोचिंग के दौरान वहीं पढ़ने वाली युवती से प्यार हो गया। फिर दोनों शादी के लिए गांव छोड़ शहर पहुंच गए। मंदिर में जैसे ही दोनों शादी के लिए पहुंचे उनके परिजन पहले से ही वहां मौजूद थे। उनलोगों ने वहीं पर पिटाई शुरू कर दी।
वहीं, पुलिस के सामने थाने में भी दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जताई। लड़की का कहना था कि लड़के के घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं है। कटिहार नगर थाना के पुलिस इंस्पेक्टर ने विद्यानंद पांडेय ने बताया कि बरामद प्रेमी जोड़ा नाबालिग है और मेडिकल टेस्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आईपीएस के अच्छे प्रदर्शन न होने से पद से हटाया

मिजोरम में तैनात आईपीएस ऑफिसर लिंगला विजय प्रसाद को केंद्र सरकार ने सेवा से हटा दिया है। गृह मंत्रालय ने एक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने उनकी सेवाओं को असन्तोषजनक पाया था। अधिकारी ने कहा, 1997 बैच के पुलिस ऑफिसर और अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश काडर के ऑफिसर की सेवाओं को असंतोषजनक पाए जाने के बाद सेवा से हटा दिया गया है। डीआईजी रैंक के इस ऑफिसर की सेवाओं के 15 साल पूरे होने के बाद परफॉरमेंस की समीक्षा हुई, जिसमें उन्हें अनफिट पाया गया। नियमों के मुताबिक ऑल इंडिया सर्विस ऑफिसर के प्रदर्शन की समीक्षा दो बार होती है। पहला उनकी सेवा के 15 साल पूरे होने पर और दूसरा 25 साल पूरा होने पर। विजय लिंगला प्रसाद को हटाने का आदेश बुधवार को गृहमंत्रालय की ओर से जारी किया गया। इसे कैबिनेट की नियुक्ति कमिटी ने भी मंजूरी दी है। इस कमिटी की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं।
सर्विल रुल्स के मुताबिक केंद्र सरकार इस तरह के मामलों में एक अधिकारी को सार्वजनिक हित में रिटायर करने को लेकर राज्य सरकार से सलाह मशविरा कर सकती है। हालांकि इसके लिए लिखित में तीन महीने पहले नोटिस दिया जाता है या कई महीनों की सैलरी और भत्ते भी दिए जाते हैं।

गीता कुमारी बनी जेएनयू की अध्यक्ष, अभाविप दूसरे स्थान पर

देश और दुनिया की अग्रणी यूनिवर्सिटी के तौर पर मशहूर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट यूनिटी की कैंडिडेट गीता कुमारी ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर ली है। उन्हें कुल 1506 वोट मिले। विद्यार्थी परिषद की नजदीकी उम्मीदवार को 1042 वोट मिले। उनके साथ सेंट्रल पैनल में जीतने वाले अन्य तीन उम्मीदवार भी लेफ्ट से ही हैं।
गौरतलब है कि गीता कुमारी छात्र संगठन एआईएसए का हिस्सा हैं। इस बार एआईएसए, एसएफआई और डीएसएफ साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे थे। यूनाइटेड लेफ्ट ने वाइस प्रेसिडेंट (सिमोन जोया खान), ज्वाइंट सेक्रेटरी (शुभांशु सिंह) और जनरल सेक्रेटरी (डुग्गीराला श्रीकृष्ण) पर भी कब्जा कर लिया है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के छात्र संगठन (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के प्रत्याशियों ने भी अध्यक्ष पद समेत सेंट्रल पैनल के सारे सीटों पर युनाइटेड लेफ्ट को कड़ी टक्कर दी। विद्यार्थी परिषद् की ओर से अध्यक्ष पद की दावेदार निधि त्रिपाठी दूसरी पोजिशन पर रहीं।
गौरतलब है कि इस चुनाव में परिसर के भीतर बहुजन राजनीति की लकीर खींचने वाला छात्र संगठन बीएपीएसए भी बहुत पीछे नहीं रहा। इस संगठन के प्रत्याशियों ने भी युनाइटेड लेफ्ट को कड़ी टक्कर दी। बीएपीएसए को कैंपस के ही युनाइटेड ओबीसी फोरम जैसे संगठनों ने समर्थन दिया था।
एआईएसएफ की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अपराजिता राजा काफी पीछे रह गईं। वहीं कांग्रेस की छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रत्याशी सबसे पीछे रहे। इस पूरे चुनाव में परिसर में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दावेदारी करने वाले फारूख आलम को भी अच्छे वोट मिले।

उत्तराखंड की नमिता बनी आर्मी अफसर

उत्तराखंड प्रदेश के वित्तमंत्री प्रकाश पंत की बिटिया नमिता पंत ने सेना की जेएजी ब्रांच (जज एडवोकेट जनरल) में आर्मी अफसर बनी है। इससे प्रदेश में खुशी का माहौल बना हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि एक नेता की संतान फिर चाहे वह बेटा हो या बेटी। वह अपना कैरियर राजनीति में ही बनाना चाहता है, लेकिन देश की रक्षा करने का संकल्प लेकर नमिता पंत ने सभी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। नमिता के इस हौसले को काफी सराहा जा रहा है।
उत्तराखंड के खड़कोट पिथौरागढ़ निवासी नमिता पंत ने 2012 में एलएलबी के बाद 2016 में एलएलएम किया। इसके बाद इंदौर में एसएसबी क्वालिफाई किया। पूरे देश से सिर्फ चार लड़कियों ने एसएसबी क्वालिफाई किया था। इसमें उत्तराखंड से सिर्फ नमिता का चयन हुआ। इसके बाद एक साल तक नमिता चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में बीएमटी (बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग) में प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के उपरांत नमिता को सेना के जेएजी ब्रांच में आर्मी अफसर की उपाधि दी गई है।