मेयर अनिता ने 10 नई फॉगिंग मशीन का किया शुभारंभ

कोरोना वायरस के साथ साथ डेंगू के डंक से भी नगर निगम शहरवासियों को बचाने की जद्दोजहद में जुट गया है। इसके लिए निगम ने दस और फागिंग मशीन मोर्चे पर लगा दी हैं। वृहस्पतिवार की शांम नगर निगम प्रांगण में फॉगिंग अभियान का मेयर अनिता ममगाईं ने शुभारंभ किया। इससे पहले थर्मल स्कैनिंग की शुरुआत भी निगम में की गई।

अनिता ममगाई ने कहा कि सेनिटाइजेशन, स्वच्छता एवं तमाम आवश्यक सेवाओं के लिए दिनरात जुटे रहने वाले कर्मचारियों के लिए केरोना जांच के लिए थर्मल स्कैनिंग मशीन अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने मशीन का शुभारंभ करने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की थर्मल स्कैनिग की गई। इस जांच मेें किसी को संक्रमण नही मिला। मेयर ने बताया कि कोरोना की प्रराम्भिक जांच में थर्मल स्कैनिंग मशीन सबसे अधिक कारगर है। निगम में मशीन के लगने के बाद अब निगम में प्रवेश करने वाले तमाम कर्मचारियों सहित हर किसी के लिए थर्मल स्कैनिंग जांच से गुजरना आवश्यक होगा।

उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि शहर में सेनिटाइजेशन के लिए दो पालियों में लगातार छिड़काव करने के साथ डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी की रोकथाम के लिए भी फॉगिंग शुरू कराई है। उन्होंने बताया कि निगम के पास कुल तीन फागिंग मशीनें थी। इस कमी को देखते हुए 10 और नई मशीनें मंगवाई गई है। इस दौरान नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, ऐलम दास, टीएस रमेश रावत, सफाई निरीक्षक सचिन रावत, धीरेंद्र, संतोष, अभिषेक, गौरव केन्थुला, प्रशांत, डा. एमपी सिंह आदि मौजूद रहे।

अमेरिका से लौटी महिला की संदिग्ध मौत, प्रशासन ने सैपल लिए

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच छह मार्च को अमेरिका से उत्तराखंड लौटी एक महिला की खांसी और गले में खरास की शिकायत के बाद मौत होने की खबर मिली है। कोरोना से मौत की आशंका में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला के शव से सैंपल लेकर जांच को भेज दिया है। साथ ही महिला के परिजनों और किरायेदारों को क्वारंटीन कर दिया गया है। आसपास के इलाके को सेनिटाइज कर स्वास्थ्य विभाग पूरा एहतियात बरत रहा है।
बतातें चले कि शिवालिकनगर निवासी दंपती छह मार्च को अमेरिका से लौटे थे। बताया जाता है कि 56 वर्षीय महिला चार पांच दिन तक तो ठीक रही, लेकिन इसके बाद गले में खरास, जुकाम आदि की शिकायत होने लगी। 13 मार्च को भेल के अस्पताल में डॉक्टरों से दवा ली थी। चार दिन से महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। रविवार सुबह महिला के पति उन्हें दिखाने के लिए भेल अस्पताल लेकर जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। विदेश से लौटकर महिला की मौत की सूचना आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। शिवालिकनगर पालिका के चेयरमैन राजीव शर्मा ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी सी रविशंकर के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी टीम के साथ पहुंचीं।
विशेषज्ञों ने मृतक महिला के शव से सैंपल लिया। इसके अलावा पूर्व में हुई जांचों की रिपोर्ट भी देखी। सीएमओ ने बताया कि महिला को शुगर था और किडनी की भी समस्या थी। सीएमओ ने बिना पोस्टमार्टम कराए महिला के शव का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति दी। सीएमओ का कहना है कि सैंपल हल्द्वानी भेजा जा रहा है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद कुछ स्पष्ट हो पायेगा।

एम्स ऋषिकेश में उत्तरकाशी की महिला ने दिया चार बच्चों को जन्म

ऋषिकेश के गाइनी डिपार्टमेंट में भर्ती उत्तरकाशी निवासी महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है। महिला को उत्तरकाशी जिला अस्पताल से दून अस्पताल रेफर किया गया था, हाई रिस्क केस होने की वजह से महिला को बीते रविवार को दून अस्पताल से एम्स ऋषिकेश में रेफर किया गया था।

गाइनी विभाग की डा. अनुपमा बहादुर के अनुसार महिला का हिमोग्लोबिन काफी कम था, टीएसएच 13 था, लिहाजा ऐसी स्थिति में डिलीवरी में नवजात शिशु आईसीयू नीकु की आवश्यकता पड़ सकती थी, लिहाजा दून में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स भेजा गया था। जहां अल्ट्रासाउंड के जरिए पता चला कि महिला के पेट में चार बच्चे हैं। लिहाजा महिला को तीन यूनिट रक्त चढ़ाया गया। साथ ही बच्चों के फेफड़ों की मैच्योरटी के लिए महिला को इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद ऑपरेशन से शनिवार को दोपहर में महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया। जिनमें दो लड़के व दो लड़कियां हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी बच्चे स्वस्थ हैं। जिनका वजन क्रमशरू 1.6 किग्रा, 1.5 किग्रा., 1.35 किग्रा. तथा 1.1 किलोग्राम है।

खासबात यह है कि उन्हें वेंटीलेटर की आवश्यकता नहीं पड़ी। हाईरिस्क केस होने की वजह से चिकित्सकों के दल में नवजात शिशु विभाग की विभागाध्यक्ष डा. श्रीपर्णा बासू व डा. पूनम व गाइनी विभाग की प्रमुख डा. जया चतुर्वेदी, डा. अनुपमा बहादुर व डा. राजलक्ष्मी मुंदरा शामिल थे। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि एम्स ऋघ्षिकेश उत्तराखंड में नवजात शिशु मृत्युदर कम करने को लेकर गंभीर है, लिहाजा हम हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों को प्राथमिकता देते हैं। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि इसके लिए संस्थान में सभी विश्वस्तरीय वार्ड, संसाधन, उपकरण एवं विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं।

मोबाइल प्रचून शॉप पर संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग, सामान खाक

ऋषिकेश एम्स मार्ग पर मोबाइल वैन में प्रचुन की दुकान में संदिग्ध परिस्थितयों में आग लग गई। इससे दुकान के अंदर रखा ढाई लाख रूपए का सामान जलकर खाक हो गया। पीड़ित पक्ष ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

जानकारी के मुताबिक, वैदिक नगर रायवाला निवासी गुड्डू गुप्ता पुत्र वेसन गुप्ता एम्स मार्ग पर पिछले तीन वर्ष से मोबाइल वैन पर कैन्फैक्शनरी की दुकान लगा रहे थे। रोज की तरह बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे गुड्डू गुप्ता अपनी दुकान बंद करके घर चले गए। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पड़ोसी दुकानदार का उन्हें फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि उनकी दुकान में आग लगने से सारा सामान जलकर राख हो गया है। साथ ही दुकान का ताला भी टूटा हुआ है। सूचना पाकर गुड्डू घटनास्थल पहुंचे और मामले में आईडीपीएल पुलिस को तहरीर दी।
तहरीर में उन्होंने असामाजिक तत्वों की ओर से उनकी दुकान को आग लगाने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जानबूझ कर उनकी दुकान को निशाना बनाया गया है, जबकि आसपास की किसी भी दुकान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने तहरीर में आग लगने से करीब ढाई लाख रुपये के नुकसान की बात कही है। वहीं, पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

वहीं,
रोडवेज बस रानीपोखरी के भोगपुर स्थित एक खाली प्लॉट पर खड़ी हुई थी। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे रोडवेज बस में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। मौके पर अग्निशमन कर्मचारी पहुंचे और करीब 10 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। थानाध्यक्ष रानीपोखरी राकेश शाह ने बताया कि उक्त रोडवेज बस भोगपुर से देहरादून वाया थानों रूट पर चलती है। बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं, चालक दिनेश रावत पुत्र पूरन सिंह रावत निवासी इठारना, भोगपुर ने बताया कि वह बृहस्पतिवार की रात्रि बस को खाली प्लॉट में खड़ा कर घर चला गया था।

दोषी होने की सजा सुनकर आरोपी ने कोर्ट में गटका जहर

न्यायालय में लूट व हत्या के प्रयास के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर सजा सुनकर एक आरोपी ने जहरीला पदार्थ गटक लिया। इससे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कोर्ट मोहरिल ने आरोपी को अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से उसे राजकीय अस्पताल पहुंचाया। यहां से चिकित्सकों ने उसे एम्स रेफर कर दिया। एम्स के चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत स्थिर है।
12 अक्टूबर 2016 को सहारनपुर के एक सराफा कारोबारी के मुनीम को दिनदहाड़े गोली मारकर लूट के मामले में मंगलवार को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत में सुनवाई की तारीख थी। सुनवाई के बाद मामले में पुलिस की ओर से बनाए गए आठ आरोपियों में से दो को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। दोषमुक्त आरोपियों के नाम सौरभ रस्तोगी और नवीन हैं। इसी क्रम में न्यायालय ने अन्य छह आरोपियों सतेन्द्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू, रूप किशोर रस्तोगी, जुगल किशोर रस्तोगी, सतेन्द्र जैन, सुमित रस्तोगी, अनश को दोषी करार दिया। इन सभी छह आरोपियों पर सजा का फैसला सुरक्षित रखते हुए न्यायालय ने बुधवार की तिथि तय घ्की है।
दोपहर करीब एक बजे न्यायालय में जैसे ही सतेन्द्र रस्तोगी उर्फ बिट्टू निवासी दिल्ली को दोष सिद्घ होने का पता चला। दोषी साबित होने का फैसला सुनते ही उसने जेब से फेश वॉश की सीसी में रखा जहरीला पदार्थ निकाला और गटक लिया। यह मंजर देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में कोर्ट मोहरिल अमित ने तुरंत अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से उसे राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। मगर, यहां से उसे एम्स रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। उसे फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में इमरजेंसी के यलो-1 वार्ड में रखा गया है। बुधवार को डिस्चार्ज करने की संभावना है।

एक को छोड़ जमानत पर थे सभी आरोपी
न्यायालय में मंगलवार को तारीख के लिए पहुंचे आठ आरोपियों में से छह जमानत पर बाहर थे। इसके अलावा एक पुलिस अभिरक्षा में था। देहरादून जेल से मंगलवार को पुलिस मामले के आरोपी अनिश को लेकर पहुंची थी।

कब और क्या है मामला
वर्ष 2016 दिनांक 12 अक्टूबर को सहारनपुर के सराफा कारोबारी राजकुमार जैन उर्फ गप्पी का मुनीम जोगेंद्र कुमार (40) उर्फ इंदर निवासी देवबंद बुधवार को आभूषणों की डिलीवरी देने ऋषिकेश आया था। जोगेंद्र सुबह सवा दस बजे के करीब आशुतोष नगर चैराहे पर उत्तराखंड रोडवेज की बस से नीचे उतरा। वह कुछ कदम पैदल चला ही था कि पीछे से भागकर आए दो बदमाशों में से एक ने उस पर पिस्टल से फायर झोंक दिया। गोली जोगेंद्र की गर्दन के पीछे बाएं हिस्से में लगी। घायल होने के बाद भी मुनीम बैग छीनने का प्रयास कर बदमाश से भिड़ गया। छीना-झपटी में बदमाश के हाथ से पिस्टल छूटकर जमीन पर गिर गई। बाद में दूसरे बदमाश ने आभूषण से भरा बैग छीन लिया। बिना देर किए दोनों बदमाश पहले से ही बाइक स्टार्ट किए खड़े तीसरे साथी की मदद से फरार हो गए। घबराहट में बदमाश पिस्टल मौके पर ही छोड़ गए। लहूलुहान मुनीम को स्थानीय लोगों ने ऑटो से सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।

कोर्ट में दोष सिद्ध होने का फैसला होते ही आरोपी को पुलिस अपनी अभिरक्षा में ले लेती है। यदि सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया तो इसमें पूरी तरह पुलिस का लापरवाही का मामला है। सजा सुनने के बाद आरोपी ने यदि अपत्तिजनक हरकत की है तो इसका मतलब है कि पुलिस अपनी ड्यूटी के प्रति मुस्तैद नहीं थी।

—–विकेश नेगी, अधिवक्ता, क्रिमिनल केस

रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन की जटिलताओं में आती है कमीः एम्स निदेशक

एम्स ऋषिकेश में पहली मर्तबा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में देश-दुनिया के विशेषज्ञों ने यूरो ओंकोलॉजी एवं यूरोगाइनीकोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जटिल सर्जरियों पर विस्तृत चर्चा की और अपने अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान के यूरोलॉजी विभाग की ओर से पहली अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक यूरोलॉजी कांफ्रेंस आयोजित की गई। जिसमें देश के ही नहीं अपितु अन्य देशों के भी प्रसिद्ध रोबोटिक शल्य चिकित्सकों द्वारा अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश हमेशा बेहतर उपचार परिणामों के साथ रोगियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए समर्पित है, इस श्रंखला में यूरोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित कांफ्रेंस में शनिवार का दिन गुर्दे के कैंसर के इलाज एवं महिला पैल्विक रोगों के उपचार व विचार विमर्श के लिए समर्पित रहा। निदेशक प्रो. रवि कांत बताया कि रोबोटिक सर्जरी से पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बेहतर परिणाम मिलते हैं,इससे .शरीर से रक्त का बहाव कम होता है और छोटे छोटे चीरे लगने से कम निशान पड़ते हैं एवं घाव आसानी से भर जाते हैं। साथ ही बताया कि रोबोटिक सर्जरी से बेहतर सूचरिंग के कारण सर्जरी में आसानी होती है और ऑपरेशन से संबंधित जटिलताओं में कमी आती है। उन्होंने बताया कि कांफ्रेंस में खासतौर से आस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक सर्जन डा. डेविड गिल्लाट ने प्रतिभागियों को रोबोटिक सर्जरी की बारिकियों से अवगत कराया। निदेशक प्रो. रवि कांत ने उम्मीद जताई कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा किए गए मंथन से आने वाले समय में मरीजों को लाभ मिलेगा।


एम्स के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष व आयोजन सचिव डा. अंकुर मित्तल ने बताया कि यूरोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल काफ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को डा. रवि मोहन ने एक मरीज के गुर्दे को बचाते हुए गुर्दे की गांठ की सर्जरी का प्रदर्शन किया। कांफ्रेंस के दौरान यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. अंकुर मित्तल ने वेसिको वेजाइनल फिस्टुला रिपेयर ऑपरेशन का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद दोनों मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इस अवसर पर उन्होंने एम्स संस्थान की ओर से प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। यूरोलॉजी विभाग के डा. सुनिल कुमार ने प्रतिभागियों को रोबोट पर सिमुलेशन के द्वारा प्रशिक्षण दिया।
सम्मेलन के आयोजन में डा. किम जैकब मैमन, डा. सुनील कुमार, डा. विकास कुमार पंवार, डा. शिव चरण नावरिया, डा. तुषार नारायण आदित्य,डा. निशित के अलावा यूरोलॉजी व गाइनेकोलॉजी टीम ने सहयोग किया।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में बलूनी ने दी एक और सौगात

उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने आज उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश व सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में रोगियों के परिजनों के रुकने तथा रात्रि प्रवास हेतु दो आरोग्य सदनों (रैन-बसेरों) के निर्माण की सौगात देने जा रहे है। गढ़वाल और कुमाऊ मंडल में बनने वाले इन आरोग्य-सदनों से पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र के गरीब रोगियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद बलूनी ने आज इस संबंध में देहरादून व नैनीताल के जिलाधिकारियों, ऋषिकेश तथा हल्द्वानी के मेयर से इन आरोग्य-सदनों हेतु शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने हेतु वार्ता की। बलूनी ने कहा कि वे अपनी सांसद निधि एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से इन सदनों का निर्माण करेंगे।

सांसद बलूनी ने कहा कि सुदूर से आने वाले रोगियों एवं उनके परिजनों को उपचार के अलावा भोजन, परिवहन और प्रवास में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। अस्पताल के निकट बनने वाले आरोग्य-सदन उनका परिवहन एवं प्रवास खर्चा तो बचायेंगे ही साथ ही उन्हें लागत मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने हेतु कैंटीन का भी निर्माण कराया जाएगा।
बलूनी ने कहा कि प्रथम चरण में इन सदनों में 100 से अधिक व्यक्तियों के रुकने हेतु कक्षों के साथ-साथ दो डोरमेट्री हॉल (पुरुष-महिला) व कैंटीन का निर्माण किया जायेगा। सुदूर के रोगी सम्पूर्ण जांच व उपचार होने तक यहाँ रुक सकेंगे ताकि होटल के महंगे रहने-खाने के खर्च से उन्हें राहत मिल सके।

3 डी मोशन एनलिसिस और वीआर लैब से मरीजों को मिलेगी मदद

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में मंगलवार को 3 डी मोशन एनलिसिस एंड वर्चुअल रिएलिटी वीआर लैब का विधिवत शुभारंभ किया गया। एम्स प्रशासन ने बताया कि संस्थान में लैब की स्थापना से विभिन्न रोगों से ग्रसित मरीजों के उपचार में सहायता मिलेगी। जिनमें स्ट्रोक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, सेरीब्रल पाल्सी, पैरों में दर्द आदि रोग शामिल हैं। मंगलवार को एम्स के भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास पीएमआर विभाग में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने 3 डी मोशन एनलिसिस एवं वीआर लैब का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने बताया कि संस्थान में स्थापित यह लैब दक्षिण एशिया में सबसे नवीनतम और आधुनिकतम लैबों में से एक है। निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि लैब में स्थापित अत्याधुनिक मशीन से मनुष्य की चाल एवं गति का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। जिससे मेरुदंड स्पाइनल कॉर्ड इंजरी,स्ट्रोक, सेलीब्रल पाल्सी से ग्रस्त रोगियों का सर्जिकल एवं दूसरी तरह के व्यवधानों का सटीक निर्णय लिया जा सकेगा।

निदेशक एम्स प्रो.रवि कांत ने बताया कि इसके अलावा लैब में मरीजों के पैरों के तलवे पर पड़ रहे दाब वितरण का अध्ययन किया जाता है। इससे पैरों में दर्द, कमजोरी के अलावा डाइबटिक फुट से ग्रसित मरीजों के इलाज में सहायता मिलेगी। साथ ही एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने बताया कि लैब में पैरों की कमजोरी से ग्रस्त रोगियों की रिकवरी एवं रिहेबिलिटेशन के लिए वर्चुअल रिएलिटी उपकरण भी लगाया गया है। पीएमआर विभागाध्यक्ष डा.राजकुमार यादव ने बताया कि एम्स में स्थापित आधुनिक लैब का उपयोग भविष्य में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और खेल के दौरान लगने वाली चोट के उपचार के लिए भी किया जाएगा। इस अवसर पर डीन एलूमनी प्रोफेसर बीना रवि, सब डीन कुमार सतीश रवि,डीन नर्सिंग डा.सुरेश कुमार शर्मा,डीएमएस डा.अनुभा अग्रवाल,एफएसएम विभाग के प्रमुख डा.बिनय कुमार बस्तिया, एफएनसीओ डीपी लखेड़ा,असिस्टेंट प्रोफेसर डा.ओसामा नियाज आदि मौजूद थे।

एम्स ऋषिकेश में मरीजों के साथ आने वालों के लिये 500बेड की आवासीय व्यवस्था

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला में एक स्थानीय वेडिग प्वाइंट में शहीद मेजर दुर्गामल्ल के 74वें बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देहरादून से ऋषिकेश के लिए जाने वाली तथा हरिद्वार से ऋषिकेश को आने वाली सभी रोडवेज बसे एम्स ऋषिकेश से होते हुए जाएगी, इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश में मरीजो के साथ आने वाले तीमारदारों के रहने हेतु 500 बेड की आवासीय व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवालाखता रोड शहीद मेजर दुर्गामल्ल के नाम से जानी जायेगी। डोईवाला डिग्री कॉलेज में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अब कोई भी जनसमस्या सम्बन्धित विभागीय मंत्रियो द्वारा एक निर्धारित दिन उनके कार्यालय में सुनी जाएगी। मंत्रियो द्वारा अपने विभागों से सम्बन्धित जन समस्या की सुनवाई तथा निपटान त्वरित तथा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य भर के सभी डिग्री कॉलेज छात्रछात्राओं से अपील की है कि प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य बीमा योजना के अर्न्तगत डिग्री कॉलेज के छात्रों को 2 लाख तक की बीमा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रछात्राएं प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का आवेदन पत्र भरे तथा योजना का लाभ उठाए। शहीद मेजर दुर्गामल्ल को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए हुए त्रिवेन्द्र ने कहा कि शहीद किसी जाति विशेष या समुदाय विशेष के नहीं होते बल्कि उनका बलिदान और त्याग सम्पूर्ण समाज या देश के लिए होता है। यह मात्र गोर्ख्याली समुदाय का ही कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह हर देशभक्त का कार्यक्रम है। हमारे शहीद देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे राज्य से अनेक ऐसे वीर है जिन्हें परमवीर चक्र, शौर्य चक्र जैसे तमाम सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुके है। हम उन तमाम ज्ञातअज्ञात वीरों को नमन करते है। उन्होंने कहा कि जिस देश में वीरो की पूजा बन्द हो जाती है वह देश समाप्त हो जाता है। यदि देश को जीवित तथा मजबूत रखना है तो हमें अपने वीरों को याद रखना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने हाल ही में कारगिल में शहीद हुए बंजारावाला निवासी लांस नायक जीत बहादुर थापा की पत्नी श्रीमती रानी थापा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। गोर्ख्याली समाज द्वारा संसद भवन में शहीद दुर्गा मल्ल की प्रतिमा की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा त्रिवेन्द्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नगर पालिका परिसर डोईवाला में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल तथा शहीद मेजर दुर्गामल्ल के भतीजे राजेन्द्र मल्ल व काफी मात्रा में लोग मौजूद थे।

राज्य के मेडिकल कॉलेजों की दशा सुधारने को एम्स तैयार

-श्रीनगर, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज गोद लेने को तैयार एम्स प्रशासन

ऋषिकेश।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नए निदेशक प्रोफेसर डॉ. रविकांत वर्मा ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखण्ड राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने की जरूरत है। डॉक्टरों की कमी के चलते इसमें दिक्कत आती है। इसलिए वह श्रीनगर और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज को गोद लेने को तैयार हैं। उनके मेडिकल स्टूडेंट दोनों कॉलेजों में मरीजों का उपचार कर सकते हैं। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, राज्य सरकार और सेना के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि एम्स में तेजी से संसाधन जुटाए जा रहे हैं। डॉक्टर और स्टॉफ की कमी जल्द दूर हो जाएगी। आने वाले दिनों में बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में स्थानीय को प्राथमिकता दी जाएगी। एम्स के विस्तार के लिए राज्य सरकार से भूमि मांगी गई है। इस मामले में वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में 960 बेड होंगे जिसमें 500 बेड सामान्य, 300 बेड सुपर स्पेसिशियलिटीज, 50आईसीयू, 50 ट्रामा सेंटर, 30 पीएमआर और 30 बेड आयुष विंग के बनाए जाने हैं।