बहादराबाद में 32 करोड़ की लागत की पंपिंग पेयजल योजनाओं का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बृहस्पतिवार को जनपद हरिद्वार के गैंडीखाता क्षेत्र स्थित बसोचन्दपुर में श्री कृष्णायन देशी गोरक्षाशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में शामिल हुये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड बहादराबाद के विभिन्न ग्रामों के लिए जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्राम गैण्डीखाता में 2.39 करोड़, ग्राम कांगड़ी में 2 करोड़, ग्राम लहाड़पुर में 97 लाख, ग्राम लालढांग में 4.40 करोड़, ग्राम सज्जनपुर पीली में 1.75 करोड़, ग्राम श्यामपुर नौआबाद में 1.71 करोड़, ग्राम नौरंगाबाद में 2 करोड़, ग्राम अहमदपुर चिड़ियापुर में 1.33 करोड़, ग्राम रसूलपुर मिट्ठीबेरी में 3.29 करोड़, ग्राम गाजीवाली में 2.80 करोड़, ग्राम तपड़ोवाली (गुज्जर बस्ती) में 4.37 करोड़, ग्राम जसपुर चमरिया में 2.22 करोड़, ग्राम समसपुर कटेबड़ में 96.2 लाख, ग्राम पीली पड़ाव में 2.84 करोड़ की पम्पिंग पेयजल योजनाओं के निर्माण निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कृष्णायन गौशाला को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया जाएगा तथा तटबन्ध भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णायन गौशाला के लिए जो जमीन देनी शेष है वह भी जल्द ही आवंटित कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने 14 नवम्बर को इगास पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की।
प्रदेशवासियों को गोपाष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने गोपाष्टमी के अवसर पर गौमाता की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय से मिलने वाली हर चीज हमारे लिए उपयोगी है। गाय का दूध स्वास्थ्य व पाचन के लिए सर्वाेत्तम है। मुख्यमंत्री ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग, गाय जब तक दूध देती है, तब तक तो उसका भरण पोषण करते हैं, लेकिन जब वह दूध देना बन्द कर देती है, तब उसको निःसहाय छोड़ देते है, जिसके कारण वह इधर-उधर भटकते हुए प्लास्टिक कचरा आदि खा लेती है, जिससे उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और कभी-कभी इससे उसकी मृत्यु तक हो जाती है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर शहर में गौशालाएं बनाने का काम तेज गति से करेगी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गौशाला का अवलोकन किया तथा गौमाताओं की पूजा-अर्चना की तथा आशीर्वाद लिया। उन्होंने गौशाला में गौमाताओं को गुड़ का प्रसाद भी खिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने चार माह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में 400 से अधिक निर्णय लिये हैं। उन्होंने कहा कि वे कोई भी फैसला बिना किसी आधार के नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास सीमित संसाधन है, सीमित संसाधनों से ही सरकार को सभी कार्य करने होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने कई घोषणाएं की, जो आज तक धरातल पर नहीं उतर पायी, लेकिन हमने जो भी घोषणाएं की हैं, वह सभी धरातल पर दिखाई दे रही हैं। वे जो भी घोषणा कर रहे हैं, उसका तुरन्त ही शासनादेश जारी हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानंमत्री ने केदारनाथ धाम में 400 करोड़ की योजनाओं का का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें से 225 करोड़ की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं तथा 184 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है। जल्द ही केदारनाथ धाम में तीसरे चरण के निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएंगे। बद्रीनाथ धाम के लिए भी 245 करोड़ से अधिक की योजनाएं स्वीकृत की गयी हैं, जिसका मास्टर प्लान तैयार हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखण्ड राज्य के विकास हेतु कार्य किया जा रहा है, वर्ष 2025 में जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्णं हो जाएंगे, उस समय उत्तराखण्ड देश का नम्बर एक राज्य बनेगा। इसके लिए सभी से समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का सांस्कृतिक व आध्यात्मिक राज्य बने इसके लिये हमारे प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न संस्कृति और रीति -रिवाजों को मानने वाले लोग निवास करते हैं, एक तरह से उत्तराखण्ड लघु भारत का रूप है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में तिवारी जी की महत्वपूर्णं भूमिका रही है, चाहे देहरादून का सिड़कुल क्षेत्र हो या हरिद्वार अथवा उधमसिंह नगर का, सबमें श्री नारायण दत्त तिवारी की विशेष भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हमने पंतनगर सिडकुल क्षेत्र का नाम नारायण दत्त तिवारी के नाम से रखा है। उनके गांव को जाने वाली सड़क का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है।
गोपाष्टमी महोत्सव के अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उन्होंने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के लिए गौशाला निर्माण की घोषणा की थी। उन्हांने लोगों का आह्वान किया कि वे पहली रोटी गाय के लिए निकालने की पराम्परा को आगे बढ़ायें।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि आज पूरे देश में गोपाष्टमी मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एक गाय, कई लोगों का भरण-पोषण करती है। गाय आर्थिकी का भी आधार है। स्वामी यतीश्वरानन्द ने इस अवसर पर 11 लाख रूपये श्रीकृष्णायन देशी गौ रक्षा शाला को देने की घोषणा की।
इस मौके पर गंगादास महाराज ने भी कृष्णायन गौशाला को 11 हजार का चैक भेंट किया।
गोपाष्टमी महोत्सव पर कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द ने कहा कि गोपाष्टमी का पर्व आज 177 देशों में मनाया जा रहा है। कृष्णायन गौशाला का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व की एक मात्र देशी गौशाला हरिद्वार में है। उन्होंने कहा कि गौ, गीता, गंगा तथा साधू-सन्तों से भारत की पहचान है। उन्होंने कहा कि इस गौशाला में तीन हजार गायें हैं तथा सभी गौशालाओं में कुल 15 हजार गायें हैं। उन्होंने कहा कि हमने गौशाला में नन्दीशाला भी बना रखी है। उन्होंने कहा कि गौ के बिना कोई श्राद्ध पूरा नहीं होता है।
स्वामी रामकृष्ण मिशन के डॉ शिवकुमार ने कहा कि उनके द्वारा कनखल हरिद्वार में 200 बेड का चौरिटेबल हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौसेवा करके आप भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
गौरीशंकर गौशाला के संस्थापक बाबा हठयोगी ने कहा कि गाय के दूध के साथ ही उसका संरक्षण करने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर कृष्णायन गौशाला के संरक्षक स्वामी आत्मानन्द महाराज, स्वामी अमृतानन्द, स्वामी कमलानन्द, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एसडीएम संगीता कन्नौजिया, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान मदन सैन, प्रवीण कुमार, अरूण कुमार, रवि शास्त्री, शेखर मेहता सहित संबंधित अधिकारी व पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

दलित मित्र एवं कार्यकर्ता के घर भोजन पर पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक राजपुरा हल्द्वानी में अपने पुराने दलित मित्र एवं कार्यकर्ता के घर भोजन पर पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी कार्यक्रम के तुरंत बाद पार्टी के बहुत पुराने अनुसूचित कार्यकर्ता नंद किशोर आर्य के घर राजपुरा भोजन पर पहुंचे। नंदकिशोर आर्य वर्तमान में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते है। नंदकिशोर आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री वास्तव में गरीबों के मसीहा है। उन्होंने मुझ जैसे गरीब के घर भोजन कर धन्य कर दिया। मुख्यमंत्री ने नन्दकिशोर की आंख के इलाज का वायदा किया। नंदकिशोर के परिजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
वहीं, अचानक राजपुरा में मुख्यमंत्री के आने से राजपुरा के निवासी गदगद हुये। राजपुरा निवासियों एवं महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसके समाधान हेतु मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

धामी सरकार के कार्यो को दर्शाता, बातें कम-काम ज्यादा गीत का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘‘बातें कम-काम ज्यादा’’ गीत का विमोचन किया। बतातें चलें कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली, व्यवहार, आचार-विचार, युवा जोश, सकारात्मक सोच एवं उनके द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों पर आधारित गीत ‘‘बातें कम-काम ज्यादा’’ को यू-ट्यूब पर लॉच किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गीत के माध्यम से सरकार द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों एवं समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर जो प्रयास किये जा रहे हैं, इनका समावेश कर गीत के रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
हिन्दी भाषा में तैयार किये गये इस गीत की निर्माता सावित्री बसेड़ा, निर्देशक डी.एस. बिष्ट व रिकॉर्डिंग/मास्टरिंग/मिक्सिंग का कार्य पवन गुसांई द्वारा किया गया है। इस गीत में संगीत राकेश भट्ट द्वारा दिया गया है तथा भूपेन्द्र बसेड़ा, मनोज सिंह सामन्त, भगत मेहता, सोनम एवं राजलक्ष्मी एवं अन्य साथी कलाकारों द्वारा इस गीत को संयुक्त रूप से स्वर प्रदान किया गया है।
गीत के विमोचन के अवसर विधायक देशराज कर्णवाल, गीत से जुड़े हुये बी.बी. इंटरटेनमेंट की टीम एवं गीत निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कलाकार उपस्थित रहे।

भारत स्काउट एवं गाइड के योगदान को सीएम ने सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में भारत स्काउट एवं गाइड के स्थापना दिवस के अवसर पर भारत स्काउट गाइड की स्टेट चीफ कमीश्नर सीमा जौनसारी के नेतृत्व में भारत स्काउट एवं गाइड के प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को स्टीकर (ध्वज) लगाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपना अंशदान देते हुए कहा कि अनुशासन, सेवा भाव और परोपकार को बढ़ावा देने में भारत स्काउट एवं गाइड की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने अधिक से अधिक छात्रों को स्काउट एवं गाइड से जोडे जाने की अपेक्षा करते हुए कहा कि इससे छात्रों में सेवाभाव एवं अनुशासन की भावना जागृत होगी।
इस अवसर पर रविन्द्र मोहन काला, डॉ. दलजीत कौर, बी.एस.रावत, रेश्मा परवीन, राहुल रतूड़ी आदि उपस्थित रहे।

विकास कार्यो के लिए सीएम ने स्वीकृत की 19 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु 19.17 करोड़ रूपये की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत विभिन्न 6 कार्यों हेतु 376.25 लाख रूपये की धनराशि की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ के अन्तर्गत विजयनगर तैला मोटर मार्ग के मरघट से बाराकोट से सिरोडगांव मला, सिल्ला तक अतिरिक्त मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 46.61 लाख रूपये की धनराशि, विधानसभा क्षेत्र टिहरी के अन्तर्गत विभिन्न 8 निर्माण कार्यों हेतु 372.06 लाख रूपये की धनराशि, विधानसभा क्षेत्र टिहरी के अन्तर्गत चम्बा कॉलेज रोड़ से ग्राम मंज्यूड के चमाणगांव से होते हुये ऑल वेदर रोड तक मोटर मार्ग के नव निर्माण हेतु 3.30 लाख रूपये की धनराशि, विधानसभा क्षेत्र देहरादून कैण्ट के अन्तर्गत प्रेमनगर के केहरी गांव व विंग 1 से 4 में मार्ग एवं नाले के पुनर्निर्माण हेतु 54.85 लाख रूपये की धनराशि की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मुख्यमंत्री ने प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत कर्णगांव से राज राजेश्वर मंदिर तक मोटर मार्ग का नव निर्माण हेतु 170.40 लाख रूपये की धनराशि, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत विभिन्न 3 निर्माण कार्यों हेतु 72.24 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 85.81 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अन्तर्गत विभिन्न 5 निर्माण कार्यों हेतु 255.31 लाख रूपये की धनराशि तथा उत्तरकाशी वन प्रभाग के गंगोत्री रेंज के अन्तर्गत लंका नामक स्थान पर हिम तेंदुआ संरक्षण केन्द्र की स्थापना हेतु 480.22 लाख रूपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय, वेदीखाल, पौड़ी गढ़वाल में रसायन विज्ञान, जन्तु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विषयों के संचालन हेतु असिस्टेंट प्रोफेसर के 3 पदों के सृजन हेतु स्वीकृति प्रदान की है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 97.24 लाख की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अन्तर्गत ग्राम झूनी में तुलानी-चण्डीका घाट लिंक रोड के निर्माण हेतु 13.71 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।

सीएम की, आपदा में राहत कार्यों के लिये सहयोग करने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में हाल ही में आयी आपदा में राहत कार्यों के लिये सहयोग के लिये केन्द्र सरकार के साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा गुजरात आदि राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ही अन्य संस्थानों का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के इस कठिन दौर में राज्य सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर पीड़ितों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि संकट के समय यदि सभी लोग सहायता के लिये आगे आयेंगे तो निश्चित रूप से इस आपदा में हम आपदा प्रभावितों की बेहतर मदद कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने औद्योगिक संस्थानों, स्वयं सेवी संस्थाओं, अन्य विभिन्न संस्थाओं सहित सभी से अपील की है कि दैवीय आपदा के दृष्टिगत प्रदेश को इस समय आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था हेतु सभी की मदद की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से यथा सम्भव सहयोग की भी अपील की है।

आखिर सीएम क्यो हुए सीएम भावुक और अधिकारियों से क्या बोले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा कार्यों को संवेदनशील होकर पूरी गंभीरता से लेते हुए पूरे मनोयोग से अधिकारी कार्य करें ताकि उन्हें व सरकार को जनता याद रखे। उन्होंने आपदा कार्यों को शीघ्र दुरूस्त करने हेतु जनपद नैनीताल व ऊधम सिंह नगर को आपदा मद से 50 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस काठगोदाम में आपदा कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि आपदा से पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों को उनके पारिवारिक सदस्यों की भॉति चिन्तन करते हुए शीघ्राति शीघ्र राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि आपदा के इस दौर में किसी ने अपना बेटा-बाप, मां-बहन एवं पारिवारिक सदस्य खोये हैं, परिवार में एक भी सदस्य के जाने से परिवार की परिस्थिति एवं दिनचर्या बदल जाती है, इसको संवेदनशील होकर सोचते हुए शीघ्रता से सभी प्रभावितों को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये कि अधिकारी कार्यों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर लाना सुनिश्चित करें कोई भी ढिलाई बरदाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कतई बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित कार्यों के स्थान पर आपदा सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता से करें ताकि जनता को राहत मिल सके व जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कहा कि सड़के, बिजली, पानी व संचार व्यवस्थाऐं स्थायी रूप से बहाल न होने तक तुरन्त वैकल्पिक व्यवस्थाओं से बहाल की जायें तथा स्वास्थ्य सेवाएं भी दुरूस्त रखी जाये। धन की कोई कमी नहीं है, कार्यों को समयबद्धता, गुणवत्ता व पारदर्शिता से किये जायें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को सहायता राशि तत्काल वितरित करें ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। जिस पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में 99 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है जिसमें 17 मृतकों के परिवार शामिल हैं, और प्रभावितों का सहायता राशि वितरित की जा रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे, इस पर पैनी नज़र रखे तथा इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार हैली सेवा का उपयोग करते हुए प्रभावितों राहत सामाग्री उपलब्ध करायी जाये। मुख्यमंत्री निर्देश दिये कि काश्तकारों की फसल हानि का आंकलन मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए शीघ्रता से करें ताकि उन्हें भी मुआवजा राशि तुरन्त दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डल में दुर्घटना सम्भावित पेड़ों के कटान की प्रक्रिया को और अधिक सरल करने हेतु वनाधिकारियों से वार्ता करते हुए खतरा बने पेड़ों का कटान कराने के निर्देश आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल को दिये ताकि संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने चोपड़ा गांव में आबादी क्षेत्र के ऊपर अटके बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने की व्यवस्था कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। उन्होंने चुकम में आपदा के दौरान बेघर हुए परिवारों के लिए टैण्ट की व्यवस्था करने के साथ ही खाद्य सामाग्री भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि वर्षाकाल में नहरों, गूलों के पानी का रूख कस्बो व घरों की ओर हो गया है, इसे रोकने हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अभियंताओं को दिये। वर्षाकाल में पेयजल हेतु उपयोग करने वाले पानी में एलम, ब्लीचिंग पाउडर के साथी क्लोरीनाइजेशन करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि जल भराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव करें ताकि डेंगू व अन्य जल जनित बीमारियों से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने सिडकुल के पास चोरगलिया-सितारगंज मार्ग को गड्डामुक्त करने हेतु सिडकुल से धनराशि लोनिवि को तुरन्त हस्तान्तरित कराने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिये। उन्होंने लोनिवि को निर्देश दिये कि 7 नवम्बर से पहले सड़क को गड्डामुक्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गोला पुल-सर्किट हाउस के मध्य गड्डायुक्त सड़क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता को तुरन्त गड्डामुक्त करने के निर्देश दिये।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अधिकारी कार्यों को गंभीरता से लें, समय की बरबादी न करें तथा आदेशों को गंभीरता से लेते हुए आपदा कार्य त्वरित गति से पूर्ण करे। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारियों को जो भी धनराशि, उपकरण आदि चाहिए उसकी मांग जिलाधिकारी को दें, धनराशि की कोई कमी नहीं है।
बैठक में काबीना मंत्री बंशीधर भगत, धनसिंह रावत, जनपद प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, नवीन दुम्का, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, मेयर डॉ.जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधायें निर्धारित समय में पूरी की जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में तहसील धारचूला पंहुचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चैक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने तहसील धारचूला मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र के मृतक व्यक्तियों के प्रति दुःख एवं संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की, इस घड़ी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद करेगी। धारचूला में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को कुल 23 लाख रुपये की धनराशि के चैक वितरित किए।
धारचूला के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला मुख्यालय पंहुचकर नैनीसैनी एयरपोर्ट के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए रिस्टोरेशन कार्य कराए जाय। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न समेत आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नियमित रूप से की जाय। जनपद में सड़क, संचार, विद्युत तथा पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त करते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाय,ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद सड़कों को खोले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाय। इस हेतु अतिरिक्त मशीनरी को लगाया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में आगामी 7 नवम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इस हेतु यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ किया जाप, साथ ही उन्होंने सभी सड़क मार्गों में झाड़ी कटान व नाली निर्माण का भी कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि,औद्यानिकी को भी जितनी क्षति हुई है, उसका भी तुरंत आंकलन किया जाय।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में विगत दिनों तेज बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी। विगत दिनों हुई भारी वर्षा से जनपद में कुल 105 सड़कें बंद हो गई थी जिसमें से 66 सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया गया है। शीघ्र ही सभी सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फसे लगभग 120 पर्यटकों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अतिरिक्त 108 क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों में से 87 लाईनों को अस्थाई रूप से सुचारू कर दिया गया है, भारी वर्षा से जिले के कुल 580 गाँवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसमें से 559 गांवों में विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।
बैठक से पहले, मुख्यमंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि के द्वारा सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। तहसील पिथौरागढ़ के ग्राम सटगल निवासी भगवान राम तथा छाना पांडेय निवासी निर्मला पांडेय को क्रमशः 48 हजार तथा 39 हजार 900 रुपये के चेक वितरित किए गए। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा जनता की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए सभी पूर्व तैयारियां की गई जिस कारण प्रदेश में हुई इस भीषण वर्षा में जनहानि को कम कर पाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनर्निर्माण के कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, इस हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक चंद्रा पंत, मीना गंगोला, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक मनोज सामंत, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभागों के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

चंपावत पहुंचे सीएम, पीड़ित परिवारों को बधांया ढ़ाढंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रभावित जनपद चम्पावत में हालात का जायजा लिया। उन्होंने चम्पावत के तेलवाडा में जाकर आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्ति की। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी पीड़ा को समझती है तथा इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ितों एवं आम जनमानस के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में आपदा प्रभावितों को जल्द से जल्द मुवावजे देने की कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा कहा कि बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र, अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की आवश्यकता है तो क्रय कर लिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए की जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है, उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। कहा की युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू सर्वेक्षण किया जाए। जिसमे एडीएम को उसका नोडल अधिकारी बनाया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा ग्रस्त लोगों को हर सम्भव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जनपद में राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पूरण फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद रहे।

आपदा पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद समय पहुंचाये-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अवरुद्ध मार्गाे, क्षतिग्रस्त बिजली और पेयजल लाईनों को जल्द से जल्द बहाल करने तथा आपदा पीड़ित परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में मेडिकल सुविधा एवं दवाइयां पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन को बचाने के लिए पूरे प्रदेश में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि गैस सिलेण्डर फटने से जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती गंभीर घायलों को आज ही एयर एम्बुलेंस से हायर सेंटर रेफर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत कार्याे में संसाधनों की कोई कमी नही होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो भी सड़के अवरूद्व हुई है उनको जल्द से जल्द बहाल करें। इसके लिए यदि अतिरिक्त जेसीबी मशीन या कही पर जेसीबी मशीन एयर लिफ्ट करने की आवश्यकता है तो संज्ञान में लाया जाए। जिन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल लाईनें क्षतिग्रस्त हुई है उनको तत्काल सुचारू किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में दूरसंचार व्यवस्था बाधित हुई है वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर डब्लूएलएल फोन की व्यवस्था की जाए। लोक निर्माण विभाग को आगामी 7 नवंबर तक सभी सड़कों को गढडा मुक्त बनाने के निर्देश भी दिए। कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए।
मुख्यमंत्री ने आपदा में त्वरित कार्यवाही के लिए जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना भी की। कहा कि आपदा में सभी ने अच्छा कार्य किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों के बारे में भी जानकारी ली। बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर यहां पर भर्ती मरीजों का हाल भी जाना।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को चमोली जिले में आपदा से हुए नुकसान और संचालित राहत व बचाव कार्यों की जानकारी दी।
बैठक में पर्यटन एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत सहित पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल एवं समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।