सीएम ने यंग उत्तराखंड के सदस्यों को दी बधाई, गुलाबी शरारा के 300 मिलियन व्यूज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में यंग उत्तराखंड के सदस्यों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने गुलाबी शरारा गीत की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों ने प्रतिभा और कड़ी मेहनत से हमारी लोक संस्कृति को बढ़ाने का कार्य किया है। गुलाबी शरारा गीत के 300 मिलियन से अधिक व्यूज ने यह सिद्ध कर दिया है कि राज्य के युवा प्रतिभा सम्पन्न है। अपने गीत और संगीत के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर यंग उत्तराखंड से जितेन्द्र सिंह रावत, गिरीश सिंह जीना, वरुण रावत, राकेश जोशी, नीरू बोरा, अंकित कुमार, अशीम मंगोली, रणजीत सिंह भंडारी और सौरभ सेमवाल मौजूद थे।

नेशनल गेम्सः छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक लाइन में, अन्य राज्यों से भी रजिस्ट्रेशन

38 वें नेशनल गेम्स की तेज होती तैयारियों के बीच वॉलंटियर बनने का जबरदस्त क्रेज है। कॉलेजों के छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक वॉलंटियर बनने के लिए लाइन में हैं। यही नहीं, उत्तराखंड से बाहर के अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दस हजार तक पहुंचने वाला है। हालांकि विभाग की आवश्यकता दो से ढाई हजार वॉलंटियर्स की है। नेशनल गेम्स के शुभंकर समेत अन्य प्रतीकों की लॉंचिंग के बाद रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है।

नेशनल गेम्स सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार नेशनल गेम्स जैसे बडे़ आयोजन के लिए सभी का सहयोग लिया जा रहा है। वॉलंटियर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिलहाल गतिमान है। वॉलंटियर नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाएंगे। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या ने बताया कि कई रिटायर्ड अफसरों ने भी वॉलंटियर बनने की इच्छा प्रकट करते हुए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं।

इस तरह बन सकेंगे नेशनल गेम्स वॉलंटियर
यदि आप नेशनल गेम्स में वॉलंटियर बतौर अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आप खेल विभाग की वेबसाइट 38दहना-पद पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह जरूरी है कि आपकी आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपके स्तर पर दी गई जानकारी के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आपको श्रेणियों के दो विकल्प मिलेंगे। इसमें से एक खेल पृष्ठभूमि को इंगित करता विकल्प होगा, जबकि दूसरा विकल्प सामान्य होगा।

वॉलंटियर बनें या ना बनें, मिलेगा सर्टिफिकेट
नेशनल गेम्स के वॉलंटियर के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आप विभाग से एक सर्टिफिकेट प्राप्त करने के अधिकारी हो जाएंगे। यह ई-सर्टिकिकेट होगा, जो कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर एक को दिया जाएगा। वॉलंटियर बतौर चयनित हो जाने वालों को नेशनल गेम्स 2025 का सर्टिफिकेट अलग से मिलेगा। चयनित वॉलटियर को विभाग के स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, उन्हें जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। स्पोर्ट्स इवेन्ट से लेकर पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने से लेकर अन्य तमाम व्यवस्थाओं में वॉलंटियर सहयोग करेंगे।

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध
नेशनल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2024 तय की गई है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तिथि विस्तारित करने का अनुरोध किया गया है। खेल विभाग ने इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। खेल विभाग जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह तक वॉलंटियर के चयन की प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहता है, ताकि उसी हिसाब से प्रशिक्षण व तैनाती संबंधी कार्य फाइनल किए जा सकें।

नेशनल गेम्स का आयोजन किसी विभाग का नही, बल्कि ये पूरे उत्तराखंड का है। सभी के सहयोग से उत्तराखंड नेशनल गेम्स का भव्य आयोजन करेगा। मैं सभी से ये आह्वान करता हूं कि इस महा आयोजन के साथ वह किसी न किसी रूप में अवश्य जुड़े। नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलना हमारा सौभाग्य है।

राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाएः सीएम


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि कानून-व्यवस्था का सख्ती से पालन करवाया जाए। राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जो भी बाहरी व्यक्ति राज्य में जमीन खरीदने के लिए आ रहे हैं, वे किस उद्देश्य से जमीन खरीद रहे हैं? आपराधिक विवरण के साथ ही भूमि क्रय करने का उद्देश्य भी बताना पड़ेगा। इसका उनसे निर्धारित प्रारूप पर घोषणा पत्र भरवाया जाए। बाहरी लोगों के जमीन खरीदने से पहले इसकी भी सघनता से जांच करवाई जाए कि उन पर कहीं कोई आपराधिक मामला न चल रहा हो, जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति पर आपराधिक मामला पाया जाता है, तो प्रारूप पर उसका स्पष्ट उल्लेख हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि वनाग्नि, पेयजल, और बिजली की समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित बैठक कर समीक्षा की जाए। आगे इस तरह की समस्याएं न हों, इसके लिए जो भी प्रभावी उपाय किये जाने हैं, जल्द किये जाएं। कार्यों में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा प्रबंधन और आगामी कांवड़ के दृष्टिगत सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि शासन के वरिष्ठ अधिकारी नियमित सभी जिलाधिकारियों के संपर्क में रहें, जनपदों से किसी भी प्रकार की सहायता के अनुरोध पर उनका यथाशीघ्र समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की धनराशि लाभार्थी को डी.बी.टी के माध्यम से जल्द मिले। वित्त विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसकी त्वरित कार्यवाही करे। जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जाए। जल संरक्षण और संवर्द्धन के साथ ही व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। इसे जन अभियान से जोड़ा जाए। वर्षा जल संचय पर भी विशेष ध्यान देने के साथ ही इसके लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल उपस्थित थे।

पीएम मोदी ने किया उत्तरकाशी सहित 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश के 18 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल प्रतिभाग किया। जिन 91 एफएम ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया गया उनमें उत्तरकाशी में स्थापित एफएम ट्रांसमीटर भी शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के पश्चात कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज जिन 91 एफएम ट्रासंमीटरों का उद्घाटन किया गया, इससे करोड़ों लोग जुड़ेंगे। इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ने में लोगों को आसानी होगी। कनेक्टिविटी को बढ़ाने का यह एक मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि इससे सोशल एवं कल्चरल कनेटिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी सीमांत जनपद होने के नाते सीमांत क्षेत्र के लोगों को सुविधा होने के साथ ही एफएम ट्रासंमीटर की सुविधा होने से अब एक बड़े क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।

सीएम ने किया ’’नकर-नकर भ्रष्टाचार, सख्त हैरे यो सरकार’’ गीत का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ जन जागरूकता फैलाये जाने हेतु तैयार किये गये वीडियो गीत ‘‘नकर-नकर भ्रष्टाचार, सख्त हैरे यो सरकार’’ गीत का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस गीत के माध्यम से सरकार द्वारा सुशासन की दिशा में किये जा रहे कार्यों को दिखाने का शानदार प्रयास किया गया है। सरकार द्वारा भ्रष्टाचारियों पर की जा रही कार्रवाई के प्रति जन जागरूकता फैलाने का अच्छा प्रयास गीत के माध्यम से किया गया है।
इस गीत में सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और नकल के विरूद्ध अपनाये जा रहे सख्त रूख एवं जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रदर्शित किया गया है। यह गीत गीतकार एवं गायक भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा क्षेत्रीय मिश्रित भाषा का उपयोग कर तैयार किया गया है। इस वीडियो गीत में मुख्य किरदार ओम तरोनी तथा उर्वशी शाह द्वारा भूमिका निभायी गयी है तथा संगीत विक्की जुयाल द्वारा दिया गया है।
इस अवसर पर विधायक मोहन सिंह मेहरा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एमडी पिटकुल पी0सी0 ध्यानी, ललित जोशी, राजेन्द्र चौधरी, देवेन्द्र बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का सीएम ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में गौलापार हल्द्वानी में बनने जा रहे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं एक अधिवक्ता होने के नाते प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की सबसे बड़ी संस्था के लिये गौलापार हल्द्वानी में बार कांउसिल ऑफ उत्तराखण्ड के प्रदेश कार्यालय के भवन का शिलान्यास करने का उन्हें अवसर मिला है।

उन्होंने बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन एवं सभी सदस्यों एवं प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं को उत्तराखण्ड में स्वयं के भवन निर्माण एवं भूमि क्रय करने एवं उस पर कार्यालय का निर्माण करने की बधाई देते हुए कहा कि कार्यालय के निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से यथा समय पूर्ण हो तथा इसी प्रकार बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड प्रदेश के सभी 25 हजार अधिवक्ताओं के हितों का कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसिल के भवन का भविष्य की जरूरतों की दृष्टि से बेहतर ढंग से निर्माण किया जाय, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भवन के बनने के बाद हाईकोर्ट व अन्य कार्यों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिये काफी सुविधा हो जायेगी।

बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन मनमोहन लाम्बा द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की पत्रावलियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में बैठने एवं कार्य करने की सुचारू व्यवस्था नहीं थी इसलिये बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड ने अपने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर गौलापार में कार्यालय के भवन निर्माण की भूमि दिनांक 24 अगस्त, 2022 को क्रय की है तथा बार काउंसिल का नाम उक्त भूमि पर राजस्व अभिलेखों में अंकित हो गया है। चैयरमैन द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि पूरे देश में कुल 21 बार काउंसिल हैं और उत्तराखण्ड बार काउंसिल पूरे देश में पहली बार काउंसिल है जिसने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर बार काउंसिल के कार्यालय के निर्माण हेतु अपनी अपनी भूमि क्रय की है।

इस अवसर पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के वाइस चेयरमैन राव मुनफैत अली, वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र पुण्डीर, चंद्र शेखर तिवारी, योगेन्द्र तोमर, सुखपाल सिंह, अनिल पंडित आदि उपस्थित थे।

पर्वतीय जनपदों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में कार्य करने की आवश्यकताः सीएम

राज्य के पर्वतीय जनपदों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में और प्रयासों की जरूरत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का आम जन अधिक से अधिक फायदा ले सकें, इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जाय कि एक जैसी प्रकृति की योजनाओं के तहत लोगों को संबंधित विभागों की योजना का लाभ उठाने के लिए मिश्रित लोन लेने की सुविधा मिल सके। सहकारी बैंकों द्वारा एनपीए को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएं। बैंकों को ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने की दिशा में विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में और प्रयासों की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंकों की बैठक के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। कलस्टर आधारित अप्रोच पर अधिक ध्यान दिया जाए। पर्वतीय जनपदों में सहकारिता आधारित कार्यों को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता है। राज्य में मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएं। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाय। आम जन को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके, सहकारी बैंकों के माध्यम से लोन की प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आम जन को गोष्ठियों एवं कैम्प के माध्यम से जानकारी दी जाय।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले 5 सालों में राज्य के सहकारी बैंकों में एनपीए में तेजी से कमी की गई है। 5 साल पहले एनपीए लगभग 20 प्रतिशत था, जो अब घटकर 3.81 प्रतिशत है। सहकारी बैंकों के माध्यम से मोबाईल बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सभी पैक्स का कंप्यूटराइजेशन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। सहकारी बैंकों में आईबीपीएस के माध्यम से भर्तियां की जा रही हैं।

बैठक में सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, एमडी सहकारिता नीरज बेलवाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

पौड़ी में पहाड़ी शैली में बने होम स्टे में रूके सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के बाद पौड़ी स्थित रावत गांव में मेजर (से.नि) गोर्की चंदोला के मिट्टी से बने पहाड़ी शैली के होम स्टे में रात्रि विश्राम करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम वासियों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना। पहाड़ी शैली पर बने होमस्टे का अवलोकन करते हुए उन्होंने प्रशंसा जाहिर की एवं रिंगाल से बने उत्पादों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में होम स्टे की अपार संभावनाएं है। होम स्टे स्वरोजगार, आत्मनिर्भर उत्तराखंड, आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। लोगों का रुझान लगातार होम स्टे की ओर बढ़ रहा है। होस्ट स्टे से लोगों को उत्तराखंड के पारंपरिक खानपान और संस्कृति के बारे में पता चलता है। राज्य सरकार होम स्टे को लगातार बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक राजकुमार पौरी, बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

विद्युत समस्या शिविर में बिजली बिलों में गड़बड़ी, खराब मीटर, लो वोल्टेज आदि की समस्या का हो रहा प्राथमिकता से निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के मंत्र के मद्देनजर प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान हेतु “विद्युत समस्या समाधान शिविर“ आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें जेई से लेकर चीफ इंजीनियर रैंक के अधिकारी कैंपों में मौजूद रहकर उपभोक्ताओं की शिकायतों को प्राथमिकता पर हल कर रहे हैं। अब तक इन कैम्पों में कुल 2505 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें से 1438 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर 23 जनवरी से पूरे प्रदेश में विद्युत समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक विकास खण्ड में कम से कम 7 दृ 8 कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। कैम्पों में बिजली के बिलों में गड़बड़ी, खराब मीटर, लो वोल्टेज, ट्रांसफार्मर आदि शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। अहम बात यह कि विकासखण्ड स्तर पर आयोजित किए जा रहे इन कैंपों की सीधी मॉनिटरिंग ऊर्जा भवन देहरादून से की जा रही है। निगम के एमडी अनिल कुमार रोजाना कैंप का अपडेट ले रहे हैं। निगम के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि शिविर में दर्ज की जा रही शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए। अभियान की एक फाइनल रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भी सौंपी जाएगी। विद्युत शिविरों में समय पर बिल भुगतान और बिजली के अनाधिकृत प्रयोग को रोकने के लिए जनता को भी जागरूक किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो और उपभोक्ताओं की समस्याएं भी समय रहते हल हों। इसके लिए मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को खुद जनता के दरवाजे पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

यूपीसीएल की उपलब्धियां
यूपीएसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि डिस्कॉम की ओर से राज्यों को लेकर जारी की गई कंस्यूमर सर्विस रेटिंग में यूपीएसीएल को बी-प्लस रेटिंग के साथ पहला स्थान मिला है। इसके अलावा डिसकॉम की ही 10 वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग में निगम को बी रेटिंग मिली है। इसके अलावा उत्तराखंड देश में सबसे बिना सब्सिडी दिए कम दरों पर बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में शामिल है। वहीं, सरकारी विभागों की 188 करोड़ की देनदारी के सापेक्ष कुल 162 करोड़ की प्राप्ति हासिल की गई है।

जोशीमठ भू-धंसाव से प्रभावितों के लिये प्री फेब्रिकेटेड हट्स बनाने में एम्मार इंडिया सरकार का करेगी सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को सचिवालय में एम्मार इंडिया के सीईओ कल्याण चक्रवर्ती ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को कहा कि उनके द्वारा जोशीमठ भू-धंसाव के कारण प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिये 100 से 150 प्री फेब्रिकेटेड हटस बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ के प्रभावितों की मदद के लिये सभी से सहयोगी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रभावितों की मदद करना मानवता की बड़ी सेवा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों को हर संभव मदद करना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। प्रभावितों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण हो, इसके निर्देश सभी सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं। जोशीमठ क्षेत्र के भूगर्भीय जांच आदि में केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी संस्थान जुटे हैं। शीघ्र ही इस संबंध में ठोस कार्य योजना पर कार्य किया जायेगा। प्रभावितों के पुनर्वास आदि के स्थायी समाधान के भी प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का नियोजित विकास भी हमारी प्राथमिकता है। सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामरिक महत्व वाला जोशीमठ क्षेत्र सुरक्षित हो, यह अपने पुराने स्वरूप में लौटे तथा आगामी यात्रा भी सुनियोजित ढंग से संपन्न हो, इस दिशा में भी हमें कार्य करना है।
मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह समय जोशीमठ पर राजनीति करने का नहीं बल्कि पीड़ितों की मदद का है। राज्य सरकार हर सम्भव मदद का प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी लगातार वहां चलाये जा रहे राहत कार्यों की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने पीड़ितों की पूरी मदद का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ के बारे में कई भ्रम फैलाये जा रहे हैं, जो उचित नहीं है। वहां 70 प्रतिशत दुकानें खुली हैं तथा आवश्यक काम काज सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के लोग प्रभावितों की मदद में तैनात हैं। पुनर्वास कार्यों पर कार्य हो रहा है। चार माह बाद चार धाम यात्रा प्रारम्भ होनी है। ऐसे समय में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि पूरा जोशीमठ क्षेत्र ही असुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के बारे में लोगों में संशय की स्थिति पैदा न हो हमें इस पर भी ध्यान देना चाहिए।