जोशीमठ प्रभावितों के रहने.खाने एवं ठंड से बचाव को की गई हीटर एवं ब्लोअर की व्यवस्था

जोशीमठ आपदा प्रभावित इस समय राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्रभावितों के रहने.खाने से लेकर शीत से बचाने हेतु पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। जहां आपदा प्रभावित परिवारों के सदस्यों के रहने की व्यवस्था होटलों के अलावा राहत शिविरों में की गई है तो ठंड से बचाने के लिए हीटर, ब्लोअर आदि के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि आपदा प्रभावितों को किसी भी तरह की समस्या न होने पाए। जानकारी के अनुसार 76 परिवारों को हीटर और ब्लोअर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा जो लोग होटल में ठहरे हैं उनके लिए होटल के हीटर.ब्लोअर उपलब्ध हैं। 110 लोगों को थर्मल वियरए 175 लोगों को हॉट वॉटर बोतल, 516 लोगों को टोपी, 280 लोगों को मोजे, 196 लोगों को शॉल आदि जरूरत का सामान वितरित किया गया है। इसी तरह अब तक 771 लोगों को खाद्यान्न किटए 601 को कंबल, 114 लोगों को डेली यूज़ किट दी गयी है। 48 लोगों को जूते भी दिए गए हैं। इसके अलावा स्थानीय निवासियों के मवेशियों का भी पूरा ख्याल राज्य सरकार की ओर से रखा जा रहा है। वहीं, आमजन की नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। अब तक कुल 766 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है।
वहीं, जोशीमठ में आपदा प्रभावित 269 परिवारों के 900 सदस्यों को सुरक्षा के दृष्टिगत राहत शिविरों में रूकवाया गया है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा इत्यादि मूलभूत सुविधाएं प्रभावितों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित परिवारों को उनकी सुविधा एवं स्वेच्छा के अनुसार सुरक्षित गेस्ट हाउस, होटल, स्कूल एवं धर्मशाला में ठहराया गया है।
आवास व्यवस्था के नोडल अधिकारीध्जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि नगरपालिका जोशीमठ में 6 कमरों में 6 परिवार के 33 सदस्यों को रूकवाया गया है। नगरपालिका एक बडे हाल में 8 परिवारों के 24 सदस्य रह रहे है। गुरुद्वारा में 7 परिवारों के सात कमरों में 28 सदस्य रह रहे है।
इसी तरह, प्राथमिक विद्यालय जोशीमठ में 4 परिवारों 11 सदस्यए जोशीमठ सिचाई विभाग कॉलोनी में एक परिवार के चार सदस्य, टूरिस्ट हास्टिल औली रोड में दो परिवारो के 8 सदस्यों, राजीव गांधी अभिवि जोशीमठ में एक परिवार के 6 सदस्य, प्राविसिंगधार में 3 परिवारों के 18 सदस्य, होटल शैलजा में 3 परिवारों के 11 सदस्य, होटल श्रीमान पैलैस में 7 परिवारों के 16 सदस्य, विवेक लाज में दो परिवारों के 10 सदस्य, होटल सैफायर में 8 परिवारों के 42 सदस्य, होटल द्रोणागिरी में 10 परिवारों के 34 सदस्य, काली कमली धर्मशाला में 5 परिवारों के 23 सदस्य, मिलन केन्द्र सिंगधार में 1परिवार के 4 सदस्य, होटल तथास्तु में 3 परिवारों के 13 सदस्य, होटल उदय पैलेस में 11 परिवारों के 40 सदस्य, होटल हिमशिखर मे 6 परिवारों के 21 सदस्यों को ठहराया गया है। जबकि होटल ईश्वरी नारायण में 21 परिवारो के 67 सदस्य, शिवालिक कैम्पिंग एंड कार्टज में 7 परिवारों के 22 सदस्य, औली इको नेचर रिजार्ट में 5 परिवारों के 22सदस्य, होटल पथिक में 5 परिवारों के 8 सदस्य, भारत गेस्ट हाउस में 4 परिवारों के 20 सदस्य, संस्कृति महाविद्यालय में 25 परिवारों के 76 सदस्य, होटल आली डी में 1 परिवार के 5 सदस्य, अलकनंदा सदन जोशीमठ में 3 परिवारों के 10 सदस्य, गुंजन गेस्ट हाउस में 2 परिवारों के 7 सदस्य, बलराम गेस्ट हाउस में 11 परिवारों के 49 सदस्य, न्यू सिद्धार्थ होटल में 11 परिवारों के 21 सदस्य, जय मां सरस्वती में 6 परिवारों के 19 सदस्य, हिमालय होटल में 1 परिवार के 3 सदस्य, होटल साईधाम में 5 परिवारों के 12 सदस्य, होटल माणिक पैलेश में 9 परिवारों के 29 सदस्य, होटल ब्रहमकमल में 3 परिवारों के 11सदस्य, होटल महिम रेजीडेंसी में 4 परिवारों के 16 सदस्य, चरक गेस्ट हाउस में 2 परिवारों के 6 सदस्यों को ठहराया गया है।
होटल शिवा पैलेस में 2 परिवारों के 11 सदस्यए होटल शिवलोक में 2 परिवारों के 6 सदस्यए होटल त्रिशूल में 5 परिवारों के 20 सदस्यए अनमोल होम स्टे में 4 परिवारों के 18 सदस्यए एनके होमस्टे में 3 परिवारों के 12 सदस्य, मंदिर समिति गेस्ट हाउस में 1 परिवार का 1 सदस्य, होटल धनेश में 8 परिवारों के 34 सदस्यों को ठहराया गया है।
इसके अतिरिक्त 31 परिवारों के 58 सदस्य अपने रिश्तेदारों के यहां और किराए पर रह रहे हैं।

आईएसबीटी से मालदेवता और आईएसबीटी से सहसपुर रोड में चलेंगी 10 इलैक्ट्रिक बसें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से देहरादून स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत 10 इलैक्ट्रिक बसों का विस्तारित मार्ग आई०एस०बी०टी० से मालदेवता एवं आई०एस०बी०टी० से सहसपुर रोड के संचालन का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने टिकट लेकर घंटाघर तक बस में यात्रा भी की। स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत 20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन देहरादून में पहले से ही किया जा रहा है। उन्होंने सी.ई.ओ. स्मार्ट सिटी/जिलाधिकारी देहरादून सोनिका को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाये कि इन बसों के आने-जाने की समयावधि की आम जन को जानकारी हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत अब जो 30 इलैक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही है। इससे देहरादून के विभिन्न यात्रा मार्गों पर जाने के लिए यात्रियों को काफी सुविधा होगी। यात्रियों को आवागमन के लिए सहज एवं सरल सुविधा मिलेगी। इलैक्ट्रिक बसों के संचालन से पर्यावरण भी प्रदूषित नहीं होगा। ग्रीन एवं क्लीन सिटी के लिए भी इन बसों के संचालन से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस के संचालन का मुख्य उद्देश्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है। इन बसों के संचालन से वायु एवं ध्वनि प्रदूषण कम होगा।
देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की दून कनैक्ट सेवा के अंतर्गत 20 बसों का संचालन देहरादून शहर के 4 मार्गों आई०एस०बी०टी से राजपुर, आई०एस०बी०टी० से रायपुर- सेलाकुई, आई०एस०बी०टी० से सहस्त्रधारा एवं आई०एस०बी०टी० से एयरपोर्ट तक पहले से ही संचालन किया जा रहा है। इनमें अभी तक कुल 12.47 लाख यात्रियों द्वारा सफर किया जा चुका है तथा कुल 2 करोड़ 41 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। पहले से चल रही बसों में यात्रियों की अधिक संख्या एवं स्थानीय निवासियों एवं यात्रियों के द्वारा अतिरिक्त बसों की इस रूट पर मांग के दृष्टिगत स्थानीय जनता को अधिकतम लाभ पहुचाने के लिए आई0एस0बी0टी0 से रायपुर रूट को विस्तारित कर मालदेवता तथा आई०एस०बी०टी० से सेलाकुई रूट को विस्तारित कर सहसपुर तक नई बसों को संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सविता कपूर, सुरेश गड़िया, सीईओ स्मार्ट सिटी सोनिका उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने परिवार से मिलकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पौड़ी के श्रीकोट में अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई कराते हुए अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी जनपद अंतर्गत श्रीनगर के डोभ श्रीकोट गांव पहुँचे और अंकिता के परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मामले की जांच को डीआईजी पी.रेणुका देवी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम गठित की गई है जिसने अपनी जांच प्रारंभ कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हत्याकांड के तीनों आरोपितों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और जांच में जिन भी लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में है उन पर भी कानून सम्मत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता की धनराशि भी प्रदान की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, एसएसपी यशवंत सिंह चौहान, एसडीएम आकाश जोशी आदि भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अंकिता के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिवंगत अंकिता भण्डारी के परिजनों को 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों को इसके लिये निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता के परिवार के साथ है और उनकी हर प्रकार से सहायता करेगी। मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। पूर्ण निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी। मामले से संबंधित हर तथ्य को जुटाते हुए पुख्ता तरीके से रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। अपराधियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आगे के लिए भी नजीर बने। पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है।

प्रदेश हित में भू कानून की संस्तुतियों पर सरकार विचार कर कानून में करेगी संशेधानः सीएम

राज्य में भू – कानून के अध्ययन व परीक्षण के लिए गठित समिति ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय और विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए अपनी 23 संस्तुतियां सरकार को दी हैं।

आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समिति के अध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार, समिति के सदस्य व श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य अजेंद्र अजय, पूर्व आईएएस अधिकारी अरुण ढौंडियाल व डी.एस.गर्व्याल और समिति के पदेन सदस्य सचिव के रूप में हाल तक सचिव राजस्व का कार्यभार संभाल रहे दीपेंद्र कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार शीघ्र ही समिति की रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर व्यापक जनहित व प्रदेश हित में समिति की संस्तुतियों पर विचार करेगी और भू – कानून में संशोधन करेगी।

जुलाई 2021 में सीएम धामी ने उच्च स्तरीय समिति गठित की थी

उल्लेखनीय है कि सीएम ने जुलाई 2021 में प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त होने के बाद उसी वर्ष अगस्त माह में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को राज्य में औद्योगिक विकास कार्यों हेतु भूमि की आवश्यकता तथा राज्य में उपलब्ध भूमि के संरक्षण के मध्य संतुलन को ध्यान में रख कर विकास कार्य प्रभावित न हों, इसको दृष्टिगत रखते हुए विचार – विमर्श कर अपनी संस्तुति सरकार को सौंपनी थी।

सभी हितधारकों से सुझाव लेकर गहन विचार विमर्श कर 80 पृष्ठ में तैयार की रिपोर्ट

समिति ने राज्य के हितबद्ध पक्षकारों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं से सुझाव आमंत्रित कर गहन विचार – विमर्श कर लगभग 80 पृष्ठों में अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसके अलावा समिति ने सभी जिलाधिकारियों से प्रदेश में अब तक दी गई भूमि क्रय की स्वीकृतियों का विवरण मांग कर उनका परीक्षण भी किया।

राज्य में निवेश और रोजगार बढ़ाने के साथ भूमि के दुरुपयोग को रोकने पर फोकस

समिति ने अपनी संस्तुतियों में ऐसे बिंदुओं को सम्मिलित किया है जिससे राज्य में विकास के लिए निवेश बढ़े और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो। साथ ही भूमि का अनावश्यक दुरूपयोग रोकने की भी अनुशंसा की है।

समिति ने वर्तमान में प्रदेश में प्रचलित उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) यथा संशोधित और यथा प्रवृत्त में जन भावनाओं के अनुरूप हिमाचल प्रदेश की तरह कतिपय प्रावधानों की संस्तुति की है।

समिति की प्रमुख संस्तुतियां

वर्तमान में जिलाधिकारी द्वारा कृषि अथवा औद्यानिक प्रयोजन हेतु कृषि भूमि क्रय करने की अनुमति दी जाती है। कतिपय प्रकरणों में ऐसी अनुमति का उपयोग कृषि/औद्यानिक प्रयोजन न करके रिसोर्ट/ निजी बंगले बनाकर दुरुपयोग हो रहा है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में लोग भूमिहीन हो रहें और रोजगार सृजन भी नहीं हो रहा है।

समिति ने संस्तुति की है कि ऐसी अनुमतियां जिलाधिकारी स्तर से ना दी जाऐं। शासन से ही अनुमति का प्रावधान हो।

वर्तमान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों हेतु भूमि क्रय करने की अनुमति जिलाधिकारी द्वारा प्रदान की जा रही है। हिमांचल प्रदेश की भांति ही ये अनुमतियाँ, शासन स्तर से न्यूनतम भूमि की आवश्यकता के आधार पर, प्राप्त की जाएं।

वर्तमान में राज्य सरकार पर्वतीय एवं मैदानी में औद्योगिक प्रयोजनों, आयुष, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, उद्यान एवं विभिन्न प्रसंस्करण, पर्यटन, कृषि के लिए 12.05 एकड़ से ज्यादा भूमि आवेदक संस्था/फर्म/ कम्पनी/ व्यक्ति को उसके आवेदन पर दे सकती है।

उपरोक्त प्रचलित व्यवस्था को समाप्त करते हुए हिमाचल प्रदेश की भांति न्यूनतम भूमि आवश्यकता के आधार पर दिया जाना उचित होगा।

वर्तमान में, गैर कृषि प्रयोजन हेतु खरीदी गई भूमि को 10 दिन में धारा- 143 के अंतर्गत गैर कृषि घोषित करते हुए खतौनी में दर्ज करेगा।
परन्तु क्रय अनुमति आदेश में 2 वर्ष में भूमि का उपयोग निर्धारित प्रयोजन में करने की शर्त रहती है। यदि निर्धारित अवधि में उपयोग न करने पर या किसी अन्य उपयोग में लाने/विक्रय करने पर राज्य सरकार में भूमि निहित की जाएगी, यह भी शर्त में उल्लखित रहता है।

यदि 10 दिन में गैर कृषि प्रयोजन हेतु क्रय की गई कृषि भूमि को “गैर कृषि“ घोषित कर दिया जाता है, तो फिर यह धारा-167 के अंतर्गत राज्य सरकार में (उल्लंघन की स्थिति में) निहित नहीं की जा सकती है।

अतः नई उपधारा जोङते हुए उक्त भूमि को पुनः कृषि भूमि घोषित करना होगा तत्पश्चात उसे राज्य सरकार में निहित किया जा सकता है।

कोई व्यक्ति स्वयं या अपने परिवार के किसी भी सदस्य के नाम बिना अनुमति के अपने जीवनकाल में अधिकतम 250 वर्ग मीटर भूमि आवासीय प्रयोजन हेतु खरीद सकता है ।

समिति की संस्तुति है कि परिवार के सभी सदस्यों के नाम से अलग अलग भूमि खरीद पर रोक लगाने के लिए परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड राजस्व अभिलेख से लिंक कर दिया जाए।

राज्य सरकार ’भूमिहीन’ को अधिनियम में परिभाषित करे। समिति का सुझाव है कि पर्वतीय क्षेत्र में न्यूनतम 5 नाली एवं मैदानी क्षेत्र में 0.5 एकड़ न्यूनतम भूमि मानक भूमिहीन’ की परिभाषा हेतु औचित्यपूर्ण होगा।

भूमि जिस प्रयोजन के लिए क्रय की गई, उसका उललंघन रोकने के लिए एक जिला / मण्डल / शासन स्तर पर एक टास्क फ़ोर्स बनायीं जाए। ताकि ऐसी भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जा सके।

सरकारी विभाग अपनी खाली पड़ी भूमि पर साइनबोर्ड लगाएं।

कतिपय प्रकरणों में कुछ व्यक्तियों द्वारा एक साथ भूमि क्रय कर ली जाती है तथा भूमि के बीच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमि पड़ती है तो उसका रास्ता रोक दिया जाता है। इसके लिए व्यवस्था।

विभिन्न प्रयोजनों हेतु जो भूमि खरीदी जायेगी उसमें समूह ग व समूह ’घ’ श्रेणीयो में स्थानीय लोगों को 70 प्रतिशत रोजगार आरक्षण सुनिश्चित हो। उच्चतर पदों पर योग्यतानुसार वरीयता दी जाए।

विभिन्न अधिसूचित प्रयोजनों हेतु प्रदान की गयी अनुमतियों के सापेक्ष आवेदक इकाइयों/ संस्थाओं द्वारा कितने स्थानीय लोगों को रोजगार दिए गए, इसकी सूचना अनिवार्य रूप से शासन को उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो

वर्तमान में भूमि क्रय करने के पश्चात भूमि का सदुपयोग करने के लिए दो वर्ष की अवधि निर्धारित है और राज्य सरकार को अपने विवेक के अनुसार इसे बढ़ाने का अधिकार दिया गया है। इसमें संशोधन कर विशेष परिस्थितयों में यह अवधि तीन वर्ष (2 $ 1 = 3) से अधिक नहीं होनी चाहिए।

पारदर्शिता हेतु क्रय- विक्रय, भूमि हस्तांतरण एवं स्वामित्व संबंधी समस्त प्रक्रिया हो। समस्त प्रक्रिया एक वेबसाइट के माध्यम से पब्लिक डोमेन में हो।

प्राथमिकता के आधार पर सिडकुल/ औद्योगिक आस्थानों में खाली पड़े औौद्योगिक प्लाट्स/ बंद पड़ी फैक्ट्रियों की भूमि का आबंटन औद्योगिक प्रयोजन हेतु किया जाए।

प्रदेश में वर्ष बन्दोबस्त हुआ है। जनहित/ राज्य हित में भूमि बंदोबस्त की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

भूमि क्रय की अनुमतियों का जनपद एवं शासन स्तर पर नियमित अंकन एवं इन अभिलेखों का रख-रखाव ।

धार्मिक प्रयोजन हेतु कोई भूमि क्रय/ निर्माण किया जाता है तो अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाए।

राज्य में भूमि व्यवस्था को लेकर जब भी कोई नया अधिनियम/ नीति / भूमि सुधार कार्यक्रम चलायें जायें तो राज्य हितबद्ध पक्षकारों / राज्य की जनता से सुझाव अवश्य प्राप्त कर लिए जाएँ।

नदी – नालों, वन क्षेत्रों, चारागाहों, सार्वजनिक भूमि आदि पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे /निर्माण / धार्मिक स्थल बनाने वालों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान हो। संबंधित विभागों के अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई का प्रावधान हो। ऐसे अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाए।

देहरादून में हर घर तिरंगा के तहत निकाली गई प्रभात फेरी, सीएम भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित प्रभात फेरी में प्रतिभाग किया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस प्रभात फेरी में जन प्रतिनिधियों, शासन, प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों का स्मरण पूरा देश कर रहा है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आहवाहन किया कि 13 से 15 अगस्त 2022 तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत सभी अपने घरों में तिरंगा लगायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 25 साल देश का अमृत काल होगा। भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना अहम योगदान देने वाले हमारे क्रान्तिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथाएं हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देती रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे नौनिहाल देश का भविष्य हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनायेगा। तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो इस दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों का प्रदेश के समग्र विकास के लिए 10 साल का रोडमैप बनाने एवं 03 साल में कौन से महत्वपूर्ण कार्य धरातल पर कर सकते हैं, लक्ष्य दिया गया है। विकल्प रहित संकल्प के साथ राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारा मान, सम्मान एवं स्वाभिमान है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान को आज से 15 अगस्त तक व्यापक स्तर पर चलाया जाय।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत देहरादून की धरती पर हजारों लोगों द्वारा तिरंगा यात्रा में प्रतिभाग किया जा रहा है। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ लगे इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, डीजीपी अशोक कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी दलीप सिंह कुंवर, शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी आदि उपस्थित थे।

नीति आयोग की बैठक में प्रतिभाग करने से पहले सीएम ने ली विभागवार बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 7 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद् की सातवी बैठक में प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री बैठक से सम्बन्धित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्य हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं विषयों पर विचार रखेंगे।
नीति आयोग की बैठक के एजेन्डा बिन्दुओं में फसल विविधिकरण एवं दलहन व तिलहन उत्पादन में आत्म निर्भरता विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन तथा शहरी प्रशासन से सम्बन्धित योजनाओं का क्रियान्वयन शामिल है।
बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नीति आयोग के समक्ष रखे जाने वाले विषयों पर एजेन्डा से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर विभागरवार चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित नीतियां एवं केन्द्र पोषित योजनाये देश के सभी राज्यों के दृष्टिगत समान रूप से बनायी जाती है। इसमें हिमालयी राज्यों के लिये उनकी पारास्थितिकी एवं भौगोलिक दृष्टि का भी ध्यान में रखते हुए अलग नीति बनाये जाने पर ध्यान देने की उन्होंने जरूरत बतायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का भगवान केदारनाथ के साथ ही राज्य के अन्य धामों के प्रति विशेष आस्था है। गत वर्ष अपनी केदारनाथ यात्रा के दौरान उन्होंने 21वी शदी के इस तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विकास का रोड मेप तैयार किया गया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु अब तक आ चुके हैं। तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों की आवाजाही भविष्य में और बढ़ेगी, इसके लिये यात्रा मार्ग से जुड़े प्रमुख स्थलों की अवस्थापना सुविधाओं के विकास सुव्यवस्थित यातायात के लिये टनल पार्किंग की योजना राज्य हित में जरूरी है। इससे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढ़ंग से सामना किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त आपदा की दृष्टि से भी राज्य की संवेदनशीलता, पर्यावरण की दृष्टि से राज्य की इकोलॉजी के साथ इकोनामी को बढ़ावा देने के प्रयासों से सम्बन्धित बिन्दुओं पर भी मुख्यमंत्री बैठक में अपना पक्ष रखेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धू, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, एसएन पाण्डे, विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक यूकास्ट प्रो0 दुर्गेश पन्त आदि उपस्थित रहे।

राज्य के राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिये किये जाएं समेकित प्रयास-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य के आय के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ ही निवेश की संभावनाओं के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कर संग्रह बढ़ाने के साथ राज्य के राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिये समेकित प्रयास किये जाएं उन्होंने इस सम्बन्ध में हिमाचल सहित अन्य पर्वतीय राज्यों द्वारा अपनायी जा रही व्यवस्थाओं का अध्ययन करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कर चोरी रोकने के लिये प्रभावी तंत्र विकसित करने पर ध्यान दिये जाने पर बल देते हुए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लाभार्थियों को आधार कार्ड से जोड़ने की व्यवस्था करने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने जेम के माध्यम से प्रोक्योरमेंट किये जाने तथा सिंगल विंडो सिस्टम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं लैंड बैंक की स्थापना के लिये प्रभावी कार्य योजना तैयार किये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी में सेक्टरवार बढ़ोतरी हो इसके प्रयास किये जाएं, अधिक से अधिक लोग रिटर्न भरने के लिये प्रेरित हो तथा सभी लोग क्रय सामग्री की रसीद लेने की आदत डाल सकें, इसके लिये ग्राहक प्रोत्साहन योजना की व्यवस्था बनाये जाने पर भी ध्यान दिये जाने की उन्होंने जरूरत बतायी। उन्होंने इंफोर्समेंट एवं इंटेलिजेंस सिस्टम की मजबूती तथा आईटी टीम की मजबूती पर भी ध्यान देने को कहा। इसके लिये आईटीडीए से भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने कर चोरी को रोकने के लिये ऑडिट विंग को भी प्रभावी बनाये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य संस्कृति तथा कार्य प्रणाली में सुधारात्मक कदम उठाये जाने से सभी विभाग आय के संसाधनों को बढ़ावा देने में मददगार बन सकते हैं। इसके लिये उन्होंने राज्य हित से जुड़ी नीतियों को अमल में लाये जाने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लैण्ड बैंक की स्थापना के संबंध में कार्य योजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यदि बड़ी संख्या में बड़े होटल स्थापित हो जाए तो पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ राज्य की आर्थिकी की मजबूती में यह बड़ा कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का वातावरण उद्योगों के अनुकूल है, यहां श्रमिक असंतोष नहीं हैं। बेहतर कानून व्यवस्था होने के कारण राज्य में निवेश की राह प्रशस्त हो सकती है। इस दिशा में भी पहल की जानी होगी। एमएसएमई क्षेत्र के अंतर्गत उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये उद्योग मित्र की नियमित बैठक आयोजित किये जाने की भी बात मुख्यमंत्री ने की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा, राधिका झा, सौजन्या, बी.वी.आर.सी. पुरूषोतम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, हरि चन्द्र सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

खिलाड़ियों को उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में नेशनल खेलो मास्टर्स गेम्स की स्वर्ण और काँस्य पदक विजेता फुटबाल खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को उनके अच्छे खेल प्रदर्शन के लिए बधाई दी। खेलो इंडिया के अंतर्गत आयोजित नेशनल खेलो मास्टर्स गेम्स का आयोजन दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 30 अप्रैल से 3 मई तक किया गया। जिसमे उत्तराखंड की 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग और 50 वर्ष आयु वर्ग की फुटबाल टीम ने प्रतिभाग किया गया था।
देहरादून फुटबॉल एकेडमी के संस्थापक एवं हेड कोच, खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव विरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि खेलों क़ो बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया, फिट इंडिया का अभियान युवाओं क़ो प्रेरित कर रहा है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया अभियान के क्रम में खेलो मास्टर्स गेम्स का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

राज्य सरकार पुलिस कल्याण के लिए अनेकों कार्य कर रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को पुलिस लाईन रेस कोर्स, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रशासनिक भवन, क्वार्टर गार्द एवं बैरक का शिलान्यास किया। साथ ही हीरो मोटोकॉर्प लि. द्वारा सीएसआर मद से उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान की गई 150 चीता मोबाइल बाइक का फ्लैग ऑफ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक भवन, कार्ग क्वार्टरगार्द एवं बैरक का शिलान्यास पर पुलिस प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा आज शिलान्यास के साथ ही पुलिस विभाग द्वारा की जा रही लंबे समय से एक मांग पूरी हुई है। राज्य सरकार का यह संकल्प है कि किसी भी कार्य योजना का शिलान्यास यदि हमारी सरकार में हुआ है तो उसका लोकार्पण भी हमारी सरकार में होगा। इस निर्माण कार्य के पूर्ण होते ही पुलिस जवानों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा, अच्छे रहन-सहन के साथ अच्छी सेवाएं हमारे जवान इस राज्य को दें ऐसी अपेक्षा करता हूं। इस पुलिस लाईन के कार्मिकों के लिए काफी महत्वपूर्ण एवं सुविधायुक्त होगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था व पुलिस विभाग से कहा कि नवीन आधुनिक भवन समस्त आधारभूत सुविधाओं से युक्त होना चाहिए। उन्होंने निर्माण के दौरान गुणवत्ता को लेकर विशेष तौर पर ध्यान रखने की बात कही साथ ही निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जनपद देहरादून में राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम होते रहते हैं, जिसके लिए राज्य की पुलिस लाईन में उच्च कोटि के प्रशासनिक भवन की आवश्यकता होती है, राज्य में कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु अत्यधिक पुलिस बल एवं पीएसी व्यवस्थापन होने के कारण पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस बल का अत्यधिक दबाव बना रहता है, जिसके लिए अतिरिक्त बैरक के निर्माण किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। वर्तमान में चल रही चार धाम यात्रा में पुलिस प्रशासन की अहम भूमिका है। पुलिस पूर्ण रूप से अपना सहयोग दे रही है, साथ ही मसूरी, नैनीताल जैसे पर्यटक स्थल जहां भारी संख्या में लोग आते हैं वहां पर कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम पुलिस बखूबी निभाती है।
इस दौरान सरकार द्वारा पुलिस कल्याण हेतु किए गए विभिन्न कार्यों के बारे में अवगत करवाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस के आधुनिकीकरण हेतु भारत सरकार के गृहमंत्री जी के द्वारा आकस्मिकता निधि के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की ओर से रू0 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करायी गयी है। वाहनों के क्रय हेतु भी रू0 3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है। चीता पुलिस को आधुनिक बनाने हेतु लगभग रू० 3 करोड़ के स्मॉल आर्मस् क्रय किये गये है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा फ्रन्ट लाईन वॉरियर होने के कारण प्रत्येक पुलिस कर्मी को रू 10 हजार प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया। कर्मचारियों के कल्याण हेतु रू0 2.5 करोड़ का भी बजट में प्रावधान किया गया है। अपराधियों को दण्डित/गिरफ्तारी हेतु भी पुलिस कर्मियों को दिये जाने वाले पुरस्कार की धनराशि में भी बढ़ोतरी की गयी है। उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में नियुक्त हेड कानि० / कानि० एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को वर्दी किट के स्थान पर क्रमशः रू. 2250 व रू. 1500 प्रति वर्ष वर्दी भत्ता स्वीकृत किया गया है। जिसमें शीघ्र ही और वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा जीवन रक्षक निधि के अन्तर्गत 10 सेवारत पुलिस कार्मिकों एवं उनके आश्रित सदस्यों को उपचार हेतु रु 30.40 लाख अग्रिम धनराशि स्वीकृत की गई। पुलिस शहीद कोष के अन्तर्गत कुल 14 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को रु० 1-1 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्मिकों की पदोन्नति एवं भर्ती कार्य के संबंध में अवगत करवाया की मृतक आश्रित में 13 अभ्यर्थियों को सेवायोजन प्रदान किया गया। मुख्य आरक्षी ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी/स०पु० के रिक्त 723 पदों पर विभागीय पदोन्नति परीक्षा के माध्यम से चयन किया गया है। पुलिस लिपिक संवर्ग के कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गयी है। उप निरीक्षक ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी एवं फायर सर्विस द्वितीय अधिकारी के 221 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी। इसके साथ ही उत्तराखण्ड के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के दृष्टिगत आरक्षी ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी/फायर सर्विस के 1521 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी तथा इस हेतु 17 भर्ती केन्द्रों पर शारीरिक दक्षता परीक्षा की कार्यवाही प्रचलित है। उन्होंने बताया मुख्य आरक्षी, पुलिस दूरसंचार के रिक्त 272 पदों पर सीधी भर्ती हेतु की गयी विज्ञप्ति पर लिखित परीक्षा इस माह जुलाई-2022 में प्रस्तावित है। इन सभी परीक्षाओं के आयोजन का दायित्व उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने की ओर अग्रसर है। पुलिस को ज्यादा सख्त एवं संवेदनशील, तकनीकी एवं सचल, सतर्क एवं जवाबदेह, विश्वसनीय एवं प्रतिक्रियाशील, तकनीकी रूप से कुशल एवं दक्ष बनाना चाहती है, इसके लिए सरकार द्वारा यथासंभव प्रयास किये जा रहें हैं। इस दौरान उन्होंने भविष्य में निर्माणाधीन बहुद्देशीय कार्यालय भवन के एलिवेशन को पर्वतीय वास्तुशिल्प के अनुसार बनाया जाने की बात कही।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड मित्र पुलिस निरंतर आगे बढ़े इसके लिए सरकार कंधे से कंधा मिलाकर पुलिस प्रशासन के साथ खड़ी है उन्होंने कहा जनता एवं पुलिस अधिकारियों के बीच दूरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा पुलिस का व्यवहार ही समाज में सरकार के व्यवहार को दर्शाता है। उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान सरल, मिलनसार एवं मित्रता का भाव अपनाने की बात कही।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि आने वाले समय में इस तरह के प्रशासनिक भवन को उत्तराखंड शैली में विकसित किया जाएगा उन्होंने कहा पौड़ी चमोली एवं पिथौरागढ़ में भी जवानों की सुविधा अनुसार भवनों को अपग्रेड करने की योजना बनाई जा रही है। इस दौरान उन्होंने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों अनुसार बाहरी लोगों का सत्यापन उत्तराखंड पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर जारी है एवं शहरों में लगे अवैध लाउडस्पीकर जिनसे ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है ऐसे अवैध स्पीकर को हटाने का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने हेतु हम सरकार से समन्वय बनाकर लगातार कार्य कर रहे हैं।