डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में बड़ा कदम, सीएम धामी ने क्रिएटर्स मीट 2025 में रखी नई दृष्टि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़े अनेक कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल उद्यमी, व्लॉगर्स तथा युवा इंफ्लुएंसर्स ने प्रतिभाग किया ।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अनेक सोशल मीडिया क्रिएटर्स से अनौपचारिक संवाद किया तथा उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। युवा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ हुए इस संवाद को मुख्यमंत्री ने “युवा सोच और डिजिटल ऊर्जा का संगम” बताया।

*विकसित भारत—श्रेष्ठ भारत में उत्तराखंड की भूमिका पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण*

एक युवा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–श्रेष्ठ भारत @2047’ दृष्टिकोण में उत्तराखंड की भूमिका के बारे में प्रश्न किया। इसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत का आधार तभी सुदृढ़ होगा जब देश और राज्य का हर ब्लॉक, हर तहसील, हर जिला और हर गांव सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है—चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, पर्यटन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य या उद्यमिता—सभी क्षेत्रों में तेज़ प्रगति की जा रही है।

*भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख*

एक अन्य क्रिएटर द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्न पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि अब तक 200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और “भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई आगे भी पूरी दृढ़ता से जारी रहेगी।”

*राज्य में हो रहे विकासात्मक प्रयासों का उल्लेख*

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य की सामूहिक प्रगति के लिए अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की GSDP को दोगुना करने के लक्ष्य पूरा हो चुका है | हेली कनेक्टिविटी को बड़े स्तर पर विस्तार दिया जा रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है, उत्तराखंड में औद्योगिक क्रांति और निवेश वातावरण को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं | ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और श्रृंखलाबद्ध रोड शो के माध्यम से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है
अब तक 3.56 लाख करोड़ से अधिक के MOU साइन किए जा चुके हैं और 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है| राज्य में पर्यटकों की संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है,सरकार के प्रयासों से शीतकालीन यात्रा के भी अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं

*महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री का संदेश*

राज्य में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने स्वरोज़गार, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक कौशल के क्षेत्र में पूरे देश के सामने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता इतनी उत्कृष्ट है कि वे कई मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं। सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण तथा उनकी उद्यमशीलता को और मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाओं पर कार्य कर रही है।

*राज्य की सोशल मीडिया नीति पर मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण*

राज्य की आगामी सोशल मीडिया नीति से जुड़े प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष तक उत्तराखंड सरकार की नई सोशल मीडिया नीति लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह नीति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचनाओं के बेहतर प्रसारण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी संप्रेषण तथा राज्य के युवाओं और क्रिएटर्स को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि क्रिएटर कम्युनिटी को प्रोत्साहित किया जाए और डिजिटल माध्यमों के जरिए राज्य की संस्कृति, पर्यटन, उद्यमिता एवं उपलब्धियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया आज सूचना, संवाद और जनभागीदारी का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज किसी भी घटना की जानकारी कुछ ही सेकंड में लाखों–करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है और सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज को एक व्यापक मंच प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करने वाला एक प्रभावशाली मंच बन गया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका अब केवल कंटेंट क्रिएशन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन लाने वाले सोशल चेंज मेकर्स के रूप में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की शक्ति के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बना दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार भी डिजिटल उत्तराखंड के निर्माण हेतु संकल्पबद्ध है। शासन को अधिक पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। पहले शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालयों में बार-बार जाना पड़ता था, जबकि अब एक ट्वीट या संदेश के माध्यम से तत्काल सुनवाई और समाधान संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया है, जिससे प्रशासन और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह हुआ है।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया का प्रयोग गलत अफवाहें फैलाने, सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने और जनहितकारी योजनाओं के बारे में भ्रम उत्पन्न करने के लिए करते हैं। उन्होंने सभी कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि किसी भी भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री का न केवल फैक्ट-चेक करें, बल्कि उसके सही तथ्यों को लोगों तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नकारात्मक कंटेंट क्रिएटर्स अधिक व्यूज और फॉलोअर्स पाने की होड़ में समाज, धर्म, सरकार या प्रदेश की छवि को नुक़सान पहुँचाने वाली सामग्री प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसिद्धि की इस प्रतिस्पर्धा में नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य को ध्यान में रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स राज्य के विकास में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक धरोहर और समाज की उपलब्धियों पर आधारित सकारात्मक सामग्री न केवल राज्य की छवि को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुँचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी स्थानीय कारीगर या उत्पाद की एक सकारात्मक कहानी उसे राष्ट्रीय पहचान दिला सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी भी समस्या, शिकायत या जनहित से संबंधित जानकारी की जानकारी क्रिएटर्स को मिलती है, तो वे इसे तुरंत सरकार तक पहुँचाएँ। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी प्रत्येक जानकारी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्रिएटर्स की जागरूकता और रचनात्मकता शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रही है और उन्हें विश्वास है कि इस संकल्प को साकार करने में क्रिएटर समुदाय भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जागर गायक प्रीतम भरतवाण, तथा देश–प्रदेश भर से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं क्रिएटर्स उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में पहली बार, विज्ञान को नई दिशा देने वाली पहलें, विज्ञान रेडियो को स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उत्तराखण्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि राज्य में पहली बार शुरू की गई अनेक पहलें विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में ऐतिहासिक सिद्ध हो रही हैं।

विज्ञान रेडियो 88.8 MHz की स्वीकृति

राज्य में पहली बार विज्ञान रेडियो 88.8 MHz को स्वीकृति मिली है। यह पहल विज्ञान को सरल, रोचक और जनहितकारी स्वरूप में प्रत्येक घर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

She for STEM’ कार्यक्रम का शुभारंभ

महिलाओं और छात्राओं को STEM क्षेत्रों में प्रेरित करने हेतु पहली बार She for STEM कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया, जिसके माध्यम से हजारों छात्राओं को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण मिल रहा है।

राज्य के सभी 13 जनपदों में पहली बार एक-एक मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला Lab on Wheels संचालित होने लगी है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा उपलब्ध हो रही है।

60 पेटेंट सूचना केंद्रों की स्थापना
राज्य के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में पहली बार 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो नवाचार, शोध एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।

पहली बार राज्य के सभी जनपदों और ब्लॉकों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग आयोजित की जा रही है, जिसमें हजारों छात्र शामिल होकर विज्ञान के प्रति प्रतिस्पर्धात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड में विज्ञान और नवाचार को जनआंदोलन बनाने का हमारा संकल्प अब साकार रूप ले रहा है। UCOST द्वारा पहली बार शुरू की गई ये पहलें न सिर्फ हमारे युवाओं को नई दिशा दे रही हैं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड @2027 और विकसित भारत @2047 के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। हम चाहते हैं कि विज्ञान की रोशनी हर गांव, हर स्कूल और हर घर तक पहुँचे। हमारी सरकार युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, स्टार्टअप्स और विशेष रूप से बेटियों को STEM क्षेत्रों में अग्रसर करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड आने वाले समय में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में देश का प्रेरक राज्य होगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

मेधावियों से बोले सीएम, डायरी में अपनी भारत दर्शन यात्रा के अनुभव को लिखकर, उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों को भी दर्ज करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा – 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र- छात्राएं अलग- अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।

एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम” के जरिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र -छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो – दो छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कि वर्ष 2024-25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र- छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वो इन संस्थानों का भ्रमण करेंगे तो उन्हें ये अनुभव होगा कि तकनीक के क्षेत्र में आज का नया भारत कितना आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि किताबों से मिली शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से समझ और दृष्टिकोण में कई गुना वृद्धि होती है। इस यात्रा का एक बड़ा लाभ ये होगा कि छात्र-छात्राओं में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। इस भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को वो जीवनभर याद रखेंगे और उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में देश के विभिन्न भागों में हमारी संस्कृति, प्रकृति, खान-पान और पर्यटन की विशेषताओं को साझा करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले छात्र – छात्राएं भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएंगे अपने ज्ञान और कौशल से वो भविष्य के हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कलाकार और नीति निर्माता बनेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा वो अपने सपनों को हमेशा बड़ा रखें। जीवन में चुनौतियाँ आएंगी, कठिनाइयाँ आएंगी, पर उनसे सीखते हुए आगे बढ़ने से आपको एक न एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष से शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में एक हजार प्रतिभाशाली छात्र – छात्राओं को भेजे जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ननूरखेड़ा, देहरादून में होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2025 और विभागीय कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सेवा प्रदत्त एवं दिवंगत होमगार्ड के आश्रितों को चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा। राज्य में अर्न्तजनपदीय ड्यूटीयों में तैनात होने वाले होमगार्डस स्वयंसेवकों को मिलने वाले भोजन भत्ते को 100 रूपये से बढ़ाकर 150 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों को मिलने वाले प्रशिक्षण भत्ते को 50 रुपए से बढ़ाकर 140 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 63वें होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रस्तुत की गई रैतिक परेड अत्यंत गौरवशील है। परेड में राष्ट्रसेवा के प्रति जवानों के समर्पण, साहस और उत्कृष्टता की शानदार झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड जवान कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के दायित्वों को निभाते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने होम गार्ड्स जवानों के कल्याण और संगठन के उत्थान के लिए अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने पहली बार होमगार्ड्स जवानों को 12 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश प्रदान करने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। पुलिस कर्मियों और एनडीआरएफ की भांति 9 हजार फीट से अधिक ऊँचाई पर ड्यूटी करने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 200 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी लिया गया है। एसडीआरएफ के जवानों के साथ प्रशिक्षित हुए होमगार्ड्स के जवानों को 100 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स जवान बरसात, ठंड, गर्मी जैसी हर परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण से करते हैं। होमगार्ड्स जवान, यातायात प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। चारों धामों के साथ-साथ हरिद्वार में स्थापित होमगार्ड्स हेल्प डेस्क देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड्स के जवान प्राकृतिक आपदाओं के समय में भी आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता और समर्पण के साथ जुट जाते हैं। उन्होंने कहा जवानों के हौंसले और समर्पण को राज्य सरकार उचित सम्मान दे रही है। राज्य सरकार होमगार्ड जवानों के हितों के लिए आगे भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेगी।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, कैलाश पंत, मधु भट्ट, श्यामवीर सैनी, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, डी.जी होमगार्ड शपी.वी.के. प्रसाद एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का स्मरण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास और सविता कपूर भी मौजूद थे।

वन्य जीवों के खतरे से निपटने के लिए सचिव पांडेय अधिकारियों के साथ करेंगे मंथन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जनपद में वन्य जीवों के हमलों में स्थानीय लोगों के मारे जाने या घायल होने की दु:खद घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, सचिव एसएन पांडेय को पौड़ी जनपद में कैम्प करते हुए, स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर वन्य जीवों से आम लोगों के बचाव की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक में, हाल के दिनों में प्रदेश के भीतर वन्य जीवों के हमले में आम लोगों के मारे जाने या घायल होने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने विशेषकर पौड़ी जनपद की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, सचिव राजस्व और सचिव मुख्यमंत्री एसएन पांडेय को पौड़ी पहुंच दो दिन तक कैम्प करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को निर्देश दिए कि, जिला प्रशासन, वन अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ विचार- विमर्श कर, वन्य जीवों के हमलों से बचाव की रणनीति तय की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार वन्य जीवों से आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस काम में विशेषज्ञों की राय ली जाए, साथ ही लोगों को जागरुक भी किया जाए। मुख्यमंत्री वन्य जीवों के हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों का तत्काल राहत राशि विवरण के साथ ही घायलों का भी समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग बीआरओ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज सवाड़, चमोली पहुँचे, जहाँ क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सहभागिताओं के बीच मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं को साझा किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के उपरांत बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। इसी प्रकार रामपुर तोर्ती को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को भी सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा थराली के तलवाड़ी तथा नंदानगर के लांखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और अवसरों का विस्तार हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने ‘अमर शहीद सैनिक मेला सवाड़’ को राजकीय मेला करने की घोषणा भी की, जिसकी स्थानीय जनता और पूर्व सैनिक समाज की लंबे समय से प्रतीक्षा थी। यह निर्णय क्षेत्र में वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 18वें ‘अमर शहीद सैनिक मेला’ के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सवाड़ की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, और इस वीरभूमि में पहुंचकर उनके मन में अपने पिता द्वारा सुनाई गई अनेक वीरगाथाओं की स्मृतियाँ ताज़ा हो उठीं। उन्होंने कहा कि सवाड़ गांव के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अप्रतिम त्याग किया है, जिसकी पहचान पूरे भारतवर्ष में है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिले हैं। जहाँ एक समय भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर था, वहीं अब देश कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो चुका है। इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की सामरिक क्षमता, सैनिकों का साहस और स्वदेशी हथियार—तीनों ने विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक रूप से लागू किया है। इसे सरकार द्वारा जनता के प्रति किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। सरकार का मानना है कि केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना ही वास्तविक प्रतिबद्धता का संकेत है।

कार्यक्रम में विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी, साथ ही मेला समिति सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट सहित जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

कपकोट में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में जुटी भारी भीड़, हुआ 108 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने बागेश्वर दौरे के दूसरे दिन, केदारेश्वर मैदान, कपकोट में आयोजित जन सम्मेलन में प्रतिभाग किया, जहाँ उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री ने 108 करोड़ रुपये की 42 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें लगभग 62 करोड़ की 24 योजनाओं का लोकार्पण तथा 45.95 करोड़ की 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की विशाल उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास के सही मार्ग पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब वर्ग, महिलाओं और युवाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ‘मानस खंड माला’ परियोजना के तहत धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की प्रगति की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन की नई पहल से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्यरत है और वन डिस्ट्रिक्ट–टू प्रोडक्ट के तहत बागेश्वर की पारंपरिक ताम्र शिल्प को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है। सरयू एवं गोमती नदियों के संरक्षण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं, वहीं बागेश्वर रेल लाइन का सर्वेक्षण भी पूर्ण हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि गरुड़ अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

इसके साथ ही विभिन्न स्वायत सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता के चेक प्रदान किए गए। जिसमे संकल्प स्वायत सहकारिता समूह सीएलएफ (हर्षिला) को ₹3 करोड़ 23 लाख, ऊर्जा स्वायत सहकारिता सीएलएफ को ₹22 लाख 50 हजार,एनआरएलएम की संवाद महिला स्वयं सहायता समूह और जय गोलू देवता स्वयं सहायता समूह को ₹5 -5 लाख के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, रेशम, सहकारिता, ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, पशुपालन एवं उद्योग विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल स्थापित किए, जिन पर आमजन को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, स्थानीय हस्तशिल्पकारों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके कार्य का उत्साहवर्द्धन किया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय, शिव सिंह विष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौंरयाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एसपी चंद्र सिंह घोड़के, सीडीओ आर.सी. तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और सरकार की योजनाओं पर फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री बागेश्वर भ्रमण के दौरान बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम पहुंचे, जहाँ उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि उत्तराखण्ड के खिलाड़ी राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री धामी इसके बाद बागनाथ मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और अपने विचार साझा किए।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस देश के वीर सैनिकों की अदम्य वीरता, बलिदान और उत्कृष्ट सेवाओं को स्मरण करने का अवसर है। इस दौरान सैनिक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री को टोकन फ्लैग एवं लापेल पिन लगाया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, विधायक सुरेश गडिया, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी, ललित मोहन तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

गोवा में अग्निकांड मामले पर सीएम सावंत से मुख्यमंत्री धामी ने की वार्ता

गोवा के अरपोरा क्षेत्र में हुए गंभीर नाइटक्लब अग्निकांड को लेकर प्राप्त मीडिया रिपोर्टों एवं स्थानीय स्तर की सूचनाओं के अनुसार, इस घटना में उत्तराखंड के कुछ नागरिकों के संभावित रूप से प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से दूरभाष पर वार्ता कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने गोवा सरकार से अनुरोध किया है कि यदि किसी भी प्रभावित व्यक्ति की पहचान उत्तराखंड निवासी के रूप में होती है, तो उनके परिजनों से तुरंत संपर्क स्थापित किया जाए तथा आवश्यक सहायता—विशेष रूप से पहचान, उपचार, सहायता राशि एवं अन्य औपचारिकताओं—को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। गोवा के मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी प्रभावितों को आवश्यक चिकित्सा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड सरकार के सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे घटना पर लगातार नजर रखें और यदि राज्य के किसी नागरिक के प्रभावित होने की पुष्टि होती है तो परिजनों को हर आवश्यक सहायता—चिकित्सा, कानूनी, परामर्श अथवा अन्य किसी भी प्रकार की—तत्परता से प्रदान की जाए। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

उत्तराखंड सरकार गोवा प्रशासन से सतत संपर्क में है और घटना से जुड़ी अद्यतन जानकारी प्राप्त होते ही आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।