कपकोट में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में जुटी भारी भीड़, हुआ 108 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने बागेश्वर दौरे के दूसरे दिन, केदारेश्वर मैदान, कपकोट में आयोजित जन सम्मेलन में प्रतिभाग किया, जहाँ उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री ने 108 करोड़ रुपये की 42 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें लगभग 62 करोड़ की 24 योजनाओं का लोकार्पण तथा 45.95 करोड़ की 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की विशाल उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास के सही मार्ग पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब वर्ग, महिलाओं और युवाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ‘मानस खंड माला’ परियोजना के तहत धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की प्रगति की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन की नई पहल से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्यरत है और वन डिस्ट्रिक्ट–टू प्रोडक्ट के तहत बागेश्वर की पारंपरिक ताम्र शिल्प को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है। सरयू एवं गोमती नदियों के संरक्षण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं, वहीं बागेश्वर रेल लाइन का सर्वेक्षण भी पूर्ण हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि गरुड़ अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

इसके साथ ही विभिन्न स्वायत सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता के चेक प्रदान किए गए। जिसमे संकल्प स्वायत सहकारिता समूह सीएलएफ (हर्षिला) को ₹3 करोड़ 23 लाख, ऊर्जा स्वायत सहकारिता सीएलएफ को ₹22 लाख 50 हजार,एनआरएलएम की संवाद महिला स्वयं सहायता समूह और जय गोलू देवता स्वयं सहायता समूह को ₹5 -5 लाख के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, रेशम, सहकारिता, ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, पशुपालन एवं उद्योग विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल स्थापित किए, जिन पर आमजन को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, स्थानीय हस्तशिल्पकारों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके कार्य का उत्साहवर्द्धन किया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय, शिव सिंह विष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौंरयाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एसपी चंद्र सिंह घोड़के, सीडीओ आर.सी. तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और सरकार की योजनाओं पर फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री बागेश्वर भ्रमण के दौरान बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम पहुंचे, जहाँ उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि उत्तराखण्ड के खिलाड़ी राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री धामी इसके बाद बागनाथ मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और अपने विचार साझा किए।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस देश के वीर सैनिकों की अदम्य वीरता, बलिदान और उत्कृष्ट सेवाओं को स्मरण करने का अवसर है। इस दौरान सैनिक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री को टोकन फ्लैग एवं लापेल पिन लगाया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, विधायक सुरेश गडिया, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी, ललित मोहन तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

गोवा में अग्निकांड मामले पर सीएम सावंत से मुख्यमंत्री धामी ने की वार्ता

गोवा के अरपोरा क्षेत्र में हुए गंभीर नाइटक्लब अग्निकांड को लेकर प्राप्त मीडिया रिपोर्टों एवं स्थानीय स्तर की सूचनाओं के अनुसार, इस घटना में उत्तराखंड के कुछ नागरिकों के संभावित रूप से प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से दूरभाष पर वार्ता कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने गोवा सरकार से अनुरोध किया है कि यदि किसी भी प्रभावित व्यक्ति की पहचान उत्तराखंड निवासी के रूप में होती है, तो उनके परिजनों से तुरंत संपर्क स्थापित किया जाए तथा आवश्यक सहायता—विशेष रूप से पहचान, उपचार, सहायता राशि एवं अन्य औपचारिकताओं—को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। गोवा के मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी प्रभावितों को आवश्यक चिकित्सा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड सरकार के सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे घटना पर लगातार नजर रखें और यदि राज्य के किसी नागरिक के प्रभावित होने की पुष्टि होती है तो परिजनों को हर आवश्यक सहायता—चिकित्सा, कानूनी, परामर्श अथवा अन्य किसी भी प्रकार की—तत्परता से प्रदान की जाए। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

उत्तराखंड सरकार गोवा प्रशासन से सतत संपर्क में है और घटना से जुड़ी अद्यतन जानकारी प्राप्त होते ही आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।

बागेश्वर से सीएम धामी का सख्त निर्देश, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्रों तक पहुँचे, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार बागेश्वर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों—लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि एवं उद्यान—की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ निरंतर सुचारू रहें और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बागेश्वर में पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर और कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने साहसिक पर्यटन के नए स्थलों की पहचान करने और विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और हेली सेवाओं के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

कृषि एवं उद्यान विभाग को लाल चावल, अदरक, हल्दी जैसी स्थानीय फसलों के लिए मजबूत बाज़ार उपलब्ध कराने, शहद उत्पादन को मिशन मोड में बढ़ाने तथा एप्पल-कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को आधुनिक तकनीक व मार्केट लिंक से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

समाज कल्याण विभाग को जागरूकता शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पेंशन राशि प्रत्येक माह की 05 तारीख को समय पर खातों में भेजी जा रही है, जबकि पहले इसमें तीन माह तक लग जाते थे।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान, लंबित प्रकरणों का निस्तारण और लगातार जनसेवा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी कार्य लंबित न रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे सहित सभी विभागाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री को जनपद में संचालित प्रमुख विकास योजनाओं, उपलब्धियों एवं प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया ।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी प्रदेश का गौरव बढ़ाते हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसंवाद में सीएम बोले, प्रतिभागियों के सुझाव राज्य की नीतियों में होंगे शामिल, विकास यात्रा में जनता की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के प्रथम दिन गरुड़–बैजनाथ में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रबुद्ध जनों, राज्य आंदोलनकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के सुझावों को राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वस्त किया कि इन्हें आगामी योजनाओं और नीतियों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन और एसोसिएशन समाज को नई दिशा देने वाले हैं और सरकार व जनता के बीच सशक्त सेतु का कार्य कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार निरंतर रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है।

एसएचजी की पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लाखों बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और उनके उत्पादों की मांग देश-विदेश में बढ़ रही है। उन्होंने मातृशक्ति द्वारा विपरीत परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने एप्पल मिशन में सब्सिडी, होमस्टे योजना, कीवी एवं एप्पल मिशन की प्रगति को संतोषजनक बताते हुए कहा कि ये योजनाएँ रोजगार व स्वरोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के प्रमुख स्थान हेली सेवा से जोड़े जाएँ तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जाए।

उन्होंने इकोलॉजी–इकोनॉमी–टेक्नोलॉजी के समन्वय को राज्य के विकास की गति बढ़ाने का आधार बताया और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा, जिसमें मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड की वेशभूषा और संस्कृति को निरंतर वैश्विक मंच पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मानसखंड–केदारखंड सहित सभी धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार से राज्य में पर्यटन के नए आयाम स्थापित हुए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटक आवास गृह बैजनाथ में आयोजित मंथन एवं संवाद कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रहा है।

इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास, डीएम आकांक्षा कौंडे तथा समस्त जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे |

कुंभ में उत्तराखंड की देवडोलियों व लोक देवताओं के प्रतीकों एवं चल विग्रहों के स्नान और शोभा यात्रा की भव्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित होगी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेला में उत्तराखंड की देवडोलियों तथा लोक देवताओं के प्रतीकों एवं चल विग्रहों के स्नान और शोभा यात्रा की भव्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेला हमारी महान धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में राज्य की देवडोलियों के दिव्य स्नान एवं भव्य शोभायात्रा के आयोजन के माध्यम से देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक वैभव और समुद्ध लोक परंपरा के साक्षी बनने का सौभाग्य अर्जित कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री धामी से इस संबंध में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर कुम्भ मेला में देवडोलियों की शोभायात्रा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने का आग्रह किया था। प्रतिनिधिमंडल में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षमणी व्यास सहित अन्य पदाधिकारी सम्मिलित थे।

दून डीएम दरबार में विधवा को बीमा कंपनी के प्रताड़ित करने का मामला, बैकफुट पर आया एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि, जमा कराए 8.92 लाख रुपए

एचडीएफसी आर्गो इंश्योरेंस लिमिटेड जिला प्रशासन के नाम 8,92000 का चेक जमा कराया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त रुख से जहां उपभोक्ताओं से ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां बैक फुट पर है। वहीं जिला प्रशासन के कड़े और निडर फैसलों से असहाय प्रताड़ित महिला, बुजुर्ग, बच्चों को न्यायमिल रहा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नव वर्षीय बालिका की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित करने वाली बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का इलाज कर दिया, बीमा कंपनी के सिर पर कुर्की की तलवार लटक रही है।

विगत दिवस फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व० प्रदीप रतूड़ी द्वारा एक जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष 15 नवम्बर 2025 गुहार लगाई कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन कय किये जाने हेतु प्रबन्धक, एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० से मु० 8,11,709/- का ऋण लिया गया था। सम्बंधित बैंक के द्वारा बताया गया कि लोन के पश्चात् बीमा एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो आईआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी ऋण को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है तथा एचडीएफसी अरगो जीआईसी लि० से पॉलिसी संख्या सीआई 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नं० आरआर-सीआई 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था। बीमा सम्बंधी दस्तावेज कभी भी डाक या कुरियर के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराये गये थे। उनके पति की मृत्यु के पश्चात् सुप्रियाय द्वारा बैंक से अपने पति द्वारा लिए गये लोन मु0 8,11,709/- को चुकाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है तथा लोन न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा लेने की धमकी दी जा रही है, जिसके लिए सुप्रिया द्वारा सम्बंधित इंश्योरेंस कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया गया।

बीमित ऋण होने के बाद भी 09 वर्षीय मासूम बेटी की विधवा मॉ सुप्रिया को किया प्रताड़ित करने पर वाले एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० की डीएम ने 8.11 लाख की आरसी काटते हुए फरमान सुनाया है कि 05 दिन में ऋण माफी करें नही तो सम्पति कुर्क कर निलाम की जाएगी। जिलाधिकारी की चेतावनी और सख्त रूप से एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० ने 892000 का चेक तहसील सदर के नाम जमा कर दिया है।

इस प्रकार उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वाले अन्य बैंक एवं इंश्योरेंस कंपनियां भी डीएम के रडार पर हैं जिनके द्वारा बीमित ऋण होने के उपरान्त भी जनमानस को प्रताड़ित किया जा रहा है। ऋण बीमा धोखाधड़ी मामला डीएम तक पंहुच रहे हैं जिनका अंजाम सर्वव्यापी, सम्पति कुर्क; नीलामी; शाखा पर लगेगा ताला ऐसे की प्रकरणों पर कई मामालों में बैंक इंश्योरंश कम्पनियों की कुर्की हो चुकी है।

उत्तराखंड: सीएम के निर्देश पर प्रदेश में चलाया जा रहा खाद्य तेल के री यूज के खिलाफ अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में FDA आम जनता को स्वास्थ्य वर्धक व सुरक्षित भोजन मुहैया कराने को लेकर लगातार प्रयासरत है। फूड डिलीवरी एप्स और रेडी-टू-ईट संस्कृति के इस दौर में घर में बना ताज़ा भोजन एक विकल्प से अधिक आदत और जिम्मेदारी दोनों है। लेकिन बदलती लाइफस्टाइल के चलते बड़ी आबादी बाजार के खाने पर निर्भर होती जा रही है। खासकर युवा पीढ़ी में बाहर के खाने का चलन तेज़ी से बढ़ा है, जिसका दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में एक बार इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल को पुनः पकाने में उपयोग करने की प्रवृत्ति आम होती जा रही है। शोध बताते हैं कि बार-बार गर्म किए गए तेल में हानिकारक रसायन बनते हैं, जो हृदय रोग, कैंसर और उच्च ट्रांस फैट जैसी स्थितियों का खतरा कई गुना बढ़ाते हैं। इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने वर्ष 2018 में देशव्यापी RUCO (Repurpose Used Cooking Oil) मिशन की शुरुआत की। इसका उद्देश्य प्रयोग किए गए तेल को खाद्य श्रृंखला में वापस जाने से रोकना तथा उसे बायोफ्यूल जैसे गैर-खाद्य उपयोगों में परिवर्तित करना है।

RUCO मिशन की ज़रूरत और उत्तराखंड की सफलता
अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार तेल को दुबारा गर्म करने पर उसमें एल्डिहाइड्स और अन्य जहरीले यौगिक तेजी से बनते हैं। इन रसायनों से शरीर की कोशिकाएं नष्ट होती हैं और कैंसर सहित कई बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा यह ट्रांस फैट की मात्रा में भी तीव्र वृद्धि करता है, जो हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर का एक बड़ा कारण है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) की 2022 की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि शहरी भारत में लगभग 60 प्रतिशत खाना पकाने वाला तेल एक बार उपयोग होने के बाद भी दोबारा बिक्री या पुनः उपयोग के माध्यम से खाद्य श्रृंखला में वापस आ जाता है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य संकट की गंभीर चेतावनी है।

अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार 2018 की राष्ट्रीय बायोफ्यूल नीति इस समस्या से निपटने के लिए इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल को बायोडीज़ल में बदलने को प्रोत्साहित करती है। RUCO इसी नीति के अंतर्गत एक मजबूत आपूर्ति तंत्र तैयार कर रहा है। उत्तराखंड ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपने आप को मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त एफडीए डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने इसे मिशन मोड में लागू किया। इस दौरान फूड बिजनेस ऑपरेटरों, एफडीए अधिकारियों, एग्रीगेटर, रीसायकलर, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों, छात्र समूहों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। कैफे टॉक्स, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और मीडिया संवादों ने इस अभियान को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप दिया।

अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार 2019 में शुरू हुए RUCO मॉडल में जहां पहले चरण में महज 600 लीटर इस्तेमाल किया गया तेल एकत्र हुआ था, वहीं पांच वर्षों में यह संख्या बढ़कर 1,06,414 किलो तक पहुंच गई। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड ने इस मिशन को न सिर्फ अपनाया बल्कि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू भी किया। 2025 की चारधाम यात्रा को भी इसी थीम पर आयोजित किया गया। यात्रा मार्ग पर खाद्य तेल के पुनः उपयोग को रोकने के लिए खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित किया गया, जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए और इसमें कुल 1,200 किलो इस्तेमाल किया गया तेल एकत्र कर इसे बायोफ्यूल में परिवर्तित किया गया। इस पूरी पहल ने न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।इस अभियान की सफलता का श्रेय सरकारी तंत्र के साथ-साथ खाद्य कारोबारियों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी को भी जाता है। उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आगामी वर्षों में इस मुहिम को और तीव्र गति से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। यह दून मॉडल ईट राइट इंडिया और RUCO पहल के तहत विकसित एक अभिनव प्रणाली है, जिसकी सराहना FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी की। राज्य FDA अब इसे गढ़वाल और कुमाऊँ में चरणबद्ध तरीके से लागू करने जा रहा है। मॉडल का लक्ष्य खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और उपयोग किए गए खाना पकाने के तेल के सुरक्षित पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है।

इस प्रभावी पहल को आगे बढ़ाने में उप आयुक्त एवं नोडल अधिकारी (Eat Right India – RUCO Initiative) गणेश कंडवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिनके नेतृत्व में यह मॉडल उत्तराखंड के लिए एक मिसाल बन रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी स्थिति में जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस्तेमाल किए गए तेल का दोबारा उपयोग रोकने का अभियान केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सेहत बचाने का संकल्प है। उत्तराखंड ने RUCO को न सिर्फ सफल बनाया है, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता की मुहिम में बदलकर देश के सामने एक नया मानक स्थापित किया है। हम इस अभियान को और व्यापक रूप में आगे बढ़ाएंगे, ताकि स्वस्थ उत्तराखंड का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त FDA डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में RUCO मिशन को उत्तराखंड में मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि एक बार इस्तेमाल होने वाला खाद्य तेल किसी भी हालत में खाद्य श्रृंखला में वापस न जाए। इसके लिए फूड बिजनेस ऑपरेटरों, होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबों और सभी खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आम जनता भी अब इस मुद्दे के प्रति अधिक संवेदनशील हो रही है। अगले चरण में हम तकनीकी निगरानी, बड़े पैमाने पर संग्रहण तंत्र और बायोफ्यूल निर्माण क्षमता को और मजबूत करेंगे। यह मुहिम केवल स्वास्थ्य सुरक्षा ही नहीं, पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण, टनकपुर से श्री नांदेड़ साहिब के लिए रेल सेवा शुरू

देवभूमि उत्तराखंड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टनकपुर (उत्तराखंड) से तख्त श्री नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयासरत है। नई रेल सुविधा उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी।

गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उपलब्ध हर्बल एवं औषधीय उत्पादों के संवर्धन और प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जड़ी-बूटी और एरोमा सेक्टर में अग्रणी दो राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज़ का अध्ययन करने हेतु राज्य से विषय विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, जिससे उत्तराखंड में भी इन नवाचारों को लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी क्षेत्र में टर्नओवर बढ़ाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग पर समन्वित रूप से कार्य हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक हर्बल संपदा का केंद्र है। राज्य में इसकी अपार संभावनाओं को देखते हुए हर्बल इकोनॉमी को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को उनके उत्पाद का अधिकतम लाभ दिलाने, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा महिलाओं को आर्थिकी से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर्बल उत्पादों की वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये पंतनगर विश्वविद्यालय के सहयोग भी लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में भालू सहित अन्य जंगली जीवों से जनजीवन और फसलों को नुकसान पहुँच रहा है, वहाँ कृषि एवं वन विभागों की संयुक्त टीमें भेजी जाएं। ये टीमें लोगों को सुरक्षा उपायों और फसल संरक्षण के लिए जानकारी प्रदान करें।

बैठक में जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों, दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण, उत्पादन, और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, उपाध्यक्ष जड़ी-बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, बलवीर घुनियाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, वंदना, अनुराधा पाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।