सीएम निर्देश पर पौड़ी, बागेश्वर, देहरादून में 9600 राशन कार्ड निरस्त किये गए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश में जिन लोगों ने गलत तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज प्राप्त किए हैं, तथा ऐसे कार्ड बनाने में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारियों द्वारा इस संबंध में कार्यवाही की जा रही है। अब तक जिलाधिकारी पौड़ी, बागेश्वर एवं देहरादून द्वारा निरस्त किए गए अपात्र राशन कार्डों का विवरण उपलब्ध कराया गया है। जिसमें जनपद पौड़ी में राशन कार्ड सत्यापन के अंतर्गत 961 अपात्र कार्डधारकों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। जनपद बागेश्वर में 5307 तथा देहरादून में 3332 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड आदि धारकों की सही पहचान करना जरूरी है, ताकि पात्र व्यक्तियों को ही योजनाओं का लाभ अनुमन्य हो सके। इससे प्रदेश में योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में मदद मिलेगी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जन सुविधायें प्राप्त करने वालों की पहचान हो सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों द्वारा जनपद स्तर पर राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड का सत्यापन अभियान सघनता से संचालित किया जा रहा है।

पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज ने जीवन भर सेवा सबसे बड़ा धर्म है, यह सिखायाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला में 50वाँ निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भक्ति को जन जन तक पहुँचाया है। उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जीवन भर यही सिखाया कि सेवा सबसे बड़ा धर्म है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का संपूर्ण विश्व में व्यापक प्रचार प्रसार हो रहा है। दुनिया हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया राज्य में ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना भी प्रस्तावित है। कॉरिडोर के निर्माण के पश्चात धर्मनगरी हरिद्वार भी काशी और अयोध्या की भांति अपने भव्य स्वरूप में नजर आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। प्रदेश में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया गया है। सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून को भी राज्य में लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में सनातन की आड़ में वेश बदलकर आम लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन के द्वारा ऐसे ढोंगियों और विधर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो वेश बदलकर हमारे सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को श्रीमद्भागवत गीता के बारे में भी बताया जाएगा। इसके साथ दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना भी की गई है।

इस अवसर महंत ललितानंद गिरी महाराज, पंजाब विधानसभा उपाध्यक्ष जय कृष्ण सिंह, हरियाणा के राज्यमंत्री राजेश नागर, स्थानीय विधायक मदन कौशिक, मेयर रुड़की अनीता देवी, दर्जा राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पेयजल और विद्युत की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यथाशीघ्र व्यवस्थाएं सुचारु करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत वे अपनी पूरी टीम के साथ लगातार ग्राउंड ज़ीरो पर रहें।

अतिवृष्टि के कारण सड़कों के बाधित होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र सुचारु किया जाए। पेयजल और विद्युत की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यथाशीघ्र व्यवस्थाएं सुचारु की जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति में लोगों के आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व से की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा के कारण फसलों को हुई क्षति का शीघ्र आकलन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन लोगों ने गलत तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज प्राप्त किए हैं, तथा ऐसे कार्ड बनाने में संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जनपदों में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही भी नियमित रूप से की जाए। ‘ऑपरेशन कालनेमी’ के अंतर्गत भी आस्था की आड़ में जनता को गुमराह करने वालों पर नियमित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों के शासकीय अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें। इसमें दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति, उपकरणों की स्थिति और स्वच्छता व्यवस्था जैसे विषय सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी समय-समय पर अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायज़ा लेंगे।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के बाद अवस्थापना विकास से संबंधित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। सड़कों, पुलों, नालियों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही आमजन को भी स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियानों का संचालन किया जाए। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की दिशा में नियमित प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और निर्वाचन प्रक्रिया में लगे समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मियों को भी इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि सभी की कर्तव्यनिष्ठा एवं सहयोग से पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण में संपन्न हुए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में मातृशक्ति की सेवा में सीएम धामी

सीएम धामी ने कहा कि वे एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में माताओं-बहनों की सेवा में उपस्थित हैं। उन्होंने अपील की कि प्रदेश की किसी भी बहन-बेटी को कभी भी कोई परेशानी हो तो वो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क करें, मुख्यमंत्री का प्रयास रहेगा कि वे स्वयं माताओं व बहनों की परेशानी का संज्ञान लेकर उसका निस्तारण कर एक भाई होने का कर्तव्य निभा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए जल्द ही ’’जल सखी योजना’’ शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन, बिल वितरण, बिल वसूली और योजनाओं के रखरखाव का काम, भी आउटसोर्स के आधार पर महिला समूहों को दिया जाएगा। ये सब केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये बहनों के प्रति मेरी जिम्मेदारी और प्रेम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हरबंस कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल, गढ़ीकैंट, देहरादून में आयोजित रक्षाबंधन समारोह 2025 में सम्मिलित हुए।

रक्षाबंधन समारोह में प्रदेशभर से भारी संख्या में उपस्थित माताओं व बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत चुनावों में व्यापक समर्थन देने के लिए समस्त उत्तराखंड वासियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृ शक्ति के प्रेम और आशीर्वाद से उन्हें प्रदेश की और अधिक सेवा करने हेतु भरपूर ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व पारस्परिक प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व होने के साथ ही हमें हमारे सामाजिक कर्तव्यों का बोध करवाने वाला त्योहार भी है जो बहनों के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों एवं महिलाओं को हर प्रकार से सक्षम, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर कार्य कर रहे हैं। जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और उज्ज्वला योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार देश की बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत करने के साथ-साथ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, शौचालयों के निर्माण, आवास योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता, मातृत्व अवकाश में वृद्धि तथा बेटियों के लिए सेना और सैनिक स्कूलों का रास्ता खुलवाकर उन्हें सशक्त बनाने का काम भी किया है। इसी का नतीजा है कि देश की महिलाएं खेत में अनाज उगाने से लेकर अंतरिक्ष प्रोग्रामों का हिस्सा बनने तक और खेलों में मेडल लाने से लेकर सेना में कमान संभालने तक, हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमनें सरकारी नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देकर रोजगार के क्षेत्र में मातृ शक्ति की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमनें स्वयं सहायता समूहों को करोड़ों रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रदेश की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद हमारे ’’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’’ के जरिए आज विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों ने अपने मेहनत और आत्मबल के दम पर उद्यमिता के क्षेत्र में अपार सफलताएं हासिल की हैं। हमारे राज्य में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक बहनों का लखपति दीदी बनना यह बताता है कि प्रदेश की बहने किसी से भी कम नहीं हैं। महिला समूहों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना से 30 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित होकर 5 करोड़ रुपए से अधिक का करोबार कर चुकी हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उन्हें हर घर शौचालय तथा जल जीवन मिशन जैसी महिलाओं के कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देशभर में महिला सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। सभी योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। उत्तराखंड के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों को केंद्र एवं राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का कार्य किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष नेहा जोशी सहित भारी संख्या में प्रदेशभर की महिलाएं उपस्थित थी।

रूद्रप्रयाग जिले के पंचायत चुनाव के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास में विधायक भरत सिंह चौधरी के नेतृत्व में आए रुद्रप्रयाग जिले के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को नए दायित्व हेतु शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा हम सबने मिलकर राज्य की जनता के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा हमारा यह कर्तव्य होना चाहिए कि आगे बढ़कर हम सभी अपनी पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों के विकसित होने से ही राज्य विकसित होगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड राज्य को आगे ले जाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।

सीएम ने सिंचाई विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित 144 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सिंचाई विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित 144 अभ्यर्थियों एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम में मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 43 पात्र आश्रितों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस प्रकार मुख्यमंत्री ने कुल 187 विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों/आश्रितों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी, निष्ठा, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को भी नियुक्तियां देने का काम किया है। बीते वर्ष 150 आश्रितों और आज शेष 43 पात्र आश्रितों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया राज्य सरकार के प्रयासों से 2024 में निगम ने रिकॉर्ड 56 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। राज्य सरकार ने युवाओं की समस्या को देखते हुए देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया। अब राज्य में भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया बीते साढ़े 3 वर्ष में प्रदेश के 23 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है। अब भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को नहीं छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने भी प्रदेशवासियों से स्वदेशी और लोकल उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा संकल्प और भी सशक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा सिंचाई विभाग में चयनित अभ्यर्थी सिंचाई परियोजनाओं के नक्शों और डिज़ाइनों का निर्माण करने के साथ ही भविष्य के विकास की रूपरेखा भी तैयार करते हैं। हमारे राज्य में निरंतर सिंचाई योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। आज चयनित अभ्यर्थी सिंचाई परियोजनाओं के वे जमीनी स्तंभ हैं, जो अपनी तकनीकी कुशलता से किसानों के खेतों तक जल पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा सभी चयनित युवाओं में कई राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण कोटे के तहत भी चयनित हुए। जो सभी के लिए हर्ष का विषय है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में 23 हज़ार से ज्यादा सरकारी नौकरियों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का काम हुआ है। देश और प्रदेश में बेरोजगारी में बड़ी गिरावट आई है। उन्होंने कहा सिंचाई विभाग में चयनित अभ्यर्थियों की मदद से विभाग और सक्षम होगा, जिससे विकास को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सविता कपूर, सचिव युगल किशोर पंत, अपर सचिव रीना जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं को दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली में जोशीमठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र के स्लोप स्टेबलाईजेशन कार्ययोजना हेतु रू. 516 करोड़ की योजना स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में रू. 40 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्र पोषित जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत गतिमान कार्याे हेतु भारत सरकार से केन्द्रांश के रूप में प्राप्त होने वाली धनराशि की प्रत्याशा में पुनर्विनियोग के माध्यम से रू. 200 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की नगर निकायों में 52 स्थलों में ‘‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’’ का निर्माण किये जाने हेतु रू. 40.49 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा सेल्फ आफ प्रोजेक्ट के अन्तर्गत नाबार्ड, राज्य सेक्टर, ई.ए.पी., रिंग फेसिंग इत्यादि कार्यक्रमों हेतु उत्तराखण्ड पेयजल निगम को रू. 350 लाख एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान को रू. 150 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्र नगर में मुनिकीरेती स्थित रामझूला सेतु के स्ट्रेंथनिंग एवं सुरक्षात्मक कार्य हेतु रू. 11 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का भी अनुमोदन दिया है।

मुख्यमंत्री ने पाँचवें और छठे वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने की स्वीकृति दी

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और राज्य स्वायत्त निकायों/उपक्रमों के उन कर्मचारियों को, जो पांचवें एवं छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागू वेतन बैंड/ग्रेड वेतन में अपने वेतन एवं भत्ते आहरित कर रहे हैं, को उन्हें स्वीकार्य मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को दिनांक 01 जनवरी, 2025 से क्रमशः पांचवें वेतनमान को 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत एवं छठे वेतनमान को 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

9 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खाते में पीएम ने डाली 20 हजार 500 करोड़ रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के तहत देश के 09 करोड़ 71 लाख से अधिक किसानों के खातों में कुल 20 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का डिजिटल हस्तांतरण किया। इसके तहत उत्तराखण्ड के 08 लाख 28 हजार 787 लाभार्थी किसान परिवारों को 184.25 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ीकैंट, देहरादून से इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने तथा उनके जीवन स्तर को उठाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। योजना की 20वीं किस्त जारी किए जाने के साथ ही उत्तराखंड के किसानों को करीब 3300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, फसल रोगों और कीटों से होने वाले नुकसान के लिए सुरक्षा कवच भी प्रदान किया जा रहा है। ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ योजना के द्वारा खेतों की मिट्टी की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को पोषक तत्वों की कमी और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता और भूमि की उर्वरता दोनों में सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उपकरण खरीदने के लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त किया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान भी किया गया है। गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान करने के साथ ही गन्ने के मूल्य में भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ‘स्टेट मिलेट मिशन’ और ‘ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया गया है। इन नीतियों के तहत बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उत्तराखण्ड राज्य के युवाओं को रोजगार देने में भी प्रदेश अग्रणी बनकर उभरा है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाई गई। उत्तराखण्ड देश का सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू करने वाला राज्य बना। राज्य में प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू करने के बाद लगभग 24 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानूनों को लागू किया गया है। प्रदेश में लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2023-24 में “मिलेट सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ प्रदेश“ का पुरस्कार हैदराबाद में आयोजित इंटरनेशनल न्यूट्री-सीरियल कन्वेंशन में प्रदान किया गया। मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता योजना तथा जैविक कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को भारत सरकार से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नैनीताल के ग्राम सुनकिया के कृषक हर्ष सिंह डंगवाल को “जैविक इंडिया अवार्ड” मिला, जबकि उत्तरकाशी को लाल धान के लिए “एक जिला-एक उत्पाद” में द्वितीय स्थान और हरिद्वार व टिहरी जनपद को पीएम फसल बीमा योजना में क्रमशः प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, पूर्व सांसद बलराज पासी, सचिव एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान एवं प्रदेशभर से आए किसान उपस्थित थे।

सरकार और विधानसभा क्षेत्र के बीच सेतु की भूमिका में कार्य करें नोडल अधिकारीः सीएम

विधानसभा क्षेत्रों की विभिन्न जन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी विधायकगणों से निरंतर संवाद करें। विधायकगणों द्वारा दिए गए शीर्ष प्राथमिकताओं के कार्यों में तेजी लाई जाए। यदि किसी कार्य में कोई समस्या आ रही है, तो संबंधित क्षेत्र के विधायकगणों से सचिव एवं विभागाध्यक्ष वार्ता कर समस्या का समाधान करें। राज्य की सभी 70 विधानसभाओं के अंतर्गत की गई घोषणाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन-प्रशासन और विधानसभा क्षेत्र के बीच सेतु की भूमिका में कार्य करने के लिए नोडल अधिकारी के रूप में अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी जल्द दी जाए। हर विधानसभा में अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को उजागर करते हुए कुछ नवाचार किए जाएं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विधानसभाओं की मुख्यमंत्री घोषणाओं और अन्य कार्यों की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हरिद्वार में जल भराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत योजना बनाई जाए। इसका सर्वे जल्द पूरा कर प्रस्ताव बनाया जाए। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में स्थायी पानी की व्यवस्था के लिए एक माह में डीपीआर तैयार की जाए। संजय झील को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। कांवड़ यात्रा के दौरान लोगों को आवागमन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था के लिए सुनियोजित प्लान पर कार्य किया जाए। शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। पार्कों के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। बरसात के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एम्स ऋषिकेश और किच्छा में बनने वाले एम्स के सेटेलाइट सेंटर के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। हर जिले में दो-दो गांव आदर्श गांव के रूप में विकसित किए जाएं।

बैठक के दौरान विधायकगणों द्वारा जलभराव की समस्या, पार्किंग और सौंदर्यीकरण के कार्यों, ड्रेनेज व सीवरेज की समस्या, नालों के निर्माण कार्य, यातायात प्रबंधन एवं अन्य समस्याएं रखी गईं। मुख्यमंत्री ने विधायकगणों द्वारा रखी गई समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में विधायक विनोद चमोली, प्रेमचंद अग्रवाल, मदन कौशिक, बृज भूषण गैरोला, प्रदीप बत्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल.एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, अपर सचिव गण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

ईडब्ल्यूएस (शहरी) आवासों का आवंटन केवल पात्र लोगों को ही मिले, यह सुनिश्चित किया जाएः सीएस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आवास विभाग की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ई.डब्ल्यू.एस (शहरी) आवासों का लाभ जिन लोगों को दिया गया है, उनका पुनः सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ सिर्फ पात्र लोगों को ही मिले। गलत तरीके से योजना का लाभ लेने वाले और देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आगे जो भी आवास आवंटन किए जाएं, यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र लोगों को ही मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अंतर्गत विभिन्न शहरों के मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाई जाए। मास्टर प्लान के साथ शहरों की धारण क्षमता का आकलन भी किया जाए। नगर क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ ही वृक्षारोपण पर भी ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि शहरी क्षेत्रों में प्राधिकरणों द्वारा पारित नक्शों के अनुरूप ही निर्माण कार्य हों। बिल्डिंग और सोसाइटी निर्माण कार्यों में वाटर हार्वेस्टिंग और ग्रीनरी का भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से कार्य किए जाएं। आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवासों के नक्शे निर्धारित समयावधि में पास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक नए शहर विकसित किए जाने की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। इन शहरों को स्प्रिचुअल जोन के साथ क्लब किया जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में आवासीय आवश्यकता का मूल्यांकन करते हुए सभी वर्गों के लिए आवास की मांग का आकलन करने, भविष्य की आवश्यकताओं का अनुमान लगाने एवं उसके अनुरूप ठोस कार्ययोजना विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूमि का समुचित उपयोग, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का आवश्यकता अनुसार पुनर्विकास करने के भी निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि आवास विकास विभाग 8 गेम चेंजर योजनाओं पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए 191 स्थानों पर पार्किंग निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें 109 मल्टीलेवल, 10 टनल, 63 सर्फेस और 9 ऑटोमेटेड पार्किंग हैं। 48 पार्किंग के निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 47 पर कार्य गतिमान है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजीजी मनोज पंत एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।