गंगोत्री और यमुनोत्री के खुले कपाट, पीएम मोदी के नाम से दोनों धामों में की गई पहली पूजा

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बुधवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2025 का भी शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों धामों में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है। श्री पुष्कर सिंह धामी यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन में पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। इस अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार आज सुबह मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ पूर्वाह्न 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। कपाट खुलने के अवसर पर देश विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन किये तथा गंगा और यमुना में स्नान कर पुण्य अर्जित किया।

गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोहों में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉ गंगा एवं यमुना के मंदिरों में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की। धामी ने दोनों धामों में पहुंची लोक देवताओं की डोलियों से भी आशीष प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। उत्तराखण्ड के चार धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं और इन धामों की यात्रा का सौभाग्य प्राप्त करने की आकांक्षा हर श्रद्धालु के मन में रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए राज्य में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगमता को ध्यान में रखते सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालु को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि देवो भवः की परंपरा के अनुसार हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड से दिव्य धामों के शुभाशीष के साथ ही यात्रा का सुखद अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के आयोजन के लिए सभी लोगों से सहयोग की अपील भी की है।

गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर विधायक सुरेश चौहान, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, किशोर भट्ट, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, आदि मौजूद थे। यमुनोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी एस.एल सेमवाल, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष संजीव उनियाल, सचिव सुनील उनियाल भी मौजूद थे।

उत्तराखंड में जम्मू के वि़द्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सीएम से मिले कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने मुलाक़ात की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में अध्ययनरत जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों की सुरक्षा के संबंध में चर्चा करते हुए जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा को आश्वस्त किया कि यहां पढ़ रहे सभी छात्र पूर्णतः सुरक्षित हैं और राज्य सरकार हर स्तर पर उनके सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री से उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के बीच समन्वय को और सशक्त बनाने को लेकर भी चर्चा की।

सीएम ने यंग उत्तराखंड के सदस्यों को दी बधाई, गुलाबी शरारा के 300 मिलियन व्यूज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में यंग उत्तराखंड के सदस्यों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने गुलाबी शरारा गीत की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों ने प्रतिभा और कड़ी मेहनत से हमारी लोक संस्कृति को बढ़ाने का कार्य किया है। गुलाबी शरारा गीत के 300 मिलियन से अधिक व्यूज ने यह सिद्ध कर दिया है कि राज्य के युवा प्रतिभा सम्पन्न है। अपने गीत और संगीत के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर यंग उत्तराखंड से जितेन्द्र सिंह रावत, गिरीश सिंह जीना, वरुण रावत, राकेश जोशी, नीरू बोरा, अंकित कुमार, अशीम मंगोली, रणजीत सिंह भंडारी और सौरभ सेमवाल मौजूद थे।

नेशनल गेम्सः छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक लाइन में, अन्य राज्यों से भी रजिस्ट्रेशन

38 वें नेशनल गेम्स की तेज होती तैयारियों के बीच वॉलंटियर बनने का जबरदस्त क्रेज है। कॉलेजों के छात्रों से लेकर रिटायर्ड आर्मी अफसर तक वॉलंटियर बनने के लिए लाइन में हैं। यही नहीं, उत्तराखंड से बाहर के अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दस हजार तक पहुंचने वाला है। हालांकि विभाग की आवश्यकता दो से ढाई हजार वॉलंटियर्स की है। नेशनल गेम्स के शुभंकर समेत अन्य प्रतीकों की लॉंचिंग के बाद रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है।

नेशनल गेम्स सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार नेशनल गेम्स जैसे बडे़ आयोजन के लिए सभी का सहयोग लिया जा रहा है। वॉलंटियर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया फिलहाल गतिमान है। वॉलंटियर नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाएंगे। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या ने बताया कि कई रिटायर्ड अफसरों ने भी वॉलंटियर बनने की इच्छा प्रकट करते हुए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व अन्य प्रदेशों से भी रजिस्ट्रेशन कराए जा रहे हैं।

इस तरह बन सकेंगे नेशनल गेम्स वॉलंटियर
यदि आप नेशनल गेम्स में वॉलंटियर बतौर अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आप खेल विभाग की वेबसाइट 38दहना-पद पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह जरूरी है कि आपकी आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद आपके स्तर पर दी गई जानकारी के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आपको श्रेणियों के दो विकल्प मिलेंगे। इसमें से एक खेल पृष्ठभूमि को इंगित करता विकल्प होगा, जबकि दूसरा विकल्प सामान्य होगा।

वॉलंटियर बनें या ना बनें, मिलेगा सर्टिफिकेट
नेशनल गेम्स के वॉलंटियर के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आप विभाग से एक सर्टिफिकेट प्राप्त करने के अधिकारी हो जाएंगे। यह ई-सर्टिकिकेट होगा, जो कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर एक को दिया जाएगा। वॉलंटियर बतौर चयनित हो जाने वालों को नेशनल गेम्स 2025 का सर्टिफिकेट अलग से मिलेगा। चयनित वॉलटियर को विभाग के स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, उन्हें जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। स्पोर्ट्स इवेन्ट से लेकर पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने से लेकर अन्य तमाम व्यवस्थाओं में वॉलंटियर सहयोग करेंगे।

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध
नेशनल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2024 तय की गई है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तिथि विस्तारित करने का अनुरोध किया गया है। खेल विभाग ने इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। खेल विभाग जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह तक वॉलंटियर के चयन की प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहता है, ताकि उसी हिसाब से प्रशिक्षण व तैनाती संबंधी कार्य फाइनल किए जा सकें।

नेशनल गेम्स का आयोजन किसी विभाग का नही, बल्कि ये पूरे उत्तराखंड का है। सभी के सहयोग से उत्तराखंड नेशनल गेम्स का भव्य आयोजन करेगा। मैं सभी से ये आह्वान करता हूं कि इस महा आयोजन के साथ वह किसी न किसी रूप में अवश्य जुड़े। नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलना हमारा सौभाग्य है।

राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाएः सीएम


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि कानून-व्यवस्था का सख्ती से पालन करवाया जाए। राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जो भी बाहरी व्यक्ति राज्य में जमीन खरीदने के लिए आ रहे हैं, वे किस उद्देश्य से जमीन खरीद रहे हैं? आपराधिक विवरण के साथ ही भूमि क्रय करने का उद्देश्य भी बताना पड़ेगा। इसका उनसे निर्धारित प्रारूप पर घोषणा पत्र भरवाया जाए। बाहरी लोगों के जमीन खरीदने से पहले इसकी भी सघनता से जांच करवाई जाए कि उन पर कहीं कोई आपराधिक मामला न चल रहा हो, जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति पर आपराधिक मामला पाया जाता है, तो प्रारूप पर उसका स्पष्ट उल्लेख हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि वनाग्नि, पेयजल, और बिजली की समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित बैठक कर समीक्षा की जाए। आगे इस तरह की समस्याएं न हों, इसके लिए जो भी प्रभावी उपाय किये जाने हैं, जल्द किये जाएं। कार्यों में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा प्रबंधन और आगामी कांवड़ के दृष्टिगत सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि शासन के वरिष्ठ अधिकारी नियमित सभी जिलाधिकारियों के संपर्क में रहें, जनपदों से किसी भी प्रकार की सहायता के अनुरोध पर उनका यथाशीघ्र समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की धनराशि लाभार्थी को डी.बी.टी के माध्यम से जल्द मिले। वित्त विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसकी त्वरित कार्यवाही करे। जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जाए। जल संरक्षण और संवर्द्धन के साथ ही व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। इसे जन अभियान से जोड़ा जाए। वर्षा जल संचय पर भी विशेष ध्यान देने के साथ ही इसके लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल उपस्थित थे।

पीएम मोदी ने किया उत्तरकाशी सहित 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को देश के 18 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में 91 एफएम ट्रांसमीटरों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल प्रतिभाग किया। जिन 91 एफएम ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया गया उनमें उत्तरकाशी में स्थापित एफएम ट्रांसमीटर भी शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के पश्चात कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज जिन 91 एफएम ट्रासंमीटरों का उद्घाटन किया गया, इससे करोड़ों लोग जुड़ेंगे। इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ने में लोगों को आसानी होगी। कनेक्टिविटी को बढ़ाने का यह एक मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि इससे सोशल एवं कल्चरल कनेटिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी सीमांत जनपद होने के नाते सीमांत क्षेत्र के लोगों को सुविधा होने के साथ ही एफएम ट्रासंमीटर की सुविधा होने से अब एक बड़े क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।

सीएम ने किया ’’नकर-नकर भ्रष्टाचार, सख्त हैरे यो सरकार’’ गीत का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ जन जागरूकता फैलाये जाने हेतु तैयार किये गये वीडियो गीत ‘‘नकर-नकर भ्रष्टाचार, सख्त हैरे यो सरकार’’ गीत का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस गीत के माध्यम से सरकार द्वारा सुशासन की दिशा में किये जा रहे कार्यों को दिखाने का शानदार प्रयास किया गया है। सरकार द्वारा भ्रष्टाचारियों पर की जा रही कार्रवाई के प्रति जन जागरूकता फैलाने का अच्छा प्रयास गीत के माध्यम से किया गया है।
इस गीत में सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और नकल के विरूद्ध अपनाये जा रहे सख्त रूख एवं जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रदर्शित किया गया है। यह गीत गीतकार एवं गायक भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा क्षेत्रीय मिश्रित भाषा का उपयोग कर तैयार किया गया है। इस वीडियो गीत में मुख्य किरदार ओम तरोनी तथा उर्वशी शाह द्वारा भूमिका निभायी गयी है तथा संगीत विक्की जुयाल द्वारा दिया गया है।
इस अवसर पर विधायक मोहन सिंह मेहरा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एमडी पिटकुल पी0सी0 ध्यानी, ललित जोशी, राजेन्द्र चौधरी, देवेन्द्र बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का सीएम ने किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में गौलापार हल्द्वानी में बनने जा रहे।

बार कौंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के भवन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं एक अधिवक्ता होने के नाते प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की सबसे बड़ी संस्था के लिये गौलापार हल्द्वानी में बार कांउसिल ऑफ उत्तराखण्ड के प्रदेश कार्यालय के भवन का शिलान्यास करने का उन्हें अवसर मिला है।

उन्होंने बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन एवं सभी सदस्यों एवं प्रदेश के लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं को उत्तराखण्ड में स्वयं के भवन निर्माण एवं भूमि क्रय करने एवं उस पर कार्यालय का निर्माण करने की बधाई देते हुए कहा कि कार्यालय के निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से यथा समय पूर्ण हो तथा इसी प्रकार बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड प्रदेश के सभी 25 हजार अधिवक्ताओं के हितों का कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसिल के भवन का भविष्य की जरूरतों की दृष्टि से बेहतर ढंग से निर्माण किया जाय, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भवन के बनने के बाद हाईकोर्ट व अन्य कार्यों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिये काफी सुविधा हो जायेगी।

बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के चेयरमैन मनमोहन लाम्बा द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लगभग 25 हजार अधिवक्ताओं की पत्रावलियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में बैठने एवं कार्य करने की सुचारू व्यवस्था नहीं थी इसलिये बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड ने अपने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर गौलापार में कार्यालय के भवन निर्माण की भूमि दिनांक 24 अगस्त, 2022 को क्रय की है तथा बार काउंसिल का नाम उक्त भूमि पर राजस्व अभिलेखों में अंकित हो गया है। चैयरमैन द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि पूरे देश में कुल 21 बार काउंसिल हैं और उत्तराखण्ड बार काउंसिल पूरे देश में पहली बार काउंसिल है जिसने अधिवक्ताओं से धन एकत्रित कर बार काउंसिल के कार्यालय के निर्माण हेतु अपनी अपनी भूमि क्रय की है।

इस अवसर पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के वाइस चेयरमैन राव मुनफैत अली, वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र पुण्डीर, चंद्र शेखर तिवारी, योगेन्द्र तोमर, सुखपाल सिंह, अनिल पंडित आदि उपस्थित थे।

पर्वतीय जनपदों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में कार्य करने की आवश्यकताः सीएम

राज्य के पर्वतीय जनपदों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में और प्रयासों की जरूरत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का आम जन अधिक से अधिक फायदा ले सकें, इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जाय कि एक जैसी प्रकृति की योजनाओं के तहत लोगों को संबंधित विभागों की योजना का लाभ उठाने के लिए मिश्रित लोन लेने की सुविधा मिल सके। सहकारी बैंकों द्वारा एनपीए को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएं। बैंकों को ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने की दिशा में विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में और प्रयासों की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंकों की बैठक के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। कलस्टर आधारित अप्रोच पर अधिक ध्यान दिया जाए। पर्वतीय जनपदों में सहकारिता आधारित कार्यों को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता है। राज्य में मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएं। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाय। आम जन को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके, सहकारी बैंकों के माध्यम से लोन की प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आम जन को गोष्ठियों एवं कैम्प के माध्यम से जानकारी दी जाय।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले 5 सालों में राज्य के सहकारी बैंकों में एनपीए में तेजी से कमी की गई है। 5 साल पहले एनपीए लगभग 20 प्रतिशत था, जो अब घटकर 3.81 प्रतिशत है। सहकारी बैंकों के माध्यम से मोबाईल बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सभी पैक्स का कंप्यूटराइजेशन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। सहकारी बैंकों में आईबीपीएस के माध्यम से भर्तियां की जा रही हैं।

बैठक में सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, एमडी सहकारिता नीरज बेलवाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

पौड़ी में पहाड़ी शैली में बने होम स्टे में रूके सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के बाद पौड़ी स्थित रावत गांव में मेजर (से.नि) गोर्की चंदोला के मिट्टी से बने पहाड़ी शैली के होम स्टे में रात्रि विश्राम करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम वासियों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना। पहाड़ी शैली पर बने होमस्टे का अवलोकन करते हुए उन्होंने प्रशंसा जाहिर की एवं रिंगाल से बने उत्पादों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में होम स्टे की अपार संभावनाएं है। होम स्टे स्वरोजगार, आत्मनिर्भर उत्तराखंड, आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। लोगों का रुझान लगातार होम स्टे की ओर बढ़ रहा है। होस्ट स्टे से लोगों को उत्तराखंड के पारंपरिक खानपान और संस्कृति के बारे में पता चलता है। राज्य सरकार होम स्टे को लगातार बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक राजकुमार पौरी, बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।