अपनी मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में जगमोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड में भू-कानून, मूल निवास एवं राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन पर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री धीरेन्द्र प्रताप, प्रदेश महामंत्री रामलाल खण्डूरी, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

डोभाल चौक हत्याकांड पर मुख्यमंत्री की दो टूक, बदमाश छोटा हो या बड़ा, कानून से बचेगा नहीं

राजधानी के डोभाल चौक में प्रॉपर्टी कारोबारी की हत्याकांड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि बदमाश छोटा हो या बड़ा, किसी को देवभूमि का माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। ऐसे में बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के पहले ही निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार पर रिपोर्ट मांगी गई है।
रायपुर क्षेत्र के डोभाल चौक के पास रविवार को प्रॉपर्टी डीलर रवि बडोला की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। जबकि रवि के दो साथियों को घायल किया था। घटना संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीजीपी की मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने 24 घण्टे के भीतर मुख्य बदमाश को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। जबकि वारदात में कुल 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में बदमाशों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस को मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार और बदमाशों से तालुकात रखने वालों की जांच की जा रही है। नगर निगम, एमडीडीए से प्रॉपर्टी की रिपोर्ट मांगी गई है। कानून अपना काम कर रहा है। सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए साथ खड़ी है। इसके अलावा घायलों को उचित इलाज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने बदमाश प्रवृत्ति रखने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वह देवभूमि छोड़ दें, अन्यथा सरकार को कड़ी कार्रवाई को बाध्य होना पड़ेगा।

पौधारोपण कर सीएम ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट सिटी पार्क में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर पौधारोपण किया। पौधारोपण कार्यक्रम के तहत अनेक प्रजाति के पौधे लगाये गये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को बचाने के लिए संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अह्वाहन किया कि सभी परिवारों को जल संरक्षण में अपना योगदान देना होगा। हिमालय पर्वत की विश्व को स्वच्छ हवा और पानी देने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए देवभूमि उत्तराखंड की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

पौधारोपण कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम धामी की पहल पर देहरादून में संचालित की जा रही है हाईटेक ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस एंड कास्मेटिक लैब

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों पर प्रदेश खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में एक हाईटेक लैब संचालित की जा रही है। इस लैब में औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच अत्याधुनिक मशीनों हो रही है। लैब में आनलाइन सर्टिफिकेशन की सुविधा है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग डॉ. आर राजेश कुमार का कहना है कि लैब को जल्द ही राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से भी मान्यता मिलने की संभावना है। इसके बाद लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट पूरे विश्व में मान्य हो जाएगी। आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि लैब खुलने से औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांचों में तेजी आएगी तथा नकली और मिलावटी उत्पाद निर्मित करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

’केन्द्र के सहयोग से 7 करोड़ की लागत से बनी लैब’
देहरादून के सहस्रधारा रोड डांडा लखौण्ड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन परिसर में हाईटैक लैब तैयार की गयी है। इस लैब का निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में किया गया । ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से लगभग सात करोड़ की लागत से निर्मित इस लैब में फार्मा और इंजेक्टेबल मेडिकल डिवाइस की टेस्टिंग की जाती है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधनों की जांच भी की जाती है। लैब में एचपीएलसी, यूवी/विजुअल फोटो, एफटीआईआर, जीसीएचएस जैसी अत्याधुनिक मशीनों से जांच होती है जिनकी एक्यूरेसी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होती है।

’जांच रिपोर्ट पूरे देश में मान्य’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का कहना है कि लैब में भारत में निर्मित होने वाले सभी संबंधित उत्पादों की जांच की जाती है। अत्याधुनिक मशीनों की जांच सटीक रही हैं और पूरे देश में मान्य हैं। उनके अनुसार रुद्रपुर लैब में अब तक जांच का बोझ रहता था लेकिन अब इस लैब के खुलने से यहां जांचों में तेजी आएगी। गौरतलब है कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन लगातार प्रदेश में मिलावट खोरों और नकली उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ अभियान चला रहा है। प्रदेश में खाद्य लाइसेंस की आड़ में किये जा रहे नकली दवाओं के उत्पादन और विपणन को रोकने के लिए विभाग हरसंभव कोशिश कर रहा है।

’लैब में अब तक हुई 2 हजार जांच’
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की हाईटैक लैब में अब तक 2000 से अधिक जांच हो गयी हैं। यहां पांच प्रयोगशालाएं बनाई गयी हैं। इनमें रसायन परीक्षण लैब, मानइर, मेजर, कास्मेटिक और माइक्रो बायोलॉजी लैब हैं। इस लैब में ड्रग्स, टेबलेट, कप सिरप मसलन ओरल लिक्विड, मेडिकल डिवाइस और कास्मेटिक उत्पादों के सैपंलिंग की जांच की जाती है। लैब की क्षमता 3000 सैंपलिंग की है।

’सौंदर्य प्रसाधनों की जांच पर विशेष फोकस’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह लैब रुद्रपुर के बाद दूसरी लैब है। रुद्रपुर लैब में ड्रग्स सैंपलिंग की महज एक हजार टेस्टिंग की क्षमता है। उल्लेखनीय है कि सौंदर्य प्रसाधनों को लेकर महिलाओं में विशेष आर्कषण होता है। बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ असामाजिक तत्व नकली या मिलावटी सौंदर्य उत्पाद निर्मित कर बेचने का प्रयास करते हैं। विभाग ऐसे नकली उत्पाद निर्माण में जुटी कंपनियों के खिलाफ अंकुश लगाने में जुटा हुआ है।

चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन के बाद निर्धारित तिथि पर ही दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सड़क मार्ग से ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देंखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि उनको चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के अनुसार जो तिथि मिली है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आयें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण और मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही चारधाम यात्रा पर आने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि चारधाम यात्रा भी सुरक्षित हो और सभी श्रद्धालु भी स्वस्थ और सुरक्षित हों। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारो धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखी जाय।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चारों धामों में प्रतिदिन के लिए जो क्षमता निर्धारित की गई है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए भेजे जाएं। रजिस्ट्रेशन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं का चार धाम यात्रा हेतु रजिस्ट्रेशन होने पर ही चेक प्वाइंट से आगे जाने दें। परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से चेक पोस्ट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। आगामी तीन दिनों तक ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन रोक दिए जाय। यह सुनिश्चित हो कि चार धाम यात्रा नियमों के अनुरूप ही चले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चार धाम के सभी मार्गों के एंट्री प्वाइंट एवं विकास नगर, यमुना पुल क्षेत्र, धनौल्टी, सुवाखोली में भी सख्ती से चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इन स्थलों पर यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से सबंधित सभी जानकारियां लोगों तक स्पष्ट रूप से जाए इसके लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करें। यात्रा से संबंधित सभी जानकारियां आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिये कि वे यातायात प्रबंधन और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें और चारों धामों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाय। सभी अधिकारि सहयोगी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की लाईफ लाईन है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। जिस तेजी से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सबका दायित्व है कि यात्रा को सुगम और सरल बनाने में सभी मिलकर सहयोगी बनें। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े सभी जनपद यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपेक्षा की है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के इन धामों की धार्मिक यात्रा में स्वस्थ मानकों के अनुसरण पर भी ध्यान दें।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों रूप्रदप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और शासन स्तर से चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सबंधित जिलाधिकारियों को जो भी सहयोग की आवश्यकता है, उसके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासन और पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा से सबंधित जो भी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया जाता है, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसपी उपस्थित थे।

देहरादून के गोविंदगढ़ में 15 झोपड़ियों में आग लगने का मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान

देहरादून के गोविंदगढ़ में स्थित बस्ती में 15 झोपड़ियों में आग लगने से नुकसान होने के मामले का मुख्यमंत्री धामी ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून को पीड़ितों की यथासंभव सहायता के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि आज मौके पर 40 राशन के बैग भेजे जा रहे हैं। साथ ही जो भी अन्य सहायता अपेक्षित होगी जिला प्रशासन के स्तर से की जायेगी।

देहरादून के गोविंदगढ़ में एक प्लाट में बनी कई झोपड़ियों में सोमवार को आग लग गयी थी, जिससे पूरा सामान जलकर राख हो गया। इनमें 15 झोपड़ियां पूरी तरह से जल गई थी।

इस मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इस घटना के पीड़ितों की यथासंभव मदद की जाए। तत्क्रम में जिलाधिकारी की ओर से गोविंदगढ़ में प्रभावित लोगों को 40 पैकेट राशन के भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा पीड़ितों की हर संभव मदद जिला प्रशासन के स्तर से की जाएगी।

उत्तराखंड राज्य स्तरीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ऋषिकेश के खिलाड़ियों का रहा जलवा

उत्तराखंड एमेच्योर किकबॉक्सिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता परेड ग्राउंड देहरादून बैडमिंटन हॉल में आयोजित की गई।

प्रतियोगिता में नेशनल रेफरी किक बॉक्सिंग एवम कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 21 अप्रैल 2024 को उत्तराखंड एमेच्योर किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कोटनाला ने दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रतियोगिता में देवभूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मनन डोगरा दो स्वर्ण, हर्षित भट्ट दो स्वर्ण, दिव्यता थापा दो स्वर्ण, सोनाक्षी पात्रों दो स्वर्ण, तविषा तनेजा दो स्वर्ण,वर्णिका दो स्वर्ण, श्लोक गैरोला स्वर्ण एवम रजत,निकिता कौशिक स्वर्ण एवम रजत,सान्या स्वर्ण एवम रजत, भव्या चौहान दो रजत, शिवानी रजत एवम कांस्य, गरिमा कोठियाल दो रजत,माधवन रजत एवम कांस्य, सार्थक भट्ट दो स्वर्ण, अंश पाल दो रजत, प्राची नौटियाल दो कांस्य पदक हासिल किए।

कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता महाराष्ट्र पुणे के लिए हुआ है। इस अवसर पर उत्तराखंड एमेच्योर के किक बॉक्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद कोटनाला, वर्किंग प्रेसिडेंट ओम प्रकाश मल, महासचिव सत्येंद्र कुमार, कोच मुक्ति, कोच विपिन डोगरा, कोच सुमित कुमार, कोच आदर्श कुमार, कोच मिंटू सैनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और उन्होंने खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

पोलिंग पार्टियां सकुशल मतदान कराने के बाद पहुंची स्ट्रांग रूम, सील


जिले में लोक सभा चुनाव कुशलतापूर्वक सम्पन्न हो गया है। जिले की छः विधानसभाओं की सभी 1010 पोलिंग पार्टिया सकुशल मतदान कराने के बाद वापस स्ट्रांग रूम लौट गई है। पोलिंग पार्टियों का आने का सिलसिला 19 अप्रैल देर शाम से 20 अप्रैल की दोपहर तक चलता रहा। 993 पोलिंग टीमें देर रात को स्ट्रांग रूम पहुंच गई थी। जबकि दूरस्थ की 17 मतदान टीमें 20 अप्रैल की सुबह स्ट्रांग रूम पहुंची। जिला निर्वाचन अधिकारी वंदना सिंह एम बी पी जी डिग्री कालेज स्ट्रांग रूम में मौजूद रही। राजनैतिक दलों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम को आज सुबह सील किया गया। स्ट्रांग रूम की कड़ी सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों,पुलिस की तैनाती की गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रहेगी।

उत्तराखंडः सबसे ज्यादा क्रिटिकल बूथ हरिद्वार जनपद में और वल्नरबल बूथ देहरादून में

देहरादून। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस ब्रीफिंग करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा क्रिटिकल और वल्नरबल बूथों के चिन्हीकरण के निर्देश दिये गये हैं। राज्य में 1365 क्रिटिकल बूथ और 809 वल्नरबल बूथ चिन्हित किये गये हैं। वल्नरबल बूथ की श्रेणी में ऐसे बूथ आते हैं, जिनमें पूर्व में निर्वाचन के दौरान कोई घटना हुई हो, जिसमें आपराधिक मामला शामिल हो। वहां पर कोई गंभीर घटना या अपराध घटित हुआ हो जिससे चुनाव बाधित हुआ हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा क्रिटिकल बूथ के भी मानक तय किये गये हैं। यदि किसी बूथ में गत निर्वाचन में 10 प्रतिशत से कम मतदान हुआ हो उसे क्रिटिकल बूथ की श्रेणी में रखा गया है।

ऐसे बूथ जिनमें गत वर्ष 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है और उसमें से 75 प्रतिशत से अधिक मतदान किसी एक ही प्रत्याशी के पक्ष में हुआ हो, उसे भी क्रिटिकल बूथ की श्रेणी में चिन्हित किया जाता है। यदि किसी बूथ पर मतदान के दिवस पर औसत से अधिक लोगों ने एपिक के अलावा अन्य दस्तावेजों का प्रयोग किया है, तो उस बूथ को भी क्रिटिकल बूथ की श्रेणी में चिन्हित किया जाता है। क्रिटिकल और वल्नरबल बूथों के चिन्हीकरण की कार्यवाही सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर पुलिस ऑफिसर के माध्यम से की जाती है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चिन्हित वल्नरबल बूथों में विशेष रूप से ध्यान रखने के लिए पुलिस बल और अर्द्धसैन्य बलों की तैनाती की जाती है। क्रिटिकल बूथों पर माईक्रो आर्ब्जवर की तैनाती, वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी की व्यवस्था, अतिरिक्त मतदान टीम की व्यवस्था की जाती है। राज्य में सर्वाधिक क्रिटिकल बूथ हरिद्वार जनपद में 344, देहरादून जनपद में 278 और उधमसिंह नगर में 158 पाये गये हैं। सबसे अधिक वल्नरबल बूथ देहरादून में 243, उधमसिंह नगर में 229 और नैनीताल जनपद में 201 पाये गये हैं। सभी जनपदों में उनकी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार क्रिटिकल और वल्नरबल बूथों की संख्या कम और अधिक हो सकती हैं।

देहरादून संभाग के तहत 45 केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू


देहरादून। केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए पंजीकरण जारी हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून संभाग के पास चार दिनों में पहली कक्षा के लिए सीटों के मुकाबले चार गुना से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। यहां सीटों की संख्या करीब 1,800 है, जिसमें गुरुवार शाम तक 7,658 पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल है। वहीं, इस सत्र से सीटों की संख्या 40 से घटाकर 32 किए जाने के बाद पहली कक्षा में पिछले वर्षों के मुकाबले दाखिले की राह और भी कठिन मानी जा रही है।

देहरादून संभाग के तहत 45 केंद्रीय विद्यालय
केंद्रीय विद्यालय संगठन के देहरादून संभाग के तहत 45 केंद्रीय विद्यालय हैं। इनमें कई केंद्रीय विद्यालयों में दो शिफ्ट चलती हैं। केंद्रीय विद्यालयों में एक अप्रैल से पहली कक्षा के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुके हैं। अधिकांश अभिभावक चाहते हैं कि देश के टाप सरकारी स्कूलों में होने से केंद्रीय विद्यालयों में उनके भी बच्चे का दाखिला हो। हर वर्ष की तरह इस बार भी लोग आनलाइन पंजीकरण करने में जुटे हैं। केंद्रीय विद्यालयों में हर कक्षा के लिए सीटों की संख्या तय है।

अब तक 40 सीटें हर कक्षा में होती थीं, लेकिन इस बार 32 सीटों पर ही प्रवेश दिए जाएंगे। ऐसे में पंजीकरण के बाद कई लोग स्कूल से भी संपर्क कर रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून संभाग की उपायुक्त डा. सुकृति रैवानी का कहना है कि केंद्रीय विद्यालयों में पंजीकरण को लेकर अभिभावक उत्साह दिखा रहे हैं।

बालवाटिका के लिए भी उमड़ रही भीड़
केंद्रीय विद्यालयों में बाल वाटिका में प्रवेश के लिए आवेदन को अभिभावक काफी संख्या में विद्यालय पहुंच रहे हैं। गुरुवार को भी विभिन्न विद्यालयों में अभिभावक पंजीकरण फार्म लेने के लिए पहुंचे। आफलाइन मोड पर बालवाटिका-1 के लिए 31 मार्च तक न्यूनतम तीन वर्ष व चार वर्ष से कम आयु, बालवाटिका-2 के लिए न्यूनतम चार वर्ष व पांच वर्ष से कम, जबकि बालवाटिका-3 के लिए न्यूनतम पांच वर्ष से छह वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।