राज्य में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू

राज्य में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को गम्भीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में ट्रैकिंग एजेंसियों व कम्पनियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को पुख्ता करने, प्रदेश में एक प्रभावी ट्रैकिंग पॉलिसी या एसओपी बनाने के साथ ही डीएफओ को ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की जानकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ अनिवार्यतः सांझा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी इस सम्बन्ध में डीएफओ, पर्यटन विभाग तथा ईको टूरिज्म से समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।

एसीएस रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि समय पर ट्रैकिंग एसओपी प्रभावी न होने की दशा में प्रदेश में आने वाले ट्रैकर्स की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही की घटना के लिए वन विभाग को सीधे तौर पर उत्तरदायी ठहराया जाएगा एवं कार्यवाही की जाएगी। एसीएस ने वन विभाग को सख्त हिदायत दी है कि ट्रैकिंग एजेंसियों के लिए भी एक ठोस एसओपी के साथ ही ट्रैकर्स के लिए पुख्ता सुरक्षा मापदण्ड, बीमा, प्रशिक्षित गाइड्स, स्नो इक्वपमेन्ट्स, हेल्थ सर्टिफिकेट, बेसिक मेडिसिन की तत्काल व्यवस्था को लागू किया जाए।
सचिवालय में प्रदेश में शीत लहर के सम्बन्ध में प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विशेषरूप से निर्माणधीन स्थलों में रहने वाले जरूरतमंदों श्रमिकों के शीत लहर से बचाव एवं राहत के लिए श्रम विभाग को तत्काल सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घने कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के दृष्टिगत एसीएस ने हरिद्वार तथा उधमसिंह नगर जिलों में ट्रैफिक एवं पुलिस विभाग कों विशेषरूप से अलर्ट मोड पर रहने की हिदायत दी है। इसके साथ ही उन्होंने फायर डिपार्टमेंट को आग की घटनाओं को रोकने के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए दान किये जाने वाले गर्म कपड़ों को एकत्रित एवं वितरित करने के लिए एसीएस रतूड़ी ने एक पोर्टल बनाने के भी निर्देश आज की बैठक में दिए हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव द्वारा लोक निर्माण विभाग को सड़कों की कनेक्टिविटी बनाए रखने, जेसीबी की व्यवस्था करने, सड़कों से पाला हटाने के लिए परम्परागत उपायों के साथ नए समाधानों पर कार्य करने निर्देश दिए गए। इस दौरान सभी जनपदों को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था एवं कम्बलों के वितरण, अस्थाई रैनबसेरो में बिजली, पानी, बिस्तर एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करने, इस सम्बन्ध में पृथक से नोडल अधिकारी नामित करने, सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईंधन की जनवरी माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण करने, चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित सम्बन्धित विभिन्न विभागो के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री अग्रवाल ने अटल जी को जयंती पर याद किया

उत्तराखंड पूर्व सैनिक एवं अर्द्ध सैनिक संगठन छिद्दरवाला की ओर से भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पूर्व सैनिक व वीरांगनाओं को सम्मानित किया।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय छिद्दरवाला में कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ अग्रवाल ने अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इस दौरान मेजर वाईबी थापा, बगीचा सिंह, दिगंबर सिंह थापा, मातबर सिंह पंवार, भोपाल सिंह थापा, भक्त बहादुर मल्ल, भगत सिंह राणा, हर्षमणि लसियाल, दिगंबर सिंह, सैन सिंह पंवार, राजपाल सिंह रावत, धीरज थापा, विनीता राणा पत्नी स्व देवेंद्र सिंह राणा, नीरू देवी थापा पत्नी स्व कर्ण बहादुर थापा, फूल देवी आदि को सम्मानित किया।

इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने कहा कि अटल जी ही एक ऐसे प्रधानमंत्री हुए। जिन्होंने पहली बार मरणोपरांत सैनिकों के पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ विदा करने का निर्णय लिया था। कहा कि अटल जी का इस उत्तराखंड से गहरा नाता था। उन्होंने ही इसके निर्माण करने का वचन दिया था, जिसको उन्होंने पूरा भी किया।

इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, संगठन अध्यक्ष राजपाल सिंह रावत, संरक्षक मेजर वाईबी थापा, इंस्पेक्टर भोला सिंह रावत, बगीचा सिंह, गजेंद्र विक्रम शाही, पूर्व सैनिक व प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, अम्बर गुरुंग, महिला उत्थान संगठन की अध्यक्ष सुरेशी देवी, फूल देवी, धीरज थापा, भगवान सिंह मेहर सहित संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

अटल ने बनाया और मोदी संवार रहे उत्तराखंड-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में आयोजित विशाल युवा पद यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि अटल ने उत्तराखण्ड राज्य बनाया था और अब मोदी उत्तराखण्ड को संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जो कहते है वो करते हैं। भारत को पुनः विश्व गुरू बनाने के लिए वे निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण का सपना सच होने जा रहा है। काशी में बाबा विश्वनाथ का पुनरोद्वार हुआ है। उज्जैन में बाबा महाकाल कॉरिडोर का निर्माण हुआ है। केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्य हुए हैं और बदरीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य हो रहे हैं। कश्मीर से धारा-370 समाप्त हुई है। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में 23 वर्ष में पहली बार भर्तियों में घोटाले करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लागू किया गया है। लैंड जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता कानून के लिए बनाई गई समिति ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। ड्राफ्ट मिलते ही सरकार इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। राज्य की महिलाओं को राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। राज्य के कई क्षेत्रों में राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस की तैनाती की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, डेस्टिनेशन उत्तराखंड के रूप में निवेश का हब बनने जा रहा है। इसी माह देहरादून में उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। इससे पूर्व विदेशों और देश के बड़े शहरों में जाकर राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए रोड शो के माध्यम से करार किये गये। जो निवेश प्रस्ताव राज्य को प्राप्त हुए हैं, उनकी ग्राउडिंग के लिए तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चाहे मूल निवास का मुद्दा हो, भू-कानून का मुद्दा हो या अन्य कोई भी जनहित से जुड़े मुद्दे हों राज्य के हित में जहां पर भी जो भी जरूरत पड़ेगी, हम उसमें एक प्रसेंट भी पीछे रहने वाले नहीं हैं। राज्य का हित और यहां के नौजवान युवाओं का हित हमारे लिये सबसे पहले है। राज्य में जो निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, उनमें भी सबसे पहले राज्य सरकार उन्हीं को प्राथमिकता देगी, जो नौजवान युवाओं को रोजगार देने वाले हों। उन्होंने कहा कि राज्यहित में जो निर्णय लेने होंगे, वे लिये जायेंगे। इसमें किसी को कोई संदेह करने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक खजानदास, सविता कपूर, सांसद एवं भाजपा के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य, भाजपा के युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने के लिए प्रयास किये जाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एस.एस.बी. द्वारा प्रशिक्षित राज्य के गुरिल्ला स्वयं सेवकों की समस्याओं को सुना। विभिन्न जनपदों से गुरिल्ला स्वयं सेवक वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न विभागों में प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने के लिए प्रयास किये जाएं। उन्होंने कहा कि गुरिल्ला स्वयं सेवकों की जिन समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकता है, वे किये जाएं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से भी गुरिल्ला प्रशिक्षकों के लिए मदद के लिए प्रस्ताव भेजकर अनुरोध किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, निजी सुरक्षा एजेंसियों में सुरक्षा कर्मी, होमगार्ड में प्रशिक्षक, फॉरेस्ट फायर वॉचर, पुलिस विभाग के अन्तर्गत ग्राम चौकीदार, लोक निर्माण विभाग में विभिन्न कार्यों, वन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं अन्य क्षेत्रों में गुरिल्ला स्वयं सेवकों की सेवाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है, इस दिशा में ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को निर्देश दिये कि सबंधित विभागों द्वारा राज्य के प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने और उनके प्रशिक्षण का लाभ राज्य को भी मिल सके, इस दिशा में जो भी कार्यवाही की जा सकती है, इसके अनुपालन में समय-समय पर बैठक ली जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, डीजीपी अभिनव कुमार, कमांडेंट जनरल होमगार्ड केवल खुराना, डीआईजी/ अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव विनीत कुमार, ललित मोहन रयाल, अत्तर सिंह, संबंधित विभागीय अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से एस.एस.बी. द्वारा प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयंसेवक उपस्थित थे।

राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों से कितना रोजगार सृजन होगा इसका विवरण किया जाए तैयारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के ग्राउंडिंग की समीक्षा की। निवेश हेतु हुए एमओयू को धरातल पर उतारना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा के साथ उनसे सुझाव भी लिये तथा निर्देश दिये कि 15 फरवरी तक अधिक से अधिक प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो। प्रति सप्ताह मुख्य सचिव तथा प्रतिमाह मुख्यमंत्री स्वयं इसकी गहनता से समीक्षा करेंगे। निवेश प्रस्तावों में इकोलॉजी तथा इकोनॉमी के समन्वय के साथ युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले निवेश से कितना रोजगार सृजन होगा इसका विवरण तैयार किया जाए। राज्य में निवेश के तहत स्थापित होने वाले उद्योगों से महिला स्वयं सहायता समूहों को भी लाभान्वित किये जाने के प्रयास किये जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को सौर ऊर्जा तथा पर्यटन नीति के अंतर्गत स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि इन्वेस्टर्स समिट में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 3.56 लाख करोड़ के 1779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं जिनमें ऊर्जा के क्षेत्र में 1.03 लाख करोड़ के 157 तथा उद्योग विभाग से सम्बंधित 78 हजार करोड़ के 658, पर्यटन के क्षेत्र में 47,646 करोड़ के 437, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 19,260 करोड़ के 175, आवास एवं नगर विकास के क्षेत्र में 41,947 करोड़ के 62, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में 25,785 करोड़ के 39, आयुष एवं वेलनेस के क्षेत्र में 17,058 करोड़ के 77 करार शामिल हैं। राज्य में निवेशकों की सुविधा के लिये उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, र्स्टाट अप एंड इन्टरप्रिन्योरशिप का गठन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये गये निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिये हम सबके प्रयासों को हर क्षेत्र में सराहा गया है। अब हम सबका दायित्व है कि इन्हें राज्य हित में जमीनी हकीकत में बदला जाय। उन्होंने सभी के सुझावों को ताकत बताकर इसे अवसर में बदलने की भी अपेक्षा की। उन्होंने राज्य हित से जुड़े जरूरी प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभागीय अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि पहाड़ों के विकास के लिये प्राप्त निवेश प्रस्तावों से क्या बेहतर किया जा सकता है। युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये रोजगार सृजन पर भी फोकस किया जाय।

मुख्यमंत्री ने लोकल उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों पर भी विशेष ध्यान देने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा नीति के तहत अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे लिये छोटे निवेशक भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से मानवीयता तथा शिष्टता के साथ देवभूमि के आचरण के अनुकूल व्यवहार पर भी ध्यान देने को कहा, तभी अधिक से अधिक उद्यमी राज्य में निवेश के प्रति आकर्षित होंगे।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में आयोजित निवेशकों की बैठकों में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने इस संबंध में होने वाली अगली बैठक में जिलाधिकारियों को वर्चुअली शामिल किये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। यह कालखण्ड हमारी पहचान बनाने वाला है। केन्द्र सरकार के सहयोग से सड़क, बिजली, पानी तथा भारत माला मिशन की योजनायें राज्य के विकास की नई इबारत लिखने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशों के क्रम में देहरादून पंतनगर हवाई अड्डों के विस्तार, ऋषिकेश अथवा किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की दिशा में भी तेजी के कार्य किया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून की स्थिति में काफी सुधार हुआ है यह आगे भी बरकरार रहे तथा शहर के विकास के कार्य निरंतर चलते रहें यह भी हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में हो रहे मानव वन्य जीव संघर्ष को कम किये जाने पर भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अरविंद सिंह ह्यांकी, एस.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण एवं महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कॉफी टेबल बुक दि होली गंगा का सीएम ने किया विमोचन


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय परिसर में गढ़वाल मण्डल विकास निगम द्वारा स्थापित कैन्टीन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जी.एम.वी.एन. द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ‘‘दि होली गंगा’’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय परिसर में जी.एम.वी.एन. की कैन्टीन खुलने से सचिवालय कार्मिकों के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय आने वाले आगन्तुकों को भी जलपान व भोजन आदि की अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने जी.एम.वी.एन. को कैन्टीन के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

जी.एम.वी.एन. के प्रबंध निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को जी.एम.वी.एन. द्वारा संचालित कार्यकलापों की जानकारी दी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सहित जी.एम.वी.एन. के अधिकारीगण उपस्थित थे।

खेल मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास से अत्यधिक अहमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर, देहरादून में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ का शुभारंभ किया। राज्य के सभी जनपदों से राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रतिभाग करने आये खिलाड़ियों के बीच जाकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ के शुभारंभ के अवसर पर बालक वर्ग की 800 मीटर दौड़ स्पर्धा के प्रथम तीन स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेल टीमवर्क से कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्य स्तर पर आयोजित होने वाला यह खेल महाकुंभ उत्तराखण्ड के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। पंचायत स्तर, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर खेलने के बाद खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर इस खेल महाकुंभ में अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में होने वाले आगामी 38वें राष्ट्रीय खेल, उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए विभिन्न अवस्थापना सुविधाएं तैयार करना प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खेल सचिवालय का गठन किया गया है, जिससे इन खेलों का संचालन बेहतर रूप से किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को तेजी से बढ़ावा मिला है। भारत ने हाल में चीन में संपन्न हुए एशियाई खेलों में रिकार्ड 107 पदक जीते। नए जोश के साथ भारत 2030 ’’युवा ओलंपिक’’ और 2036 में ’’ओलंपिक’’ खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों का बजट भी पहले के मुकाबले तीन गुना हो चुका है। उत्तराखण्ड में भी गांव से लेकर शहर तक के युवा खिलाड़ियों के लिए अभिनव प्रयोग किये जा रहे हैं। हरिद्वार बने फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह का प्रयोग कर वहां बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, ओपन जिम बनाये जा रहे हैं। सरकार युवा खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ करने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी भी देने जा रही है। नई खेल नीति में राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी राष्ट्रीय खेलों के लिए सभी तैयारियां तेजी से की जाए। खिलाड़ियों की डाइट से लेकर उनके रहने व हर सुविधा की व्यवस्थाएं की जाए। उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में राज्य का अच्छा प्रदर्शन हो, इसके लिए अभी से अच्छे खिलाड़ियों की खोज कर उनके बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ हमें उत्तराखंड को खेलों में आगे लेकर जाना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कर रहे हमारे युवा खिलाड़ी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय खेलों के साथ ही भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में नई खेल नीति लागू की जा चुकी है। जिसमें खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के प्रयास किये गये हैं। राज्य में 08 से 14 वर्ष की आयु के लगभग चार हजार खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से राज्य में 14 से 23 वर्ष के 2600 खिलाड़ियों को लाभान्वित किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए स्पोर्ट डेवलपमेंट फंड बनाया जा रहा है। चम्पावत के लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट कॉलेज बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर एवं खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की उत्तराखंड में कोरोना को लेकर एडवाइजरी

देहरादून। प्रदेश सरकार कोविड-19 के नए वेरिएंट जेएन-1 को लेकर सतर्क हो गयी है। प्रदेश भर में कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर एडवाइजरी जारी की गयी है। स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने कुछ राज्यों में जेएन.1 वेरिएंट के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेश के सभी जिलों और अस्पतालों के लिए एडवाइजरी जारी की गयी है कि कोरोना की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किये जाएं।
स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं कि अस्पतालों में कोविड से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करें। साथ ही सांस, फेफड़े और हृदय रोगियों की निगरानी की जाएं और उनके इंन्फुंएजा की जांच की जाए। अस्पतालों से ऐसे मरीजों की सभी जानकारी इंटीग्रेटिड हेल्थ इंफोरमेशन प्लेटफार्म पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश भी दिये गये हैं। इसके साथ ही लोगों को श्वसन स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया जाएं।
गौरतलब है कि प्रदेश में अब तक कोविड-19 के नए वेरिएंट जेएन.1 का कोई मरीज नहीं है। एहतियात के तौर पर प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है।

स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने राज्य के समस्त जिला अधिकारी, समस्त मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा है। कृपया उपर्युक्त विषयक सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या DO.NO.2.28015/182/2021-DMCell दिनांक 18 दिसम्बर 2023 (संलग्न) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें जिसके द्वारा अवगत कराया गया है कि विगत कुछ दिनों में कुछ राज्यों में कोविड-19 के रोगियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इसी कम में जनपद स्तर पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए निरंतर निगरानी की जानी अतिआवश्यक है।

अवगत होना चाहे कि कोविड-19 के वेरिएंट JN.1 (BA.2.86.1.1) का कोई भी रोगी उत्तराखण्ड राज्य में रिपोर्ट नही हुआ है।

यद्धपि सतर्कता की दृष्टि से भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जनपद स्तर पर निम्न कार्यवाही करने का कष्ट करें:-

1. भारत सरकार द्वारा प्रदत दिशा निर्देश “Operational guidelines for revised surveillance strategy in context of COVID-19” (संलग्न) का अनुपालन किया जाए।

2. जनपद स्तर पर Influenza like Illness (ILI)/Severe Acute Respiratory Illness (SARI) रोगियों की निगरानी की जाये।

3. पर्याप्त संख्या में ILI/SARI रोगियों की कोविड-19 एवं इन्फ्लुएंजा जाँच की जाएं। उक्त सभी रोगियों का विवरण अनिवार्य रूप से आई०डी०एस०पी० के अंतर्गत Integrated Health Information Platform (IHIP) पोर्टल में प्रविष्ट किया जाये।

4. कोविड-19 प्रबन्धन हेतु चिकित्सालय स्तर पर समस्त तैयारियां सुनिश्चित रखी जायें।

5. आम जनमानस में श्वसन स्वच्छता (Respiratory Hygiene) के प्रति जागरूकता हेतु विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये।

6. ILI/SARI के लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना तथा चिकित्सकीय परामर्श पर ही औषधि का सेवन करना। अतः उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाने की धामी ने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग की पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन भारतवर्ष की एकता और अखंडता के संरक्षण व संवर्धन हेतु हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। भारत की एकता और अखंडता का मूल भी हमारी यही सांस्कृतिक विभिन्नताओं में पाए जाने वाली एकरूपता है। अनेकता में एकता का यही भाव देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी पंथ मार्ग, संप्रदायों का सम्मान करने की रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति तथा सामर्थ्य का विस्तार संपूर्ण विश्व में हो रहा है। उनके द्वारा दिए गए मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास द्वारा नये भारत में हर वर्ग के सशक्तिकरण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना की जागृति का केंद्र रहा है। राज्य सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने हेतु ’’मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना’’ प्रारम्भ की गई है। राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों की मेधावी छात्राओं की शिक्षा हेतु विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार ने अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है, जिसके तहत अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से गांवों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण, आवास योजना सहित अनेक प्रकार की योजनाओं के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार ने जन समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किये हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता जल्द लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को सहयोग देना होगा।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष आर.के.जैन, उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह, मजहर नईम उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, प्रभारी डीजीपी अभिनव कुमार उपस्थित रहे।

2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि 2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। उत्तराखण्ड को गुड गवर्नेंस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किए जाएं। डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हुए करारों को तेजी से धरातल पर उतारा जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रभारी डीजीपी अभिनव कुमार को निर्देश दिये कि ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाए। इस अभियान को मिशन मोड पर लिया जाए, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग और नशा मुक्ति के लिए कार्य कर रहे संगठनों को भी इस अभियान में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 तक यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाए। शिक्षण संस्थानों में नशे के दुःष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ उनके अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने सचिव आई.टी.डी.ए शैलेश बगोली को निर्देश दिये कि अधिक से अधिक सेवाएं ऑनलाइन की जाएं। सभी विभाग समयबद्धता के साथ पत्रावलियों का निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन सेवाओं का लाभ आम जन आसानी से उठा सकें, इसके लिए जनपदों में विभागों के माध्यम से ऑनलाईन सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये पत्रावलियों की अधिक पेडेंसी रखने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि जन सुविधा के दृष्टिगत अपणि सरकार पोर्टल पर अधिक से अधिक सेवाएं जोड़ी जाए। लोगों को उनके घरों पर ही अधिक से अधिक सुविधाएं मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत हुए करारों की ग्राउडिंग के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि निवेशकों को कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत बनाया जाए। जिन निवेश प्रस्तावों से राज्य में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ने की संभावनाएं हैं और जो प्रस्ताव राज्य के अनुकूल हों उन्हें पहली प्राथमिकता पर रखने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी अंशुमन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी और अपर सचिव जेसी काण्डपाल उपस्थित रहे।