जन्मदिन की पूर्व संध्या पर छात्रावास के बच्चों के साथ केक काटा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को दिल्ली से लौटते के बाद बनियावाला देहरादून स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास में बेसहारा और निर्धन बच्चों के बीच पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन की पूर्व संध्या पर छात्रावास के बच्चों के साथ केक काटा और बच्चों को उपहार देकर उनके साथ कुछ समय बिताया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ बैठ कर भोजन भी किया तथा अपने हाथों से बच्चों को भोजन कराया। इस अवसर पर बच्चों की ओर से रंगारंग प्रस्तुतियां भी दी गई।
मुख्यमंत्री को अपने बीच देखते हुए बच्चे उत्साहित दिखे। बच्चों ने दीप जलाकर, गायत्री मंत्र और गणेश वंदना करते हुए मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा जीवन में जो भी कार्य करें, पूर्ण मनोयोग के साथ करें। उन्होंने कहा की जीवन में जिस भी क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं, उसके लिए अभी से लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े। जब हम किसी लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करते हैं, तो उसमें सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि जीवन में जिस भी क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं, लीडर की भूमिका में कार्य करें।
इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आयुष्मान भव अभियान के तहत प्रदेशभर में चलाया जायेगा जागरूकता कार्यक्रम

प्रदेश में आगामी 17 सितम्बर से आयोजित होने वाले आयुष्मान भव अभियान के तहत रक्तदान हेतु पंजीकरण के साथ-साथ अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के लिये भी जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा। जिसके तहत तीन माह के दौरान रक्तदान हेतु दो लाख लोगों का पंजीकरण कराने तथा अंगदान व देहदान हेतु 10 हजार लोगों का पंजीकरण एवं शपथ का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज, उच्च शिक्षण संस्थान, एनएसएस, स्काउट्स-गाइड, रेडक्रॉस सोसाइटी व स्वयंसेवी संस्थाएं भी अपना योगदान देगी।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने आज अपने शासकीय आवास पर स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ ही विभिन्न संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आयुष्मान भव अभियान के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की। डॉ. रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़ा एवं 31 दिसम्बर तक चलने वाले आयुष्मान आपके द्वारा 3.0 कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जिनकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रत्येक विधानसभा के अंतर्गत 10-10 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर रक्तदान कराने के साथ ही दो लाख लोगों का रक्तदान हेतु पंजीकरण का भी लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाकर 10 हजार लोगों को देहदान एवं अंगदान के लिये तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिये स्वैच्छिक रूप से तैयार लोगों को नेत्रदान, अंगदान व देहदान के लिये आयोजित होने वाले शिविरों में शपथ पत्र भरवाये जायेंगे। इसके अलावा अंगदान एवं देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शीघ्र ही प्रदेश के प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में दधीची दीवार की स्थापना की जायेगी, जिस पर अंग एवं देह दानियों के नाम अंकित किये जायेंगे। डॉ. रावत ने बताया कि आयुष्मान भव अभियान के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने से वंचित रहे गये लोगों के आयुष्मान कार्ड एवं शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाई जायेगी। जिन ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्डों में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाये जायेंगे उन्हें आयुष्मान ग्राम पंचायत एवं आयुष्मान शहरी वार्ड घोषित किया जायेगा। इसे अलावा राजकीय संयुक्त चिकित्सालयों व आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में साप्ताहिक स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जायेगा जहां पर चिकित्सकों द्वारा स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही गैर संचारी रोंगों की जांच की जायेगी।
बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ए.एस. उनियाल, दधीचि देहदान समिति के संरक्षक विजय जी, अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल, महासचिव नीरज पाण्डे सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री अग्रवाल ने डेंगू की रोकथाम को लेकर बुलाई बैठक

कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार से वार्ता कर फीडबैक लिया, जबकि स्वास्थ्य महानिदेशक व सीएमओ देहरादून के साथ बैठक की। इस दौरान डेंगू को लेकर तेजी से जन जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।

विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में बैठक कर मंत्री डा. अग्रवाल ने डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग से किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि डेंगू की जहां ज्यादा संख्या पाई जा रही है, उन जगहों को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। बताया कि सभी अस्पतालों में डेंगू वार्ड बनाए गए है।

मंत्री डा. अगवाल ने कहा कि डेंगू के लार्वा को नष्ट करने के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाए। लार्वा पाए जाने पर उसे मौके पर ही नष्ट करते हुए आसपास के क्षेत्रों में भी कड़ाई से अभियान चलाएं।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व अन्य माध्यमों से डेंगू से बचाव की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि लोगों को मच्छर दानी का प्रयोग तथा पूरे बाजू के कपड़े पहनने के लिए प्रेरित भी करें। इसके अलावा अस्पतालों में डेंगू के वार्ड पर्याप्त मात्रा में रखे जाएं।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि देहरादून में डेंगू का प्रकोप ज्यादा है, लिहाजा इसके लिए सभी को कमर कसनी होगी। कहा कि डेंगू को चुनौती के रूप में लेते हुए सभी विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतया निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग से भी समन्वय बनाते हुए डेंगू की रोकथाम में मदद ली जाए।

बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डा. विनीता शाह, सीएमओ डा. संजय जैन, डा. पंकज सिंह आदि उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर चला डेंगू रोकथाम महाअभियान

देहरादून जनपद में डेंगू रोकथाम के लिए माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव एस एस संधु के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चार दिवसीय महा-अभियान का शुरूआत की। इस महा-अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी ईकाईयों द्वारा मिलकर जनपद देहरादून के विभिन्न स्थानों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। जनपद के विभिन्न इलाकों में घरों एवं मोहल्लों में जाकर डेंगू का लार्वा को नष्ट किया गया तथा लोगों को डेंगू के बारे में जागरूक किया गया तथा आशाओं के माध्यम से दवाओं का वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आई0ई0सी0 सामग्री का वितरण आशाओं एवं टीम के सदस्यों द्वारा किया गया। इसके साथ ही नगर निगम टीम द्वारा शहर के कई इलाकों में फॉगिंग अभियान चलाया गया।

हाई रिस्क क्षेत्रों में चलाया गया डेंगू रोकथाम महाअभियान
आज देहरादून शहरी क्षेत्र के 24 हाई रिस्क वार्डों में डेंगू रोकथाम महाअभियान संचालित किया गया। महाअभियान के दौरान आशा कार्यकत्रियों एवं आशा फैसिलिटेटर द्वारा सभी वार्डों में घर-घर जाकर सघन अभियान चलाते हुए डेंगू लार्वा साईट को चिन्हित किया तथा लार्वा साईट को नष्ट किया। वृहद संभावित लार्वा साईट में लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया। आशा कार्यकत्रियों द्वारा 5340 घरों का भ्रमण किया गया। जिनमें कुल 252 बड़ी-छोटी लार्वा साईट को नष्ट किया गया। यह महाअभियान देहरादून के करनपुर, बकरालवाला, चुक्खुवाला, शिवाजी मार्ग, बलूपुर, इंदरा नगर, कांवली, पटेलनगर, अजबपुर, धर्मपुर, मेहूवाला, देहराखास, लखीबाग, विद्या विहार, निरंजनपुर, माजरा, रेस्ट कैंप, रेस कोर्स, बंजारावाला, मोथरोवाला, मोहब्बेवाला, चन्द्रबनी, आर्केदिया आदि क्षेत्रों में चलाया गया। चिन्हित 24 वार्डों के अतिरिक्त जनपद के अन्य क्षेत्रों में दैनिक अभियान के दौरान आशा कार्यकत्रियों द्वारा 14985 घरों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उनके द्वारा घरों व आसपास 3303 लार्वा साईट को नष्ट किया गया व लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया। वहीं डेंगू वॉलेंटियरर्स द्वारा जनपद में 1349 घरों का भ्रमण करते हुए 1461 लार्वा साईट को नष्ट किया गया तथा लार्वा नाशक का छिड़काव किया गया।

डेंगू रोकथाम अभियान अगले तीन दिन जारी रहेगा। इस अभियान के जरिए सभी टीमें संम्पूर्ण देहरादून शहर का भ्रणम कर आम जनमानस को डेंगू को लेकर जागरूक करेंगी। इसके साथ ही डेंगू के हाई रिस्क क्षेत्रों पर टीमों का खास फोकस रहेगा। स्वास्थ्य सचिव ने कहा ऐसा महाअभियान देहरादून के बाद राज्य के अन्य सभी जनपदों में चलाया जायेगा। जिन भी क्षेत्रों में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के तहत अभियान चलाया जायेगा। इसके साथ आम जनमानस से उन्होंने अपील की कि अपने आस पास साफ सफाई बनाकर रखें, पानी को जमा न होने न दें।

आयुष्मान कार्ड बनाने का सिलसिला जारी, 95 लोगों ने बनवाए कार्ड

देहरादूनः प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत के निर्देशन में आयुष्मान योजना प्रगति के पथ पर बढ़ रही है। योजना का लाभ लेने हेतु आयुष्मान कार्ड बनाने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की टीम द्वारा आज राजधानी के जैन धर्मशाला में आयोजित शिविर में 95 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। यहां 17 सितंबर को फिर से शिविर का आयोजन किया जाएगा।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अपर निदेशक प्रशासन अतुल जोशी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए जैन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में लगभग 95 लोगों ने अपने आयुष्मान कार्ड बनवाए। कार्यक्रम को सफल बनाने में धर्मशाला प्रबंधन के सुधीर जैन व महावीर गुप्ता समेत अन्य सदस्य गणों का सहयोग रहा। लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह कार्यक्रम 17 सितंबर दिन रविवार को फिर से संभवतः इसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से आयुष्मान कार्ड बनाने का वृहत कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने जनपदों में जिलाधिकारियों को सौंपी अभियान के नोडल की जिम्मेदारी

स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में आयोजित होने जा रहे आयुष्मान भवः अभियान की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में शासन-प्रशासन के साथ ही सभी रेखीय विभागों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक प्रदेशभर में आयोजित होने वाले सेवा पखवाडे को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अभियान को सफल बनाने के लिये जनपद स्तर पर जिलाधिकारियों को नोडल की जिम्मेदारी सौंपते हुये विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि आगामी 13 सितम्बर को स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भवः’ अभियान का विधिवत शुभारम्भ देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के द्वारा किया जायेगा। जिसका क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से लेकर गांधी जयंती 02 अक्टूबत तक देशभर में किया जायेगा। इसी क्रम में उत्तराखंड में इस अभियान को सफल बनाने के लिये शासन-प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर प्रदेश एवं जनपद स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इस महत्वकांक्षी अभियान में आयुष्मान आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सभी लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी बनाई जायेगी। जबकि आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा सीएचसी लेवल पर साप्ताहिक आयुष्मान मेले आयोजित किये जायेंगे साथ ही ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्डों में आयुष्मान सभा का आयोजन कर गैर संचारी रोगों की जांच के साथ ही लोगों को स्वास्थ्य की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। आयुष्मान सभा में सांसद, क्षेत्रीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर, नगर पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। जबकि अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही रेखीय विभागों पंचायतीराज, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, आवास एवं शहरी विकास तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी सहयोग करेंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अभियान के सफल आयोजन को लेकर सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को नोडल की जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्हें इसके लिये विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा गया है जबकि मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित तहसील एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सफल बनाने के लिये जिम्मेदारी निभायेंगे।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास एच. सी. सेमवाल, अपर सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम स्वाती भदौरिया, अपर सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य स्वास्थ्य प्राधिकारण डॉ. आनंद श्रीवास्तव, अपर सचिव प्रशांत आर्य, अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सायना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भागीरथी जंगपांगी, मीतू शाह, सीएमओ देहरादून डॉ. संजय जैन, संयुक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एम.के. पंत सहित रेखीय विभाग समाज कल्याण, ग्राम विकास एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्साधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

बड़े तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा हरिपुरः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालसी, देहरादून स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए यमुना नदी के तट पर हरिपुर (कालसी) में स्नान घाट/ यमुना घाट के निर्माण कार्य एवं लोक पंचायत द्वारा प्रस्तावित जमुना कृष्ण धाम (मंदिर) का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जौनसार बावर के बॉलीवुड सिंगर अभिनव चौहान के भजन “हरिपुर में आनंद सजेगा“ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर हरिपुर क्षेत्र के नव निर्माण का कार्य एक शुभ संकेत है। यह कार्य पौराणिक मान्यताओं को पुनर्जीवित करने एवं आध्यात्मिक, सनातन संस्कृति के नए अध्याय को लिखने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा हरिपुर क्षेत्र एक बड़ा तीर्थ स्थल हुआ करता था, यह क्षेत्र चार धाम यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र में यमुना जी के तट को विकसित कर एक नए तीर्थ स्थल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। यह क्षेत्र हरिद्वार ऋषिकेश के भांति विश्व विख्यात हो इसके लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा मां यमुना के आशीर्वाद से भव्य घाट निर्माण का संकल्प पूरा होगा। धार्मिक एवं पौराणिक मान्यताओं का हरिपुर स्थल सभी प्रदेश एवं देशवासियों की आस्था का केंद्र है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने हरिपुर धाम के यश को पुनर्स्थापित करने का जो संकल्प लिया है उसे शीघ्र ही सिद्धि तक पहुंचाएगी। मां यमुना का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा हरिपुर के एक नए धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। भविष्य में इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में यात्री एवं पर्यटक आएंगे। आज जौनसार बाबर का क्षेत्र जो फलों सब्जियों के उत्पादन के लिए जाना जाता है आने वाले समय में वह हरिपुर के लिए भी जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र यमुना, टोंस, नौरा और अमलवा के महासंगम का पवित्र स्थान है। इस स्थान में पूर्व की भांति ही यमुना जी की दिव्य व भव्य आरती का भी आयोजन नियमित रूप से होगा। उन्होंने कहा इस क्षेत्र में आने वाले लोग यहां की लोक संस्कृति के साथ हमारे आदर सम्मान को भी अपने साथ ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार निरंतर विकास के पद पर अग्रसर है उत्तराखंड के प्रमुख धामों को सड़कों से जोड़ा गया है। हरबर्टपुर से यमुनोत्री तक सड़क चौड़ीकरण की भी केंद्र द्वारा सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। जिसका कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा इससे विकास नगर एवं कालसी क्षेत्र से भी चार धाम यात्रा का संचालन हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकारों को समर्पित लोक पंचायत द्वारा जमुना कृष्ण धाम की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयास की सराहना की। उन्होंने कालसी क्षेत्र की विभिन्न प्रस्तावित विकास योजनाओं को शीघ्र आगे बढ़ाने की बात भी कही।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र ऐतिहासिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण है। यमुना तट पर घाटों के निर्माण से क्षेत्र का नाम पर्यटन के साथ ही धार्मिक स्थल के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति एवं आध्यात्म के पुनः जागरण का कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर स्थित यमुना घाट पहुंच पूजा अर्चना कर प्रदेश की तरक्की एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री यमुना आरती में भी सम्मिलित हुए।
इस दौरान कार्यक्रम में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष मीता सिंह, मूरत राम शर्मा, नवीन ठाकुर, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, वी.सी एमडीडीए बंशीधर तिवारी, के.एस चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

स्वैच्छिक रक्तदान कर मरीजों को जिंदगी बचाने के लिए आगे आएंः स्वास्थ्य सचिव

देहरादून। राज्य में डेंगू और वायरल संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद से ब्लड बैंकों में खून की मांग पहले के मुकाबले लगातार बढ़ने लगी है। आम दिनों के मुकाबले ब्लड बैंक में आजकल ज्यादा ब्लड डोनरों की आवश्यकता पड़ रही है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार लगातार आम जनमानस से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील कर रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि डेंगू और वायरल बुखार के दौरान जिन मरीजों के प्लेटलेट्स कम हो रहे है उन्हें सबसे ज्यादा ब्लड इश्यू किया जा रहा है। इसके कारण ब्लड की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए हर स्वस्थ्य व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने नजदीकी सरकारी ब्लड बैंक में पहुंचकर रक्तदान करे और दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करे।

वहीं इस सबके बीच स्वास्थ्य सचिव ने एक जरूरतमंद मरीज के लिए रक्तदान कर एक नई मिशाल पेश की है। स्वास्थ्य सचिव द्वारा रक्तदान कर संदेश दिया कि रक्तदान कर अन्य लोग भी खून की कमी के चलते जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीजों को जिंदगी बचाने के लिए आगे आएं। हम सबको मिलकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। आम जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें। स्वास्थ्य सचिव ने कहा रक्त प्रकृति का एक ऐसा अनुपम उपहार है जो वैैज्ञानिक तकनीकों के जरिये प्रयोगशालाओं में नहीं तैयार किया जा सकता है। ऐसे में रक्तदान करने से ही गंभीर मरीजों के लिए रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 20 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं। ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके।

कोरोनेशन-गांधी जिला अस्पताल व डेंगू कंट्रोल रूम का स्वास्थ्य सचिव ने किया औचक निरीक्षण, खामियों पर लगाई अधिकारियों को फटकार

देहरादून। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच शासन-प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार समीक्षा बैठकों के साथ ही ग्रांउड जीरो पर जाकर अस्पतालों में हालातों का जायजा ले रहे हैं। आज रविवार को छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य सचिव पूरी तरह से मुस्तैद नजर आये। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कोरोनेशन-गांधी जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वहीं सेंट्रल पैथोलॉजी के बंद हाने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पैथोलॉजी को व्यवस्थित तरीके से प्रतिदिन खोलने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रात्रि 8 बजे तक मरीजों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट ली जाये। वहीं उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से अस्पताल में मिल रहे इलाज और सुविधाओं को लेकर भी बात की। इलाज को लेकर मरीजों की विभिन्न शिकायत पर उन्होंने संबधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को जल्द सुचारू करने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य सचिव में औचक निरीक्षण में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, सीएमओ देहरादून डॉ संजय जैन, सहायक निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय डॉ मंयक बडोला, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ महेन्द्र पंत, डॉ अजय नागरकर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खन्ना मौजूद रहे।

गांधी अस्पताल में शुरू होगा 100 बैड का डेंगू वार्ड
इसके बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का काफिला गंाधी अस्पताल पहुंचा। जहां उन्होंने अस्पताल के निरीक्षण के पाया कि यहां लगभग 100 बैड का डेंगू वार्ड शुरू किया जा सकता है। जिसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले 24 घंटे में गांधी शताब्दी अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए डेंगू वार्ड शुरू किया जाये। स्वास्थ्य सचिव ने गांधी अस्पताल में खुल ब्लड स्टोरेज सेंटर को पूर्णकालिक ब्लड बैंक में तब्दील करने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि मरीजों को रक्त की कमी न हो।

कंट्रोल रूम का 104 के साथ होगा समन्वय
कोरोनेशन और गांधी अस्पताल के बाद स्वास्थ्य सचिव अपनी टीम के साथ सहस्रधारा आईटीडीए में स्थापित डेंगू कंट्रोल रूम पहुंचे। जहां उन्होंने तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा राज्य के सभी जिलों से सूचाओं को आदना प्रदान हो सके इसकेक लिए डेंगू कंट्रोल रूम और 104 सेवा का आपसी समन्वय होगा। जिसके बाद राज्य में डेंगू मरीजों के प्रतिदिन का आंकड़ा जारी किया जायेगा। हम सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिले इस पर कार्य कर रहे हैं।

फागिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्दश
स्वास्थ्य सचिव ने नगर निगम अधिकारियों को निर्दश दिये कि फोगिंग को पहले की अपेक्षा और अधिक प्रभावी बनाया जाये। नोटिफिएड इलाकों में बार-बार फोगिंग की जाये। इसके साथ ही घरों में डेंगू का लार्वा जमा न हो इसको लेकर जन जागरूकता अभियान लगातार जारी रखा जाये।

अधिक पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
राज्य में डेंगू मरीजों को समुचित इलाज मिले इसको लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। स्वास्थ्य सचिव राज्य के सभी अस्पतालों से लगातार फीड बैक ले रहे हैं। अस्पतालों में दवाईयों व अन्य किसी प्रकार के उपकरणों की कोई कमी न हो इसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा सरकारी के साथ निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें आ रही हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। डेंगू मरीजों को आयुष्मान के तहत इलाज न देने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

ई-रक्तकोश पोर्टल को अपडेट रखने के निर्देश
स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए कहा हर दिन सुबह शाम ई-रक्तकोष पोर्टल में डेटा एकत्र किया जायेगा। इसके होने से अगले दिन हमें रक्त की पूरी जानकारी मिल जायेगी। कितनी कमी है किस ब्लड ग्रुप के रक्त की ज्यादा डिमांड है। उसके अनुरूम हमें व्यवस्थाओं को बनाने में मदद मिलेगी।

डेंगू पीड़ितों के लिए करें रक्तदान
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा डेंगू से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के दौरान खून में प्लेटलेट की संख्या 50 हजार से कम होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है और आम तौर पर डाक्टर अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देते हैं।ज्यादातर अस्पतालों में ब्लड प्लेटलेट की मांग बहुत बढ़ गई है और उसकी उपलब्धता बहुत कम है। इसकी आपूर्ति के लिए जरूरी है कि हम स्वैच्छिक रक्तदान करें जिससे कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की जान बचाई जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा उन्होंने खुद एक मरीज की जान बचाने के लिए कुछ समय पूर्व रक्तदान किया था। आम जनता से अपील करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आयें।

संत समाज ने मंत्री अग्रवाल से की शराब का स्टोर निरस्त करने की मांग

अखिल भारतीय संत समिति तथा विरक्त वैष्णव मंडल के संत समाज ने शराब के डिपार्टमेंट स्टोर को निरस्त करने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल को उनके जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया है।

बैराज रोड़ स्थित कैंप कार्यालय में बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंचे। यहां मंत्री डा. अग्रवाल के जनसंपर्क अधिकारी ताजेंद्र सिंह नेगी को संत समाज ने ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए उन्होंने बताया कि देश ही नहीं विदेशों में भी ऋषिकेश की पहचान तीर्थस्थल के रूप में होती है। यहीं नहीं ऋषिकेश में आध्यात्म, योग और मन की शांति के लिए श्रद्धालु तथा पर्यटक बड़ी संख्या में प्रत्येक वर्ष पहुंचते है।

संत समाज ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि इन दिनों एम्स व सीमा डेंटल कॉलेज के निकट तथा नटराज चौक के निकट अंग्रेजी शराब का डिपार्टमेंट स्टोर आवंटित होने से तीर्थनगरी की छवि धूमिल हो रही है, जिसकी संत व साधु समाज निंदा करता है।

संत समाज ने कहा कि तीर्थनगरी में शराब का डिपार्टमेंट स्टोर खुलने से जहां धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। वहीं, युवा पीढ़ी पर भी बुरा असर पड़ेगा। संत समाज ने एक स्वर में शराब के आवंटित स्टोर को निरस्त करने की मांग की। साथ ही निरस्त न होने पर चेतावनी देते हुए कहा कि संत व साधु समाज द्वारा आंदोलन करते सड़क पर उतरकर विरोध किया जाएगा।

इस मौेके पर अध्यक्ष विरक्त वैष्णव मंडल महामंडलेश्वर दयाराम दास जी महाराज, अध्यक्ष अखिल भारतीय संत समिति स्वामी गोपालाचार्य जी महाराज, महामंडलेश्वर वृंदावन दास जी महाराज, महंत निर्मल दास जी महाराज, महंत छोटनदास जी महाराज, महंत रवि प्रपन्नाचार्य जी महाराज, स्वामी करूणाकरण दास जी महाराज, स्वामी रविन्द्र दास जी महाराज, स्वामी प्रकाशानंद, स्वामी हरिदास जी महाराज, स्वामी हरिचरण जी महाराज, स्वामी भरतदास जी महाराज, स्वामी अखंडानंद सरस्वती, स्वामी राम मिलन दास, स्वामी राम पदम दास, स्वामी प्रेमदास, स्वामी सुरेश दास, स्वामी परमेश्वर दास, स्वामी मोहनदास, स्वामी महावीर दास, स्वामी प्रमोद दास आदि संत समाज उपस्थित रहे।