संकल्प से परिवर्तन की ओरः भू विज्ञान संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीएमएस रोड स्थित वाडिया भू विज्ञान संस्थान में इंडो डच हॉर्टिकल्चर एवं कोका कोला इंडिया द्वारा आयोजित “संकल्प से परिवर्तन की ओर“ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने सेब उत्पादन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले कृषकों को सम्मानित किया। उन्नति एप्पल योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए इंडो डच हार्टिकल्चर एवं कोका कोला इंडिया द्वारा सहयोग दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जीवन में किसी लक्ष्य को पाने के लिए संकल्प के साथ आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जब हम किसी लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प लेते हैं तभी कोई परिवर्तन आता है। कोका कोला इंडिया तथा इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी ने जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया था, उसे सिद्धि तक पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसके अंर्तगत नाबार्ड के सहयोग से 18 हजार पॉलीहाउस की स्थापना के लिए 280 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। सेब उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करने के लिए एप्पल मिशन के तहत 35 करोड़ की योजना को भी प्रारंभ किया गया है। राज्य में उच्च मूल्य वाली फसलों कीवी, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी आदि को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और उद्यान को बढ़ावा देने के साथ ही हमें प्राकृतिक खेती पर अधिक ध्यान देना होगा। हम सेब की प्राकृतिक खेती द्वारा उत्तराखंड के सेब को देश दुनिया में विशिष्ट पहचान दिला सकें, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। ऐसा कर हम उत्तराखंड में सेब उत्पादन के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकते हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में उद्योगों के साथ ही बागवानी के विकास के लिए भी अनुकूल नीति बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल बागवानी विकास के लिए शोध व अनुसंधान पर विशेष ध्यान देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। जम्मू कश्मीर और हिमाचल के साथ-साथ उत्तराखंड की भी सेब उत्पादन में विशेष पहचान बने, इसके लिए गुणवत्ता व पैकिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोका कोला इंडिया तथा इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्रदेश में चल रही “उन्नति एप्पल योजना“ के बड़े लाभकारी परिणाम सामने आये हैं। उनके द्वारा एक हज़ार बगीचों का कार्य पूरा किया गया है तथा लगभग चालीस हजार लोगों को इसके अंतर्गत ट्रैनिग प्रदान की गयी है। इससे राज्य में किसानों की आय में तेजी से वृद्धि हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखण्ड में उद्यान के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा भी औद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को सफल बनाने में जनता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सेब, कीवी, मौनपालन, मशरूम आदि के क्षेत्र में राज्य में काफी अच्छे कार्य हो रहे हैं।
इस अवसर पर उन्नति एप्पल योजना से लाभान्वित किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता के पौध उपलब्ध होने से उनकी सेब की उत्पादकता बढ़ी है।
इस अवसर पर कोका कोला इण्डिया की उपाध्यक्ष देवयानी राजलक्ष्मी राणा, निदेशक राजेश अयापिला, अशोक बेरी, सुधीर चड्ढ़ा एवं राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आये कृषक उपस्थित थे।

मिलेट्स को बढ़ावा मिलने से संवरेगी उत्तराखंड की तकदीर-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी के एक होटल में मिलेट्स-2023 के अन्तर्गत आयोजित ‘क्षमता और अवसर’ राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आये अतिथियों का स्वागत किय। उन्होंने कहा कि इस कान्फ्रेंस में विशेषज्ञों द्वारा जो मंथन किया जायेगा अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष को सफल बनाने में यह कारगर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर मिलेट्स किसानों के लिए अपनी कम लागत क्षमता के कारण उपयोगी हैं वहीं ये पोशक तत्वों से भरपूर होने के कारण आज के बदलते परिवेश में हम सबके लिए भी अति-आवश्यक हैं। इस तरह के आयोजनों से न केवल मिलेट्स के प्रचार प्रसार में सहायता मिलेगी बल्कि इनसे उत्तराखंड में मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए बड़े गर्व का विषय है कि भारत के प्रस्ताव और गंभीर प्रयासों के बाद ही संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया। भारत के बहुत से राज्यों में मोटे अनाज की खेती प्रचुर मात्रा में होती है, परंतु पहले इसके उचित दाम किसानों को नहीं मिलते थे। अब तस्वीर बदल रही है, इसका कारण लोगों का मोटे अनाजों को लेकर बदलता नजरिया है। आज मिलेट्स को लेकर देश में कई स्टार्टअप भी प्रारंभ हुए हैं, जो न केवल किसानों को फायदा पहुंचा रहे हैं बल्कि लोगों को रोजगार भी दिला रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री ने इसे श्री अन्न की संज्ञा दी है। जब हम किसी संकल्प को आगे बढ़ाते हैं तो उसे सिद्धि तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम होती है। श्री अन्न केवल खेती या खाने तक सीमित नहीं है, जो लोग भारत की परंपराओं से परिचित हैं वे जानते हैं कि हमारे यहां किसी के आगे ’’श्री’’ ऐसे ही नहीं जुड़ता है। जहां ’’श्री’’ होता है वहां समृद्धि भी होती है,समग्रता भी होती है और विजय भी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अन्न भारत में समग्र विकास का माध्यम बन रहा है इसमे गांव और गरीब जुड़े हैं और अब देश का प्रत्येक नागरिक भी जुड़ रहा है। श्री अन्न देश के छोटे किसानों के समृद्धि का द्वार है। देश के करोड़ों लोगों के पोषण का कर्णधार है। देश के आदिवासी समाज का सत्कार है। केमिकल मुक्त खेती का बड़ा आधार है और क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने में मददगार है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने श्री अन्न को वैश्विक आंदोलन बनाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ही नेतृत्व में वर्ष 2018 में हमने मोटे अनाज को “पोषक अनाज“ घोषित किया था। इसकी खेती के प्रति लोगों और किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर बाजार में रुचि पैदा करने के लिए भी विशेष अभियान चलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में मिलेट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। राज्य के पर्वतीय जनपदों के कृषकों से सहकारिता विभाग एवं उत्तराखण्ड कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से मंडुवा, झंगोरा, चौलाई जैसे मोटे अनाजों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। प्रत्येक वर्ष सहकारिता एवं विपणन बोर्ड द्वारा पर्वतीय जिलों में क्रय केन्द्र संचालित करके पर्वतीय जिलों के कृषकों से उनके गांव के निकट ही मंडुवा, झंगोरा आदि की खरीद करके किसानों को उनके खाते में ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है, इससे न सिर्फ किसानों की आय में बढोतरी हो रही है बल्कि मिलेट उत्पादों के उत्पादन हेतु किसान प्रोत्साहित भी हो रहे हैं। उत्तराखण्ड की जलवायु के अनुसार मिलेट की खेती को प्रोत्साहित करना अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, ताकि हमारा प्रदेश मिलेट उत्पादन में शीर्ष स्थान प्राप्त करे एवं राज्य की आर्थिक उन्नति में भागीदार बने। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि लोक पर्वों और त्योहारों में मिलेट उत्पादों का उपयोग अवश्य करें।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषि विपणन बोर्डों का राष्ट्रीय परिषद (कौसाम्ब) द्वारा मिलेट्स पर आधारित यह राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। आज पूरे विश्व में मोटे अनाजों को लेकर एक नई अलख जगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरगामी सोच को परिलक्षित करते हुए भारत में श्री अन्न को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में दो बार मिलेट भोज का आयोजन किया जा चुका है। विभिन्न सम्मेलनों और सेमिनारों का आयोजन कर मिलेट्स का प्रचार-प्रसार एवं कृषकों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार ने मिलेट्स के तहत मंडुवे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 35.78 रूपये तय किया है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन कार्ड धारकों को भी वितरित किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि मई माह में देहरादून एवं हल्द्वानी में मिलेट्स को बढ़ावा देने के बड़े आयोजन किये जायेंगे। 2025 तक मिलेट उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल, कौसाम्ब के उपाध्यक्ष और गोवा मण्डी परिषद के अध्यक्ष प्रकाश शंकर, असम मण्डी परिषद के अध्यक्ष मनोज बारूह, हरियाणा मण्डी परिषद के अध्यक्ष आदित्य देवीलाल चौटाला, कौसाम्ब के एमडी डॉ. जे. एस. यादव, उत्तराखण्ड मण्डी परिषद के एमडी आशीष भटगाई एवं विभिन्न राज्यों से आये विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

शहीद नेगी के चित्र पर सीएम ने माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सांय आई.टी.बी.पी. के शहीद असिस्टेंट कमांडेंट टीकम सिंह नेगी के राजावाला स्थित आवास पर जाकर उनके परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने शहीद टीकम सिंह नेगी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के दौरान एक विशेष अभियान में शहीद नेगी ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। हमें अपने वीर शहीद जवानों पर गर्व है। उनकी वीरता युवाओं को देश की सुरक्षा की प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद नेगी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये जाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ खड़ी है।

जब बच्चों को अगुंली पकड़कर अक्षरज्ञान कराने लगे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला, देहरादून में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘‘प्रवेशोत्सव’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में आज से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक माह तक चलेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला में बालिकाओं का प्रवेशोत्सव विद्यारम्भ संस्कार के साथ शुरू किया गया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला के उच्चीकृत भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने विद्यालय से 8वीं पास करने वाली बालिकाओं को मैट्रिकुलेशन सेरेमनी से अलंकृत भी किया। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालयों के 21 हजार से अधिक अध्यापकों को टेबलेट के लिए उनके स्कूलों में डीबीटी के माध्यम से 21 करोड़ 76 लाख रूपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ अध्यापकों को टेबलेट भी प्रदान किये। इनका उपयोग शिक्षा शिक्षण अधिगम के लिए करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला में उपलब्ध भूमि की चाहरदीवारी एवं उपलब्ध भूमि के अनुरूप खेल का मैदान बनाया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावासों में मानदेय पर कार्यरत अल्पकालिक शिक्षकों तथा अन्य कार्मिकों के मानदेय में तर्कसंगत वृद्धि की जायेगी। राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अन्तर्गत मानदेय पर रखे गये भोजनमाता एवं अनुसेवकों के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जायेगी। इस कल्याण कोष का उपयोग संबंधित भोजनमाता एवं अनुसेवकों के द्वारा एक निश्चित योगदान अवधि पूर्ण करने के बाद विद्यालय से मुक्त होने पर उन्हें एकमुश्त तर्कसंगत धनराशि दिए जाने के लिए किया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला के लिए डाइनिंग हॉल एवं 2 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में प्रवेशोत्सव करने पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो रहा है, वहीं दूसरी और विद्यार्थियों के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ से उच्चीकृत एक नए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास का भी शिलान्यास किया जा रहा है। इस समय राज्य में टनकपुर, चम्पावत, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल, उधमसिंह नगर, पीठसेन में कुल 11 ऐसे आवासीय छात्रावास स्वीकृत हुए हैं, जिनके माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिल रही है, इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष में 2 नये आवासीय छात्रावास टनकपुर एवं श्रीनगर में स्वीकृत किये गये हैं साथ ही 3 छात्रावास गदरपुर, पीठसेन एवं बनियावाला को भी उच्चीकृत किया गया है। इन छात्रावासां के माध्यम से बालकों तथा बालिकाओं दोनों को निःशुल्क भोजन, आवास, गणवेश, शिक्षण सामग्री आदि उपलब्ध कराई जा रही है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को डिजिटल सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से टीचर रिर्साेस पैकेज के तहत टैबलेट क्रय के लिए दस हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समय के साथ शिक्षा में इनोवेशन बहुत जरूरी है। ज्ञान और शिक्षा सिर्फ किताबी नहीं हो सकते हैं। शिक्षा का मकसद व्यक्ति के हर आयाम का सन्तुलित विकास करना है। सन्तुलित विकास इनोवेशन के बिना सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें उच्च विचार, उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार के साथ ही समाज की समस्याओं का उच्च समाधान भी उपलब्ध कराती है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बेटी पढ़ाओ, बेटी बढाओ का जो नारा दिया है उस नारे को हमें सार्थक करके दिखाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे नौनिहाल इस देश का भी भविष्य हैं, बच्चे ही वो मजबूत नींव है, जिस पर नए भारत की तकदीर और नए भारत का भविष्य टिका हुआ है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा के द्वारा ही कोई समाज समृद्धशाली और शक्तिशाली बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परक शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। इससे शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा देश को विकसित राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम एक माह तक चलेगा। स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को शून्य प्रतिशत करने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में जल्द ही विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के अलावा अशासकीय विद्यालयों के बच्चों को भी मुफ्त में किताबें देने का निर्णय सरकार ने लिया है, जल्द ही सभी को किताबें मिल जायेंगी। अब प्रत्येक स्कूलों में बुक बैंक बना रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितने भी अल्पसंख्यक स्कूल हैं, उन सभी स्कूलों को सर्वे किया जा रहा है, जिन मानकों के हिसाब से स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला है, उनका कितना पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में स्थानान्तरण की पॉलिसी को मजबूत बनाया जा रहा है। राज्य में माह में बच्चों को स्कूलों में एक दिन बस्ता फ्री दिवस करने जा रहे हैं, उस दिन व्यायाम, योगा एवं अन्य गतिविधियां कराई जायेंगी। जल्द ही शिक्षा के पांचों बोर्ड की बैठक की जाएगी, इस बैठक में बच्चों के बस्ते के वजन को कम करने के लिए निर्णय लिया जायेगा।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, दलीप सिंह रावत, मोहन सिंह मेहरा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी सरकार की सौगात, स्वास्थ्य सुविधाओं में 182 करोड़ की चार परियोजनाएं जनता समर्पित

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य से संबंधित लगभग 182 करोड़ रूपये की चार परियोजनाओं का शिलान्यास किया। जिसमें 124.10 करोड़ की लागत से दून मेडिकल कॉलेज में 500 शैय्या के नवीन ब्लॉक का निर्माण, रूद्रप्रयाग में 20.38 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 18.80 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण एवं हल्द्वानी (नैनीताल) में 19.48 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जोशीमठ से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

प्रदेश को स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार देगी पूरा सहयोग- केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि आज राज्य में 180 करोड़ से अधिक कार्यों का शिलान्यास हुआ है। उत्तराखण्ड विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि राज्य सरकार केन्द्र द्वारा दिये गये लक्ष्य को प्राप्त करती है, तो राज्य को धन की कोई कमी न हो, इसका हमारा प्रयास रहता है। उन्होंने कहा कि मैं कल से उत्तराखण्ड में हूं, नीति एवं मलारी गांव में भ्रमण के दौरान इन गांवों में जनता के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर मिला। मलारी गांव के हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर की कम्यूनिटी हेथ ऑफिसर ने कहा कि यहां बड़े अस्पताल नहीं है, फिर भी यहां बड़े डॉक्टर की सुविधा मिलती है।

हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही है स्वास्थ्य सेवा
राज्य सरकार ने प्रदेश में 02 हजार हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर स्थापित किये हैं। इन सेंटर में दक्ष कम्यूनिटी हेथ ऑफिसर होते हैं। गांवों से मरीज जब यहां आते हैं, तो भारत सरकार के ई संजीवनी प्लेटफार्म के द्वारा हम टेलीकन्सल्टेंट से डिस्ट्रिक के हॉस्पिटल से जुड़ जाते हैं। जब मरीज के चेकअप की आवश्यकता लगती है तो उसे कहीं और भेजने के बजाय ई संजीवनी के माध्यम से सीनियर डॉक्टर्स या एक्सपर्ट से टेलीकन्सल्टेंट करते हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टर मरीज से भी बात करते हैं। मरीज के ईलाज के लिए एक्सपर्ट डॉक्टर से जो भी निर्देशन मिलता है, इसके हिसाब से हम इलाज करते हैं।

केन्द्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गांव में काम करने वाले किसान एवं गरीब लोग जब ईलाज के लिए हेल्थ और वेलनेस सेंटर में जाते हैं, स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सलाह उनको मिल जाती है, तो उन्हें जिला अस्पताल या अन्य अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। यह व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

स्वस्थ समाज से ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश का हेल्थ सेक्टर बदल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि हम अमृत काल में देश को विकसित राष्ट्र बनायेंगे। इसके लिए हमारी प्राथमिकता है कि देश के नागरिक स्वस्थ रहें। स्वस्थ समाज ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। देश के हेल्थ सेक्टर को पहली बार विकास के साथ मोदी जी ने जोड़ा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर सेक्टर में होलिस्टिक एप्रोच के साथ कार्य किये जा रहे हैं। 2014 से अब तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश में तेजी से सुधार हुआ है। उत्तराखण्ड में होलिस्टिक हेल्थ कवरेज के लिए राज्य को एम्स के साथ ही एम्स का सेटेलाइट सेंटर भी दिया गया है। देश में 1 लाख 56 हजार हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में आज मुफ्त इलाज हो रहा है। देश में टर्सरी हेल्थ केयर, सेकेण्डरी हेल्थ केयर एवं प्रायमरी हेल्थ केयर को सुनिश्चित करने के लिए हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर खड़ा करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए देश में आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर मिशन चलाया जाता है। देश में क्रिटिकल हेल्थ केयर के लिए 64 हजार करोड़ रूपये 05 साल में खर्च किये जायेंगे। 01 जनपद में औसतन 100 करोड़ रूपये हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर के लिए खर्च किया जा रहा है। भारत में ब्रेन पॉवर एवं मेन पॉवर की कभी कमी नहीं थी। भारत सामर्थ्यवान देश है, सवाल था देश के नागरिक को अवसर देने का, जब अब देश के नागरिक को अवसर मिल रहा है, तो नतीजा हमेशा बेहतर होता है।

टी.बी मुक्त उत्तराखण्ड के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की भी की सराहना
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चार दिन पूर्व वाराणसी में विश्व के 40 देशों के प्रतिनिधि टी.बी समिट के लिए आये थे। यूनाइटेड नेशन ने स्टॉप टी.बी अभियान चलाया है। विभिन्न देशों से आये प्रतिनिधियों को हम हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में ले गये। जिसमें कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री भी थे। इन सेंटरों में हमारी आशा बहने, ए.एन.एम., डॉक्टर्स, टी.बी. के मरीज और निक्षय मित्र उनसे संवाद कर रहे थे, तो उन्होने विदेशी प्रतिनिधियों को हेल्थ सिस्टम से संबंधित अनेक जानकारियां दी। केन्द्र सरकार ने सभी जन प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं एवं अधिकारियों को क्षय रोगियों को गोद लेने का आह्वान किया है। इसमें सबका पूरा सहयोग मिला। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तराखण्ड में जितने भी टी.बी. के मरीज हैं, उनको किसी न किसी ने गोद लिया है। उन्होंने कहा कि मुझे पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखण्ड सरकार पर भरोसा है कि उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य बने जो सबसे पहले टी.बी मुक्त हो। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में हमें घोषणा करने का अवसर मिले कि उत्तराखण्ड पहला राज्य बना है, जो टी.बी. मुक्त हो गया। उन्होंने कहा कि जो कार्य राज्य सरकार ने आज हाथ में लिया है, इस पर कार्य तेज गति से हां। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा पूरी मदद दी जायेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश की जनता की आस्था से जुड़े चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार अच्छा कार्य कर रही है। आगामी चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो अपेक्षा रखी गई है, हेल्थ सेक्टर में चारधाम के लिए राज्य को उनकी अपेक्षा से भी अधिक सहयोग मिलेगा।

वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे हैं कार्य
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के सामर्थ्य से हमने कोविड क्राइसिस से लड़ाई की। हम वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा को मानने वाले लोग हैं। हम केवल अपने बारे में नहीं सोचते, सम्पूर्ण विश्व के बारे में सोचते हैं। स्वास्थ्य हमारे लिए बिजनेस नहीं है, सेवा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि हमारा दायित्व है कि हम दुनिया की मदद करें। उस वक्त भारत ने दुनिया के 150 देशों को दवाई उपलब्ध कराई। 78 देशों को कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराई है। हम संस्कार के वाहक हैं। हमारे देश के साथ दुनिया का भी भला हो हम ये भी सोचते हैं। भारत में दुनिया से सबसे अच्छे कोविड मैनेजमेंट का उदाहरण प्रस्तुत किया।

उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के लिए 182 करोड़ रुपए से अधिक की चार परियोजनाओं का शिलान्यास कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में इतनी बड़ी सौगात देने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर जीवन का मुख्य ध्येय होना चाहिए यह हमारी संस्कृति मानती है। सबसे पहले शरीर का ध्यान रखें तभी कोई कार्य ठीक से होगा। इसी मूलमंत्र को ध्यान में रखकर सरकार ने राज्य में जन-स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दिशा निर्देशन में अन्य क्षेत्रों की भांति स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। आज विकास का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसको प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई योजनाओं से लाभ न मिल पाया हो। कोरोना काल में जहां एक ओर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने करोड़ो लोगों के दो वक्त का भोजन सुनिश्चित किया वहीं आयुष्मान भारत योजना ने देश के नागरिकों को यह भरोसा दिलाया कि बीमार होने पर उन्हें निःशुल्क उपचार अवश्य मिलेगा।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास एवं सभी को प्रभावी ईलाज हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में चार मोर्चों पर काम करने के लिए सरकार रणनीति बना रही है। पहला मोर्चा है, बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरुकता का। दूसरा मोर्चा है, गरीबों को सस्ता और प्रभावी इलाज देने का है। तीसरा मोर्चा है, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की क्वान्टिटी और क्वालिटी में बढ़ोतरी करना। चौथा मोर्चा है, समस्याओं से पार पाने के लिए मिशन मोड पर काम करना। केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के संपूर्ण वेक्सिनेशन के लिए प्रारंभ की गई मिशन इंद्रधनुष योजना, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसी योजनाओं का विस्तार प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों तक करने का प्रयास किया गया है। आज पूरे विश्व में भारत के हेल्थ सेक्टर की प्रतिष्ठा और भारत के हेल्थ सेक्टर के प्रति भरोसा, एक नए स्तर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार स्वास्थ्य समस्याओं को टुकड़ों के बजाय समग्र रूप से देखती है, इसलिए हमने भी प्रदेश में सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि वेलनेस पर भी फोकस करना शुरु किया है। इसका ही परिणाम रहा कि कोरोना काल में आयुष से जुड़े हमारे नेटवर्क ने बेहतरीन काम किया। ह्यूमन रिसर्च से लेकर इम्यूनिटी और साइंटिफिक रिसर्च तक हमारे आयुष नेटवर्क का इंफ्रास्ट्रक्चर देश के बहुत काम आया।

प्रदेश में योग, आयुर्वेद एवंज ड़ी-बूटी कृषिकरण को दिया जा रहा है बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की दवाओं और वैक्सीन के साथ-साथ हमारे मसालों और हमारे काढ़े का भी वेलनेस के क्षेत्र में कितना बड़ा योगदान है, ये दुनिया ने कोरोना काल में अनुभव किया। योग,प्राणायाम,आयुर्वेद सहित भारत के जड़ी बूटी ज्ञान ने विश्व को चमत्कृत किया। इसलिए राज्य सरकार ने प्रदेश में योग व आयुर्वेद को बढ़ावा देने के साथ – साथ “मेडिसनल प्लांट“ की खेती पर भी ध्यान दिया है। हमारे देश में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ चलाई जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ के क्षेत्र में “निःशुल्क जांच योजना“ जैसी एक प्रमुख योजना भी प्रारम्भ की है, जिसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में “किफायती स्वास्थ्य सेवा“ पर ध्यान केंद्रित करने से वंचित तथा मध्यम वर्ग को काफी लाभ होता है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले 5 सालों में जितने काम हो सकते थे उनको धरातल पर उतारने का काम किया गया है। आगे भी हम उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अच्छा क्या हो सकता है, इसके लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से राज्य को 01 लाख 24 हजार लोगों से ब्लड डोनेशन कराने का लक्ष्य दिया गया था। राज्य में एक लाख 01 लाख 67 हजार लोगों ने ब्लड डोनेशन किया है। उत्तराखंड भारत का पहला राज्य है जिसने सबसे ज्यादा ब्लड डोनेशन किया है और ई रक्तकोश में 80 हजार लोग अभी तक रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। देश में आयुष्मान भारत योजना लॉन्च हुई तो हमारे राज्य में अटल आयुष्मान योजना लॉन्च की गई। राज्य में अभी तक 50 लाख 24 हजार अटल आयुषमन कार्ड बनाये जा चुके हैं। 07 लाख से ज्यादा लोगों का इस योजना के तहत ईलाज हो चुका है, जिसमें 13 सौ करोड़ से अधिक खर्चा हो चुका है। अब राज्य में किडनी ट्रांसप्लांट भी आयुष्मान कार्ड में कवर कर दिया है। प्रदेश में 91 प्रतिशत संस्थागत डिलीवरी हो रही है। प्रदेश में सरकार ने ईजा बोई योजना शुरू की है। जिसमें गर्भवती महिलाओं को 2000 रूपये पौष्टिक आहार के लिए दिया जाएगा। राज्य में 32 लाख लोगों की आभा आईडी बनकर तैयार हो चुकी है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, प्रदीप बत्रा, सरिता आर्य, रेनू बिष्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, संयुक्त सचिव स्वास्थ्य, भारत सरकार विशाल चौहान, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य में खेलों को बढ़ावा देने को नई खेल नीति हुई लागूः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रथम नॉर्थ वैली कप-2023 नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट की विजेता टीम सिटी यंग के खिलाड़ियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति को लागू की गई है। खेल व्यक्ति के चहुंमुखी विकास के लिए लाभदायक हैं। खेल हमें समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और समूह में कार्य करने की प्रेरणा भी देते हैं।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीम सिटी यंग के खिलाडियों के साथ ही उपविजेता टीम कैंट फोर्ट के खिलाड़ियों को शुभकामनायें प्रदान की। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिये समिति के सदस्यों को बधाई भी दी।

इस अवसर पर अरविंद चौहान, सुमित कुमार, ऋषभ मल्होत्रा, दीपक राणा, पंकज बिष्ट एवं विकास चौहान आदि मौजूद थे।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनने से दूरी मात्र दो घंटे में होंगी पूर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के तहत उत्तराखण्ड में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने डाटकाली के निकट एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य एवं डाटकाली में बन रहे टनल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कार्यदाई संस्थाओं को निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सबंधित जो भी कार्य होने हैं, उनमें तेजी लाने के लिए एनएचएआई को जो भी आवश्यक सहयोग चाहिए होगा, राज्य की ओर से दिया जायेगा, ताकि कार्यों में किसी भी प्रकार से विलंब न हो। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उत्तराखण्ड में होने वाले कार्यों के लिए रात्रि में भी अनुमति दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र दो से ढ़ाई घण्टे में पूर्ण होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से उत्तराखण्ड को बहुत फायदा होगा। दिल्ली और उसके आस-पास के लोगों को उत्तराखण्ड आने में काफी सुगमता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तेज गति से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में राज्य में आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आयेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कार्य कर रहे श्रमिकों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि इन श्रमिकों के स्वास्थ्य, रहने एवं खाने की व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 तक एक्सप्रेसवे के कार्यों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रयास किये जा रहे हैं, कि उससे पूर्व ही ये कार्य पूर्ण किये जाएं।
इस अवसर पर चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग अयाज अहमद, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, अपर सचिव विनीत कुमार एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य सरकार के एक साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर रेंजर्स ग्राउण्ड में आयोजित किया गया मुख्य कार्यक्रम।

राज्य सरकार के एक साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर प्रदेशभर में सरकार की एक साल की उपलब्धियों पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘‘एक साल नई मिसाल’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर ग्राम तरला नागल सहस्त्रधारा मार्ग में 12.45 हेक्टेयर में बनने वाले लगभग 37 करोड़ रूपये की लागत के सिटी फोरेस्ट का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये बहुद्देशीय शिविर का अवलोकन किया। प्रदेश के सभी जनपदों में जनपद के प्रभारी मंत्रियों, विधायकगणों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों ने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर आयोजित किये गये कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया।

सरकार के एक साल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशहित में की 16 महत्वपूर्ण घोषणाएं।

मुख्यमंत्री ने की प्रदेश हित में 16 घोषणाएं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में मुख्यमंत्री प्रतियोगी परीक्षार्थी परिवहन योजना शुरू की जायेगी। इस योजना के तहत परीक्षाओं में भाग लेने वाले परीक्षार्थियों को आने-जाने के लिए परिवहन निगम की बसों में किराये में उत्तराखण्ड में 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। कक्षा 06 से ही कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की शिक्षा को लागू किया जायेगा। राज्य के सभी 13 जनपदों में लैब ऑन व्हील्स ‘‘चलती-फिरती प्रयोगशाला स्थापित की जायेगी। उत्तराखण्ड राज्य साइंस टेक्नोलॉजी और इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जायेगा। साथ ही राज्य सरकार इस क्षेत्र में शीघ्र ही ‘‘साइंस और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पॉलिसी’’ लायेगी। हल्द्वानी गौलापार में स्थापित अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम को उच्चीकृत कर अन्तरराष्ट्रीय मानकों का खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जायेगा। राज्य में काश्तकारों को सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री औद्यानिकीकरण योजना प्रारम्भ की जायेगी। राज्य में पशुपालकों को सहयोग देने के मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन प्रारम्भ किया जाएगा। राज्य में मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योजना प्रारम्भ की जायेगी। जिसमें स्नातक पास छात्र एवं छात्राओं को आवश्यक रूप से दक्ष बनाया जायेगा। राज्य के 250 की आबादी वाले गाँवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारम्भ की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उपलब्धता एवं उपयुक्तता के आधार पर 01-01 अमृत सरोवर / झील को पर्यटक स्थल एवं वाटर स्पोर्टस के केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला सेवायोजन एवं कौशल विकास कार्यालय को स्वरोजगार केन्द्र के नोडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रमिकों के बच्चों को भी उचित स्कूली शिक्षा मिल सके इस हेतु राज्य सरकार मोबाईल स्कूल (चलते-फिरते स्कूल) प्रारम्भ किये जायेंगे। राज्य सरकार द्वारा दिवालीखाल से गैरसैंण तक के सड़क मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किया जायेगा। लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु होने पर उनकी पेंशन विधवा पत्नी को दी जाएगी। उत्तराखण्ड के लोकपर्वों उत्तरायणी, फूलदैई, हरेला, ईगास, बूढ़ीदिवाली आदि लोकपर्वों को व्यापक पहचान दिलाए जाने एवं पूर्ण श्रद्धा एवं हर्षाल्लास के साथ मनाए जाने के लिए समेकित नीति बनाई जाएगी।

उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाना राज्य सरकार का लक्ष्य।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन कई अर्थों में विशेष है। आज के दिन देवभूमि की जनता द्वारा अपनी आशाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए चुनी गई सरकार का एक वर्ष पूर्ण हुआ है। आज हमारा उत्तराखंड ‘‘उत्कृष्ट उत्तराखंड’’ बनने की राह पर अग्रसर है। उत्तराखंड की राजनीति में यह पहला अवसर था जब जनता-जनार्दन ने किसी एक दल को दोबारा सेवा का अवसर प्रदान किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता भली-भांति जानती है कि कौन इस प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ा सकता है? कौन वंचितों को उनके अधिकार दे सकता है? कौन युवाओं के सपने साकार कर सकता है और कौन अंत्योदय की परिकल्पना को सही आकार दे सकता है? जनता ने सत्य को चुना और हर कसौटी पर परख कर हमें एक बार पुनः सेवा का अवसर दिया। इस एक वर्ष के दौरान हर क्षण यह प्रयास किया है कि जितनी भी प्रदेश के सामने चुनौतियां हैं, उन सभी का समाधान निकाला जाए और राज्य को विकास कि राह पर आगे बढ़ाया जाए।

जनता का विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब भी वे जनहित में कोई फैसला लेते हैं, तो सबसे पहले समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों के चेहरों को ध्यान में रखते हैं, इससे निर्णय लेने में आसानी होती है। लोगों का विश्वास ही हमारी प्रेरणा है, उनके इस विश्वास को हमें और अधिक मजबूत करना है। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर हम चल रहे हैं उसके कुछ पड़ाव हमें पार कर लिए हैं और कई पड़ाव अभी पार करने हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अपेक्षा के अनुसार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। किसी भी सरकार के मूल्यांकन के लिये एक वर्ष का समय बहुत कम होता है, फिर भी इस एक वर्ष में नए उत्तराखण्ड के संकल्प के साथ राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। सरकार ने इस एक वर्ष के कार्यकाल को राज्य में संस्थागत सुधारों की दिशा में अनेक कदम उठाये।

एक साल में जनहित में लिए गये अनेक महत्वपूर्ण निर्णय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा मसूरी में ‘सशक्त उत्तराखण्ड/25 थीम पर आयोजित व्यापक चिंतन और विचार-विमर्श द्वारा क्षेत्रवार राज्य के विकास का ना केवल खाका तैयार किया गया बल्कि इस पर तेजी से काम भी शुरू किया जा चुका है। अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने की कार्यवाही हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो,नई शिक्षा नीति लागू करना हो,नई खेल नीति लागू करना हो,सख्त नकल विरोधी कानून हो, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देना हो सरकार ने राज्य के लिए आवश्यक इन कार्यों को इतने कम समय में कर के दिखाया है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। उत्तराखंड में पहली बार परीक्षाओं में धांधली करने वाले 80 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है।

प्रदेश के समग्र विकास के लिए मिल रहा है प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखण्ड का तेजी से विकास हो रहा है। पिछले वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश के लिए ना केवल स्वीकृत की गई हैं बल्कि इनमें से कई पूर्ण होने की कगार पर भी हैं। प्रधानमंत्री ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया है और उन्हीं के मार्गदर्शन में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए डबल इंजन की हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जी ने श्री केदारनाथ की भूमि पर का था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। सभी विभागों द्वारा आगामी 10 सालों के रोडमैप पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक साल में राज्य सरकार ने लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय।

कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक साल में जनहित में अनेक निर्णय लिये। गरीबों को साल में मुफ्त में 03 गैस सिलेण्डर दिये जा रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य हुए हैं। स्टार्टप एवं स्किल डेवलपमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किये गये हैं। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, सहदेव सिंह पुंडीर, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने कहा-यूं ही कोई सुषमा स्वराज नही बन जाता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में भाजपा महानगर महिला मोर्चा देहरादून द्वारा आयोजित “सुषमा स्वराज अवार्ड” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 26 महिलाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा कि सुषमा स्वराज ने बहुत ही कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया। उन्होंने कहा कि सुषमा भारतीय मूल्यों और शालीनता की प्रतिमूर्ति रही है जिन्हें राजनीति में अजातशत्रु वाली महिला नेत्री भी कहा जाता था। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुषमा जी ने देश में ही नहीं विदेश में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बेबाक़ी से अपनी बात दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा कि जो विजन सुषमा स्वराज ने महिलाओं के लिए देखा था, आज केंद्र और राज्य सरकार महिला कल्याण के लिए उसी दिशा में काम करते हुए आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने महिला मोर्चा को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्जवला योजना समेत अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उसी दिशा में राज्य सरकार भी महिलाओं के हितों में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है ताकि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में महिलाओं को बराबरी के अवसर प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, आंचल अमृत योजना, महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना जैसी अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही हैं उन्होंने कहा कि आने वाले बजट में भी महिला कल्याण के लिए व्यवस्था की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश भर में खेल, शिक्षा, सामाजिक न्याय के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश में सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनके सीएम बनते ही छात्रों ने परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने तत्काल जांच कराई। नकल माफिया के करोड़ों के अवैध कारोबार पर चोट की। नकल माफिया के खिलाफ अभियान चलाया गया। सरकार किसी भी सूरत में नकल माफिया को शिक्षा पर डाका डालने नहीं देगी। अब योग्यता और क्षमता पर ही लोग नौकरियों में चुने जाएंगे। सरकार अभी तक 60 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। आठ जनवरी को हुई पटवारी भर्ती में नकल की जानकारी 11 जनवरी को मिलते ही परीक्षा रद्द कराने से पीछे नहीं हटा गया। इसमें संलिप्त लोगों को जेल भेजा। नकल माफिया जैसे कैंसर को मिटाने की दिशा में सख्त कार्रवाई की। सख्त नकल विरोधी कानून बनाया। अब कुछ लोगों को इस सख्त नकल विरोधी कानून से भी परेशानी है। सरकार हाईकोर्ट के जज से भी जांच करा रही है।
अब सीबीआई जांच की मांग वो लोग कर रहे हैं, जो पहले सीबीआई को कोस रहे थे। ये लोग चाहते हैं कि सीबीआई जांच के नाम पर परीक्षाएं सालों तक अटकी रहें। परीक्षाएं न होने से परेशान छात्र सड़कों पर आंदोलन करें, ऐसी इन लोगों की मंशा है। यही लोग छात्रों को उकसा रहे हैं। जबकि सरकार की ओर से दिए गए पारदर्शी सिस्टम से छात्रों का विश्वास लौटा है। यही वजह है जो तीन लाख से अधिक छात्र तीन परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। कोई बहिष्कार नहीं हो रहा है। किसी को भी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने फैलाए जा रहे झूठ का मुंह तोड़ जवाब देने को मातृ शक्ति से आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं आयोजित कराने के उद्देश्य से सख्त नक़ल विरोधी कानून लागू किया गया है जिसमें नकल करने वालों के खिलाफ कठोर दंड के प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में आगामी परीक्षा के लिए कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है।
इस दौरान टिहरी सांसद माला राज लक्ष्मी शाह ने सुषमा स्वराज से जुड़े सस्मरणों को साझा किया। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, कैंट विधायक सविता कपूर, भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. दीप्ति रावत, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष अर्चना बागड़ी, समेत बड़ी संख्या में महिलाएँ मौजूद रही।

कमेटी बनाकर विभाग ट्रेफिक कन्जेशन को कम करने के लिए प्रत्येक सप्ताह करेंगे बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने देहरादून में यातायात संकुलन को कम करने हेतु सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी सम्बन्धित विभागों की एक कमेटी बनायी जाए, जो ट्रेफिक कन्जेशन को कम करने के लिए प्रत्येक सप्ताह बैठक आयोजित करेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि शहर के यातायात संकुलन कम करने की दिशा में लगातार अनुश्रवण प्रणाली की देखरेख के लिए यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी पाक्षिक रूप से बैठक आयोजित कराएगी। उन्होंने कहा कि यातायात संकुलन को कम करने के लिए आमजन का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर विश्वास जगाना आवश्यक है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाए। साथ ही वाहनों की टाइमिंग भी सुनिश्चित किया जाए। अधिक से अधिक तकनीक का प्रयोग करते हुए प्रत्येक बस स्टॉप पर अगली आने वाली बस के पहुंचने का समय भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए। कहा कि इसके लिए शीघ्र से शीघ्र शहर के भीतर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुनियोजित तरीके से मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि यातायात संकुलन को कम करने के लिए तीन ई इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट और एजुकेशन पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। जहां पर इंजीनियरिंग से यातायात में सुधार हो सकता है, तुरंत शुरू किया जाए। यातायात संकुलन को रोकने के लिए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। नो पार्किंग एरिया में गाड़ी पार्क करने वालों पर अधिक से अधिक चालान किए जाएं। इसके लिए ड्रोन कैमरों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शहर में स्कूल बसों से लगने वाले जाम को कम करने के लिए प्रत्येक स्कूल में जाकर वहां की परिस्थितियों के अनुसार अलग प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फील्ड पर यातायात कंट्रोल के लिए ट्रेफिक पुलिस काम कर रही है। ट्रेफिक को सुधारने के लिए सबसे अच्छा फीडबैक इन्हीं से मिल सकता है। इसके लिए ट्रेफिक फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाए। आमजन में यातायात संकुलन को कम करने के लिए शिक्षित किए जाने की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए लघु फिल्मों के माध्यम से प्रचार प्रसार विशेषकर स्कूली बच्चों में अधिक से अधिक शिक्षित किए जाने की दिशा में कार्य किया जाए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कारपोरेशन जितेन्द्र त्यागी, निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी देहरादून दिलीप सिंह कुंवर, मुख्य नगर अधिकारी मनुज गोयल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं एसपी ट्रैफिक अक्षय प्रह्लाद कोण्डे सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।