2023 के अंत तक सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश

मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना है कि उत्तराखण्ड में सैन्य धाम निर्माण हो तथा एक सैनिक होने के नाते यह मेरा भी दृढ़ संकल्प है कि उत्तराखण्ड का सैन्य धाम यहां के चार धामों की तरह ही विकसित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर विशेष रूचि ली है। मंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि 2023 के अंत तक हम सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण कर लेंगे।
मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम को भव्य रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा देश के विभिन्न स्मारकों का अध्ययन करके सैन्य धाम के डिजाइन को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में प्रदेश भर शहीद सम्मान यात्रा के दौरान प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के घर से मिट्टी एकत्र कर सैन्य धाम में बनाये जाने वाली अमर जवान ज्योति के नीचे रखा जायेगा।
मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम का मुख्य द्वार पर और उत्तराखण्ड के गौरव और देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर बनाया जायेगा। उन्होंने कहा नवंबर 2022 के अंत तक 28ः निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जायेगा।
इस अवसर पर बैठक में अपर सचिव सैनिक कल्याण चन्द्र सिंह धर्मसत्तू, उप जिलाधिकारी नरेश चन्द्र दुर्गापाल, संयुक्त सचिव सुनील सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनजाति समाज के विकास के प्रति मुख्यमंत्री ने जतायी प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य जनजाति शोध संस्थान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित आदि गौरव महोत्सव को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में जनजाति समाज की कला, संस्कृति संरक्षण हेतु कारपस फण्ड की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जायेगा। जनजाति क्षेत्रों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों में जनजाति छात्रों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था हेतु आवासीय विद्यालयों की स्थापना पर विचार किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजाति कल्याण समिति को भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में भगवान बिरसा मुण्डा के आशीर्वाद से हमारा देश अपने अमृत संकल्पों को पूर्ण करने में अवश्य सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा जनजातीय समाज हमारे बटवृक्ष रूपी देश की मजबूत जड़ के समान है। जनजातीय समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनना हमारे देश और प्रदेश की उन्नति के लिए आवश्यक है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का उल्लेखनीय योगदान के कारण ही पिछले वर्ष आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने प्रत्येक वर्ष की 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। इससे जहां एक ओर जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले की सरकारों में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उन्होंने आदिवासी समाज के व्यावसायिक हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया, ये सरकारें दिखावे तक ही आदिवासी समाज के विकास की बात किया करती थी, परंतु 2014 के बाद से देश में चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या चिकित्सा का क्षेत्र हो आदिवासी समाज के हितों का ध्यान रखकर ही देश और प्रदेश की सरकारें अपनी समस्त योजनाएं बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड के सुदूर सीमांत क्षेत्रों को भी विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। राज्य के स्थानीय उत्पादों एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के जनजाति बाहुल्य प्रथम गांव माणा में राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा तथा वोकल फॉर लोकर की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माणा में उनके द्वारा राज्य के सीमांत गांव माणा को अंतिम के स्थान पर प्रथम गांव संबोधित करने पर प्रधानमंत्री ने अपनी सहमति जताते हुए देश के सभी सीमांत गांवों को अंतिम के बजाय प्रथम गांव कहा गया है। यह देश के सभी सीमांत क्षेत्रों के निवासियों के लिये भी सम्मान की बात है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, मूरत राम शर्मा, रामकृष्ण रावत, पूर्व मुख्य सचिव एन.एस. नपलच्याल सहित बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग एवं लोक कला एवं लोक संस्कृति से जुड़े कलाकार आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड के जनजातियों समुदाय के लोगों ने निकाली शोभायात्रा, सीएम ने किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से जनजातीय समुदायों की शोभा यात्रा का फ्लैग ऑफ किया। भगवान बिरसा मुण्डा जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाये जा रहे जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य की जनजातियों के लोगों ने शोभायात्रा निकाली। इस अवसर पर मुख्यमत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा जी के स्वतन्त्रता संग्राम मे योगदान को याद करते हुए उन्हे नमन किया तथा सभी को जनजातीय गौरव दिवस पर सभी को बधाई दी।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, जनजाति विभाग के निदेशक संजय टोलिया, अपर निदेशक योगेन्द्र रावत, समन्वयक राजीव सोलंकी आदि उपास्थित रहे।

रायवाला पुलिस ने 40 नशे के इंजेक्शन के साथ युवक को किया अरेस्ट

हरिपुर कला निवासी एक युवक को रायवाला पुलिस ने 40 नशे के इंजेक्शन सहित गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

रायवाला थानाध्यक्ष भुवनचंद्र पुजारी ने बताया कि थाना रायवाला पुलिस टीम ने आनन्दोस्व आश्रम के पास हरिपुरकला से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सपेरा बस्ती की ओर से एक व्यक्ति को संदिग्ध प्रतीत होने पर रोका गया।

उक्त व्यक्ति से एक सफेद पन्नी में अलग अलग गत्ते के डिब्बे में 40 इंजेक्शन मिले। पूछताछ करने पर उसने बताया कि इन इंजेक्शन को नशे के रूप में प्रयोग करने के लिए बेचता है। इस मामले में अरविंद पुत्र राजेन्द्र सिंह सैनी निवासी ग्राम मढौरा बिप थाना नहटौर जिला बिजनौर उप्र, हाल गीता कुटीर के पास, हरिपुरकला देहरादून को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया।

इस युवक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वह नशे के इन्जेक्शन बहादराबाद से एक व्यक्ति जिसे छोटू भाई कहते है, उससे लेकर आता हूं। उसकी बहादराबाद हरिद्वार में दवाइयों की दुकान है। पुलिस के मुताबिक उक्त मेडिकल स्टोर स्वामी के संबंध में क्षेत्र की पुलिस को अवगत कराया गया है।

शहीदों के अनुरुप राज्य बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शहीद स्थल कचहरी में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष के परिणामस्वरूप ही हमें नया राज्य मिला। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना है, जिससे कि राज्य आन्दोलन के शहीदों के सपनों के अनुरूप प्रदेश का समग्र विकास किया जा सके।

राज्य स्थापना दिवस पर सीएम ने प्रदेशवासियों से मांगा सहयोग, बताई प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए हाल ही में प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी संवेदना प्रकट की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड तथा उत्तराखण्डवासियों से आत्मिक लगाव है, आज केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में विकास कार्य संचालित किये जा रहे हैं। हमारे चारधाम, न सिर्फ हमारी आस्था और श्रद्धा के केन्द्र हैं बल्कि हमारी आर्थिकी की बुनियाद भी है। इस वर्ष लगभग 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन के लिए आए। कोरोना काल से पूर्व की तुलना में यह संख्या 35 प्रतिशत अधिक है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी पर अभूतपूर्व काम हुआ है। इसका प्रभाव आने वाले समय में प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के रूप में दिखेगा। प्रदेश में सड़कों के निर्माण में तेजी से कार्य हो रहा है, इसके लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का पूरा सहयोग मिल रहा है। रूद्रपुर एवं रामपुर मुरादाबाद बायपास के निर्माण से प्रदेश के कुमांऊ क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित होंगे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और टनकपुर-बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे पर केन्द्र सरकार द्वारा सहमति दी जा चुकी है। आज एयर कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में भी हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 अक्टूबर को प्रदेश के सीमान्त गांव माणा में राज्य के स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा स्थलों के भ्रमण पर जितना व्यय करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत व्यय वहां के स्थानीय उत्पादों के क्रय करने पर व्यय करें। हमारे प्रदेश में प्रतिवर्ष करोड़ों लोग पर्यटन एवं तीर्थाटन पर आते हैं। उनके द्वारा क्रय किये जाने वाले स्थानीय उत्पादों से हमारे लोगों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही देश व दुनिया में इसकी पहचान भी बनेगी। उन्होंने कहा कि रानीबाग (नैनीताल) स्थित एच.एम.टी. की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखण्ड को प्राप्त होना प्रदेश के लिये डबल इंजन सरकार की एक और बड़ी सौगात है। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति मिलेगी तथा हमारे युवा रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे
उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं। इसीलिए हमने युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। भर्तियों में घोटाला करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कारवाई की जा रही है। पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं के आयोजन के लिये हमने उत्तराखण्ड अधीनस्थ आयोग से भर्तियों को राज्य लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित किया है। वर्तमान में जारी भर्ती कैलेण्डर के अनुसार 7 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। हमारी सरकार द्वारा राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन देने के लिए नई खेल नीति लाई गई है। साथ ही “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ में 8 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रुपये वार्षिक तक के निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन, संवेदनशीलता और गरीब कल्याण के मंत्र पर चल रही है। ब्लॉक स्तर से लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर जन समस्याओं की सुनवाई हो रही है। समस्याओं के त्वरित निवारण पर बल दिया जा रहा है। लोगों को योजनाओं का सही लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का निराकरण हो, इसके लिए हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के आधार पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 लांच किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है और सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान हमारा कर्तव्य है। इसको ध्यान में रखते हुए देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में भी वृद्धि की गई है। हम हिम प्रहरी योजना पर भी काम कर रहे हैं। इसके अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह वाक्य कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा“। प्रधानमंत्री का हम पर यह विश्वास हर उत्तराखण्डवासी का सम्मान है। जहां इस बात से एक ओर हमें अपने राज्य पर गर्व होता है, तो दूसरी ओर बड़ी जिम्मेदारियों का भी अहसास होता है। हमारी सरकार ने राज्य को 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प का मूलमंत्र अपनाया है।

सीएम ने दि हिमालयन कप ऑल इण्डिया फुटबॉल टूर्नामेंट की विजेता टीम को दी ट्रॉफी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के युवा खिलाड़ियों से दृढ़ इच्छा शक्ति एवं मेहनत के साथ विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान देने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि सफलता का एक ही मूलमंत्र है विकल्प रहित संकल्प। युवा खिलाड़ी अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिये पूरी मेहनत एवं एकाग्रता के साथ प्रयास करे। युवा जिस भी क्षेत्र में जाए वहां लीडर बनने का प्रयास करें।

स्थानीय पवेलियन ग्राउण्ड में दि हिमालयन कप ऑल इण्डिया फुटबाल टूर्नामेंट के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे युवा खिलाड़ी विभिन्न खेल की प्रतियोगिताओं में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे है। जिससे देश में उत्तराखण्ड की पहचान बन रही है। यह हमारे खिलाड़ियों की खेलों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक है। हमारा यह भी प्रयास है कि भारत के पौराणिक खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल अथवा प्राचीन मल्ल, अखाड़ों से निकला गतका और मलखम्ब को विश्व पटल पर पहचान दिलायी जाए। एक समय पर भुला दिए गए ये सभी खेल आज देश-विदेश में खूब प्रसिद्ध हो रहे हैं। हमारा निरंतर यह प्रयास है कि हम खेलों के माध्यम से भी सांस्कृतिक संवर्धन का कार्य करें ताकि हमें अतीत का ज्ञान रहे और लुप्त हो रही विधाएं जीवित रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी फुटबॉल के प्रशंसक रहे हैं। खेल के मैदान में भी उत्तराखंड अग्रणी राज्य बने, इसी के तहत राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु नई खेल नीति बनाई गई है। हमारी सरकार ने खेल दिवस-2022 के अवसर पर “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ प्रारंभ की थी तथा कुछ समय पहले राज्य के प्रतिभाशाली उभरते खिलाड़ियों के लिए खेल छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया था जो शुरू कर दी गयी है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। हर जिले के 150 बालक और 150 बालिकाओं अर्थात प्रदेश के कुल 3900 उभरते खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। खेल छात्रावासों के खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता 175 रूपए से बढ़ाकर 225 रूपए प्रति छात्र किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखंड योजना के अंतर्गत ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिए 10 करोड़ रूपए का बजट में प्राविधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नये भारत, शक्तिशाली भारत और गौरवशाली भारत का निर्माण हो रहा है। आज पूरे देश का युवा पूरी तरह से प्रधानमंत्री मोदी के साथ है। पूरे विश्व में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र की भांति खेलों में भी भारत का मान सम्मान बढ़ रहा है। दुनिया में कहीं भी खेल का मैदान हो, आज भारत का तिरंगा लहराता दिख रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की। खेलो इंडिया कार्यक्रम इसी सोच का एक अच्छा उदाहरण है। आज खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें हर जरूरी सहयोग देना शुरू किया गया है। बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं खिलाड़ियों को दी जा रही हैं। भारत खेल शक्ति के तौर पर भी उभर रहा है। हमारे खिलाड़ियों के जीते सोने और चांदी के पदकों ने देश के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। विश्व स्तर पर भी हमारे खिलाड़ियों को सम्मान प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षा के अनुरुप वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं तथा इसके लिये हम संकल्पबद्ध भी है। देवभूमि उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए पूरी निष्ठा से हमे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा तभी सबके समेकित प्रयासों से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एम वी एजुकेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित ऑल इण्डिया हिमालयन फुटबॉल कप टूर्नामेंट में विजेता टीम गढ़वाल हीरोज को ट्रॉफी प्रदान की।

समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार एवं खेल विभाग के अधिकारी, खेल संघों के प्रतिनिधि, फुटबॉल के साथ ही अन्य खिलाड़ी उपस्थित थे।

देहरादून में रं कल्याण संस्था ने की सीएम से मुलाकात, बताई समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रं कल्याण संस्था के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने जनपद पिथौरागढ़ की तहसील धारचूला के सीमांत एंव संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र के निवासी हमारी सीमाओं के पहरी भी है। उन्होंने रं कल्याण संस्था द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यकलापों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी देश के सीमांत क्षेत्रों के अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही इन क्षेत्रों की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। राज्य सरकार द्वारा भी राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिये प्रभावी कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर रं कल्याण संस्था के संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, संस्था के अध्यक्ष बिशन सिंह बोनाल, डी एस गर्ब्याल, सी.एस. ग्वाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लोक विरासत कार्यक्रम-2022 में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित उत्तराखण्ड लोक विरासत कार्यक्रम – 2022 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मेले में स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का भ्रमण कर उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उत्तराखण्ड में विविध प्रकार की संस्कृति है, हर जिले में संस्कृति एवं रीति रिवाज बदल जाते हैं लेकिन यह लोक विरासत कार्यक्रम मन को मोह लेने वाला एक लघु उत्तराखण्ड का रूप है, जो कि प्रदेश की अलग अलग नृत्य शैली, भाषा एवं गायन शैली को प्रदर्शित कर हमें गौरवान्वित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन हेतु डॉ. के0पी0जोशी का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी संस्कृति एवं पूर्वजों के बनाए हुए जो हमारे संस्कार है उनसे जरूर जुड़ना चाहिए क्योकि इतिहास गवाह है जो लोग अपनी संस्कृति से दूर चले जाते हैं वह उस पेड की तरह होते हैं जो पेड़ तो होता है परन्तु जिसकी जड़े सुख चुकी होती है और धीरे धीरे वह पेड़ भी सुख जाता है। इसलिए हम सभी अगर अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे तो हम सभी को पोषण, ऊर्जा एवं प्रोत्साहन मिलता रहेगा साथ ही हमारे पूर्वजों को आर्शीवाद मिलता रहेगा। इन्ही सब को ध्यान में रखते हुए हमने इस बार इगास त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। ऐसे ही प्रयासों से निश्चित रूप से जो हमारी संस्कृति है वह पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती रहेगी। ऐसे पर्वाे से नई पीढ़ी भी कहीं न कहीं अपना जुड़ाव महसुस करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। यह अमृत महोत्सव आजादी के पहले और आजादी के बाद देश के लिये अपना योगदान देने वालों के सम्मान के साथ देश ने जो उपलब्धियां हासिल की उनका स्मरण करने का महोत्सव है। अब हम आजादी की शताब्दी की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड की संस्कृति के विकास के लिए अनेक योजनायें चलाई जा रही है। आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है, संपूर्ण परिसर में विभिन्न विकास कार्यों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे 2023 के अंत तक कर पुरा कर लिया जाएगा, लगातार नया भव्य और दिव्य केदार बन रहा है। बद्रीनाथ धाम के भव्य निर्माण हेतु मास्टर प्लान बन कर तैयार हो गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने उनके द्वारा माणा को भारत के अन्तिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने पर मुहर लगाते हुए कहा कि अब तो उनके लिये भी सीमाओ पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है। यह हमारे सीमान्त क्षेत्र के निवासियों के भी सम्मान की बात है।

मुख्यमंत्री ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया है कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। प्रधानमंत्री ने हमारी संस्कृति को भी पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री के सफल नेतृत्व में सम्पूर्ण देश का विकास हो रहा है वहीं उत्तराखण्ड से उनका विशेष लगाव किसी से छुपा नही है। हमारी सरकार भी प्रदेश के सांस्कृतिक विकास के लिए कई कदम उठा रही है।

उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति के तहत गढ़वाल, कुमाउनी एवं जौनसारी में फिल्म बनाने पर हमने 02 करोड़ रूपये की सहायता राशि का प्रावधान किया है। ऐसी अनेक योजनाये हमने भाषा एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए लाये हैं।

कार्यक्रम में जागर सम्राट पदमश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण, प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, मीना राणा एवं संगीता ढौंढियाल सहित विभिन्न गायकों ने अपनी प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री चन्दन राम दास, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सुनिल उनियाल गामा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने आकाश तत्व-आकाश फॉर लाइफ कार्यशाला में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी प्रेमनगर, देहरादून में विज्ञान भारती उत्तराखण्ड एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित National Conference and Exhibition on Akash tattva – Akash for life में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर National Conference and Exhibition on Akash tattva से संबंधित एटलस एवं सार संग्रह का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित आकाश तत्व सम्मेलन में देश भर से आए विषय विशेषज्ञों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पावन धरा पर आयोजित यह चिंतन कार्यक्रम निश्चित रूप से पंच महाभूतों में प्रधान आकाश तत्व के नवीन आयामों की विवेचना करने में सफल होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जय जवान, जय किसान के साथ जय विज्ञान का नारा दिया था। उन्होंने कहा कि इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके साथ जय अनुसंधान जोड़कर इसे पूर्णता प्रदान की है। जय विज्ञान और जय अनुसंधान ये दो शब्द आज के विश्व में विज्ञान और अनुसंधान इन दोनों की महत्ता स्पष्ट करते हैं। आज का नया भारत विज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुरातन व आधुनिक विज्ञान दोनों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सीएसआर अर्थात कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी की तर्ज पर एसएसआर अर्थात साइंटिफिक सोशल रेस्पांसिबिलिटी के विचार को अपनाने की वैज्ञानिकों से अपील की है। इस प्रकार के सम्मेलन वैज्ञानिक समुदाय के क्रिएटिव माइंडस को एक मंच पर लाकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को सार्थक करने का मजबूत प्रयास है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के लिए पांच तत्वों आकाश, वायु, जल, पृथ्वी और अग्नि का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन पंच तत्वों के संरक्षण व संवर्धन की हमारी प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस सम्मेलन में विचार-विमर्श हो रहा है, जो निश्चित रूप से सार्थक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में देखने को मिलता है कि आकाश तत्व की महत्ता मानव जीवन के साथ-साथ देवी-देवताओं में भी परिलक्षित होती है। हमारी सनातन मान्यताओं के अनुसार आकाश में परमात्मा का, देवी-देवताओं का वास होता है। संसार की समस्त चिकित्सा पद्धतियां भी आकाश तत्व की महत्ता को भली-भांति समझती हैं। आज विश्व में अपनी सशक्त छवि को प्रतिस्थापित करता नया भारत हर क्षेत्र की तरह आकाश तत्व सम्बन्धी वैज्ञानिक अनुसंधानों में भी नये आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए बड़े गर्व का विषय है कि भारत सरकार ने एक नवीन पहल सनातन विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए 4 नवंबर 2022 से मार्च 2023 तक आकाश तत्व सम्मेलन की सीरीज के आयोजन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की विराट वैज्ञानिक सोच और हमारे वैज्ञानिकों के अथक प्रयास से आज हमारा देश पूरी दुनिया में शोध एवं अनुसंधान कृषि, व्यापार, विज्ञान प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहा है। आज का नया भारत अपनी संस्कृति-अपनी पहचान के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड वासी सौभाग्यशाली हैं कि हम हिमालय की गोद में बसे हैं और ये पंचतत्व हमें विशुद्ध रूप से शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ मृदा और स्वच्छ आकाश के रूप में प्रकृति से उपहार स्वरूप मिले हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि आर्थिकी और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन बना रहे। राज्य सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ साथ सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) की महत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को जागृत करने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में साइंस सिटी के निर्माण का निर्णय लिया है। हर क्षेत्र तक अनुसंधान एवं शोध गतिविधियों को पहुंचाने लिए ’’लैब्स ऑन व्हील’’ और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में जागरूकता के लिए राज्य में एस्ट्रो पार्क बनाने पर भी विचार कर रहे हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, भारत सरकार डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है, जिसमें प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शोध से जोड़कर वैज्ञानिक मंथन किया जा रहा है। पंचमहाभूत का सर्वप्रथम कार्यक्रम आकाश से शुरू हो रहा है। प्राचीन को आधुनिक से जोड़ने का कार्य विज्ञान के माध्यम से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हर क्षेत्र में हमारी अनेक प्रतिभाएं उभर कर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में भारत को शिखर पर ले जाने के लिए हिमालयी राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। हिमालय की जैव विविधता विज्ञान एवं अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में एरोमा मिशन में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं।

इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार भारत सरकार डॉ. अजय कुमार सूद, सचिव अंतरिक्ष विभाग श्री एस सोमनाथ, विज्ञान भारती से विवेकानंद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सर कार्यवाह सुरेश भैया जोशी ने National Conference and Exhibition on Akash tattva – Akash for life पर अपने विचार दिए।।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, संगठन महामंत्री भाजपा अजेय कुमार उत्तरांचल विश्विद्यालय के कुलाधिपति डॉ. जितेंद्र जोशी, भारत सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव, विज्ञान भारती के पदाधिकारी तथा देश-विदेश से आए वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद उपस्थित थे।