सीएम की मौजूदगी में सांसद खेल महोत्सव का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में ‘‘सांसद खेल महोत्सव’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से पूरे देश में आयोजित हो रहा ’’सांसद खेल महोत्सव’’, खेल प्रतिभाओं को गाँव से राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का बड़ा अभियान है। उत्तराखंड में खेल महोत्सव तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ’’फिट इंडिया-स्पोर्ट्स इंडिया-स्ट्रॉन्ग इंडिया’’ के संदेश को गाँव-गाँव तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य किया। आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। ’’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ के अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित किया जा रहा है। राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किया गया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और कौशल को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। बच्चों की प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए अनेक कार्यक्रमों सांसद खेल प्रतियोगिता, फिट इंडिया का आयोजन किया जा रहा है। आज भारत वैश्विक स्तर पर खेलों में सराहनीय प्रदर्शन कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट के लिए वे अपनी सांसद निधि से धनराशि देंगे। विद्यालय में मेस में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए भी उन्होंने अपनी सांसद निधि से धनराशि देने की बात कही।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजानदास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

सीएम ने अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 28 से 30 नवम्बर 2025 को देहरादून में 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में प्रतिभाग किया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिवेशन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन युवा शक्ति को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ विचार-विमर्श के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में ठोस संकल्प लिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी जैसे संगठन देश की युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती पर आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन निश्चित रूप से युवाओं में नए उत्साह, ऊर्जा और देशभक्ति की भावना का संचार करेगा।

सीएम धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के सुअवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त कार्मिकों को एक विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने, आगामी 3 वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए की धनराशि दी जाने, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु पुलिस कल्याण निधि के अन्तर्गत वर्तमान में प्रावधानित ढाई करोड़ रुपए की धनराशि को पुनरीक्षित करते हुए आगामी एक वर्ष के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए किए जाने एवं भवाली, नैनीताल, ढालमल्ला, काण्डा, बागेश्वर, नैनीडांडा, धुमाकोट, पौड़ी, घनसाली, टिहरी, सतपुली और पौड़ी में एसडीआरएफ के जवानों हेतु 5 बैरकों का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों के पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों पर है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए बीते एक वर्ष में, संपूर्ण भारत में 186 अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के 4 वीर सपूत भी शामिल हैं। सभी वीर बलिदानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद हैं, उनका बलिदान हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की पुलिस व्यवस्था को और भी अधिक सक्षम और संसाधन युक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार, पुलिस बल के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत फत्ज् का गठन किया गया है। सरकार ने विगत तीन वर्षों में पुलिस विभाग के भवनों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है। ये राशि पूर्व वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है। प्रशासनिक भवनों के साथ 688 आवासीय भवनों का निर्माण कार्य गतिमान है। शीघ्र ही हम 120 नए आवासों का निर्माण भी प्रारंभ करने जा रहे हैं। सरकार ने स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने के लिए जवानों के बैरक मैस और कार्यस्थलों के अपग्रेडेशन के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है। सरकार ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत समस्त पुलिस कर्मियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। इस वर्ष 356 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों में पदोन्नत किए गए हैं। विभिन्न श्रेणी के 115 रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए भी कार्यवाही गतिमान है जिन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इस वर्ष हमारे 215 कर्मियों को विशिष्ट कार्य एवं सेवा के लिए विभिन्न पदक एवं सम्मान चिन्हों से अलंकृत किया गया है। राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में भी लगातार काम कर रही है। प्रशिक्षण संस्थानों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पीटीसी नरेंद्र नगर को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। एआई और साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण के लिए पुलिस कर्मियों को देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों के वेतन, भत्ते, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, और अवकाश से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। सरकार ने आपदा राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसडीआरएफ की एक नई कंपनी की भी स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत 162 नए पदों का सृजन किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक सीधी भर्ती के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को वर्तमान में पीटीसी नरेंद्र नगर में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उप निरीक्षक के 222 पदों के साथ-साथ 2000 सिपाहियों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है।

मुख्यमंत्री ने कहा मृतक पुलिस कर्मियों के परिवारों को सहयोग और संबल प्रदान करने के लिए इस वर्ष मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 136 आश्रित परिवारों को विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ष्उत्तराखण्ड खेल नीतिष् के तहत कुशल खिलाड़ियों के लिए पुलिस विभाग में विशेष कोटे के माध्यम से भर्तियों का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए समय – समय पर मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा वीर जवानों की वीरता और उनके समर्पण की याद में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को हमारे जवानों की वीरता और साहस की गाथाओं से परिचित कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे पुलिस जवान हर परिस्थिति में अदम्य साहस का अभूतपूर्व परिचय देते हैं। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है ऐसे में राज्य की शांति और सुरक्षा बनाए रखने में हमारे पुलिसकर्मियों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष उत्तराखंड पुलिस ने कांवड़ यात्रा में लगभग 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रा में करीब 50 लाख से अधिक भक्तों को सुरक्षित और सुगम यात्रा एवं दर्शन कराने में अद्वितीय योगदान दिया है। वी.आई.पी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के साथ ही राष्ट्रीय खेलों और राज्य में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे का सामना भी हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और तत्परता से किया। जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

मुख्यमंत्री ने कहा आधुनिक युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है, पुलिस की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण हो रही है। चोरी, डकैती, हत्या और महिला अपराधों के साथ नशा और साइबर अपराध जैसे नए खतरों का भी सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस की एक त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स ने बीते तीन वर्षों में 6199 से अधिक नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की है, और लगभग 275 करोड़ रुपये से अधिक के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारे लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एआई के आने के बाद पुलिस को इस दिशा में और भी अधिक सजग रहना होगा क्योंकि साइबर अपराधों का स्वरूप अब दिन-प्रतिदिन बदल रहा है। उन्होंने कहा हमें साइबर अपराधियों से मुकाबला करने के लिए एक कदम आगे रहना होगा, और इसके लिए हमारी पुलिस को तकनीकी ज्ञान में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा पुलिस फोर्स ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि, पीड़ितों को लौटाकर उत्तराखंड पुलिस पर जनता के विश्वास को मजबूत किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चकराता रोड की दुकानों पर पहुंचे सीएम धामी, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का दिया संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली पर्व के अवसर पर आज देहरादून स्थित चकराता रोड की स्थानीय दुकानों से मिट्टी के दीये, बर्तन एवं अन्य पारंपरिक स्वदेशी सामानों की खरीदारी की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों, कुम्हारों और हस्तशिल्पकारों से संवाद भी किया तथा उन्हें पारंपरिक कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने दीपावली की खरीदारी के दौरान डिजिटल भुगतान (यूपीआई) के माध्यम से सामान खरीदा और आम जनता से भी आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करें, जिससे छोटे व्यवसायियों, कारीगरों और स्वावलंबी भारत के संकल्प को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “दीपावली का पर्व प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर हमें अपने देश के कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। स्वदेशी उत्पादों की खरीद न केवल हमारी परंपरा को जीवित रखती है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को भी सशक्त बनाती है।”

दीपावली की खरीदारी के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने चकराता रोड पर स्थित दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की। दुकानदारों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष जीएसटी की कम दरों के कारण सामान सस्ता हुआ है, जिससे बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार दीपावली के दौरान व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान का भी परिणाम है, जिसके चलते लोगों ने स्थानीय दुकानदारों से अधिक से अधिक खरीदारी की है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस दीपावली पर घरों को स्वदेशी मिट्टी के दीयों से रोशन करें और भारतीय परंपरा व संस्कृति की खुशबू को अपने उत्सवों का हिस्सा बनाएं।

मुख्यमंत्री की इस पहल से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में हर्ष और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री धामी ने दून के मझाड़ा गांव में आपदा प्रभावितों के बीच मनाई दीपावली

दीपों के पर्व दीपावली पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सोमवार को सहस्त्रधारा, देहरादून स्थित मझाड़ा गाँव पहुंचे। जहां उन्होंने काली गाड़, मझाड़ा गाँव एवं सहस्त्रधारा क्षेत्र के आपदा प्रभावितों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना एवं उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुर्ननिर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया।

संवेदनशीलता और अपनत्व का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी दीपावली आपदा प्रभावित परिवारों के बीच में जाकर मनाई। मुख्यमंत्री स्वयं उनके घर पहुँचे, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों, और ग्रामवासियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों की मांग अनुसार अधिकारियों को रिवर ट्रेनिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव सहायता व पुनर्वास का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। आपदा से प्रभावित हर व्यक्ति की पीड़ा, सरकार की पीड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा दीपावली केवल रोशनी का नहीं, बल्कि संवेदनाओं और एकता का त्योहार है। हमारे जीवन में भी उम्मीद और मुस्कान की ज्योति जलाते रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा आपदा के कारण किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। जिन परिवारों के घर आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। साथ ही, ऐसे प्रभावित परिवार जो फिलहाल किराए पर रह रहे हैं, उनके किराए के भुगतान की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के आगमन से प्रभावित परिवार खुश नज़र आए। स्थानीय लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस तरह उनके बीच आना और दीपावली मनाना उनके कठिन समय में हौसल अफजाई करता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुआ दीपावली मिलन समारोह, सीएम धामी भी पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित दीपावली मिलन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा दीपावली पर्व पर आयोजित पूजा-अर्चना में भी भाग लिया।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, विधायक सुरेश गढ़िया, खजान दास सहित अनेक विधायकगण, प्रदेश पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं संगठन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे। दीपावली के इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकाश, सद्भाव, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली का यह पर्व देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी लागू की गई है, जिससे देशभर में व्यापारिक वातावरण और अधिक सरल हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में कमी आने से यह दीपावली “महा बचत उत्सव” के रूप में मनाई जा रही है, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी बड़ा लाभ हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आह्वान किया है। आज भारत मात्र एक बड़ा बाजार नहीं रह गया है, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि वर्ष 2028 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर प्रधानमंत्री के “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को आगे बढ़ाना चाहिए। यह न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित जनों से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

प्रेस क्लब के दीपावली महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित दीपावली महोत्सव-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लक्की ड्रॉ विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब की भूमि के आवंटन की कार्यवाही गतिमान है। इस कार्यवाही के पूरे होने के बाद, उत्तरांचल प्रेस क्लब के लिए भव्य भवन का भी निर्माण कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर आज तक, उत्तराखंड के अनेकों पत्रकारों ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास में लेखनी के जरिए अपनी अहम भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी पत्रकारों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व हम सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा पत्रकारों का जीवन भी दीपावली के दीपकों की तरह है, जो दिन-रात समाज को दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से इस दिवाली स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए हमें अपने देश में स्वदेशी को बढ़ावा देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय योजनाओं को लेकर सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत अनेक वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया जा रहा है। पत्रकारों की पेंशन में वृद्धि, विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों को पूर्व की भांति सूचना विभाग के जरिये देहरादून में रहने की उचित व्यवस्था करने का भी प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के तहत पत्रकार कल्याण कोष का बजट 5 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किया गया है। पत्रकारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। राज्यभर में मीडिया सेन्टरों के आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण का कार्य शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा पत्रकार, सच्चाई और जनहित के लिए जिस समर्पण से कार्य करते हैं, वो प्रशंसनीय है। पत्रकार और पत्रकारिता राजनीतिक और सामाजिक विषयों के प्रचार-प्रसार से कई ज्यादा लोकतंत्र को जीवित रखते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं को जन तक पहुंचाना या आमजन की समस्याओं से सरकार को अवगत कराना, इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों को भी पत्रकार निभाते हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी, महामंत्री सुरेंद्र डसीला एवं अन्य पत्रकार मौजूद थे।

दून विवि में इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, देहरादून में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के वार्षिक अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में सामाजिक कल्याण, अर्थशास्त्र, रोजगार, उद्योग, कृषि, तकनीकी, पर्यावरण और नगरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश-विदेश के प्रख्यात विद्वानों द्वारा सार्थक विचार-विमर्श किया जाएगा। इस चिंतन-मंथन से सामाजिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जन-जन के कल्याण के लिए ठोस एवं व्यवहारिक उपायों का संकलन भी हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। उनके प्रधान सेवक बनने के बाद पिछले 11 वर्षों में अनेक नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक वर्ग के कल्याण की दिशा में संकल्पपूर्वक प्रयास किए गए हैं। अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए प्रारंभ की गई जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना जैसी अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों नागरिकों को प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे अभियान और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार भी प्रदेश में सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूत करने के साथ सतत विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने तथा सभी पेंशन योजनाओं में त्रैमासिक के स्थान पर मासिक भुगतान की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार ने प्रत्येक निर्णय में प्रदेश में सामाजिक न्याय स्थापित करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखते हुए सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ एक सुरक्षित व न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार ने इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन को सुनिश्चित करने के लिए त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति की शुरुआत की है, जो सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, जन्म के समय लिंगानुपात, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सरकार मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति अभियान, स्मार्ट सिटी मिशन और मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर आया है। राज्य में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सतत कृषि और जल संसाधन प्रबंधन जैसी कई चुनौतियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सामाजिक विकास के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों को सशक्त बनाने के लिए टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के साथ तीन अत्यंत महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा ट्रस्ट के सहयोग से राज्य में जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में समग्र और सतत विकास को सशक्त किया जा रहा है, वहीं नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, पायथन, जनरेटिव एआई, कौशल विकास एवं स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी नवाचारों के माध्यम से उत्तराखंड को सस्टेनेबल डेवलपमेंट के एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, आईएएसएसआई के अध्यक्ष एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी, प्रो. आर.पी. ममगांई, प्रो. आई.सी. अवस्थी, प्रो. अलख शर्मा एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।

भरणपोषण एक्ट में दायर किया था बुजुर्ग दंपति ने डीएम न्यायालय में केस, बेदखल न करने का डीएम ने किया आग्रह

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के सम्मुख एक बुजुर्ग दम्पति ने अपने पुत्र एवं पुत्र वधु को बेदखली करने की फरियाद लगाई कि उनको अपने घर से बेदखल करने का डीएम से अनुरोध किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने 2 सुनवाई में ही कैस समझते हुए परिजनों के आपसी विवाद जो परिवार के विखण्डन का कारण बन रहा था को अपनी सूजबूझ से बुजुर्ग दंपत्ति को समझाते हुए अपने तीन नौनिहालों वाले बेटे बहु को बेदखल न करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को समझाया जिससे परिवार को टूटने से बचाने का प्रयास किया है। जहां जिलाधिकारी ने परिजनों को एक-दूसरे के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों का स्मरण कराया वहीं परिजनों को आपस में साथ रहने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने परिजनों को साथ-साथ रहने का अनुरोध किया था निर्धन बेटा-बहु को बुजुर्गों को साथ रखने तथा बुजुर्ग दम्पति को इस अवस्था में पुत्र एवं उसके परिवार का साथ नही छोड़ने के प्रेरित किया। बजुर्ग दम्पति ने बेटे-बहुुुुु से नाराज होकर न्यायालय जिला मजिस्टेªट कोर्ट में भरणपोषण अधिनियम में वाद दर्ज कराया था।
22 अगस्त 2025 को खुड़बुड़ा निवासी बुजुर्ग दम्पति जसंवत सिंह व उनकी पत्नी जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में उनसे मिलकर जिल पुत्र तथा पुत्रवधु द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की तथा पुत्रवधु को बेदखल करने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने दोनो पक्षों को सुना तथा परिजनों का आपसी मनमुटाव दूर कराते हुए आपस में मिलजुलकर रहने की सलाह दी है। जिला प्रशासन की इसकी निरंतर मॉनिटिरिंग करेगा तथा दोनो पक्षों को आपस में मिलजुलकर रहने तथा एक- दूसरे के अधिकारों का अतिक्रमण नही करने का आग्रह किया गया। निर्धन पुत्र व पुत्रवधु एवं बुजुर्ग माता-पिता में सुलह से एक परिवार टूटने से बचने का प्रयास किया।

बुजुर्ग दंपति के 4 पुत्र है जिनमें दो पुत्र अपने परिवार संग अलग रहते हैं, तथा एक दिव्यांग पुत्र तथा पुत्र बंसी जिसके विरुद्ध दंपति ने भरण पोषण अधिनियम में केस दर्ज किया था, उसके 3 नाबालिग बच्चे हैं, जिनमें 2 बालिका तथा 1 बालक है, बेटे का कपड़े का अल्प व्यवसाय है तथा आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिलाधिकारी ने बुजुर्ग दंपति से आग्रह किया कि अपने बेटे बहु तथा नाबालिग नौनिहालों को अपनी घर कुटिया से ना निकाले साथ ही बेटे बहु को बुजुर्गों के प्रति उनके कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां भी स्मरण कराई।

वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन को सीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रदेश के सभी वरिष्ठ नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों को सम्मानित किया तथा वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम पर पौधा रोपण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन और वृद्धिजनों की वाकथन रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज के स्तंभ हैं, जिनका आशीर्वाद और अनुभव समस्त समाज के लिए मार्गदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 6 लाख बुजुर्गों को पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी जनपदों में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवन निर्माणाधीन हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से उधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है।रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ में भी वृद्धाश्रमों की स्थापना के लिए प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। राज्य में इस वर्ष 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की मोतियाबिंद की निशुल्क सर्जरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम भी लागू किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचंद्र गौड़, उपाध्यक्ष शांति मेहरा, हरक सिंह नेगी, एससी आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक समाज कल्याण चंद्रसिंह धर्मशक्तू मौजूद थे।