सीएम ने उत्तरकाशी के पाटा में दी परिवार कल्याण उप केंद्र की स्थापना की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड भटवाड़ी के अन्तर्गत ग्राम पंचायत पाटा में परिवार कल्याण उपकेन्द्र की स्थापना हेतु स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने परिवार कल्याण उपकेन्द्र की स्थापना तथा आवश्यक कार्मिकों के साथ 13.34 लाख रूपये की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति भी दी है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय के अनुसार यह स्वास्थ्य उपकेंद्र 3424 आबादी को लाभान्वित करेगा। जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड भटवाड़ी के अन्तर्गत ग्राम पंचायत पाटा आईपीएचएस मानकों (पर्वतीय क्षेत्र हेतु 3000 एवं शहरी क्षेत्र हेतु 5000) को पूर्ण करता है इसके लिये मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद उत्तरकाशी द्वारा स्थापना की भी संस्तुति प्रदान की गयी है।

एनएचएम के तहत दो वर्षीय कार्ययोजना को भारत सरकार ने दी 1100 करोड़ की सैद्धांतिक स्वीकृति

भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के लिये दो वर्षीय पीआईपी को मंजूरी दे दी है। जिसके तहत करीब 1100 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है। जिसके तहत मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक के निर्माण की स्वीकृति के साथ ही जनपद पौड़ी में आईपीएचएस मानकों के तहत थलीसैंण व रूर्द्रप्रयाग जनपद के गुप्तकाशी में 50-50 बेड के उप जिला चिकित्सालयों के निर्माण की स्वीकृत प्रदान की गई है, जबकि एल.डी. भट्ट उप जिला चिकित्सालय काशीपुर में 200 शैयायुक्त चिकित्सालय के निर्माण को मंजूरी मिली है।

नेशनल प्रोग्राम कोर्डिनेशन कमेटी (एनपीसीसी) भारत सरकार की दिल्ली में सम्पन्न बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 हेतु द्विवर्षीय पीआईपी को दे दी गई है। राज्य की ओर से एनएचएम के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिये आगामी दो वर्षों हेतु करीब 1100 करोड़ के प्रस्ताव की पीआईपी (प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान) भेजी गई थी। जिस पर दो दिन पूर्व नई दिल्ली में आयोजित एनपीसीसी की बैठक में कुछ संशोधनों के साथ सभी प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। जिसके तहत जनपद पौड़ी के श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक के निर्माण, थलीसैंण व गुप्तकाशी में 50-50 बेड के उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर उप जिला चिकित्सालय में 200 शैय्या युक्त अस्पताल भवन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त जी.बी. पंत चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 व टाईप-3 आवास तथा बी.डी. पाण्डेय चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 आवास, ट्रांजिस्ट हॉस्टल, मेडिसिन स्टोर, कार्डिक केयर यूनिट, न्यू ओपीडी ब्लॉक व पार्किंग की स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार जनपद रूद्रप्रयाग कें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों फाटा तथा गुप्तकाशी में एक-एक एमओ ट्रांजिस्ट हॉस्टल की स्वीकृति दी गई है। जबकि टीबी सेनिटोरियम भंवाली नैनीताल व उप जिला चिकित्सालय हल्द्वानी में नवीनीकरण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। एनपीसीसी भारत सरकार द्वारा आगामी दो वर्षों हेतु मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नई गतिविधियों के संचालन हेतु रू0 412.32 लाख, गर्भवती महिलाओं को दुर्गम क्षेत्र से रोड़ साइड एवं घर पहुंचाने के लिये 262 अतिरिक्त डोली-पालकी हेतु रू0 78.60 लाख, 34 एफआरयू के सुदृढ़ीकरण हेतु रू0 89.90 लाख, आशा एवं एनएनएम को एडवोकेसी टूल हेतु रू0 41.44 लाख की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार प्रदेश में 13 वन स्टॉप सेंटर एवं 27 सीएचसी बर्थ वेटिंग होम के संचालन हेतु रू0 34 लाख की धनराशि तथा यूबीटी किट एवं ट्रेनिंग हेतु रू0 34 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।

बयान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनएचएम के तहत आगामी दो वर्षों के लिये विभिन्न परियोजनाओं के तहत करीब 1100 करोड़ की पीआईपी भेजी गई थी, जिसको एनपीसीसी भारत सरकार द्वारा कुछ संशोधनों के साथ सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। इन तमाम योजनाओं की मंजूरी के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगां

-डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूंका कांग्रेस के राज्यसभा सासंद धीरज साहू का पुतला

भाजपा मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश सुमित पंवार के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद धीरज साहू और कांग्रेस का पुतला दहन दून तिराहे पर किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि रांची में कांग्रेस सांसद धीरज साहू के घर इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी जारी है. 200 करोड़ से ज्यादा कैश के बाद अब अधिकारियों ने कई सूटकेस ज्वेलरी बरामद की है.। उन्होंने कहा कि साहू के घर से अथाह संपत्ति मिलने का सिलसिला अभी थमा नहीं है और यह सिलसिला लगभग अनुमान लगाया जा रहा है कि 500 करोड़ से ऊपर जाएगा।
डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार की पोल इस समय जनता के सामने खुल गई है और कांग्रेस स्वयं ही कांग्रेस मुक्त भारत अभियान को पूरा करेगी क्योंकि जिस तरह के कुकृत्य उनके सांसदों, उनके नेताओं के द्वारा निरंतर किया जा रहे हैं। उस तरह से अब वह दिन दूर नहीं जब भारत वर्ष में कांग्रेस का पूर्ण सफाया होगा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा ने कहा कि यह पुतला दहन संपूर्ण प्रदेश में किया जा रहा है जिसका उद्देश्य जन-जन को कांग्रेस के नेताओं द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार से अवगत कराना है। अभी तो यह केवल शुरुआत है कांग्रेस के जितने भी मठाधीश नेता हैं उन सबके पास न जाने कितने हजारों करोड़ की संपत्ति पड़ी हुई है जो भ्रष्टाचार और गरीब जनता का खून चूस कर एकत्र की गई है। मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार ने कहा कि जनता सब जानती है कि इतने वर्षों तक जो कांग्रेस का राज रहा उन्होंने भारत वर्ष की जनता की कमाई का कितना दुरुपयोग किया जो जनता का पैसा है वह केवल कुछ राजनेताओं के पास घरों में इस तरह पड़ा है ,जिससे कि ना जाने कितने विकास कार्य, कितने योजनाएं रुकी हुई है। इन्हीं के कारण देश तरक्की नहीं कर पाया। लेकिन माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अब ऐसे भ्रष्टाचारियों को बक्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, सतीश पाल, सुजीत यादव, ऋषि राजपूत, सचिन अग्रवाल, राधे जाटव, जगावर, माधवी गुप्ता, आशीष अग्रवाल, दीपक धमीजा, मनोज ध्यानी, इंद्र कुमार गोदवानी, पार्षद शिवकुमार गौतम, पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, पवन शर्मा, संजय शास्त्री, पार्षद सोनू प्रभाकर, प्रदीप कोहली, ऋषि राजपूत, अनिल ध्यानी, कृष्ण कुमार सिंघल, नंदकिशोर जाटव, बृजेश शर्मा, पिंटू अधिकारी, चेतन शर्मा, देवदत्त शर्मा, रूपेश कुमार गुप्ता, विनोद भट्ट, संजीव सिलस्वाल, दीपक बिष्ट,, अभिनव पाल, किशन मंडल, हरीश तिवाड़ी, राकेश पारछा, रमेश अरोड़ा, पार्षद राजेश दिवाकर, सरदार विक्की सिंह, सौरभ गर्ग, शैंकी सक्सेना, अरुण बडोनी, रीता गुप्ता, रविंद्र बिरला, अनिकेत गुप्ता ,नितिन राठी, शिवम टुटेजा, मंडल मीडिया प्रभारी रंजन अंथवाल आदि उपस्थित थे।

टिहरी जनपद में हुआ जिला स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव का शुभारंभ

उत्तराखण्ड वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023 के तहत आज कैनिनेट व प्रभारी मंत्री टिहरी प्रेम चंद अग्रवाल द्वारा जिला स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव का विधिवत् दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया गया।

गंगा रिजॉर्ट (जी.एम.वी.एन.) मुनि की रेती, टिहरी गढ़वाल में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि आज उद्यमी उत्तराखण्ड में निवेश करने में उत्साह दिखा रहे हैं और इसका बड़ा आधार यहां का वातावरण, सौन्दर्यीकरण के साथ ही शांति एवं कानून व्यवस्था, ट्रांसपोर्टेशन, विद्युत, रेलवे लाइन, उड़ान सेवा आदि हैं, जो उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है। कहा कि उत्तराखण्ड में लंेड बैंक हेतु 600 एकड़ भूमि निकाली गई है। इसके साथ ही सिंगल विंडों सिस्टम पर जनपद एवं राज्य स्तर पर कार्य हो रहा है, जिसमंे सभी का सहयोग जरूरी है।
उन्होनंे कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है, उन्होंने बाबा केदारनाथ की धरती से कहा कि अगला दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और मा. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार लगातार इस हेतु प्रयासरत है। इस साल चारधाम यात्रा में रिकार्ड तोड़ 56 लाख श्रद्धालु पहुंचे। जनपद प्रभारी मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि जनपद में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं, टिहरी झील विश्व के लोगों के लिए आर्कषण का केन्द्र रहा है, जिसमें हाल ही में ‘‘टिहरी एक्रो फेस्टिवल‘‘ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही जनपद में जी-20 की दो अर्न्तराष्ट्रीय बैठकें सम्पन्न हुई हैं तथा उद्यमियों के लिए निवेश करने हेतु यह अनुकूल जिला है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को गम्भीरता से लेते हुए समाधान की ओर बढ़ेगें।

विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी ने कहा कि देश-प्रदेश को आगे बढ़ाने में ग्राम इकाई को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने छोटे-छोटे कुटीर उद्योगों के उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों को भ्रमण करवाने तथा नई पीढ़ि को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक आस्थान स्थापना के नियमों में सरलीकरण हेतु सरकार प्रयासरत है। उनके द्वारा निवेशकों को जनपद में निवेश करने हेतु आमंत्रित किया गया।

इससे पूर्व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जनपद में उद्यमियों द्वारा निवेश को लेकर बैठक एवं एमओयू की प्रक्रिया चल रह है। उद्यमी जनपद में निवेश करने हेतु काफी उत्साहित है तथा जनपद में निवेश हेतु लक्ष्य के सापेक्ष दोगुने प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिला स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव में 85 से अधिक कंपनी निवेशकों से 11 सौ करोड़ से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 75 करोड़ से अधिक के 03 कंपनियों के 560 करोड़ के प्रस्ताव एमओयू हेतु शासन को भेजे जायेंगे तथा शेष प्रस्तावों पऱ निवेशकों द्वारा हामी भरते हुए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ये कंपनियां जिला उद्योग केंद्र, पर्यटन और नवीनीकरण ऊर्जा में पंजीकृत हैं। कहा कि उद्यमियों से प्राप्त समस्याओं/ सुझाव को गम्भीरता से लेते हुए समाधान किया जायेगा। जनपद में सोलर पॉवर प्रोजेक्ट अधिक है, जिससे बिजली उत्पादन अधिक है, सड़क कनेक्टीविटी, बिजली, कानून व्यवस्था आदि निवेशकों के लिए अनुकूल है।

इस मौके पर पर्यावरणविद् विनोद जुगलान, भारतीय ग्राम उत्थान संस्थान अनिल चंदोला, अध्यक्ष उद्योग एसोसिएशसन संजय अग्रवाल, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन विजय बिष्ट द्वारा अपने-अपने विचार/सुझाव रखे गये। उन्होंनेे जनपद स्तरीय मिनी कॉन्क्लेव के माध्यम से क्षेत्रीय स्टेक होल्डरों को जोड़ने के लिए सरकार की बेहत्तर मुहिम बताया गया। कहा कि इससे छोटी-छोटी समस्याओं/सुझावों का समाधान क्षेत्रीय स्तर पर ही हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जो भी योजनाएं बने, उसमें पर्यावरण का ध्यान रखा जाये। सिंगल विंडो सिस्टम को मॉनिटरिंग करने तथा छोटी-छोटी कमियों को दूर करने की बात कही। उन्होंने नये उद्यमियों और छोटे उद्योग स्थापना के लिए नीति-नियमों में लचीलापन व त्वरित सहयोग के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस मौके पर अध्यक्ष नगरपालिका मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र एच.सी. हटवाल, डीटीडीओ अतुल भण्डारी, डीएचओ आर.एस.वर्मा सहित अन्य अधिकारीक, उद्यमी एवं होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने चिन्यालीसौड़ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे श्रमिकों की जानी कुशलक्षेम

प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने चिन्यालीसौड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के विशेष वार्ड में भर्ती किये गए श्रमिकों से मुलाकात की। इस दौरान श्रमिकों के 17 दिन तक धैर्य रखने पर बधाई दी। जिस पर श्रमिकों ने केंद्र व उत्तराखंड सरकार का आभार प्रकट किया। इस मौके पर बिहार व पश्चिम बंगाल निवासी एक-एक श्रमिक ने प्रभारी मंत्री को बताया कि संकट में उनके राज्य की बिहार व पश्चिम बंगाल की सरकार ने सुध नहीं ली। जिस पर श्रमिकों ने नाराजगी भी जताई।

आज सुबह प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल श्रमिकों से मुलाकात करने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के विशेष वार्ड पहुंचे। यहाँ श्रमिकों से प्रभारी मंत्री ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि आपको मुश्किल में जानकर सरकार ने फौरन देश की सभी एजेंसियों और विदेश के एक्सपर्ट को यहाँ बुलाया।

प्रभारी मंत्री ने बताया कि खुद राज्य सरकार के मुखिया श्री पुष्कर सिंह धामी और वह स्वयं यहां कैम्प किए हुए थे। बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भी लगातार आप सभी को बाहर निकालने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ले रहे थे। साथ ही पीएम कार्यालय से भी अधिकारी यहाँ पहुंचे।

प्रभारी मंत्री ने सभी श्रमिकों से मुलाकात के दौरान उनके धैर्य को भी सराहा। उन्होंने कहा कि आपसभी ने संकट के समय अपने को विचलित नहीं होने दिया। आपके द्वारा सरकार पर भरोसा जताया गया, इसके लिए आपसभी बधाई के पात्र है।

इस दौरान प्रभारी मंत्री जी ने श्रमिकों से उनके 17 दिन के अनुभव भी जाने। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान श्रमिकों के मौके पर उपस्थित परिजनों से भी वार्ता की। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान डॉक्टर की टीम को भी धन्यवाद किया।

प्रभारी मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि बुधवार सुबह श्रमिकों ने नाश्ता कर दाढ़ी भी बनाई। प्रभारी मंत्री डॉ अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का विशेष आभार प्रकट किया। साथ ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का भी आभार जताया।

सफलताः सभी श्रमिक 17वें दिन सुंरग से सकुशल निकाले गए

देहरादून। आज का मंगलवार पूरे देश के लिए मंगलमयी खबर सामने लाया है। डबल इंजन सरकार के सशक्त नेतृत्व और रेस्क्यू टीमों के अथक परिश्रम से ऑपरेशन सिलक्यारा फतह कर लिया गया है। सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिक 17वें दिन सकुशल बाहर आ गए हैं।

उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग में 12 नवंबर को भूधंसाव होने से 41 श्रमिक सुरंग में ही फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। देहरादून से पहुंचे एसडीआरएफ के जवान स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के साथ तत्काल रेस्क्यू में जुट गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके का जायजा लेने पहुंचे। सीएम के दौरे के साथ ही रेस्क्यू अभियान जोर पकड़ गया। राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो गईं।

सुरंग में मलबा हटाने के लिए सबसे पहले जेसीबी लगाई गई, लेकिन ऊपर से मलबा गिरने पर सफलता नहीं मिल पाई तो देहरादून से ऑगर मशीन मंगाकर सुरंग में ड्रिलिंग शुरू की गई।
ऑगर मशीन जवाब दे गई। फिर दिल्ली से अमेरिकन ऑगर मशीन मौके पर पहुंचाई गई। इसके लिए वायुसेना के हरक्यूलिस विमानों की मदद ली गई। इन विमानों ने मशीन के पुर्जों को चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर पहुंचाया और यहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सिलक्यारा पहुंचाया गया।

सुरंग में लगभग 50 मीटर ड्रिलिंग के बाद सरिया सामने आने के कारण इस मशीन में भी खराबी आ गई। फिर हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगाया गया। कटर से ऑगर को काटने के बाद 16वें दिन मैनुअल ड्रिलिंग शुरू की गई और आज 17वें दिन जिंदगी का पाइप श्रमिकों तक पहुंचा दिया गया। यही नहीं सरकार तीन अन्य मोर्चों पर भी काम कर रही थी। इसमें वर्टिकल ड्रिलिंग का काम भी 50 मीटर तक पहुंच चुका था।

रेस्क्यू टीमों को सैल्यूट

राज्य और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां, अधिकारी और कर्मचारी आज 17वें दिन तक पूरी तन्मयता और मनोयोग से रेस्क्यू में जुटी रही। मुख्यमंत्री धामी निरंतर स्थलीय निरीक्षण करने साथ ही रेस्क्यू टीमों की हौसला-अफजाई करते रहे। इसी का फल रहा है कि आज यह मिशन सफल हुआ।
रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, आरवीएनएल, एसजेवीएनएल, ओएनजीसी, आईटीबीपी, एनएचएआईडीसीएल, टीएचडीसी, उत्तराखंड राज्य शासन, जिला प्रशासन, भारतीय थल सेना, वायुसेना समेत तमाम संगठनों, अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।

‘आस्था’ और ‘विज्ञान’ से अंजाम तक पहुंचा ‘मिशन सिलक्यारा’

सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू, विज्ञान और भगवान दोनों की बदौलत सफल हो पाया। कहीं न कहीं इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी देखने को मिला, जिससे एक आस बंधी कि सब कुछ ठीक होगा।
दरअसल, टनल में फंसे श्रमिकों का तो ईश्वर पर अटल विश्वास था ही बचाव अभियान दल ने भी हर रोज देव आराधना के बाद ही रेस्क्यू की शुरुआत की। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और ‘इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन’ के अध्यक्ष अर्नाेल्ड डिक्स भी टनल के मुहाने पर बनाए गए बौखनाग मंदिर में सिर झुकाकर श्रमिकों को सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा।

कामयाबीः छह इंच की पाइपलाइन को किया सिलक्यारा सुरंग के आरपार, खाने की वस्तु पहुंचाने में मिलेगी मदद

सिलक्यारा सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान में आज एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। सुरंग के अवरुद्ध हिस्से में 6 इंच की पाइपलाइन बिछाकर सेकेंडरी लाइफ लाइन बनाने के लिए की जा रही ड्रिलिंग पूर्ण कर मलबे के आर पार 53 मीटर लंबी पाइप लाइन डाल कर इसके जरिये फंसे श्रमिकों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

आज सायं लगभग साढ़े चार बजे एनएचएआईडीसीएल के निदेशक अंशुमनीष खलखो,जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला और टनल के भीतर संचालित रेस्क्यू अभियान के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल ने मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि गत नौ दिनों से चल रहे रेस्क्यू की इस पहली कामयाबी के बाद श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के अहर्निश प्रयास तेजी से संचालित किए जाएंगे।

सुरंग में फंसे श्रमिकों के जीवन की रक्षा के लिए अबतक 4 इंच की पाइपलाइन ही लाइफलाइन बनी हुई थी। अब सेकेंड्री लाइफ लाइन के तौर पर छह इंच व्यास की पाइप लाइन मलवे के आरपार बिछा दिए जाने के बाद श्रमिकों तक बड़े आकार की सामग्री व खाद्य पदार्थ तथा दवाएं और अन्य जरूरी साजो सामान के साथ ही संचार के उपकरण भेजने में सहूलियत होगी। जिससे अंदर फंसे श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित बनाये रखने का भरोसा कई गुना बढ़ा है। इस अच्छी खबर के बाद श्रमिकों और उनके परिजनों साथ ही रेस्क्यू के मोर्चों पर खुशी और उत्साह देखने को मिल रहा है और रेस्क्यू के अन्य विकल्पों को लेकर अब उम्मीदें उफान पर हैं।

इस बीच उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. नीरज खैरवाल ने आज परियोजना व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सुरंग का निरीक्षण कर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया और सेकेंडरी लाइफ लाइन बनाने के काम को सफलतापूर्वक पूरा करने पर रेस्क्यू में जुटे लोगों को बधाई दी।

श्रमिकों की कुशलक्षेम जानने वाले परिजनों का खर्चा उठाएगी धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने का काम तेजी से चल रहा है। इस दौरान यदि श्रमिकों के परिजन हाल जानने को आ रहे हैं तो उनका आवागमन, रहने-खाने का इंतजाम सरकार करेगी। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा दूसरे राज्य के अधिकारियों से बचाव कार्य समेत अन्य जानकारी साझा करने को समन्वय टीम में तीन और अधिकारियों को मौके पर भेज दिया है। सभी अधिकारियों को बचाव कार्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में तत्काल योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग हादसे में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने को बचाव कार्य सभी स्तर पर युद्धस्तर पर चल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुरंग में बचाव कार्य के साथ ही श्रमिकों के कुशलक्षेम पूछने आ रहे परिजनों से बेहतर समन्वय स्थापित कर पल पल की जानकारी साझा की जा रही है। इसके लिए दूसरे राज्यों के श्रमिकों के परिजनों व इन राज्यों के अधिकारियों से संपर्क व समन्वय बनाए रखने को घटना के दिन से ही उत्तरकाशी में पुलिस का कॉट्रोल रूम स्थापित किया जा चुका है। वहां से परिजनों को अपडेट जानकारी दी जा रही है। शासन स्तर पर भी वरिष्ठ आईएएस डॉ नीरज खैरवाल को केंद्रीय संस्थानों, एजेंसियों और विशेषज्ञों की टीम से समन्वय की जिम्मेदारी पहले ही दी गई है। साथ ही एसडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी को भी पहले से मौके पर भेजा गया है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गत दिवस सिलक्यारा में दिए गए निर्देशों पर गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने हरिद्वार के एसडीएम मनीष सिंह, डीएसओ हरिद्वार तेजबल सिंह और डीपीएओ रुद्रप्रयाग अखिलेश मिश्रा को टीम में शामिल करने के आदेश दे दिए हैं। यह सभी अधिकारी जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देश पर श्रमिकों के परिजनों के लिए भोजन, आवास और परिवहन के अलावा बचाव कार्य से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण व्यवस्था देखेंगे। सभी को तत्काल मौके पर जिम्मेदारी का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने श्रमिकों के परिजनों को घटना स्थल तक आवागमन, प्रवास तथा अन्य जरूरी देखभाल का भी पूरा इंतजाम सरकार ने किया है, ताकि श्रमिकों की कुशलक्षेम जानने के लिए यहां आने वाले परिजनों को कोई कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्रमिकों के जो परिजन यहां आना चाह रहे हैं उनके आवागमन का व्यय उत्तराखंड सरकार वहन करेगी। इसके लिए उक्त अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां आने वाले जरूरतमंद परिजनों के मोबाईल रिचार्ज से लेकर भोजन, आवास व आवागमन जैसी जरूरतमंद वाली सभी व्यवस्था की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस काम को पूरी संवेनदशीलता व तत्परता के साथ किया जाय। ताकि सुरंग में फंसे श्रमिकों और उनके परिजनों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।

वहीं, सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिये चलाये जा रहे रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने के भारत सरकार के आग्रह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के टनल विशेषज्ञ अर्नाेल्ड डिक्स भी सिलक्यारा पहुंच गए। अर्नाेल्ड डिक्स इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एशोसिएशन (आईटीए) के अध्यक्ष है।

उत्तराखंड सरकार के केंद्रीय संगठनों से रेस्क्यू अभियान में समन्वय के नोडल अधिकारी और सचिव डॉ. नीरज खैरवाल, एनएचएआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद, निदेशक अंशु मनीष खलखो, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने टनल विशेषज्ञ अर्नाेल्ड डिक्स के साथ विचार विमर्श कर रेस्क्यू अभियान की रणनीति पर चर्चा की।

उधर, सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिये चलाये जा रहे रेस्क्यू अभियान में केंद्रीय संगठनों से समन्वय बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार की तरफ से नियुक्त नोडल अधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने आज सिलक्यारा पहुंचकर राहत और बचाव अभियान का जायजा लिया। श्री खैरवाल अभी एनएचएआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद, निदेशक अंशु मनीष खलखो, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला और रेस्क्यू अभियान में जुटे विभिन्न केंद्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।

गौरतलब कि उत्तराखंड सरकार के द्वारा सिलक्यारा में राहत और बचाव कार्यों में जुटे केंद्रीय संगठनों के साथ समन्वय, अनुश्रवण और राज्य की ओर ज़रूरी सुझाव देने के लिए शासन के सचिव डॉ. नीरज खैरवाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

सिलक्यारा सुंरग हादसाः सरकार ने श्रमिकों के परिजनों को आवागमन व प्रवास सहित अन्य के लिए किया गया है इंतजाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सिलक्यारा सुरंग हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए केन्द्र सरकार के प्रयासों के साथ राज्य सरकार पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ जुटी हुई है। धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस रेस्क्यू अभियान में हर संभव सहयोग करने के साथ ही सुरंग में फंसे श्रमिकों व उनके परिजनों के मनोबल को बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों के श्रमिको के परिजनों व इन राज्यों के अधिकारियों से संपर्क व समन्वय बनाए रखने के लिए शासन स्तर पर भी एक अधिकारी की तैनाती की जा रही है। उत्तराखंड सरकार ने श्रमिकों के परिजनों को आवागमन व प्रवास तथा अन्य जरूरी देखभाल का भी इंतजाम किया है, ताकि श्रमिकों की कुशलक्षेम जानने के लिए यहां आने वाले परिजनों को कोई कठिनाई न हो।
आज सिलक्यारा पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण व समीक्षा करने के बाद सुरंग में फंसे श्रमिकों के परिजनों से भेंट कर उन्हें आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उरनकी हर संभव मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता टनल में फंसे मजदूरों को सकुशल बाहर निकालना है। जिसकी समीक्षा की पीएमओ कार्यालय से की जा रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में हम सभी को मजदूर एवं उनके परिजनों का हौसला बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा सुरंग हादसे से सबक लेकर सुरक्षा के दृष्टिगत उत्तराखंड में राज्य सरकार की टनल परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

इस मौके पर धामी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा संचालित रेस्क्यू अभियान में निरंतर इसी भांति सहयोग करें। रेस्क्यू अभियान में राज्य सरकार के संसाधनों और संगठनों की जो भी आवश्यकता हो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे श्रमिकों व उनके परिजनों का मनोबल बनाए रखने के लिए मनोचिकित्सक के माध्यम से काउंसलिंग की व्यवस्था करने के साथ ही अधिकारी भी उनसे निरंतर संवाद कर उनकी जरूरतों को जानकर पूरा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के जो परिजन यहां आना चाह रहे हैं उनके आवागमन का व्यय उत्तराखंड सरकार वहन करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां आने वाले जरूरतमंद परिजनों के मोबाइल रिचार्ज से लेकर भोजन, आवास व आवागमन का व्यवस्था की जाय। इस व्यवस्था के समन्वय के लिए शासन स्तर पर एक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस काम को पूरी संवेदनशीलता व तत्परता के साथ किया जाय।

इस दौरान उत्तराखंड के मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधू, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डा. रंजीत सिन्हा, विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र राणा, अनु.जाति मोर्चा का राष्ट्रीय मंत्री डा. स्वराज विद्वान मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने की सिलक्यारा सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने सिलक्यारा सुरंग का स्थलीय निरीक्षण कर सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश व दुनिया में उपलब्ध श्रेष्ठतम विशेषज्ञों का लाभ उठाकर सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में जुटे संगठनों और अधिकारियों को अधिकतम तैयारी और आवश्यक संसाधनों का समय रहते मुकम्मल इंतजाम करने की हिदायत देते हुए कहा कि रेस्क्यू के हर विकल्प पर उच्च क्षमता व तत्परता के साथ काम किया जाय।

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सिलक्यारा का दौरा कर सुरंग के भीतर जाकर घटनास्थल का जायजा लिया और सुरंग परियोजना व रेस्क्यू अभियान में जुटे लोगों से इस हादसे व बचाव अभियान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सुरंग में फंसे श्रमिकों के परिजनों से भी मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी ताकत और शिद्दत से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। रेस्क्यू अभियान में शुरुआती दौर में आई कठिनाईयों को देखते हुए अब हर संभव विकल्पों पर एक साथ काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की जान बचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, किसी भी बेहतर संभावना वाले विकल्प के लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े सरकार चुकाएगी। गडकरी एवं मुख्यमंत्री धामी ने परिजनों का आश्वस्त किया कि केन्द्र और राज्य सरकार श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कोई भी कसर बाकी नहीं रहने देगी।

गडकरी ने रेस्क्यू में जुटे संगठनों व प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर रेस्क्यू अभियान की समीक्षा कर नए विकल्पों और संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि देश के साथ ही दुनियाभर में इस रेस्क्यू के लिए उपलब्ध उच्चतम दक्षता, अनुभव और संसाधनों का ब्यौरा तत्काल जुटाकर इस अभूतपूर्व चुनौती से निपटने के लिए जो भी उपयोगी समाधान नजर आए, उस पर फौरन अमल किया जाय। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की जान सबसे कीमती है और इस बचाने के लिए युद्धस्तर पर दिनरात चतुर्दिक प्रयास किए जांय।

बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही सेना, आरवीएनएल, एसजेवीएनएल, ओएनजीसी, बीआरओ, टीएचडीसी सहित विभिन्न संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया।
केन्द्रीय मंत्री गडकरी अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन इस अभियान को लेकर सभी संगठनों से समन्वय करने के साथ ही संसाधनों को जुटाने व स्थल तक पहॅुचाने में मदद करेंगे।

इस दौरान उत्तराखंड के मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधू, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डा. रंजीत सिन्हा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव महमूद अहमद, पीएमओ के उप सचिव मंगेश घिल्डियाल, प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार व उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे, विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, कर्नल दीपक पाटिल, मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, एनएचआईडीसीएनल के निदेशक अंशु मनीष खलखो, अधिशासी निदेशक संदीप सुधेरा सहित विभिन्न विभागों व संगठनों के अधिकारी मौजूद रहे।