सीएम ने मसूरी मे शहीद आंदोलनकारियों के परिवारजनों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मसूरी में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोनकारियों ने जिस उद्देश्य से अलग राज्य की मांग की थी, उसके अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मसूरी शहीद स्थल पर शेड का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हित प्रमाण पत्र बनाने के लिए 06 माह का अतिरिक्त समय दिया गया था। बहुत जिलों में इस पर कार्य हुआ। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की गई है कि इसका दुबारा आंकलन कर व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाय। जनपद देहरादून में चिन्ह्ति सभी 4164 राज्य आन्दोलनकारियों को पहचान पत्र निर्गत किये गये है। राज्य आन्दोलनकारियों को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है। राज्य आन्दोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा सुविधा प्रदान की गयी है। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन सुविधा प्रदान की गई है। शहीद आन्दोलनकारी के पिता को और पिता के जीवित न होने पर माता को और आश्रित को प्रतिमाह पेंशन की सुविधा प्रदान की गयी है। राज्य आन्दोलन के दौरान 172 घायल राज्य आन्दोलनकारियों को 06 हजार रूपये प्रतिमाह तथा 2414 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों को 4500 रूपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। 06 घायल एवं 26 सक्रिय राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों को भी प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 सितम्बर 1994 में मसूरी गोलीकांड की घटना हमेशा हमारे स्मरण में रहेगी। पुलिस की तानाशाही एवं हटधर्मिता को सबने देखा, जो उस समय की सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से करवाया। इस गोलीकाण्ड में हमारे 06 आन्दोलनकारी शहीद हो गये और दर्जनों घायल हो गये। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण में हमारी मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों को पूरा करने के लिए हम सबको प्रदेश के विकास में मिलकर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं सड़कों का नाम संबंधित क्षेत्रों के शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के नाम पर करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मसूरी नगर पालिका परिषद् के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, मसूरी नगर पालिका परिषद् के पूर्व अध्यक्ष मन्नू मल, सिद्धार्थ अग्रवाल, मोहन पेटवाल आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने किया कोटद्वार के आपदाग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थानीय विधायक कोटद्वार तथा विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी के साथ कोटद्वार में आपदाग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

गाड़ीघाटी में कुंभीचौड-रतनपुर को जाने वाले एप्रोच मार्ग पर तेजी से कार्य करने को कहा तथा मालन नदी पर हल्दूखाता- किशनपुर -सिगड्डी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कनेक्टिविटी को बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर बाधित हुई सड़क कनेक्टिविटी को युद्ध स्तर पर बहाल करने को कहा। विभिन्न स्थानों पर आपदा से प्रभावित हुए लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी को दुरुस्त करें तथा वहां पर आवश्यकता के अनुसार फागिंग -चूना छिड़काव करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुई विभिन्न प्रकार की क्षति का व्यापक रूप से आकलन करने के भी निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला प्रयास है कि राज्य में मानसूनी बरसात से जो चीजें अस्त व्यस्त हुई है उनको सामान्य करना है तथा जो लोग आपदा से प्रभावित हुए हैं उनको प्राथमिक रूप से उनकी आवश्यकता के अनुरूप त्वरित सहायता और राहत प्रदान की जाय। तत्पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का त्वरित आकलन करते हुए इसके त्वरित सुधारीकरण के कदम उठाए जाने की बात कही।

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ निरीक्षण कर रही विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया गया है और शीघ्रता से सामान्य स्थिति बहाल करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया।

इस दौरान जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. आशीष चौहान, अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर सुयाल, उप जिला अधिकारी प्रमोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्मिक उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान व केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में बद्रीनाथ मास्टर प्लान एवं केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों सहित बद्रीनाथ एवं केदारनाथ में कार्य कर रहे ठेकेदारों के साथ प्रत्येक कार्य के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की।
मुख्य सचिव ने कार्यों के पूर्ण होने की तिथि निर्धारित करते हुए समय सीमा में कार्यों को पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों एवं मौसम के खराब होने के कारण कार्य किया जाना आसान नहीं है, परन्तु जो काम किए जा सकते हैं उन्हें जरूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भवन तैयार हो गए हैं उनके भीतर जो भी कार्य होने हैं उन्हें समय से शुरू कर दिया जाए। अत्यधिक ठंड के कारण श्रमिकों को कार्य करने में समस्या हो रही होगी, इसके लिए अलाव एवं हीटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सितम्बर माह के पहले सप्ताह के उपरान्त चिनूक हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध हो जाएगा, जो भी भारी निर्माण सामग्री चिनूक के माध्यम से पहुंचायी जानी है उसके लिए अभी से पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे एवं डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चमोली एवं रूद्रप्रयाग जनपद के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं की बैठक ली

चमोली जैसे हादसों की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए प्रदेश में कार्यरत समस्त कार्यदायी संस्थाओं की एक उच्च स्तरीय बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में ली। बैठक में यह तथ्य संज्ञान में आया कि कार्यदायी संस्थाएं इलैक्ट्रिकल वर्क को सिविल वर्क के साथ जोड़ देती हैं। जबकि कार्यदायी संस्थाओं के पास इलैक्ट्रिकल वर्क के लिए पृथक से इंजीनियर उपलब्ध रहते हैं। एक ही एस्टीमेट बनाने तथा एक साथ कार्य कराने से इलेक्ट्रिकल वर्क के लिए अच्छे से कार्य करने तथा सुरक्षा के मानकों का पालन करने में समझौते की स्थिति आती है। सिविल कॉन्ट्रैक्टर्स ही इलेक्ट्रिकल कार्य को करवाते है। बैठक में इस व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए समस्त कार्यदायी संस्थाओं से सुझाव लिये गए।
कार्यदायी संस्थाओं से सुरक्षा मानकों पर चर्चा करते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने सख्त हिदायत दी कि सुरक्षा मानकों के लिए उच्चतम स्तर के मानदंड हैं, उन मानदण्डों के अनुसार ही उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए। एसीएस ने कड़े निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट या कार्य पूर्ण होने के उपरान्त भी सुरक्षा मानक निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप बने रहने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में कार्यरत मजदूरों के अलावा उस भवन, प्रोजेक्ट या मशीनरी में कार्य पूर्ण होने के बाद लगाये जाने वाले श्रमिकों या कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाना तथा सुरक्षा मानकों का समय समय पर परीक्षण करवाया जाना आवश्यक है। बैठक में इसे सुनिश्चित किये जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह तथ्य भी संज्ञान में आया कि सिविल और इलैक्ट्रिकल वर्क का एक ही एस्टीमेट बन जाने से इलैक्ट्रिकल कॉन्ट्रेक्टर्स जो छोटे ठेकेदार है या अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ है, उनके कार्य से वंचित होने की भी समस्या आती है। इस व्यवस्था में परिवर्तन से उनकी दक्षताओं का उपयोग भी इलैक्ट्रिकल कार्यों में किया जा सकेगा। एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि जल्द से जल्द प्रदेश में कार्यदायी संस्थाओं के लिए सिविल वर्क एवं इलैक्ट्रिकल वर्क के लिए स्पष्ट अलग अलग व्यवस्था, सुरक्षा मानकों के लिए उच्चतम स्तर के मानदण्डों का पालन, मजदूरों व कार्मिकों के प्रशिक्षण एवं सुरक्षा मानकों के परीक्षण से सम्बन्धित नई नीति तैयार करते हुए उसे समस्त कार्यदायी संस्थाओं पर लागू किया जाने का उच्च स्तरीय निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में सचिव वी षणमुगम, अपर सचिव जगदीश कांडपाल तथा विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

चमोली में हादसे की मजिस्ट्रीयल जांच हुई सार्वजनिक, आप भी जानिए…

उत्तराखंड के चमोली शहर में नमामि गंगे परियोजना हादसे की मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट को सौंपी गई थी। इसके बाद आज जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष को सार्वजनिक किया गया। इस मजिस्ट्रीयल जांच में एसटीपी संचालन में कई खामियां पायी गई हैं।

इसके लिए प्लांट के संचालन के लिए जिम्मेदार फर्म ज्वांइट वेंचर के जयभूषण मलिक कंस्ट्रक्शन पटियाला और कांफिडेंट इंजीनियरिंग इंडिया प्रा.लि. कोयम्बटूर को दोषी मानते हुए इसका अनुबंध निरस्त करते हुए इसे प्रदेश भर में ब्लैक लिस्ट किये जाने की संस्तुति की गई है। साथ ही अन्य संस्तुतियां भी जांच रिपोर्ट में की गई हैं।

चमोली शहर में नमामि गंगे परियोजना के एसटीपी में बीती 19 जुलाई को करंट दौड़ने से 16 लोगों की मौत हुई थी और 12 लोग घायल हो गये थे। इस घटना की मजिस्ट्रीयल जांच अपर जिलाधिकारी चमोली को सौंपी गई थी। शुक्रवार को लगभग पौने दो सौ पेज की जांच रिपोर्ट जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी ने डीएम को सौंपी।

जांच रिपोर्ट का संक्षिप्त विवरण जिला सूचना अधिकारी कार्यालय के माध्यम से आज जारी किया गया। इसमें दुर्घटना का विश्लेषण, संभावित कारण और निष्कर्ष में उल्लेख किया गया है कि एसटीपी की विद्युत व्यवस्था के लिए किये गये अनुबंध, विद्युत सुरक्षा के मानकों के अनुरूप न होना पाया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि परिसर में अर्थिंग मानकों के अनुसार नहीं की गई थी, जिससे करंट लोहे से बने स्ट्रक्चर में फैल गया। एसटीपी तक पहुंच वाले मार्ग का संकरा होना भी इस घटना के लिए जिम्मेदार माना गया है। अनुबंध फर्म की ओर से किये गये कार्यों के अनुश्रवण और समीक्षा का अभाव, विद्युत विभाग और जल संस्थान के कार्मिकों के मध्य आपसी सामंजस्य का अभाव भी जांच में पाया गया है।

दुर्घटना के लिए जिम्मेदार प्रतिष्ठान, विभाग और कार्मिक-

मजिस्ट्रीयल जांच में ज्वाइंट वेंचर के जयभूषण मलिक कंस्ट्रक्शन पटियाला और कांफिडेंट इंजीनियरिंग इंडिया प्रा.लि. कोयम्बटूर के साथ उत्तराखंड पेयजल निगम/जल संस्थान के मध्य हुए अनुबंध का भी उल्लंघन पाया गया है। विभाग के साथ फर्म की ओर से किये अनुबंध के अनुरूप कार्मिकों की भी तैनाती नहीं की गई थी। दिल्ली निवासी एक्सिस पावर कंट्रोल्स के डायरेक्टर भाष्कर महाजन का ज्वाइंट एडवेंचर फर्म का अधिकृत कार्मिक न होने के बाद भी कार्य करना पाया गया। एसटीपी के रखरखाव और संचालन के लिए फर्म की ओर से जल संस्थान को दिए गये बिलों में भी संदिग्धता पायी गई है।

मजिस्ट्रीयल जांच में दी गई संस्तुति-

चमोली हादसे के जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी चमोली डा. अभिषेक त्रिपाठी ने अपनी जांच में जो संस्तुति दी है उसके अनुसार नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ज्वांइट वेंचर के जयभूषण मलिक कंस्ट्रक्शन पटियाला और कांफिडेंट इंजीनियरिंग इंडिया प्रा.लि. कोयम्बटूर के अनुबंध को निरस्त करने, फर्मों को उत्तराखंड राज्य, भाष्कर महाजन की फर्म एक्सिस पावर कंट्रोल्स दिल्ली को उत्तराखंड में ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही तीनों फर्मों को को पूरे भारत वर्ष में ब्लैक लिस्ट किये जाने की संस्तुति की गई है।

ज्वाइंट एडवेंचर फर्म की ओर से उत्तराखंड पेयजल निगम को दी गई 110.75 बैंक गारंटी को जब्त करने, एसटीपी में घटित 19 जुलाई की घटना के लिए मुख्य जिम्मेदार ज्वाइंट वैंचर के विरुद्ध विधि अनुकूल दंडात्मक कार्रवाई, संबंधित विभागीय कार्मिकों/अधिकारियों जो ज्वाइंट वेंचर फर्म के साथ शर्तों की अनुपालन करवाने में असफल रहे और नियमित निरीक्षण तथा अनुश्रवण करने में असफल रहे उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की भी संस्तुति जांच रिपोर्ट में दी गई है। साथ प्रदेश भर के सभी एसटीपी और अन्य ऐसे प्लांट जहां पर विद्युत सुरक्षा में चूक होने की संभावना हो का विद्युत सुरक्षा का आडिट कराये जाने की संस्तुति की गई है। ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो के साथ ही अन्य संस्तुति भी दी गई है।

फिल्म पहाड़ी रत्न श्रीदेव सुमन का प्रोमो हुआ लांच, सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में उत्तराखण्डी फीचर फिल्म पहाड़ी रत्न श्रीदेव सुमन का प्रोमो तथा पोस्टर का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान क्रांतिकारी श्री देव सुमन की पुण्य तिथि पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि लोग श्रीदेव सुमन के जीवन एवं कार्यों पर आधारित इस फिल्म के माध्यम से श्रीदेव सुमन को अनुभव करेंगे। इस फिल्म के निर्माण के लिए कार्य कर रहे सभी कलाकारों की इसमें भूमिका अहम होगी। श्रीदेव सुमन द्वारा समाज के लिए दिया गया योगदान हम सभी को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने हमेशा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई और तानाशाही के खिलाफ जन-आंदोलन चलाए। अनेक अमानवीय यातनाओं को झेला लेकिन सच्चाई के मार्ग से विचलित नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीदेव सुमन केवल एक जननायक ही नहीं थे, बल्कि उनके भीतर एक अटल देशभक्ति थी। वे एक क्रांतिकारी, बुद्धिजीवी, रचनाकार, पत्रकार एवं दूरदृष्टि की सोच रखने वाले महापुरुष थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन चल रहा था तभी एक आंदोलन टिहरी प्रजामण्डल के द्वारा चलाया जा रहा था, जिसका नेतृत्व श्रीदेव सुमन कर रहे थे। इस लड़ाई को लड़ते-लड़ते उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किए, बहुत प्रताड़ना सहनी पड़ी, कई बार आमरण अनशन भी किया। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और वर्षों तक जेल में रहे, जेल में उनके ऊपर अनेक अमानवीय अत्याचार हुए। इसके बावजूद भी सुमन जी का संघर्ष जारी रहा उन्होंने 3 मई 1944 को अपना ऐतिहासिक अनशन शुरू किया और 25 जुलाई 1944 के शाम को उन्होंने प्राणोत्सर्ग कर दिया। सुमन जी की शहादत स्वाधीनता सेनानियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई। मातृभूमि के लिए स्वयं को आहूत कर श्रीदेव सुमन जी ने पूरे राष्ट्र में क्रांति की अलख जगा दी। सुमन जी के विचार जितने उस वक्त प्रासांगिक थे, उतने ही आज भी हैं। वे सदैव एक प्रेरणापुंज की तरह हमारे हृदय में जीवित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मकारों को देवभूमि उत्तराखण्ड के लिए आकर्षण का केन्द्र बना है। राज्य में फिल्मांकन के लिए क्षेत्रीय फिल्मों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारपुरी का भव्य पुनर्निर्माण का कार्य हो रहा है। बद्रीनाथ में भी मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। कांवड़ यात्रा में भी इस वर्ष चार करोड़ से अधिक शिवभक्त देवभूमि उत्तराखण्ड आये और सकुशल कांवड़ यात्रा सम्पन्न हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के उद्देश्य से दिसम्बर 2023 में देहरादून में “वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023“ आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इसमें प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड निवेशक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। राज्य में निवेशकों के लिए निवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। कृषि और उद्यान के क्षेत्र में भी राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। एप्पल, कीवी, तेजपत्ता और तिमुर मिशन पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। औषधीय पौधों की खेती पर भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं, ये पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने में भी मददगार होंगे। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में पहल की है। राज्य में भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

इस अवसर पर उत्तराखण्डी फीचर फिल्म के निर्माता बिक्रम नेगी, फिल्म निर्देशक, ब्रिज रावत, इस फिल्म में संगीत देने वाले श्रवण भारद्वाज व सुमित गुसाईं, गीत देने वाले पदम गुसाई व बृज मोहन शर्मा वेदवाल, पटकथा व संवाद लिखने वाले देवी प्रसाद सेमवाल, छायांकन देने वाले राजेन्द्र सिंह, नृत्य निर्देशक अरविन्द नेगी, शोध संकलन-कथा सार देने वाले डा.एम आर सकलानी, एसोसिएट डायरेक्टर, राजेन्द्र नेगी, कार्यकारी निर्माता, राजेश मालगुड़ी, प्रेमा नेगी पहाड़ी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों संग सीएस ने ली बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आज सचिवालय में जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों के साथ वाईब्रेंट विलेज योजना के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी वाईब्रेंट विलेज में जाकर देखें कि उन गांवों में किन-किन सेवाओं की सख्त आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि वाईब्रेंट विलेज के तहत क्षेत्र में अटल स्कूलों की शुरूआत की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इन गांवों में और क्या-क्या गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं, इस दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने वाईब्रेंट विलेज के लिए योजनाओं को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गांवों में बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल आदि की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन गांवों के लिए योजनाएं इस प्रकार से तैयार की जाएं कि स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाईब्रेंट विलेज में हेलीपैड तैयार किया जाए। इन गांवों में ब्रेकफास्ट टूरिज्म और साहसिक खेलों से जुड़ी योजनाओं को संचालित किया जाए। इन क्षेत्रों में बुग्याल और टै्रकिंग रूट्स को विकसित कर क्षेत्रवासियों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कौशल विकास विभाग को क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अभिनव कुमार, सचिव नितेश झा, सचिन कुर्वे, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

जोगीवाला में अमृत सरोवर हुआ आमजन को समर्पित, मंत्री डा. अग्रवाल ने किया उद्धाटन

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत अमृत सरोवर जोगीवाला माफी का विधिवत पूजा अर्चना के साथ रिबन काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने पर्यटकों के अनुरूप बच्चों के झूले, ओवर ब्रिज के निर्माण को 20 लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा भी की। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने अमृत सरोवर में नौका विहार का आनंद भी उठाया। इसी के साथ अमृत सरोवर जोगीवाला माफी का विधिवत संचालन प्रारंभ हो गया।

जोगीवाला माफी में इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा क्षेत्रीय विधायक डा. अग्रवाल का भव्य स्वागत भी किया गया। डा. अग्रवाल ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव को पूरा देश धूमधाम से मना रहा है। उत्तराखंड में करीब दो हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। इसी क्रम में जोगीवाला माफी में अमृत सरोवर का निर्माण किया गया है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि इस अमृत सरोवर की लागत 38 लाख 85 हजार रूपये है, जो पंचायत भूमि पर बनाया गया है। बताया कि इसकी लंबाई 71 मीटर और चौड़ाई 51 मीटर है, जो लगभग 3500 मीटर स्कवायर में फैला हुआ है। उन्होंने बताया कि इसमें पानी की मात्रा 5300 क्यूबिक मीटर है।

डा. अग्रवाल ने अमृत सरोवर के स्वरूप को बनाए रखने हेतु कार्य देखने वाली महिला मंगल दल और युवक मंगल दल के पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित भी किया। इस मौके पर जोगीवाला माफी के प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा ने अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण के लिए मदद करने का आग्रह किया। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने 20 लाख रूपये की विधायक निधि देने की घोषणा की। जिस पर ग्रामीणों द्वारा आभार प्रकट किया गया।

इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, प्रधान जोगीवाला माफी सोबन सिंह कैंतुरा, प्रधान चक जोगीवाला भगवान सिंह महर, प्रधान खैरीकलां चन्द्रमोहन पोखरियाल, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी कमला नेगी, कार्यक्रम अध्यक्ष भरत सिंह भंडारी, पूर्व जिपंस अनिता राणा, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, सोनी रावत, प्रधान प्रतिनिधि सरदार बलविंदर सिंह, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, सुशीला नेगी, हरपाल राणा, समाजसेवी मानवेंद्र कंडारी, रोशन कुड़ियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री आदि सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

नौका विहार कर उठाया लुत्फ
रायवाला। डा. अग्रवाल ने अमृत सरोवर के विधिवत उद्धाटन के बाद लाइफ जैकेट पहनकर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल के साथ नौका विहार का लुत्फ भी उठाया। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर इस क्षेत्र के लोगों के लिए आर्थिकी का साधन बनेगा। उन्होंने सरोवर की प्रशंसा करते हुए कहा कि लोगों को नौका विहार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है।

अमृत सरोवर के साथ ही पहाड़ी भोजन का भी मिलेगा जायका
रायवाला। सरोवर के उद्धाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डा. अग्रवाल ने कहा कि यहां पहाड़ी भोजन की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को पहाड़ी भोज का स्वाद चखने को मिलेगा और हमारे भोज को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री से संवाद को बच्चों में दिखी उत्सुकता, सीएम ने भी दिए बेबाकी से जवाब

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तरकाशी स्थित लो.नि.वि. निरीक्षण भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए “सीमान्त गाँवों का विकास कैसे हो“ विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं / एन०सी०सी० कैडेट्स के साथ संवाद किया। साथ ही उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों, पूर्व सैनिक संगठन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल, बार एसोसिएशन व अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद एवं भेंट वार्ता की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शौर्य स्थल, उत्तरकाशी के सौंदर्यकरण एवं टीन सेट लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा शौर्य स्थल में प्रतीक्षालय का निर्माण कार्य कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

“सीमान्त गाँवों का विकास कैसे हो“ विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री धामी के समक्ष सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज सीमांत गांवों के विकास को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज के तहत सीमांत क्षेत्रों में बसे गांवों को विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, राज्य में सरकारी नौकरियों के साथ युवाओं को स्वरोजगार की ओर भी जोड़ रही है। सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक होमस्टे खुलें। स्थानिय लोगों को वहीं पर रोजगार मिले, इन नीतियों पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड में सरकार शिक्षा एवं चिकित्सा पर विशेष ध्यान दे रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाखों लोगों को मुफ्त में इलाज मिल रहा है। उन्होंने कहा वर्तमान में चार धाम यात्रा गतिमान है। चार धाम यात्रा उत्तराखंड की लाइफ लाइन है। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के प्रत्येक मामले को गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ ले रही है। आज केंद्र सरकार सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मोदी जी के नेतृत्व में सेना और ज्यादा सशक्त, शक्तिशाली और साधन सम्पन्न हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्वत माला मिशन के तहत उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को रोप-वे से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिसमें यमुनोत्री धाम भी शामिल है । वर्णावत पर्वत को भी रोपवे से जोड़ने पर कार्य किया जाएगा। हर्षिल जैसी सीमांत घाटियों में एप्पल मिशन के तहत सेब की खेती को बढ़ाए जाने के मकसद से राज्य सरकार ने एप्पल मिशन में धनराशि का प्रावधान 6 करोड से बढ़ाकर 35 करोड कर दिया है। जिससे अधिक से अधिक किसानों को इससे फायदा मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को सवारने का कार्य किया जा रहा है। प्रमुख धार्मिक स्थलों को भव्य एवं दिव्य बनाने पर लगातार कार्य जारी है। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में राम मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। चार धामों को जोड़ने के लिए चौतरफा सड़को का जाल बिछ रहा है। आने वाले समय में चार धाम यात्रा विकासनगर पुरोला क्षेत्र से भी चले इस पर भी कार्य किया जा रहा है।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की।

इस दौरान विधायक सुरेश चौहान, विधायक दुर्गेश लाल, विधायक संजय डोभाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह राणा, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, मीडिया प्रभारी (भाजपा) मनवीर चौहान, राम सुन्दर नौटियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहें।

ग्राम सिरोर, नेताला में प्रातःकाल भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री धामी

दो दिवसीय उत्तरकाशी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सीमांत विकासखंड भटवाड़ी के ग्राम सिरोर, नेताला में प्रातः काल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम वासियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने भागीरथी नदी से हो रहे कटाव के बारे में भी ग्राम वासियों से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों से सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने ग्राम सिरोर के खेतों में पावर वीडर से जुताई की। मुख्यमंत्री ने गांव क्षेत्र में मंडुवे की खेती को बढ़ावा देने के मकसद से ग्राम सिरोर में ’लाइन शोइंग’ विधि से मंडुआ की बोआई की एवं महिलाओ को मंडुए के बीज वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न कृषि उपकरणों के बारे में जानकारी लेते हुए आधुनिक उपकरणों को किसानों को ज्यादा से ज्यादा वितरित किए जाने की बात कही। उन्होंने खेतो में जीवामृत खाद, बीजामृत खाद का भी छिड़काऊ किया। साथ ही जीवामृत खाद, बीजामृत खाद के इस्तमाल को खेतो में ज्यादा से ज्यादा बड़ाए जाने की बात कही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर गांव में फलदार पौधों का रोपण भी किया। उन्होंने कहा कि बंजर भूमि में हम अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाने चहिए। उन्होंने कहा प्रातः काल भ्रमण के दौरान ग्राम वासियों से मिलकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का फीडबैक मिलता है। उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाए जाने का सपना गांव को आदर्श एवं सर्वश्रेष्ठ बनाने से ही पूरा होगा।