राज्य की विभिन्न योजनाओं के लिये सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल एवं कुमाऊं परिक्षेत्रों के नलकूपों पर विभिन्न क्षमता के सर्वाे वोल्टेज स्टैबलाईजर की आपूर्ति एवं अधिष्ठान की योजना हेतु 1.63 करोड की योजना का अनुमोदन प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ नगर के कुमोर वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना 2.77 करोड़, पिथौरागढ़ नगर के ही बजेटी वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना हेतु 2.90 करोड़ तथा पिथौरागढ नगर की विवेकानन्द कालोनी एवं खारकोट वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना के लिये भी 2.91 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी में बिलफेदार-गौरीकोट मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं पक्कीकरण के कार्य हेतु 3.67 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में बाट नेत्रसलान पचेश्वर में पड़ने वाले सेतुओं के निर्माण हेतु 31.75 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

2019 से खटीमा में संचालित केंद्रीय विद्यालय को मिला अपना भवन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 26.23 करोड़ की लागत से निर्मित केंद्रीय विद्यालय, खटीमा का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सभी के लिए हर्ष और गौरव के क्षण हैं। देश में शिक्षा के क्षेत्र में आई नई क्रांति के 5 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर खटीमा में भी ज्ञान और विज्ञान के नए युग का आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने खटीमा को केंद्रीय विद्यालय की सौगात देने के सभी खटीमा वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा केंद्रीय विद्यालय की शिक्षा हमारी सेना, अर्धसैनिक बलों तथा उन तमाम कार्मिकों के बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा यदि मेरे छात्र जीवन के दौरान खटीमा में केंद्रीय विद्यालय होता, तो वो स्वयं भी केन्द्रीय विद्यालय के छात्र होते। उन्होंने कहा खटीमा के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए यहां से पलायन न करना पड़े, इसके लिए उन्होंने विधायक रहते हुए खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किए और आज उसी विद्यालय को अपना भवन भी मिल गया है। उन्होंने कहा खटीमा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से यहाँ के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने और उनके समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिल रही है। इसमें शोध और अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास भी हो रहा है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। जिसके अंतर्गत हमने प्रदेश के 5600 से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में बालवाटिका कक्षाओं की शुरुआत कर एक महत्वपूर्ण और दूरगामी शैक्षणिक पहल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा उनका घर है और वहां के निवासी उनके परिवार के सदस्य। उन्होंने कहा खटीमा से ही उन्होंने जनसेवा की यात्रा प्रारंभ की थी। खटीमा की माटी और लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर, राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल निर्माण के साथ ही पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू करवाई हैं। जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। जिसके परिणाम स्वरूप एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून को लागू किया गया है। राज्य में साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। 200 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ 500 से अधिक अवैध संरचनाओं को भी हटाया है। प्रदेश में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया है जिसके माध्यम से हम राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया गया है। इसके साथ राज्य के 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से भ्रष्टाचार रूपी दीमक को जड़ से समाप्त करने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों में हमने भ्रष्टाचार में लिप्त आईएएस, पीसीएस सहित करीब 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

इस दौरान कार्यक्रम में मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं शिक्षक व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पहुंचे खटीमा, गेस्ट हाउस में सुनी लोगों की समस्याएं, निस्तारण को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह खटीमा में क्षेत्र की जनता से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण हेतु सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के आधार पर हल करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आमजन की परेशानियों को दूर कराने के प्रति गंभीर है और आमजन की समस्याओं का निराकरण करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समयबद्ध तरीके से निराकरण करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों को अपने काम के लिये अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो इसके लिए जिलाधिकारियों को नियमित रूप से जन समस्याओं को सुनने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लगातार फीडबैक ले रहे हैं। जिलाधिकारियों को जनपदों में जनता दरबार, तहसील दिवस आदि की नियमित बैठकें करने के भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता के हित में काम कर रही है और जनहित में जटिल से जटिल मुद्दों को भी सुलझाया जा रहा है।

इस दौरान मेयर काशीपुर दीपक बाली, रूद्रपुर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टुरना, दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा,राजपाल सिंह, गंभीर सिंह धामी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।

गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान के लिए एंकर विभाग पर्यटन विभाग होगाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में चंपावत में गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान के लिए एंकर विभाग पर्यटन विभाग होगा। उसमें आने वाले कम्पोनेंट के लिए सम्बन्धित विभाग कार्यदायी संस्था होंगे। उन्होंने अगले 15 दिन में गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान को फाइनल किए जाने के निर्देश पर्यटन विभाग को दिए।

मुख्य सचिव ने गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान में आने वाले समय में पीक टाईम का अधिकतम पर्यटकों की संख्या के अनुसार पार्किंग एवं रूकने की व्यवस्था आदि का आंकलन करते हुए प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेंट्रल प्लाजा को ओपन एरिया की तर्ज पर बनाया जाए। उन्होंने प्रत्येक शहर में सेंट्रल प्लाजा बनाए जाने की भी बात कही। उन्होंने इसके लिए सचिव शहरी विकास को शहरी निकायों में सेंट्रल प्लाजा की तर्ज पर ओपन एरिया विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लोहाघाट एवं चम्पावत को ट्विन सिटी के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने चम्पावत और लोहाघाट के आसपास के सम्भावित पर्यटन स्थलों को भी तलाशकर विकसित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोहाघाट के पास श्यामलाताल सहित अन्य पर्यटन क्षेत्रों को साथ-साथ विकसित किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि चम्पावत में बनायी जा रही साइंस सिटी का कार्य भी तेजी से पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जनपद में एक-एक साइंस सिटी बनाए जाने की बात कही। कहा कि प्रत्येक साइंस सिटी के लिए एक-एक मेंटर भी निर्धारित किया जाए, ताकि साइंस सिटी को रखरखाव एवं अपग्रेडेशन का कार्य नियमित रूप से चलता रहे।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, नवनीत पाण्डेय एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार उपस्थित थे।
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सीएस ने ली शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में बैठक
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स को पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अभी तक 44 विभागों ने लगभग 15000 करोड़ की लागत के 1020 शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स पोर्टल पर अपलोड किए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को अपने प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रोजेक्ट्स की स्क्रूटनी के लिए वित्त एवं नियोजन सहित प्रशासकीय विभाग द्वारा संवीक्षा करते हुए स्वीकृति दी जाएगी और प्राथमिकता निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यथार्थवादी प्रस्तावों को ही स्वीकृति दी जाएगी।

मुख्य सचिव ने पोर्टल के माध्यम से ही इन प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही। कहा कि प्रोजेक्ट किस स्टेज में है, यह विभाग और शासन सभी को जानकारी मिलती रहेगी। उन्होंने सचिव आईटी को ई-ऑफिस और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग दोनों पोर्टल को शीघ्र इंटीग्रेट किए जाने की बात भी कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गढ़वाल और कुमाऊं के इन दो शहरों में तीमारदारों के लिए बनेगा विश्रामगृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एम.ओ.यू. (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एम.ओ.यू. राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह निर्माण कार्य से संबंधित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह बनने से बड़ी सुविधा होगी। भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को रात्रि विश्राम एवं ठहरने की समस्या का समाधान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सेवादान आरोग्य संस्था से किच्छा स्थित एम्स सैटेलाइट सेंटर में भी यह व्यवस्था करने की बात कही , जिस पर संस्था ने सहमति व्यक्त की।

इस एम.ओ.यू. के तहत सेवादान आरोग्य फाउंडेशन, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृहों का निर्माण करेगा। दोनों मेडिकल कॉलेजों में 350 बिस्तरों की क्षमता वाले विश्राम गृहों का निर्माण प्रस्तावित है।

इन विश्राम गृहों (रैन बसेरों) में रात्रि विश्राम के लिए शयनागार में ₹55 प्रति बिस्तर तथा दो बिस्तरों वाले कमरे ₹300 प्रति कक्ष की दर से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, नाश्ता ₹20 तथा भोजन ₹35 की सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इन विश्राम गृहों का संचालन एवं रखरखाव सेवादान आरोग्य फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून द्वारा 1750 वर्गमीटर एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी द्वारा 1400 वर्गमीटर भूमि विश्राम गृहों के निर्माण हेतु प्रदान की जाएगी। यह एम.ओ.यू. आगामी 20 वर्षों के लिए वैध रहेगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना तथा सेवादान आरोग्य संस्था से अभिषेक सक्सेना, आनंद सिंह बिसेन एवं अमित दास उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने एसआईटी गठित कर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति मामले की जांच के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत संस्थाओं द्वारा की गई अनियमितताओं एवं फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि के गबन के गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए गए हैं।

प्रथम दृष्टया जांच में यह पाया गया है कि कुछ संस्थाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त की है, जिनमें कुछ मदरसे, संस्कृत विद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 2021-22 एवं 2022-23 सत्र के आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल 92 संस्थाएं संदेह के घेरे में हैं। इनमें से 17 संस्थाओं के विरुद्ध प्राथमिक जांच में छात्रवृत्ति गबन की पुष्टि हुई है। इन संस्थाओं में कुछ मामलों में विद्यार्थियों की संख्या, पहचान पत्र (आधार कार्ड), व निवास संबंधी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। उधम सिंह नगर जनपद में सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल तथा रुद्रप्रयाग में वासुकेदार संस्कृत महाविद्यालय जैसे संस्थानों में अनियमितता पाई गई है। इसके अतिरिक्त नैनीताल, हरिद्वार और अन्य जनपदों की संस्थाएं भी जांच के दायरे में हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच करेगी, जिसमें संलिप्त संस्थाओं के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में सात बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें फर्जी मामलों की पहचान कर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करना भी शामिल है।

*प्रदेश में छात्रवृत्ति जैसे कल्याणकारी कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।*

पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री, उत्तराखंड ।

काशीपुर में मंडी सचिव ने ली रिश्वत, विजिलेंस ने पकड़ा

सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी की टीम ने आज मंडी समिति कार्यालय, काशीपुर में कार्यरत प्रभारी मण्डी सचिव पूरन सैनी, पुत्र हरी सिंह को ₹1,20,000 (एक लाख बीस हजार रुपये) की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

प्राप्त शिकायत के अनुसार, पूरन सैनी द्वारा मंडी समिति में लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया के एवज में प्रति लाइसेंस ₹60,000 की अवैध धनराशि की मांग की जा रही थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी द्वारा योजनाबद्ध ढंग से जाल बिछाया गया, जिसके अंतर्गत उन्हें मंगलवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है तथा अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलन में है।

*प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। कोई भी व्यक्ति यदि भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड में ईमानदार शासन व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।*

एक्स पर नंबर-1 पर ट्रेंड हुआ उत्तराखंड निवेश उत्सव

प्रदेश में ₹01 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग पूरी होने पर रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर में उत्तराखंड निवेश उत्सव मनाया गया तो सोशल मीडिया पर इसकी धूम मच उठी। सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर #UttarakhandNiveshUtsav दिनभर देशभर में नंबर-1 पर ट्रेंड करता रहा।

आम नागरिकों के साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों और निवेशकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने सीएम धामी को “कुशल प्रशासक” बताते हुए लिखा कि उत्तराखंड में इतने बड़े पैमाने पर निवेश की ग्राउंडिंग संभव हो सकी है, तो इसका श्रेय उनके निर्णायक नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशैली और विकास के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण को जाता है। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री धामी के विजन के चलते ही आज उत्तराखंड निवेश, नवाचार और नौकरियों का केंद्र बनता जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान ₹3 लाख करोड़ से अधिक के निवेश करार किए गए थे। उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से देश और विदेश के निवेशकों से संवाद किया, रोड शो किए और उत्तराखंड को निवेश के अनुकूल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

इस निवेश से प्रदेश में 81,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। यह पहली बार है जब प्रदेश में किए गए निवेश करारों का 33% से अधिक हिस्सा धरातल पर उतरने में सफल हुआ है। इससे उत्तराखंड देश के निवेश मानचित्र पर एक भरोसेमंद और सक्रिय राज्य के रूप में उभरा है।

नैनीताल की 126 करोड़ 69 लाख लागत की 27 विकास परियोजनाओं का सीएम ने किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लालकुआं, नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल जनपद की लगभग 126 करोड़ 69 लाख लागत की 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में शिक्षा, सड़क, चिकित्सा, सिंचाई, सीवरेज, नगर विकास, सौंदर्यीकरण और निराश्रित गौवंश संरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इस दौरान 25.93 करोड़ की लागत से 9 योजनाओं का लोकार्पण और 100.76 करोड़ की लागत से 18 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाएंगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे देशव्यापी विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज रक्षा, विज्ञान, खेल और अवसंरचना सहित प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, धारा-370 की समाप्ति और कश्मीर में रेल ब्रिज के निर्माण का उल्लेख करते हुए देश की बदलती शक्ति और संकल्प का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जनपद को आदर्श जिला बनाने की दिशा में मानसिक चिकित्सालय, कैंसर संस्थान, आयुष अस्पताल, ओपन जिम, अंबेडकर पार्क, रिंग रोड, बाईपास रोड, एस्ट्रो पार्क, पोलिनेटर पार्क और खेल विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाएं तेज़ी से क्रियान्वित की जा रही हैं। हल्द्वानी को क्लीन एंड ग्रीन सिटी बनाने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज प्रबंधन योजनाएं शुरू की गई हैं, जबकि जाम की समस्या को दूर करने के लिए मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। जमरानी बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना और खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी जैसे प्रयास तराई क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल विकास ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद आदि के विरुद्ध कठोर कदम उठाए गए हैं। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है और यहां देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। गौवंश संरक्षण हेतु “गौ संरक्षण कानून” के तहत ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने जनता से अपील की कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकास यात्रा में सभी नागरिकों को सहभागी बनना होगा।

इन योजनाओं का किया गया लोकार्पण

ओखलकांडा में क्षतिग्रस्त 11 नहरों का पुनर्निर्माण, भीमताल में जिला आयुर्वेदिक भवन, रामगढ़ में मल्ला सूफी-रूसानी-दीगड़-कफूवा लोधिया मोटर मार्ग, बेतालघाट में मल्ली सेठी लिफ्ट सिंचाई योजना, हल्द्वानी में पशु चिकित्सालय में वाहनों की पार्किंग एवं पशुओं हेतु ओटी निर्माण, कालाढूंगी में पशु चिकित्सालय भवन, गंगापुर कबडवाल में गौशाला निर्माण (फेज-1), रामनगर में राजकीय पॉलीटेक्निक भवन और पाण्डे नवाड़ हल्द्वानी में पुनर्वास केंद्र का जीर्णाेद्धार।

इन योजनाओं का किया गया शिलान्यास

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बाढ़ सुरक्षा कार्य, फतेहपुर, कमलुवागांजा, गुनीपुर, पनियाली एवं बच्चीनगर में क्षतिग्रस्त नहरों का निर्माण, कोटाबाग में पॉलीटेक्निक भवन, रामपुर चकलुवा में नलकूप निर्माण, कैंचीधाम परिसर का विकास, भवाली में पर्यटक आवास गृह की मरम्मत, नैनीताल में पर्यटन कार्यालय भवन निर्माण, ग्रामीण मोटर मार्गों का पुनर्निर्माण एवं सुधार, झीड़ापानी वाटरफॉल का विकास, विभिन्न स्थानों पर नलकूप निर्माण, हल्द्वानी में राजपुरा और पर्वतीय मोहल्ला सीवरेज योजनाएं, लालकुआं में गौशाला निर्माण (फेज-2) तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय का पुनरुद्धार कार्य।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैड़ा, मेयर गजराज बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी, दिनेश आर्य, दीपक मेहरा, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पान सिंह मेवाड़ी, रंजन बर्गली, कमलेश कबडवाल, दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा, पूर्व विधायक नवीन दुम्का सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के आयुक्त/सचिव दीपक रावत, डीआईजी रिद्धिमा अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीणा, अपर जिलाधिकारी विवेक रॉय और नगर आयुक्त ऋचा सिंह भी मौजूद थे।

सीएम धामी बोले, देवभूमि उत्तराखंड अब खेल भूमि के रूप में सशक्त रूप से उभर रहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल स्थित डीएसए मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि डीएसए मैदान को उच्च स्तरीय खेल सुविधाओं के साथ एक मॉडल स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन संभव हो सकेगा। नैनीताल में वैकल्पिक पार्किंग का विकास किया जाएगा और फ्लैट्स मैदान में हॉकी टर्फ तथा बॉक्सिंग रिंग स्थापित की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लैट्स मैदान का उपयोग केवल खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया जाएगा और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक रहेगी, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों के हित सुरक्षित रह सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत नैनीताल व हल्द्वानी में सात राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेलों में हार-जीत से ऊपर उठकर खेल भावना को अपनाना ही सच्ची जीत है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारी देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में सशक्त रूप से आगे बढ़ रही है।” उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष जैसे गुणों का भी निर्माण करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत आधार मिला है और भारत अब वैश्विक खेल मंचों पर नई पहचान बना रहा है। उत्तराखंड भी अब देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। इन खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भव्य रूप से किया गया और नैनीताल व हल्द्वानी में सात राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही स्पोर्ट्स लिगेसी प्लान लागू करेगी, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी, जहाँ हर साल सैकड़ों खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जा रहा है। सरकार द्वारा लागू नई खेल नीति के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। साथ ही मुख्यमंत्री खेल विकास नीति, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना के माध्यम से उभरते खिलाड़ियों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उत्तराखंड खेल रत्न और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार जैसे प्रोत्साहनों से खिलाड़ियों की प्रतिभा को उचित मान-सम्मान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष भाजपा प्रताप सिंह बिष्ट, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, मंडी अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू, गंगोलीहाट विधायक फकीर राम टम्टा, राज्य दर्जा मंत्री सुरेश भट्ट, राज्य दर्जा मंत्री दिनेश आर्य, दायित्वधारी दीपक मेहरा, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, अजय वर्मा (महापौर अल्मोड़ा), प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा भाजपा भावना मेहरा, कार्यक्रम आयोजक मोहित आर्या, शांति मेहरा, अधिवक्ता शिवांशु जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता तथा प्रशासनिक अधिकारी कृ कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी कुमाऊं रिद्धिमा अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा, उप जिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।