खटीमा में 50 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में सीएम धामी ने की शिरकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में गौरी शंकर महादेव मंदिर, भ्रह्म कालोनी एंव आरपी पब्लिक स्कूल, मेलघाट रोड में महाशिवरात्रि के अवसर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर नव दम्पतियों को आशीर्वाद व बधाई देते हुए उनके नव दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान दोनों स्थानों पर कुल 50 जोड़ो विवाह सम्पन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने नव दम्पतियों को उनके सुखमय वैवाहिक जीवन के शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कन्यादान को हमारे समाज व संस्कृति में महादान की संज्ञा दी गई है। उन्हें भी एक अभिभावक के रूप में विवाह में शामिल होने का अवसर मिला यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा खटीमा एक बगीचा है जिसमे सभी समुदाय के लोग प्रेम भाव से रहते हैं। यह एक लघु भारत का स्वरूप लगता है, इसी भावना का उदाहरण यह सामूहिक विवाह भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा बेटियां दो-दो घरों को रोशन करती हैं। बेटियों के सशक्त होने से राष्ट्र सशक्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिका एवं महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने सभी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया है। जिससे राज्य में महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में 38 वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ। इन खेलों के आयोजन की चारों ओर प्रशंसा मिल रही है। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में मेडल तालिका में हम 25वें स्थान से 7वें स्थान पर आएं है। जिसमें बेटियों ने अधिक मेडल जीतकर हमें गौरवान्वित किया है।

इस दौरान गीता धामी, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, गणेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नेशनल गेम्स के समापन पर बोले गृहमंत्री, उत्तराखंड की देवभूमि के साथ खेलभूमि के तौर पर भी बनी पहचान

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अन्तरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम गोलापार, हल्द्वानी में 38वें राष्ट्रीय खेल का समापन समारोह आयोजित किया गया। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी. ऊषा ने 38वें राष्ट्रीय खेल के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले सर्विसेज, महाराष्ट्र और हरियाणा को सम्मानित किया।

उत्तराखंड के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड के चारों धामों के देवी देवताओं को प्रणाम करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने देवभूमि को राष्ट्रीय खेलों के नक्शे पर 25वें स्थान से 7वें स्थान पर लाने का कार्य किया है। राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के विजेता खिलाड़ियों ने देवभूमि को खेल भूमि बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी उत्तराखंड के विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उत्तराखंड की मेजबानी का देशभर में गुणगान।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड की आयोजन समिति एवं खेल संगठनों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए पूरे देश में उत्तराखंड की तारीफ हो रही है। पूरा देश उत्तराखंड द्वारा की गई शानदार व्यवस्थाओं के गुणगान कर रहा है। भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद उत्तराखंड राज्य ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में इस कार्य को कुशलतापूर्वक सम्पन्न किया है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेल के सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हार और जीत का खेल से मतलब नहीं है। जीत का जज्बा और हार से निराश न होना, ये खेल का संदेश है। हारने वाले खिलाड़ियों के लिए अगली बार मेडल लाने का मौका है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में 38वें राष्ट्रीय खेलों में इको- फ्रेंडली प्रैक्टिसेज एवं इको फ्रेंडली गेम को धरातल में उतारा गया है। खिलाड़ियों के नाम पर पौधारोपण किया गया। राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों द्वारा कई नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए गए हैं, इन रिकॉर्डों से अंतरराष्ट्रीय खेलों में भी भारत के लिए पदक की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो की यह मशाल उत्तराखंड से अब मेघालय जाएगी। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने यह निर्णय लिया है कि नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में कुछ खेलों के आयोजन से पूरे नॉर्थ ईस्ट को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा को आगामी राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।

हार से लें जीत की प्रेरणा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के वातावरण में सकारात्मक बदलाव आया है। देश भर के कई जिलों में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग की व्यवस्था, खिलाड़ियो को प्रोत्साहन और पारदर्शी चयन के माध्यम से आज विश्व के खेल पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा भारत के खेलों का भविष्य उज्ज्वल है। खेलों में हर बार नए कीर्तिमान स्थापित हो इसकी व्यवस्था केंद्रीय खेल मंत्री ने की है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने फिट इंडिया और खेलो इंडिया के माध्यम से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। खेल हमें हारने के बाद जितने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री को खेल मित्र मानता है हर खिलाड़ी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सफलता सिर्फ शारीरिक क्षमता से नहीं बल्कि दृढ़ निश्चय और मजबूत मन से प्राप्त होती है। अथक परिश्रम और निरंतर प्रयास खिलाड़ियों को आगे ले जाएगी। इन सभी के माध्यम से खिलाड़ी मेडल तक की यात्रा तय कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। आज हर खिलाड़ी प्रधानमंत्री मोदी को खेल मित्र के रूप में मानता है। उन्होंने कहा 2014 में खेल बजट 800 करोड़ था, जो 2025 – 26 में खेल बजट 3800 करोड़ तक पहुंचाया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों में भी हमारे खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। खिलाड़ियों के मेडल से पता लगता है कि देश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और जीतने की भूख में बढ़ोतरी हुई है।

2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार है भारत।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया के माध्यम से उत्तराखंड जैसे छोटे पहाड़ी राज्य ने इतने बड़े खेल आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह बताता है कि भारत का हर राज्य खेलने और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। इस राज्य से, अब फिर राष्ट्रीय खेल का आयोजन एक पहाड़ी राज्यों में जा रहा है। आज खिलाड़ी कई प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार है। 2036 में ओलंपिक के अंदर उत्तराखंड के खिलाड़ी भी मेडल लाकर भारत के तिरंगे का मान बढ़ाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. सुषमा स्वराज एवं पुलवामा में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पुलवामा के जवानों की शहादत ने देश को सुरक्षित किया है। जवानों की शहादत के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर करारा जवाब दिया था। इसी के कारण पूरी दुनिया का भारत के प्रति नजरिया बदला है। इससे दुश्मनों को साफ संदेश गया कि भारत की सेना और सीमा से कभी खिलवाड़ नहीं करना है।

नेशनल गेम्स से उत्तराखण्ड में नई उम्मीदों, और नई संभावनाओं की एक नई शुरुआत -सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के अवसर पर हमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। आज इन खेलों के समापन के अवसर पर हमें देश के गृहमंत्री अमित शाह जी का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हुआ। खेलों के इस महा समागम में देशभर से पधारे 16 हजार से अधिक एथलीट्स ने 35 खेल विधाओं में प्रतिभाग कर कुल 448 स्वर्ण 448 रजत तथा 594 कांस्य पदक जीते। कई खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर अनेक रिकॉर्ड स्थापित किए गए और भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखने वाले बहुत से चौंपियन भी उभर कर सामने आए हैं। इन खेलों में जहां हमने पहली बार योग और मलखंब जैसे अपने पारंपरिक खेलों को शामिल करने का कार्य किया वहीं रात्रि काल में रिवर राफ़्टिंग की प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों को ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित किया गया। इस आयोजन में प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने के साथ ही बिजली के लिए सोलर एनर्जी का उपयोग भी किया। खिलाड़ियों को दिए गए मेडल को ई-वेस्ट और खेल किटों को रीसाइकिल्ड पदार्थों से तैयार किया गया। ट्रांसपोर्टेशन के लिए ई-वाहनों का प्रयोग भी किया गया। 2.77 हेक्टेयर वन क्षेत्र को ’खेल वन’ के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें प्रत्येक पदक विजेता खिलाड़ी के नाम से रूद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राष्ट्रीय खेल में देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी और ऋषिकेश जैसे मैदानी शहरों के साथ ही अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे सुदूर पहाड़ी स्थानों में भी खेल स्पर्धाएं आयोजित की गई। चकरपुर जैसे एक छोटे से कस्बे में भी राष्ट्रीय खेलों की प्रमुख स्पर्धा का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय खेल में जितने भी वाटर स्पोर्ट्स के इवेंट्स हुए, सभी को उत्तराखंड की हाई एल्टिट्यूड पर स्थित झीलों एवं नदियों में आयोजित किया गया। इन खेलों के आयोजन के लिए अस्थाई निर्माण की बजाय प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थाई स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रयास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों को सफलतापूर्वक आयोजन के साथ उत्तराखंड ने इन खेलों में 24 स्वर्ण पदकों के साथ रिकॉर्ड 103 पदक अर्जित किए। इन परिणामों से हमारे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि “अतिथि देवो भवः“ की प्राचीन परंपरा के अनुसार खेलों के आयोजन के दौरान प्रयास किया गया कि विभिन्न राज्यों से पधारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय खेल में आये खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ देवभूमि उत्तराखंड से अपने इस रिश्ते को बनाए रखेंगे और भविष्य में सपरिवार उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता को देखने अवश्य आएंगे। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों का समापन आप सभी खिलाड़ियों के लिए खेल अवसरों का अंत नहीं, बल्कि नई उम्मीदों, नए संकल्पों और नई संभावनाओं की एक नई शुरुआत है।

उत्तराखंड को राष्ट्रीय खेल के आयोजन की जिम्मेदारी देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा खेल मंत्री मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान देने वाले भारतीय ओलंपिक संघ, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन, खेल विभाग और सभी वॉलेंटियर्स का भी आभार व्यक्त किया। प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के लिए मेघालय को भी उन्होंने अग्रिम शुभकामनाएं दी।

केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने 38 राष्ट्रीय खेलों के शानदार आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजना के बाद देवभूमि उत्तराखण्ड खेलभूमि भी बन गई है। उन्होंने इस राष्ट्रीय खेल में पदक प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश स्पोर्ट्स हब बने इसकी शुरूआत आज से हुई है।

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी. ऊषा ने कहा कि बहुत कम समय मिलने के बावजूद भी उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल की हर स्पर्धा का शानदार आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में खेल और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ियों ने संकल्प से शिखर तक को आत्मसात कर उत्तराखण्डियों को गर्व से अभिभूत किया। राज्य की रजत जयंती को स्वर्णिम बनाया है। हमारे खिलाड़ियों ने उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में आगे बढ़ाया है। उत्तराखंड की जनता ने राष्ट्रीय खेल के महा आयोजन को सफल बनाया है

इस अवसर पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट उपस्थित थे।

विभिन्न विस क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के लिये सीएम ने प्रदान की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अंतर्गत “डोलमा से बिर्थी तराली तक सम्पर्क मार्ग का कार्य किए जाने की घोषणा हेतु ₹ 65.10 लाख (रू० पैसठ लाख दस हजार मात्र) की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करते हुए ₹ 39.06 लाख (उन्चालीस लाख छः हजार) की धनराशि स्वीकृत किए है। विधानसभा क्षेत्र धारचूला के अंतर्गत ’ग्राम सभा निर्ताेली में शिव मंदिर मेला स्थल का विकास किए जाने की घोषणा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹ 59.64 लाख (रू० उनसठ लाख चौसठ हजार मात्र) की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करते हुए ₹ 35.784 लाख (रू० पैंतीस लाख अठहत्तर हजार चार सौ मात्र) की धनराशि स्वीकृत प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में,“निर्ताेली लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस से बुरानी तक सी०सी० मार्ग का कार्य किए जाने के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹ 66.82 लाख (रू० छियासठ लाख बयासी हजार मात्र) की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करते हुए ₹ 40.092 लाख (चालीस लाख नौ हजार दो सौ मात्र) की धनराशि स्वीकृत प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (जी.पी.एफ) खातों में जमा धनराशि पर अर्जित ब्याज हेतु ₹ 6,40,19,014.00 (रू० छः करोड़ चालीस लाख उन्नीस हजार चौदह मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने भवन रहित शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालय भवन निर्माण की योजना के अन्तर्गत जनपद उधमसिंहनगर की नगर पंचायत शक्तिगढ एवं लालपुर को उनके कार्यालय भवन निर्माण हेतु वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री द्वारा उक्त योजना हेतु ₹ 195.64 लाख (रू० एक करोड पिचान्बबे लाख चौसठ हजार मात्र) की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करते हुए ₹ 117.38 लाख (रू० एक करोड़ सत्रह लाख अड़तीस हजार मात्र) की धनराशि प्रदान की है।

सीएम ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का किया गया समापन

38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत चंपावत जिले के शारदा नदी में राफ्टिंग (डैमो) प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न हुई। अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। प्रथम बार रात्रि में राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। समापन समारोह पर बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उनकी धर्मपत्नी गीता धामी ने रात्रि में आयोजित राफ्टिंग प्रतियोगिता का अवलोकन किया तथा विश्व रिकॉर्ड के साक्षी बने। मुख्यमंत्री एवं गीता धामी ने समापन समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आए विजेता प्रतिभागियों को मैडल प्रदान का सम्मानित किया।

उत्तराखंड में राफ्टिंग के क्षेत्र में ऋषिकेश के साथ-साथ टनकपुर शारदा क्षेत्र भी अब विकसित हो गया है। यहां लगातार राफ्टिंग हो रही है जिससे पर्यटन विकास बढेगा।

कार्यक्रम क्षेत्र (ग्राम उचौलिगोठ) के दो युवाओं की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण राफ्टिंग प्रतियोगिता का समापन कार्यक्रम सादगी पूर्वक सपन्न हुआ। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरस्त किया गया। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मृत दोनों व्यक्तियों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भारत नेपाल सीमा देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है जहां देवों का वास होता है और यहां के प्रत्येक घर से सेना को सैन्य बलों में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा में योगदान यहां के लोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से अब यह भूमि खेल भूमि के रूप में भी स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे राज्य के खिलाड़ियों ने मैडल प्राप्त कर अपना बेहतर स्थान बना लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का कहना है 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा उसके अनुरूप आज उत्तराखंड राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा टनकपुर के मां शारदा ने जन्म जन्मांतर अपना आशीर्वाद यहॉं के लोगों को दिया है,आने वाले समय में यहॉं राफ्टिंग से अनेक प्रकार से यहॉं के लोगों को लाभ मिलने के साथ ही माँ शारदा का आशीर्वाद मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नशा मुक्त उत्तराखंड का जो संकल्प लिया है। उन्होंने कहा निश्चित रूप से यहॉं राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत खेलों के आयोजन हेतु जो मूलभूत सुविधाएं राज्य में स्थापित हो गई है। उन सुविधाओं का लाभ हमारे युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारी देवभूमि उत्तराखंड में होना बेहद गौरव और सौभाग्य की बात है। साथ ही राष्ट्रीय खेलों में राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता का चंपावत में होना और भी अधिक गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इन खेलों के जरिए चंपावत का पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है को देश भर में पहचान मिली है। इसके अलावा देवभूमि में राष्ट्रीय खेल के आयोजन से चंपावत के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पदक पहनाकर सम्मानित किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत में आयोजित राफ्टिंग (डेमो स्पोर्ट) प्रतियोगिता के आयोजन से जनपद को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया है। उन्होंने आए सभी प्रतिभागियों को बधाईयां और शुभकामनाएं प्रेषित की। साथ ही उन्होंने कहा को प्रतिभागी मेडल प्राप्त नहीं कर सके उनको भी मायूस नहीं होना है, बल्कि निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने कहा कि चंपावत के टनकपुर में देशभर से राफ्टिंग प्रतिभागी आए हैं, सभी ने अपना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी विजेताओं बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर चंपावत में राष्ट्रीय खेल की प्रतियोगिता होने से जनपद की पहचान में वृद्धि होगी तथा इसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।

इस अवसर पर एशियन फैंसिंग एसोशिएशन के महासचिव राजीव मेहता, राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह,प्रशासक जिला पंचायत ज्योति राय,ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी,अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार,चंपावत प्रेमा पाण्डे,बनबसा रेखा देवी,खटीमा रामू जोशी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह,अपर जिलाधिकारी जय वर्द्धन शर्मा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा खेल प्रबंधन के अधिकारी, गणमान्य नागरिक समेत स्थानीय जनता एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

हल्द्वानी की सड़कों पर पैदल चले सीएम धामी, सौंदर्यीकरण की सराहना की

हल्द्वानी में स्मार्ट सिटी के तर्ज पर सड़कों का चौड़ीकरण कराया गया है। साथ ही सड़कों का सौंदर्यीकरण स्थानीय कुमाऊनी संस्कृति में भित्तिचित्र बनाकर सजाया जा रहा है। हल्द्वानी भ्रमण पर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नैनीताल रोड काठगोदाम से नरीमन चौराहे तक पैदल चल कर सड़क का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने बनाए गए भित्तिचित्र व पेंटिंग को देखा व किए गए सौंदर्यीकरण की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं भी पेंटिंग की। जिलाधिकारी वंदना ने अवगत कराया कि कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्र का प्रवेश द्वार होने के कारण यहॉं से बड़ी संख्या में आम लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। जिससे जाम की स्थिति रहती थी। इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण को हटाते हुए सड़क को 9 मीटर से 24 मीटर चौड़ा कर इस क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी कर दिया गया है। जिससे पर्यटक कुमाऊं की संस्कृति से लेकर पर्यटन,वाइल्डलाइफ यहॉं के रहन सहन से रूबरू हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान हल्द्वानी में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कुमार डब्बू, आयुक्त कुमाऊँ व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी डॉ योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा, नगर आयुक्त ऋचा सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

खटीमा में पहुंचे सीएम, जन समस्याए सुनकर किया निस्तारण

मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय लोहियाहेड, खटीमा में जनता से संवाद किया व जन समस्याएं सुनी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय, लोहियाहेड, खटीमा में जन संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा उपस्थित रहे।

हर पीड़ित परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़ी है सरकारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक दिवसीय कार्यक्रम हेतु हल्द्वानी पहुंचे। सर्वप्रथम उन्होंने डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में जाकर बीते रोज भीमताल में हुए बस दुर्घटना में घायलों से मुलाकात की। इस दौरान अस्पताल प्रशासन को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए। साथ ही कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सड़क हादसों को रोकने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

बृहस्पतिवार को अपने प्रस्तावित कार्यक्रम में हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सबसे पहले सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने बुधवार को भीमताल में बस दुर्घटना में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि घायलों की हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने घायलों के परिजनों से भी मुलाकात की साथ ही उन्होंने गंभीर रूप से घायल लोगों को आवश्यकता अनुसार हायर सेंटर रेफर करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसे सड़क हादसों को रोकने के लिए अन्य राज्यों से आ रही गाड़ियों के लाइसेंस की जांच और अन्य दस्तावेज की जांच संघन चेंकिंग अभियान चलाया जाएगा। साथ ही यातायात को नियंत्रण करने के लिए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को जिम्मेदारी दी गई है।

गौरतलब है कि बस हादसे में 5 लोगों की मौत और गंभीर रूप से दो घायलों को एम्स ऋषिकेश हेली एम्बुलेंस के जरिए शिफ्ट किया गया। जबकि अन्य घायलों का इलाज एसटीएच में किया जा रहा है। बस दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। इसमें उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा ₹5 लाख जबकि सड़क सुरक्षा निधि से 2 लाख और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 3 लाख रुपए दिए जाएंगे। साथ ही गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹3 लाख एवं सामान्य रूप से घायल व्यक्तियों को ₹15- ₹25 हजार दिए जाएंगे।

सीएम ने कांडा महोत्सव में 84.80 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांडा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बागेश्वर जिले की 83 करोड़ की 11 योजनाओं का शिलान्यास एवं 1.80 करोड़ की योजना का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को और गति प्रदान करने के लिए अनेक घोषणाएं भी की।

कांडा महोत्सव को राज्य की अनमोल धरोहर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव की हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखने तथा उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में अद्वितीय योगदान देने में बड़ी भूमिका रही है। ये महोत्सव हमारे छोटे व्यापारियों, कारीगरों और किसानों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और उनकी बिक्री करने का मंच प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति ही हमारी मूल पहचान है और हम जीवन में किसी भी स्तर पर हों या विश्व में कहीं भी चले जाएं, हमारी पहली पहचान ये है कि हम उत्तराखंड वासी हैं। उत्तराखण्ड की संस्कृति, उत्तराखण्ड के पहनावे और उत्तराखण्ड के खान पान पर हमें सदैव गर्व रहना चाहिए। उन्होने कहा कि ऐसे आयोजनों के कारण ही हमारी लोक संस्कृति और भी अधिक सुदृढ़ होती है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अद्भुत कार्य करने के लिए उन्होने आयोजकों के प्रयासों को भी सराहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है। वहीं वोकल फॉर लोकल,मेक इन इंडिया,मेड इन इंडिया जैसे पहलुओं के माध्यम से हमारे स्थानीय उद्योगों और स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। इस दिशा में हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत भी की है। जिसमें स्थानीय उत्पादों को राज्य में ही नहीं अपितु राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। प्रदेश में एक लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है। पहाड़ी उत्पादों का पहचान दिलाने के लिए हाउस ऑफ हिमालया ब्रांड बनाया गया है। प्रदेश सरकार ने एक जनपद दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों में बढ़ोत्तरी किए जाने का काम अनवरत रूप किया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पहाड़ों से हो रहे पलायनों को रोका जाए। गांव में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय निवासियों को होम स्टे के माध्यम से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्रदान किया जा रहे हैं। उत्तराखंड में होम स्टे पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों आजीविका मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए सरकार ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। रेल लाइन बनने से बागेश्वर के साथ ही चंपावत व पिथौरागढ जनपदों में भी विकास के अनेकों संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के विकास के लिए वह सब कार्य पूर्ण हो रहे हैं, जिनका यहां की जनता को लंबे समय से इंतजार था।

जिले के विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं-
कांडा को विकासखंड़ बनाने के लिए जो भी औपचारिकताएं है उसे आगे बढाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। बनकोट क्षेत्र को बागेश्वर क्षेत्र में जोड़ने के लिए दोनों क्षेत्रों से एनओसी लेकर विधिक राय लेकर उस पर कार्यवाही की जाएगी। जनपद में सैनिकों के लिए कैंटीन भवन का निर्माण कराया जाएगा। कांडा क्षेत्र में मल्टी लेवल पार्किंग निर्माण व राइंका देवतोली भवन का पुर्ननिर्माण कार्य एवं देवतोली क्षेत्र में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री ने सरयू घाटी एवं शामा क्षेत्र में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कराये जाने के साथ ही बिलखेत-गैराड़ मोटर मार्ग का नाम स्व.हीरा सिंह धपोला एवं कर्मी-तोली मोटर मार्ग का नाम स्व. हयात सिंह गढ़िया के नाम से रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांडा में नर्सिंग कॉलेज निर्माण जल्द पूर्ण कराया जाएगा तथा बागेश्वर में नशा मुक्ति केंद्र का कार्य किया जाएगा तथा जिले में सभागार निर्माण हेतु रेडक्रॉस भवन का निर्माण कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास एवं लोकार्पण-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर जिले के लिए 8299.64 लाख की 11 योजनाओं का शिलान्यास एवं 180.25 लाख की एक योजना का लोकार्पण किया। विधानसभा बागेश्वर अंतर्गत रूनीखेत-गांधीग्राम-अमतौड़ा मोटर मार्ग में डामकरीकरण कार्य 192.30 लाख एवं अकुणाई-अणा-लोहारचौरा मार्ग का सुधारीकरण कार्य 442.08 लाख तथा विधानसभा कपकोट अंतर्गत कांडा-सानिउडियार-रावतसेरा मोटरमार्ग में सुधारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य 2294.03 लाख,कफनी ग्लेशियर मार्ग पर सुंदरढुंगा ग्लेशियर से कफनी ग्लेशियर की ओर क्षतिग्रस्त मार्ग का नव निर्माण 96.98 लाख, बागेश्वर-कपकोट-तेजम मोटर मार्ग व असों बैड़ा पाखड़ दोफाड़ मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य 94.73 लाख तथा चीराबगड़ से पोथिंग मोटर मार्ग कार्य 768.46 लाख, भ्यूं गुलेर मोटर मार्ग 661.62 लाख, भ्यूं गड़ेरा मोटर मार्ग 927.89 लाख, खंडलेख भनार मोटर मार्ग 542.66 लाख, कपकोट-पिंडारी-रिखाड़ी-वाछम मोटर मार्ग 1591.29 लाख व कमेड़ी देवी स्यांकोट मोटर मार्ग 687.60 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया। वहीं जिस एक योजना का लोकार्पण किया उसमें विधानसभा कपकोट अंतर्गत दूणी सुकंडा मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य 180.25 लाख सम्मिलित है।

क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढ़िया ने मुख्यमंत्री के मेले में प्रतिभाग करने पर क्षेत्रीय जनता की ओर से आभार व धन्यवाद प्रकट किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के विकास कार्याे एवं उपलब्धियों को गिनाया। विधायक ने विधानसभा के विकास कार्याे को और गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष कई मांगे रखी।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, निवर्तमान अध्यक्ष जिला पंचायत/प्रशासक बसंती देव, ब्लाक प्रमुख/प्रशासक गोविंद सिंह दानू, जिलाध्यक्ष भाजपा इंद्र सिंह फर्स्वाण, डीएम आशीष भटगांई, एसपी चंद्रशेखर आर घोड़के, सीडीओ आरसी तिवारी, निवर्तमान अध्यक्ष कांडा महोत्सव हीरा सिंह कर्मयाल, संरक्षक गुसाईं सिंह धपोला, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

बेहतर शिक्षा देना हमारा उद्देश्य होना चाहिएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मल्लिकार्जुन स्कूल लोहाघाट का दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण करते हुए कहा कि शहर के बच्चे को बेहतर शिक्षा देना हमारा उदेश्य होना चाहिए उन्होने कहा कि यह विद्यालय स्व. मल्लिकार्जुन जोशी जी द्वारा इस क्षेत्र में बच्चों को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जो परिकल्पना की गई थी उस परिकल्पना को साकार करने की दिशा की प्रयासरत है। उन्होंने कहा की विद्यालय कि प्रयोगशाला में बच्चों ने बहुत ही शानदार प्रयोग का प्रदर्शन किया है इसके लिये उन्होने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मल्लिकार्जुन विद्यालय के बच्चे हमारा भविष्य हैं। इनमें से कोई डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, पत्रकार, प्रशासनिक सेवा में जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भी वे जाएंगे उन क्षेत्रों को नेतृत्व देने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिक शिक्षा माता-पिता से प्रारंभ होती है उसके बाद बच्चों को शिक्षा, संस्कार, व्यक्तित्व का विकास विद्यालय द्वारा किया जाता है। शिक्षण संस्थान बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था किसी भी समाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस नए विद्यालय का लोकार्पण हुआ है उम्मीद है कि शिक्षा के क्षेत्र में और तेज गति से हमारे छात्र-छात्राओं को रोजगार परक शिक्षा देकर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उनको सफलता प्राप्त करने में सहायता करेंगे। उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति आने से शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिलना प्रारंभ हुआ है जिससे बच्चों और युवाओं में निश्चित रूप से एक वैज्ञानिक सोच का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है। उन्होने कहा कि 11वीं शताब्दी तक हमारी प्राचीन भारतीय शिक्षा का जो गौरव था वह अपने चरम पर था जब दुनिया के लोग शिक्षा व्यवस्था के बारे में नहीं जानते थे तब हमारे देश ने पूरे विश्व को ज्ञान विज्ञान की शिक्षा देने का काम किया। उस समय हमारे देश में नालंदा व तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा के केन्द्र थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा प्राचीन शिक्षा के समग्र दृष्टिकोण को फिर से प्राथमिकता देकर प्राचीन भारतीय शिक्षण प्रणाली के गौरव को पुनःस्थापित करने में लिया गया एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने के लिए वह प्रतिबद्ध है। जब शिक्षकों द्वारा हमारे छात्र छात्राएं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी तभी यह हमारा संकल्प पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि जब भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे तो भारत दुनिया में विकसित भारत के रूप में पहचान बनायेगा विकसित भारत का संकल्प लेकर भारत पूरे विश्वगुरु के रूप में उभरेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र शिक्षा को अपने जीवन की सर्वाेच्च प्राथमिकता बनाए जब छात्र व छात्राएं आगे बढ़ते है तो उससे माता-पिता, शिक्षकों, स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन होता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पर्वतीय/सीमांत क्षेत्रों से नौजवान निकलकर पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर नए कीर्तिमान स्थापित करने का काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की आज अनेक ऐतिहासिक फैसलों के लिए पूरे देश में एक मॉडल के रूप में पहचान बन रही है। उन्होंने कहा कि परिक्षाओं के पहले नकल के कारण से हमारे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। परीक्षा उपरांत अखबारों में छप जाता था कि परीक्षा में धांधली हुई है। परिणाम में जिनका नाम आना चाहिए चयन सूची में उनका नाम नहीं आता था। लगातार गरीब माता-पिता के बेटे और बेटियों का हौसला कम हो रहा था। राज्य सरकार ने दिशा की पहल कर पूरी तरह से नकल के विरूद्ध कड़े निर्णय लेते हुए देश का सबसे कठोर नकलरोधी कानून बनाया। इस कानून के तहत नकल में पकड़े जो भी व्यक्ति चाहे छोटा हो बड़ा हो कोई अधिकारी क्यों न हो उसके खिलाफ हमने कड़ी कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर 100 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का काम किया है साथ ही तय किया है कि कोई भी गरीब माता-पिता के बेटे और बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा और उनकी मेहनत और लग्न पर डाका डालेगा उसपर नकलरोधी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करेंगे। इस कानून में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया है। राज्य सरकार द्वारा तीन साल में 19 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न करवा कर युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हित में सरकार ने अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं राज्य में समान नागरिक संहिता का कानून बनकर तैयार हो गया है जिसे जल्दी ही लागू करने के साथ ही सशक्त भूकानून हेतु भूमाफियाओं पर नकल कसने का काम भी सरकार कर रही है,इसकी शुरुआत कर दी है। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बैठक करके सभी जिलाधिकारी व एसडीएम को यह निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने स्तर से सबसे सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट शासन को प्रेषित करें राज्य सरकार शीघ्र ही सभी की भावनाओं के अनुरूप एक सशक्त भूकानून बनाएगी।

उन्होंने कहा कि आज हम विकास के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं विकास के क्रम में आज हमारा उत्तराखंड राज्य नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य में पूरे देश में पहली रैंक पर आया है। उत्तराखंड राज्य बेरोजगारी दर के मामले में राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ा है। उत्तराखंड में बेरोजगारी दर 13.4 प्रतिशत से घटकर 9.4 प्रतिशत पर आ गई है जिसमें हमने 4.4 प्रतिशत की कमी की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय के बाद राज्य की बहुत सारी परियोजनाओं को आज भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं में पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज और उधमसिंह नगर में एम्स बन रहा है। देश के अंदर बनने वाले 12 औद्यौगिक आस्थानों मे से एक उत्तराखंड राज्य को भी मिला है जिसका कार्य प्रारंभ हो रहा है, औद्योगिक स्मार्ट सिटी बनने से उत्तराखंड राज्य के 1 लाख नौजवानों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है, महिलाओं के आर्थिक उन्नयन के लिए हाउस आफ हिमालय ब्रांड प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने प्रारंभ किया है।

आदर्श जनपद चम्पावत की परिकल्पना हो रही है सरकार-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आदर्श जनपद चंपावत की परिकल्पना की ओर तेज गति से अग्रसर है। विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य गतिमान है,जिले में सम्पर्क फाउंडेशन द्वारा 333 राजकीय प्राथमिक एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट टीवी विषयवार फ्री लोडेड उपलब्ध कराई गई है। यूकॉस्ट के माध्यम से चंपावत में साइंस सेंटर बनाया जा रहा है। जिले में लैब ऑन व्हील कार्यक्रम के अंतर्गत जो 20 विद्यालय लिए हैं उनमें साइंस मॉडल प्रदर्शनी , विज्ञान के प्रयोगात्मक गतिविधियां संपन्न कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर क्षेत्र में नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास का संचालन किया जा रहा है जिसमें अनाथ बच्चों को उसमें वरीयता दी जा रही है वर्तमान में 38 बच्चों को इसमें प्रवेश दिया गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास का निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 20 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई। जिले के प्राथमिक विद्यालय टनकपुर व बनबसा में स्मार्ट कक्षाओं के निर्माण के लिए 76 लाख 40 हजार रुपए की धनराशि स्वीकृत की गयी। टनकपुर में पुस्तकालय के निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 5 लाख की डीपीआर तैयार हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए पुस्तकालय का विस्तारीकरण करके 1 करोड़ 39 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत कर डीपीआर तैयार हो गई है। राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत में छात्रावास के निर्माण के लिए 5 करोड़ 34 लाख की डीपीआर गठित की गई है। उन्होंने कहा कि ’सरकार जनपद चंपावत को आदर्श जनपद बनाने हेतु प्रतिबद्ध है,इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मल्लिकार्जुन पब्लिक स्कूल पहुंचने पर विद्यालय के प्रबंधक हरीश जोशी, चौयरपर्सन रचना जोशी,निदेशक रुद्राक्ष जोशी,प्रधानाचार्य अशोक शर्मा,राहुल सिंह देव द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा स्वागत गीत,छोलिया नृत्य आदि प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी भाजपा जिलाध्यक्ष चंपावत, निर्मल महरा पिथौरागढ़ गिरीश जोशी, प्रशासक जिला पंचायत ज्योति राय,विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, सीडीओ संजय कुमार सिंह, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, सहित स्थानीय गणमान्य नागरिक, विद्यालय के अध्यापक-अध्यापिकाऐं छात्र-छात्राएं सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।

एक करोड़ की लागत से बने सिटी फॉरेस्ट का सीएम ने किया लोकार्पण

एक करोड की लागत से रामपुर रोड स्थित हल्द्वानी में निर्मित सिटी फारेस्ट (नगर वन) का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने नगर वन में वृक्षारोपण भी किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नगर में निवासरत लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होने कहा शहर की भागदौड़ के बीच सिटी फारेस्ट एक ऐसा जगह है जहां सकून मिलेगा। सिटी फारेस्ट में लॉन, बैम्बू हट, चिल्ड्रन पार्क, ओपन एयर जिम, पैदल भ्रमण पथ, साईकिलिंग ट्रेल एवं हाथी सैल्फी पाइंट मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। सिटी फारेस्ट वन विभाग की 7.5 हेक्टेयर भूमि में स्थापित किया गया है।

सिटी फॉरेस्ट में खैर, शीशम, सागौन, कंजू, अमलतास, यूकेलिप्टस, मौलश्री. छत्यून, बांस, चन्दन, नीम, बेल, पारिजात, पाखड़ आदि वानस्पतिक प्रजातियां हैं। इसके साथ ही नगर वन में बाउण्ड्री वॉल, वृक्षारोपण, लॉन विकास कार्य, चिल्ड्रन पार्क, ओपन जिम, पैदल ट्रेल, रिसेस्प्शन ऐरिया, प्रवेश गेट, पैदल मार्ग, ए०टी०वी० ट्रेल, वाटर टैंक आदि कार्य किया जा रहा है।

सिटी फारेस्ट में कैफेटेरिया, सोविनियर शॉप, वैलनेस ऐरिया, बटरफ्लाई गार्डन, रॉक गार्डन, कैक्टस गार्डन, ट्रेल्स का विस्तारीकरण एवं कैनोपी वॉकवे भविष्य में प्रस्तावित कार्य किये जायेंगे।